राजस्थानी साहित्य Important PYQ | Rajasthan GK Previous Year Questions
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
राजस्थानी साहित्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
PYQ
प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें वीर सतसई, नल दमयंती रस, हरी विजय, वेली किसन रुक्मणी री, संगीतराज, रसिकप्रिया आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये PYQ प्रश्न
RPSC,
RSMSSB,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं,
इसलिए आगामी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
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1. राजवल्लभ' पुस्तक के लेखक कौन थे?
📚 1st grade 2026
A
हुकुम सिंह भाटी
B
श्रीकृष्ण भट्ट
C
जयानक
D
मण्डन
📖 व्याख्या
मण्डन मेवाड़ के महाराजा कुंभा के प्रसिद्ध वास्तुकार थे। उन्होंने वास्तुकला और मूर्तिकला पर कई महत्त्वपूर्ण ग्रंथ लिखे, जिनमें 'राजवल्लभ', 'रुपमण्डन' और 'देवमूर्ति प्रकरण' शामिल हैं। 'राजवल्लभ' ग्रंथ मुख्य रूप से वास्तुकला, नगर निर्माण, राजप्रसाद और स्थापत्य कला के सिद्धांतों पर आधारित (महलों) के निर्माण और (महलों) है।
2. मध्ययुगीन राजस्थानी वात साहित्य पर निम्नांकित में से किन विद्वानों ने महत्त्वपूर्ण कार्य किया हैं?
(A) लक्ष्मी कुमारी चुंडावत
(B) एल.पी. टेस्सीटोरी
(C) मनोहर शर्मा
(D) श्रीलाल नथमल जोशी
📚 Deputy Commandant 2026
A
(A), (C) एवं (D)
B
(A), (B) एवं (D)
C
(A), (B), (C) एवं
D
(d) (C) एवं (D)
📖 व्याख्या
राजस्थानी 'वात' (कहानी) साहित्य के संरक्षण और संवर्धन में इन चारों विद्वानों का बड़ा योगदान है। रानी लक्ष्मी कुमारी चुंडावत ने लोक कथाओं को लिपिबद्ध किया। एल.पी. टेस्सीटोरी ने राजस्थानी चारण साहित्य और बोलियों का वैज्ञानिक अध्ययन किया। मनोहर शर्मा ने राजस्थानी लोक संस्कृति और साहित्य पर शोध किया, और श्रीलाल नथमल जोशी प्रसिद्ध राजस्थानी उपन्यासकार और कथाकार रहे हैं।
3. सूची-I को सूची-II से सुमेलित करेंः
सूची-1 (लेखक) -सूची-II (पत्रिका)
A. प्रकाश जैन - I. बीकानेर की 'यातायन'
B. कमर मेवाड़ी - II. कांकरोली की 'संबोधन'
C. हरीश भादानी - III. अजमेर की लहर
D. विजेन्द्र - IV. भरतपुर की ओर
📚 Lab Asst. 2026
A
A-III, B-II, C-I, D-IV
B
А-II, В-III, С-I, D-IV
C
A-II, B-I, C-IV, D-III
D
A-III, B-II, C-IV, D-I (a) D-I
📖 व्याख्या
हरीश भादानी बीकानेर से 'वातायन' पत्रिका का संपादन करते थे। कमर मेवाड़ी कांकरोली (राजसमंद) से 'संबोधन' त्रैमासिक निकालते थे। प्रकाश जैन अजमेर की 'लहर' पत्रिका से जुड़े थे। विजेन्द्र भरतपुर से प्रकाशित 'ओर' पत्रिका के संपादक रहे हैं।
4. सूची-I (रचना) को सूची-II (लेखक/कवि) से सुमेलित करेंः
सूची-I - सूची-II
A. गाँव - I. अर्जुन्देव चारण
B. मारग - II. गोवर्धन सिंह शेखावत
C. जुड़ाव - III. पारस अरोड़ा
D. रिन्द्रोही - IV. चन्द्र प्रकाश देवल
📚 Lab Asst. 2026
A
A-II, B-III, C-IV, D-I
B
A-1, B-II, C-III, D-IV
C
A-II, B-I, C-IV. D-III
D
A-IV, B-1, C-II, D-III
📖 व्याख्या
गांव' रचना अर्जुन्देव चारण की है। 'मारग' कविता संग्रह गोवर्धन सिंह शेखावत का है। 'जुड़ाव' के लेखक पारस अरोड़ा हैं। प्रसिद्ध कृति 'पागी' और 'रिन्द्रोही' के रचनाकार चन्द्र प्रकाश देवल हैं।
5. राजस्थान साहित्य कालावधि की, आरंभ से अद्यतन तक, विशेषताओं को व्यवस्थित करें:
A. इस काल में साहित्य में नवीन चेतना विकसित हुई, जो आधुनिक काल की शुरूआत की द्योतक है।
B. इस काल की कृतियाँ श्रृंगार अथवा रीति और नीति की रचनाओं पर केन्द्रित थी।
C. इस काल में नायकों के वीरोचित कृत्यों की कथाएँ काव्यात्मक रूप में रची गई थी।
D. इस काल में संतों द्वारा भक्ति आंदोलन का सूत्रपात किया गया।
📚 REET Mains [L-2] 2026
A
C, D, B, A
B
A, B, C. D
C
B. C, D, A
D
D. C. A, B
📖 व्याख्या
वीरगाथा काल (प्रारंभिक काल): इस काल में चारण कवियों द्वारा नायकों के वीरोचित कृत्यों पर रासो काव्य रचे गए। भक्ति काल (पूर्व-मध्यकाल): इस काल में मीराबाई, दादूदयाल जैसे संतों द्वारा भक्ति साहित्य की रचना की गई। श्रृंगार, रीति और नीति काल (उत्तर-मध्यकाल): इस काल में श्रृंगार, रीति और नीति पर आधारित काव्य रचना को प्रमुखता मिली। आधुनिक कालः इस काल में गद्य का विकास हुआ और साहित्य में सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना जैसे नए विषय शामिल हुए।
6. कन्हैयालाल सेठिया के बारे में कौन से कथन सत्य हैं?
A. कन्हैया लाल सेठिया राजस्थान के महान कवि थे।
B. सेठिया जी की मुख्य कृतियां मींझर, लीलटांस और राधा थी।
C. सेठिया जी की "राधा" का काव्यात्मक रूप 1960 में प्रकाशित हुआ था।
D. बातां री फुलवारी भी सेठियाजी द्वारा रचित है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः
📚 REET Mains [L-2] 2026
A
D केवल
B
A, B, C केबल
C
A, D केवल
D
A केवल
📖 व्याख्या
कन्हैयालाल सेठिया राजस्थान के प्रसिद्ध कवि थे, उनकी प्रमुख कृतियाँ 'मींझर', 'लीलटांस' और 'राधा' थीं, और 'राधा' 1960 में प्रकाशित हुआ था। हालांकि 'बातां री फुलबारी' सेठियाजी द्वारा रचित है, असत्य है, क्योंकि यह विजयदान देथा की रचना है।
7. सूची-1 को सूची-II से सुमेलित करें:
सूची-I ग्रन्थ - सूची-II लेखक
(A) बीसल वेव रासो - (i) दलपत विजय
(B) संगत रासो - (ii) जोधराज
(C) खुमाण रासो - (iii) गिरधर आसिया
(D) हम्मीर रासो - (iv) नरपति नाल्ह
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
📚 REET Mains [L-2] 2026
A
A-iv, B-iii, C-i, D-ii
B
A-i, B-ii, C-iii, D-iv
C
A-iii, B-ii, C-i, D-iv
D
A-iv, B-i, C-ii, D-iii
📖 व्याख्या
बीसलदेव रासोः इसके रचयिता नरपति नाल्ह हैं। सगत रासो (या सगत सिंह रासो): इसकी रचना गिरधर आसिया ने की थी। खुमाण रासोः इसके रचयिता दलपत विजय हैं। हम्मीर रासोः इसके रचयिता जोधराज और सारंगधर दोनों हैं।
8. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में।
अभिकथन A: विगत्, जिस विषय का वर्णन करती है उसके बारे में विस्तृत विवरण प्रदान करती है।
कारण R : राव रतन री वेली, विगत् का एक उदाहरण है।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
📚 REET Mains [L-2] 2026
A
A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
B
A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
C
A सही है लेकिन R सही नहीं है।
D
A सही नहीं है लेकिन R सही है।
📖 व्याख्या
विगत' राजस्थानी साहित्य की एक विधा है, जो किसी शासक, वंश या राज्य का विस्तृत ऐतिहासिक और प्रशासनिक विवरण प्रस्तुत करती है, जैसे 'मारवाड़ रा परगना री विगत'। 'राव रतन री वेलि' (या वेली किसन रुकमणी री) एक डिंगल काव्य ग्रंथ है, विगत नहीं। 'वेली' एक अलग काव्य विधा है।
9. सूची I को सूची II से सुमेलित करेंः
सूची I (ग्रंथ) - सूची II (रचयिता):
(A) कान्हड़-वे-प्रबंध - (i) चंद बरदाई
(B) गंगा लहरी - (ii) पद्मनाभ
(C) पृथ्वीराज रासो - (iii) पृथ्वीराज राठौड़
(D) बीसलदेव रासो - (iv) नरपति नाल्ह
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः
📚 REET Mains [L-1] 2026
A
A-iv, B-i, C-iii, D-ii
B
A-iii, B-iv, C-i, D-ii
C
A-ii, B-iii, C-i. D-iv
D
A-ii, B-i, C-iv, D-iii
📖 व्याख्या
कान्हड़वे प्रबंधः इसकी रचना कवि पद्मनाभ ने की थी, जिसमें जालौर के शासक कान्हड़दे चौहान और अलाउद्दीन खिलजी के बीच संघर्ष का वर्णन है।
गंगा लहरीः यह प्रसिद्ध ग्रंथ बीकानेर के राजकुमार - पृथ्वीराज राठौड़ द्वारा रचित है। पृथ्वीराज रासोः यह हिंदी का महाकाव्य माना जाता है. जिसकी रचना चंदबरदाई ने की थी, जो पृथ्वीराज चौहान तृतीय के दरबारी कवि थे। बीसलदेव रासोः इसकी रचना नरपति नाल्ह ने की थी, जिसमें चौहान शासक बीसलदेव (विग्रहराज चतुर्थ) और उनकी रानी राजमती की प्रेम कथा है।
10. राजस्थानी साहित्य की निम्नलिखित रचनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :
(A) वंश भास्कर
(B) बुद्धि रासो
(C) ढोला मारू रा वोहा
(D) बिनहाई रासो
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें :
📚 REET Mains [L-1] 2026
A
(C). (B), (D), (A)
B
(D), (B), (C), (A)
C
(D), (C), (A), (B)
D
(B), (A), (D), (C)
📖 व्याख्या
ढोला मारू रा दूहाः कवि कल्लोल द्वारा रचित यह 11वीं-12वीं शताब्दी की एक प्राचीन रचना है। बिनहाई रासो (बीसलदेव रासो): इसकी रचना नरपति नाल्ह ने 12वीं शताब्दी में की थी। बुद्धि रासोः इसके रचयिता जल्हण हैं, और इसका रचनाकाल लगभग 13वीं शताब्दी माना जाता है। वंश भास्करः यह महाग्रंथ महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण द्वारा 19वीं शताब्दी में लिखा गया था।
11. नीचे वो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन A के रूप में लिखित है. वो दूसरा उसके कारण R के रूप में।
अभिकथन A: वात किसी कहानी को कहने और सुनने के समान विधा है तथा तीन रूपों में उपलब्ध है- पद्य, गद्य और गद्य-पद्य।
कारण R: "अचलदास खींची री वचनिका" और "खिड्वा जग्गा री कही" वात की कुछ महत्त्वपूर्ण कृत्तियाँ हैं। उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए-
📚 Reet Mains [L-1] 2026
A
A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
B
A और R दोनों सही हैं लेकिन R. A की सही व्याख्या नहीं है।
C
A सही है लेकिन R सही नहीं है।
D
A सही नहीं है लेकिन R सही है।
📖 व्याख्या
वात' राजस्थानी साहित्य में कहानी या कथा कहने की एक गद्य विधा है। यह सामान्यतः गद्य में होती है, न कि पद्य या गद्य-पद्य BD
मिश्रण में। 'अचलदास खींची री वचनिका' एक वचनिका है, वात नहीं, और इसके लेखक शिवदास गाडण हैं।
12. राजस्थान की 'साहित्य अकादमी' पुरस्कार प्राप्त साहित्यिक रचनाओं को कालक्रमानुसार व्यवस्थित करें :
(1) सुंदर नैन सुधा
(2) गवाड़ (उपन्यास)
(3) पग फेरो (कविता)
(4) बातां री फुलवारी खण्ड-X
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
📚 REET Mains [L-1] 2026
A
(2). (1), (3), (4)
B
(3), (4), (1), (2)
C
(4), (3), (1). (2)
D
(1), (2), (3), (4)
📖 व्याख्या
बातां री फुलवारी (विजयदान देथा) 1974. पग फेरो (मणि मधुकर) - 1975, सुंदर नैन सुधा (रामपाल राजपुरोहित) - 2014, गवाड़ (मधु आचार्य आशावादी) 2015 (उपन्यास 'जमारो') के लिए मिला।
13. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में -
अभिकथन A: जब लौकिक (धर्मनिरपेक्ष) संस्कृत कठोर और शब्दाडंबरपूर्ण बन गई तो प्राकृत ने इसका स्थान लिया।
कारण R: जब प्राकृत दुरूह बन गई, तब अपभ्रंश विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग रूपों में विकसित हुई।
उपरोक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
📚 Reet Mains [L-1] 2026
A
A और R दोनों सही हैं और R. A की सही व्याख्या है।
B
A और R दोनों सही हैं लेकिन R. A की सही व्याख्या नहीं है।
C
A सही है लेकिन R सही नहीं है।
D
A सही नहीं है लेकिन R सही है।
📖 व्याख्या
वैदिक संस्कृत के बाद लौकिक संस्कृत का विकास हुआ और समय के साथ जब यह जटिल हो गई, तो आम बोलचाल की भाषा प्राकृत अधिक प्रचलित हुई। जब प्राकृत भाषाएँ भी साहित्यिक और व्याकरणिक नियमों में बंधकर जटिल हो गई, तो उनसे अपभ्रंश भाषाएँ विकसित हुई, जो विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग थीं। दोनों कथन भारतीय आर्य भाषाओं के विकास के सही चरण हैं।
14. निम्न में से कौन सी विधा राजस्थानी गद्य साहित्य में शामिल नहीं है?
📚 Asst. Prof. 2025
A
वात
B
पीढ़ी
C
पिरियावली
D
छप्पय
📖 व्याख्या
राजस्थानी साहित्य के विधागत वर्गीकरण के अनुसार वात, पीढ़ी और पिरियावली गद्य साहित्य की महत्वपूर्ण विधाएं हैं। वात में कथात्मक कहानियों का वर्णन होता है. पीढ़ी में राजवंशों का वंशावली विवरण मिलता है और पिरियावली में जीवन चरित का विवरण होता है। छप्पय गद्य का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह डिंगल और पिंगल काव्य का एक विशिष्ट पद्य छंद है। जिसमें छह चरणों का समावेश होता है, जो काव्य को लयबद्धता प्रदान करता है।
15. कूर्मवंश यश प्रकाश' अथवा 'लावारासा' नामक ग्रंथ के रचयिता कौन हैं?
📚 Asst. Prof. 2025
A
कविया करणीदान
B
कविया गोपालदान
C
सगतमल शर्मा
D
नत्था राम
📖 व्याख्या
राजस्थानी डिंगल काव्य के प्रतिष्ठित विद्वान कविया गोपालदान ने 'कूर्मवंश यश प्रकाश' नामक ग्रंथ की रचना की थी, जिसे लात्रारासा के नाम से भी जाना जाता है। इस ग्रंथ में जयपुर के कछवाहा राजवंश के प्राचीन इतिहास का पद्यबद्ध विवरण मिलता है।
16. निम्न में से कौन सी रचना प्रसिद्ध लेखक कन्हैयालाल सेठिया द्वारा रचित नहीं है?
📚 Asst. Prof. 2025
A
वनफूल
B
अग्निवीणा
C
निर्ग्रन्थ
D
अलेखू हिटलर
📖 व्याख्या
राजस्थानी साहित्य के मूर्धन्य कवि कन्हैयालाल सेठिया ने वनफूल, अग्निवीणा और निर्ग्रन्थ जैसी कृतियों की रचना की। उनकी रचनाओं में प्रकृति, दर्शन और जन-चेतना का व्यापक चित्रण मिलता है। 'अलेखूँ हिटलर' कन्हैयालाल सेठिया द्वारा लिखित नहीं है, बल्कि यह विजयदान देथा की रचना है।
17. निम्नलिखित में से कौन-सी रचना बीकानेर के पृथ्वीराज राठौड़ द्वारा लिखी गई थी?
📚 Platoon Commander 2025
A
वीर सतसई
B
नल दमयंती रस
C
हरी विजय
D
वेली किसन रुक्मणी री
📖 व्याख्या
"वेली किसन रुक्मणी री" बीकानेर के महाराजा पृथ्वीराज राठौड़ द्वारा लिखी गई एक प्रसिद्ध राजस्थानी काव्य रचना है। वीर सतसई सूर्यमल मिश्रण द्वारा लिखी गई थी। पृथ्वीराज राठौड़ अकबर के दरबारी कवि थे।
18. निम्नलिखित में से कौन-सी राजस्थान, बूंदी के प्रसिद्ध कवि सूर्यमल्ल मिश्रण की अतिमहत्त्वपूर्ण कृति है?
📚 4TH GRADE 2025, Pol. const. 2007
A
उर्वशी
B
कामायनी
C
संस्मरण
D
वीर सतसई
📖 व्याख्या
सूर्यमल्ल मल्ल मिश्रण (1815-1868 ई.) बूँदी के हाड़ा शासक महाराय राम सिंह के दरबारी कवि थे। उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना 'वीर सतसई' है। यह कृति वीर रस से ओत-प्रोत है और इसमें उन्होंने 1857 के विद्रोह से पहले देश की पतनावस्था का चित्रण किया है। उनकी अन्य कृतियाँ वंश भास्कर और बलवंत विलास हैं।
19. राजस्थानी गद्य और पद्य में निम्नलिखित में से कौनसा सत्य नहीं है?
📚 Asst. Director 2025
A
रूपक एक प्रकार का काव्य है, जो व्यक्ति या राजवंशों की उपलब्धियों का वर्णन करता है।
B
पर्ची संतों का जीवन इतिहास जो कविता के रूप में उपलब्ध है।
C
मर्सिया - इसमें आध्यात्मिक अनुभव और ज्ञान समाहित है।
D
ख्यात. वीरता, विजय और महत्त्वपूर्ण कार्यों का लेखा जोखा।
📖 व्याख्या
मर्सिया' एक शोक काव्य है जो किसी व्यक्ति, विशेषकर किसी शासक या सामंत की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए लिखा-जाता है। रूपक में उपलब्धियों का वर्णन होता है, पर्ची में संतों की जीवनियाँ होती हैं, और ख्यात ऐतिहासिक घटनाओं का लेखा-जोखा होती है।
20. निम्नलिखित में से, किसने विख्यात राजस्थानी काव्य-संग्रह "पगफेरौं" की, रचना की थी?
📚 IV GRADE 2025, B.S.T.C (Pre.) 2021
A
मेघराज मुकुल
B
सत्यप्रकाश जोशी
C
गोर्धन सिंह शेखावत
D
मणि मधुकर
21. निम्नांकित विद्वानों में से अहीरवाटी ऐतिहासिक काव्य 'भीमविलास' के लेखक कौन हैं?
📚 Public Relation Officer 2025
A
जोधराज
B
मंगतराम भारद्वाज
C
कवि शंकर राव
D
पंडित रामानन्द
📖 व्याख्या
अहीरवाटी बोली (मेवात/अलवर क्षेत्र) में रचित ऐतिहासिक काव्य 'भीमविलास' के रचयिता कवि शंकर राव थे। यह ग्रंथ हरियाणा के दक्षिणी क्षेत्र (अहीरवाल) और राजस्थान के मेवात/अलवर सीमा क्षेत्र के इतिहास पर आधारित है।
22. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है?
📚 Public Relation Officer 2025
A
बुद्धिरासो जल्लाह
B
बीसलदेव रासो नरपति
C
जसवंत जसो श्रीधर
D
खुमाण रासो दलपत
📖 व्याख्या
बुद्धिरासो जल्हण (जल्लाह), बीसलदेव रासो नरपति नाल्ह। खुमाण रासो दलपत विजय। जसवंत जसो ग्रंथ के रचयिता कवि मुरारिदान हैं। श्रीधर व्यास ने 'रणमल छंद' नामक प्रसिद्ध वीरगाथात्मक काव्य की रचना की थी।
23. अचलवास खींची री वचनिका' के लेखक हैं
📚 RAS 2023, (VDO) 2025
A
गोपाल दान कविया
B
रामनाथ कविया
C
केसरी सिंह बारहठ
D
चारण शिवदास
📖 व्याख्या
अचलदास खींची री यचनिका' डिंगल (राजस्थानी) गद्य कृति है। इसके लेखक चारण शिवदास गाडण थे। वे गागरोन के शासक अचलदास खींची के दरबारी कवि थे। इस ग्रंथ में उन्होंने 1423 ईस्वी में मांडू के सुल्तान होशंगशाह और अचलदास खींची के बीच हुए गागरोन के पहले साके (युद्ध) का वर्णन किया है।
24. बातां री फुलवारी' के लेखक हैं-
📚 Vahan Chalak 2025, (salt inspector 2018) (Agriculture Supervisor 2021), Pol. const. 2014
A
श्रीलाल
B
मालचंद तिवारी
C
विजयदान देथा
D
लक्ष्मी कुमारी
25. बातां री फुलवारी' कितने खण्डों में विभक्त है ?
📚 CET (स्नातक स्तर) 2023, (B.S.T.C (Pre.) 2014) (IV GRADE 2025, Pol. const. 2010
📖 व्याख्या
बातां री फुलवारी' राजस्थानी साहित्य की एक अनुपम कृति है. जिसके लेखक विजयदान देथा हैं, जिन्हें 'बिज्जी' उपनाम से भी जाना जाता है। यह 14 खंडों में प्रकाशित राजस्थानी लोक कथाओं का एक वृहद संग्रह है। इसके लिए विजयदान देथा को 1974 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
26. निम्नलिखित में से कौनसा कौनसे युग्म सही सुमेलित है/हैं?
ग्रंथ - लेखक
(अ) राजरूपक - कवि वीरभाण
(ब) सूरज प्रकाश - करणीदान
(स) रामरंजाट - सूर्यमल्ल मिश्रण
📚 EO/RO Re-Exam 2025
A
केवल (अ)
B
(अ), (ब) और (स)
C
केवल (ब)
D
(अ) और (ब)
📖 व्याख्या
राजरूपक' के लेखक कवि वीरभाण हैं, यह सही है। 'सूरज प्रकाश' के लेखक करणीदान हैं, यह सही है। 'रामरांजाट' के लेखक सूर्यमल्ल मिश्रण (मिश्रण) हैं।
27. पूर्व-आधुनिक काल की राजस्थानी साहित्यिक कृति "द्रौपदी विनय" के रचनाकार कौन हैं?
📚 Α.Α.Ο.-2025
A
स्वरूपदास
B
मुकन सिंह
C
नाथू सिंह
D
रामनाथ कविया
📖 व्याख्या
"द्रौपदी त्रिनय" पूर्व-आधुनिक काल की एक महत्त्वपूर्ण राजस्थानी साहित्यिक कृति है, जिसके रचनाकार रामनाथ कविया हैं। यह कृति काव्य शैली में द्रौपदी के चीर हरण की प्रसिद्ध पौराणिक कथा का वर्णन करती है। रामनाथ कविया चारण शैली के कवि थे।
28. ख्यात' है-
📚 B.S.T.C (Pre.) 2025
A
एक सामाजिक परम्परा
B
राजाओं का इतिहास
C
एक बोली
D
एक काव्य
📖 व्याख्या
ख्यात' राजस्थानी साहित्य की एक विधा है जिसमें राजाओं का इतिहास और उनके वंश का विस्तृत वर्णन होता है। यह गद्य में लिखा जाता था और इसमें शासकों की उपलब्धियों युद्धों, वंशावली और महत्त्वपूर्ण घटनाओं का लेखा-जोखा होता था। प्रसिद्ध ख्यातों में 'नैणसी री ख्यात' और 'बांकीदास री ख्यात' शामिल हैं।
29. राजस्थानी साहित्य की ऐतिहासिक परंपरा चार कालखंडों में विभाजित है। इन्हें कालक्रमानुसार प्रवृत्ति के अनुसार व्यवस्थित करें।
1. विविध प्रवृत्तियों और नई विधाओं के उदय को वर्शाने वाला कालखंड।
2. वीरगाथा काल
3. श्रृंगार, रीति और नीति काल
4. भक्ति काल
📚 JEN 2025
A
2, 4, 3, 1
B
2, 3, 4, 1
C
1, 2, 3, 4
D
4, 3, 2, 1
📖 व्याख्या
राजस्थानी साहित्य का विकास मुख्य रूप से चार चरणों में हुआ है। सर्वप्रथम वीरगाथा काल आता है, जिसमें चारण कवियों द्वारा वीरता और शौर्य का चित्रण किया गया। इसके उपरांत भक्ति काल का उदय हुआ, जिसमें संत और वैष्णव भक्ति की प्रधानता रही। तीसरा चरण श्रृंगार, रीति और नीति काल है, जो कलात्मकता और दरबारी साहित्य के लिए प्रसिद्ध है। अंत में आधुनिक काल आता है, जिसमें गद्य और नई विधाओं का विकास हुआ।
30. राजस्थानी भाषा की पुस्तक 'गिर ऊँचा ऊँचा गढ़ां' के लेखक कौन हैं?
📚 (VDO) 2025
A
रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत
B
शिव चंद्र भारतीय
C
यद्वंद्र शर्मा
D
नथमल जोशी
📖 व्याख्या
राजस्थानी भाषा की पुस्तक 'गिर ऊंचा ऊंचा गढ़ा' की लेखिका रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावंत हैं। यह एक राजस्थानी उपन्यास है, और रानी लक्ष्मी कुमारी चूंडावत की अन्य प्रमुख रचनाओं में 'अमोलक बातां', 'मूमल', 'के रे' 'के रे चकवाद', 'मांझल रात', 'राजस्थानी के प्रसिद्ध दोहे सोरठे', रठे', 'राजस्थान की प्रेम कथाएँ' और 'सांस्कृतिक राजस्थान' शामिल हैं।
31. राव इंद्र सिंह री राजस्थानी कविता के प्रसिद्ध छंवों में से एक है।
📚 JEN 2025
A
वट
B
पार्ची
C
वेलि
D
झमाल
📖 व्याख्या
"राब इंद्र सिंह री वेलि" राजस्थानी साहित्य की एक प्रसिद्ध रचना है जो 'बेलि' काव्य शैली में लिखी गई है। 'वेलि' ग्रंथ वीरता, भक्ति और राजाओं के गुणों का गान करने के लिए प्रसिद्ध हैं।
32. निम्नलिखित में से किस रचना का संबंध चन्द्रप्रकाश वेवल से नहीं है?
📚 Jr. Instructor 2025
A
पागी
B
कावड़
C
दुविधा
D
मारग
📖 व्याख्या
दुविधा' प्रसिद्ध राजस्थानी साहित्यकार विजयदान देथा की एक अत्यंत विख्यात कहानी है. जिसका संबंध चन्द्रप्रकाश देवल से नहीं है। चन्द्रप्रकाश देवल की रचनाओं जैसे 'पागी' और 'कावड़' के लिए जाना जाता है। विजयदान देथा की कहानी 'दुविधा' पर अमोल पालेकर ने 'पहेली' नामक फिल्म भी बनाई है।
33. लीलटांस', 'सबद' एवं 'निर्ग्रन्थ' के लेखक कौन हैं?
📚 ARO Exam 2020, B.S.T.C (Pre.) 2021, IV GRADE 2025, Jr. Instructor 2025
A
कन्हैयालाल सेठिया
B
चन्द्रसिंह बिरकाली
C
मेघराज 'मुकुल'
D
रेवतदान 'कल्पित'
📖 व्याख्या
लीलटांस', 'सबद' एवं 'निर्ग्रन्थ' के लेखक कन्हैयालाल सेठिया हैं। कन्हैयालाल सेठिया राजस्थानी भाषा के प्रसिद्ध कवि, लेखक थे। उन्होंने 'लीलटांस' के अलावा 'सबद' और 'निर्ग्रन्थ' जैसी कई महत्त्वपूर्ण रचनाएँ लिखी हैं। 'लीलटांस' के लिए उन्हें 1976 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
34. रणमल्ल छंद के रचयिता थे
📚 Statistical Officer 2023, Vahan Chalak 2025
A
श्रीधर व्यास
B
बीठू सूजा
C
माधोदास
D
केशवदास
35. संतों का जीवन इतिहास जो कविता रूप में राजस्थान में के नाम से जाना जाता है। उपलब्ध है,
📚 पशु परिचर 2024, IV GRADE 2025
A
झमाल
B
वचनिका
C
झूलना
D
पारची
📖 व्याख्या
राजस्थानी साहित्य में 'परची' या 'पारची' (Parchi) उस काव्य रचना को कहते हैं, जिसमें किसी संत, भक्त या महापुरुष के जीवन चरित्र, उपदेशों और चमत्कारों का वर्णन किया जाता है।
36. राजस्थानी भाषा का निम्न में से कौनसा ग्रंथ गद्य एवं पद्य दोनों में लिखा गया?
📚 PTI 2025
A
कान्हड़दे प्रबंध
B
अचलदास खीची री वचनिका
C
हरिकेलि
D
वेलि क्रिसन रुकमणी हीं
📖 व्याख्या
अचलदास खीची री वचनिका' की रचना चारण कवि 'शिवदास गाडण' ने की थी। यह ग्रंथ 'चम्पू शैली' (गद्य और पद्म मिश्रित) में लिखा गया है और इसे राजस्थानी भाषा की प्राचीनतम वचनिकाओं में से एक माना जाता है। इसमें गागरोन के शासक अचलदास खीची और होशंगशाह के युद्ध का वर्णन है। 'कान्हड़दे प्रबंध' (पद्मनाभ) और 'वेलि क्रिसन रुकमणी री' (पृथ्वीराज राठौड़) मुख्य रूप से पद्म काव्य हैं।
37. निम्नलिखित पिंगल साहित्य की रचनाओं को उनके लेखकों से सुमेलित कीजिए -
सूची-1 (पुस्तक) - सूची-II (लेखक)
(A) अवतार चरित्र - (i) प्रताप कुँवरी
(B) रामगुण सागर - (ii) रामचरणजी
(C) विनय मालिका - (iii) नरहरिदास
(D) अणभैवाणी - (iv) वयाबाई
📚 Librarian (II-Gr.) 2025
A
A-ii, B-iii, C-i, D-iv
B
A-i, B-iv, C-iii, D-ii
C
A-iii, B-i, C-iv, D-ii
D
A-i, B-ii, C-iii, D-iv
📖 व्याख्या
अवतार चरित्रः इस प्रसिद्ध पिंगल ग्रंथ की रचना नरहरिदास बारहठ ने की थी।
रामगुण सागरः यह कृति जोधपुर की राजकुमारी प्रताप कुँवरी द्वारा रचित है।
विनय मालिकाः संत साहित्य की यह महत्त्वपूर्ण रचना संत दयाबाई द्वारा लिखी गई है, जो संत चरणदास की शिष्या थीं।
अणभैवाणीः यह रामस्नेही सम्प्रदाय के प्रवर्तक रामचरणजी की प्रमुख कृति है।
38. निम्न का सुमेलन कीजिए:
ग्रंथ - लेखक
A. अजित विलास - i. जोगीदास
B. निबंधाबंध - ii. केशवदास
C. वरसालपुर - iii. गाडण
D. विवेक वार निसानी - iv. धाधवाडियो धुंदो
सही कूट चुनिए :
📚 SI Telecom 2025
A
A-iv, B-ii, C-iii, D-i
B
A-i, B-iv, C-ii, D-iii
C
A-iii, B-iv, C-i, D-ii
D
A-i, B-ii, C-iii, D-iv.
📖 व्याख्या
महाराजा अजीत सिंह के शासनकाल का विवरण प्रस्तुत करता है। अजित विलास' ग्रंथ की रचना 'गाडण' द्वारा की गई है। यह ग्रंथ 'निबंधाबंध' के लेखक 'धाधवाडियो धुंदो' हैं। यह एक महत्त्वपूर्ण राजस्थानी कृति है। ' वरसलपुर' ग्रंथ के रचयिता 'जोगीदास' को माना गया है। 'विवेक वार निसानी' (जिसे 'विवेक वार्ता' भी कहा जाता है) की रचना 'केशवदास' (केसोदास गाडण) ने की थी। यह एक प्रसिद्ध डिंगल कृति है जिसमें नीति और विवेक से संबंधित उपदेश दिए गए हैं।
39. मोतीलाल मेनारिया के अनुसार वह काव्य ग्रन्थ जिसमें हमें एक राजा की महानता, उनके विजय, युद्ध और वीरता का वर्णन मिलता है कहलाता है :
📚 EO, RO-2023, CET (10+2) 2024, IV GRADE 2025
A
विगत
B
रासो
C
रूपक
D
वेली
📖 व्याख्या
मोतीलाल मेनारिया जैसे साहित्य इतिहासकारों के अनुसार, 'रासो' राजस्थानी साहित्य की एक प्रमुख काव्य-शैली है। रासो काव्य में सामान्यतः किसी राजा या सामंत की वीरता, विजय, युद्ध, शौर्य और श्रृंगार का विस्तृत और अतिशयोक्तिपूर्ण वर्णन होता है। 'पृथ्वीराज रासो' इसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है। 'विगत' ऐतिहासिक घटनाओं का ब्यौरा, 'वेली' श्रृंगारिक काव्य और 'रूपक' किसी घटना का नाट्य रूपांतरण होता है।
40. निम्नलिखित में से कौन राजस्थान की गद्य या पद्य शैली से संबंधित नहीं है?
📚 JEN 2025
A
हाथीमाना
B
ख्याल
C
रूपक
D
झूलना
📖 व्याख्या
राजस्थान के साहित्य और कला में हाथीमाना गद्य या पद्य शैली नहीं है, बल्कि यह भील जनजाति का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जो विवाह के अवसर पर पुरुषों द्वारा घुटनों के बल बैठकर तलवारें घुमाते हुए किया जाता है। इसके विपरीत, ख्याल एक लोक नाट्य/काव्य शैली है, रूपक एक कथात्मक काव्य शैली (जैसे राज रूपक) है और झूलना राजस्थानी पद्य (कविता) का एक विशिष्ट छंद या मात्रिक छंद शैली है।
41. उस राजस्थानी गद्य/काव्य की विधा का नाम बताइए, जिसमें 'वेलियो' रचनाएँ छंदों में लिखी जाती हैं:
📚 IV GRADE 2025
A
विगत
B
वाचनिक
C
झूलना
D
वेली
📖 व्याख्या
बेली' या 'वेलि' राजस्थानी साहित्य की एक काव्य विधा है जिसमें 'वेलियो' नामक छंद का प्रयोग होता है। यह एक वर्णिक छंद है जिसमें रचनाएँ लिखी जाती हैं। इस विधा की सबसे प्रसिद्ध रचना पृथ्वीराज राठौड़ द्वारा लिखित 'वेलि क्रिसन रुकमणी री' है, जिसे दुरसा आढा ने 'पाँचवां वेद' कहा है। 'विगत' एक ऐतिहासिक गद्य विधा है, जैसे 'मारवाड़ रा परगना री विगत'। 'वाचनिक' भी गद्य-पद्य मिश्रित एक विधा है। 'झूलना' एक प्रकार का छंद है।
42. रानी लक्ष्मी कुमारी चूण्डावत को पद्मश्री, उनके किस क्षेत्र में योगदान के लिए विया गया?
📚 IEO (2018, JEN 2025
A
राजनीतिक क्षेत्र
B
साहित्यिक क्षेत्र
C
समाज सेवा
D
चित्रकला
📖 व्याख्या
रानी लक्ष्मी कुमारी चुंडावत को वर्ष 1984 में साहित्यिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनकी प्रमुख कृतियों में 'मूमल', 'देवनारायण बगढ़ावत महागाथा' और 'कैर चकवा बात' शामिल हैं।
43. निम्नलिखित में से कौन सा राजस्थानी में लिखा गया तुकांत गद्य-काव्य रूप है?
📚 JEN 2025
A
प्रकास
B
वात
C
वचनिका
D
झामाल
📖 व्याख्या
वचनिका' राजस्थानी साहित्य की एक विशिष्ट गद्य-पद्य मिश्रित शैली है, जिसमें तुकांत गद्य का प्रयोग होता है। इसमें किसी वीर पुरुष या ऐतिहासिक घटना का विस्तृत और अलंकृत वर्णन किया जाता है। इसकी भाषा में लय और प्रवाह होता है, जो इसे काव्य जैसा बनाता है। 'अचलदास खींची री वचनिका' इसका एक प्रसिद्ध उदाहरण है।
44. निम्नलिखित में से कौनसी साहित्यिक कृति सूर्यमल्ल मिश्रण की प्रसिद्ध है?
📚 IV GRADE 2025
A
अमोलक बातां
B
बातां री फुलवारी
C
वंश भास्कर
D
पृथ्वीराज राय
📖 व्याख्या
वंश भास्कर' डिंगल भाषा का एक प्रसिद्ध महाकाव्य है, जिसके रचयिता बूंदी के राजकवि सूर्यमल्ल मिश्रण हैं। उन्हें राजस्थान का राज्य कवि भी कहा जाता है। इस विशाल ग्रंथ में बूँदी राज्य के हाड़ा चौहानों का विस्तृत इतिहास वर्णित है। अन्य प्रमुख रचनाओं में 'वीर सतसई', 'बलवद् विलास' और 'छंदोमयूख' शामिल हैं।
45. निम्नलिखित में से कौन "एक बीनणी वो बीन" के लेखक हैं?
📚 Librarian (III-Gr.) 2025, Jr. Instructor 2024
A
हरीश भुदानी
B
श्रीलाल नथमल जोशी
C
कवि चंद्र सिंह
D
शिव चंद्र भारतीय
📖 व्याख्या
"एक बीनणी दो बीन" राजस्थानी साहित्य का एक प्रसिद्ध नाटक है जिसके लेखक श्रीलाल नथमल जोशी हैं। जोशी जी राजस्थानी भाषा के एक प्रमुख साहित्यकार थे। f
46. काम प्रबोध' एवं 'श्राद्ध प्रयोग चिन्तामणी' ग्रंथों की रचना किस शासक के काल में हुई?
📚 Asst. Prof. 2024
A
महाराणा कुंभा
B
महाराणा राज सिंह
C
सवाई जय सिंह
D
महाराजां अनूप सिंह
📖 व्याख्या
काम प्रबोध' और 'श्राद्ध प्रयोग चिन्तामणी' ग्रंथों की रचना महाराज अनूप सिंह के काल में हुई थी। अनूपसिंह संस्कृत भाषा के विद्वान थे और उन्हें विद्वानों का जन्मदाता माना जाता है। वे तंत्रशास्त्र, कामशास्त्र आदि विषयों के ज्ञाता थे, इन्होने' अनूप विवेक' और 'गीत गोविंद' की टीका 'अनूपोदय' भी लिखी थी।
47. निम्नलिखित में से कौन 'जयवंश महाकाव्यम्' का लेखक है?
📚 Asst. Prof. 2024
A
श्री कृष्ण राम भट्ट
B
सीताराम भट्ट पर्वणीकर
C
अम्बिकादत्त व्यास
D
मधुसूदन ओझा
📖 व्याख्या
जयवंश महाकाव्यम्' के लेखक सीताराम भट्ट पर्वणीकर हैं। यह महाकाव्य आदिगुरु शंकराचार्य जी के जीवन और कार्यों पर आधारित है। अम्बिकादत्त व्यासः ये संस्कृत के प्रसिद्ध कवि और लेखक थे, जिन्होंने 'शिवराजविजय' नामक ऐतिहासिक उपन्यास लिखा।
48. निम्न में से 'वेश दर्पण' की रचना किसने की थी ?
📚 Asst. Prof. 2024
A
नरोत्तम स्वामी
B
दयालदास
C
मुहणोत नैगसी
D
बांकीदास
📖 व्याख्या
नरोत्तम स्वामीः ये एक संत कवि थे और इनकी रचनाएँ मुख्य रूप से भक्ति साहित्य से संबंधित हैं। दयालदास ने 'देश-दर्पण' की रचना की थी। यह ख्यात वेद मेहता राब जसवंत सिंह के आदेश से लिखी गई थी और इसमें बीकानेर के राठौड़ राजवंश का इतिहास वर्णित है। मुहणोत नैणसीः ये मारवाड़ के महाराजा जसवंत सिंह प्रथम के दरबारी कवि और दीवान थे। इनकी प्रमुख रचनाएँ 'मारवाड़ रा परगना री विगत' और 'नैणसी री ख्यात' हैं। बाँकीदास : बांकीदास री ख्यात" उनकी सबसे प्रमुख रचना है।
49. निम्न में से कौनसा एक युग्म (ग्रंथ-लेखक) सुमेलित नहीं है?
📚 Asst. Prof. 2024
A
सूरज प्रकाश कविया करणीदान
B
राजरत्नाकर जगजीवन भट्ट
C
राजरूपक वीरभाण
D
वचनिका खिड़िया जगा
📖 व्याख्या
सूरज प्रकाश के लेखक करणीदान, वर्चानका (जागा की) के लेखक खड़िया जागा हैं।
'राज रत्नाकर' ग्रंथ के लेखक सदाशिव भट्ट थे, जिन्होंने यह ग्रंथ जसवंत सिंह (मारवाड़) के काल में लिखा था। राजरूपक नामक ग्रंथ के लेखक वीरभाण हैं।
50. बिज्जी' राजस्थान के किस प्रसिद्ध व्यक्तित्व का उपनाम है?
📚 Jr. Instructor 2024
A
कविराज श्यामलदास
B
निहाल चंद
C
कन्हैया लाल सेठिया
D
विजयदान देथा
📖 व्याख्या
विजयदान देथा, जिन्हें 'बिज्जी' के नाम से भी जाना जाता है, राजस्थान के एक महान लेखक थे। उनकी लोक कथा 'चरणदास चोर' को हबीब तनवीर ने एक प्रसिद्ध नाटक के रूप में रूपांतरित किया। इसके अतिरिक्त, उनकी कहानी 'दुविधा' पर 'पहेली' नामक फिल्म भी बनी। वे कोमल कोठारी के साथ जोधपुर के बोरुंदा में स्थित 'रूपायण संस्थान' के सह-संस्थापक भी थे।