राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा Important MCQ | Rajasthan GK Questions in Hindi
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
राजस्थान की वेशभूषा व पहनावा से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
MCQ
प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें झाझर, लछने, पैजनिया, टोटी, बूली, टीका आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न
RPSC,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
शामिल हैं।
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
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1. कालीबंगा और आहड़ सभ्यता के काल से राजस्थान में किस प्रकार के वस्त्रों का उपयोग होता था?
A
सिल्क
B
टेरिकोट
C
पॉलिएस्टर
D
सूती
📖 व्याख्या
कालीबंगा और आहड़ सभ्यता के पुरातात्विक प्रमाण बताते हैं कि प्राचीन राजस्थान में सूती वस्त्रों का प्रयोग होता था। यह सभ्यताएँ हड़प्पा संस्कृति से जुड़ी थीं, जहाँ कपास की खेती और बुनाई का विकास हो चुका था। सूती वस्त्र जलवायु के अनुकूल होने के कारण अधिक उपयोगी थे और दैनिक जीवन में व्यापक रूप से अपनाए जाते थे।
2. कसूमल' रंग का अर्थ है?
A
लाल रंग
B
काला रंग
C
नीला रंग
D
पीला रंग
📖 व्याख्या
‘कसूमल’ का अर्थ लाल रंग होता है, जो पारंपरिक लोकभाषा में प्रयुक्त होता है।
3. अटपटी, अमरशाही, उदयशाही और शिवशाही क्या हैं?
A
पगड़ियों के प्रकार
B
आभूषणों के प्रकार
C
भेड़ों की प्रजातियाँ
D
खाद्य पदार्थ
📖 व्याख्या
ये सभी राजस्थान में प्रचलित विभिन्न प्रकार की पगड़ियों (पाग/साफा) के नाम हैं।
4. राजस्थान में आदिवासी में ‘कटकी’ परिधान कौन पहनता है?
A
विवाहित महिला
B
अविवाहित महिला
C
विधवा महिला
D
इनमें से कोई नहीं
📖 व्याख्या
‘कटकी’ आदिवासी अविवाहित महिलाओं का परिधान है, विशेषकर ओढ़नी के रूप में।
5. भील जनजाति के पुरुष कमर पर जो वस्त्र लपेटते हैं उसे क्या कहते हैं?
A
खोयतु
B
जामा
C
पोल्या
D
कछाबू
📖 व्याख्या
‘खोयतु’ भील पुरुषों द्वारा कमर पर लपेटा जाने वाला पारंपरिक वस्त्र है।
6. ‘जोधपुरी साफा’ को प्रसिद्ध करने का श्रेय किसे जाता है?
A
महाराजा केसर सिंह
B
महाराजा जसवन्त सिंह
C
महाराजा उदय सिंह
D
महाराजा सुमेर सिंह
📖 व्याख्या
जोधपुरी साफे को लोकप्रिय बनाने का श्रेय महाराजा जसवन्त सिंह को दिया जाता है।
7. मोठड़े की पगड़ी पहनी जाती है-
A
होली पर
B
श्रावण में
C
विवाहोत्सव पर
D
संक्रांति पर
📖 व्याख्या
‘मोठड़ा’ पगड़ी विशेष रूप से विवाह जैसे मांगलिक अवसरों पर पहनी जाती है।
8. भीलों के वस्त्रों के संदर्भ में ‘फेटा’ क्या है?
A
आभूषण
B
सिर का वस्त्र (पगड़ी)
C
बालकों का वस्त्र
D
मोटा लबादा
📖 व्याख्या
‘फेटा’ भील पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला सिर का वस्त्र (पगड़ी) है।
9. मिरजाई, दुतई और डगला किसके प्रकार हैं?
A
पगड़ी
B
लहरिया
C
अंगरखी
D
धोती
📖 व्याख्या
ये सभी ‘अंगरखी’ (ऊपरी शरीर पर पहना जाने वाला वस्त्र) के विभिन्न प्रकार हैं।
10. दुतई, गदर, कानो एवं मिरजाई किससे संबंधित हैं?
A
तलवार
B
पगड़ी
C
अंगरखी
D
ओढ़नी
📖 व्याख्या
ये सभी अंगरखी के विभिन्न प्रकार हैं, जो पुरुषों के पारंपरिक पहनावे में शामिल हैं।
11. भील जनजाति की स्त्रियों द्वारा पहना जाने वाला लम्बा घाघरा किस नाम से जाना जाता है?
A
कटकी
B
कछाबू
C
कू
D
जामा
📖 व्याख्या
‘कछाबू’ भील महिलाओं का घाघरानुमा पारंपरिक परिधान है।
12. “ताराभांत की ओढ़नी” पहनावा किसमें प्रचलित है?
A
आदिवासी महिलाएं
B
गुर्जर महिलाएं
C
दलित महिलाएं
D
जाट महिलाएं
📖 व्याख्या
‘ताराभांत की ओढ़नी’ आदिवासी महिलाओं में प्रचलित विशेष प्रकार की ओढ़नी है।
13. राजशाही पगड़ी कहाँ की प्रसिद्ध है?
A
जोधपुर
B
उदयपुर
C
कोटा
D
जयपुर
📖 व्याख्या
राजशाही पगड़ी जयपुर की प्रसिद्ध पारंपरिक पगड़ी है, जिसमें एक ही रंग के साथ सफेद बूंदों की विशेष डिजाइन होती है। इसे ऐतिहासिक रूप से राजाओं द्वारा धारण किया जाता था, जिससे इसका नाम ‘राजशाही’ पड़ा। यह पगड़ी राजपूत शान और गौरव का प्रतीक मानी जाती है।
14. ‘कटकी’ वस्त्र कौन पहनता है?
A
पुरुष
B
विधवा
C
विवाहित स्त्रियाँ
D
अविवाहित लड़कियाँ
📖 व्याख्या
‘कटकी’ आदिवासी समुदाय की अविवाहित लड़कियों द्वारा पहनी जाने वाली ओढ़नी है। इसमें लाल पृष्ठभूमि पर सफेद और काले धागों से बूटियाँ बनाई जाती हैं। यह वस्त्र केवल परिधान ही नहीं बल्कि सामाजिक पहचान का संकेत भी होता है, जिससे वैवाहिक स्थिति का पता चलता है।
15. गरासिया जनजाति में कमीज जैसा वस्त्र क्या कहलाता है?
A
झूलकी
B
कापड़ी
C
पटियारी
D
मांझौ
📖 व्याख्या
गरासिया जनजाति में ‘झूलकी’ एक ढीली कमीज जैसा पारंपरिक वस्त्र है, जिसे पुरुष और महिलाएँ दोनों पहनते हैं। यह दैनिक जीवन के अनुकूल आरामदायक परिधान है और जनजातीय पहचान को दर्शाता है। इसकी बनावट सरल होने के बावजूद यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
16. मलयगिरी रंगाई पद्धति में किस रंग की प्रधानता होती है?
A
काला
B
भूरा
C
लाल
D
सफेद
📖 व्याख्या
मलयगिरी रंगाई राजस्थान की पारंपरिक प्राकृतिक रंगाई विधि है, जिसमें मुख्य रूप से भूरे रंग का उपयोग होता है। यह रंग वनस्पतियों से प्राप्त प्राकृतिक रसों से बनाया जाता है। इस पद्धति में पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का उपयोग किया जाता है, जिससे कपड़ों में प्राकृतिक सौंदर्य और टिकाऊपन आता है।
17. ‘क्षौम’ किस प्रकार का वस्त्र है?
A
स्तनोत्तरीय
B
कुरपासक
C
क्षौम
D
बृहत्तिका
📖 व्याख्या
‘क्षौम’ एक प्रकार का हल्का और आरामदायक वस्त्र है, जिसका उपयोग विशेष रूप से गर्मियों में किया जाता था। प्राचीन ग्रंथों में इसे ग्रीष्म ऋतु के लिए उपयुक्त बताया गया है। यह वस्त्र शरीर को ठंडक प्रदान करता है और जलवायु के अनुरूप परिधान का उदाहरण है।
18. कंजर जाति की महिलाओं का पायजामा क्या कहलाता है?
A
कापड़ी
B
झूलकी
C
खूसनी
D
मांझी
📖 व्याख्या
कंजर जाति की महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला चुस्त पायजामा ‘खूसनी’ कहलाता है। यह कमर तक फिट होता है और नृत्य व दैनिक गतिविधियों के लिए सुविधाजनक होता है। इसकी बनावट पारंपरिक जीवनशैली और गतिशीलता को ध्यान में रखकर की गई है।
19. सहरिया जनजाति में घुटनों तक की धोती क्या कहलाती है?
A
घूघी
B
मदील
C
पंछा
D
सलूका
📖 व्याख्या
सहरिया जनजाति में पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली घुटनों तक की धोती को ‘पंछा’ कहा जाता है। यह सरल और उपयोगी परिधान है, जो दैनिक कार्यों के लिए अनुकूल होता है। यह जनजातीय वेशभूषा की पहचान का हिस्सा है।
A
मोठड़े की पगड़ी विवाह में
B
लहरिया तीज में
C
मदील रक्षाबंधन में
D
कसुमल वर्षा में
📖 व्याख्या
‘मदील’ पगड़ी रक्षाबंधन पर नहीं बल्कि दशहरे के अवसर पर पहनी जाती है। अन्य सभी कथन सही हैं। राजस्थानी पगड़ियाँ विभिन्न त्योहारों और अवसरों के अनुसार अलग-अलग प्रकार की होती हैं, जो सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं।
21. कमर पर बाँधा जाने वाला वस्त्र क्या कहलाता है?
A
पटका
B
फड़का
C
शेरवानी
D
बालाबन्द
📖 व्याख्या
जामा या अंगरखी के ऊपर कमर पर बाँधा जाने वाला वस्त्र ‘पटका’ या ‘कमरबंद’ कहलाता है। इसमें तलवार या कटार रखने की व्यवस्था होती थी। यह परिधान सुरक्षा और सजावट दोनों उद्देश्यों को पूरा करता था।
22. पाँच रंगों से रंगा साफा क्या कहलाता है?
A
मदील
B
मोठड़ा
C
डोवटी
D
बावरा
📖 व्याख्या
बंधेज कला द्वारा पाँच रंगों से रंगे गए साफे को ‘बावरा’ कहा जाता है। यह राजस्थान की विशिष्ट पगड़ी शैली है, जिसमें रंगों का आकर्षक संयोजन होता है। यह उत्सव और विशेष अवसरों पर पहना जाता है।
23. धुमालो, अमलो, सेलो, बागा किसके प्रकार हैं?
A
ओढ़नी
B
पगड़ी
C
घाघरा
D
कुर्ता
📖 व्याख्या
धुमालो, अमलो, सेलो और बागा पगड़ी के विभिन्न प्रकार हैं। राजस्थान में पगड़ी को क्षेत्र, जाति और अवसर के अनुसार अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यह पुरुषों की पहचान और सम्मान का प्रतीक है।
24. ‘आतमसुख’ किस प्रकार का वस्त्र है?
A
गर्म वस्त्र
B
हल्का वस्त्र
C
धोती
D
कुर्ता
📖 व्याख्या
‘आतमसुख’ एक गर्म वस्त्र है, जिसे सर्दियों में शरीर को ढकने के लिए पहना जाता है। यह कश्मीरी फिरन की तरह होता है और ठंड से बचाव करता है। इसका उपयोग विशेष रूप से ठंडे क्षेत्रों में किया जाता है।
25. ताराभांत ओढ़नी किनकी वेशभूषा है?
A
जाट
B
गुर्जर
C
आदिवासी
D
राजपूत
📖 व्याख्या
ताराभांत ओढ़नी आदिवासी महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा है। इसमें तारों जैसी आकृतियाँ बनी होती हैं, जो इसे विशिष्ट बनाती हैं। यह वस्त्र उनकी सांस्कृतिक पहचान और परंपरा को दर्शाता है।
26. निम्न में से कौनसा वस्त्र पुरुषों का नहीं है?
A
आतमसुख
B
बुगतरी
C
अचकन
D
नांदड़ा
📖 व्याख्या
‘नांदड़ा’ महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला प्राचीन वस्त्र है, जबकि अन्य सभी वस्त्र पुरुषों से संबंधित हैं। यह वस्त्र विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में प्रचलित है और पारंपरिक परिधान का हिस्सा है।
27. चोली का पारंपरिक रूप क्या कहलाता है?
A
चांदणी
B
बरड़ी
C
कापड़ी
D
पटणी
📖 व्याख्या
‘कापड़ी’ दो कपड़ों के टुकड़ों को जोड़कर बनाई जाने वाली चोली है, जिसे पीछे से बांधा जाता है। यह पारंपरिक महिला परिधान का हिस्सा है और ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी प्रचलित है।
28. चौड़े पायचे वाली सलवार क्या कहलाती है?
A
सुजनी
B
लहंगा
C
शरारा
D
तिलका
📖 व्याख्या
‘शरारा’ एक प्रकार की सलवार है, जिसका निचला हिस्सा चौड़ा होता है। यह महिलाओं का पारंपरिक परिधान है और विशेष अवसरों पर पहना जाता है। इसकी बनावट इसे आकर्षक और आरामदायक बनाती है।
29. ऊन का ओढ़ने वाला वस्त्र क्या कहलाता है?
A
घुघी
B
पछेवड़ा
C
बागी
D
आतमसुख
📖 व्याख्या
‘घुघी’ ऊन से बना ओढ़ने वाला वस्त्र है, जो सर्दी से बचाव के लिए उपयोग किया जाता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से प्रयोग में लाया जाता है और ठंड के मौसम में आवश्यक माना जाता है।
30. पर्दानशीन महिलाओं का सफेद सिर ढकने वाला वस्त्र क्या है?
A
अवोचण
B
पछेवड़ी
C
तमोटी
D
गंगाजली
📖 व्याख्या
‘अवोचण’ पर्दानशीन महिलाओं द्वारा सिर ढकने के लिए उपयोग किया जाने वाला सफेद वस्त्र है। यह शालीनता और परंपरा का प्रतीक है तथा सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार धारण किया जाता है।
31. मामा द्वारा विवाह के अवसर पर भांजी के लिए लाई गई चुनरी क्या कहलाती है?
A
एरंडी
B
कटारी भांत
C
कंवरजोड़
D
मामाजोड़
📖 व्याख्या
विवाह के अवसर पर मामा द्वारा भांजी के लिए लाई गई चुनरी को ‘कंवरजोड़’ कहा जाता है। यह पारिवारिक स्नेह और परंपरा का प्रतीक होता है तथा विवाह संस्कार में विशेष महत्व रखता है।
32. लंगोटिया भीलों में पुरुषों की लंगोटी क्या कहलाती है?
A
ढेपाड़ा
B
फालू
C
पोत्या
D
खोयतु
📖 व्याख्या
लंगोटिया भील पुरुषों द्वारा कमर पर बाँधी जाने वाली लंगोटी को ‘खोयतु’ कहा जाता है। यह उनका पारंपरिक और दैनिक पहनावा है।
33. भील पुरुष पगड़ी के स्थान पर कौनसा वस्त्र बाँधते हैं?
A
पोतिया
B
अंगरखी
C
बंडी
D
फालू
📖 व्याख्या
भील पुरुष पगड़ी के स्थान पर ‘पोतिया’ नामक मोटा वस्त्र सिर पर बाँधते हैं। यह सरल और उपयोगी होता है तथा उनकी जनजातीय पहचान दर्शाता है।
34. भील दुल्हन का पीला लहंगा क्या कहलाता है?
A
सिन्दूरी
B
सलूका
C
पिरिया
D
परिजनी
📖 व्याख्या
भील जनजाति में विवाह के समय दुल्हन द्वारा पहना जाने वाला पीले रंग का लहंगा ‘पिरिया’ कहलाता है। यह शुभता और मंगल का प्रतीक माना जाता है।
35. भील विवाह में लाल साड़ी क्या कहलाती है?
A
सिन्दूरी
B
सलूका
C
पंछा
D
परिजनी
📖 व्याख्या
विवाह के समय भील महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली लाल साड़ी को ‘सिन्दूरी’ कहा जाता है। यह वैवाहिक संस्कार से जुड़ा पारंपरिक परिधान है।
36. सहरिया पुरुषों की अंगरखी क्या कहलाती है?
A
पंछा
B
सलूका
C
खपटा
D
रेजा
📖 व्याख्या
सहरिया जनजाति के पुरुषों द्वारा पहनी जाने वाली अंगरखी को ‘सलूका’ कहा जाता है। यह कमीज के रूप में प्रयुक्त होता है और दैनिक जीवन में उपयोगी है।
37. उदयशाही, अमरशाही व भीमशाही पगड़ियाँ कहाँ की हैं?
A
डूंगरपुर
B
जोधपुर
C
मेवाड़
D
बीकानेर
📖 व्याख्या
उदयशाही, अमरशाही और भीमशाही पगड़ियाँ मेवाड़ क्षेत्र की प्रसिद्ध पगड़ियाँ हैं। ये विभिन्न शासकों के नाम पर प्रचलित हुई थीं और क्षेत्रीय पहचान दर्शाती हैं।
38. खिड़किया पाग किस रियासत में प्रचलित थी?
A
प्रतापगढ़
B
जोधपुर
C
मेवाड़
D
भरतपुर
📖 व्याख्या
‘खिड़किया पाग’ मारवाड़ (जोधपुर) क्षेत्र की प्रसिद्ध पगड़ी है। यहाँ विभिन्न प्रकार की पगड़ियों का विशेष महत्व रहा है।
39. उमराव पाग कहाँ प्रचलित थी?
A
आमेर
B
जोधपुर
C
मेवाड़
D
जैसलमेर
📖 व्याख्या
‘उमराव पाग’ मेवाड़ क्षेत्र की पारंपरिक पगड़ी है, जिसे विशेष वर्ग के लोगों द्वारा पहना जाता था।
40. ब्रिजेस किस प्रकार का वस्त्र है?
A
पगड़ी
B
घाघरा
C
ओढ़नी
D
पुरुषों का निचला वस्त्र
📖 व्याख्या
‘ब्रिजेस’ पुरुषों द्वारा कमर से नीचे पहना जाने वाला तंग पायजामा होता है, जो विशेष रूप से घुड़सवारी या शिकार के समय उपयोग में लिया जाता था।
41. दुतई, गदर, कानो, मिरजाई किससे संबंधित हैं?
A
पगड़ी
B
अंगरखी
C
टोपी
D
साड़ी
📖 व्याख्या
ये सभी अंगरखी के प्रकार हैं, जो आकार और शैली के अनुसार अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं।
42. पछेवड़ा किससे संबंधित है?
A
पगड़ी
B
आभूषण
C
लोकनृत्य
D
परिधान
📖 व्याख्या
‘पछेवड़ा’ एक ऊनी वस्त्र है, जिसे पुरुष सर्दी से बचने के लिए ओढ़ते हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचलित है।
43. युद्ध में योद्धा कौनसी पगड़ी पहनते थे?
A
केसरिया
B
मोठड़ा
C
सफेद
D
लहरिया
📖 व्याख्या
युद्ध के समय राजपूत योद्धा केसरिया पगड़ी पहनते थे। यह त्याग और वीरता का प्रतीक मानी जाती है।
44. ज्वारभांत ओढ़नी किस समुदाय में प्रचलित है?
A
रेबारी
B
गुर्जर
C
आदिवासी
D
विश्नोई
📖 व्याख्या
ज्वारभांत ओढ़नी आदिवासी महिलाओं में प्रचलित है। यह उनकी पारंपरिक वेशभूषा का हिस्सा है।
A
पगड़ी
B
साड़ी
C
ओढ़नी
D
वस्त्र
📖 व्याख्या
‘मदील’ एक प्रकार की पगड़ी है, जो विशेष रूप से दशहरे के अवसर पर पहनी जाती है।
46. उदयशाही, अमरशाही, विजयशाही, शाहजहाँनी क्या हैं?
A
पगड़ी शैलियाँ
B
अंगरखी
C
साड़ियाँ
D
कपड़े
📖 व्याख्या
ये सभी राजस्थानी पगड़ियों की विभिन्न शैलियाँ हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों और शासकों से संबंधित हैं।
A
ओढ़नी
B
औजार
C
कर
D
जूती
📖 व्याख्या
‘दामणी’ मारवाड़ क्षेत्र की एक लाल रंग की ओढ़नी है, जिस पर कढ़ाई की जाती है। यह महिलाओं के परिधान का हिस्सा है।
48. जसवंतशाही पाग कहाँ प्रचलित है?
A
मारवाड़
B
भरतपुर
C
जयपुर
D
हाड़ौती
📖 व्याख्या
जसवंतशाही पाग मारवाड़ क्षेत्र में प्रचलित है, जिसका संबंध जोधपुर के शासक जसवंत सिंह से है।
49. तीज पर कौनसी पगड़ी पहनी जाती है?
A
कसूम्बी
B
मदील
C
सफेद
D
लहरिया
📖 व्याख्या
श्रावण मास की तीज पर लहरिया पगड़ी पहनी जाती है, जो वर्षा ऋतु और उत्सव का प्रतीक है।
50. शिकार के समय राजपूत कौनसी पगड़ी पहनते थे?
A
कसूम्बी
B
मोठड़ा
C
खाकी
D
कसूमल
📖 व्याख्या
शिकार के समय राजपूत खाकी रंग की पगड़ी पहनते थे, जो व्यावहारिक और परिस्थितियों के अनुकूल होती थी।