राजस्थान में संत साहित्य व लौकिक साहित्य Important MCQ | Rajasthan GK Questions in Hindi
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
राजस्थान में संत साहित्य व लौकिक साहित्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
MCQ
प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें दादूवाणी, सिंभूदड़ा, कोंडा ग्रंथ, पदावली, सत्यभामाजी नुं रूसण, कुलजम स्वरूप आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न
RPSC,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
शामिल हैं।
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
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1. दादूवाणी किस बोली में रचित है?
A
मेवाती
B
ढूंढाड़ी
C
देशवाली
D
बागड़ी
📖 व्याख्या
दादूदयाल की शिक्षाओं का प्रमुख संग्रह ‘दादूवाणी’ है, जिसमें उनके उपदेश, भक्ति विचार और समाज सुधार से जुड़े संदेश मिलते हैं। यह मुख्यतः ढूंढाड़ी या सधुक्कड़ी भाषा में रचित है, जो उस समय संतों द्वारा जनसामान्य तक संदेश पहुँचाने के लिए प्रयोग की जाती थी। इसकी भाषा सरल, लोकाभिमुख और मिश्रित रूप वाली है, जिससे यह आम लोगों के लिए समझने योग्य बनी रहती है।
2. सिंभूदड़ा व कोंडा ग्रंथ किस सम्प्रदाय से संबंधित हैं?
A
विश्नोई
B
हरभूजी
C
जसनाथ संप्रदाय
D
मिश्रित
📖 व्याख्या
‘सिंभूदड़ा’ और ‘कोंडा ग्रंथ’ संत जसनाथ जी के उपदेशों का संग्रह हैं, जो जसनाथी सम्प्रदाय से संबंधित हैं। इस सम्प्रदाय की स्थापना जसनाथ जी ने की थी और इसमें योग, संयम तथा नैतिक जीवन पर बल दिया गया है। इन ग्रंथों में उनके उपदेशों को व्यवस्थित रूप में संकलित किया गया है, जिससे उनके अनुयायियों को धार्मिक और सामाजिक मार्गदर्शन मिलता है।
3. मीराबाई की रचना कौनसी है?
A
साखी
B
बीजक
C
शब्द
D
पदावली
📖 व्याख्या
मीराबाई की प्रमुख रचना ‘पदावली’ है, जिसमें उनके द्वारा रचित भक्ति पदों का संग्रह मिलता है। ये पद भगवान कृष्ण के प्रति उनके गहरे प्रेम और समर्पण को दर्शाते हैं। मीराबाई सगुण भक्ति धारा की प्रमुख संत कवयित्री थीं, जिन्हें राजस्थान की ‘राधा’ भी कहा जाता है। उनकी भाषा सरल और भावपूर्ण है, जिससे उनके पद आज भी लोकजीवन में गाए जाते हैं।
4. ‘सत्यभामाजी नुं रूसण’ किसने लिखा?
A
रामदास
B
दादू
C
दरियाव
D
मीराबाई
📖 व्याख्या
‘सत्यभामाजी नुं रूसण’ मीराबाई द्वारा रचित एक प्रसिद्ध काव्य है, जिसमें कृष्ण और सत्यभामा के प्रसंग को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस रचना में भक्ति और प्रेम का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। मीराबाई ने अपनी रचनाओं के माध्यम से भक्ति को लोकभाषा में सरल रूप में प्रस्तुत किया, जिससे यह आम जनता तक आसानी से पहुँच सकी।
5. ‘कुलजम स्वरूप’ किस सम्प्रदाय से संबंधित है?
A
परनामी
B
जसनाथ
C
चरणदास
D
लालदास
📖 व्याख्या
‘कुलजम स्वरूप’ परनामी सम्प्रदाय का प्रमुख ग्रंथ है, जिसकी स्थापना प्राणनाथ जी ने की थी। इस सम्प्रदाय में कृष्ण भक्ति को विशेष महत्व दिया जाता है। इस ग्रंथ में धार्मिक उपदेश, भक्ति सिद्धांत और आध्यात्मिक विचारों का वर्णन मिलता है। परनामी सम्प्रदाय का मुख्य केंद्र पन्ना (मध्यप्रदेश) और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी इसका प्रभाव देखा जाता है।
6. जाम्भोजी की रचना नहीं है?
A
जम्भ सागर
B
जम्भसंहिता
C
विश्नोई धर्मप्रकाश
D
अनुभव प्रकाश
📖 व्याख्या
जाम्भोजी विश्नोई सम्प्रदाय के संस्थापक थे और उन्होंने ‘जम्भ सागर’, ‘जम्भसंहिता’ तथा ‘विश्नोई धर्मप्रकाश’ जैसी रचनाएँ कीं। ये ग्रंथ उनके उपदेशों और धार्मिक सिद्धांतों का आधार हैं। ‘अनुभव प्रकाश’ उनकी रचना नहीं है, बल्कि यह संत बनानाथ जी द्वारा रचित है। इसलिए यह विकल्प असंगत है और सही उत्तर (4) है।
7. सिंभुधड़ा, कोंडा ग्रंथ, गोरख छंदो किसकी रचनाएँ हैं?
A
जसनाथ जी
B
सिद्ध रामनाथ
C
हरिदास
D
जाम्भोजी
📖 व्याख्या
‘सिंभुधड़ा’, ‘कोंडा ग्रंथ’ और ‘गोरख छंदो’ जसनाथ जी की प्रमुख रचनाएँ हैं। जसनाथ जी जसनाथी सम्प्रदाय के प्रवर्तक थे और उन्होंने अपने उपदेशों को इन ग्रंथों में संकलित किया। इन रचनाओं में योग, संयम, साधना और नैतिक जीवन पर विशेष जोर दिया गया है।
8. हरिदास जी की वाणी में कौनसी भाषा के शब्द मिलते हैं?
A
ब्रज
B
ढूंढाड़ी
C
ढाटी
D
चाली
📖 व्याख्या
संत हरिदास जी की वाणी में राजस्थानी भाषा के साथ-साथ ब्रज भाषा का भी प्रभाव दिखाई देता है। उस समय संतों ने अपने विचारों को जनसामान्य तक पहुँचाने के लिए मिश्रित भाषा का प्रयोग किया। ब्रज भाषा का उपयोग भक्ति साहित्य में व्यापक रूप से होता था, इसलिए हरिदास जी की वाणी में भी इसका समावेश मिलता है।
9. मंत्र राजप्रकाश व हरिपुरुष जी की वाणी किसकी है?
A
दादू
B
हरिदास
C
लालदास
D
माधोदास
📖 व्याख्या
‘मंत्र राजप्रकाश’ और ‘हरिपुरुष जी की वाणी’ संत हरिदास जी की रचनाएँ हैं। ये रचनाएँ भक्ति, धर्म और आध्यात्मिकता से संबंधित उपदेशों को प्रस्तुत करती हैं। हरिदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से लोगों को सरल भाषा में धर्म और भक्ति का मार्ग बताया।
10. सिद्ध रामनाथ की रचना कौनसी है?
A
सिंभुधड़ा
B
कोंडा ग्रंथ
C
यशोनाथ पुराण
D
गोरख छंदो
📖 व्याख्या
सिद्ध रामनाथ द्वारा रचित ‘यशोनाथ पुराण’ एक महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ है। इसमें उनके उपदेश, आध्यात्मिक विचार और धार्मिक शिक्षाएँ शामिल हैं। अन्य विकल्प जसनाथ जी की रचनाएँ हैं, इसलिए सही उत्तर (3) है।
11. संत दादू की रचना नहीं है?
A
दादूजी री वाणी
B
दादू दयाल रा दुहा
C
कायाबेली
D
नाममाला
📖 व्याख्या
संत दादूदयाल ने ‘दादूजी री वाणी’, ‘दादू दयाल रा दुहा’ और ‘कायाबेली’ जैसी रचनाएँ कीं। ये रचनाएँ भक्ति और सामाजिक सुधार पर आधारित हैं। ‘नाममाला’ उनकी रचना नहीं है, बल्कि यह संत लालदास द्वारा लिखी गई है।
12. संतदास व जगन्नाथदास द्वारा संकलित रचना है?
A
हरड़ेवाणी
B
अंगवधू
C
साखी
D
भक्तमाला
📖 व्याख्या
‘हरड़ेवाणी’ संतदास और जगन्नाथदास द्वारा संकलित ग्रंथ है। इसमें संत दादूदयाल की वाणी और उपदेशों का संग्रह किया गया है। यह ग्रंथ दादू पंथ के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
13. हरड़ेवाणी व अंगवधू में किसकी रचनाएँ हैं?
A
सुन्दरदास
B
संतदास
C
दादूजी
D
रज्जब
📖 व्याख्या
‘हरड़ेवाणी’ और ‘अंगवधू’ दोनों में संत दादूदयाल की वाणी का संग्रह है। इन ग्रंथों को उनके शिष्यों ने संकलित किया ताकि उनके उपदेशों को संरक्षित किया जा सके और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाया जा सके।
14. सुन्दरदास की रचना नहीं है?
A
ज्ञान समुद्र
B
सुन्दरसार
C
सर्वांगयोग
D
भक्तमाला
📖 व्याख्या
संत सुन्दरदास ने ‘ज्ञान समुद्र’, ‘सुन्दरसार’ और ‘सर्वांगयोग प्रदीपिका’ जैसी रचनाएँ की हैं। ये ग्रंथ दादू पंथ से जुड़े आध्यात्मिक और दार्शनिक विचारों को प्रस्तुत करते हैं। ‘भक्तमाला’ उनकी रचना नहीं है, बल्कि इसे राघवदास ने लिखा है।
A
संत गुणसागर–लालदास
B
दादू जन्म लीला–जनगोपाल
C
साखी–गरीबदास
D
रज्जब वाणी–रज्जब
📖 व्याख्या
‘संत गुणसागर’ लालदास की रचना नहीं है, बल्कि यह माधोदास द्वारा लिखी गई है। बाकी सभी युग्म सही हैं। इसलिए यह युग्म असंगत है और सही उत्तर (1) है।
16. व्रज चरित्र आदि किसकी रचनाएँ हैं?
A
दादू
B
चरणदास
C
गरीबदास
D
लालदास
📖 व्याख्या
‘व्रज चरित्र’, ‘धर्म जहाज’, ‘ज्ञान स्वरोदय’ और ‘सबद’ संत चरणदास की प्रमुख रचनाएँ हैं। उन्होंने भक्ति और आध्यात्मिकता को सरल भाषा में प्रस्तुत किया। उनके उपदेशों में नैतिक जीवन और ईश्वर भक्ति पर विशेष जोर दिया गया है।
17. दीन दरवेश की रचना नहीं है?
A
दीन प्रकाश
B
अदलानंद
C
जुगलमैन चरित
D
परमार्थ प्रसंग
📖 व्याख्या
‘जुगलमैन चरित’ दीन दरवेश की रचना नहीं है, बल्कि यह संत कृष्णदास पयहरी की रचना है। दीन दरवेश ने ‘दीन प्रकाश’ और ‘परमार्थ प्रसंग’ जैसी रचनाएँ की हैं।
A
समान बाई मीरा
B
जन्म सियाली
C
राम-कृष्ण पद
D
ज्ञान सागर
📖 व्याख्या
समान बाई को ‘मत्स्य की मीरा’ कहा जाता है और उन्होंने राम व कृष्ण दोनों पर पद लिखे। उनका जन्म सियाली गाँव में हुआ था। ‘ज्ञान सागर’ उनकी रचना नहीं है, इसलिए यह कथन असत्य है।
19. प्रेमाख्यान से संबंधित नहीं है?
A
जेठवा
B
सेणी
C
राजिया
D
जलाल
📖 व्याख्या
‘राजिया रा सोरठा’ प्रेमाख्यान से संबंधित नहीं है, जबकि अन्य रचनाएँ प्रेम कथाओं पर आधारित हैं।
20. देवनारायण गाथा का संपादन किसने किया?
A
गवरी
B
लक्ष्मी कुमारी
C
छत्र कुंवरी
D
प्रताप
📖 व्याख्या
रानी लक्ष्मी कुमारी चूण्डावत ने देवनारायण गाथा का संपादन किया। उन्होंने लोक साहित्य को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
21. सहल ने किस महाकाव्य को लिपिबद्ध किया?
A
देवनारायण
B
कहावतें
C
निहालदे-सुल्तान
D
माधवानल
📖 व्याख्या
डॉ कन्हैयालाल सहल ने ‘निहालदे-सुल्तान रा बावन पवाड़ा’ को एक जोगी से सुनकर लिखित रूप में संकलित किया।
22. किस लोक नाटक में सभी तत्व होते हैं?
A
ख्यात
B
वचनिका
C
रासो
D
ख्याल
📖 व्याख्या
‘ख्याल’ राजस्थान का प्रमुख लोक नाटक है, जिसमें काव्य, अभिनय, संगीत और नृत्य सभी का समावेश होता है। यह लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
23. महापुरुष/वीरों के कार्यों का वर्णन करने वाली रचनाएँ क्या कहलाती हैं?
A
विगत
B
पवाड़ा
C
विशाला
D
वेलि
📖 व्याख्या
वीरों और महापुरुषों के साहस, युद्ध और विशेष कार्यों का वर्णन करने वाली रचनाएँ ‘पवाड़ा’ कहलाती हैं। ये राजस्थान के लोक साहित्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनमें वीरता, बलिदान तथा ऐतिहासिक घटनाओं को काव्य रूप में प्रस्तुत किया जाता है। पवाड़े सामान्यतः लोकगाथाओं के रूप में पीढ़ी-दर-पीढ़ी सुनाए जाते हैं।
24. राजस्थान में पवाड़ा का अर्थ क्या है?
A
लोक गीत
B
रात्रि जागरण
C
लोक गाथा
D
कहावतें
📖 व्याख्या
राजस्थान में ‘पवाड़ा’ का अर्थ लोक गाथा होता है, जिसमें किसी वीर, देवता या ऐतिहासिक घटना का विस्तार से वर्णन किया जाता है। ये गाथाएँ लोक परंपरा के माध्यम से जीवित रहती हैं और इन्हें विशेष अवसरों पर गाया या सुनाया जाता है।
25. मीराबाई की प्रसिद्ध रचना कौनसी है?
A
जमी हुई झील
B
पदावली
C
अमोलक बातां
D
जुड़ाव
📖 व्याख्या
मीराबाई की ‘पदावली’ उनकी प्रमुख रचना है, जिसमें भगवान कृष्ण के प्रति उनकी भक्ति के पद संकलित हैं। उनकी रचनाएँ सगुण भक्ति धारा से संबंधित हैं और अत्यंत भावपूर्ण हैं। उनकी भाषा सरल और लोकभाषा के निकट है, जिससे उनके पद जन-जन में लोकप्रिय हुए।
26. चरणदास की रचना नहीं है?
A
अष्टांग योग
B
सहज प्रकाश
C
संदेहसागर
D
नासकेत लीला
📖 व्याख्या
‘सहज प्रकाश’ चरणदास जी की रचना नहीं है, बल्कि यह उनकी शिष्या सहजोबाई द्वारा लिखी गई है। चरणदास ने ‘अष्टांग योग’ और ‘संदेहसागर’ जैसी रचनाएँ की हैं, जिनमें भक्ति और योग का वर्णन मिलता है।
27. सुंदरदास की रचना नहीं है?
A
ज्ञान सवैया
B
सर्वगी
C
सुंदर विलास
D
सुंदर ग्रंथावली
📖 व्याख्या
‘सर्वगी’ सुंदरदास की रचना नहीं है, बल्कि यह रज्जब जी की रचना है। सुंदरदास ने ‘ज्ञान समुद्र’, ‘सुंदर विलास’ और ‘सुंदर ग्रंथावली’ जैसी महत्वपूर्ण कृतियाँ लिखीं।
28. ढोला का वास्तविक नाम क्या था?
A
जय कुमार
B
दुल्हकुमार
C
मदन कुंवर
D
साल्हकुमार
📖 व्याख्या
‘ढोला मारू रा दूहा’ के नायक ढोला का वास्तविक नाम साल्हकुमार था। यह राजस्थान की प्रसिद्ध प्रेम गाथा है, जिसमें ढोला और मारू की प्रेम कहानी का वर्णन किया गया है।
29. ज्ञान समुद्र आदि कृतियाँ किस संत से संबंधित हैं?
A
पीपा
B
रज्जब
C
सुंदरदास
D
धन्ना
📖 व्याख्या
‘ज्ञान समुद्र’, ‘बावनी’ और ‘रामची अण्टक’ संत सुंदरदास की प्रमुख रचनाएँ हैं। वे दादू पंथ के महत्वपूर्ण संत थे और उनके साहित्य में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का सुंदर समन्वय मिलता है।
30. राजस्थान का प्रसिद्ध लोककाव्य कौनसा है?
A
चोपाई
B
पिंगल
C
बात
D
दूहा
📖 व्याख्या
‘ढोला मारू रा दूहा’ राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध लोककाव्य है। इसमें प्रेम, साहस और संघर्ष का सुंदर चित्रण मिलता है और यह लोकजीवन में अत्यंत लोकप्रिय है।
31. संतों का जीवनवृत्त काव्य रूप में क्या कहलाता है?
A
मरस्या
B
वात
C
परची
D
प्रकाश
📖 व्याख्या
संतों के जीवन और उनके उपदेशों का वर्णन जब काव्य रूप में किया जाता है तो उसे ‘परची’ कहा जाता है। यह संत साहित्य की एक महत्वपूर्ण विधा है।
32. सोरठा छंद में गद्य-पद्य किस शैली में है?
A
रूपक
B
साखी
C
द्वावेत
D
वात
📖 व्याख्या
‘साखी’ शैली में सोरठा छंद का प्रयोग होता है, जिसमें गद्य और पद्य दोनों का मिश्रण होता है। यह शैली संत साहित्य में विशेष रूप से प्रचलित रही है।
33. प्रताप कुंवरी की रचना नहीं है?
A
ज्ञान प्रकाश
B
दानलीला
C
प्रताप पच्चीसी
D
हरिजस
📖 व्याख्या
‘दानलीला’ प्रताप कुंवरी की रचना नहीं है। उन्होंने ‘ज्ञान प्रकाश’ और ‘प्रताप पच्चीसी’ जैसी कृतियाँ लिखीं।
34. रज्जब वाणी किस पंथ से संबंधित है?
A
दादू
B
विश्नोई
C
रामस्नेही
D
निम्बार्क
📖 व्याख्या
‘रज्जब वाणी’ दादू पंथ से संबंधित है। रज्जब जी संत दादूदयाल के प्रमुख शिष्य थे और उन्होंने दादू के उपदेशों को आगे बढ़ाया।
35. चौपड़ा ग्रंथ के लेखक कौन हैं?
A
मावजी
B
दरियाव
C
रामचरण
D
रामदास
📖 व्याख्या
‘चौपड़ा’ ग्रंथ मावजी द्वारा रचित है। यह वाद-विवाद शैली में लिखा गया है और निष्कलंक सम्प्रदाय से संबंधित है।
36. चौपड़ा किस सम्प्रदाय से संबंधित है?
A
लालदासी
B
रामस्नेही
C
निष्कलंक
D
निम्बार्क
📖 व्याख्या
‘चौपड़ा’ निष्कलंक सम्प्रदाय से संबंधित है, जिसके प्रवर्तक मावजी थे। इस ग्रंथ में धार्मिक विचारों को वाद-विवाद शैली में प्रस्तुत किया गया है।
37. दादू पंथ की प्रमुख पीठ कहाँ है?
A
आमेर
B
नरैना
C
मण्डोर
D
करौली
📖 व्याख्या
दादू पंथ की प्रमुख पीठ नरैना (जयपुर) में स्थित है। यहीं दादूदयाल का मुख्य केंद्र है और उनके उपदेशों का प्रसार हुआ। यह स्थान दादू पंथ के अनुयायियों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है।
38. रानी लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत को पद्मश्री किस क्षेत्र में मिला?
A
कला
B
हस्तशिल्प
C
विज्ञान
D
साहित्य
📖 व्याख्या
उन्हें साहित्यिक योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। उन्होंने हिंदी व राजस्थानी दोनों में लेखन किया।
39. ‘माटी रौ हांडी’ किसकी रचना है?
A
रांगेय राघव
B
मुरलीधर व्यास
C
चन्द्रसिंह बिरकाली
D
श्रीलाल नथमल जोशी
📖 व्याख्या
‘माटी रौ हांडी’ और ‘परण्योड़ी कंवारी’ श्रीलाल नथमल जोशी की रचनाएँ हैं, जिनमें ग्रामीण जीवन का चित्रण है।
40. ‘वंश भास्कर’ को किसने पूरा किया?
A
जल्ह कवि
B
मंडन
C
मुरारीदान
D
मानकवि
📖 व्याख्या
सूर्यमल्ल मिश्रण द्वारा शुरू ‘वंश भास्कर’ को उनके दत्तक पुत्र मुरारीदान ने पूरा किया।
41. सही सुमेलित युग्म कौनसा है?
A
प्रबंध चिन्तामणि – मेरूतुंग
B
राजवल्लभ – मण्डन
C
पार्श्वनाथ चरित्र – श्रीधर
D
प्रबंध कोष – चन्द्रशेखर
📖 व्याख्या
‘प्रबंध चिन्तामणि’ मेरूतुंग की रचना है। जबकि ‘प्रबंध कोष’ राजशेखर सूरी की रचना है, इसलिए D गलत है।
42. ‘हंसावली’ किसकी रचना है?
A
असाइत
B
अर्जुन देव चारण
C
शिवचन्द्र भरतिया
D
महेन्द्र
📖 व्याख्या
‘हंसावली’ राजस्थानी साहित्य की प्रारंभिक रचना है, जिसे असाइत ने लिखा।
43. ‘चरणदास चोर’ नाटक किसकी कहानी पर आधारित है?
A
श्रीलाल जोशी
B
अर्जुनदान चारण
C
लक्ष्मी कुमारी
D
विजयदान देथा
📖 व्याख्या
हबीब तनवीर का प्रसिद्ध नाटक ‘चरणदास चोर’ विजयदान देथा की कहानी पर आधारित है। यह राजस्थानी लोककथा का रूपांतरण है।
44. कौनसी कविता सुनकर महाराणा फतेहसिंह दरबार में नहीं गए?
A
रूठी रानी
B
शैतान सुजस
C
चेतावनी रा चुंगट्या
D
सांगला री पीड़ा
📖 व्याख्या
‘चेतावनी रा चुंगट्या’ केसरी सिंह बारहठ की रचना है। इसे पढ़कर महाराणा फतेहसिंह ने अंग्रेजों के दरबार में जाने से इंकार कर दिया।
45. रानी लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत के बारे में असत्य कथन कौनसा है?
A
राज्यसभा सदस्य
B
हिंदी-राजस्थानी लेखन
C
पद्मश्री 1984
D
राजस्थान रत्न 2013
📖 व्याख्या
रानी लक्ष्मीकुमारी चूण्डावत को राजस्थान रत्न 2012 में मिला था, 2013 में नहीं। इसलिए यह कथन गलत है।
46. ‘पहेली’ फिल्म किस लेखक की कहानी पर आधारित है?
A
कन्हैयालाल सेठिया
B
विजयदान देथा
C
सूर्यमल्ल मिश्रण
D
मणि मधुकर
📖 व्याख्या
‘पहेली’ फिल्म विजयदान देथा की कहानी ‘दुविधा’ पर आधारित है। यह फिल्म अमोल पालेकर द्वारा बनाई गई थी।
47. ‘बारीक बात’ के लेखक कौन हैं?
A
कमर मेवाड़ी
B
रामस्वरूप किसान
C
रामावतार अग्रवाल
D
मणि मधुकर
📖 व्याख्या
‘बारीक बात’ रामस्वरूप किसान की प्रसिद्ध कृति है। इसमें सामाजिक जीवन के सूक्ष्म पहलुओं को प्रस्तुत किया गया है।
48. ‘धरती धोरां री’ गीत किसने लिखा?
A
विजयदान देथा
B
कन्हैयालाल सेठिया
C
मेघराज मुकुल
D
हरीश भादाणी
📖 व्याख्या
‘धरती धोरां री’ राजस्थान का प्रसिद्ध गीत है, जिसे कन्हैयालाल सेठिया ने लिखा। यह गीत राजस्थान की पहचान बन चुका है।
49. ‘रातबासो’ आदि कहानियों के लेखक कौन हैं?
A
नृसिंह राजपुरोहित
B
रामस्वरूप किसान
C
सूर्यकरण पारीक
D
केशवदास
📖 व्याख्या
नृसिंह राजपुरोहित ने ‘रातबासो’, ‘अमर चुनड़ी’ जैसी कहानियाँ लिखीं। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन का चित्रण मिलता है।
50. ‘लीलटांस’, ‘सबद’, ‘निग्रंथ’ के लेखक कौन हैं?
A
मुरलीधर व्यास
B
मालचन्द्र तिवाड़ी
C
कन्हैयालाल सेठिया
D
शिवचन्द्र भरतिया
📖 व्याख्या
ये सभी कृतियाँ कन्हैयालाल सेठिया की हैं। वे राजस्थानी के महान कवि थे और उनकी रचनाओं में सामाजिक व सांस्कृतिक भावनाएँ प्रकट होती हैं।