राजस्थान की हस्तकलाएँ MCQ Questions with Answers

राजस्थान की हस्तकलाएँ MCQ (Handicrafts of Rajasthan) – Part 3

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की हस्तकलाएँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

इन प्रश्नों में थेवा कला, उस्ता कला, मीनाकारी, तीर-कमान, रमकड़ा, उद्योग, सांझी पूजन और सांझी चित्रण, पेपर मैशी, कोफ्तगिरी, फूलकारी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police SI & Constable, LDC, VDO, Agriculture Supervisor, Fireman, Woman Superwiser, REET, Teacher, वनपाल, वनरक्षक तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान की हस्तकलाएँ
  • कुल प्रश्न: 20
  • Last Updated:

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41. तीर कमान निर्माण के लिए प्रसिद्ध स्थान हैं?

  • (A) गलियाकोट व सागवाड़ा
  • (B) जगतपुरा व छीछ
  • (C) बोडीगामा व चन्दूजी का गढ़ा
  • (D) कलिजरा व आसपुर

बाँसवाड़ा जिले का चन्दूजी का गढ़ा और डूंगरपुर का बोडीगामा गाँव तीर-कमान निर्माण के लिए प्रसिद्ध हैं। यहाँ के कारीगर परंपरागत रूप से तीर और कमान बनाते रहे हैं, जो राजस्थान की आदिवासी संस्कृति और शौर्य परंपरा का प्रतीक हैं।

42. किस स्थान का रमकड़ा उद्योग प्रसिद्ध है?

  • (A) गलियाकोट
  • (B) छीछ
  • (C) किशोरी गाँव
  • (D) सिकन्दरा

डूंगरपुर जिले का गलियाकोट रमकड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ सोप स्टोन (घीया पत्थर) से मूर्तियाँ और कलात्मक वस्तुएँ बनाई जाती हैं। यह पत्थर आसानी से तराशा जा सकता है और टिकाऊ भी होता है। रमकड़ा उद्योग डूंगरपुर की पारंपरिक कला और आजीविका का मुख्य साधन है।

43. राजस्थान के किस क्षेत्र में सांझी पूजन व सांझी चित्रण का सर्वाधिक प्रचलन है?

  • (A) मेवाड़
  • (B) मेवात
  • (C) हाड़ौती
  • (D) बागड़

मेवाड़ क्षेत्र में सांझी पूजन और सांझी चित्रण का सबसे अधिक प्रचलन है। अमावस्या से लेकर आश्विन अमावस्या तक, कन्याएँ सफेद पुती दीवार पर गोबर से विभिन्न आकृतियाँ (सांझी) बनाती हैं और उनका पूजन करती हैं। यह परंपरा धार्मिक आस्था और सामूहिक संस्कृति का सुंदर उदाहरण है।

44. निम्न में से कौनसा स्थान काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध है?

  • (A) मेड़ता
  • (B) बालोतरा
  • (C) बगरू
  • (D) बस्सी

चित्तौड़गढ़ जिले का बस्सी कस्बा काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ लकड़ी से बने कांवड़, बेवाण, गणगौर की प्रतिमाएँ और अन्य कलाकृतियाँ तैयार की जाती हैं। यह कला यहाँ की पहचान है। हालाँकि जयपुर जिले में भी बस्सी नामक स्थान है, लेकिन काष्ठ कला विशेष रूप से चित्तौड़गढ़ के बस्सी से जुड़ी है।

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45. महेशराज सोनी जिनका हाल ही में निधन हुआ है, किस कला के प्रसिद्ध कलाकार थे?

  • (A) पेपर मैशी
  • (B) थेवा कला
  • (C) कोफ्तगिरी
  • (D) उस्ता कला

प्रतापगढ़ निवासी महेशराज सोनी प्रसिद्ध थेवा कला के कलाकार थे। इनका निधन फरवरी 2019 में हुआ। इन्हें 2015 में पद्मश्री सम्मान प्रदान किया गया था और ब्रिटिश संसद के हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा भी सम्मानित किया गया था। थेवा कला प्रतापगढ़ की पहचान है, जिसमें काँच पर सोने-चाँदी की नक्काशी की जाती है।

46. निम्न में से किस हस्तकला को भौगोलिक चिह्नीकरण (GI Tag) नहीं मिला है?

  • (A) फूलकारी
  • (B) पोकरण पॉटरी
  • (C) बगरू प्रिन्ट
  • (D) मीनाकारी

राजस्थान की कई हस्तकलाओं को GI टैग प्राप्त हुआ है। फूलकारी कला (राजस्थान, पंजाब और हरियाणा) को 2011 में, बगरू प्रिंट को 2012 में और पोकरण पॉटरी को 2018 में GI टैग दिया गया। लेकिन मीनाकारी कला को अभी तक GI टैग नहीं मिला है।

47. चटापटी वर्क के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र है?

  • (A) मेवाड़
  • (B) शेखावाटी
  • (C) हाड़ौती
  • (D) वागड़

चटापटी वर्क (पेचवर्क) विशेष रूप से शेखावाटी क्षेत्र में प्रसिद्ध है। इस कला में पहले कपड़े पर मनचाहा डिजाइन ट्रेस कर टुकड़े काटे जाते हैं और फिर उन टुकड़ों को दूसरे कपड़े पर रखकर धागों से तुरपाई कर दी जाती है। यह कला राजस्थान की पारंपरिक रजाइयों और घर की सजावटी वस्तुओं में दिखाई देती है। शेखावाटी के अलावा बाड़मेर और अजमेर के तिलोनिया में भी यह कार्य होता है।

48. पाटोदा का लूगड़ा किस क्षेत्र का प्रसिद्ध है?

  • (A) मेवाड़
  • (B) शेखावाटी
  • (C) हाड़ौती
  • (D) बागड़

पाटोदा का लूगड़ा राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध परिधान है। यह मुख्यतः पाटोदा (लक्ष्मणगढ़) और मुकुंदगढ़ (झुंझुनूं) में बनाया जाता है। यह लूगड़ा बंधेज (टाई एंड डाई) शैली का होता है और इसे महिलाएँ विशेष अवसरों पर पहनती हैं। यह शेखावाटी की वस्त्र परंपरा की महत्वपूर्ण पहचान है।

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49. विवाह के अवसर पर दुल्हन के घर के मुख्य द्वार पर लकड़ी की एक कलाकृति टंगाई जाती है, जिसके शीर्ष भाग पर मयूर या चिड़िया बनी होती है। जिसे दुल्हा अपनी तलवार या पेड़ की डाली से छूता है, यह लकड़ी की कलाकृति क्या कहलाती है?

  • (A) तोरण
  • (B) बाजोट
  • (C) राली
  • (D) चोपड़ा

विवाह के समय दुल्हन के घर के मुख्य द्वार पर लकड़ी की कलाकृति टांगी जाती है, जिसे तोरण कहते हैं। इसके शीर्ष भाग पर मयूर या चिड़िया की आकृति बनी होती है। दुल्हा घर में प्रवेश करने से पहले अपनी तलवार या पेड़ की डाली से इसे छूता है। यह परंपरा सौभाग्य और मंगल का प्रतीकमानी जाती है।

50. निम्नलिखित में से किस वस्त्र का संबंध राजस्थान से नहीं है?

  • (A) कांधा
  • (B) सांगानेरी
  • (C) बांधनी
  • (D) बाड़मेरी

कांधा कला का संबंध बंगाल से है, यह एक प्रकार की कढ़ाई है। जबकि सांगानेरी प्रिंट (जयपुर का सांगानेर), बांधनी (जोधपुर, जयपुर, उदयपुर, सोजत आदि) और बाड़मेरी प्रिंट (बाड़मेर) राजस्थान की प्रसिद्ध वस्त्र परंपराएँ हैं। इसलिए सही उत्तर "कांधा" है।

51. राजस्थान के किस क्षेत्र में 'पंधारी मोदक' प्रसिद्ध है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) जयपुर
  • (C) बीकानेर
  • (D) कोटा

बीकानेर क्षेत्र 'पंधारी मोदक' के लिए प्रसिद्ध है। यह पारंपरिक मिठाई विशेष अवसरों पर बनाई जाती है। बीकानेर की मिठाइयाँ देशभर में अपने अनोखे स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं। 'पंधारी मोदक' भी वहीं की मिठाई संस्कृति का हिस्सा है।

52. राजस्थान का पहला शिल्पग्राम कहाँ स्थित है?

  • (A) बूंदी
  • (B) बीकानेर
  • (C) जयपुर
  • (D) उदयपुर

राजस्थान का पहला शिल्पग्राम उदयपुर के हवाला ग्राम में स्थित है। इसे पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला और ग्रामीण संस्कृति को संरक्षित और प्रदर्शित करने के उद्देश्य से बनाया गया था। यहाँ हर वर्ष शिल्पग्राम उत्सव आयोजित होता है, जिसमें देशभर से कारीगर और कलाकार भाग लेते हैं।

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53. किस लोकदेवता को कपड़े और मिट्टी के घोड़े की प्रतिकृति समर्पित की जाती है?

  • (A) तेजा जी
  • (B) रामदेव जी
  • (C) गोगा जी
  • (D) देवनारायण जी

गोगा जी को कपड़े और मिट्टी के घोड़े की प्रतिकृति समर्पित की जाती है। लोक परंपरा के अनुसार भक्तजन गोगा जी के मंदिर में जाकर ये घोड़े चढ़ाते हैं। यह आस्था और भक्ति का प्रतीक है। गोगा जी को नागों के देवता भी माना जाता है और उनकी पूजा विशेष रूप से राजस्थान और हरियाणा में होती है।

54. निम्न में से कौनसा एक लोकचित्र कला का उदाहरण नहीं है-

  • (A) बणी-ठणी
  • (B) फड़
  • (C) मांडणा
  • (D) सांझी

बणी-ठणी राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैली है, लेकिन इसे लोकचित्र कला का उदाहरण नहीं माना जाता। यह किशनगढ़ की लघु चित्रकला का हिस्सा है। जबकि फड़ चित्रण, मांडणा और सांझी लोक जीवन और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी चित्रकलाएँ हैं, जिन्हें लोकचित्रकला की श्रेणी में रखा जाता है।

55. निम्न में से राजस्थान का कौनसा स्थान ब्लैक पॉटरी के लिए प्रसिद्ध है?

  • (A) बाँसवाड़ा
  • (B) उदयपुर
  • (C) चित्तौड़गढ़
  • (D) सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर ब्लैक पॉटरी के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ काली मिट्टी से सुंदर बर्तन और सजावटी वस्तुएँ बनाई जाती हैं। यह कला अपनी काली चमक और पारंपरिक डिजाइनों के कारण विशेष पहचान रखती है। कोटा क्षेत्र में भी ब्लैक पॉटरी का काम किया जाता है।

56. सरदार कुदरत सिंह को किस हस्तकला में महारथ के लिए पद्मश्री से अलंकृत किया गया है?

  • (A) थेवा कला
  • (B) कुन्दन कला
  • (C) मीनाकारी कला
  • (D) मुरादाबादी कार्य

जयपुर के प्रसिद्ध कलाकार सरदार कुदरत सिंह को मीनाकारी कला में महारथ के लिए 1988 में पद्मश्री सम्मान दिया गया। मीनाकारी में धातु की सतह पर रंगीन डिज़ाइन और नक्काशी की जाती है। यह कला जयपुर की विश्व प्रसिद्ध धरोहर है। कुदरत सिंह ने इस कला को देश-विदेश में पहचान दिलाई।

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57. राजस्थान में हस्तकला का सबसे बड़ा केन्द्र है?

  • (A) गलियाकोट (डूंगरपुर)
  • (B) बस्सी (चित्तौड़गढ़)
  • (C) बोरानाड़ा (जोधपुर)
  • (D) सांगानेर (जयपुर)

राजस्थान में हस्तकला का सबसे बड़ा केंद्र बोरानाड़ा (जोधपुर) है। यहाँ लकड़ी, धातु, वस्त्र और चमड़े से जुड़ी अनेक प्रकार की हस्तकलाएँ विकसित हुई हैं। बोरानाड़ा का औद्योगिक क्षेत्र हस्तकला निर्यात का भी मुख्य केंद्र है। इस कारण यह स्थान राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश के हस्तशिल्प उद्योग में विशेष पहचान रखता है।

58. मांगलिक अवसरों पर कुमकुम, अक्षत व चावल आदि रखने और तिलक/टीका करने के लिए उपयोग होने वाला लकड़ी का पात्र क्या कहलाता है?

  • (A) खांडा
  • (B) चोपड़ा
  • (C) थापा
  • (D) बांकड़ी

राजस्थान में मांगलिक अवसरों पर तिलक/टीका करने के लिए कुमकुम और अक्षत रखने वाला लकड़ी का पात्र चोपड़ा कहलाता है। यह चौकोर डिब्बीनुमा पात्र होता है, जिसमें अलग-अलग खाने बने रहते हैं। इसे सुंदर नक्काशी और रंगीन चित्रकारी से सजाया जाता है। यह पारंपरिक कला धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहारों में महत्वपूर्ण स्थान रखती है।

59. श्री लाल जोशी, जिन्हें 2006 में पद्मश्री पुरस्कार मिला था, को किस कला के लिए जाना जाता है-

  • (A) उस्ता कला
  • (B) कठपुतली कला
  • (C) सांगानेरी प्रिन्ट
  • (D) फड़ चित्रकारी

श्रीलाल जोशी राजस्थान के प्रसिद्ध फड़ चित्रकार थे। उन्हें 2006 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी बनाई हुई देवनारायण जी की फड़ जर्मनी के संग्रहालय में प्रदर्शित है। फड़ चित्रण राजस्थान की धार्मिक लोककला है जिसमें कपड़े पर देवी-देवताओं और लोककथाओं को चित्रित किया जाता है।

60. कौनसा शहर 'तलवार' निर्माण के लिए प्रसिद्ध है-

  • (A) सिकन्दरा
  • (B) सिरोही
  • (C) ब्यावर
  • (D) अलवर

राजस्थान का सिरोही शहर तलवार निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की तलवारें अपनी मजबूती, धार और कलात्मकता के लिए जानी जाती हैं। सिरोही की तलवारें ऐतिहासिक काल से ही वीरता और शौर्य का प्रतीक रही हैं। इनका उल्लेख राजस्थान की सैन्य परंपरा में विशेष रूप से मिलता है।

राजस्थान की हस्तकलाएँ MCQ – सभी भाग:
Part 1 | Part 2 | Part 3 | Part 4 | Part 5 | Part 6 | Part 7 | Part 8 | Part 9 | Part 10 | Part 11 | Part 12 | Part 13

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