राजस्थान के मंदिर MCQ | Latest Important Questions with Answers
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें ब्रह्मा मंदिर पुष्कर (अजमेर), सात सहेलियों का मंदिर झालरापाटन (झालावाड़), नाथों का मंदिर जोधपुर, हर्षत माता मंदिर दौसा, भांडाशाह जैन मंदिर बीकानेर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के मंदिर
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- Content Type: MCQ Practice Set
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Rajputana Diary –
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(Since 2021)
1. विश्व प्रसिद्ध 'ब्रह्मा मंदिर' कहाँ स्थित है?
- (A) कोलायत
- (B) पुष्कर
- (C) नाथद्वारा
- (D) अलवर
ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर (अजमेर) विश्व का सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर है। इसका निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ और यह मुख्यतः संगमरमर से बना है। कार्तिक पूर्णिमा के मेले में हजारों भक्त यहाँ आते हैं। यह मंदिर जगत पिता ब्रह्मा को समर्पित है।
2. राजस्थान में प्रसिद्ध सात सहेलियाँ का मन्दिर कहाँ पर है?
- (A) झालरापाटन (झालावाड़)
- (B) अर्दूना (बाँसवाड़ा)
- (C) नागदा (उदयपुर)
- (D) किराडू (बाड़मेर)
सात सहेलियों का मंदिर झालरापाटन (झालावाड़) में स्थित है। इसे पद्मनाथ मंदिर और सूर्य मंदिर भी कहा जाता है। कर्नल टॉड ने इसे चारभुजा मंदिर कहा है। इसकी विशेषता है कि सूर्य की मूर्ति को घुटनों तक जूते पहने हुए दर्शाया गया है।
3. नाथों का मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) महामंदिर (जोधपुर)
- (B) उदयपुर
- (C) अजमेर
- (D) जयपुर
नाथों का मंदिर जोधपुर के महामंदिर परिसर में स्थित है। इसे 1805 ई. में महाराजा मानसिंह ने बनवाया था। इसे 84 खंभों का मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर जालंधर नाथ जी के शिष्य आयस देवनाथ की स्मृति में निर्मित है।
4. आभानेरी मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) सिरोही
- (B) बारां
- (C) दौसा
- (D) सीकर
आभानेरी का हर्षत माता मंदिर दौसा जिले में स्थित है। इसका निर्माण गुर्जर-प्रतिहार शासक राजा चांद ने करवाया था। यह मंदिर मूल रूप से विष्णु मंदिर था, जिसे बाद में हर्षत माता मंदिर के रूप में प्रसिद्धि मिली। नजदीक ही स्थित चांद बावड़ी भारत की सबसे गहरी बावड़ियों में गिनी जाती है।
5. किस मंदिर के निर्माण में उसकी नींव में सैकड़ों मण घी डाला गया था?
- (A) भांडाशाह जैन मंदिर
- (B) दिलवाड़ा जैन मंदिर
- (C) विमलशाही जैन मंदिर
- (D) रणकपुर जैन मंदिर
भांडाशाह जैन मंदिर बीकानेर में स्थित है और इसे भंडेश्वर संडेश्वर मंदिर भी कहा जाता है। इसका निर्माण राव लूणकरण के समय व्यापारी भांडाशाह ओसवाल ने करवाया था। मान्यता है कि मंदिर की नींव में सैकड़ों मण घी डाला गया था, जिससे इसकी मजबूती बढ़ी। मंदिर का निर्माण 1468 ई. में प्रारंभ होकर 1541 ई. में पूरा हुआ। यह मंदिर अपनी भव्य जैन प्रतिमाओं और नक्काशीदार वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।
6. निम्नलिखित में से कौनसा प्राचीनतम मंदिर है—
- (A) नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर
- (B) रणकपुर का पार्श्वनाथ मंदिर
- (C) उदयपुर का जगदीश मंदिर
- (D) आभानेरी का हर्षद माता मंदिर
आभानेरी (दौसा) का हर्षद माता मंदिर सबसे प्राचीन माना जाता है। इसका निर्माण 8वीं–9वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार शासक मिहिर भोज (राजा चांद) द्वारा करवाया गया था। यह मूलतः विष्णु मंदिर था और इसकी रचना स्वास्तिक आकार में की गई थी।
7. अपनी गोपुरम आकृति के लिए प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) पुष्कर
- (B) नाथद्वारा
- (C) करौली
- (D) आबू रोड
रंगनाथ मंदिर, पुष्कर (अजमेर) अपनी गोपुरम शैली के लिए प्रसिद्ध है। इसका निर्माण 1844 ई. में सेठ पूरनमल ने करवाया था। यह रामानुज शाखा का वैष्णव मंदिर है और द्रविड़ शैली में बना हुआ राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।
8. किराडू का सोमेश्वर मंदिर और आभानेरी का हर्षत माता मंदिर किस स्थापत्य शैली में बने हैं?
- (A) मौर्य
- (B) द्रविड़
- (C) गुर्जर-प्रतिहार
- (D) गुप्त
किराडू (बाड़मेर) का सोमेश्वर मंदिर और आभानेरी (दौसा) का हर्षत माता मंदिर दोनों गुर्जर-प्रतिहार काल की महामारू शैली में बने हैं।यह शैली 8वीं से 11वीं शताब्दी तक प्रचलित रही। इन मंदिरों की संरचना में ऊँचे शिखर और सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।
9. राजस्थान के किस जिले में प्रसिद्ध 'एकलिंगजी' का मंदिर स्थित है?
- (A) उदयपुर
- (B) कोटा
- (C) अजमेर
- (D) जयपुर
एकलिंगजी का मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर) में स्थित है। इसका निर्माण 734 ई. में बप्पा रावल ने करवाया था। मंदिर में एकलिंगजी की काले पत्थर की चौमुखा मूर्ति स्थापित है। बाद में महाराणा मोकल और महाराणा रायमल ने इसका जीर्णोद्वार कराया। यह मेवाड़ के शासकों की कुलदेवी के रूप में पूजित है।
10. ऋषभदेव का मंदिर राजस्थान के किस स्थान में स्थित है?
- (A) डूंगरपुर
- (B) धुलेव
- (C) रणकपुर
- (D) कांकरोली
ऋषभदेव का मंदिर धुलेव (उदयपुर) में स्थित है। इसे केसरियाजी या केसरियानाथ के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर अरावली पर्वतमाला की घाटियों में कोयल नदी के किनारे स्थित है। मूर्ति काले पत्थर की है, इसलिए भील समुदाय इन्हें कालाजी कहता है।
11. चार चौमा का शिव मंदिर किस जिले में अवस्थित है?
- (A) झालावाड़
- (B) कोटा
- (C) बूंदी
- (D) टोंक
चारचौमा शिवालय कोटा जिले के चारचौमा गाँव में स्थित है। यह गुप्तकालीन मंदिर नागर शैली में बना हुआ है। मंदिर प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व का प्रतीक है, और आज भी स्थानीय लोग इसे श्रद्धा से पूजते हैं।
12. निम्नलिखित में से कौन सा मंदिर गुप्तकाल से संबंधित है?
- (A) सच्चिया माता मंदिर, ओसियां
- (B) हर्षतमाता मंदिर, आभानेरी
- (C) सोमेश्वर मंदिर, किराडू
- (D) चारचौमा मंदिर, कोटा
चारचौमा का शिव मंदिर, कोटा गुप्तकालीन है। यह मंदिर नागर शैली का है और इसकी रचना 4वीं–5वीं शताब्दी के गुप्तकालीन स्थापत्य को दर्शाती है। गुप्तकालीन मंदिरों में साधारण संरचना, ऊँचे शिखर और धार्मिक सादगी प्रमुख विशेषताएँ हैं।
13. खाटू श्यामजी का मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) झुंझुनूं
- (B) सीकर
- (C) जयपुर
- (D) चुरू
खाटू श्यामजी मंदिर सीकर जिले में स्थित है। यह मंदिर महाभारत काल के बर्बरीक (भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र) को समर्पित है, जिन्हें श्याम बाबा कहा जाता है। मान्यता है कि कृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया था कि कलियुग में उनकी पूजा श्याम नाम से होगी। यहाँ फाल्गुन मास में विशाल मेला भरता है।
14. ब्रह्माणी माता का मंदिर स्थित है—
- (A) धौलपुर
- (B) उदयपुर
- (C) कोटा
- (D) बारां
ब्रह्माणी माता मंदिर बारां जिले के सौरसेन में स्थित है। यह देवी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। यहाँ शुक्ल सप्तमी को मेला भरता है और विशेष रूप से गधों का मेला आयोजित होता है। यह गुफा मंदिर है और 400 वर्षों से यहाँ अखंड ज्योति प्रज्वलित है। इसे मीणा समाज, बोहरा समाज और अन्य स्थानीय जातियाँ अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।
15. मूछला महावीर' मंदिर स्थित है—
- (A) घाणेराव
- (B) देलवाड़ा
- (C) नाथद्वारा
- (D) मैनाल
मूछाला महावीर मंदिर पाली जिले के घाणेराव में स्थित है। यह गोड़वाड़ क्षेत्र के पंचतीर्थों में सम्मिलित है। मंदिर में 60 शिलालेख मौजूद हैं, जिनमें प्राचीन ऐतिहासिक जानकारी मिलती है। यहाँ वि.स. 1213 और 1010 के शिलालेख उल्लेखनीय हैं। इस मंदिर का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि मूर्ति को मूंछों के साथ सजाया गया है।
16. शृंगार चंवरी के संबंध में कौन सा कथन सत्य है।
- (A) यह एक उपासना स्थल है जिसे मण्डन ने 1489 ई. में बनवाया था।
- (B) यह एक धर्मनिरपेक्ष स्मारक है जिसे राणा कुम्भा ने 1448 ई. में बनवाया था।
- (C) यह एक मंदिर है जिसे विमल जैन ने 1402 में देलवाड़ा में बनवाया था।
- (D) यह एक धार्मिक स्थल है जिसे भण्डारी वेल्का ने 1448-49 ई. में बनवाया था।
श्रृंगार चंवरी (श्रृंगार चौरी) चित्तौड़गढ़ में स्थित है। इसका निर्माण वि.स. 1505 (लगभग 1448–49 ई.) में राणा कुंभा के भंडारी वेल्का ने करवाया था। यह शांतिनाथ को समर्पित एक जैन मंदिर है। इसकी प्रतिष्ठा खरतरगच्छ के आचार्य जिनसेन सूरी ने की थी।
17. बारह देवरा नामक शिव मंदिर समूह स्थित है—
- (A) बैंगू
- (B) लाडनू
- (C) जहाजपुर
- (D) नोहर
बारह देवरा मंदिर समूह भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में स्थित है। इस समूह में 12 शिव मंदिर शामिल हैं। इनमें केदारनाथ मंदिर अधूरा है, जबकि सोमनाथ, ओंकारेश्वर, नागार्जुन, घुश्मेश्वर, विश्वनाथ, सर्वेश्वर, वैद्यनाथ, गणेशजी, भैरवनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर प्रमुख हैं।
18. किस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि उसके निर्माण में पानी के स्थान पर घी इस्तेमाल किया गया था?
- (A) श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा
- (B) भांडाशाह जैन मंदिर, बीकानेर
- (C) सावलिया जी मंदिर, चित्तौड़गढ़
- (D) झामेश्वर महादेव, उदयपुर
भांडाशाह जैन मंदिर बीकानेर में स्थित है। इसका निर्माण 1468 ई. में आरम्भ हुआ और 1541 ई. में पूरा हुआ। यह मंदिर 5वें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ को समर्पित है। मान्यता है कि इसके निर्माण में पानी की जगह देसी घी का प्रयोग किया गया था।
19. गेपरनाथ महादेव मंदिर चर्चा में रहा, जो स्थित है—
- (A) कोटा
- (B) चित्तौड़गढ़
- (C) बारां
- (D) बूंदी
गेपरनाथ महादेव मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह प्राचीन शिव मंदिर है और यहाँ विशेषकर महाशिवरात्रि पर विशाल मेला भरता है। यह मंदिर कोटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और शिव भक्तों का प्रमुख तीर्थ स्थल है।
20. स्वर्ण नगरी हॉल किस जैन मंदिर का भाग है?
- (A) नसियां मंदिर, अजमेर
- (B) रणकपुर मंदिर, रणकपुर
- (C) दिलवाड़ा मंदिर, आबू
- (D) नाकोड़ा मंदिर, बाड़मेर
अजमेर का सोनी जी की नसियां मंदिर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित है। 1864–65 ई. में मूलचंद सोनी ने इसका निर्माण प्रारंभ किया और उनके पुत्र टीकमचंद सोनी ने इसे पूर्ण करवाया। इसके पास स्थित स्वर्ण नगरी हॉल मंदिर का ही एक भाग है, जिसमें सोने से मढ़ी हुई कलाकृतियाँ हैं। इसे सिंहकूट चैत्यालय और बाहरी स्वरूप लाल पत्थर से बने होने के कारण लाल मंदिर भी कहा जाता है।
21. हरणी महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) भीलवाड़ा
- (B) चुरू
- (C) बांसवाड़ा
- (D) सीकर
हरणी महादेव मंदिर भीलवाड़ा में स्थित है। यह भीलवाड़ा के प्राचीनतम शिव मंदिरों में से एक है। यहाँ फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेला भरता है। दश्क परिवार इस मंदिर के संरक्षक रहे हैं।
22. जयपुर के गोविन्ददेवजी मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
- (A) महाराजा प्रतापसिंह
- (B) सवाई जयसिंह
- (C) सवाई ईश्वरसिंह
- (D) राजा मानसिंह
गोविंद देव जी का मंदिर जयपुर में गौड़ीय सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। इसका निर्माण 1735 ई. में सवाई जयसिंह द्वारा करवाया गया। यह मंदिर जयपुर सिटी पैलेस परिसर के जयनिवास उद्यान में स्थित है और दुनिया का सबसे बड़ा बिना खंभों वाला सत्संग हॉल भी यहाँ मौजूद है।
23. मंदिर स्थापत्य की "भूमिज शैली" किस स्थापत्य शैली की उपशैली है?
- (A) नागर शैली
- (B) द्रविड शैली
- (C) इंडो पर्शियन शैली
- (D) बेसर शैली
भूमिज शैली, नागर स्थापत्य शैली की एक उपशैली है। इसकी विशेषता खुला परिक्रमा पथ और ऊँचे शिखर हैं। राजस्थान में इसके उदाहरण सेवाड़ी का जैन मंदिर (पाली), मैनाल का महानालेश्वर मंदिर, रामगढ़ (बारां) का भण्डदेवरा मंदिर तथा चित्तौड़ का अद्भुत नाथ मंदिर हैं।
24. राजस्थान में "भूमिज शैली" का सबसे पुराना मंदिर है—
- (A) पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर
- (B) रामगढ़ का भण्डदेवरा मंदिर
- (C) मैनाल का महानालेश्वर मंदिर
- (D) इंगरपुर का सोमनाथ मंदिर
पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर (1010–20 ई.) भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है। यह नागर शैली की उपशैली है। इस मंदिर का उल्लेख कटुक राजा और अश्वराजा के शिलालेखों में मिलता है।
25. बांसवाड़ा जिले में किस स्थान पर त्रिपुरा सुन्दरी का मंदिर स्थित है?
- (A) अर्धूणा
- (B) कुशलगढ़
- (C) तलवाड़ा
- (D) कलिंजरा
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा में स्थित है। यह प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ है और यहां काले पत्थर की अष्टादशभुजा प्रतिमा स्थापित है। इसे तुरताई माता भी कहा जाता है और यह पांचाल जाति की कुलदेवी है।
26. चूलगिरी जैन मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) जोधपुर
- (B) धौलपुर
- (C) उदयपुर
- (D) जयपुर
चूलगिरी जैन मंदिर जयपुर के घाट की गूणी क्षेत्र में स्थित है। यह दिगम्बर जैन मंदिर भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है। इसका निर्माण 1953 में आचार्य देशभूषण जी महाराज के निर्देशन में हुआ। यहाँ 21 फीट ऊँची भगवान महावीर की प्रतिमा और चरण चौबीसी दर्शनीय है।
27. माण्डव ऋषि की तपोस्थली माण्डकला के 16 प्राचीन मंदिर कहाँ स्थित हैं?
- (A) बीकानेर
- (B) धौलपुर
- (C) जोधपुर
- (D) टोंक
माण्डव ऋषि की तपोस्थली टोंक जिले में माण्डकला के रूप में प्रसिद्ध है। इसे लघु पुष्कर भी कहा जाता है। यहाँ नगर फोर्ट के पास 16 प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जो धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं।
28. राजस्थान का खजुराहो कहा जाने वाला 'किराडू मंदिर' किस जिले में स्थित है?
- (A) बाड़मेर
- (B) जोधपुर
- (C) उदयपुर
- (D) कोटा
किराडू मंदिर बाड़मेर जिले में स्थित हैं और इन्हें राजस्थान का खजुराहो कहा जाता है। यह मंदिर गुर्जर-प्रतिहार काल (8वीं-11वीं शताब्दी) में बनाए गए थे। यहाँ की दीवारों व स्तंभों पर बनी मूर्तियों में नृत्यरत अप्सराएँ व मिथुन मूर्तियाँ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। इस कारण इन्हें खजुराहो की शैली से जोड़ा जाता है। किराडू में मुख्य रूप से सोमेश्वर मंदिर सबसे बड़ा और प्रसिद्ध है।
29. मघाई नदी के किनारे कौनसा मंदिर स्थित है?
- (A) चारभुजा नाथ का मंदिर
- (B) किराडू का मंदिर
- (C) रणकपुर के मंदिर
- (D) औसिया के मंदिर
रणकपुर के प्रसिद्ध जैन मंदिर मघाई नदी के किनारे स्थित हैं। ये मंदिर 15वीं शताब्दी में बने और भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित हैं। यहाँ का चौमुखा मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसमें संगमरमर से बनी भव्य प्रतिमा और 1444 खूबसूरती से तराशे गए स्तंभ हैं। प्रत्येक स्तंभ का डिज़ाइन अलग है। इन मंदिरों के निर्माण को राणा कुंभा का संरक्षण मिला था। यह स्थल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत का एक प्रमुख जैन तीर्थ है।
30. राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ जैन मंदिर हैं?
- (A) रणकपुर जैन मंदिर
- (B) दिलवाड़ा जैन मंदिर
- (C) विमलशाही जैन मंदिर
- (D) लुणवसाही जैन मंदिर
दिलवाड़ा जैन मंदिर, आबू पर्वत (सिरोही) पर स्थित हैं और इन्हें राजस्थान के सर्वश्रेष्ठ जैन मंदिर कहा जाता है। ये मंदिर 11वीं से 15वीं शताब्दी के बीच बने और अपनी अद्भुत संगमरमर की नक्काशी के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यहाँ पाँच प्रमुख मंदिर हैं – विमलवसाही, लूणवसाही, पीतलहर, पार्श्वनाथ चौमुखा व महावीर स्वामी मंदिर। इन मंदिरों की सुंदरता को देखकर कहा जाता है कि संगमरमर बोल उठता है।
31. निम्न में से दिलवाड़ा के जैन मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) रणकपुर (पाली)
- (B) सादड़ी (पाली)
- (C) चौहटन (बाड़मेर)
- (D) आबू पर्वत (सिरोही)
दिलवाड़ा के जैन मंदिर आबू पर्वत (सिरोही) पर स्थित हैं। ये पाँच मंदिरों का समूह है और श्वेताम्बर जैन सम्प्रदाय से संबंधित हैं। इन मंदिरों का निर्माण 11वीं से 15वीं शताब्दी के बीच विभिन्न राजाओं और मंत्रियों द्वारा करवाया गया। मंदिरों की विशेषता है उनकी सूक्ष्म संगमरमर की नक्काशी, जो इतनी बारीक है कि संगमरमर की परत पारदर्शी सी लगती है। ये मंदिर दुनिया के सबसे सुंदर जैन मंदिरों में गिने जाते हैं।
32. निम्न में से 'राजस्थान का अमरनाथ' किसे कहा जाता है?
- (A) परशुराम गुफा (राजसमंद)
- (B) दिलवाड़ा जैन मंदिर (सिरोही)
- (C) कामेश्वर मंदिर (पाली)
- (D) कोलवी गुफा (झालावाड़)
राजस्थान का अमरनाथ परशुराम गुफा (राजसमंद) को कहा जाता है। यह गुफा अरावली की पर्वतमालाओं में बनी है। मान्यता है कि यहाँ भगवान परशुराम ने कठोर तपस्या की थी। गुफा के भीतर भगवान शिव का मंदिर भी स्थित है। यह स्थान प्राकृतिक रूप से अत्यंत रमणीय है और यहाँ से नीचे उतरने पर कुंड धाम (पाली जिले) आता है। धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक दृष्टि से यह स्थल अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
33. भांड़ाशाह का जैन मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) नागौर
- (B) जोधपुर
- (C) बीकानेर
- (D) पाली
भांड़ाशाह जैन मंदिर बीकानेर जिले में स्थित है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में हुआ था और इसे 5वें तीर्थंकर सुमतिनाथ को समर्पित किया गया है। मंदिर का निर्माण पूरी तरह देशी घी और चूने से किया गया था, जिससे यह विशेष बनता है। इसकी भव्य नक्काशी और वास्तुकला देखने योग्य है। यह मंदिर बीकानेर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और हर वर्ष यहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
34. आभानेरी स्थित हर्षत माता का मंदिर मूल रूप से किसे समर्पित था?
- (A) भगवान शिव
- (B) भगवान विष्णु
- (C) भगवान गणेश
- (D) भगवान इंद्र
आभानेरी (दौसा) का हर्षत माता मंदिर मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित था। यह मंदिर 8वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार काल में महामारू शैली में बनाया गया था। बाद में इसे हर्षत माता का मंदिर कहा जाने लगा। इसकी स्थापत्य कला अद्वितीय है और पास में स्थित चांद बावड़ी इसे और भी प्रसिद्ध बनाती है।
35. निम्न में से कौनसा मंदिर 'नागर शैली' में निर्मित नहीं है?
- (A) सोमेश्वर मंदिर (किराडू)
- (B) अम्बिका मंदिर (जगत)
- (C) रंगनाथ मंदिर (पुष्कर)
- (D) दधिमाता मंदिर (गोठ-मांगलोद)
रंगनाथ मंदिर, पुष्कर द्रविड़ शैली में बना है, इसलिए यह नागर शैली का नहीं है। यह मंदिर 1844 ई. में सेठ पूरनमल ने बनवाया था और यह राजस्थान का सबसे बड़ा द्रविड़ शैली का मंदिर माना जाता है। दूसरी ओर, सोमेश्वर मंदिर (किराडू), अम्बिका मंदिर (जगत) और दधिमाता मंदिर (गोठ-मांगलोद) सभी नागर या उसकी उपशैली महामारू में निर्मित हैं।
36. निम्न में से कौनसा मंदिर 'पंचायतन शैली' में निर्मित नहीं है?
- (A) ओसिया के मंदिर (जोधपुर)
- (B) भंडदेवरा शिव मंदिर (बारां)
- (C) जगदीश मंदिर (उदयपुर)
- (D) बढ़ादीत सूर्य मंदिर (कोटा)
ओसियां के मंदिर गुर्जर-प्रतिहार कालीन महामारू शैली में निर्मित हैं, न कि पंचायतन शैली में। पंचायतन शैली की विशेषता है कि मुख्य मंदिर के चारों ओर चार छोटे मंदिर बने होते हैं। भंडदेवरा शिव मंदिर (बारां), जगदीश मंदिर (उदयपुर) और बढ़ादीत सूर्य मंदिर (कोटा) पंचायतन शैली के प्रमुख उदाहरण हैं।
37. निम्न में से कौनसा मंदिर भूमिज शैली में निर्मित नहीं है?
- (A) उंडेश्वर मंदिर (बिजौलिया)
- (B) अम्बिका माता मंदिर (जगत)
- (C) महानालेश्वर मंदिर (मेनाल)
- (D) भंडदेवरा मंदिर (बारां)
जगत (उदयपुर) का अम्बिका माता मंदिर गुर्जर-प्रतिहार कालीन महामारू शैली में निर्मित है। जबकि उंडेश्वर मंदिर (बिजौलिया), महानालेश्वर मंदिर (मेनाल) और भंडदेवरा मंदिर (बारां) सभी भूमिज शैली के प्रमुख उदाहरण माने जाते हैं। भूमिज शैली नागर शैली की उपशैली है, जिसमें खुली छत वाले परिक्रमा पथ और जटिल शिखर बनाए जाते हैं।
38. एकलिंगनाथ जी मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) कैलाशपुरी (उदयपुर)
- (B) नागदा (उदयपुर)
- (C) कोटड़ा (उदयपुर)
- (D) जगत (उदयपुर)
एकलिंगनाथ जी का मंदिर उदयपुर जिले के कैलाशपुरी गाँव में स्थित है। इसका निर्माण 734 ई. में बप्पा रावल ने करवाया था। यहाँ स्थापित भगवान शिव की मूर्ति काले पत्थर की चौमुखी प्रतिमा है। मंदिर का कई बार जीर्णोद्वार हुआ, जिनमें प्रमुख रूप से महाराणा रायमल और मोकल का योगदान रहा। यह मंदिर मेवाड़ के शासकों का कुलदेवता स्थल माना जाता है।
39. कौनसा मंदिर राजस्थान में सर्वाधिक चढ़ावे वाला मंदिर है?
- (A) एकलिंग मंदिर (उदयपुर)
- (B) चारभुजा मंदिर (राजसमंद)
- (C) सांवलिया मंदिर (चित्तौड़)
- (D) श्रीनाथ जी मंदिर
सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है और यह राजस्थान का सबसे अधिक चढ़ावे वाला मंदिर है। यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है और यहाँ की प्रतिमा को अफीम तस्करों का संबल माना जाता है। मंदिर में आने वाले दान का उपयोग धार्मिक और सामाजिक कार्यों में किया जाता है। यहाँ जलझूलनी एकादशी पर विशाल मेला भरता है और लाखों श्रद्धालु आते हैं।
40. द्वारकाधीश मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) नाथद्वारा (राजसमंद)
- (B) कांकरोली (राजसमंद)
- (C) पाटनपोल (कोटा)
- (D) कामां (डीग)
द्वारकाधीश मंदिर कांकरोली (राजसमंद) में स्थित है और यह वल्लभ सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। इस मंदिर को राजस्थान का द्वारका भी कहा जाता है। यहाँ भगवान कृष्ण को द्वारकाधीश के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर का निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ और यह राजसमंद झील के किनारे स्थित है।
41. प्रसिद्ध बेणेश्वर धाम किस जिले में स्थित है?
- (A) उदयपुर
- (B) डूंगरपुर
- (C) राजसमंद
- (D) बाँसवाड़ा
बेणेश्वर धाम डूंगरपुर जिले में सोम और माही नदियों के संगम पर स्थित है। यह स्थल आदिवासियों का प्रमुख तीर्थ है और यहाँ हर वर्ष बेणेश्वर मेला भरता है, जिसे राजस्थान का सबसे बड़ा आदिवासी मेला कहा जाता है। यह मंदिर भगवान शिव और विष्णु दोनों को समर्पित है और यहाँ बड़ी संख्या में भील जनजाति पूजा करने आती है।
42. हरि मंदिर' कहलाने वाला संत मावजी का मंदिर कहाँ पर स्थित है?
- (A) साबला (डूंगरपुर)
- (B) अर्थना (बाँसवाड़ा)
- (C) सागवाड़ा (डूंगरपुर)
- (D) तलवाड़ा (बाँसवाड़ा)
हरि मंदिर' के नाम से प्रसिद्ध मावजी महाराज का मंदिर डूंगरपुर जिले के साबला में स्थित है। मावजी महाराज को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। उनकी शिक्षाओं और भक्ति का प्रभाव आज भी आदिवासी समुदाय पर देखा जा सकता है। मंदिर में मावजी द्वारा लिखित भविष्यवाणी ग्रंथ भी सुरक्षित हैं। यहाँ हर साल श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुँचते हैं।
43. उदयपुर के जगदीश मंदिर के शिल्पकार थे?
- (A) मंडन व ईश्वर
- (B) भाणा व मुकुन्द
- (C) अत्रि व महेश
- (D) बेलाक व भोज
उदयपुर का प्रसिद्ध जगदीश मंदिर महाराणा जगतसिंह प्रथम ने 1651 ई. में बनवाया था और इसके शिल्पकार भाणा व मुकुन्द थे। यह मंदिर पंचायतन शैली में बना है और भगवान विष्णु को समर्पित है। मंदिर का मुख्य शिखर 79 फीट ऊँचा है, जबकि इसके गर्भगृह में भगवान विष्णु की चारभुजा वाली प्रतिमा स्थापित है। यह उदयपुर का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध मंदिर है।
44. विजय राज राजेश्वर मंदिर किस जिले में स्थित हैं?
- (A) बाँसवाड़ा
- (B) उदयपुर
- (C) डूंगरपुर
- (D) राजसमंद
विजय राज राजेश्वर मंदिर डूंगरपुर जिले के गैपसागर तालाब के तट पर स्थित है। यह एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। इसका निर्माण डूंगरपुर के महारावल विजयसिंह ने शुरू करवाया और उनके पुत्र महारावल लक्ष्मण सिंह ने 1923 ई. में इसे पूरा करवाया। यह मंदिर अपनी भव्यता और शांति के लिए प्रसिद्ध है और डूंगरपुर की धार्मिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।
45. भंडदेवरा के शिव मंदिर किस जिले में स्थित हैं?
- (A) बारां
- (B) कोटा
- (C) चित्तौड़गढ़
- (D) बूंदी
भंडदेवरा का शिव मंदिर बारां जिले में स्थित है। इसे अक्सर हाड़ौती का खजुराहो कहा जाता है क्योंकि यहाँ अनेक मूर्तियाँ मिथुन मुद्रा में अंकित की गई हैं। यह मंदिर मारू-गुर्जर स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसका निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था और यह मंदिर पर्यटकों के साथ-साथ कला प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है।
46. बूढ़ादीत सूर्य मंदिर किस जिले में स्थित है?
- (A) बूंदी
- (B) बारां
- (C) झालावाड़
- (D) कोटा
बूढ़ादीत सूर्य मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह राजस्थान के प्रमुख सूर्य मंदिरों में से एक है। इस मंदिर की वास्तुकला गुप्तकालीन शैली से प्रेरित है। यहाँ सूर्य देव की प्रतिमा रथ पर सवार होकर दर्शाई गई है। मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और स्थानीय लोग यहाँ प्रतिवर्ष विशेष पर्वों पर पूजा-अर्चना करते हैं।
47. एकलिंगनाथ जी मंदिर (कैलाशपुरी) के बारे में निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) ये मेवाड़ के गुहिल वंश के कुल देवता का मंदिर है।
- (B) यह वल्लभ सम्प्रदाय का मंदिर है।
- (C) इसका निर्माण बप्पा रावल ने 734 ई. में करवाया था।
- (D) यहाँ स्थित शिवलिंग पर चार मुख (चतुर्मुख शिवलिंग) बने हुए हैं।
एकलिंगनाथ जी मंदिर वल्लभ सम्प्रदाय का मंदिर नहीं है, बल्कि यह लकुलिश/पाशुपत सम्प्रदाय का मंदिर है। यह मंदिर उदयपुर के कैलाशपुरी में स्थित है और मेवाड़ के शासकों का कुलदेवता स्थल माना जाता है। इसका निर्माण बप्पा रावल ने 734 ई. में करवाया था। मंदिर का जीर्णोद्धार कई बार हुआ और वर्तमान स्वरूप इसे महाराणा रायमल ने दिया।
48. जैन धर्म का वह प्रसिद्ध मंदिर, जिसे भील समुदाय 'काला बावजी / कालाजी' के नाम से मानते हैं?
- (A) केसरियानाथ जी (धुलैव)
- (B) सहस्रबाहु मंदिर (नागदा)
- (C) एकलिंग जी (कैलाशपुरी)
- (D) जगदीश मंदिर (उदयपुर)
केसरियानाथ जी का मंदिर (धुलैव) ऋषभदेव को समर्पित है और भील समुदाय इन्हें काला बावजी या कालाजी कहकर पूजता है।यहाँ स्थापित प्रतिमा काले पत्थर की बनी हुई है, जिसके कारण यह नाम पड़ा। भील समुदाय कालाजी की आण को सर्वोच्च मानता है और मान्यता है कि इनकी शपथ लेने के बाद कोई झूठ नहीं बोल सकता। यह स्थान आदिवासी आस्था का प्रमुख केंद्र है।
49. बाड़ोली शिव मंदिर स्थित है?
- (A) भैंसरोड़गढ़ (चित्तौड़गढ़)
- (B) कोटा
- (C) जहाजपुर (भीलवाड़ा)
- (D) गागरोन (झालावाड़)
बाड़ोली शिव मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के भैंसरोड़गढ़ क्षेत्र में स्थित है। यह मंदिर 9वीं शताब्दी में हूण शासक तोरमाण के पुत्र मिहिरकुल द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर पंचायतन शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है और राजस्थान के ऐतिहासिक शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। इसकी नक्काशी और स्थापत्य कला इसे विशेष महत्व प्रदान करती है।
50. गुप्तेश्वर महादेव कहाँ पर स्थित हैं?
- (A) चित्तौड़गढ़
- (B) राजसमंद
- (C) डूंगरपुर
- (D) उदयपुर
गुप्तेश्वर महादेव उदयपुर जिले में स्थित है और इसे मेवाड़ का अमरनाथ भी कहा जाता है। यह एक गुफा मंदिर है, जिसमें प्राकृतिक शिवलिंग की पूजा की जाती है। यहाँ वर्षा ऋतु के समय प्राकृतिक जलधारा शिवलिंग पर गिरती रहती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। यह स्थान धार्मिक आस्था और पर्यटन दोनों दृष्टियों से प्रसिद्ध है।
51. अम्बिका माता का मंदिर स्थित है?
- (A) गोगुन्दा (उदयपुर)
- (B) धुलैव (उदयपुर)
- (C) जगत (उदयपुर)
- (D) सेमारी (सलूम्बर)
अम्बिका माता का मंदिर उदयपुर जिले के जगत गाँव में स्थित है। यह मंदिर 10वीं शताब्दी में बना था और इसे राजस्थान का खजुराहो भी कहा जाता है। मंदिर में देवी अम्बिका की मूर्ति के साथ अनेक कलात्मक मूर्तियाँ और शिल्पकला देखी जा सकती है। यह मंदिर गुर्जर प्रतिहार कालीन महामारू शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है।
52. चित्तौड़ किले में स्थित सतबीस देवरी है?
- (A) एक जैन मंदिर
- (B) वैष्णव मंदिर
- (C) माता का मंदिर
- (D) नाथ सम्प्रदाय का मंदिर
चित्तौड़गढ़ किले में स्थित सतबीस देवरी एक जैन मंदिर है। इसका निर्माण गुर्जर प्रतिहार काल में हुआ था। मंदिर का नाम सतबीस देवरी इसलिए पड़ा क्योंकि यहाँ 27 छोटे-छोटे देवालय बने हुए हैं। यह स्थान जैन धर्मावलंबियों के लिए महत्वपूर्ण तीर्थ है और इसकी स्थापत्य कला अपने आप में अद्वितीय है।
53. सांवलिया मन्दिर स्थित हैं?
- (A) मंडफिया (चित्तौड़गढ़)
- (B) नवाटापुरा (डूंगरपुर)
- (C) जगत (उदयपुर)
- (D) कांकरोली (राजसमंद)
सांवलिया सेठ का मंदिर चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित है। यह भगवान कृष्ण को समर्पित है। यहाँ स्थापित प्रतिमा को सांवलिया जी कहा जाता है। यह मंदिर राजस्थान के सबसे बड़े दानदात्री मंदिरों में से एक है और इसे अफीम तस्करों का मंदिर भी कहा जाता है। यहाँ हर वर्ष जलझूलनी एकादशी पर भव्य मेला आयोजित होता है।
54. राजस्थान में 'मामा-भानजा का मंदिर' कहाँ स्थित है?
- (A) बांसवाड़ा
- (B) डूंगरपुर
- (C) जोधपुर
- (D) कोटा
मामा-भानजा का मंदिर डूंगरपुर जिले में स्थित है। यह मोहल्ला घाटी, खाड़िया में स्थित है और इसे मल्लिनाथ-नेमीनाथ मंदिर भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त राजस्थान में मामा-भानजा की अन्य धार्मिक स्थलों के रूप में छतरियाँ और दरगाहें भी प्रसिद्ध हैं।
55. हाड़ौती का खजूराहो के नाम से जाना जाने वाला मंदिर है?
- (A) बुढ़ादीत सूर्य मंदिर
- (B) भंडदेवरा शिव मंदिर (बारां)
- (C) मामा भांजा मंदिर, फूलदेवरा
- (D) सात सहेली मंदिर
बारां जिले के रामगढ़ में स्थित भंडदेवरा का शिव मंदिर अपनी मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ मंदिर की दीवारों और खंभों पर मिथुन मुद्रा की अनेक मूर्तियाँ बनाई गई हैं। इसी कारण इसे राजस्थान का मिनी खजुराहो तथा हाड़ौती का खजुराहो कहा जाता है। यह मंदिर स्थापत्य और कला की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
56. निम्न में से कौनसा मंदिर 'वागड़ का वैभव' कहलाता है?
- (A) मावजी मंदिर, साबला
- (B) देव सोमनाथ मंदिर, डूंगरपुर
- (C) विजय राज राजेश्वर मंदिर, डूंगरपुर
- (D) अर्थना जैन मंदिर, बाँसवाड़ा
डूंगरपुर जिले में सोम नदी के किनारे स्थित देव सोमनाथ मंदिर को वागड़ का वैभव कहा जाता है। यह 12वीं शताब्दी का शिव मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण बिना चूना, सीमेंट और मिट्टी के किया गया है। इसे केवल सफेद पारेला पत्थरों से जोड़ा गया है। इसके निर्माण में गुजरात से आए सोमपुरा जाति के कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
57. राजस्थान का निम्न में से कौनसा मंदिर गुप्तकालीन नहीं है?
- (A) चारचौमा शिव मंदिर, कोटा
- (B) भीमचौरी शिव मंदिर, कोटा
- (C) कन्सुआ शिव मंदिर, कोटा
- (D) हर्षनाथ मंदिर, सीकर
सीकर का हर्षनाथ मंदिर गुप्तकालीन नहीं है, बल्कि गुर्जर प्रतिहार शैली (महामारू शैली) में निर्मित है। यह 10वीं शताब्दी का मंदिर है। जबकि कोटा के चारचौमा, भीमचौरी और कन्सुआ मंदिर गुप्तकालीन काल से संबंधित हैं।
58. निम्न में से कौनसा मंदिर 'सपनों का मंदिर' कहलाता है?
- (A) ऋषभदेव मंदिर
- (B) एकलिंग जी मंदिर
- (C) जगदीश मंदिर, उदयपुर
- (D) सहस्रबाहु मंदिर, नागदा
उदयपुर का जगदीश मंदिर सपनों का मंदिर कहलाता है। मान्यता है कि इसके गर्भगृह में स्थापित मूर्ति किसी शिल्पकार ने नहीं बनाई, बल्कि भगवान जगन्नाथ ने स्वप्न में प्रकट होकर महाराणा को निर्देश दिया। इसके बाद मूर्ति डूंगरपुर के गर्दा गाँव में पीपल के पेड़ के नीचे खुदाई से मिली और मंदिर में स्थापित की गई।
59. पेपरनाथ महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?
- (A) पाली
- (B) कोटा
- (C) डूंगरपुर
- (D) उदयपुर
पेपरनाथ महादेव मंदिर कोटा में स्थित है। यह विशेष मंदिर लगभग 300 फीट गहराई में जमीन के नीचे बना है। यहाँ शिवलिंग पर सदैव एक प्राकृतिक जलधारा गिरती रहती है, जो इसे अद्वितीय बनाती है।
60. दक्षिण भारतीय शैली (द्रविड़ शैली) में बना राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर है?
- (A) वराह मंदिर, पुष्कर
- (B) बैकुण्ठ मंदिर, पुष्कर
- (C) रंगनाथ मंदिर, पुष्कर
- (D) नौग्रह मंदिर, किशनगढ़
पुष्कर का रंगनाथ मंदिर राजस्थान का सबसे बड़ा द्रविड़ शैली (दक्षिण भारतीय शैली) में निर्मित मंदिर है। इसका निर्माण 1844 ई. में सेठ पूरणमल ने करवाया था। यह मंदिर अपने विशाल गोपुरम (प्रवेश द्वार) और स्थापत्य के कारण प्रसिद्ध है।
61. रणकपुर स्थित कौनसा मंदिर 'पातरियो का देवरा' (वेश्या मंदिर) कहलाता है?
- (A) सूर्य नारायण मंदिर
- (B) नेमीनाथ जैन मंदिर
- (C) आदिनाथ चौमुखा मंदिर
- (D) पार्श्वनाथ जैन मंदिर
रणकपुर का नेमीनाथ जैन मंदिर पातरियो रो देवरो या वेश्या मंदिर कहलाता है। इस मंदिर में कई मूर्तियाँ ऐसी हैं जो नग्न या संभोग करते हुए युगलों को दर्शाती हैं। इसी कारण इसे यह विशेष नाम दिया गया है।
62. रूपनारायण जी का मंदिर स्थित है?
- (A) रेवदर (सिरोही)
- (B) देसूरी (पाली)
- (C) सेवंत्री (राजसमंद)
- (D) मावली (उदयपुर)
रूपनारायण जी का मंदिर राजसमंद जिले के सेवंत्री में स्थित है। यह मंदिर धार्मिक आस्था और प्राचीन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
63. राजस्थान का भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है?
- (A) सोमनाथ मंदिर, पाली
- (B) सेवाड़ी जैन मंदिर, पाली
- (C) मरकंडी माता मंदिर, ब्यावर
- (D) कुंथुनाथ जैन मंदिर, आबू
पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर (1010–20 ई.) भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है। भूमिज शैली नागर स्थापत्य की एक उपशैली है। इस मंदिर का उल्लेख कटुक राजा और अश्वराजा के शिलालेखों में मिलता है।
64. असंगत छांटिये-
- (A) चन्द्रभागा मन्दिर- झालावाड़
- (B) मथुराधीश मन्दिर- उदयपुर
- (C) केसरिया नाथ जी मंदिर- उदयपुर
- (D) गोविन्द देवजी मंदिर- जयपुर
मथुराधीश मंदिर उदयपुर में नहीं बल्कि कोटा के पाटनपोल में स्थित है। यह वल्लभ सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से की जाती है। कोटा का यह मंदिर अपनी कलात्मक मूर्तियों और धार्मिक महत्व के कारण प्रसिद्ध है। अन्य विकल्प सही रूप से अपने स्थानों पर स्थित मंदिरों से जुड़े हुए हैं।
65. ओसियां (जोधपुर) के मंदिरों का समूह जिनकी देन है, वह है-
- (A) प्रतिहार
- (B) गुहिल
- (C) राठौड़
- (D) परमार
ओसियां के मंदिरों का समूह गुर्जर-प्रतिहार वंश की देन है। ये मंदिर 8वीं–9वीं शताब्दी में बने और इनमें सूर्य मंदिर, हरिहर मंदिर तथा महावीर जैन मंदिर प्रमुख हैं। इनकी शैली महामारू या गुर्जर-प्रतिहार वास्तुकला कहलाती है। ओसियां को राजस्थान का खजुराहो भी कहा जाता है।
66. डिग्गी कल्याण जी का मन्दिर कहाँ है?
- (A) दौसा
- (B) टॉक
- (C) करौली
- (D) डूंगरपुर
डिग्गी कल्याणजी का मंदिर टोंक जिले में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित है और राजस्थान के प्रसिद्ध वैष्णव तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
67. खजुराहो नाम से चर्चित नहीं है-
- (A) किराडु
- (B) पुष्कर
- (C) जगत
- (D) भण्डदेवरा
राजस्थान का खजुराहो किराडू (बाड़मेर) को कहा जाता है। मेवाड़ का खजुराहो जगत (उदयपुर) के अंबिका माता मंदिर को कहा जाता है। वहीं हाड़ौती का खजुराहो भण्डदेवरा (बारां) शिव मंदिर है। पुष्कर को खजुराहो नहीं कहा जाता, इसलिए यह असंगत है।
68. विभीषण मंदिर कहाँ पर है?
- (A) पुष्कर (अजमेर)
- (B) कैथून (कोटा)
- (C) नागदा (उदयपुर)
- (D) करौली
विभीषण मंदिर कैथून (कोटा) में स्थित है। यहां विभीषण के शीश की पूजा होती है और भक्त इसे रामभक्त मानकर पूजते हैं। यह भारत का एकमात्र विभीषण मंदिर माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशिष्ट है।
69. त्रिपुरा सुन्दरी का मन्दिर कहाँ पर है?
- (A) कोटा
- (B) बाँसवाड़ा
- (C) दौसा
- (D) झालावाड़
त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर बाँसवाड़ा जिले के तलवाड़ा कस्बे में स्थित है। यह मंदिर पंचाल जाति की कुलदेवी तुरताई माता को समर्पित है। यहाँ काले पत्थर की अष्टादश भुजा प्रतिमा स्थापित है। इसे प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ भी माना जाता है और इसकी धार्मिक मान्यता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
70. मेहंदीपुर बालाजी का प्रसिद्ध मंदिर कहाँ है?
- (A) दौसा
- (B) जयपुर
- (C) टॉक
- (D) सीकर
मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर दौसा जिले में स्थित है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है और यहां विशेष रूप से भूत-प्रेत व बाधाओं से मुक्ति के लिए पूजा की जाती है। यह मंदिर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
71. कौनसे शिव मन्दिर में शिवजी के अंगूठे की पूजा की जाती है?
- (A) सालेश्वर महादेव मन्दिर (पाली)
- (B) अचलेश्वर महादेव मन्दिर (माउण्ट आबू)
- (C) कंसुआ का शिव मन्दिर (कोटा)
- (D) घुश्मेश्वर महादेव मन्दिर (सवाई माधोपुर)
अचलेश्वर महादेव मंदिर, माउंट आबू (सिरोही) में स्थित है। यहाँ पर शिवलिंग के स्थान पर एक प्राकृतिक ब्रह्मखड्ड है, जिसे शिवजी का अंगूठा माना जाता है। इस मंदिर की मान्यता बहुत प्राचीन है और शिवभक्तों के लिए इसका विशेष महत्व है।
72. किस शासक के काल में रणकपुर के जैन मन्दिर का निर्माण हुआ?
- (A) राणा मोकल
- (B) बप्पा रावल
- (C) राणा कुम्भा
- (D) राणा लाखा
रणकपुर के आदिनाथ चौमुखा जैन मंदिर का निर्माण 1439 ई. में राणा कुम्भा के शासनकाल में हुआ। इस मंदिर का निर्माण सेठ धरनकशाह पोसवाल ने करवाया था। यह मंदिर अपनी अद्भुत कलात्मक नक्काशी और संगमरमर के स्तंभों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
73. पुष्कर में सबसे प्रसिद्ध मन्दिर है—
- (A) गणेशजी का मन्दिर
- (B) बाई जी का मन्दिर
- (C) रमा बैकुण्ठ मन्दिर
- (D) ब्रह्माजी का मन्दिर
पुष्कर (अजमेर) का ब्रह्मा मंदिर विश्व का सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर है। मान्यता है कि इसका निर्माण गुरु विश्वामित्र ने करवाया था और बाद में आदि शंकराचार्य ने इसका पुनर्निर्माण किया। वर्तमान स्वरूप 1809 ई. में गोकुलचंद पारीख द्वारा दिया गया। कार्तिक पूर्णिमा पर यहाँ विशाल मेला भरता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
74. रणकपुर का जैन मन्दिर किस जिले में है?
- (A) पाली
- (B) उदयपुर
- (C) राजसमन्द
- (D) चित्तौड़गढ़
रणकपुर का जैन मंदिर पाली जिले में स्थित है। यह मंदिर भगवान आदिनाथ को समर्पित है और इसे चौमुखा मंदिर भी कहा जाता है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में सेठ धरनकशाह द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर की विशेषता है कि इसमें 1444 खूबसूरत संगमरमर के खंभे हैं, जिनमें से प्रत्येक का डिज़ाइन अलग-अलग है।
75. कौनसा मन्दिर 'धूलैव का धणी' के नाम से जाना जाता है?
- (A) एकलिंग मन्दिर
- (B) सास बहु मन्दिर
- (C) जगदीश मन्दिर
- (D) ऋषभदेव मन्दिर
ऋषभदेव मंदिर, धूलैव (उदयपुर) को धूलैव का धणी कहा जाता है। यह मंदिर भगवान आदिनाथ (ऋषभनाथ) को समर्पित है। इसे केसरियाजी और कालाजी भी कहा जाता है। यहाँ चैत्र कृष्ण पक्ष में शीतलाष्टमी पर मेला भरता है।
76. तिलस्वां महादेव मन्दिर कहाँ पर है?
- (A) भीलवाड़ा
- (B) चित्तौड़गढ़
- (C) उदयपुर
- (D) कोटा
तिलस्वां महादेव मंदिर भीलवाड़ा जिले में स्थित है। यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ शिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन किया जाता है।
77. ऋषि मांडव्य की तपोभूमि 'तालवृक्ष' किस जिले में है?
- (A) भरतपूर
- (B) बारां
- (C) अलवर
- (D) बूंदी
तालवृक्ष अलवर जिले में स्थित है। यह स्थान ऋषि मांडव्य की तपोभूमि माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र स्थल है। यहाँ प्राचीन मंदिर और आश्रम मौजूद हैं, जो इसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व प्रदान करते हैं।
78. कनफड़े नाथों का तीर्थस्थल है
- (A) भर्तृहरि (अलवर)
- (B) कतरियासर (बीकानेर)
- (C) कोलायत (बीकानेर)
- (D) मेड़तासिटी (नागौर)
कनफड़े नाथों का प्रमुख तीर्थस्थल अलवर जिले का भर्तृहरि है। यहाँ भर्तृहरि की गुफाएँ और आश्रम स्थित हैं। यह स्थान योगियों और साधुओं की साधना स्थली माना जाता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहाँ आते हैं।
79. पाण्डुपोल हनुमान जी का मन्दिर कहाँ है?
- (A) जयपुर
- (B) अलवर
- (C) भरतपुर
- (D) सवाई माधोपुर
पाण्डुपोल हनुमान जी का मंदिर अलवर जिले में स्थित है। यहाँ हनुमान जी की शयन मुद्रा में प्रतिमा है। मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान भीम ने अपनी गदा से पहाड़ फोड़कर यहाँ मार्ग बनाया था। इसी कारण यह स्थान पाण्डुपोल कहलाता है।
80. खेड़ तीर्थस्थल कहाँ है?
- (A) बालोतरा
- (B) जालौर
- (C) अजमेर
- (D) नाथद्वारा
खेड़ तीर्थस्थल बालोतरा (बाड़मेर) जिले में स्थित है। यहाँ रणछोड़ राय जी का मंदिर है जो लूणी नदी के किनारे स्थित है। इसका निर्माण 850 ईस्वी के आसपास हुआ था और यह गुर्जर-प्रतिहार स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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Mukesh Choudhary
Mukesh Choudhary को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...








