राजस्थान की लोकदेवियाँ MCQ Practice Set | Exam Oriented Questions with Answers
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की लोकदेवियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें शीतला माता, पथवारी माता, जीण माता, चामुण्डा, ज्वाला माता आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान की लोकदेवियाँ
- Last Updated:
- Content Type: MCQ Practice Set
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(Since 2021)
1. छींक माता का मंदिर स्थित है?
- (A) अलवर
- (B) भरतपुर
- (C) जयपुर
- (D) दौसा
छींक माता का मंदिर जयपुर में गोपाल जी के रास्ते पर स्थित है। यहाँ माघ शुक्ल सप्तमी को मेला भरता है और स्थानीय श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहाँ पहुँचते हैं।
2. शीतला माता का मुख्य मन्दिर कहां अवस्थित है?
- (A) आमेर
- (B) चाकसू
- (C) सांगानेर
- (D) विराट नगर
शीतला माता का मंदिर चाकसू (जयपुर) में स्थित है। यहीं पर शीतलाष्टमी का प्रसिद्ध मेला भरता है। यह मंदिर शील डूंगरी नामक पहाड़ीपर बना हुआ है। इसका निर्माण सवाई माधोसिंह प्रथम ने करवाया था।
3. राजस्थान में तीर्थयात्रा पर जाते समय पूजा की जाती है?
- (A) दुर्गा माता की
- (B) देवरा की
- (C) पथवारी देवी की
- (D) सांझी की
राजस्थान में जब भी तीर्थयात्रा पर जाते हैं, तो सबसे पहले पथवारी माता की पूजा की जाती है। मान्यता है कि पथवारी देवी मार्ग की रक्षकहोती हैं और यात्रा सुरक्षित बनाती हैं।
4. मेहरानगढ़ दुखान्तिका के जांच आयोग के अध्यक्ष हैं:
- (A) एन. एन. माथुर
- (B) जसराज चौपड़ा
- (C) इन्द्र सेन इसरानी
- (D) पी. के. तिवाड़ी
मेहरानगढ़ (जोधपुर) की चामुंडा माता पड़िहारों की कुलदेवी हैं जिन्हें राव जोधा ने मंडोर से लाकर स्थापित किया था। 30 सितम्बर 2008 को मेहरानगढ़ दुखान्तिका में 216 लोग मारे गए थे। इस घटना की जांच के लिए गठित आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जसराज चौपड़ा बने।
5. गुप्तकालीन 'भ्रमर माता का मंदिर' कहाँ पर स्थित है?
- (A) सोजत
- (B) छोटी सादड़ी
- (C) पेरवा
- (D) ऐरणपुरा
भ्रमर माता का मंदिर छोटी सादड़ी (प्रतापगढ़) में स्थित है। यह मंदिर गुप्तकालीन है और राजलगढ़ राजपरिवार की कुलदेवी माना जाता है। इसका निर्माण राजा यशगुप्त की गौरी द्वारा कराया गया था। यहाँ से वि.स. 547 का शिलालेख भी प्राप्त हुआ है।
6. बाण-माता किस राजपरिवार की कुलदेवी थी?
- (A) मेवाड़
- (B) बीकानेर
- (C) जोधपुर
- (D) जयपुर
बाण माता मेवाड़ के सूर्यवंशी गहलोत/सिसोदिया राजवंश की कुलदेवी मानी जाती हैं। यह चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित हैं। वर्तमान में मंदिर की पूजा और देखभाल पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा की जाती है। बाण माता मण्डोवरा राजपूतों की भी कुलदेवी हैं। उदयपुर और कुंभलगढ़ में भी इनके मंदिर स्थित हैं।
7. तनोट देवी का मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) जयपुर
- (B) डुंगरपुर
- (C) जैसलमेर
- (D) जालौर
तनोट माता का मंदिर जैसलमेर जिले में स्थित है। इन्हें थार की वैष्णों देवी और सेना की देवी कहा जाता है। 1965 के भारत-पाक युद्ध में इस मंदिर से जुड़ी कई गौरव गाथाएँ प्रसिद्ध हैं। मंदिर की पूजा और देखभाल BSF के जवानों द्वारा की जाती है।
8. निम्न में से किस लोक देवी को “थार की वैष्णों देवी" कहा जाता है?
- (A) जीण माता
- (B) चामुण्डा
- (C) ज्वाला माता
- (D) तनोट माता
तनोट माता को थार की वैष्णों देवी कहा जाता है। यह मंदिर जैसलमेर जिले के तनोट नगर में स्थित है, जिसे भाटी शासक रानी तनुराव ने बसाया था। इन्हें देवी हिंगलाज का पुनर्जन्म भी माना जाता है। यह मंदिर BSF के जवानों की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
9. त्रिपुरा सुंदरी देवी का मंदिर कहां स्थित है?
- (A) बांसवाड़ा
- (B) उदयपुर
- (C) डूंगरपुर
- (D) चित्तौड़
त्रिपुरा सुंदरी देवी का मंदिर बांसवाड़ा के तलवाड़ा में स्थित है। यह प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ है। देवी की प्रतिमा काले पत्थर की अठारह भुजाओं वाली है जो सिंह पर सवार है। इन्हें तुरताई माता भी कहा जाता है। यह मंदिर पांचाल जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं।
10. अलवर क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है?
- (A) सुगाली माता
- (B) सच्चिया माता
- (C) लटियाला माता
- (D) जिलाणी माता
जिलाणी माता को अलवर क्षेत्र की लोकदेवी माना जाता है। यह मंदिर बहरोड़ (अलवर) में स्थित है, जिसे लगभग 500 वर्ष पूर्व सिसोदिया वंश ने बनवाया था। यहाँ वर्ष में दो बार मेला भरता है – चैत्र और आश्विन नवरात्रा में।
11. लटियाल माता का मन्दिर राजस्थान में किस स्थान पर अवस्थित है?
- (A) घाणेराव में
- (B) फलोदी में
- (C) जसोल में
- (D) हडवेचा में
लटियाला माता का मंदिर फलोदी (जोधपुर) में स्थित है। इनके अन्य मंदिर नया शहर (बीकानेर) और लोद्रवा (जैसलमेर) में भी हैं। खेजड़ी के पेड़ के आगे मंदिर होने के कारण इन्हें खेजड़ बेरी राय भवानी भी कहा जाता है। यह कल्ला ब्राह्मणों की कुलदेवी हैं।
12. निम्न में से किस लोकदेवी ने 'नरकासुर राक्षस' का वध किया था?
- (A) शीला देवी
- (B) भद्रकाली माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) कैला देवी
भद्रकाली माता ने नरकासुर राक्षस का वध किया था। इन्हें शक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है।
13. सहरिया जनजाति की कुलदेवी है?
- (A) दिवाक माता
- (B) कोडिया देवी
- (C) भदाणा माता
- (D) चौथ माता
कोडिया देवी सहरिया जनजाति की कुलदेवी मानी जाती हैं। इस देवी की पूजा विशेष रूप से बीमारियों से बचाव और परिवार की रक्षा के लिए की जाती है।
14. ढूंढाड़ के कछवाहों की कुलदेवी है?
- (A) जमुवाय माता
- (B) शाकम्भरी माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) चामुण्डा माता
जमुवाय माता ढूंढाड़ के कछवाहा राजवंश की कुलदेवी हैं। इस मंदिर का निर्माण दुलहराय (तेजकरण) ने करवाया था। यहाँ माता की प्रतिमा गाय व बछड़े के साथ स्थापित है।
15. खंगारोत वंश की कुल देवी है?
- (A) जमुवाय माता
- (B) शाकम्भरी माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) चामुण्डा माता
शाकम्भरी माता को खंगारोत वंश की कुलदेवी माना जाता है। शाकम्भरी माता का प्रमुख मंदिर सीकर जिले में स्थित है।
16. किस लोकदेवी को चेचक और कोड़ की देवी के रूप में पूजा जाता है?
- (A) शीला देवी
- (B) शीतला माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) जमुवाय माता
शीतला माता को चेचक और कोड़ की देवी माना जाता है। उनकी पूजा से बच्चों को स्मॉलपॉक्स और अन्य रोगों से रक्षा होने की मान्यता है।
17. कुशाला माता का मंदिर स्थित है?
- (A) बदनौर (ब्यावर)
- (B) मंडोर (जोधपुर)
- (C) बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़)
- (D) रैवासा (सीकर)
कुशाला माता का मंदिर बदनौर (ब्यावर) में स्थित है। यह मंदिर ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और स्थानीय समाज की आस्था का केंद्र है।
18. शीतला माता के सम्बन्ध में असुमेलित युग्म है-
- (A) वाहन - गधा
- (B) पूजारी - कुम्हार
- (C) प्रतीक - मिट्टी का दीपक
- (D) थान - नीम के नीचे
शीतला माता का थान नीम के नीचे नहीं बल्कि खेजड़ी वृक्ष के नीचे माना जाता है। अतः विकल्प (D) असुमेलित है।
19. कंजर जाति की कुलदेवी हैं?
- (A) चौथ माता
- (B) शीला माता
- (C) शीतला माता
- (D) ज्वाला माता
चौथ माता कंजर जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं। चौथ का बरवाड़ा (सवाई माधोपुर) में इनका प्रसिद्ध मंदिर स्थित है।
20. जोगनिया माता का मंदिर स्थित है?
- (A) जालौर
- (B) टोंक
- (C) चित्तौड़गढ़
- (D) अलवर
जोगनिया माता का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है। यह मंदिर शक्ति उपासना का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।
21. किस मंदिर में मनोकामना पूरी होने पर मुर्गे छोड़कर जाने की प्रथा है?
- (A) बड़ली माता
- (B) धनोप माता
- (C) आवरी माता
- (D) जोगनिया माता
धनोप माता के मंदिर (भीलवाड़ा) में मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालुओं द्वारा मुर्गे छोड़ने की प्रथा है।
22. नारायणी माता का मंदिर स्थित है-
- (A) बदनौर (ब्यावर)
- (B) उदयपुर वाटी (झुंझुनूं)
- (C) बरवा डूंगरी (अलवर)
- (D) आभानेरी (दौसा)
नारायणी माता का मंदिर बरवा डूंगरी (अलवर) में स्थित है। यहाँ पुजारी परंपरागत रूप से मीणा जाति का होता है। मीणा और नाई जाति दोनों इस मंदिर को अपनी आराध्य देवी मानते हैं।
23. विरात्रा माता का मंदिर स्थित है?
- (A) तनोट (जैसलमेर)
- (B) चौहटन (बाड़मेर)
- (C) बिलाड़ा (जोधपुर)
- (D) पचपदरा (बालोतरा)
विरात्रा माता का मंदिर बाड़मेर जिले के चौहटन में स्थित है। यह भोपों की कुलदेवी है। प्रतिमा की गर्दन टेढ़ी है, इसलिए इन्हें वांकल माताभी कहा जाता है।
24. भादरिया राय का मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) बाड़मेर
- (B) जोधपुर
- (C) बीकानेर
- (D) जैसलमेर
भादरिया राय का मंदिर जैसलमेर जिले में लाठी गाँव के पास भादरिया में स्थित है। इसका निर्माण महारावल गजसिंह ने करवाया था। यह मंदिर एक ऊँचे टीले पर स्थित है।
25. राजस्थान की कौनसी विख्यात लोकदेवी का संबंध चूहों से है?
- (A) शीला माता
- (B) करणी माता
- (C) नागणेचीया माता
- (D) शीतला माता
करणी माता को चूहों की देवी कहा जाता है। यह मंदिर देशनोक (बीकानेर) में स्थित है। करणी माता बीकानेर की आराध्य देवी और चारण जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं। यहाँ हजारों चूहे मंदिर में रहते हैं, जिन्हें काबा कहा जाता है। इस मंदिर में चांदी के किवाड़ अलवर महाराजा बख्तावर सिंह ने बनवाए थे।
26. किस लोकदेवी के मंदिर को 'दरगाह तथा समाधि स्थल' को 'बडेर' कहा जाता है?
- (A) तुरताई माता
- (B) विरात्रा माता
- (C) आई माता
- (D) आवरी माता
तुरताई माता के मंदिर को बडेर कहा जाता है। यहाँ दरगाह और समाधि स्थल के रूप में पूजा की जाती है।
27. निम्न में से किस मंदिर में सितम्बर 2008 में भगदड़ से 300 के लगभग लोग मारे गये थे?
- (A) चामुण्डा माता (जोधपुर)
- (B) नागणेची माता (बालोतरा)
- (C) शीला देवी (आमेर)
- (D) जीण माता (सीकर)
सितम्बर 2008 में जोधपुर के मेहरानगढ़ किले स्थित चामुण्डा माता मंदिर में भगदड़ की घटना हुई थी, जिसमें लगभग 300 लोग मारे गए।
28. आमेर स्थित शीला देवी मंदिर की प्रतिमा कौनसा शासक लेकर आया था?
- (A) सवाई जयसिंह
- (B) माधोसिंह द्वितीय
- (C) मानसिंह प्रथम
- (D) ईश्वरी सिंह
आमेर के शासक मानसिंह प्रथम ने पूर्वी बंगाल के शासक केदार से 1604 ई. में यह काले पत्थर की प्रतिमा लाकर आमेर के राजभवनों के मध्य स्थापित की थी। यह मंदिर आमेर किले का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
29. आई माता का मूल नाम है?
- (A) नारायणी बाई
- (B) जीजी बाई
- (C) जयंती बाई
- (D) रिद्धी बाई
आई माता का मूल नाम जीजी बाई था। सिरवी जाति की यह कुलदेवी विशेष रूप से मारवाड़ क्षेत्र में पूजी जाती हैं।
30. खलकाणी माता का मंदिर स्थित है?
- (A) रैवास (सीकर)
- (B) लूणियावास (जयपुर)
- (C) बरवा डूंगरी (अलवर)
- (D) नावां (डीडवाना-कुचामन)
खलकाणी माता का मंदिर नावां (डीडवाना-कुचामन) में स्थित है।
31. दाधिच ब्राह्मणों की कुल देवी है?
- (A) धोलागढ़ माता
- (B) जिलाणी माता
- (C) दधिमाता
- (D) चामुण्डा माता
दधिमाता दाधिच ब्राह्मणों की कुलदेवी मानी जाती हैं। इनका मंदिर नागौर जिले में स्थित है और इसकी स्थापत्य शैली प्रतिहारकालीन है।
32. दधिमाता का मंदिर स्थित है?
- (A) परबतसर (डीडवाना-कुचामन)
- (B) गोठ मांगलौद (नागौर)
- (C) लाडनूं (डीडवाना-कुचामन)
- (D) आभानेरी (दौसा)
दधिमाता का मंदिर नागौर जिले के गोठ मांगलौद में स्थित है। यह प्रतिहारकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
33. निम्न में से किसके मंदिर में दीपक की ज्योति से केसर टपकती है?
- (A) शीतला माता
- (B) जीण माता
- (C) शाकम्भरी माता
- (D) आई माता
आई माता मंदिर में दीपक की ज्योति से केसर टपकने की अद्भुत मान्यता है।
34. निम्न में से किस लोकदेवी का मुख्य मंदिर बलुचिस्तान (पाकिस्तान) में स्थित हैं?
- (A) हिंगलाज माता
- (B) तेमड़ाताई
- (C) सुगाली माता
- (D) मरकंडी माता
हिंगलाज माता का मुख्य मंदिर बलुचिस्तान (पाकिस्तान) में स्थित है। राजस्थान में इनके मंदिर लोद्रवा (जैसलमेर), नारलोई (जयपुर), बिदासर (चुरू) और फतेहपुर (सीकर) में भी हैं।
35. कौनसी लोकदेवी आजीवन ब्रह्मचारिणी रहकर घोर तपस्या कर शक्तियाँ अर्जित कर देवी के रूप में प्रतिष्ठित हुई हैं?
- (A) जिलाणी माता
- (B) जीण माता
- (C) शाकम्भरी माता
- (D) नागणेची माता
जीण माता आजीवन ब्रह्मचारिणी रहीं और घोर तपस्या कर शक्ति स्वरूपा देवी के रूप में प्रतिष्ठित हुईं। इनका मंदिर सीकर जिले में स्थित है।
36. निम्न में से किस लोक देवी का एक रूप 'सफेद चील' भी है?
- (A) सुगाली माता
- (B) अंबिका माता
- (C) करणी माता
- (D) सकराय माता
करणी माता का एक रूप सफेद चील भी माना जाता है। बीकानेर के देशनोक में स्थित इनका मंदिर चूहों का मंदिर कहलाता है।
37. किस देवी की मूर्ति के ऊपरी हिस्से पर पंचदेवों की प्रतिमाएँ उत्कीर्ण है?
- (A) शीला देवी
- (B) अंबा माता
- (C) शीतला माता
- (D) जीण माता
आमेर स्थित शीला देवी की मूर्ति के ऊपरी हिस्से पर पंचदेवों की प्रतिमाएँ उत्कीर्ण हैं। यह मूर्ति बंगाल से लाई गई थी और 1604 ई. में स्थापित की गई थी।
38. लोक देवी राणी सती का वास्तविक नाम क्या है?
- (A) जीजी बाई
- (B) मंदिरा
- (C) नारायणी बाई
- (D) जयंती बाई
राणी सती का वास्तविक नाम नारायणी बाई था। ये अग्रवाल समाज की आराध्य देवी मानी जाती हैं। झुंझुनूं में स्थित इनका भव्य मंदिर संगमरमर से निर्मित है और यहाँ भाद्रपद अमावस्या को विशाल मेला लगता है।
39. राजस्थान में लोकदेवियों में सबसे लंबा गीत किस देवी का है?
- (A) करणी माता
- (B) जीण माता
- (C) शीला माता
- (D) कैला देवी
जीण माता के भजनों और गीतों को लोकदेवियों में सबसे लंबा माना जाता है। सीकर जिले के अरावली की पहाड़ियों पर स्थित जीण माता का मंदिर एक प्रमुख शक्ति पीठ है।
40. आईजी माता किस जाति की कुलदेवी हैं?
- (A) सिरवी जाति
- (B) मीणा जाति
- (C) कल्ला जाति
- (D) बिस्सा जाति
आईजी माता सिरवी जाति की कुलदेवी हैं। हर महीने की शुक्ल द्वितीया को इनकी पूजा होती है। इनके दीपक की ज्योति से केसर टपकनेकी मान्यता है। सिरवी जाति मूलतः कृषक जाति है, जो राजपूतों से निकली मानी जाती है।
41. निम्न में से 'सांभर माता' भी किसे कहा जाता है?
- (A) पीपला माता
- (B) विरात्रा माता
- (C) घटियाला माता
- (D) लवणीय माता
लवणीय माता को सांभर माता भी कहा जाता है। इनका मंदिर पचपदरा (बालोतरा) में स्थित है और यह स्थानीय आस्था का प्रमुख केंद्र है।
42. सांभर में निम्न में से किस देवी का मंदिर स्थित है?
- (A) घटियाली माता
- (B) बवन देवी
- (C) शाकंभरी माता
- (D) शीला देवी
सांभर में शाकंभरी माता का मंदिर स्थित है। इन्हें शाक सब्जियों से संतुष्ट करने वाली देवी माना जाता है। यह मंदिर शक्ति उपासना और सांभर झील के इतिहास से जुड़ा है।
43. दधीमती माता का मन्दिर स्थित है-
- (A) कंसुआ (कोटा)
- (B) ओसियां (जोधपुर)
- (C) गोठ मांगलोद (नागौर)
- (D) पीपलूद (बाड़मेर)
दधीमती माता का मंदिर नागौर जिले के गोठ मांगलोद में स्थित है। यह दाधिच ब्राह्मणों की कुलदेवी हैं। मंदिर का निर्माण प्रतिहार शासक भोजदेव प्रथम ने 836 ई. में करवाया था। इसकी वास्तुकला प्रतिहारकालीन महामारु और नागर शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
44. राणी भटियाणी माता का मूल नाम क्या था?
- (A) रिद्धी बाई
- (B) करमेती बाई
- (C) बोजा बाई
- (D) फूला बाई
रानी भटियाणी माता का मूल नाम करमेती बाई था। इन्हें भुआ-सा के नाम से भी जाना जाता है। इनका मंदिर जसोल (बालोतरा, बाड़मेर) में स्थित है। यह विशेष रूप से ढोली जाति की आस्था का प्रमुख केंद्र है और पश्चिमी राजस्थान व सिंध (पाकिस्तान) में इनकी पूजा होती है।
45. महाराणा कुम्भा ने महमूद खिलजी प्रथम को हराने के बाद किस देवी के मंदिर का निर्माण करवाया था?
- (A) बाण माता
- (B) कुशाला माता
- (C) बिरवड़ी माता
- (D) इडाणा माता
महाराणा कुम्भा ने 1457 ई. में बैराठगढ़ (बदनौर) के युद्ध में महमूद खिलजी प्रथम को हराने के बाद कुशाला माता का मंदिर बनवाया था। यह घटना मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है।
46. कौनसी देवी 1857 की क्रांति की देवी कही जाती है?
- (A) मरकंडी माता
- (B) शाकंभरी माता
- (C) सुगाली माता
- (D) त्रिपुरा सुंदरी
सुगाली माता को 1857 की क्रांति की देवी कहा जाता है। माना जाता है कि 1857 के स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों ने इन्हें प्रेरणास्त्रोत देवी के रूप में पूजा था। इसी कारण इनका संबंध स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़कर देखा जाता है।
47. कौनसी देवी 'उल्लास की देवी' भी कहलाती है?
- (A) महोदरी माता
- (B) शाकंभरी माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) हर्षद् माता
हर्षद माता को उल्लास की देवी कहा जाता है। इनका मंदिर 8वीं शताब्दी में राजा चाँद द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर प्रतिहार कालीन वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है।
48. पांचाल जाति की कुल देवी हैं?
- (A) त्रिपुरा सुंदरी
- (B) सुन्धा माता
- (C) चौथ माता
- (D) विरात्रा माता
त्रिपुरा सुंदरी देवी को पांचाल जाति की कुलदेवी माना जाता है। बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा में स्थित इस मंदिर में देवी की अठारह भुजाओं वाली प्रतिमा सिंह पर विराजमान है।
49. जिलाणी माता का मंदिर स्थित है?
- (A) बहरोड़ (कोटपूतली-बहरोड़)
- (B) बहतु कलां (अलवर)
- (C) नीमराना (कोटपूतली-बहरोड़)
- (D) भिवाड़ी (खैरथल-तिजारा)
जिलाणी माता का मंदिर बहरोड़ (अलवर) में स्थित है। यह मंदिर लगभग 500 वर्ष पूर्व सिसोदिया वंश द्वारा बनवाया गया था। यहाँ वर्ष में दो बार चैत्र और आश्विन नवरात्रा में मेला लगता है।
50. मरकंडी माता (मगरमंडी माता) का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) अर्थना (बाँसवाड़ा)
- (B) शाहबाद (बारां)
- (C) निमाज (व्यावर)
- (D) चितलवाना (सांचौर)
मरकंडी माता का मंदिर व्यावर (निमाज) में स्थित है। इन्हें मगरमंडी माता भी कहा जाता है। यह क्षेत्रीय लोकदेवी स्थानीय समाज की आराध्य शक्ति के रूप में पूजनीय है।
51. तुलजा भवानी मंदिर किस किले में स्थित है?
- (A) चितौड़गढ़
- (B) शाहबाद (बारां)
- (C) रणथम्भौर (सवाईमाधोपुर)
- (D) तारागढ़ (बूंदी)
तुलजा भवानी मंदिर चित्तौड़गढ़ किले में स्थित है। यह रामपोल प्रवेश द्वार के पास है। मंदिर का निर्माण बनवीर ने तुलादान से प्राप्त धन से करवाया था। यह मंदिर शक्ति उपासना का एक महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
52. धौलागढ़ देवी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) बानसूर (कोटपूतली-बहरोड़)
- (B) बहतु कलां (अलवर)
- (C) मांढण (कोटपूतली-बहरोड़)
- (D) हरसौली (खैरथल तिजारा)
धौलागढ़ देवी का मंदिर अलवर जिले के बहतु कलां गाँव में स्थित है। यह मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र माना जाता है। नवरात्रा और विशेष अवसरों पर यहाँ मेला भरता है।
53. डाढ़ देवी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) बाँसवाड़ा
- (B) बारां
- (C) कोटा
- (D) बूंदी
डाढ़ देवी का मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह मंदिर आसपास के लोगों की कुलदेवी के रूप में प्रतिष्ठित है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
54. कौनसी लोकदेवी 'अग्नि स्नान करने वाली देवी' के नाम से भी जानी जाती है?
- (A) दिवाक माता
- (B) कुशाला माता
- (C) बिरवड़ी माता
- (D) इडाणा माता
इडाणा माता का मंदिर सलूम्बर (उदयपुर) के बम्बोरा में स्थित है। इन्हें मेवल की महारानी भी कहा जाता है। विशेष बात यह है कि इनके मंदिर की कोई छत नहीं है और यहाँ प्रतिमा के पास समय-समय पर स्वतः अग्नि प्रकट होती है, जिससे माता का श्रृंगार और चुनरी जलकर स्वाहा हो जाते हैं।
55. चारभुजा देवी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) गढ़बोर (राजसमंद)
- (B) मंडफिया (चितौड़गढ़)
- (C) सोजत (पाली)
- (D) खमनोर (राजसमंद)
चारभुजा जी का मंदिर राजसमंद जिले के गढ़बोर में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है और यहाँ की प्रतिमा के चार भुजाएँ हैं, इसलिए इसे चारभुजा कहा जाता है। यह मंदिर वैष्णव श्रद्धालुओं का प्रमुख तीर्थ है।
56. कौनसी देवी 'शिशु रक्षक देवी' कहलाती है?
- (A) खोडियार माता
- (B) कैला माता
- (C) कोडिया देवी
- (D) महामाया/मावली
महामाया (मावली माता) को शिशु रक्षक देवी कहा जाता है। मान्यता है कि इनके आशीर्वाद से बच्चों को सुरक्षा और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। इस कारण माता को राजस्थान के कई क्षेत्रों में विशेष भक्ति से पूजा जाता है।
57. कौनसी लोकदेवी के मंदिर में लोग अपने परिजनों को जेल छुड़वाने के लिए हथकड़ी व बेड़ियाँ चढ़ाते हैं?
- (A) दिवाक माता
- (B) कुशाला माता
- (C) बिरवड़ी माता
- (D) इडाणा माता
दिवाक माता का मंदिर प्रतापगढ़ जिले के जोलर में स्थित है। यहाँ श्रद्धालु मान्यता अनुसार अपने बंदी परिजनों की रिहाई की प्रार्थना करते हैं और हथकड़ी व बेड़ियाँ चढ़ाते हैं।
58. राणी सती का मन्दिर स्थित है?
- (A) झुंझुनूं
- (B) सीकर
- (C) चुरू
- (D) अजमेर
रानी सती का मंदिर झुंझुनूं में स्थित है। यह मंदिर अग्रवाल समाज की कुलदेवी को समर्पित है और संगमरमर से निर्मित है। यहाँ प्रतिवर्ष भाद्रपद अमावस्या को विशाल मेला भरता है।
59. जालौर के सोनगरा चौहानों की कुल देवी है?
- (A) महोदरी माता
- (B) शाकंभरी माता
- (C) ज्वाला माता
- (D) आमजा माता
महोदरी माता को जालौर के सोनगरा चौहानों की कुलदेवी माना जाता है। यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए गौरव और आस्था का प्रतीक है।
60. मेहरानगढ़ में चामुण्डा माता का मंदिर किस शासक ने बनवाया?
- (A) राव धूहड़
- (B) राव चूडा
- (C) राव जोधा
- (D) राव बीका
चामुंडा माता का मंदिर जोधपुर के मेहरानगढ़ किले में स्थित है। इसे राव जोधा ने बनवाया था और यह राठौड़ वंश की आराध्य देवी मानी जाती हैं।
61. निम्न में से कौनसा नाम तनोट माता के लिए नहीं कहा जाता?
- (A) थार की वैष्णों देवी
- (B) रूमाल वाला मंदिर
- (C) सेना की देवी
- (D) भाटी राजवंश की कुलदेवी
तनोट माता को थार की वैष्णों देवी, सेना की देवी और रूमाल वाली माता कहा जाता है। परंतु भाटी राजवंश की कुलदेवी स्वांगीय माता मानी जाती हैं, न कि तनोट माता।
62. करणी माता के बारे में निम्न में से कौनसा कथन असत्य है?
- (A) करणी माता का जन्म साठीका गाँव में हुआ था।
- (B) इन्होंने मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव रखी थी।
- (C) देशनोक मंदिर का निर्माण चांदमल ढड्डा ने करवाया।
- (D) इनका बचपन का नाम रिद्धि बाई था।
करणी माता का जन्म सुआप गाँव (फलौदी) में हुआ था। इनका विवाह साठीका गाँव (बीकानेर) के देपाजी बीतू के साथ हुआ था। अतः विकल्प (A) असत्य है।
63. उदयपुर के सिसोदिया वंश की कुलदेवी है?
- (A) कालिका माता
- (B) बाणमाता
- (C) आमजा देवी
- (D) बड़ली माता
उदयपुर के सिसोदिया वंश की कुलदेवी बाण माता हैं। इनका प्रमुख मंदिर चित्तौड़गढ़ दुर्ग में स्थित है और यह मेवाड़ की शक्ति उपासना का प्रतीक है।
64. त्रिपुरा सुन्दरी का मन्दिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) तलवाड़ा (बाँसवाड़ा)
- (B) शाहबाद (बारां)
- (C) लवाण (दौसा)
- (D) गंगधार (झालावाड़)
त्रिपुरा सुंदरी देवी का मंदिर बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा में स्थित है। यह प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ है और पाँचाल जाति की कुलदेवी मानी जाती हैं।
65. निम्न में से कौनसा मंदिर जैसलमेर में नहीं है?
- (A) स्वांगिया माता
- (B) भादरिया राय
- (C) सच्चियाय माता
- (D) घटियाली माता
सच्चियाय माता का मंदिर जैसलमेर में नहीं बल्कि औसियां (जोधपुर) में स्थित है। इसलिए विकल्प (C) सही उत्तर है।
66. कौनसी देवी 'बच्चों की संरक्षिका' कहलाती है?
- (A) शीतला माता
- (B) जीण माता
- (C) करणी माता
- (D) शीला देव
शीतला माता को बच्चों की संरक्षिका देवी कहा जाता है। मान्यता है कि इनके आशीर्वाद से बच्चों को रोग और विपत्ति से सुरक्षा मिलती है।
67. राठौड़ वंश की कुल देवी है?
- (A) नागणेची माता
- (B) जीण माता
- (C) करणी माता
- (D) हिंगलाज देवी
नागणेची माता को राठौड़ वंश की कुलदेवी माना जाता है। वहीं करणी माता बीकानेर के राठौड़ राजघराने की आराध्य देवी हैं।
68. असंगत छांटिये -
- (A) तुलजा भवानी - चितौड़गढ़
- (B) नकटी माता - उदयपुर
- (C) महामाया - उदयपुर
- (D) छींछ माता - बाँसवाड़ा
नकटी माता का मंदिर जयपुर जिले के जयभवानीपुरा में स्थित है, न कि उदयपुर में। इसलिए विकल्प (B) असंगत है।
69. रियासतों की कुलदेवियों का - असंगत युग्म छांटिये
- (A) जयपुर - शीला देवी
- (B) कोटा - भदाणा माता
- (C) भरतपुर - राजेश्वरी माता
- (D) उदयपुर - बाण माता
जयपुर रियासत की कुलदेवी जमुवाय माता हैं, न कि शीला देवी। इसलिए विकल्प (A) असंगत है।
70. किस देवी की पीठ की पूजा, पीठ का श्रृंगार व पीठ के दर्शन किये जाते हैं?
- (A) अंबिका माता
- (B) जीण माता
- (C) ब्रह्माणी माता
- (D) सुंधा माता
ब्रह्माणी माता का मंदिर सौरसेन (बारां) में स्थित है। यहाँ पर विशेष रूप से पीठ की पूजा और पीठ का श्रृंगार किया जाता है। माघ शुक्ल सप्तमी को यहाँ मेला लगता है और इसी दिन गधों का मेला भी भरता है।
71. जीण माता का मन्दिर कहाँ पर है?
- (A) जयपुर
- (B) सीकर
- (C) डूंगरपुर
- (D) जालौर
जीण माता का मंदिर सीकर जिले में स्थित है। यह शेखावाटी क्षेत्र की प्रमुख शक्ति उपासना स्थली है। यहाँ नवरात्रा में विशेष मेला भरता है और राजस्थान भर से श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं।
72. किसकी आराधना में लांगुरिया गीत गाये जाते हैं?
- (A) शीतला माता
- (B) चामुण्डा माता
- (C) करणी माता
- (D) कैला देवी
कैला देवी की आराधना में लांगुरिया गीत गाए जाते हैं। करौली जिले में स्थित कैला देवी का मंदिर भक्तों का प्रमुख तीर्थ है। नवरात्रा के समय यहाँ विशाल मेला भरता है।
73. राजस्थान के सभी भागों में पूजी जाने वाली देवी है?
- (A) शीला देवी
- (B) जमूवाय माता
- (C) शीतला माता
- (D) आई माता
शीतला माता राजस्थान के सभी भागों में पूजी जाती हैं। जहाँ मंदिर उपलब्ध नहीं होते वहाँ खेजड़ी वृक्ष के नीचे पूजा की जाती है। विशेष रूप से शीतलाष्टमी पर इनकी पूजा का महत्व अधिक होता है।
74. सुंधा माता का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) भीनमाल (जालौर)
- (B) पोकरण (जैसलमेर)
- (C) ओसियां (जोधपुर)
- (D) नाडोल (पाली)
सुंधा माता का मंदिर जालौर जिले के भीनमाल में स्थित है। यह अरावली की पहाड़ियों पर लगभग 1220 मीटर की ऊँचाई पर है। यहाँ की प्राकृतिक छटा अद्भुत है और मंदिर शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र है।
75. खण्डित प्रतिमा के रूप में किस देवी की पूजा की जाती है?
- (A) जीण माता (सीकर)
- (B) तनोट माता (जैसलमेर)
- (C) सुंधा माता (जालौर)
- (D) शीतला माता (चाकसू)
शीतला माता चाकसू (जयपुर) में खण्डित प्रतिमा के रूप में पूजी जाती हैं। मान्यता है कि खण्डित प्रतिमा होने पर भी माता भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी करती हैं।
76. करौली रियासत की कुल देवी हैं?
- (A) चौथ माता
- (B) कैला देवी
- (C) आशापुरा माता
- (D) ज्वाला माता
कैला देवी करौली रियासत की कुलदेवी मानी जाती हैं। यह मंदिर चंबल नदी के किनारे स्थित है और राजस्थान के प्रमुख शक्ति पीठों में गिना जाता है।
77. बहरोड़ क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में किसे मान्यता प्राप्त है?
- (A) जिलाणी माता
- (B) हर्षद माता
- (C) राणी सती माता
- (D) सकराय माता
जिलाणी माता को बहरोड़ (अलवर) क्षेत्र की लोकदेवी के रूप में मान्यता प्राप्त है। यहाँ प्रतिवर्ष चैत्र और आश्विन नवरात्रा में मेला भरता है।
78. जैसलमेर की किस लोकदेवी ने तीन चुल्लू आचमन से हाकड़ा समुद्र को सोख लिया था, जिससे आसपास की भूमि रेगिस्तान में तब्दील हो गई?
- (A) स्वांगिया माता
- (B) भादरिया राय
- (C) तेमड़ेराय
- (D) सच्चियाय माता
तेमड़ेराय भाटी वंश की इष्ट देवी हैं। मान्यता है कि उन्होंने तीन चुल्लू आचमन से हाकड़ा समुद्र को सोख लिया, जिससे आसपास की भूमि रेगिस्तान में बदल गई। इन्हें तेमडाताई भी कहा जाता है।
79. थार की वैष्णो देवी किसे कहा जाता है?
- (A) हिंगलाज देवी
- (B) नागणेची माता
- (C) स्वांगीया माता
- (D) तनोट माता
तनोट माता को थार की वैष्णो देवी कहा जाता है। जैसलमेर स्थित यह मंदिर 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध की वीरगाथाओं से जुड़ा हुआ है। यहाँ की सेवा और देखरेख BSF जवानों द्वारा की जाती है।
80. लटियाली माता किस जाति की कुलदेवी हैं?
- (A) कल्ला जाति
- (B) विस्सा जाति
- (C) नाई जाति
- (D) पांचाल जाति
लटियाली माता कल्ला ब्राह्मणों की कुलदेवी मानी जाती हैं। इनका प्रमुख मंदिर फलोदी (जोधपुर) में है। इन्हें खेजड़ बेरी राय भवानी भी कहा जाता है।
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Mukesh Khunga
Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...








