राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी) MCQ Questions with Answers

राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी) MCQ Practice Set | Exam Oriented Questions with Answers

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी) से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें दूध बावड़ी माउंट आबू (सिरोही), बाटाडू कुआं बाड़मेर, नौलखा बावड़ी डूंगरपुर, ख्वाजा की बावड़ी टोंक, उदय बावड़ी डूंगरपुर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान में जल स्थापत्य (तालाब एवं बावड़ी)
  • Last Updated:
  • Content Type: MCQ Practice Set
🔥 Latest Updated Questions for Exams

✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary – Rajasthan GK Faculty & Content Team (Since 2021)

1. दूध बावड़ी कहां स्थित है?

  • (A) रतनगढ़
  • (B) चित्तौड़गढ़
  • (C) माऊण्ट आबू
  • (D) लूणकरणसर

दूध बावड़ी माउंट आबू (सिरोही) में स्थित है। यह अधर देवी मंदिर के पास प्रसिद्ध बावड़ी है। इसे धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। राजस्थान की अन्य प्रसिद्ध बावड़ियों में अधर देवी की बावड़ी (बूंदी), नीमराणा की 9 मंजिला बावड़ी (अलवर) और त्रिमुखी बावड़ी (देबारी, उदयपुर) शामिल हैं।

2. प्रसिद्ध 'बाटाडू कुआं' राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  • (A) बाड़मेर
  • (B) जयपुर
  • (C) भरतपुर
  • (D) दौसा

बाटाडू कुआं बाड़मेर जिले में स्थित है। इसे रेगिस्तान का जलमहल भी कहा जाता है। यहाँ संगमरमर की विशाल गरुड़ प्रतिमा स्थापित है। इसका निर्माण रावल गुलाबसिंह ने करवाया और यह 1947 के अकाल राहत कार्यों से जुड़ा है। यह आसपास के कई गाँवों के लिए एकमात्र पेयजल स्रोत था।

3. दूध बावड़ी किस जिले में स्थित है?

  • (A) आमेर, जयपुर
  • (B) सिरोही
  • (C) बूंदी
  • (D) झालावाड़

दूध बावड़ी सिरोही जिले के माउंट आबू में स्थित है। यह अधर देवी मंदिर की तलहटी में बनी हुई है और अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है। पास ही उदयपुर का दूध तलाई तालाब भी उल्लेखनीय है।

4. रेगिस्तान का जलमहल किसे कहा जाता है?

  • (A) बाटाडू का कुआं, बाड़मेर
  • (B) महिला बाग झालरा, जोधपुर
  • (C) रानी जी की बावड़ी
  • (D) सरड़ा पानी की बावड़ी

बाटाडू का कुआं (बाड़मेर) को रेगिस्तान का जलमहल कहा जाता है। इसकी खूबसूरती और संगमरमर की गरुड़ प्रतिमा इसे विशेष बनाती है। इसके आकर्षक प्रवेश द्वार पर गाय की आकृति बनी हुई है। यह बाड़मेर के जलसंचय इतिहास का प्रमुख उदाहरण है।

Previous Year Question Papers

5. निम्नलिखित में से कौनसी (बावड़ी-स्थान) सुमेलित है?

  • (A) चांद बावड़ी - आभानेरी
  • (B) त्रिमुखी बावड़ी - चुरू
  • (C) नौलखा बावड़ी - जयपुर
  • (D) झालीबाब बावड़ी - सीकर

सही मेल है चांद बावड़ी - आभानेरी (दौसा)। इसे प्रतिहार राजा चांद ने 8वीं शताब्दी में बनवाया था। यह बावड़ी लगभग 3500 सीढ़ियोंवाली है और पास ही हर्षमाता का मंदिर भी स्थित है।अन्य विकल्प गलत हैं:

6. नौ मंजिला बावड़ी कहां है तथा उसका निर्माता कौन था?

  • (A) आभानेरी (दौसा), चांद राजा
  • (B) नीमराणा (अलवर), टोडरमल
  • (C) बूंदी, रानी नाथावती
  • (D) भाण्डारेज (दौसा), दीप सिंह

नीमराणा (अलवर) की बावड़ी 9 मंजिला है और इसका निर्माण टोडरमल ने करवाया था। यह स्थापत्य कला का अनूठा उदाहरण है। 29 दिसम्बर 2017 को इस बावड़ी पर ₹5 का डाक टिकट भी जारी किया गया। अन्य बावड़ियाँ – चांद बावड़ी (दौसा) प्रतिहार राजा चांद द्वारा, रानीजी की बावड़ी (बूंदी) रानी नत्थावती द्वारा तथा भाण्डारेज बावड़ी (दौसा) दीप सिंह द्वारा बनवाई गई थीं।

7. डूंगरपुर के निकट नौलख बावड़ी किसने बनवाई थी?

  • (A) नाथावती
  • (B) प्रेमल देवी
  • (C) रामरसदे
  • (D) किशोरी देवी

नौलखा बावड़ी डूंगरपुर के पास स्थित है, जिसे महारावल आसकरण की रानी प्रेमल देवी ने वि.सं. 1643 (1587 ई.) में बनवाया था। इसमें अंकित प्रशस्ति वागड़ क्षेत्र के चौहान इतिहास का ज्ञान कराती है। यह बावड़ी जल प्रबंधन और स्थापत्य कला दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है।

8. कथन (A) वर्षा जल संग्रहण जल संरक्षरण की एक प्रभावशील विधि है। कारण (R) पश्चिमी राजस्थान में परम्परागत जल संरक्षण की विधियां अभी भी प्रभावशील हैं।

  • (A) A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है।
  • (B) A और R दोनों सही हैं किन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
  • (C) A सही है R गलत
  • (D) A गलत है R सही है।

वर्षा जल संग्रहण वास्तव में जल संरक्षण की एक प्रभावी विधि है। राजस्थान में परंपरागत प्रणालियाँ जैसे नाड़ी, टांका, बावड़ी, टोबा, खड़ीन आदि लंबे समय तक उपयोगी रहीं। लेकिन आज बड़े बांधों और नदियों की परियोजनाओं के कारण ये विधियाँ उपेक्षित हो गई हैं। इसलिए A और R दोनों सही हैं, पर R सीधे A का स्पष्टीकरण नहीं है।

Today Deals

9. निम्नलिखित में से कौनसी राजस्थान में परम्परागत जल संरक्षण की विधि नहीं है?

  • (A) खड़ीन
  • (B) टांका
  • (C) टोबा
  • (D) नाली

राजस्थान में प्राचीन समय से खड़ीन, टांका, टोबा, कुई, तालाब, नाड़ी, जोहड़, पोखर, झालरा, बावड़ी जैसी पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियाँ रही हैं। इनमें से नाली पारंपरिक विधि नहीं है। विशेषकर खड़ीन पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा जैसलमेर में विकसित की गई थी और टांकाग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित हैं।

10. हाड़ी रानी की बावड़ी कहाँ स्थित है?

  • (A) टोडारायसिंह
  • (B) मालपुरा
  • (C) उनियारा
  • (D) पिपलु

हाड़ी रानी की बावड़ी टोडारायसिंह (टोंक) में स्थित है। इसका निर्माण टोडा नरेश राव रूपाल की पत्नी हाड़ी रानी (देवा हाड़ा की राजकुमारी) ने करवाया था। यह मध्यकालीन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है और आज भी ऐतिहासिक धरोहर के रूप में प्रसिद्ध है।

11. चाँद बावड़ी स्थित है?

  • (A) बैराठ (कोटपूतली-बहरोड़)
  • (B) नीमराना (कोटपूतली-बहरोड़)
  • (C) आभानेरी (दौसा)
  • (D) टोडारायसिंह (टोंक)

चाँद बावड़ी आभानेरी (दौसा) में स्थित है। इसका निर्माण प्रतिहार राजा चाँद ने 8वीं शताब्दी में करवाया था। यह बावड़ी लगभग 19.5 मीटर गहरी है और इसमें लगभग 3500 सीढ़ियाँ बनी हैं। पास ही प्रसिद्ध हर्षद माता का मंदिर भी स्थित है।

12. निम्न में से कौनसी बावड़ी जोधपुर में स्थित नहीं है?

  • (A) चाँद बावड़ी
  • (B) एंजन बावड़ी
  • (C) कांतन बावड़ी
  • (D) ख्वाजा बावड़ी

ख्वाजा की बावड़ी टोंक में स्थित है। जबकि एंजन बावड़ी, कांतन बावड़ी और अन्य प्रसिद्ध बावड़ियाँ जोधपुर जिले में मिलती हैं।

Rajputana Diary Rajasthan GK MCQ

13. उदय बावड़ी कहाँ स्थित है?

  • (A) डूंगरपुर
  • (B) बाँसवाड़ा
  • (C) उदयपुर
  • (D) चित्तौड़गढ़

उदय बावड़ी डूंगरपुर में स्थित है। इसका निर्माण महारावल उदयसिंह द्वारा करवाया गया था। यह बावड़ी जल प्रबंधन और स्थानीय स्थापत्य कला का सुंदर उदाहरण है।

14. निम्न में से असत्य कथन का चयन कीजिए-

  • (A) पन्ना मीणा की बावड़ी - जयपुर
  • (B) चाँद बावड़ी - जोधपुर
  • (C) नागर सागर कुण्ड - बूंदी
  • (D) खातन बावड़ी - उदयपुर

सही तथ्य यह है कि खातन बावड़ी चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है, न कि उदयपुर में। अन्य विकल्प सही हैं – पन्ना मीणा की बावड़ी जयपुर, चाँद बावड़ी दौसा (आभानेरी) और नागर सागर कुण्ड बूंदी में हैं।

15. बड़गाँव की बावड़ी कहाँ स्थित है?

  • (A) कोटा
  • (B) झालावाड़
  • (C) बूंदी
  • (D) बारां

बड़गाँव की बावड़ी कोटा जिले में स्थित है। यह क्षेत्रीय स्तर पर जल संरक्षण और स्थापत्य कला का प्रमुख उदाहरण मानी जाती है।

16. निम्न में सत्य है-

  • (A) नौलखा बावड़ी - डूंगरपुर
  • (B) दूध बावड़ी - उदयपुर
  • (C) पर्चा बावड़ी - बाड़मेर
  • (D) डाकणिया बावड़ी - अलवर

सही जोड़ी है नौलखा बावड़ी - डूंगरपुर। इसका निर्माण रानी प्रेमल देवी ने करवाया था। बाकी विकल्प गलत हैं – दूध बावड़ी माउंट आबू (सिरोही), पर्चा बावड़ी रूणेचा (जैसलमेर) तथा डाकणिया बावड़ी लवाण (दौसा) में स्थित हैं।

Rajputana Diary Rajasthan GK MCQ

17. निम्न में से जोधपुर जिले में स्थित नहीं है-

  • (A) तापी बावड़ी
  • (B) उदय बावड़ी
  • (C) हरबोला की बावड़ी
  • (D) सुगदा की बावड़ी

उदय बावड़ी डूंगरपुर में स्थित है, जिसका निर्माण महारावल उदयसिंह ने करवाया था। जबकि तापी, हरबोला और सुगदा की बावड़ीजोधपुर जिले की प्रसिद्ध बावड़ियाँ हैं।

18. बाई राज की बावड़ी किस स्थान पर स्थित है?

  • (A) बनेड़ा (भीलवाड़ा)
  • (B) नाडोल (पाली)
  • (C) ओसियां (जोधपुर)
  • (D) मांडलगढ़ (भीलवाड़ा)

बाई राज की बावड़ी बनेड़ा (भीलवाड़ा) में स्थित है। यह बावड़ी अपने स्थापत्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए जानी जाती है।

19. मेड़तणी की बावड़ी किस जगह पर स्थित है?

  • (A) जयपुर
  • (B) झुंझुनूं
  • (C) नागौर
  • (D) सीकर

मेड़तणी की बावड़ी झुंझुनूं जिले में स्थित है। यह स्थानीय जल संरक्षण परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

20. निम्न में से कौनसी बावड़ी बूंदी में स्थित है?

  • (A) काका जी की बावड़ी
  • (B) नागर सागर कुण्ड
  • (C) रानी जी की बावड़ी
  • (D) उपर्युक्त सभी

बूंदी को बावड़ियों का नगर कहा जाता है। यहाँ पर काका जी की बावड़ी, नागर सागर कुण्ड और रानी जी की बावड़ी सभी स्थित हैं। इसलिए सही उत्तर उपर्युक्त सभी है।

21. निम्न में से जोधपुर में कौनसी बावड़ी स्थित है?

  • (A) भिका जी की बावड़ी
  • (B) झालरा बावड़ी
  • (C) हरबोला की बावड़ी
  • (D) फूल बावड़ी

हरबोला की बावड़ी जोधपुर में स्थित है। जबकि भिका जी की बावड़ी अजमेर में, झालरा बावड़ी सीकर में और फूल की बावड़ी (छोटी खाटू) डीडवाना-कुचामन जिले में स्थित है।

22. निम्न में से झुंझुनूं जिले में कौनसी बावड़ी स्थित नहीं है?

  • (A) खेतानों की बावड़ी
  • (B) चेतनदास की बावड़ी
  • (C) मेड़तणी की बावड़ी
  • (D) झालरा बावड़ी

झालरा बावड़ी सीकर में स्थित है, न कि झुंझुनूं में। जबकि खेतानों की बावड़ी, चेतनदास की बावड़ी और मेड़तणी की बावड़ी सभी झुंझुनूं जिले की प्रसिद्ध बावड़ियाँ हैं।

23. उम्मेदसिंह ने 1858 ई. में अपनी गणिका के नाम से कौनसी बावड़ी का निर्माण करवाया?

  • (A) चमना बावड़ी
  • (B) चाँद बावड़ी
  • (C) फूल बावड़ी
  • (D) चौखी बावड़ी

उम्मेदसिंह ने 1858 ई. में चमना बावड़ी का निर्माण अपनी गणिका के नाम से करवाया। यह ऐतिहासिक दृष्टि से अद्वितीय है और उस काल की सामाजिक व सांस्कृतिक स्थिति को दर्शाती है।

24. निम्न में से भीलवाड़ा जिले में कौनसी बावड़ी स्थित नहीं है?

  • (A) चमना बावड़ी
  • (B) चौखी बावड़ी
  • (C) बड़ी बावड़ी
  • (D) बाई राज की बावड़ी

बड़ी बावड़ी भाण्डारेज (दौसा) में स्थित है। जबकि चमना बावड़ी, चौखी बावड़ी और बाई राज की बावड़ी भीलवाड़ा जिले से संबंधित हैं।

Rajputana Diary Mahal aur Place MCQ

25. रानी प्रिमल देवी द्वारा निर्मित बावड़ी है?

  • (A) रानी जी की बावड़ी
  • (B) नौलखा बावड़ी
  • (C) घोसुण्डा बावड़ी
  • (D) चाँद बावड़ी

नौलखा बावड़ी डूंगरपुर में स्थित है। इसका निर्माण महारावल आसकरण की रानी प्रिमल देवी द्वारा वि.सं. 1643 में करवाया गया था। यह वागड़ क्षेत्र की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर है।

26. 29 दिसम्बर 2017 को जारी डाकटिकटों के अनुसार राजस्थान की निम्न में से किस बावड़ी पर 15 रुपये का डाकटिकट जारी किया गया था?

  • (A) रानी जी की बावड़ी
  • (B) पन्ना मीणा की बावड़ी
  • (C) नागर सागर कुण्ड
  • (D) चाँद बावड़ी

दिसम्बर 2017 में राजस्थान की 6 बावड़ियों पर डाक टिकट जारी हुए थे। इनमें नीमराणा की बावड़ी और नागर सागर कुण्ड (बूंदी) पर 15-15 रुपये, जबकि तूरजी का झालरा पर 5 रुपये का डाक टिकट जारी किया गया। इसके अलावा रानी जी की बावड़ी, पन्ना मीणा की बावड़ी और चाँद बावड़ी पर भी टिकट जारी किए गए।

27. काकाजी की बावड़ी कहाँ स्थित है?

  • (A) बूंदी
  • (B) दौसा
  • (C) पाली
  • (D) जयपुर

काकाजी की बावड़ी बूंदी में स्थित है। बूंदी को बावड़ियों का नगर कहा जाता है क्योंकि यहाँ पर रानी जी की बावड़ी, नागर सागर कुण्ड और अन्य ऐतिहासिक बावड़ियाँ भी मौजूद हैं।

28. तूर जी का झालरा' नामक बावड़ी किस जिले में स्थित है?

  • (A) नागौर
  • (B) बीकानेर
  • (C) अजमेर
  • (D) जोधपुर

तूर जी का झालरा जोधपुर में स्थित है। इसका निर्माण महाराजा अभयसिंह की रानी तूर कंवर ने 1748 ई. में करवाया। इस पर 29 दिसम्बर 2017 को 5 रुपये का डाक टिकट भी जारी किया गया।

Rajasthan GK Previous Year Questions

29. रेगिस्तान के जलमहल के नाम से प्रसिद्ध 'बाटाडू का कुआँ' किस स्थान पर स्थित है?

  • (A) तनोट (जैसलमेर)
  • (B) बायतु (बाड़मेर)
  • (C) गजनेर (बीकानेर)
  • (D) ओसियां (जोधपुर)

बाटाडू का कुआँ बायतु (बाड़मेर) में स्थित है। इसका निर्माण रावल गुलाब सिंह ने करवाया था। यह संगमरमर की कला से निर्मित है और रेगिस्तान का जलमहल कहलाता है।

30. निम्न में से खेतानों की बावड़ी किस जिले में स्थित है?

  • (A) बीकानेर
  • (B) सीकर
  • (C) झुंझुनूं
  • (D) चुरू

खेतानों की बावड़ी झुंझुनूं जिले में स्थित है। यह जिले की ऐतिहासिक एवं स्थापत्य धरोहरों में से एक है और स्थानीय जल संरक्षण प्रणाली का उत्तम उदाहरण है।

31. निम्न में से असत्य कथन की पहचान कीजिए-

  • (A) दूध बावड़ी माउंट आबू में स्थित है।
  • (B) कांतन बावड़ी ओसियां में स्थित है।
  • (C) एंजन बावड़ी जोधपुर में स्थित है।
  • (D) हाड़ी रानी की बावड़ी गागरोन में स्थित है।

हाड़ी रानी की बावड़ी टोडारायसिंह (टोंक) में स्थित है, न कि गागरोन में। यहाँ पर प्रसिद्ध फिल्म पहेली की शूटिंग भी हुई थी।

32. अनारकली की बावड़ी का निर्माण किसने करवाया-

  • (A) प्रिमल देवी
  • (B) अनारकली
  • (C) भावल देवी
  • (D) नाथावत

अनारकली की बावड़ी छत्रपुरा (बूंदी) में स्थित है। इसका निर्माण रानी नाथावत की दासी अनारकली ने करवाया था। यह उस समय की सामाजिक और स्थापत्य परंपराओं को दर्शाती है।

Rajasthan GK Test Series

33. निम्न में से किस बावड़ी का निर्माण डूंगरपुर के महारावल उदयसिंह ने करवाया था?

  • (A) शाही बावड़ी
  • (B) घोसुण्डा बावड़ी
  • (C) काकाजी की बावड़ी
  • (D) उदय बावड़ी

उदय बावड़ी डूंगरपुर में स्थित है। इसका निर्माण महारावल उदयसिंह ने करवाया था। यह वागड़ क्षेत्र की महत्वपूर्ण धरोहर है।

34. राजस्थान की कौनसी बावड़ी, बावड़ियों का सिरमौर कहलाती है?

  • (A) नौलखा बावड़ी
  • (B) चाँद बावड़ी
  • (C) रानी जी की बावड़ी
  • (D) घोसुण्डा बावड़ी

रानी जी की बावड़ी बूंदी में स्थित है। इसे 1699 ई. में राव राजा अनिरुद्ध की विधवा रानी लाडकँवर नाथावत ने बनवाया था। इसे स्थापत्य की भव्यता के कारण बावड़ियों का सिरमौर कहा जाता है।

35. चाँद बावड़ी कहाँ स्थित है?

  • (A) आमेर
  • (B) सीकर
  • (C) आभानेरी
  • (D) भानगढ़

चाँद बावड़ी आभानेरी (दौसा) में स्थित है। इसे 8वीं शताब्दी में गुर्जर प्रतिहार शासक चाँद ने बनवाया था। यह 19.5 मीटर गहरी है और इसमें लगभग 3500 सीढ़ियाँ हैं। पास ही हर्षद माता का मंदिर भी है।

36. पन्ना मीना का कुंड स्थित है-

  • (A) उदयपुर
  • (B) नाथद्वारा
  • (C) जयपुर
  • (D) जैसलमेर

पन्ना मीना का कुंड जयपुर (आमेर, जयगढ़ के पास) में स्थित है। यह एक प्रसिद्ध सीढ़ीदार कुंड है और 29 दिसम्बर 2017 को इस पर 5 रुपये का डाक टिकट जारी किया गया था।

Rajputana Diary MCQ App

37. चाँद बावड़ी राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  • (A) अलवर
  • (B) दौसा
  • (C) जयपुर
  • (D) टोंक

चाँद बावड़ी आभानेरी, बांदीकुई (दौसा) जिले में स्थित है। इसे 8वीं शताब्दी में प्रतिहार राजा चाँद ने बनवाया था। यह 13 मंजिला, लगभग 100 फीट गहरी बावड़ी है, जिसे अंधेरे-उजाले की बावड़ी भी कहते हैं।

38. ‘आभानेरी’ बावड़ी की अवस्थिती, निम्न में से किस जिले में है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) दौसा
  • (C) बूंदी
  • (D) सीकर

आभानेरी बावड़ी (चाँद बावड़ी) दौसा जिले में है। यह लगभग 100 फीट गहरी और 3500 सीढ़ियों वाली बावड़ी है। इसे गुर्जर प्रतिहार शासक राजा चाँद ने बनवाया था। सामने हर्षमाता मंदिर स्थित है और यह महामारू शैली में निर्मित है।

39. बूंदी में स्थित "रानी जी की बावड़ी" का निर्माण किसने करवाया?

  • (A) रानी पद्मिनी
  • (B) रानी नाथावती
  • (C) रानी विजया देवी
  • (D) रानी गायत्री

रानी जी की बावड़ी बूंदी में स्थित है। इसे 1699 ई. में राव राजा अनिरुद्ध की विधवा रानी नाथावत लाडकँवर ने बनवाया था। इसे बावड़ियों का सिरमौर कहा जाता है और इस पर 29 दिसम्बर 2017 को 5 रुपये का डाक टिकट जारी किया गया।

40. रानी जी की बावड़ी का निर्माण किसके द्वारा कराया गया था?

  • (A) हाड़ी रानी द्वारा 1680 ई. में राव अनिरुद्ध सिंह के काल में
  • (B) भीमसिंह द्वारा 1705 ई. में राव बुद्धसिंह के काल में
  • (C) लाड़ कंवरों द्वारा 1708 ई. में राम सिंह के काल में
  • (D) लाड़ कंवरों द्वारा 1700 ई. में बुद्धसिंह के काल में

रानी जी की बावड़ी, बूंदी में स्थित है। इसे 1699 ई. में राव राजा अनिरुद्ध की विधवा रानी लाड़कँवर नाथावत जी ने अपने पुत्र बुद्धसिंह के काल में बनवाया था। इसे बावड़ियों का सिरमौर कहा जाता है।

41. राजस्थान के किस जिले में 'रानी जी की बावड़ी' स्थित है?

  • (A) कोटा
  • (B) बूंदी
  • (C) झालावाड़
  • (D) बारां

रानी जी की बावड़ी बूंदी जिले में स्थित है। इसे 1699 ई. में राव राजा अनिरुद्ध की विधवा रानी नाथावत ने बनवाया था। बूंदी को बावड़ियों का शहर और छोटी काशी भी कहा जाता है।

42. राजस्थान का कौन सा शहर 'बावड़ियों का शहर' कहा जाता है?

  • (A) बूंदी
  • (B) बाड़मेर
  • (C) कोटा
  • (D) टोंक

बूंदी को बावड़ियों का शहर कहा जाता है। यहाँ की प्रसिद्ध बावड़ियाँ हैं – रानी जी की बावड़ी, नागर सागर कुण्ड, काकाजी की बावड़ी, अनारकली की बावड़ी और भावल देवी की बावड़ी।

43. सेठानी का जोहड़ा कहाँ स्थित है?

  • (A) चुरू
  • (B) सीकर
  • (C) जयपुर
  • (D) झुंझुनूं

सेठानी का जोहड़ा चुरू जिले में स्थित है। यह पारंपरिक जल संरचना है और स्थानीय जल संरक्षण का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।

44. राजस्थान में सर्वाधिक बावड़ियाँ किन जिलों में स्थित हैं?

  • (A) बूंदी व अलवर
  • (B) जोधपुर व जालौर
  • (C) जयपुर व भरतपुर
  • (D) जोधपुर व नागौर

राजस्थान में सबसे अधिक बावड़ियाँ जोधपुर और जालौर जिलों में पाई जाती हैं। यहाँ लगभग 700-800 बावड़ियाँ दर्ज की गई हैं।

Rajasthan GK MCQ Online Test Series

45. चाँद बावड़ी में कितनी सीढ़ियाँ बनी हुई हैं?

  • (A) 2500
  • (B) 4500
  • (C) 4000
  • (D) 3500

चाँद बावड़ी आभानेरी (दौसा) में स्थित है और इसमें लगभग 3500 सीढ़ियाँ बनी हैं। यह लगभग 19.5 मीटर गहरी और स्थापत्य कला का अद्वितीय उदाहरण है।

46. प्रसिद्ध रानी जी की बावड़ी किस जिले में स्थित है?

  • (A) दौसा
  • (B) बूंदी
  • (C) अलवर
  • (D) टोंक

रानी जी की बावड़ी बूंदी जिले में स्थित है। इसका निर्माण राव राजा अनिरुद्ध सिंह की विधवा रानी नाथावत लाडकँवर ने 1699 ई. में अपने पुत्र बुद्धसिंह के शासनकाल में करवाया था। इसे बावड़ियों का सिरमौर कहा जाता है।

47. लम्बी बावड़ी कहाँ स्थित है?

  • (A) धौलपुर
  • (B) करौली
  • (C) अलवर
  • (D) कोटा

लम्बी बावड़ी धौलपुर जिले में स्थित है। यह जल संरचना स्थापत्य कला और जल संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है।

48. राजस्थान में बावड़ियों का शहर किसे कहा जाता है?

  • (A) अलवर
  • (B) जयपुर
  • (C) बूंदी
  • (D) भरतपुर

बूंदी को बावड़ियों का शहर कहा जाता है। यहाँ पर रानी जी की बावड़ी, नागर सागर कुण्ड, काकाजी की बावड़ी, अनारकली की बावड़ी जैसी प्रमुख बावड़ियाँ स्थित हैं।

Rajputana Diary test series and mcq

49. निम्न में से दूध बावड़ी कहाँ स्थित है?

  • (A) नाडोल
  • (B) ओसियां
  • (C) रूणिचा
  • (D) माउंट आबू

दूध बावड़ी माउंट आबू (सिरोही) में अधर देवी मंदिर की तलहटी में स्थित है। इस बावड़ी का पानी देखने में दूध जैसा सफेद दिखाई देता है, इसलिए इसे दूध बावड़ी कहा जाता है।

50. निम्न में से कौनसा कथन सत्य है-

  • (A) झालरा बावड़ी सीकर में स्थित है।
  • (B) फूल बावड़ी छोटी खाटू (डीडवाना-कुचामन) में स्थित है।
  • (C) तापी बावड़ी नागौर में स्थित है।
  • (D) कथन 1 व 2 दोनों सत्य हैं।

झालरा बावड़ी सीकर में स्थित है और फूल बावड़ी छोटी खाटू (डीडवाना-कुचामन) में स्थित है। जबकि तापी बावड़ी जोधपुर में है, नागौर में नहीं। इसलिए सही उत्तर कथन 1 और 2 दोनों है।

51. राजस्थान की सबसे गहरी व कलात्मक बावड़ी कौनसी है?

  • (A) त्रिमुखी बावड़ी
  • (B) चाँद बावड़ी
  • (C) नौलखा बावड़ी
  • (D) घोसुण्डा बावड़ी

चाँद बावड़ी आभानेरी (दौसा) में स्थित है। इसका निर्माण प्रतिहार राजा चाँद ने 8वीं शताब्दी में करवाया था। यह लगभग 19.5 मीटर गहरीऔर 3500 सीढ़ियों वाली है। इसे राजस्थान की सबसे गहरी और कलात्मक बावड़ी माना जाता है।

52. दूध बावड़ी राजस्थान के किस मंदिर के पास स्थित है?

  • (A) हर्षद माता मंदिर
  • (B) अधर देवी मंदिर
  • (C) शीतला माता मंदिर
  • (D) चारभुजा मंदिर

दूध बावड़ी माउंट आबू (सिरोही) में स्थित है और यह अधर देवी मंदिर के पास स्थित है। कहा जाता है कि इस बावड़ी का जल दूध के समान श्वेत दिखाई देता है, इसलिए इसे दूध बावड़ी कहा जाता है। यह बावड़ी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और तीर्थयात्री अधर देवी मंदिर दर्शन के बाद यहाँ स्नान या जल ग्रहण करते हैं।

Previous Year Question Papers

53. अधर देवी की बावड़ी (अन्य प्रसिद्ध बावड़ी) राजस्थान के किस जिले/स्थान से संबंधित है?

  • (A) सिरोही
  • (B) अलवर
  • (C) बूंदी
  • (D) उदयपुर

बूंदी राजस्थान का वह नगर है जिसे बावड़ियों का नगर कहा जाता है। यहाँ अनेक ऐतिहासिक बावड़ियाँ हैं जिनमें अधर देवी की बावड़ी भी प्रसिद्ध है। बूंदी की स्थापत्य कला में बनी ये बावड़ियाँ जल संरक्षण और वास्तुकला दोनों का सुंदर उदाहरण हैं, जो राजस्थानी संस्कृति और जल प्रबंधन की परंपरा को दर्शाती हैं।

54. त्रिमुखी बावड़ी राजस्थान में कहाँ स्थित है?

  • (A) कुंभलगढ़
  • (B) ओसियां
  • (C) देबारी (उदयपुर)
  • (D) नीमराणा

त्रिमुखी बावड़ी देबारी (उदयपुर) में स्थित है। इसका नाम त्रिमुखी इसलिए पड़ा क्योंकि इसमें तीन दिशाओं में उतरने के मार्ग हैं। यह बावड़ी राजस्थानी स्थापत्य कला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है और इसे स्थानीय लोगों द्वारा जल संग्रहण एवं पूजा-अर्चना के लिए उपयोग किया जाता था।

55. बाटाडू का कुआँ, जिसका निर्माण रावल गुलाबसिंह ने करवाया था, किस अकाल राहत कार्यों से जुड़ा हुआ है?

  • (A) 1934
  • (B) 1947
  • (C) 1950
  • (D) 1928

बाटाडू का कुआँ का निर्माण रावल गुलाबसिंह ने करवाया था और यह 1947 के अकाल राहत कार्यों से जुड़ा हुआ है। उस समय क्षेत्र में भयंकर अकाल पड़ा था, और इस कुएँ के निर्माण से स्थानीय लोगों को न केवल रोजगार मिला बल्कि जल की समस्या से भी राहत मिली।

56. बाटाडू कुआँ का निर्माण किस शासक ने करवाया था?

  • (A) राव राजा अनिरुद्ध
  • (B) महारावल आसकरण
  • (C) टोडरमल
  • (D) रावल गुलाबसिंह

बाटाडू कुआँ का निर्माण रावल गुलाबसिंह द्वारा करवाया गया था। उन्होंने इसे जनकल्याण और जल संकट निवारण के उद्देश्य से बनवाया। इस कुएँ को राजस्थान की पारंपरिक जल संरचनाओं में गिना जाता है, जो शिल्पकला और उपयोगिता दोनों में उत्कृष्ट है।

Today Deals

57. बाटाडू कुआँ में किसकी विशाल प्रतिमा स्थापित है?

  • (A) नंदी (बैल)
  • (B) हनुमान
  • (C) संगमरमर की विशाल गरुड़ प्रतिमा
  • (D) महारावल गुलाबसिंह की प्रतिमा

बाटाडू कुआँ में संगमरमर की विशाल गरुड़ प्रतिमा स्थापित है। गरुड़ भगवान विष्णु के वाहन माने जाते हैं, इसलिए इस कुएँ का धार्मिक महत्व भी है। इस प्रतिमा का आकार और सुंदरता इसे वास्तुकला का अद्भुत नमूना बनाती है। यह प्रतिमा न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है बल्कि राजस्थानी पत्थरकला की श्रेष्ठता को भी दर्शाती है।

58. बाटाडू कुआँ के आकर्षक प्रवेश द्वार पर किसकी आकृति बनी हुई है?

  • (A) घोड़े की
  • (B) शेर की
  • (C) हाथी की
  • (D) गाय की

बाटाडू कुआँ अपने सुंदर और कलात्मक प्रवेश द्वार के लिए प्रसिद्ध है, जहाँ गाय की आकृति बनी हुई है। गाय भारतीय संस्कृति में पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। यह आकृति उस समय की राजस्थानी पत्थरकला और धार्मिक भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।

59. त्रिमुखी बावड़ी का निर्माण किसके द्वारा करवाया गया था?

  • (A) राव राजा अनिरुद्ध
  • (B) राजा चाँद
  • (C) टोडरमल
  • (D) राजसिंह

त्रिमुखी बावड़ी का निर्माण राजा राजसिंह द्वारा देबारी (उदयपुर) में करवाया गया था। इसका नाम त्रिमुखी इसलिए रखा गया क्योंकि इसमें तीन दिशाओं में सीढ़ियाँ उतरती हैं। यह बावड़ी राजपूताना स्थापत्य शैली का अद्भुत उदाहरण है और जल संरक्षण के साथ-साथ धार्मिक उपयोग के लिए भी प्रसिद्ध रही है।

60. झालीबाब बावड़ी राजस्थान के किस क्षेत्र में स्थित है?

  • (A) आभानेरी
  • (B) कुंभलगढ़ क्षेत्र
  • (C) भाण्डारेज
  • (D) ओसियां

झालीबाब बावड़ी कुंभलगढ़ क्षेत्र में स्थित है। यह बावड़ी अपनी अनूठी संरचना और ऐतिहासिक महत्त्व के कारण जानी जाती है। कुंभलगढ़ क्षेत्र में स्थित कई बावड़ियाँ न केवल जल स्रोत के रूप में बल्कि स्थापत्य कला के उदाहरण के रूप में भी प्रसिद्ध हैं।

61. नीमराणा की 9 मंजिला बावड़ी पर ₹5 का डाक टिकट कब जारी किया गया था?

  • (A) 29 दिसम्बर 2017
  • (B) 15 अगस्त 1947
  • (C) 26 जनवरी 1950
  • (D) 1 जनवरी 2017

नीमराणा (अलवर) की 9 मंजिला बावड़ी राजस्थान की सबसे सुंदर बावड़ियों में से एक है। इसके ऐतिहासिक और स्थापत्य महत्त्व को ध्यान में रखते हुए 29 दिसम्बर 2017 को इस पर ₹5 का डाक टिकट जारी किया गया। यह बावड़ी राजस्थानी जल स्थापत्य का अद्भुत नमूना मानी जाती है।

62. भाण्डारेज बावड़ी (दौसा) का निर्माण किसने करवाया था?

  • (A) टोडरमल
  • (B) दीप सिंह
  • (C) चाँद राजा
  • (D) राव रूपाल

भाण्डारेज बावड़ी दौसा जिले में स्थित है, का निर्माण दीप सिंह ने करवाया था। यह बावड़ी स्थापत्य कला की दृष्टि से अत्यंत सुंदर है और आज भी स्थानीय जल संग्रहण प्रणाली में उपयोगी मानी जाती है। इसका निर्माण उस समय के जल संरक्षण के उत्कृष्ट ज्ञान को दर्शाता है।

63. नौलखा बावड़ी का निर्माण डूंगरपुर में किस वर्ष (ई.वी.) में करवाया गया था?

  • (A) 1587 ई.
  • (B) 1643 ई.
  • (C) 1699 ई.
  • (D) 1748 ई.

नौलखा बावड़ी डूंगरपुर का निर्माण महारावल आसकरण की रानी प्रेमल देवी ने वि.सं. 1643 (1587 ई.) में करवाया था। यह बावड़ी डूंगरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है। इसकी बनावट राजस्थानी स्थापत्य शैली पर आधारित है और यह जल संचयन के साथ-साथ धार्मिक महत्त्व भी रखती है।

64. नौलखा बावड़ी में अंकित प्रशस्ति किस क्षेत्र के चौहान इतिहास का ज्ञान कराती है?

  • (A) मेवाड़
  • (B) मारवाड़
  • (C) वागड़
  • (D) ढूंढाड़

नौलखा बावड़ी में अंकित प्रशस्ति वागड़ क्षेत्र के चौहान इतिहास की जानकारी देती है। यह लेख उस समय के शासकों, स्थापत्य कार्यों और स्थानीय इतिहास पर प्रकाश डालता है। इस प्रशस्ति से वागड़ के राजवंशों और उनकी सांस्कृतिक विरासत का भी पता चलता है।

Rajputana Diary Rajasthan GK MCQ

65. बड़े बांधों और नदियों की परियोजनाओं के कारण राजस्थान की कौनसी जल संरक्षण विधियाँ उपेक्षित हो गई हैं?

  • (A) नहरें
  • (B) परंपरागत प्रणालियाँ जैसे नाड़ी, टाँका, बावड़ी
  • (C) लिफ्ट परियोजनाएँ
  • (D) सिंचाई प्रणालियाँ

राजस्थान में पहले नाड़ी, टाँका, बावड़ी, टोबा और खड़ीन जैसी परंपरागत जल संरक्षण प्रणालियाँ प्रचलित थीं। लेकिन बड़े बांधों और नदी परियोजनाओं के आने के बाद ये प्रणालियाँ उपेक्षित हो गईं। ये पारंपरिक विधियाँ पर्यावरण के अनुकूल थीं और स्थानीय जरूरतों को पूरा करती थीं।

66. निम्नलिखित में से कौनसा जल संरक्षण की पारंपरिक प्रणाली नहीं है?

  • (A) टाँका
  • (B) खड़ीन
  • (C) जोहड़
  • (D) नाली

टाँका, खड़ीन, जोहड़, बावड़ी, तालाब आदि पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियाँ हैं जो राजस्थान में सदियों से प्रचलित हैं। लेकिन नालीआधुनिक जल निकासी प्रणाली है, जिसे जल संग्रहण के लिए नहीं, बल्कि जल निकास के लिए उपयोग किया जाता है। इसलिए यह पारंपरिक प्रणाली नहीं मानी जाती।

67. खड़ीन जल संरक्षण प्रणाली विशेषकर किसके द्वारा जैसलमेर में विकसित की गई थी?

  • (A) चौहानों द्वारा
  • (B) हाड़ा राजाओं द्वारा
  • (C) पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा
  • (D) भीलों द्वारा

खड़ीन प्रणाली राजस्थान के जैसलमेर क्षेत्र में पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा विकसित की गई थी। यह जल संचयन की एक उत्कृष्ट तकनीक है, जिसमें वर्षा का पानी खेतों में रोककर मिट्टी में समाया जाता है। इस विधि से खेती योग्य भूमि में नमी बनी रहती है और सूखे क्षेत्रों में फसल उगाने में सहायता मिलती है।

68. हाड़ी रानी की बावड़ी, टोडारायसिंह (टोंक) में, किसने बनवाई थी?

  • (A) रानी नाथावती
  • (B) रानी प्रेमल देवी
  • (C) टोडा नरेश राव रूपाल की पत्नी (हाड़ी रानी)
  • (D) अनारकली दासी

हाड़ी रानी की बावड़ी का निर्माण टोडा नरेश राव रूपाल की पत्नी हाड़ी रानी द्वारा करवाया गया था, जो देवा हाड़ा की राजकुमारी थीं। यह बावड़ी टोंक जिले के टोडारायसिंह में स्थित है। यह स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है और हाड़ी रानी के बलिदान और साहस की याद दिलाती है, जिन्होंने देशभक्ति की मिसाल पेश की थी।

Rajputana Diary Rajasthan GK MCQ

69. चाँद बावड़ी का निर्माण प्रतिहार राजा चाँद ने किस शताब्दी में करवाया था?

  • (A) 12वीं शताब्दी
  • (B) 8वीं शताब्दी
  • (C) 10वीं शताब्दी
  • (D) 15वीं शताब्दी

चाँद बावड़ी का निर्माण प्रतिहार राजा चाँद ने 8वीं शताब्दी में करवाया था। यह बावड़ी आभानेरी (दौसा) में स्थित है और भारत की सबसे बड़ी तथा गहरी बावड़ियों में से एक मानी जाती है। इसके चारों ओर लगभग 3500 सीढ़ियाँ हैं, जो इसे स्थापत्य दृष्टि से अत्यंत आकर्षक बनाती हैं।

70. ख्वाजा बावड़ी राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) दौसा
  • (C) टोंक
  • (D) भीलवाड़ा

ख्वाजा बावड़ी टोंक जिले में स्थित है। यह बावड़ी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और इसका नाम ख्वाजा सूफी परंपरा से जुड़ा है। टोंक में यह बावड़ी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से विशेष महत्त्व रखती है।

71. निम्नलिखित में से कौनसी बावड़ी जोधपुर जिले में स्थित है?

  • (A) ख्वाजा बावड़ी
  • (B) उदय बावड़ी
  • (C) एंजन बावड़ी
  • (D) बड़गाँव की बावड़ी

एंजन बावड़ी जोधपुर जिले में स्थित है। यह और कांतन बावड़ी दोनों ही जोधपुर की प्रमुख बावड़ियाँ हैं, जो जल संरक्षण और वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं। जबकि ख्वाजा बावड़ी टोंक में स्थित है।

72. उदय बावड़ी का निर्माण किस शासक ने करवाया था?

  • (A) राव रूपाल
  • (B) महारावल उदयसिंह
  • (C) राव राजा अनिरुद्ध
  • (D) टोडरमल

उदय बावड़ी का निर्माण महारावल उदयसिंह द्वारा डूंगरपुर में करवाया गया था। यह बावड़ी स्थानीय निवासियों के लिए जल स्रोत के रूप में उपयोग की जाती थी। इसकी संरचना राजस्थानी स्थापत्य शैली का सुंदर उदाहरण है और यह डूंगरपुर की ऐतिहासिक धरोहरों में से एक है।

Rajputana Diary Mahal aur Place MCQ

73. पन्ना मीणा की बावड़ी राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) दौसा
  • (C) बूंदी
  • (D) जयपुर

पन्ना मीणा की बावड़ी जयपुर के आमेर क्षेत्र में स्थित है। यह बावड़ी अपनी समानांतर सीढ़ियों और जल स्तर के संतुलन के लिए प्रसिद्ध है। इसे स्थानीय लोग पन्ना मीणा का कुंड भी कहते हैं और यह आज एक प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।

74. खातन बावड़ी राजस्थान के किस दुर्ग में स्थित है?

  • (A) जयगढ़ दुर्ग
  • (B) चित्तौड़गढ़ दुर्ग
  • (C) कुंभलगढ़ दुर्ग
  • (D) गागरोन दुर्ग

खाटन बावड़ी चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है। यह दुर्ग के अंदर स्थित ऐतिहासिक बावड़ियों में से एक है, जो जल संरक्षण और सुरक्षा के लिए बनाई गई थी। चित्तौड़गढ़ दुर्ग की ये बावड़ियाँ राजपूत काल की वास्तुकला और जल प्रबंधन प्रणाली का श्रेष्ठ उदाहरण हैं।

75. बड़गाँव की बावड़ी राजस्थान के किस जिले में स्थित है?

  • (A) बूंदी
  • (B) झालावाड़
  • (C) कोटा
  • (D) बारां

बड़गाँव की बावड़ी कोटा जिले में स्थित है। यह प्राचीन जल संरचना अपने गहरे जलकुंड और सीढ़ियों के सुंदर डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है। कोटा क्षेत्र में यह बावड़ी स्थानीय लोगों के लिए पेयजल स्रोत रही है और इसका ऐतिहासिक महत्व भी है।

76. पर्चा बावड़ी राजस्थान में कहाँ स्थित है?

  • (A) नाडोल
  • (B) रूणेचा (जैसलमेर)
  • (C) बाड़मेर
  • (D) लवाण (दौसा)

पर्चा बावड़ी रूणेचा (जैसलमेर) में स्थित है। यह स्थान बाबा रामदेवजी से जुड़ा होने के कारण अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस बावड़ी का उपयोग पहले तीर्थयात्रियों द्वारा स्नान और जल ग्रहण के लिए किया जाता था, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

Rajasthan GK Previous Year Questions

77. डाकणिया बावड़ी राजस्थान में कहाँ स्थित है?

  • (A) अलवर
  • (B) लवाण (दौसा)
  • (C) बूंदी
  • (D) टोंक

डाकणिया बावड़ी लवाण (दौसा) में स्थित है। यह ऐतिहासिक बावड़ी अपने स्थापत्य सौंदर्य और जल संचयन की दृष्टि से प्रसिद्ध है। दौसा जिले की बावड़ियाँ राजस्थान की पारंपरिक जल संरक्षण प्रणाली का प्रतीक हैं, जो आज भी स्थानीय संस्कृति का हिस्सा बनी हुई हैं।

78. निम्नलिखित में से कौनसी बावड़ी जोधपुर में स्थित है?

  • (A) उदय बावड़ी
  • (B) बाई राज की बावड़ी
  • (C) सुगदा की बावड़ी
  • (D) चमना बावड़ी

सुगदा की बावड़ी जोधपुर जिले की एक प्रसिद्ध बावड़ी है। यह स्थान अपनी ऐतिहासिक संरचनाओं और पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों के लिए जाना जाता है। जोधपुर में कई बावड़ियाँ थीं जो लोगों के दैनिक जल उपयोग का प्रमुख स्रोत रही हैं। सुगदा की बावड़ी आज भी राजस्थान की प्राचीन स्थापत्य कला का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है।

79. बाई राज की बावड़ी राजस्थान के किस स्थान पर स्थित है?

  • (A) नाडोल
  • (B) बनेड़ा (भीलवाड़ा)
  • (C) मांडलगढ़
  • (D) ओसियां

बाई राज की बावड़ी बनेड़ा (भीलवाड़ा) में स्थित है। यह बावड़ी भीलवाड़ा जिले की प्रमुख ऐतिहासिक बावड़ियों में से एक है। पुराने समय में यह बावड़ी न केवल जल स्रोत के रूप में बल्कि लोगों के मिलने-जुलने का भी प्रमुख स्थान थी। आज भी यह राजस्थान की प्राचीन जल संरचनाओं की समृद्ध परंपरा को दर्शाती है।

80. मेड़तणी की बावड़ी किस जिले में स्थित है?

  • (A) सीकर
  • (B) चुरू
  • (C) झुंझुनूं
  • (D) नागौर

मेड़तणी की बावड़ी झुंझुनूं जिले में स्थित है। यह बावड़ी राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में पारंपरिक जल संचयन तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है। झुंझुनूं की इस बावड़ी ने लंबे समय तक स्थानीय निवासियों की जल आवश्यकता पूरी की। आज भी यह क्षेत्र की स्थापत्य कला और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है।

❓ Question / Doubt / Correction?

Agar aapko kisi MCQ me doubt, correction ya suggestion lagta hai, to please is post ke comment section ki jagah humare YouTube channel par dedicated discussion video ke comment box me post link ke sath comment karein.

📝 Comment karne ka format:
• MCQ Post ka link
• Question number
• Short doubt / correction



👉 Official Discussion Video:
Rajputana Diary YouTube Channel
Mukesh Khunga

About the Author

Mukesh Khunga

Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...

📲 Telegram 💬 WhatsApp
Scroll to Top