राजस्थान मे मराठा हस्तक्षेप एव उसका प्रभाव MCQ in Hindi | Questions, Answers and Explanation
इस पोस्ट में राजस्थान का इतिहास के टॉपिक
राजस्थान मे मराठा हस्तक्षेप एव उसका प्रभाव से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
MCQ
प्रश्न दिए गए हैं।
ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न
RPSC,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
शामिल हैं।
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Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
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1. बगरू के युद्ध के संबंध में असत्य कथन है-
A
इस युद्ध में जवाहर सिंह ने ईश्वरी सिंह का साथ दिया।
B
ईश्वरी सिंह ने माधोसिंह को 5 परगने देने का वादा किया।
C
उम्मेद सिंह को बूंदी राज्य देने का वचन दिया।
D
इस युद्ध में सूरजमल ने ईश्वरी सिंह का साथ दिया।
📖 व्याख्या
बगरू के युद्ध में भरतपुर के राजा सूरजमल ने ईश्वरी सिंह का साथ दिया था, न कि जवाहर सिंह ने। जवाहर सिंह उस समय प्रमुख भूमिका में नहीं था। अतः पहला कथन असत्य है, जबकि अन्य कथन ऐतिहासिक रूप से सही माने जाते हैं।
2. तुंगा का युद्ध, जो 28 जुलाई, 1787 को हुआ, वर्तमान में यह स्थल किस जिले में स्थित है?
A
जयपुर
B
उदयपुर
C
सवाईमाधोपुर
D
कोटा
📖 व्याख्या
तुंगा का युद्ध 1787 में मराठों और राजपूतों के बीच हुआ था। यह स्थान वर्तमान में जयपुर जिले में स्थित है। इस युद्ध में सवाई प्रताप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और यह राजस्थान के इतिहास का महत्वपूर्ण सैन्य संघर्ष माना जाता है।
3. मई 1810 ई. में जयपुर और जोधपुर राज्यों के बीच हुई मित्रता संधि की शर्तों के संबंध में असत्य कथन है.
A
जयपुर महाराजा, अमीर खां को फौज के खर्च के लिए कुछ धन राशि देगा।
B
अंग्रेजों और मराठों से राजनीतिक व्यवहार में दोनों राज्य एक ही नीति का अनुसरण करेंगे।
C
जगत सिंह गिंगोली के लूट का सामान जोधपुर को वापस लोटाएगा।
D
मानसिंह कृष्णाकुमारी के साथ विवाह करेंगे।
📖 व्याख्या
मानसिंह और जगतसिंह दोनों ही इस मित्रता संधि के बाद कृष्णाकुमारी के साथ विवाह का विचार त्याग दें।
4. मराठा सरदार जयप्पा सिंधिया को किस शासक ने राजस्थान में मारा था?
A
गजसिंह
B
विजय सिंह
C
बहादुरसिंह
D
बख्त सिंह
📖 व्याख्या
जयप्पा ने विजयसिंह का पीछा करते हुए नागौर दुर्ग पर घेरा डाल दिया। विजयसिंह ने जयप्पा से संधि का प्रयास किया, मगर असफल रहा। तब उसने धोखे से ताऊसर (नागौर) में 24 जुलाई, 1755 को जयप्पा की हत्या करवा दी।
5. किस वर्ष राणोजी सिंधिया व मल्हार राव होल्कर ने जोधपुर राज्य पर आक्रमण कर मेड़ता में लूटमार की व दुर्ग को घेर लिया?
A
1730
B
1735
C
1755
D
1790
📖 व्याख्या
जोधपुर शासक अभयसिंह के शासनकाल में उसका भाई बख्तसिंह जोधपुर का राज्य पाने को लालायित था। दोनों भाईयों के तनावपूर्ण सम्बन्धों का फायदा उठाकर 1735 ई, मराठों ने जोधपुर राज्य पर आक्रमण कर मेड़ता में लूटमार की व दुर्ग को घेर लिया। मगर इन्हे ज्यादा सफलता नहीं मिली।
6. सवाई जयसिंह ने मालवा में मराठों को रोकने के लिए मेवाड़ के किस शासक के साथ एक समझौता किया था?
A
जगतसिंह द्वितीय
B
संग्राम सिंह द्वितीय
C
राजसिंह द्वितीय
D
अरिसिहं द्वितीय
📖 व्याख्या
सवाई जयसिंह ने मराठों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए मेवाड़ के महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय के साथ समझौता किया था। यह समझौता क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने और मराठों के विस्तार को रोकने की रणनीति का हिस्सा था।
7. बूंदी के शासक बुद्धसिंह की रानी व सवाई जयसिंह की बहन अमर कुँवरी ने किस मराठा सरदार को राखीबंध भाई बनाया?
A
खाण्डेराव होल्कर
B
जयप्पा सिंधिया
C
मल्हार राव होल्कर
D
गंगाधर तांतिया
📖 व्याख्या
अमर कुँवरी ने मराठा सरदार मल्हार राव होल्कर को राखी बांधकर भाई बनाया था। इसका उद्देश्य मराठों से राजनीतिक संरक्षण प्राप्त करना था। यह घटना उस समय की कूटनीति और संबंधों को दर्शाती है।
8. मारवाड़ में रामसिंह व बख्त सिंह के मध्य गृहयुद्ध (अप्रैल 1750) के चलते ईश्वरी सिंह (जयपुर) ने किसका साथ दिया ?
A
रामसिंह
B
बख्तसिंह
C
पहले रामसिंह के साथ व युद्ध के बीच में ही बख्त सिंह की तरफ मिल गए।
D
इनमें से किसी का नहीं
📖 व्याख्या
बख्त सिंह के साथ मुगल सेनापति मीरबख्शी सलावत खाँ, गजसिंह (बीकानेर) व बहादुर सिंह (किशनगढ़) की संयुक्त सेना व दूसरी तरफ रामसिंह के साथ ईश्वरी सिंह व मराठों की सेना थी। काफी दिन बाद सलावत खाँ ने 7 लाख रुपये लेकर मानसिंह से संधि कर दिल्ली की ओर चला गया।
9. हुरड़ा सम्मेलन की अध्यक्षता किसने की?
A
सवाई जयसिंह
B
महाराव दुर्जनशाल
C
महाराणा जगतसिंह द्वितीय
D
अमरसिंह द्वितीय
📖 व्याख्या
हुरड़ा सम्मेलन की अध्यक्षता मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह द्वितीय ने की थी। यह सम्मेलन मराठों के विरुद्ध संयुक्त रणनीति बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। इसमें कई राजपूत शासकों ने भाग लिया था।
10. मराठों ने राजस्थान की किस को लेकर हस्तक्षेप किया? रियासत में सर्वप्रथम उत्तराधिकार
A
मेवाड़
B
कोटा
C
डूंगरपुर
D
बूंदी
📖 व्याख्या
होल्कर व राणोजी सिंधिया ने 18 अप्रैल, 1734 ई. को बूंदी पर आक्रमण किया।
11. हुरड़ा सम्मेलन किस वर्ष हुआ था?
A
1732
B
1734
C
1736
D
1738
📖 व्याख्या
हुरड़ा सम्मेलन 17 जुलाई, 1734 ई. को आयोजित हुआ ।
12. मेवाड़ का 'कृष्णा कुमारी विवाद' जो जोधपुर व जयपुर के मध्य हुआ, महाराणा ने किसके कहने पर कृष्णा कुमारी की हत्या करवा दी थी?
A
जगतसिंह
B
अमीर खाँ पिण्डारी
C
मानसिंह
D
रसकपुर
📖 व्याख्या
अमीर खाँ ने महाराणा भीमसिंह को कहलवाया कि वह कृष्णा कुमारी का विवाह मानसिंह से कर दे या उसकी हत्या कर दे नहीं तो वह मेवाड़ को उजाड़ देगा। भीमसिंह में अमीर खाँ के प्रतिरोध का साहस नहीं था, 21 जुलाई, 1810 को कृष्णा कुमारी ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली।
13. मेवाड़ महाराणा भीमसिंह व महादजी सिंधिया के मध्य एक समझौते के तहत् महादजी ने अपने किस सेनापति को भेजकर चुण्डावत सरदारों को भीमसिंह का आदेश मानने पर बाध्य किया व रतनसिंह को वहाँ से निकाल दिया गया?
A
मल्हारराव होल्कर
B
राणोजी सिंधिया
C
जयप्पा सिंधिया
D
अम्बाजी इंगले
📖 व्याख्या
महाराणा भीमसिंह सामन्तों की आपसी कलह के सामने असहाय था, उसने महादजी सिंधिया से सहायता मांगी। महादजी व महाराणा के मध्य 16 अप्रैल, 1791 को एक समझौता हुआ, जिसके तहत् महादजी सामन्तों का दमन कर महाराणा के अधिकारों की रक्षा करेगा।
14. मराठों के खिलाफ संयुक्त कार्य योजना बनाने के लिए राजपूत राजाओं. का एक सम्मेलन 'हुरड़ा' नामक स्थान पर हुआ था। यह स्थान वर्तमान में किस जिले में है?
A
भीलवाड़ा
B
बूंदी
C
उदयपुर
D
कोटा
📖 व्याख्या
हुरड़ा सम्मेलन का आयोजन वर्तमान भीलवाड़ा जिले में हुआ था। यह स्थान राजपूत शासकों के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था। यहाँ मराठों के विरुद्ध संयुक्त योजना बनाने के लिए कई राजाओं ने एकत्रित होकर विचार-विमर्श किया।
15. कृष्णा कुमारी विवाद को लेकर जगतसिंह व मानसिंह के दो दीवानों के मध्य वार्ता के अनुसार यह तय हुआ था कि कृष्णा कुमारी से दोनों में से कोई विवाह नहीं करेगा। उन दीवानों के नाम थे?
A
दीवान रामचन्द्र (जयपुर) व गुमानसिंह (जोधपुर)
B
इन्द्रराज सिघंवी (जोधपुर) व धॉकलसिंह (जयपुर)
C
दीवान रामचन्द्र (जयपुर) व इन्द्रराज सिघंवी (जोधपुर)
D
धॉकल सिंह (जयपुर) व खिंवराज राठी (जोधपुर)
📖 व्याख्या
कृष्णा कुमारी विवाद के दौरान दोनों राज्यों के दीवानों ने समझौता किया कि कोई भी उससे विवाह नहीं करेगा। जयपुर के दीवान रामचन्द्र और जोधपुर के दीवान इन्द्रराज सिघंवी इस वार्ता के प्रमुख प्रतिनिधि थे।
16. किस वर्ष कोटा के महाराव दुर्जनशाल के साथ मिलकर महाराणा जगत सिंह ने ईश्वरी सिंह के विरुद्ध युद्ध की घोषणा की थी?
A
Thu Oct 06 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
B
Fri Oct 07 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
C
Sat Oct 08 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
D
Sun Oct 09 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
📖 व्याख्या
महाराव दुर्जनशाल बूंदी में जयपुर समर्थित दलेल सिंह को हटाकर उम्मेद सिंह को शासक बनाना चाहता था।
17. हुरड़ा सम्मेलन में निम्न में से किस शासक ने भाग नहीं लिया था?
A
सुजानसिंह (बीकानेर)
B
दुर्जनशाल (कोटा)
C
बख्तसिंह (जोधपुर)
D
राजसिंह (किशनगढ़)
📖 व्याख्या
हुरड़ा सम्मेलन में जगतसिंह द्वितीय (मेवाड), सवाई जयसिंह (जयपुर), अभयसिंह (जोधपुर), दुर्जनशाल (कोटा), सुजानसिंह (बीकानेर), बख्तसिंह (नागौर), दलेलसिंह (बूंदी), गोपालसिंह (करौली), राजसिंह (किशनगढ़) आदि शासकों ने भाग लिया।
18. पेशवा बाजीराव प्रथम पहली बार राजस्थान में किस वर्ष आया वा?
A
1734
B
1736
C
1738
D
1740
📖 व्याख्या
सवाई जयसिंह के निमंत्रण पर पेशवा बाजीराव प्रथम पहली बार जनवरी, 1736 ई. में उदयपुर आया था। 4 मार्च, 1736 को पेशवा व सवाई जयसिंह के मध्य भंभोला नामक स्थान पर मुलाकात हुई।
19. पेशवा बाजीराव व मुगल बादशाह मुहम्मदशाह के मध्य हुए धौलपुर समझौते में राजस्थान के किस शासक ने मध्यस्था की थी?
A
सवाई जयसिंह
B
दलेलसिंह
C
माधोसिंह
D
ईश्वरीसिंह
📖 व्याख्या
पेशवा बाजीराव व सवाई जयसिंह के मध्य 1741 ई. में धौलपुर में मुलाकात हुई। मराठा भी सवाई जयसिंह के माध्यम से मुगल बादशाह से समझौता करना चाहते थे। यह वार्ता ही धौलपुर समझौते के नाम से जानी जाती है।
20. जयपुर के किस शासक ने सर्वप्रथम मराठों को जयपुर के आन्तरिक मामलों में सैनिक सहायता के लिए आमंत्रित किया?
A
सवाई जयसिंह
B
ईश्वरीसिंह
C
माधोसिंह प्रथम
D
सवाई प्रतापसिंह
📖 व्याख्या
जामोली समझौते से माधोसिंह संतुष्ट नहीं थे। माधोसिंह इस संघर्ष में मराठों की सहायता लेना चाहता था। उसने मल्हारराव होल्कर को 20 लाख रुपये देने का वचन देकर सैनिक सहायता प्राप्त कर ली। इस प्रकार मराठों ने जयपुर की राजनीति में हस्तक्षेप किया।
21. जयपुर रियासत के माधोसिंह व ईश्वरीसिंह के झगड़े को सुलझाने के लिए पेशवा की मध्यस्था से हुआ निवाई समझौता किस वर्ष हुआ था?
A
1747
B
1748
C
1750
D
1752
📖 व्याख्या
पेशवा 1748 ई. में दक्षिण से लौटते समय माधोसिंह और ईश्वरी सिंह के झगड़े को सुलझाने का प्रयास किया। निवाई में माधोसिंह पेशवा से मिला, ईश्वरी सिंह ने भी अपने वकील 'केशवदास' को पेशवा के पास भेजा। निवाई समझौते के तहत् फागी, बरवाड़ा, टॉक, टोडा व मालपुरा के परगने माधोसिंह को दिए गए।
22. माधोसिंह प्रथम व ईश्वरीसिंह के मध्य बगरू का युद्ध किस वर्ष हुआ था?
A
1748
B
1747
C
1752
D
1787
📖 व्याख्या
बगरू का युद्ध 1 अगस्त, 1748 को हुआ। इस युद्ध में माधोसिंह, मल्हार राव होल्कर, गंगाधर तांतिया, उम्मेद सिंह हाड़ा व कोटा राज्य की संयुक्त सेना ने जयपुर पर आक्रमण किया। इस युद्ध में महाराणा सूरजमल ने ईश्वरी सिंह का साथ दिया, लेकिन ईश्वरी सिंह की हार हुई।
23. जयपुर के किस शासक ने मराठों के डर से आत्महत्या कर ली थी?
A
माधोसिंह प्रथम
B
सवाई प्रतापसिंह
C
ईश्वरीसिंह
D
सवाई जयसिंह
📖 व्याख्या
मराठा सेना को जयपुर की ओर बढ़ता देख हताश होकर ईश्वरी सिंह ने 12 दिसम्बर, 1750 ई. को आत्महत्या कर ली।
24. जयपुर के किस शासक के समय जयपुर शहर में मराठा सैनिकों का कत्लेआम किया गया?
A
माधोसिंह प्रथम
B
सवाई प्रतापसिंह
C
ईश्वरीसिंह
D
सवाई जयसिंह
📖 व्याख्या
10 जनवरी, 1751 को लगभग 4 हजार मराठा सैनिक जयपुर नगर में प्रवेश किए। उनके अभद्र व्यवहार से नाराज होकर माधोसिंह प्रथम ने उनके विरुद्ध कठोर कदम उठाते हुए कत्लेआम करवा दिया। यह घटना मराठा-राजपूत संबंधों में तनाव का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
25. झाला जालिम सिंह ने अपनी कूटनीति से कभी खुशमाद, कभी धन, कभी सहायता आदि देकर मराठों से किस राज्य की रक्षा की थी?
A
उदयपुर
B
कोटा
C
अलवर
D
झालावाड़
📖 व्याख्या
झाला जालिम सिंह कोटा राज्य के प्रमुख कूटनीतिज्ञ थे। उन्होंने अपनी सूझबूझ, धन और कूटनीति से मराठों को संतुष्ट रखकर कोटा राज्य को लूटमार और हस्तक्षेप से बचाए रखा। उनकी नीति व्यवहारिक और दूरदर्शी मानी जाती है।
26. मेवाड़ के किस महाराणा ने अपने सामंतों का दमन करने के लिए मराठा सेनापति महादजी सिंधिया से एक समझौता किया था?
A
महाराणा जवानसिंह
B
महाराणा भीमसिंह
C
अमरसिंह द्वितीय
D
महाराणा सरदार सिंह
📖 व्याख्या
महाराणा भीमसिंह ने आंतरिक सामंती संघर्षों से परेशान होकर महादजी सिंधिया से सहायता ली। 1791 के समझौते के तहत सिंधिया ने मेवाड़ के सामंतों को नियंत्रित कर महाराणा की सत्ता को मजबूत किया।
27. मारवाड़ के किस शासक ने मराठा सेनापति जयप्पा सिंधिया की नागोर में धोखे से हत्या करवा दी थी?
A
विजयसिंह
B
अभयसिंह
C
बख्तसिंह
D
रामसिंह
📖 व्याख्या
महाराजा विजयसिंह ने 24 जुलाई, 1755 को नागौर के ताऊसर स्थान पर जयप्पा सिंधिया की धोखे से हत्या करवा दी। यह घटना मराठा-राजपूत संबंधों में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई और इससे दोनों के बीच अविश्वास बढ़ा।
28. मराठा राज्य का शासक बनने से पूर्व साहू किसकी जेल या शिविर में बंदी था?
A
मेवाड़
B
आमेर
C
मुगलों के
D
गुजरात
📖 व्याख्या
साहू को मुगल सम्राट औरंगजेब ने बंदी बना लिया था। औरंगजेब की मृत्यु के बाद उत्तराधिकार संघर्ष के दौरान उसे मुक्त किया गया। बाद में वह मराठा राज्य का शासक बना और मराठा शक्ति को पुनः संगठित किया।
29. बालाजी विश्वनाथ किस मराठा शासक का पेशवा था?
A
छत्रपति शिवाजी
B
शिवाजी
C
साहू
D
मल्हार राव होल्कर
📖 व्याख्या
छत्रपति साहू ने 1713 ई. में बालाजी विश्वनाथ को पेशवा नियुक्त किया था। बालाजी विश्वनाथ ने मराठा प्रशासन को सुदृढ़ किया और पेशवा पद को अत्यंत शक्तिशाली बना दिया, जिससे मराठा साम्राज्य का विस्तार हुआ।
30. जयपुर रियासत द्वारा मराठों (1751 ई. में) के कत्लेआम के पीछे मुख्य कारण क्या था?
A
जयप्पा सिंधिया द्वारा धन (राज्य की आय का एक बट्टा तीन या एक बट्टा चार भाग) की मांग करना
B
मराठों द्वारा बूंदी के बुद्ध सिंह की सहायता करना
C
आंतरिक मामलों में मराठों द्वारा ईश्वरी सिंह की सहायता करना
D
मुगलों के आदेश पर
📖 व्याख्या
6 जनवरी, 1751 को जयप्पा सिंधिया ने जयपुर से राज्य की आय का एक-तिहाई या एक-चौथाई भाग मांग किया। इस अत्यधिक आर्थिक दबाव से माधोसिंह और राजपूत सरदार नाराज हो गए, जिसके परिणामस्वरूप मराठों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई।
31. काकोड़ का युद्ध निम्न में से किसके मध्य लड़ा गया ?
A
ईश्वरी सिंह व माधोसिंह
B
मराठो, माधोसिंह व ईश्वरी सिंह
C
मल्हारराव होल्कर व मोधासिंह
D
ईश्वरी सिंह व मल्हार राव होल्कर
📖 व्याख्या
माधोसिंह प्रथम ने 1759 में काकोड़ के युद्ध में मल्हारराव होल्कर की सेना का सामना किया और उसे पराजित किया। यह युद्ध मराठों और राजपूतों के बीच शक्ति संतुलन को दर्शाता है।
32. निम्नलिखित में से असत्य कथन की पहचान करें-
A
माधोसिंह मेवाड़ की राजकुँवरी चन्द्रकुँवरी का पुत्र था।
B
माधोसिंह सिंह की छोटी-छोटी झड़पों से परेशान ईश्वरी सिंह ने सर्वप्रथम मराठों को आंतरिक हस्तक्षेप के लिए आमंत्रित किया।
C
21 सितम्बर, 1743 ई. को सवाई जयसिंह की मृत्यु के बाद उसका ज्येष्ठ पुत्र 'ईश्वरी सिंह' जयपुर का शासक बना ।
D
देबारी समझौते (1708) के इकरारनामे के अनुसार मेवाड़ राजकुमारी से उत्पन्न राजकुमार ही जयपुर की गद्दी का वारिस बनना था।
📖 व्याख्या
जामोली समझौते के अनुसार माधोसिंह को रामपुरा के अतिरिक्त टॉक का परगना भी दिया गया, लेकिन माधोसिंह इससे संतुष्ट नहीं हुआ।
33. लगभग एक शताब्दी तक मराठों ने राजस्थान में लूटमार की तथा हस्तक्षेप किया, कौनसी दो रियासतों को छोड़कर सभी रियासते मराठों के लूटमार की शिकार हुई थी?
A
जैसलमेर-जोधपुर
B
उदयपुर-जोधपुर
C
बीकानेर - जैसलमेर
D
बीकानेर - कोटा
📖 व्याख्या
मराठों के आक्रमण और लूटमार से राजस्थान की अधिकांश रियासतें प्रभावित हुईं, लेकिन बीकानेर और जैसलमेर भौगोलिक स्थिति व रणनीतिक कारणों से काफी हद तक सुरक्षित रहे। इन क्षेत्रों में मराठों का प्रभाव सीमित रहा।
34. सितम्बर 1754 ई. में मराठों व विजय सिंह (जोधपुर) के मध्य मेड़ता के पास युद्ध हुआ, जिसमें विजयसिंह की हार हुई। इस युद्ध में बीकानेर व किशनगढ़ के शासक युद्ध क्षेत्र से भाग गए थे, उन शासकों का नाम बताइए?
A
गजसिंह व सावंत सिंह
B
कल्याणमल व बहादुर सिंह
C
गजसिंह व बहादुर सिंह
D
जैतसी व बहादुर सिंह
📖 व्याख्या
1754 के मेड़ता युद्ध में मराठों के विरुद्ध लड़ाई के दौरान बीकानेर के गजसिंह और किशनगढ़ के बहादुर सिंह युद्ध क्षेत्र से भाग गए थे। इससे विजयसिंह की स्थिति कमजोर हो गई और अंततः उसकी हार हुई।
35. मेवाड़ के आंतरिक मतभेद के बारे में असत्य कथन की पहचान करें-
A
मेवाड़ महाराणा राजसिंह द्वितीय की मृत्यु के पश्चात् उसका चाचा अरिसिंह (1761 ई.) शासक बना, जबकि सामंत राजसिंह द्वितीय के नाबालिग पुत्र रतनसिंह को शासक बनाना चाहते थे
B
मेवाड़ के इस आंतरिक मतभेद और तनाव ने दोनों पक्षों की ओर से मराठों को आमंत्रित किया
C
जनवरी 1769 में क्षिप्रा नदी किनारे अरिसिंह व महादजी सिंधिया (जो रतनसिंह की तरफ से लड़ रहे थे) के मध्य युद्ध हुआ।
D
इस युद्ध में अरिसिंह की विजय हुई लेकिन उदयपुर पर महादजी सिंधिया ने अधिकार कर लिया।
📖 व्याख्या
16 जनवरी, 1769 को क्षिप्रा नदी के किनारे युद्ध हुआ, जिसमें महादजी सिंधिया की विजय हुई। हालांकि लंबे समय तक घेरा डालने के बावजूद वह उदयपुर पर अधिकार नहीं कर सका। अतः चौथा कथन असत्य है।
36. कोटा राज्य में मराठों द्वारा सर्वप्रथम हस्तक्षेप / घुसपैठ कब की गई?
A
Mon Sep 26 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
B
Sat Oct 01 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
C
Wed Oct 05 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
D
Sun Sep 25 1904 00:00:00 GMT+0521 (India Standard Time)
📖 व्याख्या
कोटा राज्य में मराठों का पहला हस्तक्षेप 1736 ई. में हुआ। इसी समय पेशवा बाजीराव प्रथम उत्तर भारत की ओर बढ़ रहा था और कोटा क्षेत्र से गुजरते हुए उसने यहां प्रभाव स्थापित किया।
37. मराठों का मेवाड़ में प्रवेश के समय मुगल बादशाह कौन था, जिसे महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने मराठों की लूटपाट आदि गतिविधियों से अवगत करवाया, लेकिन बादशाह कोई उचित कार्यवाही नहीं कर सका?
A
औरंगजेब
B
मुहम्मद शाह रंगीला
C
मुहम्मद शाह
D
फर्रुखशियर
📖 व्याख्या
मराठों के मेवाड़ में प्रवेश के समय मुगल बादशाह मुहम्मद शाह था। महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय ने मराठों की गतिविधियों की जानकारी दी, लेकिन कमजोर मुगल सत्ता के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।
38. पाटन का युद्ध मराठों ने किस राज्य के विरुद्ध लड़ा था, जिसमें मराठों (डी. बोई व लकवा दादा के नेतृत्त्व में) की विजय हुई?
A
जयपुर
B
जोधपुर
C
कोटा
D
मेवाड़
📖 व्याख्या
पाटन का युद्ध 20 जून, 1790 को मराठों और जयपुर राज्य के बीच हुआ था। डी. बोईन और लकवा दादा के नेतृत्व में मराठों ने जयपुर की सेना को हराकर निर्णायक विजय प्राप्त की।
39. कोटा में सर्वप्रथम 1736 ई. में मराठों का प्रवेश हुआ, इसी दौरान जब पेशवा बाजीराव प्रथम दिल्ली जाते वक्त कोटा से रसद सहायता मांगी थी, उस वक्त कोटा के महाराव कौन थे?
A
महाराव शत्रुशाल
B
महाराव दुर्जनशाल
C
महाराव गुमान सिंह
D
महाराव जालिम सिंह
📖 व्याख्या
1736 में जब पेशवा बाजीराव प्रथम दिल्ली की ओर जा रहा था, तब उसने कोटा से रसद सहायता मांगी। उस समय कोटा के महाराव दुर्जनशाल थे, जिन्होंने मराठों के साथ संबंध बनाए रखे।
40. बगरू के युद्ध के पश्चात् जोधपुर के किस शासक ने मल्हारराव होल्कर को पगड़ी बदल भाई बनाकर एक साथ भोजन किया तथा सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित किए ?
A
बख्त सिंह
B
अभयसिंह
C
मानसिंह
D
रामसिंह
📖 व्याख्या
होल्कर के जयपुर अभियान के समय बगरू के युद्ध में अभयसिंह ने होल्कर की सहायता के लिए अपने सैनिक भी भेजे। बाद में दोनों के बीच पगड़ी बदलकर भाईचारे का संबंध स्थापित हुआ, जिससे राजनीतिक सहयोग मजबूत हुआ।
41. किस मराठा पेशवा की माता राधादेवी 1735 ई. में तीर्थ यात्रा हेतु नाथद्वारा, उदयपुर व गलता जी (जयपुर) आई, जहाँ उनका दोनों शासकों द्वारा आदर सत्कार किया गया?
A
मल्हारराव होल्कर
B
बालाजी बाजीराव प्रथम
C
बालाजी बाजीराव द्वितीय
D
जयप्पा सिंधिया
📖 व्याख्या
राधादेवी, पेशवा बाजीराव प्रथम के पुत्र बालाजी बाजीराव प्रथम की माता थीं। 1735 ई. में उन्होंने राजस्थान के प्रमुख तीर्थ स्थलों नाथद्वारा, उदयपुर व गलता जी की यात्रा की। इस दौरान जयपुर और मेवाड़ के शासकों ने उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया।
42. निम्न में से कौनसा एक मुख्य कारण राजस्थान में मराठा हस्तक्षेप का नहीं है?
A
मुगल साम्राज्य का पतन
B
मराठों की धन प्राप्ति की लालसा
C
मेवाड़ की साम्राज्य विस्तार की नीति
D
राजपूत राज्यों में आपसी संघर्ष
📖 व्याख्या
राजस्थान में मराठा हस्तक्षेप के मुख्य कारणों में मुगल साम्राज्य का पतन, धन की लालसा और राजपूतों के आपसी संघर्ष शामिल थे। मेवाड़ की साम्राज्य विस्तार की नीति ऐसा कोई प्रमुख कारण नहीं था, इसलिए यह विकल्प असत्य है।
43. राजमहल का युद्ध जो जयपुर का आंतरिक (राजधानी को लेकर) युद्ध था, ईश्वरीसिंह के विरुद्ध इस युद्ध में माधोसिंह के साथ और कौन था?
A
मेवाड़ महाराणा जगतसिंह, बूंदी के उम्मेदसिंह व दुर्जनशाल
B
मेवाड़ महाराणा जगतसिंह व कोटा के दुर्जनशाल
C
मेवाड़ महाराणा जगतसिंह, कोटा महाराव दुर्जनशाल, बूंदी के अपदस्थ शासक उम्मेद सिंह व खांडेराव होल्कर की संयुक्त सेना।
D
मेवाड़ महाराणा जगतसिंह
📖 व्याख्या
राजमहल का युद्ध 1 मार्च, 1747 ई. को टोंक के पास हुआ। इस युद्ध में माधोसिंह के साथ मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह, कोटा के दुर्जनशाल, बूंदी के उम्मेद सिंह और खांडेराव होल्कर की संयुक्त सेना थी, जबकि अंततः ईश्वरी सिंह विजयी रहा।
44. गिंगोली युद्ध के दौरान अमीर खाँ पिण्डारी के बारे में कौनसा कथन सत्य है?
A
वह मारवाड़ की तरफ से युद्ध लड़ा।
B
वह जयपुर की ओर से युद्ध लड़ा
C
वह पहले मारवाड़ की सेना के साथ था लेकिन मतभेद हो जाने के कारण वह जगत सिंह से मिल गया।
D
इसने गिंगोली युद्ध में भाग नहीं लिया।
📖 व्याख्या
गिंगोली का युद्ध 13 मार्च, 1807 को जयपुर और जोधपुर के बीच हुआ था। इस युद्ध में अमीर खाँ पिण्डारी ने जयपुर राज्य की ओर से भाग लिया और जगतसिंह का साथ दिया, जिससे जयपुर की विजय सुनिश्चित हुई।
45. भटवाड़ा के युद्ध में (1761 ई.) कोटा की सेना ने किसके नेतृत्त्व में जयपुर के माधोसिंह प्रथम को हराया ?
A
झाला जालिम सिंह
B
सूरजमल
C
दुर्जनशाल
D
राणोजी सिंधिया
📖 व्याख्या
1761 के भटवाड़ा युद्ध में कोटा की सेना का नेतृत्व झाला जालिम सिंह ने किया। उनकी कुशल रणनीति के कारण जयपुर के माधोसिंह प्रथम को पराजय का सामना करना पड़ा। यह युद्ध कोटा की सैन्य क्षमता का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
46. कोटा के किस फौजदार ने अपनी कूटनीति से कोटा की जीवाजी अप्पा, मराठा सरदार नरहरराव व खांडेराव आदि को धन देकर रक्षा की?
A
गुमानसिंह
B
अजीतसिंह
C
जालिम सिंह
D
भीमसिंह
📖 व्याख्या
जालिम सिंह कोटा के कुशल फौजदार थे। उन्होंने अपनी कूटनीति और धन के माध्यम से मराठा सरदारों जैसे जीवाजी अप्पा, नरहरराव और खांडेराव को संतुष्ट कर कोटा राज्य को लूटमार से बचाया।
47. जयपुर में आंतरिक अशांति के चलते (ईश्वरी सिंह व माधोसिंह के मध्य) 'जामोली समझौता' किस-किस के मध्य हुआ था?
A
मोधासिंह के मंत्री राजमल खत्री व ईश्वरी सिंह के मध्य
B
ईश्वरी सिंह के व माधोसिंह के मध्य
C
ईश्वरी सिंह के मंत्री राजमल खत्री व माधोसिंह के मध्य
D
ईश्वरी सिंह के मंत्री राजमल खत्री व महाराणा जगतसिंह के मध्य
📖 व्याख्या
जामोली समझौता ईश्वरी सिंह के मंत्री राजमल खत्री और मेवाड़ के महाराणा जगतसिंह के बीच हुआ था। इस समझौते के तहत माधोसिंह को कुछ क्षेत्र दिए गए, लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं हुआ और संघर्ष जारी रहा।
48. राजमहल का युद्ध (टोंक) माधोसिंह व ईश्वरी सिंह के मध्य कब लड़ा गया?
A
1 अप्रैल, 1747
B
1 मार्च, 1747
C
1 अप्रैल, 1847
D
1 मार्च, 1847
📖 व्याख्या
राजमहल (टोंक) का युद्ध 1 मार्च, 1747 को माधोसिंह और ईश्वरी सिंह के बीच हुआ था। यह जयपुर राज्य के आंतरिक संघर्ष का महत्वपूर्ण युद्ध था, जिसमें अंततः ईश्वरी सिंह विजयी रहा।
49. छत्रपति साहू के पेशवा बालाजी विश्वनाथ के बाद पेशवा किसे बनाया गया?
A
मल्हारराव होल्कर
B
रघुनाथ राव
C
बालाजी बाजीराव प्रथम
D
राणोजी सिंथिया
📖 व्याख्या
बालाजी विश्वनाथ की मृत्यु के बाद 1720 ई. में उसके पुत्र बाजीराव प्रथम (बालाजी बाजीराव प्रथम) को पेशवा बनाया गया। उसने मराठा साम्राज्य का तेजी से विस्तार किया और उत्तर भारत तक प्रभाव स्थापित किया।
50. जयसिंह की तरफ से नियुक्त बूंदी का उत्तराधिकारी दलेल सिंह करवड के किस जागीरदार का पुत्र था?
A
जालिम सिंह
B
सालिम सिंह
C
उम्मेद सिंह
D
दुर्जनशाल
📖 व्याख्या
जयसिंह ने बूंदी के शासक बुद्धसिंह को हटाकर करवड़ के जागीरदार सालिम सिंह हाड़ा के पुत्र दलेल सिंह को 1730 ई. में उत्तराधिकारी बनाया। यह कदम राजनीतिक नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया था।