राजस्थान की हस्तकला Important PYQ | Rajasthan GK Previous Year Questions
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
राजस्थान की हस्तकला से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
PYQ
प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें फड़, रंगाई, मीनाकारी, ब्लू पॉटरी, ढफ, कावड़ आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये PYQ प्रश्न
RPSC,
RSMSSB,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं,
इसलिए आगामी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
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1. श्रीलाल जोशी किस कला से सम्बन्धित है?
📚 Asst. Prof. 2021, Lab Asst. 2026
A
फड़
B
स्वांग
C
रम्मत
D
नौटंकी:
📖 व्याख्या
श्रीलाल जोशी राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से हैं और वे एक प्रसिद्ध फड़ कलाकार परिवार से आते हैं। फड़ कला राजस्थान की पारंपरिक लोकचित्रकला की एक महत्वपूर्ण शैली है, जो मुख्यतः भीलवाड़ा. चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों में प्रचलित है। श्रीलाल जोशी को फड़ चित्रकला के संरक्षक और पुनर्जीवक के रूप में जाना जाता है। उनके परिवार के सदस्य कल्याण जोशी को 2012 में फड़ कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
2. सूची I को सूची II से सुमेलित करे :
सूची I - सूची II
1. बंधेज साड़ी - I. चूरू
2. मसूरिया साड़ी परिधान - II. बीकानेर
3. लघुचित्र उत्कीर्णन - III. कोटा
4. ऊँट की खाल से नक्काशीदार सुराही - IV. जयपुर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः
📚 Reet Mains [L-1] 2026
A
(a) 1-1, 2-III, 3-II, 4-IV
B
1-II. 2-1, 3-III, 4-IV
C
I-IV. 2-II. 3-1, 4-III
D
I-IV. 2-III, 3-1, 4-II
📖 व्याख्या
राजस्थान की हस्तकलाओं का उनके प्रसिद्ध केंद्रों से सही मिलान इस प्रकार है: बंधेज की साड़ियाँ और वस्त्र जयपुर और जोधपुर में प्रसिद्ध हैं। मसूरिया साड़ी (कोटा डोरिया) कैथून, कोटा की विश्व प्रसिद्ध हस्तकला है। लघुचित्र उत्कीर्णन एक केंद्र चूरू हैं। ऊँट की खाल पर की जाने वाली नक्काशी, जिसे 'उस्ता कला' कहते हैं, बीकानेर की विशेषता है।
3. सूची I को सूची II से सुमेलित करेः
सूची I सूची II
1. अजरक प्रिंट - I. बस्सी
2. पिछवाड्यां - II. बाड़मेर
3. काले काष्ठ खिलौने - III. गलियाकोट
4. प्रस्तर खिलौने - IV. नाथद्वारा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुने-
📚 Reet Mains |L-1] 2026
A
1-III, 2-11, 3-IV, 4-1
B
1-1. 2-III, 3-IV, 4-11
C
1-11, 2-1V, 3-1, 4-111
D
I-IV, 2-1, 3-11, 4-111
📖 व्याख्या
अजरक प्रिंट, जो अपने लाल और नीले ज्यामितीय पैटर्न के लिए प्रसिद्ध है, बाड़मेर की विशेषता है। पिछवाई चित्रकला, जिसमें भगवान कृष्ण की लीलाओं का चित्रण कपड़े पर किया जाता है, नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर की प्रसिद्ध कला है। काले काष्ठ का खिलौने प्रस्तर (पत्थर) के खिलौने और मूर्तियाँ गलियाकोट और डूंगरपुर में बनाए जाते हैं। बस्सी काष्ठ कला के लिए प्रसिद्ध है।
4. नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में-
अभिकथन A: कत्था परंपरागत विधियों द्वारा निर्मित किया जाता है।
कारण R: कत्था लुगदी और कागज की छपाई और रंगाई में प्रयुक्त होता है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
📚 Reet Mains [L-1] 2026
A
A और R दोनों सही हैं और R. A की सही व्याख्या है।
B
A और R दोनों सही हैं लेकिन R. A की सही व्याख्या नहीं है।
C
A सही है लेकिन R सही नहीं है।
D
A सही नहीं है लेकिन R सही है।
📖 व्याख्या
अभिकथन (A) सही है। कत्था खैर के पेड़ की लकड़ी से पारंपरिक तरीकों द्वारा बनाया जाता है, जिसमें लकड़ी को उबालकर रस निकाला जाता है। राजस्थान में कथौड़ी जनजाति इस कार्य में दश्न मानी जाती है। कारण (R) गलत है। कत्था का उपयोग मुख्य रूप से पान में, चर्मशोधन में और एक प्राकृतिक डाई के रूप में किया जाता है।
5. नीचे दो कथन दिए गए हैं एक अभिकथन A के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R के रूप में।
अभिकथन A: सांगानेरी हैंड ब्लॉक प्रिंट, बगरू हैंड ब्लॉक प्रिंट और कोटा डोरिया, इन सभी को हस्तकला संबंधित श्रेणी में भौगोलिक संकेतक मिला है।
कारण R: भौगोलिक संकेतक, औद्योगिक संपदा का एक पक्ष है जो किसी उत्पाद के देश या मूल स्थान को संदर्भित करता है जो विनिर्दिष्ट भौगोलिक स्थान से अनिवार्यतः सहसंबंध रखने वाली गुणवत्ता और विशिष्टता का आश्वासन है।
उपरोक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए
📚 REET Mains [L-2] 2026
A
A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
B
A और R. दोनों सही हैं लेकिन R. A की संही व्याख्या नहीं है।
C
A सही है लेकिन R सही नहीं है।
D
A सही नहीं है लेकिन R सही है।
📖 व्याख्या
सांगानेरी प्रिंट, बगरू प्रिंट और कोटा डोरिया साड़ियों को उनकी विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति और पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया के लिए भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त है। भौगोलिक संकेतक (GI) की सटीक परिभाषा देता है। यह एक ऐसा चिन्ह है जो किसी उत्पाद को उसकी विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति और उस उत्पत्ति के कारण उसमें निहित गुणों और प्रतिष्ठा के कारण पहचान देता है।
6. चित्तौड़ की कावड़ कला से किस कलाकार का नाम जुड़ा है?
📚 Jr. Instructor 2025, CET (10+2) 2024, Lab Asst. 2022, Reet Mains [L-2] 2026, Parichalak-2025, Live Stock Asst. 2025
A
बक्साराम
B
श्रीलाल जोशी
C
माँगीलाल मिस्त्री
D
साहिबराम
📖 व्याख्या
कावड़ कला राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी गाँव की एक प्रसिद्ध पारंपरिक हस्तकला है। यह लकड़ी से बना एक छोटा चल मंदिर होता है जिसमें कई कपाट या दरवाजे होते हैं, जिन पर पौराणिक कथाओं के चित्र अंकित होते हैं। मांगीलाल मिस्त्री इस कला के एक मूर्धन्य कलाकार माने जाते हैं।
7. कलाकृतियों को उनके उद्भव प्रसिद्ध जिला से सुमेलित करेंः
सूची - I (कलाकृति) - सूची - II (जिला)
(A) नील मृदभांड - (i) चित्तौड़गढ़
(B) थेवा कला - (ii) जयपुर
(C) उस्ता कला - (iii) प्रतापगढ़
(D) अकोला छपाई - (iv) बीकानेर
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनें:
📚 REET Mains [L-2] 2026
A
A-iv, B-iii, C-ii, D-i
B
A-ii. B-iii, C-iv, D-i
C
A-iv, B-i, C-ii. D-iii
D
A-i. B-ii, C-iii. D-iv
📖 व्याख्या
ब्लू पॉटरी: यह नीले रंगों के उपयोग के लिए प्रसिद्ध मिट्टी के बर्तनों की कला है, जो जयपुर की विशेषता है। थेवा कलाः यह काँच पर सोने की बारीक कारीगरी की कला है. जो प्रतापगढ़ के सोनी परिवार के लिए प्रसिद्ध है। उस्ता कलाः यह ऊँट की खाल पर सोने की नक्काशी की कला है, जो बीकानेर की पहचान है। अकोला छपाई: अकोला गाँव अपनी दाबू प्रिंट (एक प्रकार की ब्लॉक प्रिंटिंग) के लिए प्रसिद्ध है, जो चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
8. सूची I को सूची II से सुमेलित करें
सूची I - सूची II
(वस्तकारी (कला कार्य) - (केन्द्र/मुख्य-स्थान)
1. ब्लू पोटरी - I. जयपुर
2. श्याम काष्ठ खिलौने - II. बस्सी
3. कागजी पोटरी - III. अलवर
4. कसीदे वाली सुराही - IV. बीकानेर
📚 Reet Mains |L-2] 2026
A
1-III, 2-IV, 3-II, 4-I
B
1-I, 2-II, 3-III, 4-IV
C
1-I, 2-II, 3-IV, 4-III
D
1-II, 2-I, 3-IV, 4-III
📖 व्याख्या
ब्लू पोटरी जयपुर की विश्वविख्यात कला है। लकड़ी के काष्ठ खिलौनों के लिए बस्सी (चित्तौड़गढ़) प्रसिद्ध है। कागजी पोटरी अलवर की विशिष्टता है, जिसमें मिट्टी के बर्तन कागज की तरह पतले बनाए जाते हैं। कसीदे वाली सुराही बीकानेर की प्रसिद्ध दस्तकारी है, जो ऊँट की खाल पर की जाने वाली नक्काशी से प्रेरित है।
9. राजस्थान में 'मलयागिरि' (मलागिरी) का सम्बन्ध निम्न में से किस हस्तकला से था?
📚 Asst. Prof. 2025
A
रंगाई
B
मीनाकारी
C
धातु कला
D
ब्लू पॉटरी
📖 व्याख्या
राजस्थान की पारंपरिक हस्तशिल्प कला के अंतर्गत 'मलयागिरि' (मलागिरी) का सीधा संबंध रंगाई विधा से है। यह मुख्य रूप से सूती या रेशमी वस्त्रों पर की जाने वाली भूरे रंग की एक विशिष्ट शेड की रंगाई को संदर्भित करता है।
10. थेवा कला का सम्बन्ध राजस्थान के किस स्थान से है?
📚 Jr. Instructor 2025, JEN 2025, B.S.T.C (Pre.) 2025, Pol. const. 2010, 2022, Industry Department 2019, JEN 2016, 2020, CET (10+2) 2024, Α.Ο. 2016, B.S.T.C (Pre.) 2017, Investigator 2019, Women Agri. Supervisor 2018, MVSI 2013-14, RAS (Pre) 1996
A
प्रतापगढ़
B
चूरू
C
उदयपुर
D
झालावाड़
📖 व्याख्या
राजस्थान का राज सोनी परिवार आभूषण निर्माण में थेवा कला से संबंधित है। थेवा कला, जो प्रतापगढ़ की हस्तकला है, इसमें रंगीन काँच पर सोने की बहुत बारीक और जटिल कारीगरी की जाती है। इस कला में, सोने की पतली शीट (वर्क) पर एक नाजुक डिजाइन उकेरा जाता है और फिर इसे पिघले हुए काँच पर स्थापित किया जाता है। इस प्रक्रिया में सोने की पतली वर्क से जो बारीक जालीनुमा डिज़ाइन बनाया जाता है, उसे ही "थारणा" कहा जाता है।
11. राजस्थान के प्रतापगढ़ की कौन सी कला प्रसिद्ध है, जिसमें काँच के बीच में सोने का बारीक काम किया जाता है ?
📚 JEN 2025
A
पटवा
B
आरी तारी
C
थेवा कला
D
मोलेला
📖 व्याख्या
राजस्थान का राज सोनी परिवार आभूषण निर्माण में थेवा कला से संबंधित है। थेवा कला, जो प्रतापगढ़ की हस्तकला है, इसमें रंगीन काँच पर सोने की बहुत बारीक और जटिल कारीगरी की जाती है। इस कला में, सोने की पतली शीट (वर्क) पर एक नाजुक डिजाइन उकेरा जाता है और फिर इसे पिघले हुए काँच पर स्थापित किया जाता है। इस प्रक्रिया में सोने की पतली वर्क से जो बारीक जालीनुमा डिज़ाइन बनाया जाता है, उसे ही "थारणा" कहा जाता है।
12. निम्नलिखित में से कौन राजस्थान में थेवा कला की परंपरा से जुड़ा है?
📚 JEN 2025, B.S.T.C (Pre.), 2015
A
प्रदीप मुखर्जी
B
महेश सोनी
C
श्री लाल जोशी
D
घनश्याम निम्बार्क,
📖 व्याख्या
थेवा कला प्रतापगढ़ जिले की एक अनूठी हस्तकला है, जिसमें रंगीन बेल्जियम काँच के ऊपर शुद्ध सोने की बारीक नक्काशी की जाती है। इस कला का आविष्कार नाथूजी सोनी ने किया था। वर्तमान में महेश सोनी इस कला के शीर्ष कलाकार हैं, जि जिन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया है। राजसोनी परिवार ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
13. विश्व प्रसिद्ध 'अजरक प्रिंट' निम्नलिखित में से किस स्थान से संबंधित है?
📚 B.S.T.C (Pre.) 2014, 2025, Librarian (III-Gr:) 2025, PTI (III-Gr.) 2022, Jr. Instructor 2018, Lab Asst. 2022, Live Stock Asst. 2018, IEO 2018, जेल प्रहरी 2017, Veterinary Officer 2015
A
सांगानेर
B
बगरू
C
पाली
D
बाड़मेर
📖 व्याख्या
बाड़मेर ब्लॉक प्रिंट कपड़े को अज़रक प्रिंट के नाम से भी जाना जाता है। मलीर प्रिंट एव अजरक प्रिंट का संबंध बाड़मेर से है। यह प्रिंटिंग शैली रंग-बिरंगे और जटिल डिज़ाइनों के लिए प्रसिद्ध है, जो विशेष रूप से कपड़ों पर की जाती है। यह परंपरागत रूप से बाड़मेर के कारीगरों द्वारा बनाई जाती है। मलीर प्रिंट में मुख्यतः कत्थई और काले रंगों का उपयोग होता है और यह 'टिन संल छपाई' पद्धति से किया जाता है। यह प्रिंट बाड़मेर के बालोतरा क्षेत्र में प्रसिद्ध है।
14. ऊँट की खाल पर चित्रांकन किस कला शैली की विशेषता है?
📚 Pol. const. 2014, Jnr Instructor 2025
A
मेवाड़ शैली
B
मारवाड़ शैली
C
किशनगढ़ शैली
D
बीकानेर शैली
📖 व्याख्या
उस्ता कला राजस्थान के ऐतिहासिक नगर बीकानेर में पाई जाने वाली एक विशेष कला है. जिसमें ऊँट की खाल पर स्वर्ण मीनाकारी और मुनव्वत का कार्य किया जाता है। उस्ता कला का विकास पद्मश्री से सम्मानित स्व. हिसामुद्दीन उस्ता ने किया था. जिन्हें 1967 में राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
15. राजस्थान में पाई जाने वाली उस्ता कला क्या है?
📚 Pol. const. 2022, Veterinary Officer 2013, IV GRADE 2025
A
संगमरमर के पत्थर पर पचिकारी
B
चौकोर चेक पैटर्न में कपास और रेशम का मिश्रण
C
संगमरमर के पत्थर पर मीनाकारी
D
ऊँट के चमड़े पर सोने की मीनाकारी
📖 व्याख्या
उस्ता कला राजस्थान के ऐतिहासिक नगर बीकानेर में पाई जाने वाली एक विशेष कला है. जिसमें ऊँट की खाल पर स्वर्ण मीनाकारी और मुनव्वत का कार्य किया जाता है। उस्ता कला का विकास पद्मश्री से सम्मानित स्व. हिसामुद्दीन उस्ता ने किया था. जिन्हें 1967 में राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा गया था।
16. निम्नलिखित में से कौन-सा राजस्थान का प्रसिद्ध हस्तशिल्प कार्य नहीं है?
📚 JEN 2025
A
थेवा गोल्ड लीफ वर्क
B
कृष्णनगर की गुड़ियाएँ
C
बाँधनी
D
नीली चमकीली मिट्टी के बर्तन
📖 व्याख्या
राजस्थान में थेवा गोल्ड लीफ वर्क, बाँधनी और नीली चमकीली मिट्टी के बर्तन (ब्लू पॉटरी) वहाँ की प्राचीन और गौरवशाली हस्तशिल्प परंपराएँ हैं। इसके विपरीत, 'कृष्णनगर की गुड़ियाएँ' पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के घुरनी क्षेत्र की एक प्रसिद्ध मिट्टी शिंल्प कला है।
17. सूची 1 में दी गयी राजस्थानी विभूतिओं का मिलान सूची II में दिए गए उनके कला/सांस्कृतिक प्रदान के साथ कीजिए।
सूची-1 - सूची-II
1. शकीर अली - I. लोक गायक
2. क्रिपाल सिंह शेखावत - II. लघु (miniature) चित्रकारी
3. महेश राज सोनी - III. ब्लू पोटरी
4. अल्लाह जिलाई बाई - IV. थेवा कला
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः
📚 (VDO) 2025
A
1-II, 2-IV, 3-III, 4-1
B
1-II, 2-III, 3-IV, 4-1
C
1-III, 2-II, 3-1, 4-IV
D
1-1, 2-II, 3-III, 4-IV
📖 व्याख्या
शाकीर अली एक प्रसिद्ध लघु चित्रकारी कलाकार हैं, कृपाल सिंह शेखावत ब्लू पॉटरी कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रसिद्ध हैं, महेश राज सोनी थेवा कला के एक प्रसिद्ध कलाकार हैं, जिन्हें इस कला के लिए पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया है। अल्लाह जिलाई बाई राजस्थान की एक प्रसिद्ध लोक गायिका थीं, विशेष रूप से मांड गायन शैली के लिए जानी जाती थीं।
18. कॉलम A में दिए गए कला स्वरूप का मिलान कॉलम B में दिए गए क्षेत्र से कीजिए।
कॉलम A (कला स्वरूप) - कॉलम B (क्षेत्र)
1. ब्लू पोटरी - I. प्रतापगढ़
2. थेवा कला (काँच पर स्वर्णकारी) - II. किशनगढ़
3. फड़ चित्रकारी - III. जयपुर
4. लघु चित्रकारी (बनी-ठनी शैली) - IV. भीलवाड़ा
नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर चुनेंः
📚 (VDO) 2025
A
1-III, 2-1, 3-IV, 4-11
B
1-II, 2-III. 3-1. 4-IV
C
1-III, 2-IV, 3-1, 4-11
D
1-1, 2-11, 3-III, 4-IV
📖 व्याख्या
ब्लू पोटरी जयपुर से संबंधित है, थेवा कला (काँच पर स्वर्णकारी) प्रतापगढ़ से है. फड़ चित्रकारी भीलवाड़ा से संबंधित है, लघु चित्रकारी (बनी-ठनी शैली) किशनगढ़ से है।
19. चित्तौड़गढ़ जिले का बस्सी गाँव किस हस्तशिल्प के लिए प्रसिद्ध है?
📚 Jr. Instructor 2025
A
फड़
B
मांडणा
C
थेवा
D
कावड़
📖 व्याख्या
राजस्थान में लकड़ी के खिलौने बनाने के लिए प्रसिद्ध नगरों में उदयपुर, यपुर, बस्सी गाँव (चित्तौड़गढ़) हैं। बस्सी गाँव विशेष रूप से लकड़ी की नक्काशी और कावड़ (काष्ठ-शिल्प) जैसी वस्तुओं के लिए जाना जाता है, जबकि उदयपुर में कठपुतलियाँ और अन्य लकड़ी की वस्तुएँ बनाई जाती हैं। 'कावड़' लकड़ी से बनी एक मंदिरनुमा कलाकृति है। यह एक चलता-फिरता मंदिर होता है जिसके कई द्वार (कपाट) होते हैं। जिन पर पौराणिक और धार्मिक कथाओं का चित्रण किया जाता है।
20. राजा मानसिंह आमेर में मीनाकारी की कला को प्रारम्भकरने के लिए पाँच कारीगर किस स्थान से आए?
📚 Α.Ο. 2011 - 2016, Jr. Instructor 2025, JSA 2019, JEN 2020
A
दिल्ली
B
बुरहानपुर
C
वाराणसी
D
लाहौर
📖 व्याख्या
आमेर के राजा मानसिंह प्रथम 16वीं शताब्दी में मीनाकारी की कला को लाहौर से आमेर लेकर आए थे। उन्होंने इस कला को शुरू करने के लिए लाहौर से पाँच कुशल कारीगरों को अपने साथ लाया था। मीनाकारी सोने और चाँदी के आभूषणों पर रंग भरने की एक कला है।
21. निम्न में से कौनसा स्थान "कागज़ी" नामक बर्तनों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है?
📚 Research Asst. 2025
A
जयपुर
B
सीकर
C
अलवर
D
बयाना
📖 व्याख्या
कागज़ी टेराकोटा या "कागज़ी" बर्तनों के लिए राजस्थान का अलवर जिला विश्व प्रसिद्ध हैं। यहाँ के बर्तन इतने पतले होते हैं कि वे कागज़ जैसे महसूस होते हैं।
22. एक जिला एक उत्पादक स्कीम के अन्तर्गत चिन्हित हस्तकला उत्पाद एवं जिले के नाम के युग्म विये गये हैं। सही युग्म का चयन कीजिए -
(1) काष्ठ हस्तकला उत्पाद - झुन्झुनूं
(2) फर्नीचर एवं हस्तकला उत्पाद - जोधपुर
(3) ब्ल्यू पॉटरी - हनुमानगढ़
(4) मोजड़ी जूतियाँ - जालौर
कूट
📚 PTI 2025
A
केवल (1), (2) व (3) सही हैं।
B
केवल (1), (2) व (4) सही हैं।
C
केवल (2), (3) व (4) सही हैं।
D
केवल (1), (3) व (4) सही हैं।
📖 व्याख्या
ODOP योजना के तहत, ब्ल्यू पॉटरी के लिए जयपुर प्रसिद्ध ह न की हनुमानगढ़
23. गुलाबी मृद्भांड किस शहर से संबंधित है?
📚 Raj. Pol. const. 2025
A
जोधपुर
B
उदयपुर
C
जयपुर
D
अजमेर
📖 व्याख्या
गुलाबी मृद्भांड या पिंक पॉटरी जयपुर शहर से सम्बन्धित है। यह हस्तशिल्प और कलात्मक मिट्टी के बर्तन बनाने की एक कला है।
24. फेटिया' शैली की हैंड-ब्लॉक प्रिंटिंग राजस्थान के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र से संबंधित है? नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चुनाव करें-
📚 IV GRADE 2025
A
बाड़मेर
B
अकोला
C
सांगानेर
D
कोटा
📖 व्याख्या
फेटिया' या 'फॅटिया' शैली की हैंड-ब्लॉक प्रिंटिंग मुख्य रूप से बाड़मेर क्षेत्र से संबंधित है। बाड़मेर अपनी अंजरख और मलीर प्रिंट जैसी ब्लॉक प्रिंटिंग तकनीकों के लिए विश्व प्रसिद्ध है, जिनमें मुख्य रूप से लाल और नीले रंगों का प्रयोग होता है। अकोला, चित्तौड़गढ़ का एक गाँव है।
25. महेश सोनी, रामप्रसाद और बेनीराम सोनी राजस्थान के किस कला के प्रमुख कलाकार हैं?
📚 Jr. Instructor 2025
A
ऊस्ता कला
B
थेवा कला
C
मीनाकारी कला
D
मांडणा कला
📖 व्याख्या
महेश सोनी रामप्रसाद और बेनीराम सोनी थेवा कला से सम्बंधित है। थेवा कला प्रतापगढ़ की प्रसिद्ध है।
26. कृपाल सिंह शेखावत एवं दुर्गा सिंह किस क्षेत्र से सम्बद्ध रहे?
📚 Asst. Fire Officer 2021, B.S.T.C (Pre.) 2014, IV GRADE 2025, जेल प्रहरी 2017
A
उस्ता कलाः मीनाकारी
B
ब्लू पोटरी: मीनाकारी
C
ब्लू पोटरी: थेवा कला
D
मीनाकारी: मूर्तिकला
📖 व्याख्या
राजस्थान के प्रसिद्ध हस्तशिल्पी कृपाल सिंह शेखावत को 'ब्लू पॉटरी' कला में योगदान के लिए जाना जाता है। दुर्गा सिंह मीनाकारी कला के एक उत्कृष्ट शिल्पी थे विशेष रूप से स्वर्ण पर मीनाकारी के लिए वे प्रसिद्ध थे। इन्हें इस कला के लिए 1974 में पदम् श्री प्रदान किया गया था।
27. निम्न में से कौन सा/से कथन सत्य है ।
(1) राजस्थान हस्तशिल्प नीति 17 सितम्बर, 2022 से लागू की गई।
(2) इस नीति का उद्देश्य राज्य के हस्तशिल्पियों और बुनकरों को उन्नत तकनीक और आवश्यक वित्तीय और विपणन सहायता प्रदान कर प्रोत्साहित करना है।
नीचे दिये गए कूटों की मदद से सही उत्तर को चुनिये -
📚 Asst. Prof. 2024
A
ना तो (1) और ना ही (b) सत्य है।
B
(1) और (2) दोनों सत्य हैं।
C
केवल (2) सत्य है।
D
केवल (1) सत्य है।
📖 व्याख्या
राजस्थान हस्तशिल्प नीति 2022, लागूः 17 सितम्बर 2022 से 31 मार्च 2026 तक, लक्ष्यः 5 वर्षों में 50,000 रोजगार
प्रावधानः हस्तशिल्प सप्ताह - हर साल दिसंबर में राजस्थान हाट, जयपुर में आयोजन, एक जिला, एक उत्पावः प्रत्येक जिले में एक हस्तशिल्प उत्पाद चिह्नित, सामाजिक सुरक्षाः 18-50 वर्ष के दस्तकारों बुनकरों को बीमा सुविधा, विक्रय केंद्रः नगरीय क्षेत्रों में स्थाई विक्रय केंद्र पर 50% सहायता, प्रीमियम में अंशवानः प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में राज्य सरकार का अंशदान
28. राजस्थान की कौनसी जगह दाबू प्रिंट के लिए प्रसिद्ध है?
📚 Jr. Instructor 2018, CET (10+2) 2023, B.S.T.C (Pre.) 2024
A
आकोला
B
सांगानेर
C
खण्डेला
D
नाडोल
📖 व्याख्या
राजस्थान में दाबू प्रिंट मुख्य रूप से आकोला, चित्तौड़गढ़ के लिए प्रसिद्ध है। दाबू एक प्रकार की प्रतिरोधक छपाई तकनीक है, जिसमें कपड़े के उन हिस्सों पर जहाँ रंग नहीं चढ़ाना होता, वहाँ मोम या आटे (गेहूं/चावल का मिश्रण) का लेप लगाकर उसे 'दाबू' (अर्थात् रोकना) किया जाता है।
29. राजस्थान में टेराकोटा रिलीफ के लिये कौन सी जगह प्रसिद्ध है ? ?
📚 Asst. Prof. 2024, (VDO) 2016, Lab Asst. 2022, RAS PRE 2015, Veterinary Officer [2013], Live Stock Asst. 2018, ASST. A.O. 2018, Steno. 2021
A
बस्सी
B
झुंझुनूँ
C
सीकर
D
मोलेला
📖 व्याख्या
मोलेला कला में, टेराकोटा की मूर्तियाँ बनाने के लिए मिट्टी को चावल की भूसी और गधे के गोबर के साथ मिलाया जाता है। यह मिश्रण मिट्टी को मजबूत और कठोरता देता है, जिससे मूर्तियाँ टिकाऊ बनती है। राजस्थान के राजसमंद जिले में स्थित मोलेला गाँव अपनी पारंपरिक टेराकोटा रिलीफ कला के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
30. कावड़ कला में किस सामग्री का प्रयोग 'नहीं' होता है?
📚 Asst. Prof. 2024
A
लकड़ी
B
खनिज रंग
C
खड्डी मिट्टी
D
बसली
📖 व्याख्या
कावड़ कला राजस्थान की एक पारंपरिक हस्तकला है, जिसमें एक मंदिर के आकार का लकड़ी का बक्सा बनाया जाता है जिसके कई तहें या दरवाजे होते हैं। इस कला में लकड़ी का उपयोग मुख्य संरचना के लिए होता है। इसके ऊपर पौराणिक कथाओं का चित्रण खनिज रंगों से किया जाता है, और सतह को तैयार करने के लिए खड्डी मिट्टी का लेप लगाया जाता है।
31. राजस्थान के निम्नलिखित में से किस स्थान पर बड़े और बोल्ड डिजाइन और पैटर्न मुद्रित किये जाते हैं?
📚 Steno. 2024
A
चूरू
B
जयपुर
C
जोधपुर
D
बाड़मेर
📖 व्याख्या
राजस्थान में जोधपुर अपने वस्त्रों पर बड़े और बोल्ड डिज़ाइनों और पैटर्न के मुद्रण के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहाँ की पारंपरिक बंधेज और लहरिया कला में चटकीले रंगों और बड़े, आकर्षक डिज़ाइनों का प्रयोग होता है।
32. मनोटी कला कहाँ प्रसिद्ध है, जिसमें ऊँट के चमड़े से सजाया जाता है?
📚 Pol. const. 2024
A
उदयपुर
B
जयपुर
C
बीकानेर
D
जोधपुर
📖 व्याख्या
मनोटी कला, जिसमें ऊँट के चमड़े से सजावट की जाती है, राजस्थान के बीकानेर क्षेत्र में प्रसिद्ध है। यह कला ऊँट के चमड़े को कलात्मक रूप से सजाने की एक पारंपरिक हस्तकला है। शाह मुहम्मद बीकानेर राज दरबार के मुख्य चित्रकार, जो लाहौर से आए थे और बीकानेर शैली के विकास में योगदान दिया।
33. सीकर का कौन सा स्थान गोटा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?
📚 CET (10+2) 2024, CET (स्नातक स्तर) 2024
A
खूड़
B
पिपराली
C
खंडेला
D
नेछया
📖 व्याख्या
सीकर जिले का खंडेला एक ऐतिहासिक शहर है जो गोटा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। गोटा एक प्रकार की कढ़ाई है जो कपड़े पर की जाती है और इसमें सोने या चाँदी के धागों का उपयोग किया जाता है। खंडेला में में गोटा उद्योग सदियों से चला आ रहा है और यह शहर इस कला के लिए जाना जाता है।
34. निम्न में से कौन-सा स्थान स्याह बैगर (काला व लाल) छपाई के लिए विख्यात है ? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
📚 Jr. Instructor 2024
A
मथानिया (जोधपुर)
B
माँगरोल (बारा)
C
खंडेला (सीकर)
D
बगरू (जयपुर)
📖 व्याख्या
बगरू (जयपुर) अपनी पारंपरिक हाथ ब्लॉक छपाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है। बगरू प्रिंट में काले और लाल रंग का संयोजन (जिसे कभी-कभी स्याह-बैगर कहा जाता है।)
35. बकरी के बालों से जूट की पट्टियाँ बनाने का मुख्य केंद्र कहाँ है?
📚 Pol. const. 2024
A
जसोल (बाड़मेर)
B
दूदू (जयपुर)
C
खेतड़ी (झुंझुनूँ)
D
गंगापुर (भीलवाड़ा)
📖 व्याख्या
बकरी के बालों से जूट की पट्टियाँ बनाने का मुख्य केंद्र जसोल (बाड़मेर) है। यह क्षेत्र राजस्थान में स्थित है और यहाँ कई लोग पारंपरिक तरीके से बकरी के बालों से जूट की पट्टियाँ बनाते हैं।
36. कृपाल सिंह शेखावत को किस कला को देश-विदेश में पहचान दिलाने के लिए 'पद्मश्री' से सम्मानित किया गया?
📚 Jr. Instructor 2024, Agriculture Supervisor 2018, JSA 2019 (CET (स्नातक स्तर) 2023, Pol. const. 2010
A
मीनाकारी
B
ऊस्ता कला
C
ब्लू पॉटरी
D
थेवा कला
📖 व्याख्या
राजस्थान के प्रसिद्ध हस्तशिल्पी कृपाल सिंह शेखावत को 'ब्लू पॉटरी' कला में योगदान के लिए जाना जाता है। दुर्गा सिंह मीनाकारी कला के एक उत्कृष्ट शिल्पी थे विशेष रूप से स्वर्ण पर मीनाकारी के लिए वे प्रसिद्ध थे। इन्हें इस कला के लिए 1974 में पदम् श्री प्रदान किया गया था।
37. निम्न में से जयपुर का परम्परागत हस्तउद्योग कौनसा है?
📚 CET (10+2) 2023, Pol. const. 2022, RAS (Pre) 2012, Jr. Instructor 2018, जेल. प्रहरी 2017
A
ऊनी खादी
B
थेवा कला
C
चित्रकला
D
ब्लू पॉटरी
📖 व्याख्या
ब्लू पॉटरी, या नील मृद्भाण्ड, जयपुर की पारंपरिक कला है, जिसमें नीले रंग के कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं। यह तुर्क-फारसी मूल की है और सवाई राम सिंह द्वितीय द्वारा संरक्षण प्राप्त था। जयपुर की विश्व प्रसिद्ध 'ब्लू पॉटरी' (चीनी मिट्टी के बर्तनों पर नीले रंग की चित्रकारी) को पुनर्जीवित करने और संरक्षण देने का श्रेय जयपुर के शासक सवाई रामसिंह द्वितीय (1835-1880 ई.) को जाता है। इस कला को मानसिंह द्वारा लाहौर से आमेर लाया गया।
38. निम्नलिखित में से किस शासक ने ब्लू पॉटरी को संरक्षण विया?
📚 Veterinary Officer 2020, CET (स्नातक स्तर) 2023
A
जयपुर के सवाई रामसिंह
B
जयपुर के सवाई जयसिंह
C
जोधपुर के महाराजा उम्मेद सिंह
D
जोधपुर के महाराजा हनुवंत सिंह
📖 व्याख्या
ब्लू पॉटरी, या नील मृद्भाण्ड, जयपुर की पारंपरिक कला है, जिसमें नीले रंग के कलाकृतियाँ बनाई जाती हैं। यह तुर्क-फारसी मूल की है और सवाई राम सिंह द्वितीय द्वारा संरक्षण प्राप्त था। जयपुर की विश्व प्रसिद्ध 'ब्लू पॉटरी' (चीनी मिट्टी के बर्तनों पर नीले रंग की चित्रकारी) को पुनर्जीवित करने और संरक्षण देने का श्रेय जयपुर के शासक सवाई रामसिंह द्वितीय (1835-1880 ई.) को जाता है। इस कला को मानसिंह द्वारा लाहौर से आमेर लाया गया।
39. निम्न में से कौनसा कथन राजस्थान की ब्लॉक छपाई के बारे में सही नहीं है?
📚 CET (10+2) 2023
A
यह राजस्थान का एक प्राचीन शिल्प रूप है।
B
इसे सूती कपड़े पर किया जाता है।
C
इसकी प्रक्रिया की शुरुआत 12वीं सदी से हुई थी।
D
इसमें प्राकृतिक रंगों का उपयोग नहीं किया जाता है।
📖 व्याख्या
राजस्थान की पारंपरिक ब्लॉक छपाई, विशेष रूप से सांगानेरी, बगरू, और अजरख प्रिंट, अपनी खास विशेषता के लिए प्रसिद्ध हैं और वह है प्राकृतिक रंगों का उपयोग। ब्लॉक छपाई राजस्थान में सदियों से प्रचलित एक पारंपरिक और प्राचीन हस्तकला है। ब्लॉक छपाई के लिए मुख्य रूप से सूती और सिल्क के कपड़ों का इस्तेमाल होता है। राजस्थान में 'छीपा' समुदाय द्वारा यह कला कई सदियों से की जा रही है।
40. राजस्थान का 'राज- सोनी' परिवार आभूषण निर्माण में किस कला से संबंधित है?
📚 Pol. const. 2022, जेल प्रहरी 2017, CET (10+2) 2023
A
कुंदन कार्य
B
मीनाकारी
C
पटवा
D
थेवा
📖 व्याख्या
राजस्थान का राज सोनी परिवार आभूषण निर्माण में थेवा कला से संबंधित है। थेवा कला, जो प्रतापगढ़ की हस्तकला है, इसमें रंगीन काँच पर सोने की बहुत बारीक और जटिल कारीगरी की जाती है। इस कला में, सोने की पतली शीट (वर्क) पर एक नाजुक डिजाइन उकेरा जाता है और फिर इसे पिघले हुए काँच पर स्थापित किया जाता है। इस प्रक्रिया में सोने की पतली वर्क से जो बारीक जालीनुमा डिज़ाइन बनाया जाता है, उसे ही "थारणा" कहा जाता है।
41. सुमेलित कीजिए
हस्तशिल्प - उत्पाद स्थान
(1) बादला - (i) जयपुर
(2) नमदा - (ii) लेटा
(3) पाच रजाई - (iii) जोधपुर
(4) खेसला - (iv) टोंक
📚 CET (स्नातक स्तर) 2023
A
1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii
B
1-iv, 2-iii, 3-i, 4-ii
C
1-iii, 2-iv, 3-ii, 4-i
D
1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i
📖 व्याख्या
बादला-जोधपुर का प्रसिद्ध जस्ते से बना पानी का बर्तन है जिस पर कपड़े या चमड़े की परत चढ़ी होती है। नमदा-टोंक जिला नमदे के लिए प्रसिद्ध है। पाव रजाई- जयपुर की पाव रजाई हल्कापन और गर्माहट के लिए प्रसिद्ध है। खेसला- जालोर का लेटा गाँव सूती खेसलो के लिए प्रसिद्ध है।
42. निम्नलिखित में से कौन सा शहर नमदा बनाने के लिए प्रसिद्ध है?
📚 Pol. const. 2022 (Α.Ο. 2011 - 2016, CLERK GR. II 2013, Veterinary Officer 2015, CET (10+2) 2023
A
टोंक
B
भीलवाड़ा
C
उदयपुर
D
कोटा
📖 व्याख्या
बादला-जोधपुर का प्रसिद्ध जस्ते से बना पानी का बर्तन है जिस पर कपड़े या चमड़े की परत चढ़ी होती है। नमदा-टोंक जिला नमदे के लिए प्रसिद्ध है। पाव रजाई- जयपुर की पाव रजाई हल्कापन और गर्माहट के लिए प्रसिद्ध है। खेसला- जालोर का लेटा गाँव सूती खेसलो के लिए प्रसिद्ध है।
43. गोपाल सैनी का सम्बन्ध राजस्थान की किस हस्तकला से है?
📚 CET (स्नातक स्तर) 2023
A
टैराकोटा
B
ब्लू पॉटरी
C
काष्ठ कला
D
थेवा कला
📖 व्याख्या
गोपाल सैनी का संबंध राजस्थान की ब्लू पॉटरी हस्तकला से है। ब्लू पॉटरी जयपुर की प्रसिद्ध कला है। यह है। यह चीनी मिट्टी के बर्तनों पर की जाती है। राजेश गोधा जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकार हैं जो ब्ल्यू पॉटरी के लिए जाने जाते हैं।
44. ब्ल्यू पॉटरी जयपुर से सम्बन्धित शिल्पकार का नाम है:
📚 CET (10+2) 2023
A
राजेश गोधा
B
नरोत्तम जांगीड़
C
अबरार अहमद
D
अनुराधा जांगीड़
📖 व्याख्या
गोपाल सैनी का संबंध राजस्थान की ब्लू पॉटरी हस्तकला से है। ब्लू पॉटरी जयपुर की प्रसिद्ध कला है। यह है। यह चीनी मिट्टी के बर्तनों पर की जाती है। राजेश गोधा जयपुर के प्रसिद्ध शिल्पकार हैं जो ब्ल्यू पॉटरी के लिए जाने जाते हैं।
45. काली मिट्टी के बर्तनों के लिए कौन सा स्थान प्रसिद्ध है?
📚 CET (10+2) 2023
A
जयपुर
B
बाँसवाड़ा
C
सत्राई माधोपुर
D
चित्तौड़गढ़
📖 व्याख्या
राजस्थान में काली मिट्टी के बर्तनों के लिए सवाई माधोपुर प्रसिद्ध है। यहाँ काली । यहाँ काली मिट्टी के के बर्तन बनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। यह कला न सिर्फ स्थानीय कारीगरों के लिए आजीविका का ज्रिया है।
46. तारकशी के जेवर कहाँ के प्रसिद्ध हैं?
📚 B.S.T.C (Pre.) 2019, CET (10+2) 2023
A
जयपुर, नाथद्वारा
B
जैसलमेर, अजमेर
C
जोधपुर, करौली
D
नागौर, सिरोही
📖 व्याख्या
तारकशी के जेवर विशेष रूप से जयपुर और नाथद्वारा में प्रसिद्ध हैं। ये जेवर अपनी बेजोड़ कला और डिजाइन के लिए जाने जाते हैं, जो इन्हें अन्य आभूषणों से भिन्न बनाते हैं।
47. राजस्थान का कौन सा जिला बंधेज साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है?
📚 EO-RO 2023
A
जोधपुर
B
कोटा.
C
शाहपुर
D
उदयपुर
📖 व्याख्या
बंधेज (टाई एंड डाई) कला के लिए जोधपुर विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ की बंधेज साड़ियाँ, लहरिया और मोठड़ा अपनी बारीक कारीगरी और जीवंत रंगों के लिए जाने जाते हैं। जयपुर भी बंधेज कला का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र है।
48. निम्नलिखित में से कौन सा जोड़ा सुमेलित है?
📚 RAS (Pre) 1993 - 2008, Hospital Care Taker 2023
A
बादला (पानी की बोतल) - जयपुर
B
मसूरिया साड़ी - कोटा
C
नमदा - जोधपुर
D
संगमरमर पर नक्काशी - टोंक
📖 व्याख्या
मसूरिया साड़ी' कोटा से संबंधित है, यह जोड़ा सही सुमेलित है। इसे 'कोटा डोरिया' साड़ी भी कहा जाता है। यह सूती और रेशमी धागों से बनी एक हल्की और जालीदार साड़ी होती है, जिस पर वर्गाकार पैटर्न ('खत') बने होते हैं। जबकि बादला (जिंक से बना पानी का पात्र) जोधपुर का, नमदा टोंक का, और संगमरमर पर नक्काशी जयपुर/मकराना की प्रसिद्ध है।
49. जोधपुर का प्रसिद्ध 'बादला' निम्न में से क्या है?
📚 CET (10+2) 2023, Pol. const. 2018, B.S.T.C (Pre.) 2014
A
लकड़ी का मंदिर
B
जस्ते से बना पानी का पात्र
C
जरी साड़ी
D
पोमचा
📖 व्याख्या
जोधपुर का प्रसिद्ध 'बादला' एक विशेष प्रकार का पानी का पात्र है. जो आमतौर पर जस्ते (जिंक) की धातु से से बनाया जाता है। बादला की सतह अक्सर चमकदार और चिकनी होती है, तथा इसका आकार गोल या बेलनाकार हो सकता है।
50. सुमेलित कीजिये
(a) अजरक प्रिंट - (I) कैथून
(b) पावरलूम कपड़ों पर छपाई - (II) जोधपुर
(c) मोठड़ा - (III) बालोतरा
(d) मसूरिया - (IV) बाड़मेर
सही विकल्प चुनें
📚 CET (स्नातक स्तर) 2023
A
1-I, 2-II, 3-III, 4-IV
B
I-IV, 2-III, 3-II, 4-I
C
1-II, 2-III, 3-IV, 4-I
D
1-III, 2-IV, 3-I, 4-II
📖 व्याख्या
अजरक प्रिंट का संबंध बाड़मेर से है। पावरलूम कपड़ों पर छपाई बालोतरा में होती है। मोठड़ा का संबंध जोधपुर से है। मसूरिया का संबंध कैथून से है।