राजस्थान की जनजातियाँ MCQ Questions with Answers

राजस्थान की जनजातियाँ Important MCQ | Top Questions for Competitive Exams

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान की जनजातियाँ से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें भील, सहरिया, गरासिया, मीणा, सांसी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: राजस्थान की जनजातियाँ
  • Last Updated:
  • Content Type: MCQ Practice Set
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1. राजस्थान की कौनसी जनजाति भारत सरकार द्वारा आदिम जनजाति समूह में शामिल है?

  • (A) भील
  • (B) सहरिया
  • (C) गरासिया
  • (D) मीणा

सहरिया जनजाति राजस्थान की एकमात्र जनजाति है जिसे आदिम जनजाति समूह (PVTG) में शामिल किया गया है। यह समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर माना जाता है और इनके विकास के लिए विशेष योजनाएँ चलाई जाती हैं। सहरिया जनजाति मुख्य रूप से जंगल क्षेत्रों में निवास करती है।

2. राजस्थान की वह कौनसी जनजाति है जो अपने मकान के दरवाजे बंद नहीं रखती है?

  • (A) सांसी
  • (B) कथौड़ी
  • (C) कंजर
  • (D) डामोर

कंजर जनजाति के बारे में माना जाता है कि वे अपने घरों के दरवाजे बंद नहीं रखते। यह उनकी आपसी विश्वास और खुली सामाजिक व्यवस्था को दर्शाता है। जनजातीय समाज में सामुदायिक जीवन और पारस्परिक सहयोग की भावना मजबूत होती है, जिसके कारण सुरक्षा की भावना सामूहिक रूप से बनी रहती है। यह परंपरा उनकी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा मानी जाती है।

3. किस जनजाति में भूरिया बाबा की झूठी कसम नहीं खाते?

  • (A) भील
  • (B) मीणा
  • (C) गरासिया
  • (D) कंजर

मीणा जनजाति में भूरिया बाबा के नाम की झूठी कसम नहीं खाई जाती। यह उनके धार्मिक विश्वास और नैतिक मूल्यों से जुड़ी परंपरा है। लोकदेवताओं में आस्था जनजातीय समाज की सामाजिक व्यवस्था और विश्वास प्रणाली को मजबूत बनाती है।

4. राजस्थान के किस जिले में सहरिया जनजाति केन्द्रित है?

  • (A) सिरोही
  • (B) डूंगरपुर-बांसवाड़ा
  • (C) उदयपुर-चित्तौड़गढ़
  • (D) बारां

सहरिया जनजाति मुख्य रूप से बारां जिले में केंद्रित है, खासकर शाहबाद और किशनगंज तहसीलों में। यह राजस्थान की आदिम जनजाति मानी जाती है। कुछ आबादी कोटा और झालावाड़ जिलों में भी पाई जाती है। बारां क्षेत्र इनकी संस्कृति और सामाजिक जीवन का मुख्य केंद्र है।

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5. राजस्थान में किस तहसील में सहरिया जनजाति का घनत्व अधिकतम है?

  • (A) धरियाबाद
  • (B) किशनगंज
  • (C) छबरा
  • (D) मांगरोल

सहरिया जनजाति का घनत्व बारां जिले की किशनगंज तहसील में सबसे अधिक पाया जाता है। यह क्षेत्र उनकी पारंपरिक बसावट का प्रमुख केंद्र है। सहरिया समुदाय वाल्मीकि को अपना आदि गुरु मानता है और सीताबाड़ी मेला इनके लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है।

6. डामोर जनजाति का मुख्य व्यवसाय क्या है?

  • (A) खेती करना
  • (B) शिकार
  • (C) फल इकट्ठा करना
  • (D) मछली पालन

डामोर जनजाति का मुख्य व्यवसाय कृषि और पशुपालन है। यह समुदाय मुख्य रूप से दक्षिणी राजस्थान में पाया जाता है। पुरुषों द्वारा आभूषण पहनना इसकी विशेष सांस्कृतिक पहचान है। खेती पर आधारित जीवनशैली के कारण ये लोग ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रूप से बसे हुए मिलते हैं।

7. धारी संस्कार राजस्थान की किस जनजाति में प्रचलित है?

  • (A) गरासिया
  • (B) मीणा
  • (C) सहरिया
  • (D) भील

धारी संस्कार सहरिया जनजाति में प्रचलित एक विशेष परंपरा है। इसमें मृतक की राख और अस्थियाँ आंगन में रखकर संकेत देखे जाते हैं और बाद में कपिलधारा में प्रवाहित की जाती हैं। यह संस्कार पुनर्जन्म की मान्यता और धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है।

8. हेलरू संस्था संबद्ध है –

  • (A) गरासिया
  • (B) सहरिया
  • (C) भील
  • (D) मीणा

हेलरू गरासिया जनजाति की सहकारी संस्था मानी जाती है। यह सामूहिक सहयोग और सामाजिक कार्यों से जुड़ी व्यवस्था है। गरासिया समाज में सामूहिक कृषि और सामाजिक सहयोग की परंपराएँ मजबूत हैं, जो उनकी सामुदायिक जीवनशैली को दर्शाती हैं।

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9. ‘फाइरे-फाइरे’ किस जनजाति का रणघोष है?

  • (A) भील
  • (B) गरासिया
  • (C) डामोर
  • (D) मीणा

फाइरे-फाइरे भील जनजाति का रणघोष है। संकट या आपदा के समय यह पुकार देकर समुदाय के लोग तीर-कमान लेकर एकत्र हो जाते थे। यह उनकी एकता और सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था का प्रतीक है, जो पारंपरिक जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।

10. गरासिया जनजाति में गांव के मुखिया को क्या कहा जाता है?

  • (A) तदवी
  • (B) सहलोत
  • (C) मुखी
  • (D) पटेल

गरासिया जनजाति में गांव के मुखिया को सहलोत कहा जाता है। यह व्यक्ति सामाजिक निर्णय लेने और समुदाय का नेतृत्व करने का कार्य करता है। अलग-अलग जनजातियों में मुखिया के नाम अलग होते हैं, जैसे डामोर में मुखी और भील में गमेती।

11. कनजारा-खाड़लिया भूत लोकनाट्य किस जनजाति का प्रसिद्ध है?

  • (A) गरासिया
  • (B) भील
  • (C) मीणा
  • (D) सहरिया

कनजारा-खाड़लिया लोकनाट्य भील जनजाति की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। भील समुदाय में लोकनाट्य, नृत्य और गीतों के माध्यम से परंपराएं पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती हैं। यह लोकनाट्य धार्मिक विश्वास, लोककथाओं और सामाजिक संदेशों को प्रस्तुत करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी इसे उत्सवों और विशेष अवसरों पर किया जाता है।

12. राजस्थान में सर्वाधिक मीणा जाति के लोग कहाँ निवास करते हैं?

  • (A) जोधपुर
  • (B) उदयपुर
  • (C) जयपुर
  • (D) बांरा

राजस्थान में मीणा जनजाति की आबादी सबसे अधिक उदयपुर जिले में पाई जाती है। जनगणना के आंकड़ों के अनुसार उदयपुर के बाद जयपुर और प्रतापगढ़ में भी इनकी संख्या अधिक है। मीणा समाज कृषि और स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। उनकी सांस्कृतिक पहचान, लोकदेवताओं में आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाज राजस्थान की जनजातीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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13. मीणा जनजाति के प्रसिद्ध पाँच कबीलों को किस नाम से जाना जाता है?

  • (A) पाँच सितारे
  • (B) पंचलड़ा
  • (C) पंचवाड़ा
  • (D) पंचायत

मीणा जनजाति में कई उपसमूह या कबीले पाए जाते हैं, जिनमें पाँच प्रमुख कबीलों को सामूहिक रूप से पंचवाड़ा कहा जाता है। यह नाम उनके सामाजिक संगठन और पारंपरिक पहचान को दर्शाता है। इन कबीलों के माध्यम से विवाह, सामाजिक नियम और पारंपरिक व्यवस्थाएं तय की जाती हैं। मीणा समाज में यह व्यवस्था सामाजिक एकता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

14. ‘फला’ किसे कहते हैं?

  • (A) भीलों के घरों का समूह
  • (B) मीणाओं के घरों का समूह
  • (C) आदिवासियों की महापंचायत
  • (D) भीलों के कुल देवता

भील जनजाति में घरों के छोटे समूह को फला कहा जाता है। यह सामान्यतः एक ही परिवार या रिश्तेदारी से जुड़े लोगों का निवास क्षेत्र होता है। फला सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण इकाई होती है, जहाँ लोग आपसी सहयोग और सामूहिक जीवन शैली का पालन करते हैं। ग्रामीण और वन क्षेत्रों में आज भी इस प्रकार की बसावट देखने को मिलती है।

15. मीणा का शाब्दिक अर्थ क्या है?

  • (A) मछली
  • (B) माँ
  • (C) तीर चलाने वाला
  • (D) जनजाति

मीणा शब्द का शाब्दिक अर्थ मछली माना जाता है। कई इतिहासकारों के अनुसार इसका संबंध प्राचीन मत्स्य जनपद से जोड़ा जाता है। इस जनजाति का इतिहास राजस्थान की प्राचीन सभ्यताओं से जुड़ा हुआ है। मीणा समाज अपनी विशिष्ट संस्कृति, लोकदेवताओं और परंपराओं के कारण राजस्थान की प्रमुख जनजातियों में गिना जाता है।

16. भील जनजाति विवाह में मंडप की सजावट किस वृक्ष की पत्तियों से की जाती है?

  • (A) नीम
  • (B) अशोक
  • (C) आम
  • (D) बबूल

भील जनजाति विवाह के अवसर पर मंडप की सजावट आम के पत्तों से करती है। आम को शुभ माना जाता है और इसे मंगल कार्यों में उपयोग किया जाता है। विवाह समारोह में प्राकृतिक तत्वों का प्रयोग भील समाज की प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली को दर्शाता है।

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17. भील जनजाति द्वारा पहाड़ी ढालों पर की जाने वाली स्थानांतरित कृषि कहलाती है?

  • (A) दजिया
  • (B) चिमाता
  • (C) दिप्पा
  • (D) दहिया

पहाड़ी ढालों पर की जाने वाली भीलों की स्थानांतरित कृषि को चिमाता कहा जाता है। इसमें जंगल साफ करके अस्थायी खेती की जाती है। यह पारंपरिक कृषि पद्धति प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार विकसित हुई है और जनजातीय जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।

18. ‘बीजा’ व ‘माला’ किस जनजाति की शाखाएँ हैं?

  • (A) सांसी
  • (B) डामोर
  • (C) सहरिया
  • (D) कंजर

बीजा और माला सांसी जनजाति की दो प्रमुख उपशाखाएँ हैं। सांसी समुदाय को घुमक्कड़ और खानाबदोश प्रवृत्ति वाला माना जाता है। राजस्थान में यह समुदाय मुख्य रूप से भरतपुर और झुंझुनूं जिलों में पाया जाता है।

19. राजस्थान में सर्वाधिक प्रतिशत वाली जनजाति कौनसी है?

  • (A) भील
  • (B) मीणा
  • (C) गरासिया
  • (D) भील मीणा

मीणा जनजाति राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति है और कुल जनजातीय आबादी में इसका प्रतिशत सबसे अधिक है। यह समुदाय मुख्य रूप से उदयपुर, जयपुर और प्रतापगढ़ क्षेत्रों में पाया जाता है। सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी मीणा जनजाति का महत्वपूर्ण स्थान है।

20. ‘धारी संस्कार’ किस आदिवासी जनजाति में प्रचलित है?

  • (A) सहरिया
  • (B) गरासिया
  • (C) भील
  • (D) मीणा

धारी या बेलपत्ती संस्कार सहरिया जनजाति की एक विशेष परंपरा है। इसमें मृतक की अस्थियाँ और राख कुछ समय तक आंगन में रखी जाती हैं और बनने वाले चिह्नों को अगले जन्म का संकेत माना जाता है। बाद में इन्हें पवित्र स्थान पर विसर्जित किया जाता है। यह संस्कार सहरिया समाज की धार्मिक मान्यताओं और पुनर्जन्म की आस्था को दर्शाता है।

21. निम्नलिखित में से कौनसा कथन राजस्थान की सहरिया जनजाति के बारे में सही नहीं है?

  • (A) इनमें चौहान, डोडिया आदि गोत्र होते हैं।
  • (B) सहरिया जादू-मंतर और देवी-देवताओं में विश्वास करते हैं।
  • (C) सहरिया समुदाय में लट्ठमार होली की परंपरा प्रचलित है।
  • (D) सहरिया जनजाति के मुखिया को तपाड़ा कहा जाता है।

सहरिया जनजाति राजस्थान की प्रमुख आदिम जनजातियों में से एक है। इनके समाज में गोत्र व्यवस्था, लोकदेवताओं में आस्था और पारंपरिक रीति-रिवाज मिलते हैं। लेकिन तपाड़ा शब्द इनके मुखिया के लिए प्रचलित नहीं है, इसलिए यह कथन गलत माना जाता है। यह प्रश्न सहरिया जनजाति की सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक विशेषताओं की समझ को जांचता है।

22. ‘छेड़ा फाड़ना’ से संबंधित है?

  • (A) आदिवासी जनजाति में तलाक की परम्परा
  • (B) कपड़े का टुकड़ा करना
  • (C) परिवार से अलग होना
  • (D) युद्ध में मारे जाना

छेड़ा फाड़ना आदिवासी समाज में तलाक से जुड़ी एक पारंपरिक प्रथा है। इसमें पति-पत्नी के संबंध समाप्त होने का प्रतीकात्मक संकेत दिया जाता है। यह प्रक्रिया सामाजिक मान्यता के साथ की जाती है ताकि भविष्य में विवाद न हो। जनजातीय समाज में ऐसे रीति-रिवाज सामाजिक संतुलन और सामुदायिक सहमति बनाए रखने का माध्यम माने जाते हैं।

23. आदिवासियों में सामूहिक सहयोग की परम्परा कहलाती है?

  • (A) हीड़ा
  • (B) हांडा
  • (C) हलमा
  • (D) उपर्युक्त सभी

आदिवासी समाज में सामूहिक सहयोग की परंपरा को हलमा, हांडा या हीड़ा जैसे नामों से जाना जाता है। जब किसी परिवार को घर बनाना हो, खेती का काम करना हो या अन्य सहायता की जरूरत हो, तब पूरा समुदाय मिलकर मदद करता है। यह परंपरा सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को मजबूत बनाती है और जनजातीय जीवन की खास पहचान मानी जाती है।

24. ‘काट्टा’ क्या है?

  • (A) भीलों का अन्तिम संस्कार
  • (B) भीलों का मृत्युभोज
  • (C) मीणाओं का मृत्युभोज
  • (D) सांसी जनजाति का शिकार

भील जनजाति में मृत्युभोज की परंपरा को काट्टा कहा जाता है। यह आयोजन मृतक की स्मृति में किया जाता है, जिसमें रिश्तेदार और समुदाय के लोग शामिल होते हैं। इसका उद्देश्य सामाजिक एकता बनाए रखना और परिवार को सांत्वना देना होता है। जनजातीय समाज में ऐसे आयोजन सामाजिक संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम होते हैं।

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25. आदिवासियों के कुम्भ के नाम से प्रसिद्ध बेणेश्वर मेला कब भरता है?

  • (A) कार्तिक पूर्णिमा
  • (B) माघ पूर्णिमा
  • (C) चैत्र शुक्ल तृतीया
  • (D) आश्विन पूर्णिमा

बेणेश्वर मेला राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों का सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है और इसे आदिवासियों का कुम्भ भी कहा जाता है। यह मेला माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होता है। भील और अन्य जनजातियाँ यहाँ बड़ी संख्या में एकत्रित होकर धार्मिक अनुष्ठान, स्नान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेती हैं। यह मेला आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है।

26. भील पुरुषों की तंग धोती को क्या कहा जाता है?

  • (A) ढेपाड़ी
  • (B) ढेपाड़ा
  • (C) मिलाला
  • (D) माट्टा

भील पुरुषों के पारंपरिक वस्त्रों में तंग धोती को ढेपाड़ा या टेपाड़ा कहा जाता है। यह पहनावा उनके दैनिक जीवन और कामकाज के अनुकूल होता है। इसके साथ फेंटा और अन्य वस्त्र भी पहने जाते हैं। पारंपरिक वेशभूषा भील संस्कृति की पहचान मानी जाती है और त्योहारों तथा सामाजिक आयोजनों में आज भी इसका उपयोग किया जाता है।

27. कौनसी जनजाति में मक्का की रोटी, कांदे की सब्जी, महुआ की शराब और ताड़ का रस प्रिय है?

  • (A) कंजर
  • (B) सहरिया
  • (C) भील
  • (D) डामोर

भील जनजाति का भोजन मुख्यतः स्थानीय संसाधनों पर आधारित होता है। मक्का की रोटी, कांदे की सब्जी, महुआ से बने पेय और ताड़ का रस इनके पारंपरिक भोजन का हिस्सा हैं। यह खान-पान उनकी जंगल और कृषि आधारित जीवनशैली को दर्शाता है।

28. चंबल, बनास और सीप नदियों के संगम पर मीणा जनजाति का प्रयागराज कहलाने वाला मेला है?

  • (A) रामेश्वरम् मेला
  • (B) पुष्कर मेला
  • (C) मनखारो मेला
  • (D) लक्खी मेला

चंबल, बनास और सीप नदियों के संगम पर लगने वाला रामेश्वरम् मेला मीणा जनजाति का प्रमुख धार्मिक आयोजन माना जाता है। इसे मीणाओं का प्रयागराज भी कहा जाता है। इस मेले में धार्मिक स्नान, पूजा और सामूहिक आयोजन होते हैं।

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29. मीणा जनजाति में लड़की के जन्म पर सुप और लड़के के जन्म पर क्या बजाई जाती है?

  • (A) ढोल
  • (B) थाली
  • (C) नगाड़ा
  • (D) डेरू

मीणा जनजाति में जन्म के अवसर पर अलग-अलग परंपराएँ निभाई जाती हैं। लड़की के जन्म पर सुप बजाया जाता है, जबकि लड़के के जन्म पर थाली बजाने की परंपरा है। यह रीति सामाजिक खुशी और उत्सव व्यक्त करने का तरीका माना जाता है।

30. निम्न में से असंगत कथन है –

  • (A) टॉड ने भीलों को वनपुत्र कहा
  • (B) रोने ने भीलों को गुजराती बताया
  • (C) रिजले-क्रुक ने द्रविड़ मूल माना
  • (D) थॉमसन ने भीली व्याकरण लिखी

रोने ने भीलों का मूल स्थान मारवाड़ बताया था, जबकि उन्हें गुजराती बताने का उल्लेख थॉमसन से जुड़ा है। इसलिए दूसरा कथन असंगत है। भीलों की उत्पत्ति और इतिहास पर विभिन्न विद्वानों ने अलग-अलग विचार दिए हैं, जो इस विषय को रोचक बनाते हैं।

31. निम्न में से असत्य कथन है –

  • (A) भीलों में सिरा चोकली मृतक प्रतिमा से जुड़ा है
  • (B) गरासिया में हुरे प्रथा है
  • (C) भीलों में धार्मिक व्यक्ति भगत कहलाता है
  • (D) उपरोक्त सभी सत्य

दिए गए सभी कथन सही माने जाते हैं। भील और गरासिया जनजातियों में मृतक स्मृति से जुड़ी अलग-अलग परंपराएँ पाई जाती हैं। वहीं धार्मिक अनुष्ठान करवाने वाले व्यक्ति को भीलों में भगत कहा जाता है। इसलिए असत्य कोई नहीं है।

32. ताराभांत, लहरभांत, केरीभांत व ज्वारभांत की ओढ़नी किस जनजाति में प्रचलित है?

  • (A) भील
  • (B) मीणा
  • (C) गरासिया
  • (D) सहरिया

भील महिलाओं में अलग-अलग डिजाइन वाली ओढ़नियाँ जैसे ताराभांत, लहरभांत, केरीभांत और ज्वारभांत प्रचलित हैं। ये वस्त्र उनकी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक वेशभूषा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। विशेष अवसरों और उत्सवों में इन्हें पहनने की परंपरा है।

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33. भीलों की लोक देवी जिसका चित्रण विवाह के अवसर पर दीवारों पर किया जाता है?

  • (A) होवण माता
  • (B) खोड़ीयाल माता
  • (C) नारायणी माता
  • (D) भराड़ी माता

भराड़ी माता भील जनजाति की लोकदेवी मानी जाती हैं। विवाह के अवसर पर इनका चित्र दीवारों पर बनाया जाता है। यह परंपरा शुभता और देवी के आशीर्वाद का प्रतीक है। जनजातीय समाज में लोकदेवियों का विशेष स्थान होता है।

34. किस जनजाति में विवाह खर्च बचाने के लिए दुल्हन को दूल्हे के घर छोड़ दिया जाता है?

  • (A) मीणा
  • (B) भील
  • (C) गरासिया
  • (D) कंजर

गरासिया जनजाति में विवाह खर्च कम करने के लिए दुल्हन को सीधे दूल्हे के घर छोड़ देने की परंपरा मिलती है, जिसे मेलेबो कहा जाता है। यह समाज की सरल विवाह व्यवस्था को दर्शाता है। जनजातीय समाज में ऐसे व्यावहारिक रीति-रिवाज आम हैं।

35. आदिवासियों का कुम्भ किस मेले को कहते हैं?

  • (A) बेणेश्वर मेला
  • (B) आसापुरी माता
  • (C) वाल्मिकी मेला
  • (D) दशहरा मेला

बेणेश्वर मेला आदिवासियों का कुम्भ कहलाता है। यह डूंगरपुर जिले में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होता है। भील सहित कई जनजातियाँ इसमें भाग लेती हैं। धार्मिक अनुष्ठान, लोकनृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं।

36. मैदानी भागों में की जाने वाली ‘दजिया’ कृषि कौनसी जनजाति द्वारा की जाती है?

  • (A) मीणा
  • (B) सांसी
  • (C) भील
  • (D) कथौड़ी

दजिया कृषि भील जनजाति द्वारा की जाने वाली पारंपरिक खेती की पद्धति है। इसमें जंगल साफ कर खेती की जाती है। यह स्थानांतरित कृषि का एक रूप माना जाता है। भीलों का जीवन लंबे समय तक जंगल और कृषि पर आधारित रहा है, इसलिए ऐसी पद्धतियाँ विकसित हुईं।

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37. गरासिया जनजाति में ‘मोर बन्धिया’ रीति रिवाज किस अवसर से जुड़ा है?

  • (A) विवाह
  • (B) सगाई
  • (C) जन्म
  • (D) तलाक

मोर बन्धिया गरासिया जनजाति की विवाह से जुड़ी एक प्रमुख परंपरा है। इसमें दूल्हा-दुल्हन के मौड़ बांधकर फेरे लिए जाते हैं और विवाह को सामाजिक मान्यता दी जाती है। गरासिया समाज में विवाह के कई प्रकार प्रचलित हैं जैसे ताणना, मेलेबो, खेवणा, सेवा और आटा-साटा। यह उनकी सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक विवाह व्यवस्था को दर्शाता है।

38. कथौड़ी जनजाति मुख्यतः किस जिले में पायी जाती है?

  • (A) बाँसवाड़ा
  • (B) उदयपुर
  • (C) कोटा
  • (D) डूंगरपुर

कथौड़ी जनजाति मुख्य रूप से उदयपुर जिले में पाई जाती है, खासकर झाड़ोल, कोटड़ा और सराड़ा क्षेत्रों में। इसके अलावा डूंगरपुर, बारां और झालावाड़ में भी इनकी उपस्थिति मिलती है। यह जनजाति मूलतः महाराष्ट्र से आई मानी जाती है। जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान में इनकी संख्या कम है और सर्वाधिक आबादी उदयपुर में दर्ज की गई है।

39. मक्का राजस्थान की किस जनजाति का मुख्य भोजन है?

  • (A) सांसी
  • (B) भील
  • (C) मीणा
  • (D) सहरिया

भील जनजाति का मुख्य भोजन मक्का और प्याज माना जाता है। इनका जीवन कृषि, पशुपालन और वन उपज पर आधारित है। महुआ से बनी शराब और ताड़ का रस भी इनके खान-पान का हिस्सा है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित यह भोजन उनकी पारंपरिक जीवनशैली और प्रकृति से जुड़े रहने को दर्शाता है।

40. भीलों द्वारा लड़की के विवाह के समय दीवार पर बनाये जाने वाले लोक देवी के चित्र को क्या कहा जाता है?

  • (A) मांडना
  • (B) भराड़ी
  • (C) फड़
  • (D) तहनिशा

भील जनजाति में विवाह के अवसर पर दीवारों पर लोक देवी भराड़ी का चित्र बनाया जाता है। इसे शुभ माना जाता है और विवाह की सफलता तथा देवी के आशीर्वाद का प्रतीक समझा जाता है। जनजातीय समाज में ऐसी चित्रकला धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा को व्यक्त करने का माध्यम होती है।

41. जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित जनजाति का प्रतिशत सबसे कम किन जिलों में है?

  • (A) बीकानेर और नागौर
  • (B) नागौर और चूरू
  • (C) चूरू और गंगानगर
  • (D) बीकानेर और अजमेर

राजस्थान में जनजातीय आबादी का प्रतिशत सबसे कम बीकानेर और नागौर जिलों में पाया जाता है। ये क्षेत्र मुख्य रूप से मरुस्थलीय हैं, जहाँ वन और पहाड़ी क्षेत्र कम हैं। जनजातियाँ सामान्यतः दक्षिणी और वन क्षेत्रों में अधिक रहती हैं, इसलिए उत्तरी और पश्चिमी जिलों में उनका प्रतिशत कम मिलता है।

42. आदिवासियों में लीला मोरिया संस्कार किससे संबंधित है?

  • (A) कन्यादान
  • (B) विवाह
  • (C) जन्म
  • (D) मृत्यु

लीला मोरिया आदिवासी समाज में विवाह से संबंधित एक संस्कार है। यह विवाह प्रक्रिया का हिस्सा माना जाता है और सामाजिक स्वीकृति के साथ निभाया जाता है। जनजातीय समाज में विवाह से जुड़े अलग-अलग रीति-रिवाज पाए जाते हैं, जो उनकी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था को दर्शाते हैं।

43. ताणना एवं मोर बंधिया विवाह किस जनजाति में प्रचलित है?

  • (A) मीणा
  • (B) सांसी
  • (C) भील
  • (D) गरासिया

ताणना और मोर बंधिया विवाह गरासिया जनजाति की प्रमुख विवाह परंपराएँ हैं। मोर बंधिया में फेरे लेकर विवाह किया जाता है, जबकि ताणना में बिना सगाई और फेरों के सामाजिक सहमति से विवाह होता है। गरासिया समाज में मेलेबो, सेवा, आटा-साटा और खेवणा जैसे अन्य विवाह प्रकार भी प्रचलित हैं।

44. कर्नल टॉड के अनुसार मीणाओं का मूल निवास स्थान कौन सा था?

  • (A) काली घाटी पर्वतमाला
  • (B) मुकुन्दरा पर्वत
  • (C) आबू पर्वतमाला
  • (D) काली खोह पर्वतमाला

कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार मीणा जनजाति का मूल निवास स्थान काली खोह पर्वतमाला माना गया है। यह क्षेत्र अजमेर और आगरा के बीच बताया जाता है। इतिहासकारों के ऐसे उल्लेख जनजातियों की प्राचीन पृष्ठभूमि और उनके प्रवास को समझने में मदद करते हैं।

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45. विश्व आदिवासी दिवस कब मनाया जाता है?

  • (A) 8 अगस्त
  • (B) 9 अगस्त
  • (C) 10 अगस्त
  • (D) 7 अगस्त

विश्व आदिवासी दिवस हर वर्ष 9 अगस्त को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आदिवासी समुदायों के अधिकार, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान को सम्मान देना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा इसे पहली बार 1994 में मनाया गया था। यह दिवस दुनिया भर में स्वदेशी समुदायों के योगदान को पहचान देने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

46. सांसी जनजाति के लोग राजस्थान के किस जिले में मुख्य रूप से पाए जाते हैं?

  • (A) करौली
  • (B) धौलपुर
  • (C) अलवर
  • (D) भरतपुर

सांसी समुदाय राजस्थान में मुख्य रूप से भरतपुर जिले में पाया जाता है। यह समुदाय अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल है और झुंझुनूं जैसे क्षेत्रों में भी इनकी उपस्थिति मिलती है। सांसी समाज पारंपरिक रूप से घुमंतू जीवनशैली से जुड़ा रहा है, लेकिन अब स्थायी निवास की प्रवृत्ति बढ़ी है।

47. भील जनजाति में पेय पदार्थ हेतु किस वृक्ष/पौधे का अधिक उपयोग किया जाता है?

  • (A) अंगूर
  • (B) आम
  • (C) खेजड़ी
  • (D) महुआ

भील जनजाति में महुआ वृक्ष का बहुत महत्व है। इसके फूलों से पारंपरिक पेय और देशी शराब बनाई जाती है। महुआ को आदिवासियों का कल्पवृक्ष भी कहा जाता है क्योंकि इसके फल, फूल और बीज कई तरह से उपयोग में आते हैं। दक्षिणी राजस्थान के जनजातीय क्षेत्रों में यह वृक्ष अधिक पाया जाता है और उनकी आजीविका तथा संस्कृति से गहराई से जुड़ा है।

48. डामोर जनजाति अधिकतर कहाँ पायी जाती है?

  • (A) डूंगरपुर और बांसवाड़ा
  • (B) कोटा और बारां
  • (C) प्रतापगढ़
  • (D) भीलवाड़ा

डामोर जनजाति मुख्य रूप से डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में पाई जाती है, खासकर गुजरात सीमा से लगे क्षेत्रों में। इनके मुखिया को मुखी कहा जाता है और गांव की छोटी इकाई फला कहलाती है। यह जनजाति कृषि और पशुपालन पर निर्भर रहती है तथा पुरुष भी आभूषण पहनते हैं, जो उनकी सांस्कृतिक विशेषता मानी जाती है।

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49. ‘कू’ संबंधित है?

  • (A) भील जनजाति के घर से
  • (B) गरासिया के हथियार से
  • (C) भील के कपड़ों से
  • (D) मीणा के त्यौहार से

कू या टापरा भील जनजाति के घर को कहा जाता है। भील समाज में बसावट की कई इकाइयाँ होती हैं जैसे फला (छोटा समूह) और पाल (बड़ा गाँव)। यह पारंपरिक आवास व्यवस्था जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों के अनुसार विकसित हुई है। इससे उनकी सामाजिक संरचना और सामूहिक जीवनशैली समझ में आती है।

50. ‘पाल’ किसे कहते हैं?

  • (A) भीलों की बस्ती
  • (B) जनजातीय खेती
  • (C) मीणाओं की बस्ती
  • (D) सहरियाओं की बस्ती

भील जनजाति की बड़ी बस्ती को पाल कहा जाता है। वहीं छोटे समूह को फला कहा जाता है। अलग-अलग जनजातियों की बसावट के अलग नाम होते हैं, जैसे सहरिया की बस्ती सहराना कहलाती है। यह शब्द जनजातीय समाज की पारंपरिक सामाजिक संरचना और सामूहिक जीवन व्यवस्था को दर्शाते हैं।

51. राजस्थान की भील जनजाति में गांव का मुखिया कहलाता है?

  • (A) पालवी
  • (B) पाल
  • (C) फला
  • (D) गमेती

भील जनजाति में गांवों के समूह या पंचायत के मुखिया को गमेती कहा जाता है। यह व्यक्ति सामाजिक विवादों का समाधान करता है और समुदाय का नेतृत्व करता है। वहीं पालवी पाल का मुखिया कहलाता है। इस प्रकार की पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था जनजातीय समाज में सामाजिक संतुलन बनाए रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

52. ‘गमेती’ किस जनजाति के लोगों का नेता होता है?

  • (A) भील
  • (B) मीणा
  • (C) गुर्जर
  • (D) गरासिया

गमेती भील जनजाति के गांवों के समूह का नेता होता है। वह सामाजिक पंचायत में निर्णय लेने और विवादों को सुलझाने का काम करता है। भील राजस्थान की सबसे प्राचीन और बड़ी जनजातियों में से एक है, और उनकी सामाजिक व्यवस्था में गमेती की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

Rajputana Diary Rajasthan GK MCQ

53. भील पुरुषों द्वारा सिर को ढकने का सफेद वस्त्र क्या कहलाता है?

  • (A) पोत्या
  • (B) पगड़ी
  • (C) अंगोछा
  • (D) ढेपाड़ा

भील पुरुषों द्वारा सिर ढकने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सफेद कपड़ा पोत्या कहलाता है। यह गर्मी और धूल से बचाव के साथ-साथ सम्मान का प्रतीक भी माना जाता है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक पहनावे का अभी भी महत्व है। पोत्या पहनना सामाजिक पहचान और परंपरा को दर्शाने का एक तरीका माना जाता है।

54. भील स्त्रियों द्वारा शादी के अवसर पर पहना जाने वाला पीले रंग का लहंगा क्या कहलाता है?

  • (A) ढारिया
  • (B) पिरिया
  • (C) पुलाव
  • (D) बोलावा

भील महिलाओं का पारंपरिक पहनावा रंग-बिरंगा और आकर्षक होता है। शादी जैसे विशेष अवसरों पर वे पीले रंग का लहंगा पहनती हैं, जिसे पिरिया कहा जाता है। यह वस्त्र शुभता और उत्सव का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ चोली, ओढ़नी और अन्य आभूषण भी पहने जाते हैं, जो भील संस्कृति की सुंदरता और परंपरा को दर्शाते हैं।

55. ‘सिंदूरी’ है?

  • (A) हरे रंग की साड़ी
  • (B) लाल रंग की साड़ी
  • (C) वृद्ध महिला
  • (D) उच्च गोत्र

भील महिलाओं द्वारा पहनी जाने वाली लाल रंग की साड़ी को सिंदूरी कहा जाता है। यह विशेष रूप से पारंपरिक और सांस्कृतिक अवसरों पर पहनी जाती है। लाल रंग को शुभ और उत्सव का प्रतीक माना जाता है। भील समाज में वस्त्रों के अलग-अलग नाम उनकी संस्कृति और जीवनशैली की पहचान को दर्शाते हैं।

56. ‘ढालिया’ कहलाता है?

  • (A) भीलों के घर का बाहरी बैठक बरामदा
  • (B) मीणा जनजाति के घर
  • (C) जानवर बांधने का स्थल
  • (D) शादी का मंडप

भील घरों में बाहरी बैठक या बरामदे को ढालिया कहा जाता है। यह स्थान मेहमानों के बैठने और सामाजिक बातचीत के लिए उपयोग में आता है। ग्रामीण जीवन में ऐसे स्थान सामुदायिक संबंधों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। ढालिया पारंपरिक घरों की संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

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57. होली के अवसर पर भील कौनसा नृत्य करते हैं?

  • (A) हाथीमना
  • (B) गैर
  • (C) गवरी
  • (D) राई

होली के अवसर पर भील जनजाति द्वारा गैर नृत्य किया जाता है। यह सामूहिक नृत्य होता है जिसमें पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेते हैं। ढोल और लोकवाद्यों की धुन पर किया जाने वाला यह नृत्य उत्साह और सामाजिक एकता का प्रतीक है। राजस्थान की लोकसंस्कृति में गैर नृत्य का विशेष स्थान है।

58. राजस्थान में भीलों के गाँवों के समूह के मुखिया को क्या कहते हैं?

  • (A) मुखिया
  • (B) गमेती
  • (C) फलावी
  • (D) फला

भील समाज में प्रशासनिक व्यवस्था पारंपरिक रूप से संगठित होती है। गाँवों के समूह के मुखिया को गमेती कहा जाता है, जबकि एक गाँव के मुखिया को अलग नाम से जाना जाता है। गमेती सामाजिक विवादों का समाधान और समुदाय का नेतृत्व करता है। यह पद जनजातीय समाज में सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है।

59. भीलों द्वारा कन्या का मूल्य चुकाने की प्रथा कहलाती है?

  • (A) दापा
  • (B) ढारिया
  • (C) गमेती
  • (D) नतारा

भील जनजाति में विवाह के समय कन्या पक्ष को दिया जाने वाला मूल्य दापा कहलाता है। यह परंपरा सामाजिक स्वीकृति के साथ निभाई जाती है और विवाह संबंध को औपचारिक रूप देती है। इसका उद्देश्य आर्थिक सहयोग और सामाजिक मान्यता देना होता है। जनजातीय समाज में ऐसी परंपराएँ लंबे समय से चली आ रही हैं।

60. भीलों द्वारा पहाड़ी भाग में की जाने वाली कृषि क्या कहलाती है?

  • (A) दजिया
  • (B) वालरा
  • (C) चिमाता
  • (D) झूमिंग

भील जनजाति पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष प्रकार की कृषि करती है, जिसे चिमाता कहा जाता है। यह स्थानीय परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के अनुसार विकसित खेती की पद्धति है। इसमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग कर खेती की जाती है। यह पद्धति जनजातीय जीवन और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखने का उदाहरण है।

61. ऐसे विवाह जिनमें लड़का लड़की के माता-पिता के घर रहकर सेवा करता है?

  • (A) सेवा विवाह
  • (B) हरण विवाह
  • (C) हठ विवाह
  • (D) परीवीक्षा विवाह

सेवा विवाह जनजातीय क्षेत्रों में प्रचलित एक विशेष विवाह पद्धति है। इसमें लड़का विवाह से पहले या बाद में लड़की के परिवार के साथ रहकर उनकी सेवा करता है। यह परंपरा आपसी समझ और परिवार की सहमति पर आधारित होती है। इससे दोनों परिवारों के बीच विश्वास और सहयोग बढ़ता है।

62. निम्नलिखित में से कौनसी राजस्थान की जनजाति नहीं है?

  • (A) खटीक
  • (B) भील
  • (C) मीणा
  • (D) डामोर

खटीक राजस्थान की जनजाति नहीं मानी जाती, जबकि भील, मीणा और डामोर प्रमुख जनजातियों में शामिल हैं। जनजातियों की पहचान उनके पारंपरिक जीवन, संस्कृति और सामाजिक ढांचे से होती है। राजस्थान में विभिन्न जनजातियाँ अपनी अलग संस्कृति और रीति-रिवाजों के लिए जानी जाती हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं।

63. ‘भाखर बावजी’ किस जनजाति के संरक्षक माने जाते हैं?

  • (A) गरासिया
  • (B) भील
  • (C) मीणा
  • (D) सहरिया

भाखर बावजी को गरासिया जनजाति का संरक्षक और आदिपुरुष माना जाता है। सिरोही क्षेत्र का भाखर इलाका गरासिया समाज का मूल क्षेत्र माना जाता है। इस समुदाय में भाखर बावजी के प्रति गहरी आस्था है और धार्मिक अवसरों पर उनकी पूजा की जाती है। यह परंपरा गरासिया समाज की सांस्कृतिक पहचान और इतिहास से जुड़ी हुई है।

64. राजस्थान में किस जनजाति की जनसंख्या सर्वाधिक है?

  • (A) मीणा
  • (B) भील
  • (C) गरासिया
  • (D) सहरिया

राजस्थान में जनसंख्या की दृष्टि से मीणा जनजाति सबसे बड़ी मानी जाती है। यह जनजाति मुख्य रूप से पूर्वी राजस्थान के जिलों में अधिक पाई जाती है। मीणा समाज कृषि, सामाजिक नेतृत्व और स्थानीय प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाता है। उनकी सांस्कृतिक परंपराएँ और लोकदेवताओं में आस्था राजस्थान की जनजातीय पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

Rajasthan GK Previous Year Questions

65. निम्न में से कौनसा वृक्ष भील जनजाति का पवित्र वृक्ष है?

  • (A) पीपल
  • (B) खेजड़ी
  • (C) महुआ
  • (D) बरगद

महुआ वृक्ष भील जनजाति के लिए अत्यंत पवित्र और उपयोगी माना जाता है। इसके फूलों से पेय पदार्थ, भोजन और कई घरेलू चीजें तैयार की जाती हैं। भील समाज का जीवन जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है, इसलिए महुआ का धार्मिक और आर्थिक दोनों महत्व है। त्योहारों और पारंपरिक अनुष्ठानों में भी इसका विशेष स्थान होता है।

66. निम्न में से असंगत है?

  • (A) भील – बाँसवाड़ा
  • (B) गरासिया – सिरोही
  • (C) सहरिया – जयपुर
  • (D) डामोर – डूंगरपुर

सहरिया जनजाति मुख्य रूप से बारां, कोटा और झालावाड़ क्षेत्रों में पाई जाती है, इसलिए सहरिया – जयपुर का संयोजन असंगत माना जाता है। अन्य विकल्प सही क्षेत्रीय संबंध दर्शाते हैं। राजस्थान की प्रत्येक जनजाति का अपना भौगोलिक क्षेत्र और सांस्कृतिक आधार होता है, जो उनकी पहचान और जीवनशैली को प्रभावित करता है।

67. राज्य में सर्वाधिक सहरिया जनजाति के लोग किस जिले में रहते हैं?

  • (A) कोटा
  • (B) बारां
  • (C) झालावाड़
  • (D) उदयपुर

सहरिया जनजाति राजस्थान में सबसे अधिक बारां जिले की शाहबाद और किशनगंज तहसीलों में निवास करती है। यह जनजाति आदिम जनजातियों में गिनी जाती है और जंगलों के निकट रहने वाली जीवनशैली अपनाती है। इनके अलावा कोटा और झालावाड़ जिलों में भी इनकी उपस्थिति मिलती है। बारां क्षेत्र इनके सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

68. किस जनजाति में मरे हुए व्यक्ति के मुँह में शराब की बूंदे डालने का रिवाज है?

  • (A) भील
  • (B) गरासिया
  • (C) सहरिया
  • (D) कंजर

कंजर जनजाति में मृत्यु से जुड़े कुछ विशेष पारंपरिक रीति-रिवाज पाए जाते हैं। इनमें मृतक के मुँह में शराब की बूंदें डालने की परंपरा भी शामिल है, जिसे धार्मिक आस्था और सम्मान से जोड़ा जाता है। जनजातीय समाजों में ऐसे संस्कार उनके विश्वासों और लोक परंपराओं को दर्शाते हैं। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक मान्यताओं का हिस्सा है।

Previous Year Question Papers

69. घोटिया अम्बा का प्रसिद्ध भील मेला किस जिले में लगता है?

  • (A) डूंगरपुर
  • (B) बाँसवाड़ा
  • (C) उदयपुर
  • (D) जालौर

घोटिया अम्बा का मेला भील जनजाति का प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जो बाँसवाड़ा जिले में आयोजित होता है। इस मेले में बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय भाग लेते हैं। यहाँ धार्मिक पूजा के साथ लोकनृत्य, गीत और पारंपरिक गतिविधियाँ भी होती हैं। यह मेला सामाजिक मेलजोल और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।

70. जनजातियों के संबंध में ‘कू’ से तात्पर्य है?

  • (A) भीलों के घरों का छोटा समूह
  • (B) गरासिया का घर
  • (C) भील जनजाति का घर
  • (D) गाँव का मुखिया

भील जनजाति अपने घर को कू या टापरा कहती है। यह घर सामान्यतः स्थानीय सामग्री से बनाया जाता है और प्राकृतिक वातावरण के अनुसार ढाला जाता है। जनजातीय जीवन में घर केवल रहने का स्थान नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों का केंद्र होता है। कू शब्द भील संस्कृति की पारंपरिक जीवन शैली को दर्शाता है।

71. सहरिया जनजाति में मुखिया को क्या कहते हैं?

  • (A) गमेती
  • (B) प्रधान
  • (C) मेठ
  • (D) कोतवाल

सहरिया जनजाति में मुखिया को कोतवाल कहा जाता है। यह व्यक्ति सामाजिक पंचायतों में निर्णय लेने और विवादों का समाधान करने का कार्य करता है। कोतवाल समुदाय में अनुशासन और परंपराओं को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जनजातीय समाज में ऐसे पद सामाजिक व्यवस्था और सामूहिक निर्णय प्रणाली को मजबूत बनाते हैं।

72. गरासिया जनजाति द्वारा अन्न भंडार की कोठियाँ क्या कहलाती हैं?

  • (A) मोहरी
  • (B) सोहरी
  • (C) कोठरी
  • (D) माट्टा

गरासिया जनजाति में अन्न भंडारण के लिए बनाई गई पारंपरिक कोठियों को सोहरी कहा जाता है। ये कोठियाँ अनाज को सुरक्षित रखने के लिए बनाई जाती हैं ताकि लंबे समय तक भोजन की व्यवस्था बनी रहे। ग्रामीण और जनजातीय जीवन में अन्न भंडारण का विशेष महत्व होता है। यह व्यवस्था उनकी आत्मनिर्भर जीवनशैली और पारंपरिक ज्ञान को दर्शाती है।

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73. किस जनजाति को भारत सरकार द्वारा आदिम जनजाति समूह में रखा गया है?

  • (A) सहरिया
  • (B) गरासिया
  • (C) भील
  • (D) कथौड़ी

सहरिया जनजाति को भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर आदिम जनजाति समूह (PVTG) में शामिल किया गया है। यह जनजाति सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी मानी जाती है। सरकार द्वारा इनके विकास के लिए विशेष योजनाएँ चलाई जाती हैं। जंगलों पर निर्भर जीवन और सीमित संसाधनों के कारण इन्हें संरक्षण और सहायता की आवश्यकता होती है।

74. सहरिया जनजाति की कुल देवी है?

  • (A) आमजा माता
  • (B) कोडिया देवी
  • (C) शीलता माता
  • (D) छींच माता

सहरिया जनजाति की कुल देवी कोडिया देवी मानी जाती हैं। सहरिया समाज में देवी-देवताओं के प्रति गहरी आस्था होती है और धार्मिक अनुष्ठानों में कुल देवी की पूजा विशेष महत्व रखती है। यह पूजा सामाजिक एकता और परंपराओं को बनाए रखने का माध्यम होती है। जनजातीय संस्कृति में कुल देवी का स्थान परिवार और समुदाय दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

75. किस जनजाति के लोग मेलों में अपना जीवनसाथी चुनते हैं?

  • (A) सहरिया
  • (B) गरासिया
  • (C) कंजर
  • (D) सांसी

गरासिया जनजाति में मेलों के दौरान जीवनसाथी चुनने की परंपरा प्रसिद्ध है। यह विवाह प्रणाली सामाजिक स्वीकृति के साथ अपनाई जाती है और युवाओं को अपनी पसंद का साथी चुनने का अवसर देती है। इस समाज में प्रेम विवाह और विधवा विवाह जैसी प्रथाएँ भी प्रचलित हैं। यह परंपरा गरासिया समाज की सामाजिक स्वतंत्रता को दर्शाती है।

76. राज्य में सहरिया जनजाति का प्रमुख स्थान कौनसा है?

  • (A) अलवर
  • (B) बाँसवाड़ा
  • (C) जयपुर
  • (D) बारां (शाहबाद-किशनगंज)

राजस्थान में सहरिया जनजाति का मुख्य निवास क्षेत्र बारां जिले की शाहबाद और किशनगंज तहसीलें हैं। यहाँ इनकी आबादी सबसे अधिक पाई जाती है। जंगलों के निकट रहने वाली यह जनजाति पारंपरिक जीवन शैली अपनाती है। इन क्षेत्रों में उनकी संस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक व्यवस्था आज भी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।

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77. राजस्थान में कौनसी जनजाति सांप पकड़ने का कार्य करती है?

  • (A) कथौड़ी
  • (B) कालबेलिया
  • (C) सांसी
  • (D) कंजर

कालबेलिया जनजाति सांप पकड़ने और उनसे जुड़े पारंपरिक ज्ञान के लिए प्रसिद्ध है। इनका जीवन सांपों के साथ जुड़ा रहा है और इसी कारण इनकी पहचान पूरे देश में बनी है। कालबेलिया नृत्य भी विश्व प्रसिद्ध है, जो उनकी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह जनजाति लोककला और पारंपरिक जीवनशैली के लिए जानी जाती है।

78. कौनसी जनजाति के लोग ‘हाकम राजा का प्याला’ पीकर झूठ नहीं बोलते?

  • (A) सहरिया
  • (B) कंजर
  • (C) गरासिया
  • (D) डामोर

कंजर जनजाति में हाकम राजा का प्याला एक पारंपरिक मान्यता से जुड़ा है। इसे पीने के बाद झूठ न बोलने की शपथ मानी जाती है। इस समाज में अपराध या महत्वपूर्ण निर्णय से पहले ईश्वर से अनुमति लेने की परंपरा भी मिलती है। यह विश्वास उनकी सामाजिक नैतिकता और धार्मिक आस्था को दर्शाता है।

79. रावत मीणा राजस्थान में सर्वाधिक किस जिले में निवास करते हैं?

  • (A) अजमेर
  • (B) जोधपुर
  • (C) जयपुर
  • (D) नागौर

रावत मीणा समुदाय राजस्थान के विभिन्न भागों में पाया जाता है, लेकिन अजमेर जिले में इनकी संख्या अधिक मानी जाती है। यह समुदाय मीणा समाज का महत्वपूर्ण उपसमूह है और अपनी अलग सांस्कृतिक पहचान रखता है। कृषि और ग्रामीण जीवन से जुड़ा यह समुदाय सामाजिक और धार्मिक परंपराओं का पालन करता है।

80. माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान कहाँ है?

  • (A) जयपुर
  • (B) जोधपुर
  • (C) उदयपुर
  • (D) जालौर

माणिक्यलाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान उदयपुर में स्थित है। इसकी स्थापना 2 जनवरी 1964 को जनजातीय समाज के अध्ययन और विकास के उद्देश्य से की गई थी। यह संस्थान जनजातीय संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े शोध कार्य करता है। राजस्थान की जनजातीय नीतियों में इसका महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

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Mukesh Khunga

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Mukesh Khunga

Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...

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