History

Today in History

2 October in History

02 अक्टूबर का इतिहास भारत और विश्व में ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, 02 अक्टूबर को किसी भी वर्ष में दिन संख्या 276 होता है। भारतीय और विश्व इतिहास में, इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इतिहास में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई हैं, जो हमेशा के लिए याद की जाती हैं। चलिए, जानिए 02 अक्टूबर […]

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HISTORY OF INDIA

THE HISTORY OF INDIA The history of India is rich and diverse, dating back to the Paleolithic Age. From the Harappan civilization to the Mughal Empire and beyond, India has played a significant role in world history. While it is impossible to cover all of India’s history in one article, here is a brief overview.

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Indian famous books and authors

प्रसिद्ध पुस्तकें व लेखक भारतीय साहित्य विश्व की सबसे प्राचीन और समृद्ध साहित्यिक परंपराओं में से एक है। इसमें अनगिनत पुस्तकें हैं, जो विभिन्न भाषाओं, कथाओं, और विषयों पर आधारित हैं। यह पुस्तकें समाज, राष्ट्रीय और आंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो चुकी हैं और इनके लेखकों ने विशेष योगदान दिया है। यहां कुछ भारतीय प्रसिद्ध

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Indian Art and Culture

कला व संस्कृति भारतीय कला और संस्कृति: एक समृद्ध विरासत भारतीय कला और संस्कृति, दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों में से एक है। भारत के इस अमूल्य धरोहर के भीतर संगीत, नृत्य, कला, शास्त्रीय संगीत, चित्रकला, संस्कृति, शिल्पकला, और शैली शामिल हैं, जो दुनिया भर में लोगों को मोहित करती हैं। यह

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Indian Philosophy

भारतीय दर्शन भारतीय दर्शन: आध्यात्मिक ज्ञान की गहराई की खोज भारत, जो अपनी विविध संस्कृति और गहरी आध्यात्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है, हजारों वर्षों से गहन दार्शनिक विचारों का उद्गम स्थल रहा है। भारतीय दर्शन, जिसे अक्सर “भारतीय दर्शन” कहा जाता है, में सदियों से विकसित हुई दार्शनिक प्रणालियों की एक विस्तृत श्रृंखला

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Major Dynasties of South India (Chola, Chalukya, Pallava and Sangam age)

दक्षिण भारत के प्रमुख राजवंश पल्लव वंश > पल्लव वंश का संस्थापक सिंहविष्णु (575-600 ई.) था । इसकी राजधानी काँची (तमिलनाडु में काँचीपुरम) थी। वह वैष्णव धर्म का अनुयायी था। > किरातार्जुनीयम के लेखक भारवि सिंहविष्णु के दरबार में रहते थे। > पल्लव वंश के प्रमुख शासक हुए : क्रमशः महेन्द्र वर्मन प्रथम (600-630 ई.),

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Gupta Empire

गुप्त साम्राज्य > गुप्त साम्राज्य का उदय तीसरी शताब्दी के अन्त में प्रयाग के निकट कौशाम्बी में हुआ। > गुप्त वंश का संस्थापक श्रीगुप्त (240-280 ई.) था। > श्रीगुप्त का उत्तराधिकारी घटोत्कच (280-320 ई.) हुआ। > गुप्त वंश का प्रथम महान सम्राट् चन्द्रगुप्त प्रथम था। यह 320 ई. में गद्दी पर बैठा। इसने लिच्छवि राजकुमारी

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Mauryan Empire

मौर्य साम्राज्य > मौर्य वंश का संस्थापक चन्द्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईसा पूर्व में हुआ था। > जस्टिन ने चन्द्रगुप्त मौर्य को सेन्ड्रोकोट्टस कहा है, जिसकी पहचान विलियम जोन्स ने चन्द्रगुप्त मौर्य से की है। > विशाखदत्त कृत मुद्राराक्षस में चन्द्रगुप्त मौर्य के लिए वृषल (आशय-निम्न कुल में उत्पन्न) शब्द का प्रयोग किया गया।

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Mahajanapada Period

महाजनपद काल महाजनपद काल: प्राचीन भारत के क्षेत्रीय साम्राज्यों का अनावरण अपने समृद्ध और विविध इतिहास वाले भारत ने कई युग देखे हैं जिन्होंने इसके सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक ढांचे को आकार दिया है। ऐसा ही एक उल्लेखनीय युग महाजनपद काल है, एक ऐसा युग जिसमें शक्तिशाली और स्वतंत्र राज्यों का उदय हुआ। छठी शताब्दी

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Jainism

जैन धर्म > जैनधर्म के संस्थापक एवं प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे। > जैनधर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ थे जो काशी के इक्ष्वाकु वंशीय राजा अश्वसेन के पुत्र थे। इन्होंने 30 वर्ष की अवस्था में संन्यास-जीवन को स्वीकारा। इनके द्वारा दी गयी शिक्षा थी1. हिंसा न करना, 2. सदा सत्य बोलना, 3. चोरी न करना तथा

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