राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा MCQ Questions with Answers

राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा MCQ Quiz | Practice Set with Detailed Explanation

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें कसूमल, कटकी, मोठड़ा, अंगरखी, ताराभांत की ओढ़नी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा
  • Last Updated:
  • Content Type: MCQ Practice Set
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1. कसूमल' रंग का अर्थ है?

  • (A) लाल रंग
  • (B) काला रंग
  • (C) नीला रंग
  • (D) पीला रंग

कसूमल का अर्थ लाल रंग होता है, जो पारंपरिक लोकभाषा में प्रयुक्त होता है।

2. कालीबंगा और आहड़ सभ्यता के काल से राजस्थान में किस प्रकार के वस्त्रों का उपयोग होता था?

  • (A) सिल्क
  • (B) टेरिकोट
  • (C) पॉलिएस्टर
  • (D) सूती

कालीबंगा और आहड़ सभ्यता के पुरातात्विक प्रमाण बताते हैं कि प्राचीन राजस्थान में सूती वस्त्रों का प्रयोग होता था। यह सभ्यताएँ हड़प्पा संस्कृति से जुड़ी थीं, जहाँ कपास की खेती और बुनाई का विकास हो चुका था। सूती वस्त्र जलवायु के अनुकूल होने के कारण अधिक उपयोगी थे और दैनिक जीवन में व्यापक रूप से अपनाए जाते थे।

3. अटपटी, अमरशाही, उदयशाही और शिवशाही क्या हैं?

  • (A) पगड़ियों के प्रकार
  • (B) आभूषणों के प्रकार
  • (C) भेड़ों की प्रजातियाँ
  • (D) खाद्य पदार्थ

ये सभी राजस्थान में प्रचलित विभिन्न प्रकार की पगड़ियों (पाग/साफा) के नाम हैं।

4. राजस्थान में आदिवासी में ‘कटकी’ परिधान कौन पहनता है?

  • (A) विवाहित महिला
  • (B) अविवाहित महिला
  • (C) विधवा महिला
  • (D) इनमें से कोई नहीं

कटकी आदिवासी अविवाहित महिलाओं का परिधान है, विशेषकर ओढ़नी के रूप में।

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5. भील जनजाति के पुरुष कमर पर जो वस्त्र लपेटते हैं उसे क्या कहते हैं?

  • (A) खोयतु
  • (B) जामा
  • (C) पोल्या
  • (D) कछाबू

खोयतु भील पुरुषों द्वारा कमर पर लपेटा जाने वाला पारंपरिक वस्त्र है।

6. ‘जोधपुरी साफा’ को प्रसिद्ध करने का श्रेय किसे जाता है?

  • (A) महाराजा केसर सिंह
  • (B) महाराजा जसवन्त सिंह
  • (C) महाराजा उदय सिंह
  • (D) महाराजा सुमेर सिंह

जोधपुरी साफे को लोकप्रिय बनाने का श्रेय महाराजा जसवन्त सिंह को दिया जाता है।

7. मोठड़े की पगड़ी पहनी जाती है-

  • (A) होली पर
  • (B) श्रावण में
  • (C) विवाहोत्सव पर
  • (D) संक्रांति पर

मोठड़ा पगड़ी विशेष रूप से विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर पहनी जाती है।

8. भीलों के वस्त्रों के संदर्भ में ‘फेटा’ क्या है?

  • (A) आभूषण
  • (B) सिर का वस्त्र (पगड़ी)
  • (C) बालकों का वस्त्र
  • (D) मोटा लबादा

फेटा भील पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला सिर का वस्त्र (पगड़ी) है।

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9. मिरजाई, दुतई और डगला किसके प्रकार हैं?

  • (A) पगड़ी
  • (B) लहरिया
  • (C) अंगरखी
  • (D) धोती

ये सभी अंगरखी (ऊपरी शरीर पर पहना जाने वाला वस्त्र) के विभिन्न प्रकार हैं।

10. दुतई, गदर, कानो एवं मिरजाई किससे संबंधित हैं?

  • (A) तलवार
  • (B) पगड़ी
  • (C) अंगरखी
  • (D) ओढ़नी

ये सभी अंगरखी के विभिन्न प्रकार हैं, जो पुरुषों के पारंपरिक पहनावे में शामिल हैं।

11. भील जनजाति की स्त्रियों द्वारा पहना जाने वाला लम्बा घाघरा किस नाम से जाना जाता है?

  • (A) कटकी
  • (B) कछाबू
  • (C) कू
  • (D) जामा

कछाबू भील महिलाओं का घाघरानुमा पारंपरिक परिधान है।

12. “ताराभांत की ओढ़नी” पहनावा किसमें प्रचलित है?

  • (A) आदिवासी महिलाएं
  • (B) गुर्जर महिलाएं
  • (C) दलित महिलाएं
  • (D) जाट महिलाएं

ताराभांत की ओढ़नी आदिवासी महिलाओं में प्रचलित विशेष प्रकार की ओढ़नी है।

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13. राजशाही पगड़ी कहाँ की प्रसिद्ध है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) कोटा
  • (D) जयपुर

राजशाही पगड़ी जयपुर की प्रसिद्ध पारंपरिक पगड़ी है, जिसमें एक ही रंग के साथ सफेद बूंदों की विशेष डिजाइन होती है। इसे ऐतिहासिक रूप से राजाओं द्वारा धारण किया जाता था, जिससे इसका नाम राजशाही पड़ा। यह पगड़ी राजपूत शान और गौरव का प्रतीक मानी जाती है।

14. ‘कटकी’ वस्त्र कौन पहनता है?

  • (A) पुरुष
  • (B) विधवा
  • (C) विवाहित स्त्रियाँ
  • (D) अविवाहित लड़कियाँ

कटकी आदिवासी समुदाय की अविवाहित लड़कियों द्वारा पहनी जाने वाली ओढ़नी है। इसमें लाल पृष्ठभूमि पर सफेद और काले धागों से बूटियाँ बनाई जाती हैं। यह वस्त्र केवल परिधान ही नहीं बल्कि सामाजिक पहचान का संकेत भी होता है, जिससे वैवाहिक स्थिति का पता चलता है।

15. गरासिया जनजाति में कमीज जैसा वस्त्र क्या कहलाता है?

  • (A) झूलकी
  • (B) कापड़ी
  • (C) पटियारी
  • (D) मांझौ

गरासिया जनजाति में झूलकी एक ढीली कमीज जैसा पारंपरिक वस्त्र है, जिसे पुरुष और महिलाएँ दोनों पहनते हैं। यह दैनिक जीवन के अनुकूल आरामदायक परिधान है और जनजातीय पहचान को दर्शाता है। इसकी बनावट सरल होने के बावजूद यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

16. मलयगिरी रंगाई पद्धति में किस रंग की प्रधानता होती है?

  • (A) काला
  • (B) भूरा
  • (C) लाल
  • (D) सफेद

मलयगिरी रंगाई राजस्थान की पारंपरिक प्राकृतिक रंगाई विधि है, जिसमें मुख्य रूप से भूरे रंग का उपयोग होता है। यह रंग वनस्पतियों से प्राप्त प्राकृतिक रसों से बनाया जाता है। इस पद्धति में पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे कपड़ों में प्राकृतिक सौंदर्य और टिकाऊपन आता है।

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17. ‘क्षौम’ किस प्रकार का वस्त्र है?

  • (A) स्तनोत्तरीय
  • (B) कुरपासक
  • (C) क्षौम
  • (D) बृहत्तिका

क्षौम एक प्रकार का हल्का और आरामदायक वस्त्र है, जिसका उपयोग विशेष रूप से गर्मियों में किया जाता था। प्राचीन ग्रंथों में इसे ग्रीष्म ऋतु के लिए उपयुक्त बताया गया है। यह वस्त्र शरीर को ठंडक प्रदान करता है और जलवायु के अनुरूप परिधान का उदाहरण है।

18. कंजर जाति की महिलाओं का पायजामा क्या कहलाता है?

  • (A) कापड़ी
  • (B) झूलकी
  • (C) खूसनी
  • (D) मांझी

कंजर जाति की महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला चुस्त पायजामा खूसनी कहलाता है। यह कमर तक फिट होता है और नृत्य व दैनिक गतिविधियों के लिए सुविधाजनक होता है। इसकी बनावट पारंपरिक जीवनशैली और गतिशीलता को ध्यान में रखकर की गई है।

19. सहरिया जनजाति में घुटनों तक की धोती क्या कहलाती है?

  • (A) घूघी
  • (B) मदील
  • (C) पंछा
  • (D) सलूका

सहरिया जनजाति में पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली घुटनों तक की धोती को पंछा कहा जाता है। यह सरल और उपयोगी परिधान है, जो दैनिक कार्यों के लिए अनुकूल होता है। यह जनजातीय वेशभूषा की पहचान का हिस्सा है।

20. असत्य कथन कौनसा है?

  • (A) मोठड़े की पगड़ी विवाह में
  • (B) लहरिया तीज में
  • (C) मदील रक्षाबंधन में
  • (D) कसुमल वर्षा में

मदील पगड़ी रक्षाबंधन पर नहीं बल्कि दशहरे के अवसर पर पहनी जाती है। अन्य सभी कथन सही हैं। राजस्थानी पगड़ियाँ विभिन्न त्योहारों और अवसरों के अनुसार अलग-अलग प्रकार की होती हैं, जो सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं।

21. कमर पर बाँधा जाने वाला वस्त्र क्या कहलाता है?

  • (A) पटका
  • (B) फड़का
  • (C) शेरवानी
  • (D) बालाबन्द

जामा या अंगरखी के ऊपर कमर पर बाँधा जाने वाला वस्त्र पटका या कमरबंद कहलाता है। इसमें तलवार या कटार रखने की व्यवस्था होती थी। यह परिधान सुरक्षा और सजावट दोनों उद्देश्यों को पूरा करता था।

22. पाँच रंगों से रंगा साफा क्या कहलाता है?

  • (A) मदील
  • (B) मोठड़ा
  • (C) डोवटी
  • (D) बावरा

बंधेज कला द्वारा पाँच रंगों से रंगे गए साफे को बावरा कहा जाता है। यह राजस्थान की विशिष्ट पगड़ी शैली है, जिसमें रंगों का आकर्षक संयोजन होता है। यह उत्सव और विशेष अवसरों पर पहना जाता है।

23. धुमालो, अमलो, सेलो, बागा किसके प्रकार हैं?

  • (A) ओढ़नी
  • (B) पगड़ी
  • (C) घाघरा
  • (D) कुर्ता

धुमालो, अमलो, सेलो और बागा पगड़ी के विभिन्न प्रकार हैं। राजस्थान में पगड़ी को क्षेत्र, जाति और अवसर के अनुसार अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यह पुरुषों की पहचान और सम्मान का प्रतीक है।

24. ‘आतमसुख’ किस प्रकार का वस्त्र है?

  • (A) गर्म वस्त्र
  • (B) हल्का वस्त्र
  • (C) धोती
  • (D) कुर्ता

आतमसुख एक गर्म वस्त्र है, जिसे सर्दियों में शरीर को ढकने के लिए पहना जाता है। यह कश्मीरी फिरन की तरह होता है और ठंड से बचाव करता है। इसका उपयोग विशेष रूप से ठंडे क्षेत्रों में किया जाता है।

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25. ताराभांत ओढ़नी किनकी वेशभूषा है?

  • (A) जाट
  • (B) गुर्जर
  • (C) आदिवासी
  • (D) राजपूत

ताराभांत ओढ़नी आदिवासी महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा है। इसमें तारों जैसी आकृतियाँ बनी होती हैं, जो इसे विशिष्ट बनाती हैं। यह वस्त्र उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को दर्शाता है।

26. निम्न में से कौनसा वस्त्र पुरुषों का नहीं है?

  • (A) आतमसुख
  • (B) बुगतरी
  • (C) अचकन
  • (D) नांदड़ा

नांदड़ा महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला प्राचीन वस्त्र है, जबकि अन्य सभी वस्त्र पुरुषों से संबंधित हैं। यह वस्त्र विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित है और पारंपरिक परिधान का हिस्सा है।

27. चोली का पारंपरिक रूप क्या कहलाता है?

  • (A) चांदणी
  • (B) बरड़ी
  • (C) कापड़ी
  • (D) पटणी

कापड़ी दो कपड़ों के टुकड़ों को जोड़कर बनाई जाने वाली चोली है, जिसे पीछे से बांधा जाता है। यह पारंपरिक महिला परिधान का हिस्सा है और ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी प्रचलित है।

28. चौड़े पायचे वाली सलवार क्या कहलाती है?

  • (A) सुजनी
  • (B) लहंगा
  • (C) शरारा
  • (D) तिलका

शरारा एक प्रकार की सलवार है, जिसका निचला हिस्सा चौड़ा होता है। यह महिलाओं का पारंपरिक परिधान है और विशेष अवसरों पर पहना जाता है। इसकी बनावट इसे आकर्षक और आरामदायक बनाती है।

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29. ऊन का ओढ़ने वाला वस्त्र क्या कहलाता है?

  • (A) घुघी
  • (B) पछेवड़ा
  • (C) बागी
  • (D) आतमसुख

घुघी ऊन से बना ओढ़ने वाला वस्त्र है, जो सर्दी से बचाव के लिए उपयोग किया जाता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से प्रयोग में लाया जाता है और ठंड के मौसम में आवश्यक माना जाता है।

30. पर्दानशीन महिलाओं का सफेद सिर ढकने वाला वस्त्र क्या है?

  • (A) अवोचण
  • (B) पछेवड़ी
  • (C) तमोटी
  • (D) गंगाजली

अवोचण पर्दानशीन महिलाओं द्वारा सिर ढकने के लिए उपयोग किया जाने वाला सफेद वस्त्र है। यह शालीनता और परंपरा का प्रतीक है तथा सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार धारण किया जाता है।

31. मामा द्वारा विवाह के अवसर पर भांजी के लिए लाई गई चुनरी क्या कहलाती है?

  • (A) एरंडी
  • (B) कटारी भांत
  • (C) कंवरजोड़
  • (D) मामाजोड़

विवाह के अवसर पर मामा द्वारा भांजी के लिए लाई गई चुनरी को कंवरजोड़ कहा जाता है। यह पारिवारिक स्नेह और परंपरा का प्रतीक होता है तथा विवाह संस्कार में विशेष महत्व रखता है।

32. लंगोटिया भीलों में पुरुषों की लंगोटी क्या कहलाती है?

  • (A) ढेपाड़ा
  • (B) फालू
  • (C) पोत्या
  • (D) खोयतु

लंगोटिया भील पुरुषों द्वारा कमर पर बाँधी जाने वाली लंगोटी को खोयतु कहा जाता है। यह उनका पारंपरिक और दैनिक पहनावा है।

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33. भील पुरुष पगड़ी के स्थान पर कौनसा वस्त्र बाँधते हैं?

  • (A) पोतिया
  • (B) अंगरखी
  • (C) बंडी
  • (D) फालू

भील पुरुष पगड़ी के स्थान पर पोतिया नामक मोटा वस्त्र सिर पर बाँधते हैं। यह सरल और उपयोगी होता है तथा उनकी जनजातीय पहचान दर्शाता है।

34. भील दुल्हन का पीला लहंगा क्या कहलाता है?

  • (A) सिन्दूरी
  • (B) सलूका
  • (C) पिरिया
  • (D) परिजनी

भील जनजाति में विवाह के समय दुल्हन द्वारा पहना जाने वाला पीले रंग का लहंगा पिरिया कहलाता है। यह शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है।

35. भील विवाह में लाल साड़ी क्या कहलाती है?

  • (A) सिन्दूरी
  • (B) सलूका
  • (C) पंछा
  • (D) परिजनी

विवाह के समय भील महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली लाल साड़ी को सिन्दूरी कहा जाता है। यह वैवाहिक संस्कार से जुड़ा पारंपरिक परिधान है।

36. सहरिया पुरुषों की अंगरखी क्या कहलाती है?

  • (A) पंछा
  • (B) सलूका
  • (C) खपटा
  • (D) रेजा

सहरिया जनजाति के पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली अंगरखी को सलूका कहा जाता है। यह कमीज के रूप में प्रयुक्त होता है और दैनिक जीवन में उपयोगी है।

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37. उदयशाही, अमरशाही व भीमशाही पगड़ियाँ कहाँ की हैं?

  • (A) डूंगरपुर
  • (B) जोधपुर
  • (C) मेवाड़
  • (D) बीकानेर

उदयशाही, अमरशाही और भीमशाही पगड़ियाँ मेवाड़ क्षेत्र की प्रसिद्ध पगड़ियाँ हैं। ये विभिन्न शासकों के नाम पर प्रचलित हुई थीं और क्षेत्रीय पहचान दर्शाती हैं।

38. खिड़किया पाग किस रियासत में प्रचलित थी?

  • (A) प्रतापगढ़
  • (B) जोधपुर
  • (C) मेवाड़
  • (D) भरतपुर

खिड़किया पाग मारवाड़ (जोधपुर) क्षेत्र की प्रसिद्ध पगड़ी है। यहाँ विभिन्न प्रकार की पगड़ियों का विशेष महत्व रहा है।

39. उमराव पाग कहाँ प्रचलित थी?

  • (A) आमेर
  • (B) जोधपुर
  • (C) मेवाड़
  • (D) जैसलमेर

उमराव पाग मेवाड़ क्षेत्र की पारंपरिक पगड़ी है, जिसे विशेष वर्ग के लोगों द्वारा पहना जाता था।

40. ब्रिजेस किस प्रकार का वस्त्र है?

  • (A) पगड़ी
  • (B) घाघरा
  • (C) ओढ़नी
  • (D) पुरुषों का निचला वस्त्र

ब्रिजेस पुरुषों द्वारा कमर से नीचे पहना जाने वाला तंग पायजामा होता है, जो विशेष रूप से घुड़सवारी या शिकार के समय उपयोग में लिया जाता था।

41. दुतई, गदर, कानो, मिरजाई किससे संबंधित हैं?

  • (A) पगड़ी
  • (B) अंगरखी
  • (C) टोपी
  • (D) साड़ी

ये सभी अंगरखी के प्रकार हैं, जो आकार और शैली के अनुसार अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं।

42. पछेवड़ा किससे संबंधित है?

  • (A) पगड़ी
  • (B) आभूषण
  • (C) लोकनृत्य
  • (D) परिधान

पछेवड़ा एक ऊनी वस्त्र है, जिसे पुरुष सर्दी से बचने के लिए ओढ़ते हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित है।

43. युद्ध में योद्धा कौनसी पगड़ी पहनते थे?

  • (A) केसरिया
  • (B) मोठड़ा
  • (C) सफेद
  • (D) लहरिया

युद्ध के समय राजपूत योद्धा केसरिया पगड़ी पहनते थे। यह त्याग और वीरता का प्रतीक मानी जाती है।

44. ज्वारभांत ओढ़नी किस समुदाय में प्रचलित है?

  • (A) रेबारी
  • (B) गुर्जर
  • (C) आदिवासी
  • (D) विश्नोई

ज्वारभांत ओढ़नी आदिवासी महिलाओं में प्रचलित है। यह उनकी पारंपरिक वेशभूषा का हिस्सा है।

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45. मदील क्या है?

  • (A) पगड़ी
  • (B) साड़ी
  • (C) ओढ़नी
  • (D) वस्त्र

मदील एक प्रकार की पगड़ी है, जो विशेष रूप से दशहरे के अवसर पर पहनी जाती है।

46. उदयशाही, अमरशाही, विजयशाही, शाहजहाँनी क्या हैं?

  • (A) पगड़ी शैलियाँ
  • (B) अंगरखी
  • (C) साड़ियाँ
  • (D) कपड़े

ये सभी राजस्थानी पगड़ियों की विभिन्न शैलियाँ हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों और शासकों से संबंधित हैं।

47. दामणी क्या है?

  • (A) ओढ़नी
  • (B) औजार
  • (C) कर
  • (D) जूती

दामणी मारवाड़ क्षेत्र की एक लाल रंग की ओढ़नी है, जिस पर कढ़ाई की जाती है। यह महिलाओं के परिधान का हिस्सा है।

48. जसवंतशाही पाग कहाँ प्रचलित है?

  • (A) मारवाड़
  • (B) भरतपुर
  • (C) जयपुर
  • (D) हाड़ौती

जसवंतशाही पाग मारवाड़ क्षेत्र में प्रचलित है, जिसका संबंध जोधपुर के शासक जसवंत सिंह से है।

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49. तीज पर कौनसी पगड़ी पहनी जाती है?

  • (A) कसूम्बी
  • (B) मदील
  • (C) सफेद
  • (D) लहरिया

श्रावण मास की तीज पर लहरिया पगड़ी पहनी जाती है, जो वर्षा ऋतु और उत्सव का प्रतीक है।

50. शिकार के समय राजपूत कौनसी पगड़ी पहनते थे?

  • (A) कसूम्बी
  • (B) मोठड़ा
  • (C) खाकी
  • (D) कसूमल

शिकार के समय राजपूत खाकी रंग की पगड़ी पहनते थे, जो व्यावहारिक और परिस्थितियों के अनुकूल होती थी।

51. ‘चीड़ का पोमचा’ विधवा स्त्री की काली ओढ़नी किस क्षेत्र में पहनी जाती है?

  • (A) शेखावाटी
  • (B) हाड़ौती
  • (C) मेवाड़
  • (D) मारवाड़

चीड़ का पोमचा विधवा स्त्रियों द्वारा पहनी जाने वाली काले रंग की ओढ़नी है, जो मुख्यतः हाड़ौती क्षेत्र में प्रचलित है। यह वस्त्र सामाजिक स्थिति और वैवाहिक अवस्था का संकेत देता है। ग्रामीण समाज में ऐसे विशेष परिधान परंपरागत मान्यताओं और रीति-रिवाजों से जुड़े होते हैं, जिससे व्यक्ति की पहचान और सामाजिक स्थिति स्पष्ट होती है।

52. राजस्थान में पगड़ी का वास्तविक संरक्षक किसे माना जाता है?

  • (A) शेरशाह
  • (B) हुमायूँ
  • (C) अकबर
  • (D) जहाँगीर

राजस्थान में पगड़ी की परंपरा को संरक्षित और प्रतिष्ठित करने का श्रेय मुगल सम्राट अकबर को दिया जाता है। उनके समय में पगड़ी केवल पहनावे का हिस्सा नहीं बल्कि सम्मान, पद और पहचान का प्रतीक बन गई। विभिन्न प्रकार की पगड़ियों को प्रोत्साहन मिला, जिससे क्षेत्रीय विविधता और सांस्कृतिक पहचान को बल मिला।

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53. निम्न में से असंगत कथन कौनसा है?

  • (A) परतदार पगड़ी-हाड़ौती
  • (B) उदयपुर पगड़ी चपटी
  • (C) मारवाड़ में खिड़कीदार पगड़ी
  • (D) जयपुर की खूँटेदार पगड़ी

परतदार पगड़ी हाड़ौती की नहीं बल्कि मेवाड़ क्षेत्र की प्रसिद्ध रंग-बिरंगी पगड़ी है। अन्य सभी कथन सही हैं और अपने-अपने क्षेत्रों की पगड़ी विशेषताओं को दर्शाते हैं। राजस्थान में पगड़ियों का स्वरूप क्षेत्रानुसार बदलता है, जिससे स्थानीय संस्कृति, जलवायु और परंपराओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

54. ‘छाबदार’ किसे कहा जाता है?

  • (A) मेवाड़ में पगड़ी बाँधने वाला
  • (B) मारवाड़ में पगड़ी बाँधने वाला
  • (C) हाड़ौती में पगड़ी बाँधने वाला
  • (D) बंधेज कलाकार

छाबदार मेवाड़ क्षेत्र में पगड़ी बाँधने वाले व्यक्ति को कहा जाता है। पगड़ी बाँधना एक विशेष कौशल माना जाता है, जिसमें कपड़े को विशेष शैली में सिर पर सजाया जाता है। यह कार्य परंपरागत रूप से कुछ विशेष लोगों द्वारा किया जाता था, जिन्हें इस कला में दक्षता प्राप्त होती थी।

55. पुरुषों के सिर की घेर वाली पाग क्या कहलाती है?

  • (A) ताखी
  • (B) बरड़ी
  • (C) लांगदार
  • (D) बागी

पुरुषों के सिर के चारों ओर घुमाकर बाँधी जाने वाली पगड़ी को बागी कहा जाता है। यह पगड़ी सिर को पूरी तरह ढकती है और इसका उपयोग सम्मान तथा पहचान के प्रतीक के रूप में किया जाता है। विभिन्न क्षेत्रों में इसकी बांधने की शैली और आकार में भिन्नता देखने को मिलती है।

56. निम्न में से असत्य कथन कौनसा है?

  • (A) पीली पगड़ी होली पर
  • (B) हरी पगड़ी शीत ऋतु
  • (C) खाकी पगड़ी शिकार
  • (D) केसरिया पगड़ी अक्षय तृतीया

हरी या कसूमल पगड़ी शीत ऋतु में नहीं बल्कि वर्षा ऋतु में पहनी जाती है। अन्य कथन सही हैं और विभिन्न अवसरों व मौसमों के अनुसार पगड़ी के रंगों का चयन दर्शाते हैं। राजस्थान में पगड़ी के रंगों का विशेष महत्व होता है, जो मौसम, उत्सव और सामाजिक अवसरों के अनुसार निर्धारित होते हैं।

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57. रक्षाबन्धन पर बहन कौनसा साफा भेंट करती है?

  • (A) लाल टूल
  • (B) बावरा
  • (C) मोठड़ा
  • (D) शाही

रक्षाबंधन के अवसर पर बहन द्वारा भाई को मोठड़ा साफा भेंट करने की परंपरा है। यह प्रेम, सम्मान और शुभकामनाओं का प्रतीक होता है। इस साफे का विशेष महत्व पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने में माना जाता है और यह त्योहार की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।

58. रेशमी घाघरा कहाँ का प्रसिद्ध है?

  • (A) जालौर
  • (B) जयपुर
  • (C) जोधपुर
  • (D) जैसलमेर

रेशमी घाघरा जयपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध परिधान है। यहाँ के वस्त्रों में रंग-बिरंगे और आकर्षक डिज़ाइन देखने को मिलते हैं। रेशम से बने घाघरे विशेष अवसरों पर पहने जाते हैं और यह क्षेत्र की समृद्ध हस्तकला एवं परिधान परंपरा को दर्शाते हैं।

59. लहंगा का प्रचलन किस क्षेत्र में अधिक है?

  • (A) मेवाड़
  • (B) हाड़ौती
  • (C) मारवाड़
  • (D) शेखावाटी

लहंगा शेखावाटी क्षेत्र में सबसे अधिक प्रचलित है। यह घाघरे का छोटा रूप होता है और दैनिक उपयोग में अधिक सुविधाजनक माना जाता है। यहाँ की महिलाएँ पारंपरिक रूप से इसे पहनती हैं, जिससे क्षेत्रीय वेशभूषा की विशिष्ट पहचान बनती है।

60. जेनब की साड़ियाँ कहाँ की प्रसिद्ध है?

  • (A) जोबनेर
  • (B) दिगोद
  • (C) सवाई माधोपुर
  • (D) नाथद्वारा

जेनब की साड़ियाँ कोटा जिले के दिगोद क्षेत्र की प्रसिद्ध हैं। यह साड़ियाँ अपनी बारीक बुनाई और विशिष्ट डिज़ाइन के लिए जानी जाती हैं। स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की जाने वाली ये साड़ियाँ पारंपरिक कला और वस्त्र निर्माण की उत्कृष्टता को प्रदर्शित करती हैं।

61. पोमचा का संबंध किससे है?

  • (A) आभूषण
  • (B) संस्कार
  • (C) मिठाई
  • (D) वस्त्र

पोमचा एक प्रकार का पारंपरिक वस्त्र है, जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा ओढ़ा जाता है। यह विभिन्न अवसरों पर अलग-अलग रंगों और डिज़ाइनों में उपयोग किया जाता है। सामाजिक परंपराओं के अनुसार इसका उपयोग वैवाहिक स्थिति और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने के लिए भी किया जाता है।

62. ‘आंगी’ किसके द्वारा पहना जाता है?

  • (A) पुरुष
  • (B) ओढ़ने का वस्त्र
  • (C) स्त्रियाँ
  • (D) बच्चे

आंगी महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला बिना बाँह का परिधान है, जो चोली का एक रूप होता है। यह पारंपरिक वेशभूषा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित है। इसका उपयोग दैनिक जीवन और सांस्कृतिक अवसरों दोनों में किया जाता है।

63. चन्द्रकला किस प्रकार का वस्त्र है?

  • (A) सलवार
  • (B) पायजामा
  • (C) ओढ़नी
  • (D) टोपी

चन्द्रकला एक प्रकार की ओढ़नी है, जो अपने विशेष डिजाइन और रंग संयोजन के लिए जानी जाती है। यह महिलाओं के पारंपरिक परिधान का हिस्सा है और विशेष अवसरों पर धारण की जाती है।

64. लुगड़ी, दामणी, कटकी किसके प्रकार हैं?

  • (A) ओढ़नी
  • (B) कुर्ता
  • (C) पगड़ी
  • (D) साफा

लुगड़ी, दामणी और कटकी सभी ओढ़नी के प्रकार हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों में प्रचलित हैं। इनके रंग, डिज़ाइन और उपयोग में भिन्नता होती है, जिससे क्षेत्रीय संस्कृति की विविधता झलकती है।

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65. बंधेज से 5 रंगों का साफा क्या कहलाता है?

  • (A) लाल टूल
  • (B) बावरा
  • (C) शाही
  • (D) उमराव

बंधेज कला द्वारा पाँच रंगों से तैयार किया गया साफा बावरा साफा कहलाता है। यह रंगीन और आकर्षक होता है तथा विशेष अवसरों पर पहना जाता है। यह राजस्थान की प्रसिद्ध रंगाई कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

66. पगड़ी के ऊपर कौनसा नहीं पहना जाता?

  • (A) बालाबन्द
  • (B) रेजा
  • (C) ऊपरणी
  • (D) रतनपेच

रेजा पगड़ी के ऊपर नहीं पहना जाता, बल्कि यह महिलाओं का परिधान है। अन्य विकल्प पगड़ी से संबंधित सजावटी या सहायक तत्व हैं। इससे स्पष्ट होता है कि पगड़ी के साथ जुड़े वस्त्रों और महिलाओं के परिधानों में अंतर होता है।

67. फूल की साड़ियाँ कहाँ की प्रसिद्ध हैं?

  • (A) जोबनेर
  • (B) दिगोद
  • (C) सवाई माधोपुर
  • (D) नाथद्वारा

फूल की साड़ियाँ जयपुर जिले के जोबनेर क्षेत्र की प्रसिद्ध हैं। ये साड़ियाँ अपने फूलदार डिज़ाइन और आकर्षक रंगों के लिए जानी जाती हैं। स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाई गई ये साड़ियाँ पारंपरिक वस्त्र कला का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती हैं।

68. मोठड़ा क्या है?

  • (A) एक वस्त्र
  • (B) लोकगीत
  • (C) आभूषण
  • (D) कृषि यंत्र

मोठड़ा बंधेज कला से तैयार किया जाने वाला एक विशेष प्रकार का साफा (पगड़ी) है, जिसे दो बार रंग निकालकर बनाया जाता है। इसकी रंगाई प्रक्रिया जटिल होती है और इसमें रंगों की परतें स्पष्ट दिखाई देती हैं। यह विशेष रूप से विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर पहना जाता है और सामाजिक प्रतिष्ठा व उत्सव का प्रतीक माना जाता है।

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69. स्प्रे पेंटिंग की साड़ियाँ कहाँ प्रसिद्ध हैं?

  • (A) नाथद्वारा
  • (B) सवाई माधोपुर
  • (C) दिगोद
  • (D) जोबनेर

नाथद्वारा (राजसमंद) क्षेत्र स्प्रे पेंटिंग तकनीक से बनी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। इस शैली में रंगों को छिड़काव द्वारा कपड़े पर उकेरा जाता है, जिससे विशेष डिजाइन और कलात्मक प्रभाव उत्पन्न होता है। यह कला स्थानीय कारीगरों की दक्षता को दर्शाती है और पारंपरिक वस्त्रों में आधुनिक तकनीक के प्रयोग का उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

70. दुल्हन की लाल ओढ़नी क्या कहलाती है?

  • (A) सिन्दूरी
  • (B) पिरिया
  • (C) सलूका
  • (D) पंवरी

विवाह के समय दुल्हन द्वारा पहनी जाने वाली लाल रंग की ओढ़नी को सिन्दूरी कहा जाता है। यह वैवाहिक जीवन की शुरुआत, शुभता और सौभाग्य का प्रतीक मानी जाती है। राजस्थान में लाल रंग को मंगल का रंग माना जाता है, इसलिए विवाह जैसे महत्वपूर्ण संस्कारों में इसका विशेष महत्व होता है।

71. भीमशाही क्या है?

  • (A) पगड़ी
  • (B) युद्ध शैली
  • (C) ओढ़नी
  • (D) कुर्ता

भीमशाही मेवाड़ क्षेत्र में प्रचलित एक प्रकार की पगड़ी है, जो महाराणा भीमसिंह द्वितीय के समय प्रसिद्ध हुई। यह पगड़ी अपनी विशिष्ट बांधने की शैली और आकार के कारण पहचानी जाती है। राजस्थानी पगड़ियाँ अक्सर शासकों के नाम पर जानी जाती हैं, जिससे उनका ऐतिहासिक महत्व भी स्पष्ट होता है।

72. विजयशाही पाग कहाँ की प्रसिद्ध है?

  • (A) उदयपुर
  • (B) जयपुर
  • (C) कोटा
  • (D) जोधपुर

विजयशाही पाग मारवाड़ (जोधपुर) क्षेत्र की प्रसिद्ध पगड़ी है। यह पगड़ी अपनी विशेष बनावट और शैली के कारण पहचानी जाती है। क्षेत्र विशेष के अनुसार पगड़ी के नाम और स्वरूप बदलते हैं, जिससे स्थानीय संस्कृति और शासकों का प्रभाव दिखाई देता है।

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73. सुंठ की साड़ियाँ कहाँ प्रसिद्ध हैं?

  • (A) जोबनेर
  • (B) दिगोद
  • (C) सवाई माधोपुर
  • (D) नाथद्वारा

सवाई माधोपुर क्षेत्र सुंठ की साड़ियों के लिए जाना जाता है। ये साड़ियाँ विशेष प्रकार की बुनाई और डिजाइन के कारण प्रसिद्ध हैं। स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की जाने वाली ये साड़ियाँ पारंपरिक वस्त्र निर्माण की समृद्ध परंपरा को दर्शाती हैं।

74. शाही साफा कहाँ का प्रसिद्ध है?

  • (A) जयपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) कोटा
  • (D) जोधपुर

शाही साफा जयपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध पारंपरिक साफा है, जिसे विशेष अवसरों और समारोहों में पहना जाता है। यह राजसी ठाठ और गरिमा का प्रतीक होता है। इसकी बनावट और रंग संयोजन इसे अन्य साफों से अलग पहचान देते हैं।

75. अंगरखी के ऊपर पुरुष कौनसा वस्त्र पहनते हैं?

  • (A) अमोवा
  • (B) आतमसुख
  • (C) चोगा
  • (D) सूथना

चोगा अंगरखी के ऊपर पहना जाने वाला बाहरी वस्त्र है, जिसे विशेष रूप से सम्पन्न वर्ग के पुरुष पहनते थे। यह ढीला और लंबा होता है तथा औपचारिक अवसरों पर उपयोग किया जाता है। इससे व्यक्ति की सामाजिक स्थिति और परिधान की समृद्धि का भी संकेत मिलता है।

76. तनसुख, गाबा, डागला, मिरजई किसके प्रकार हैं?

  • (A) अंगरखी
  • (B) साफा
  • (C) टोपी
  • (D) पगड़ी

तनसुख, गाबा, डागला और मिरजई सभी अंगरखी के विभिन्न प्रकार हैं। इनकी बनावट, आकार और उपयोग में अंतर होता है, जिससे इन्हें अलग-अलग नाम दिए गए हैं। ये पारंपरिक पुरुष परिधान के महत्वपूर्ण रूप हैं।

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77. मध्यकाल में ‘खन्गा’ क्या था?

  • (A) पगड़ी
  • (B) वस्त्र
  • (C) जूता
  • (D) आभूषण

मध्यकाल में खन्गा एक प्रकार का सिर पर पहना जाने वाला वस्त्र था, जिसे पगड़ी के रूप में उपयोग किया जाता था। यह सामाजिक स्थिति और सम्मान का प्रतीक माना जाता था।

78. तुर्रे, कलंगी, रतनपेच किसे सजाने में उपयोग होते हैं?

  • (A) ओढ़नी
  • (B) घाघरा
  • (C) पगड़ी
  • (D) अंगरखी

तुर्रे, कलंगी, रतनपेच आदि पगड़ी को सजाने के लिए उपयोग किए जाने वाले अलंकरण हैं। ये पगड़ी की शोभा बढ़ाते हैं और विशेष अवसरों पर पहनने वाले की प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं।

79. ऊनी घाघरा क्या कहलाता है?

  • (A) धाबला
  • (B) लाळियो
  • (C) घूंसो
  • (D) पछेवड़ा

ग्रामीण क्षेत्रों में ऊन से बना घाघरा धाबला कहलाता है। यह ठंड से बचाव के लिए उपयोग किया जाता है और विशेष रूप से सर्द मौसम में पहना जाता है।

80. बच्चों का सर्दी का पायजामा क्या कहलाता है?

  • (A) लांग
  • (B) अमोवा
  • (C) सूथना
  • (D) चोगा

सूथना बच्चों द्वारा सर्दियों में पहना जाने वाला पायजामा है। यह शरीर को गर्म रखने के लिए बनाया जाता है और आरामदायक होता है।

❓ Question / Doubt / Correction?

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Mukesh Khunga

About the Author

Mukesh Khunga

Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...

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