राजस्थानी भाषा व बोलियाँ Important MCQ | Rajasthan GK Questions in Hindi
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
राजस्थानी भाषा व बोलियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
MCQ
प्रश्न दिए गए हैं।
ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न
RPSC,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
शामिल हैं।
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Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
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1. राजस्थान के दक्षिणी-पूर्वी भाग में किस बोली का प्रचलन है?
A
हाड़ौती
B
बागड़ी
C
नागरचोल
D
मेवाती
📖 व्याख्या
हाड़ौती बोली राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में बोली जाती है। यह मुख्य रूप से कोटा, बूँदी, बारां और झालावाड़ जिलों में प्रचलित है। माना जाता है कि इसका विकास मेवाड़ी और गुजराती भाषाओं के मिश्रण से हुआ है। वर्तनी की दृष्टि से यह राजस्थानी की कठिन बोलियों में मानी जाती है और इसमें लिखित साहित्य अपेक्षाकृत कम मिलता है।
2. निम्न में से कौनसी बोली अलवर, डीग व खैरथल क्षेत्र में बोली जाती है?
A
वागड़ी
B
मेवाती
C
मारवाड़ी
D
मेवाड़ी
📖 व्याख्या
मेवाती बोली राजस्थान के उत्तर-पूर्वी भाग में बोली जाती है। इसका प्रमुख क्षेत्र अलवर, भरतपुर, डीग और खैरथल माना जाता है। यह हरियाणवी और ब्रज भाषा से प्रभावित है। मेवाती बोली मेव समुदाय की पहचान से भी जुड़ी हुई है और स्थानीय लोकजीवन तथा संस्कृति में इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
3. निम्नलिखित में से कौनसी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख बोली है?
A
तोराबाटी
B
मारवाड़ी
C
अहीरवाटी
D
निमाड़ी
📖 व्याख्या
मारवाड़ी पश्चिमी राजस्थान की सबसे प्रमुख बोली मानी जाती है। यह जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर और पाली जैसे क्षेत्रों में बोली जाती है। राजस्थानी भाषा की सबसे अधिक बोली जाने वाली बोली भी मारवाड़ी ही है। व्यापार और लोक साहित्य में भी इसका व्यापक उपयोग देखने को मिलता है।
4. मालवी बोली कहाँ बोली जाती है?
A
झालावाड़, प्रतापगढ़, कोटा
B
प्रतापगढ़, बूँदी, कोटा
C
बूँदी, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा
D
भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, राजसमंद
📖 व्याख्या
मालवी बोली मुख्य रूप से राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बोली जाती है। झालावाड़, प्रतापगढ़ और कोटा जिलों में इसका अधिक प्रभाव देखने को मिलता है। यह मध्यप्रदेश की मालवा क्षेत्रीय भाषा से प्रभावित है। इसलिए इन सीमावर्ती क्षेत्रों में मालवी बोली का प्रचलन स्वाभाविक रूप से अधिक पाया जाता है।
5. उदयपुर व चित्तौड़गढ़ में कौनसी बोली बोली जाती है?
A
मालवी
B
बागड़ी
C
मेवाड़ी
D
मेवाती
📖 व्याख्या
मेवाड़ी बोली मेवाड़ क्षेत्र की प्रमुख बोली है। यह उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा और सलूम्बर क्षेत्रों में बोली जाती है। मारवाड़ी के बाद मेवाड़ी को राजस्थान की दूसरी महत्वपूर्ण बोली माना जाता है। लोकगीत, लोककथाएँ और सांस्कृतिक परंपराएँ इस बोली में समृद्ध रूप से मिलती हैं।
6. निम्न में से किस जिले में गोडवाड़ी बोली बोली जाती है?
A
जालौर
B
जैसलमेर
C
अजमेर
D
नागौर
📖 व्याख्या
गोडवाड़ी बोली मुख्य रूप से जालौर जिले और उसके आसपास के क्षेत्रों में बोली जाती है। यह मारवाड़ी की एक उपबोली मानी जाती है। स्थानीय संस्कृति, लोकगीत और दैनिक जीवन में इस बोली का उपयोग अधिक होता है।
7. निम्न में से किस जिले में मेवाड़ी बोली नहीं बोली जाती है?
A
उदयपुर
B
सिरोही
C
चित्तौड़गढ़
D
भीलवाड़ा
📖 व्याख्या
मेवाड़ी बोली उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा क्षेत्रों में व्यापक रूप से बोली जाती है। लेकिन सिरोही जिले में इसका प्रभाव नहीं पाया जाता। सिरोही क्षेत्र में मुख्य रूप से मारवाड़ी और अन्य स्थानीय बोलियों का प्रभाव अधिक देखा जाता है।
8. सोंदवाड़ी बोली का क्षेत्र है?
A
पाली
B
बीकानेर
C
झालावाड़
D
सीकर
📖 व्याख्या
सोंदवाड़ी बोली राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र में बोली जाती है। यह स्थानीय राजस्थानी बोलियों से प्रभावित है और क्षेत्रीय संस्कृति तथा लोकजीवन से जुड़ी हुई है। इस बोली का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक संवाद और लोक परंपराओं में अधिक देखने को मिलता है।
9. बोली व उनसे संबंधित कौनसा युग्म गलत है?
A
जगरीती – करौली
B
नागरचोल – टोंक
C
ढाटी – जालौर
D
धावड़ी – उदयपुर
📖 व्याख्या
ढाटी बोली वास्तव में जालौर की नहीं बल्कि बाड़मेर क्षेत्र की बोली मानी जाती है। यह मारवाड़ी की एक उपबोली है। इसलिए दिया गया युग्म गलत माना जाता है। राजस्थान में कई बोलियाँ और उपबोलियाँ क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग नामों से जानी जाती हैं।
10. पश्चिमी राजस्थान में पाकिस्तान सीमा के पास खाजुवाला क्षेत्र में कौनसी बोली बोली जाती है?
A
सोंदवाड़ी
B
सिरायकी
C
नागरचोल
D
गोडवाड़ी
📖 व्याख्या
सिरायकी बोली पश्चिमी राजस्थान के पाकिस्तान सीमा से लगे क्षेत्रों में बोली जाती है, विशेषकर बीकानेर के खाजुवाला इलाके में। यह बोली सिंधी और पंजाबी भाषाओं से प्रभावित मानी जाती है। सीमावर्ती क्षेत्रों में भाषाई प्रभाव पड़ोसी क्षेत्रों की भाषाओं से मिलकर विकसित होता है।
11. निमाड़ी व रांगड़ी किस बोली की उपबोली है?
A
मेवाती
B
मालवी
C
हाड़ौती
D
अहीरवाटी
📖 व्याख्या
निमाड़ी और रांगड़ी मालवी बोली की उपबोलियाँ मानी जाती हैं। मालवी बोली राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बोली जाती है। इसकी अन्य उपबोलियों में सोडवाड़ी, पाटवी, रतलामी और उमठबाटी भी शामिल हैं। यह बोली मालवा क्षेत्र की संस्कृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ी हुई है।
12. कौनसी बोली राजस्थानी बोलियों के अंतर्गत नहीं गिनी जाती?
A
मेवाती
B
ब्रज
C
अहीरवाटी
D
बागड़ी
📖 व्याख्या
ब्रज भाषा मूलतः उत्तर प्रदेश की बोली है और इसे राजस्थानी बोलियों में शामिल नहीं किया जाता। हालांकि राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में ब्रज भाषा का प्रभाव देखने को मिलता है। इस कारण वहां के स्थानीय संवाद में ब्रज के शब्द और शैली का उपयोग भी होता है।
13. वीर रस में डिंगल काव्य की रचना का श्रेय किस जाति को है?
A
गुर्जर
B
राजपूत
C
ओसवाल
D
चारण व भाट
📖 व्याख्या
डिंगल काव्य मुख्यतः वीर रस की रचनाओं के लिए प्रसिद्ध है। इसकी रचना का श्रेय चारण और भाट जाति को दिया जाता है। इन कवियों ने राजपूत वीरों के शौर्य और पराक्रम का वर्णन अपनी कविताओं में किया। डिंगल साहित्य राजस्थानी भाषा और इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है।
14. मेवाती बोली से संबंधित जिला है?
A
भीलवाड़ा
B
अलवर
C
जयपुर
D
झालावाड़
📖 व्याख्या
मेवाती बोली मुख्य रूप से अलवर जिले तथा आसपास के क्षेत्रों जैसे डीग और खैरथल में बोली जाती है। इस बोली पर ब्रज भाषा का प्रभाव भी देखा जाता है। मेवाती बोली मेव समुदाय के कारण प्रसिद्ध है और उत्तर-पूर्वी राजस्थान की भाषाई पहचान का हिस्सा है।
15. किस बोली को ‘भीलों की बोली’ कहा जाता है?
A
ढूंढाड़ी
B
मालवी
C
अहीरवाटी
D
वागड़ी
📖 व्याख्या
वागड़ी बोली को भीलों की बोली कहा जाता है। भाषाविद् जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने इसे भीली बोली के रूप में वर्णित किया है। यह मुख्य रूप से बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सिरोही जिलों में बोली जाती है। यह बोली भील जनजाति के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन से जुड़ी हुई है।
16. नागरचोल किस भाषा की उपबोली है?
A
मारवाड़ी
B
ढूंढाड़ी
C
हाड़ौती
D
मेवाड़ी
📖 व्याख्या
नागरचोल ढूंढाड़ी भाषा की उपबोली मानी जाती है। यह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के पश्चिमी भाग और टोंक जिले के दक्षिण-पूर्वी भाग में बोली जाती है। ढूंढाड़ी बोली जयपुर क्षेत्र की प्रमुख बोली है और इसकी कई उपबोलियाँ क्षेत्र के अनुसार विकसित हुई हैं।
17. किन जिलों में बागड़ी बोली बोली जाती है?
A
हनुमानगढ़
B
गंगानगर
C
जयपुर
D
1 व 2 दोनों
📖 व्याख्या
बागड़ी बोली मुख्य रूप से राजस्थान के उत्तरी जिलों हनुमानगढ़ और गंगानगर में बोली जाती है। इसका प्रभाव पंजाब और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखा जाता है। यह बोली राजस्थानी और पंजाबी भाषाओं के प्रभाव से विकसित हुई है।
18. मारवाड़ी भाषा का शुद्ध रूप कहाँ देखा जाता है?
A
सिरोही
B
जोधपुर
C
बीकानेर
D
चूरू
📖 व्याख्या
मारवाड़ी बोली का सबसे शुद्ध रूप जोधपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में देखा जाता है। मारवाड़ी पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख बोली है और व्यापार, लोकगीत तथा साहित्य में इसका व्यापक उपयोग होता है। यह राजस्थानी भाषा की सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली बोली मानी जाती है।
19. अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस कब मनाया जाता है?
A
21 फरवरी
B
21 मार्च
C
22 अप्रैल
D
14 सितम्बर
📖 व्याख्या
अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस हर वर्ष 21 फरवरी को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनिया की विभिन्न भाषाओं और भाषाई विविधता को सम्मान देना है। यह दिवस भाषा संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान के महत्व को भी उजागर करता है।
20. राजस्थानी भाषा की लिपि क्या है?
A
मालवी
B
गुरुमुखी
C
महाजनी
D
बुस्टोफिदन
📖 व्याख्या
राजस्थानी भाषा को लिखने के लिए परंपरागत रूप से महाजनी लिपि का उपयोग किया जाता था। यह लिपि मुख्यतः व्यापारियों द्वारा लेखा-जोखा लिखने में भी प्रयोग की जाती थी। बाद में देवनागरी लिपि का प्रयोग भी बढ़ने लगा, लेकिन ऐतिहासिक रूप से महाजनी लिपि को राजस्थानी की प्रमुख लिपि माना जाता है।
21. राजस्थानी बोलियों का प्रथम वर्गीकरण किस विद्वान ने किया?
A
कर्नल टॉड
B
एल.पी. टेस्सीतोरी
C
जॉर्ज ग्रियर्सन
D
मोतीलाल मेनारिया
📖 व्याख्या
जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया” (1912) में राजस्थानी बोलियों का वर्गीकरण किया। उन्होंने राजस्थानी भाषा को विभिन्न बोलियों में बाँटकर उनके क्षेत्र और विशेषताओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया।
22. क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थानी की सबसे बड़ी बोली कौनसी है?
A
मालवी
B
मारवाड़ी
C
मेवाड़ी
D
मेवाती
📖 व्याख्या
क्षेत्रफल की दृष्टि से मारवाड़ी राजस्थानी भाषा की सबसे बड़ी बोली मानी जाती है। यह पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों जैसे जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, पाली और जैसलमेर में बोली जाती है। इसकी कई उपबोलियाँ भी प्रचलित हैं।
23. राजस्थानी भाषा का स्वर्णकाल किसे माना जाता है?
A
1250–1450
B
1350–1550
C
1650–1850
D
1750–1950
📖 व्याख्या
राजस्थानी भाषा का स्वर्णकाल 1650 से 1850 ई. के बीच माना जाता है। इस काल में डिंगल और पिंगल साहित्य की अनेक महत्वपूर्ण रचनाएँ हुईं। चारण और भाट कवियों ने वीर रस और इतिहास से जुड़े काव्य लिखकर साहित्य को समृद्ध किया।
24. राजस्थानी भाषा दिवस कब मनाया जाता है?
A
14 सितम्बर
B
21 फरवरी
C
11 जनवरी
D
24 मार्च
📖 व्याख्या
राजस्थानी भाषा दिवस 21 फरवरी को मनाया जाता है। यह दिन अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के साथ भी जुड़ा हुआ है। इस अवसर पर राजस्थानी भाषा और उसकी बोलियों के संरक्षण और विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
25. राजस्थानी भाषा की उत्पत्ति काल क्या माना जाता है?
A
11वीं शताब्दी का अंत
B
13वीं शताब्दी का अंत
C
12वीं शताब्दी का अंत
D
14वीं शताब्दी का प्रारंभ
📖 व्याख्या
राजस्थानी भाषा की उत्पत्ति 12वीं शताब्दी के अंतिम चरण में मानी जाती है। यह प्राकृत और अपभ्रंश भाषाओं से विकसित हुई है। समय के साथ इसमें कई बोलियाँ विकसित हुईं, जिन्होंने राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों की भाषाई पहचान बनाई।
26. कौनसी बोली मारवाड़ी और मालवी का मिश्रण मानी जाती है?
A
वागड़ी
B
रांगड़ी
C
मेवाड़ी
D
निमाड़ी
📖 व्याख्या
रांगड़ी बोली को मारवाड़ी और मालवी के मिश्रण से बनी बोली माना जाता है। यह सीमावर्ती क्षेत्रों में विकसित हुई, जहाँ दोनों भाषाओं का प्रभाव पड़ा। इस प्रकार की मिश्रित बोलियाँ भाषाई संपर्क और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का परिणाम होती हैं।
27. तोरावाटी बोली कहाँ प्रचलित है?
A
सीकर
B
कुचामन
C
हनुमानगढ़
D
बहरोड़
📖 व्याख्या
तोरावाटी बोली मुख्य रूप से झुंझुनूं जिले के दक्षिणी भाग और सीकर जिले में बोली जाती है। यह ढूंढाड़ी बोली की उपबोली मानी जाती है। स्थानीय लोकजीवन और दैनिक संवाद में इसका उपयोग होता है।
28. निम्न में से कौनसा विद्वान राजस्थानी भाषा-बोलियों के अध्ययन के लिए प्रसिद्ध नहीं है?
A
नोम चोमस्की
B
जॉर्ज ग्रियर्सन
C
मोतीलाल मेनारिया
D
हीरालाल माहेश्वरी
📖 व्याख्या
नोम चोमस्की प्रसिद्ध भाषाविद् हैं, लेकिन उनका कार्य मुख्य रूप से आधुनिक भाषाविज्ञान और व्याकरण सिद्धांतों से संबंधित है। उन्होंने राजस्थानी भाषा या बोलियों पर विशेष कार्य नहीं किया। अन्य विद्वानों ने राजस्थानी भाषा पर शोध किया है।
29. ‘राजस्थानी’ शब्द का प्रयोग भाषा के लिए सबसे पहले किसने किया?
A
आनन्द कुमार स्वामी
B
कर्नल टॉड
C
एल.पी. टेस्सीतोरी
D
जॉर्ज ग्रियर्सन
📖 व्याख्या
राजस्थानी भाषा के लिए ‘राजस्थानी’ शब्द का प्रयोग सबसे पहले जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने किया। उन्होंने अपनी पुस्तक “लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया” में इस शब्द का प्रयोग करते हुए राजस्थानी को एक स्वतंत्र भाषाई समूह के रूप में वर्णित किया।
30. निम्न में से कौनसी ढूंढाड़ी की उपबोली नहीं है?
A
नागरचोल
B
राठी
C
राजावाटी
D
तोरावाटी
📖 व्याख्या
राठी या अहीरवाटी मेवाती बोली की उपबोली मानी जाती है, न कि ढूंढाड़ी की। ढूंढाड़ी की प्रमुख उपबोलियों में नागरचोल, राजावाटी और तोरावाटी शामिल हैं। राजस्थान में कई बोलियाँ और उनकी उपबोलियाँ क्षेत्र के अनुसार विकसित हुई हैं।
31. किस बोली पर गुजराती व मालवी का शक्तिशाली प्रभाव है?
A
मेवानी
B
वागड़ी
C
अहीरवाटी
D
ढूंढाड़ी
📖 व्याख्या
वागड़ी बोली पर गुजराती और मालवी दोनों भाषाओं का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। यह बोली मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान के बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सिरोही क्षेत्रों में बोली जाती है। इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति गुजरात और मध्यप्रदेश के निकट होने के कारण भाषाई प्रभाव स्वाभाविक रूप से विकसित हुआ है।
32. ढूंढाड़ी बोली के विविध रूपों में कौन सा सही नहीं है?
A
किशनगढ़ी
B
काठेड़ी
C
चौरासी
D
खैराड़ी
📖 व्याख्या
खेराड़ी या खैराड़ी बोली वास्तव में मारवाड़ी की उपबोली मानी जाती है, न कि ढूंढाड़ी की। ढूंढाड़ी की प्रमुख उपबोलियों में किशनगढ़ी, काठेड़ी और चौरासी शामिल हैं। ढूंढाड़ी बोली मुख्यतः जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में बोली जाती है।
33. “राजस्थानी” का स्वतंत्र भाषा के रूप में वैज्ञानिक विश्लेषण किसने किया?
A
जॉर्ज ग्रियर्सन
B
टेलर होमस
C
जॉर्ज गिब्सन
D
जॉर्ज सी. एल. शार्वस
📖 व्याख्या
जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन ने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक “लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ इंडिया” में राजस्थानी भाषा का वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत किया। उन्होंने राजस्थानी बोलियों को पाँच भागों में वर्गीकृत किया। उनका यह कार्य भारतीय भाषाविज्ञान के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
34. राजस्थानी भाषा का सही विकास क्रम क्या है?
A
पाली → गुर्जरी अपभ्रंश → शौरसेनी प्राकृत → राजस्थानी
B
पाली → शौरसेनी प्राकृत → गुर्जरी अपभ्रंश → राजस्थानी
C
शौरसेनी प्राकृत → पाली → गुर्जरी अपभ्रंश → राजस्थानी
D
शौरसेनी प्राकृत → गुर्जरी अपभ्रंश → पाली → राजस्थानी
📖 व्याख्या
राजस्थानी भाषा का विकास पाली भाषा से शुरू होकर शौरसेनी प्राकृत, फिर गुर्जरी अपभ्रंश और अंत में राजस्थानी भाषा के रूप में हुआ माना जाता है। यह विकास क्रम भारतीय भाषाओं के ऐतिहासिक परिवर्तन को दर्शाता है।
35. राजस्थान की बोली व क्षेत्र के संबंध में गलत युग्म कौनसा है?
A
ढूंढाड़ी – जयपुर, अलवर, दौसा
B
हाड़ौती – कोटा, बारां, बूँदी
C
वागड़ी – अजमेर, नागौर, चित्तौड़गढ़
D
मेवाती – अलवर, भरतपुर
📖 व्याख्या
वागड़ी बोली अजमेर या नागौर में नहीं बल्कि मुख्य रूप से बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सिरोही जिलों में बोली जाती है। इसलिए यह युग्म गलत है। राजस्थान में बोलियों का वितरण भौगोलिक क्षेत्रों के अनुसार अलग-अलग होता है।
36. दादू पंथ का अधिकांश साहित्य किस बोली में है?
A
मालवी
B
ढूंढाड़ी
C
मारवाड़ी
D
मेवाती
📖 व्याख्या
दादू पंथ के संतों और कवियों ने अपने अधिकांश साहित्य की रचना ढूंढाड़ी बोली में की। यह बोली जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में प्रचलित थी। दादूदयाल के उपदेश और भक्ति साहित्य इसी बोली में लिखे गए, जिससे यह बोली धार्मिक साहित्य में भी महत्वपूर्ण बन गई।
37. वागड़ी बोली राजस्थान के किस भाग में बोली जाती है?
A
दक्षिण-पश्चिम
B
उत्तर-पूर्व
C
दक्षिण-पूर्व
D
उत्तर-पश्चिम
📖 व्याख्या
वागड़ी बोली मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में बोली जाती है। यह क्षेत्र बाँसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ जिलों को शामिल करता है। इस बोली पर गुजराती और मालवी भाषाओं का प्रभाव भी देखा जाता है।
38. अहीरवाटी और मेवाती बोलियाँ किस वर्गीकरण में आती हैं?
A
उत्तरी राजस्थानी
B
उत्तर-पूर्वी राजस्थानी
C
मध्य-पूर्वी राजस्थानी
D
दक्षिण-पूर्वी राजस्थानी
📖 व्याख्या
अहीरवाटी और मेवाती बोलियाँ उत्तर-पूर्वी राजस्थानी वर्ग में आती हैं। ये बोलियाँ मुख्य रूप से अलवर, भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में बोली जाती हैं। इन पर ब्रज और हरियाणवी भाषा का प्रभाव भी देखा जाता है।
39. मारवाड़ी भाषा की उत्पत्ति किस अपभ्रंश से मानी जाती है?
A
महाराष्ट्री अपभ्रंश
B
गुर्जरी अपभ्रंश
C
नागर अपभ्रंश
D
सौरसेनी अपभ्रंश
📖 व्याख्या
मारवाड़ी भाषा की उत्पत्ति गुर्जरी अपभ्रंश से मानी जाती है। समय के साथ यह भाषा विकसित होकर पश्चिमी राजस्थान की प्रमुख बोली बन गई। आज मारवाड़ी राजस्थान की सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली बोली है।
40. किस भाषा से राजस्थानी का उद्भव हुआ है?
A
मागधी प्राकृत
B
गुर्जरी अपभ्रंश
C
नागर अपभ्रंश
D
महाराष्ट्री प्राकृत
📖 व्याख्या
अधिकांश विद्वानों के अनुसार राजस्थानी भाषा का उद्भव गुर्जरी अपभ्रंश से हुआ है। यह अपभ्रंश भाषा समय के साथ विकसित होकर विभिन्न राजस्थानी बोलियों का आधार बनी।
41. राजस्थानी भाषा की उत्पत्ति के बारे में असत्य कथन कौनसा है?
A
ग्रियर्सन – नागर अपभ्रंश
B
मोतीलाल मेनारिया – गुर्जरी अपभ्रंश
C
टैस्सीटोरी – गुर्जर अपभ्रंश
D
पुरुषोत्तम लाल मेनारिया – गुर्जरी अपभ्रंश
📖 व्याख्या
पुरुषोत्तम लाल मेनारिया ने राजस्थानी भाषा की उत्पत्ति नागर अपभ्रंश से मानी है, न कि गुर्जरी अपभ्रंश से। इसलिए यह कथन गलत है।
42. खेराड़ी बोली किस क्षेत्र में प्रचलित है?
A
जयपुर-दौसा
B
राजसमंद-चित्तौड़
C
दौसा-करौली
D
टोंक-भीलवाड़ा
📖 व्याख्या
खेराड़ी बोली मुख्य रूप से टोंक और भीलवाड़ा जिलों के कुछ क्षेत्रों में बोली जाती है। इसे मारवाड़ी की एक उपबोली माना जाता है और यह स्थानीय ग्रामीण समाज में प्रचलित है।
43. तोरावाटी किसकी उपबोली है?
A
मारवाड़ी
B
ढूंढाड़ी
C
मेवाड़ी
D
मेवाती
📖 व्याख्या
तोरावाटी ढूंढाड़ी बोली की उपबोली मानी जाती है। यह मुख्य रूप से सीकर और झुंझुनूं क्षेत्रों में बोली जाती है।
44. सोडवाड़ी, पाटवी, रतलामी, उमठवाटी किसकी उपबोलियाँ हैं?
A
ढूंढाड़ी
B
मेवाती
C
मारवाड़ी
D
मालवी
📖 व्याख्या
सोडवाड़ी, पाटवी, रतलामी और उमठवाटी मालवी बोली की प्रमुख उपबोलियाँ हैं। यह बोली राजस्थान और मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में बोली जाती है।
45. सोरठा छंद और माँड राग किस बोली की विशेषता हैं?
A
मारवाड़ी
B
मेवाड़ी
C
हाड़ौती
D
ढूंढाड़ी
📖 व्याख्या
सोरठा छंद और माँड राग मारवाड़ी बोली की प्रमुख साहित्यिक विशेषताएँ हैं। मारवाड़ी लोकगीतों और संगीत परंपराओं में इनका विशेष महत्व है।
46. पूर्वी राजस्थान के मध्य-पूर्व भाग की प्रमुख बोली कौनसी है?
A
मेवाती
B
मालवी
C
ढूंढाड़ी
D
मारवाड़ी
📖 व्याख्या
ढूंढाड़ी बोली पूर्वी राजस्थान के मध्य भाग में बोली जाती है। यह जयपुर, दौसा, कोटपुतली और किशनगढ़ क्षेत्रों में प्रचलित है।
47. कीर्ति स्तम्भ प्रशस्ति के अनुसार महाराणा कुम्भा के नाटकों में किस भाषा का प्रयोग हुआ?
A
मारवाड़ी
B
वागड़ी
C
मेवाड़ी
D
हाड़ौती
📖 व्याख्या
महाराणा कुम्भा द्वारा रचित नाटकों में मेवाड़ी भाषा का प्रयोग किया गया था। यह भाषा मेवाड़ क्षेत्र की प्रमुख बोली है और उस समय साहित्य तथा प्रशासन में भी प्रयुक्त होती थी।
48. काठेड़ी किस बोली की उपबोली है?
A
ढूंढाड़ी
B
मारवाड़ी
C
मेवाड़ी
D
मेवाती
📖 व्याख्या
काठेड़ी बोली ढूंढाड़ी की उपबोली मानी जाती है। यह जयपुर क्षेत्र के आसपास के इलाकों में प्रचलित है और स्थानीय संवाद में प्रयुक्त होती है।
49. धावड़ी बोली मुख्यतः कहाँ बोली जाती है?
A
करौली
B
उदयपुर
C
भीलवाड़ा
D
बारां
📖 व्याख्या
धावड़ी बोली मुख्य रूप से उदयपुर जिले और आसपास के क्षेत्रों में बोली जाती है। यह स्थानीय राजस्थानी बोली का रूप है और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक प्रचलित है।
A
बीकानेर-गंगानगर क्षेत्र की बोली
B
पाली व जालौर में प्रचलित बोली
C
उदयपुर-बाँसवाड़ा की बोली
D
कोटा-बूँदी की बोली
📖 व्याख्या
गोडवाड़ी मारवाड़ी की उपबोली मानी जाती है और मुख्यतः पाली तथा जालौर जिलों में बोली जाती है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से गोडवाड़ कहलाता है, इसलिए इस बोली को गोडवाड़ी कहा गया। स्थानीय लोकगीत और दैनिक जीवन में इसका व्यापक प्रयोग होता है।