राजस्थान के मंदिर MCQ in Hindi | Questions, Answers and Explanation
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
राजस्थान के मंदिर से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
MCQ
प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें ब्रह्मा मंदिर पुष्कर (अजमेर), रंगनाथ मंदिर पुष्कर (अजमेर), हर्षत माता मंदिर दौसा, एकलिंगजी का मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर), ऋषभदेव का मंदिर धुलेव (उदयपुर), चारचौमा का शिव मंदिर कोटा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न
RPSC,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
शामिल हैं।
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
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1. विश्व प्रसिद्ध 'ब्रह्मा मंदिर' कहाँ स्थित है?
A
कोलायत
B
पुष्कर
C
नाथद्वारा
D
अलवर
📖 व्याख्या
ब्रह्मा मंदिर, पुष्कर (अजमेर) विश्व का सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर है। इसका निर्माण 14वीं शताब्दी में हुआ और यह मुख्यतः संगमरमर से बना है। कार्तिक पूर्णिमा के मेले में हजारों भक्त यहाँ आते हैं। यह मंदिर ‘जगत पिता ब्रह्मा’ को समर्पित है।
2. अपनी गोपुरम आकृति के लिए प्रसिद्ध रंगनाथ मंदिर कहाँ स्थित है?
A
पुष्कर
B
नाथद्वारा
C
करौली
D
आबू रोड
📖 व्याख्या
रंगनाथ मंदिर, पुष्कर (अजमेर) अपनी गोपुरम शैली के लिए प्रसिद्ध है। इसका निर्माण 1844 ई. में सेठ पूरनमल ने करवाया था। यह रामानुज शाखा का वैष्णव मंदिर है और द्रविड़ शैली में बना हुआ राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।
3. पुष्कर में सबसे प्रसिद्ध मन्दिर है—
A
गणेशजी का मन्दिर
B
बाई जी का मन्दिर
C
रमा बैकुण्ठ मन्दिर
D
ब्रह्माजी का मन्दिर
📖 व्याख्या
पुष्कर (अजमेर) का ब्रह्मा मंदिर विश्व का सबसे प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर है। मान्यता है कि इसका निर्माण गुरु विश्वामित्र ने करवाया था और बाद में आदि शंकराचार्य ने इसका पुनर्निर्माण किया। वर्तमान स्वरूप 1809 ई. में गोकुलचंद पारीख द्वारा दिया गया। कार्तिक पूर्णिमा पर यहाँ विशाल मेला भरता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु भाग लेते हैं।
4. आभानेरी स्थित हर्षत माता का मंदिर मूल रूप से किसे समर्पित था?
A
भगवान शिव
B
भगवान विष्णु
C
भगवान गणेश
D
भगवान इंद्र
📖 व्याख्या
आभानेरी (दौसा) का हर्षत माता मंदिर मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित था। यह मंदिर 8वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार काल में महामारू शैली में बनाया गया था। बाद में इसे हर्षत माता का मंदिर कहा जाने लगा। इसकी स्थापत्य कला अद्वितीय है और पास में स्थित चांद बावड़ी इसे और भी प्रसिद्ध बनाती है।
5. आभानेरी मंदिर कहाँ स्थित है?
A
सिरोही
B
बारां
C
दौसा
D
सीकर
📖 व्याख्या
आभानेरी का हर्षत माता मंदिर दौसा जिले में स्थित है। इसका निर्माण गुर्जर-प्रतिहार शासक राजा चांद ने करवाया था। यह मंदिर मूल रूप से विष्णु मंदिर था, जिसे बाद में हर्षत माता मंदिर के रूप में प्रसिद्धि मिली। नजदीक ही स्थित चांद बावड़ी भारत की सबसे गहरी बावड़ियों में गिनी जाती है।
6. किराडू का सोमेश्वर मंदिर और आभानेरी का हर्षत माता मंदिर किस स्थापत्य शैली में बने हैं?
A
मौर्य
B
द्रविड़
C
गुर्जर-प्रतिहार
D
गुप्त
📖 व्याख्या
किराडू (बाड़मेर) का सोमेश्वर मंदिर और आभानेरी (दौसा) का हर्षत माता मंदिर दोनों गुर्जर-प्रतिहार काल की महामारू शैली में बने हैं।यह शैली 8वीं से 11वीं शताब्दी तक प्रचलित रही। इन मंदिरों की संरचना में ऊँचे शिखर और सुंदर नक्काशी देखने को मिलती है।
7. निम्नलिखित में से कौनसा प्राचीनतम मंदिर है—
A
नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर
B
रणकपुर का पार्श्वनाथ मंदिर
C
उदयपुर का जगदीश मंदिर
D
आभानेरी का हर्षद माता मंदिर
📖 व्याख्या
आभानेरी (दौसा) का हर्षद माता मंदिर सबसे प्राचीन माना जाता है। इसका निर्माण 8वीं–9वीं शताब्दी में गुर्जर-प्रतिहार शासक मिहिर भोज (राजा चांद) द्वारा करवाया गया था। यह मूलतः विष्णु मंदिर था और इसकी रचना स्वास्तिक आकार में की गई थी।
8. राजस्थान के किस जिले में प्रसिद्ध 'एकलिंगजी' का मंदिर स्थित है?
A
उदयपुर
B
कोटा
C
अजमेर
D
जयपुर
📖 व्याख्या
एकलिंगजी का मंदिर कैलाशपुरी (उदयपुर) में स्थित है। इसका निर्माण 734 ई. में बप्पा रावल ने करवाया था। मंदिर में एकलिंगजी की काले पत्थर की चौमुखा मूर्ति स्थापित है। बाद में महाराणा मोकल और महाराणा रायमल ने इसका जीर्णोद्वार कराया। यह मेवाड़ के शासकों की कुलदेवी के रूप में पूजित है।
9. ऋषभदेव का मंदिर राजस्थान के किस स्थान में स्थित है?
A
डूंगरपुर
B
धुलेव
C
रणकपुर
D
कांकरोली
📖 व्याख्या
ऋषभदेव का मंदिर धुलेव (उदयपुर) में स्थित है। इसे ‘केसरियाजी’ या ‘केसरियानाथ’ के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर अरावली पर्वतमाला की घाटियों में कोयल नदी के किनारे स्थित है। मूर्ति काले पत्थर की है, इसलिए भील समुदाय इन्हें ‘कालाजी’ कहता है।
10. चार चौमा का शिव मंदिर किस जिले में अवस्थित है?
A
झालावाड़
B
कोटा
C
बूंदी
D
टोंक
📖 व्याख्या
चारचौमा शिवालय कोटा जिले के चारचौमा गाँव में स्थित है। यह गुप्तकालीन मंदिर नागर शैली में बना हुआ है। मंदिर प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक महत्व का प्रतीक है, और आज भी स्थानीय लोग इसे श्रद्धा से पूजते हैं।
11. निम्नलिखित में से कौन सा मंदिर गुप्तकाल से संबंधित है?
A
सच्चिया माता मंदिर, ओसियां
B
हर्षतमाता मंदिर, आभानेरी
C
सोमेश्वर मंदिर, किराडू
D
चारचौमा मंदिर, कोटा
📖 व्याख्या
चारचौमा का शिव मंदिर, कोटा गुप्तकालीन है। यह मंदिर नागर शैली का है और इसकी रचना 4वीं–5वीं शताब्दी के गुप्तकालीन स्थापत्य को दर्शाती है। गुप्तकालीन मंदिरों में साधारण संरचना, ऊँचे शिखर और धार्मिक सादगी प्रमुख विशेषताएँ हैं।
12. खाटू श्यामजी का मंदिर कहाँ स्थित है?
A
झुंझुनूं
B
सीकर
C
जयपुर
D
चुरू
📖 व्याख्या
खाटू श्यामजी मंदिर सीकर जिले में स्थित है। यह मंदिर महाभारत काल के बर्बरीक (भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र) को समर्पित है, जिन्हें ‘श्याम बाबा’ कहा जाता है। मान्यता है कि कृष्ण ने बर्बरीक को वरदान दिया था कि कलियुग में उनकी पूजा श्याम नाम से होगी। यहाँ फाल्गुन मास में विशाल मेला भरता है।
13. ब्रह्माणी माता का मंदिर स्थित है—
A
धौलपुर
B
उदयपुर
C
कोटा
D
बारां
📖 व्याख्या
ब्रह्माणी माता मंदिर बारां जिले के सौरसेन में स्थित है। यह देवी का प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। यहाँ शुक्ल सप्तमी को मेला भरता है और विशेष रूप से गधों का मेला आयोजित होता है। यह गुफा मंदिर है और 400 वर्षों से यहाँ अखंड ज्योति प्रज्वलित है। इसे मीणा समाज, बोहरा समाज और अन्य स्थानीय जातियाँ अपनी कुलदेवी के रूप में पूजते हैं।
14. मूछला महावीर' मंदिर स्थित है—
A
घाणेराव
B
देलवाड़ा
C
नाथद्वारा
D
मैनाल
📖 व्याख्या
मूछाला महावीर मंदिर पाली जिले के घाणेराव में स्थित है। यह गोड़वाड़ क्षेत्र के पंचतीर्थों में सम्मिलित है। मंदिर में 60 शिलालेख मौजूद हैं, जिनमें प्राचीन ऐतिहासिक जानकारी मिलती है। यहाँ वि.स. 1213 और 1010 के शिलालेख उल्लेखनीय हैं। इस मंदिर का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि मूर्ति को मूंछों के साथ सजाया गया है।
15. शृंगार चंवरी के संबंध में कौन सा कथन सत्य है।
A
यह एक उपासना स्थल है जिसे मण्डन ने 1489 ई. में बनवाया था।
B
यह एक धर्मनिरपेक्ष स्मारक है जिसे राणा कुम्भा ने 1448 ई. में बनवाया था।
C
यह एक मंदिर है जिसे विमल जैन ने 1402 में देलवाड़ा में बनवाया था।
D
यह एक धार्मिक स्थल है जिसे भण्डारी वेल्का ने 1448-49 ई. में बनवाया था।
📖 व्याख्या
श्रृंगार चंवरी (श्रृंगार चौरी) चित्तौड़गढ़ में स्थित है। इसका निर्माण वि.स. 1505 (लगभग 1448–49 ई.) में राणा कुंभा के भंडारी वेल्का ने करवाया था। यह शांतिनाथ को समर्पित एक जैन मंदिर है। इसकी प्रतिष्ठा खरतरगच्छ के आचार्य जिनसेन सूरी ने की थी।
16. बारह देवरा नामक शिव मंदिर समूह स्थित है—
A
बैंगू
B
लाडनू
C
जहाजपुर
D
नोहर
📖 व्याख्या
बारह देवरा मंदिर समूह भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में स्थित है। इस समूह में 12 शिव मंदिर शामिल हैं। इनमें केदारनाथ मंदिर अधूरा है, जबकि सोमनाथ, ओंकारेश्वर, नागार्जुन, घुश्मेश्वर, विश्वनाथ, सर्वेश्वर, वैद्यनाथ, गणेशजी, भैरवनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर प्रमुख हैं।
17. किस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि उसके निर्माण में पानी के स्थान पर घी इस्तेमाल किया गया था?
A
श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा
B
भांडाशाह जैन मंदिर, बीकानेर
C
सावलिया जी मंदिर, चित्तौड़गढ़
D
झामेश्वर महादेव, उदयपुर
📖 व्याख्या
भांडाशाह जैन मंदिर बीकानेर में स्थित है। इसका निर्माण 1468 ई. में आरम्भ हुआ और 1541 ई. में पूरा हुआ। यह मंदिर 5वें तीर्थंकर भगवान सुमतिनाथ को समर्पित है। मान्यता है कि इसके निर्माण में पानी की जगह देसी घी का प्रयोग किया गया था।
18. गेपरनाथ महादेव मंदिर चर्चा में रहा, जो स्थित है—
A
कोटा
B
चित्तौड़गढ़
C
बारां
D
बूंदी
📖 व्याख्या
गेपरनाथ महादेव मंदिर कोटा जिले में स्थित है। यह प्राचीन शिव मंदिर है और यहाँ विशेषकर महाशिवरात्रि पर विशाल मेला भरता है। यह मंदिर कोटा के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है और शिव भक्तों का प्रमुख तीर्थ स्थल है।
19. स्वर्ण नगरी हॉल किस जैन मंदिर का भाग है?
A
नसियां मंदिर, अजमेर
B
रणकपुर मंदिर, रणकपुर
C
दिलवाड़ा मंदिर, आबू
D
नाकोड़ा मंदिर, बाड़मेर
📖 व्याख्या
अजमेर का सोनी जी की नसियां मंदिर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) को समर्पित है। 1864–65 ई. में मूलचंद सोनी ने इसका निर्माण प्रारंभ किया और उनके पुत्र टीकमचंद सोनी ने इसे पूर्ण करवाया। इसके पास स्थित "स्वर्ण नगरी हॉल" मंदिर का ही एक भाग है, जिसमें सोने से मढ़ी हुई कलाकृतियाँ हैं। इसे सिंहकूट चैत्यालय और बाहरी स्वरूप लाल पत्थर से बने होने के कारण लाल मंदिर भी कहा जाता है।
20. हरणी महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?
A
भीलवाड़ा
B
चुरू
C
बांसवाड़ा
D
सीकर
📖 व्याख्या
हरणी महादेव मंदिर भीलवाड़ा में स्थित है। यह भीलवाड़ा के प्राचीनतम शिव मंदिरों में से एक है। यहाँ फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी पर महाशिवरात्रि के अवसर पर विशाल मेला भरता है। दश्क परिवार इस मंदिर के संरक्षक रहे हैं।
21. जयपुर के गोविन्ददेवजी मंदिर का निर्माण किसने करवाया?
A
महाराजा प्रतापसिंह
B
सवाई जयसिंह
C
सवाई ईश्वरसिंह
D
राजा मानसिंह
📖 व्याख्या
गोविंद देव जी का मंदिर जयपुर में गौड़ीय सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। इसका निर्माण 1735 ई. में सवाई जयसिंह द्वारा करवाया गया। यह मंदिर जयपुर सिटी पैलेस परिसर के जयनिवास उद्यान में स्थित है और दुनिया का सबसे बड़ा बिना खंभों वाला सत्संग हॉल भी यहाँ मौजूद है।
22. मंदिर स्थापत्य की "भूमिज शैली" किस स्थापत्य शैली की उपशैली है?
A
नागर शैली
B
द्रविड शैली
C
इंडो पर्शियन शैली
D
बेसर शैली
📖 व्याख्या
भूमिज शैली, नागर स्थापत्य शैली की एक उपशैली है। इसकी विशेषता खुला परिक्रमा पथ और ऊँचे शिखर हैं। राजस्थान में इसके उदाहरण सेवाड़ी का जैन मंदिर (पाली), मैनाल का महानालेश्वर मंदिर, रामगढ़ (बारां) का भण्डदेवरा मंदिर तथा चित्तौड़ का अद्भुत नाथ मंदिर हैं।
23. राजस्थान में "भूमिज शैली" का सबसे पुराना मंदिर है—
A
पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर
B
रामगढ़ का भण्डदेवरा मंदिर
C
मैनाल का महानालेश्वर मंदिर
D
इंगरपुर का सोमनाथ मंदिर
📖 व्याख्या
पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर (1010–20 ई.) भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है। यह नागर शैली की उपशैली है। इस मंदिर का उल्लेख कटुक राजा और अश्वराजा के शिलालेखों में मिलता है।
24. बांसवाड़ा जिले में किस स्थान पर त्रिपुरा सुन्दरी का मंदिर स्थित है?
A
अर्धूणा
B
कुशलगढ़
C
तलवाड़ा
D
कलिंजरा
📖 व्याख्या
त्रिपुरा सुंदरी मंदिर बांसवाड़ा जिले के तलवाड़ा में स्थित है। यह प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ है और यहां काले पत्थर की अष्टादशभुजा प्रतिमा स्थापित है। इसे तुरताई माता भी कहा जाता है और यह पांचाल जाति की कुलदेवी है।
25. चूलगिरी जैन मंदिर कहाँ स्थित है?
A
जोधपुर
B
धौलपुर
C
उदयपुर
D
जयपुर
📖 व्याख्या
चूलगिरी जैन मंदिर जयपुर के घाट की गूणी क्षेत्र में स्थित है। यह दिगम्बर जैन मंदिर भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित है। इसका निर्माण 1953 में आचार्य देशभूषण जी महाराज के निर्देशन में हुआ। यहाँ 21 फीट ऊँची भगवान महावीर की प्रतिमा और चरण चौबीसी दर्शनीय है।
26. नाथों का मंदिर कहाँ स्थित है?
A
महामंदिर (जोधपुर)
B
उदयपुर
C
अजमेर
D
जयपुर
📖 व्याख्या
नाथों का मंदिर जोधपुर के महामंदिर परिसर में स्थित है। इसे 1805 ई. में महाराजा मानसिंह ने बनवाया था। इसे 84 खंभों का मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर जालंधर नाथ जी के शिष्य आयस देवनाथ की स्मृति में निर्मित है।
27. माण्डव ऋषि की तपोस्थली माण्डकला के 16 प्राचीन मंदिर कहाँ स्थित हैं?
A
बीकानेर
B
धौलपुर
C
जोधपुर
D
टोंक
📖 व्याख्या
माण्डव ऋषि की तपोस्थली टोंक जिले में माण्डकला के रूप में प्रसिद्ध है। इसे लघु पुष्कर भी कहा जाता है। यहाँ नगर फोर्ट के पास 16 प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जो धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं।
28. राजस्थान में 'मामा-भानजा का मंदिर' कहाँ स्थित है?
A
बांसवाड़ा
B
डूंगरपुर
C
जोधपुर
D
कोटा
📖 व्याख्या
मामा-भानजा का मंदिर डूंगरपुर जिले में स्थित है। यह मोहल्ला घाटी, खाड़िया में स्थित है और इसे मल्लिनाथ-नेमीनाथ मंदिर भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त राजस्थान में मामा-भानजा की अन्य धार्मिक स्थलों के रूप में छतरियाँ और दरगाहें भी प्रसिद्ध हैं।
29. हाड़ौती का खजूराहो के नाम से जाना जाने वाला मंदिर है?
A
बुढ़ादीत सूर्य मंदिर
B
भंडदेवरा शिव मंदिर (बारां)
C
मामा भांजा मंदिर, फूलदेवरा
D
सात सहेली मंदिर
📖 व्याख्या
बारां जिले के रामगढ़ में स्थित भंडदेवरा का शिव मंदिर अपनी मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ मंदिर की दीवारों और खंभों पर मिथुन मुद्रा की अनेक मूर्तियाँ बनाई गई हैं। इसी कारण इसे 'राजस्थान का मिनी खजुराहो' तथा 'हाड़ौती का खजुराहो' कहा जाता है। यह मंदिर स्थापत्य और कला की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
30. निम्न में से कौनसा मंदिर 'वागड़ का वैभव' कहलाता है?
A
मावजी मंदिर, साबला
B
देव सोमनाथ मंदिर, डूंगरपुर
C
विजय राज राजेश्वर मंदिर, डूंगरपुर
D
अर्थना जैन मंदिर, बाँसवाड़ा
📖 व्याख्या
डूंगरपुर जिले में सोम नदी के किनारे स्थित देव सोमनाथ मंदिर को 'वागड़ का वैभव' कहा जाता है। यह 12वीं शताब्दी का शिव मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण बिना चूना, सीमेंट और मिट्टी के किया गया है। इसे केवल सफेद पारेला पत्थरों से जोड़ा गया है। इसके निर्माण में गुजरात से आए सोमपुरा जाति के कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
31. राजस्थान का निम्न में से कौनसा मंदिर गुप्तकालीन नहीं है?
A
चारचौमा शिव मंदिर, कोटा
B
भीमचौरी शिव मंदिर, कोटा
C
कन्सुआ शिव मंदिर, कोटा
D
हर्षनाथ मंदिर, सीकर
📖 व्याख्या
सीकर का हर्षनाथ मंदिर गुप्तकालीन नहीं है, बल्कि गुर्जर प्रतिहार शैली (महामारू शैली) में निर्मित है। यह 10वीं शताब्दी का मंदिर है। जबकि कोटा के चारचौमा, भीमचौरी और कन्सुआ मंदिर गुप्तकालीन काल से संबंधित हैं।
32. निम्न में से कौनसा मंदिर 'सपनों का मंदिर' कहलाता है?
A
ऋषभदेव मंदिर
B
एकलिंग जी मंदिर
C
जगदीश मंदिर, उदयपुर
D
सहस्रबाहु मंदिर, नागदा
📖 व्याख्या
उदयपुर का जगदीश मंदिर 'सपनों का मंदिर' कहलाता है। मान्यता है कि इसके गर्भगृह में स्थापित मूर्ति किसी शिल्पकार ने नहीं बनाई, बल्कि भगवान जगन्नाथ ने स्वप्न में प्रकट होकर महाराणा को निर्देश दिया। इसके बाद मूर्ति डूंगरपुर के गर्दा गाँव में पीपल के पेड़ के नीचे खुदाई से मिली और मंदिर में स्थापित की गई।
33. पेपरनाथ महादेव मंदिर कहाँ स्थित है?
A
पाली
B
कोटा
C
डूंगरपुर
D
उदयपुर
📖 व्याख्या
पेपरनाथ महादेव मंदिर कोटा में स्थित है। यह विशेष मंदिर लगभग 300 फीट गहराई में जमीन के नीचे बना है। यहाँ शिवलिंग पर सदैव एक प्राकृतिक जलधारा गिरती रहती है, जो इसे अद्वितीय बनाती है।
34. दक्षिण भारतीय शैली (द्रविड़ शैली) में बना राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर है?
A
वराह मंदिर, पुष्कर
B
बैकुण्ठ मंदिर, पुष्कर
C
रंगनाथ मंदिर, पुष्कर
D
नौग्रह मंदिर, किशनगढ़
📖 व्याख्या
पुष्कर का रंगनाथ मंदिर राजस्थान का सबसे बड़ा द्रविड़ शैली (दक्षिण भारतीय शैली) में निर्मित मंदिर है। इसका निर्माण 1844 ई. में सेठ पूरणमल ने करवाया था। यह मंदिर अपने विशाल गोपुरम (प्रवेश द्वार) और स्थापत्य के कारण प्रसिद्ध है।
35. रणकपुर स्थित कौनसा मंदिर 'पातरियो का देवरा' (वेश्या मंदिर) कहलाता है?
A
सूर्य नारायण मंदिर
B
नेमीनाथ जैन मंदिर
C
आदिनाथ चौमुखा मंदिर
D
पार्श्वनाथ जैन मंदिर
📖 व्याख्या
रणकपुर का नेमीनाथ जैन मंदिर 'पातरियो रो देवरो' या 'वेश्या मंदिर' कहलाता है। इस मंदिर में कई मूर्तियाँ ऐसी हैं जो नग्न या संभोग करते हुए युगलों को दर्शाती हैं। इसी कारण इसे यह विशेष नाम दिया गया है।
36. रूपनारायण जी का मंदिर स्थित है?
A
रेवदर (सिरोही)
B
देसूरी (पाली)
C
सेवंत्री (राजसमंद)
D
मावली (उदयपुर)
📖 व्याख्या
रूपनारायण जी का मंदिर राजसमंद जिले के सेवंत्री में स्थित है। यह मंदिर धार्मिक आस्था और प्राचीन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण है।
37. राजस्थान का भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है?
A
सोमनाथ मंदिर, पाली
B
सेवाड़ी जैन मंदिर, पाली
C
मरकंडी माता मंदिर, ब्यावर
D
कुंथुनाथ जैन मंदिर, आबू
📖 व्याख्या
पाली जिले का सेवाड़ी जैन मंदिर (1010–20 ई.) भूमिज शैली का सबसे प्राचीन मंदिर है। भूमिज शैली नागर स्थापत्य की एक उपशैली है। इस मंदिर का उल्लेख कटुक राजा और अश्वराजा के शिलालेखों में मिलता है।
A
चन्द्रभागा मन्दिर- झालावाड़
B
मथुराधीश मन्दिर- उदयपुर
C
केसरिया नाथ जी मंदिर- उदयपुर
D
गोविन्द देवजी मंदिर- जयपुर
📖 व्याख्या
मथुराधीश मंदिर उदयपुर में नहीं बल्कि कोटा के पाटनपोल में स्थित है। यह वल्लभ सम्प्रदाय का प्रमुख मंदिर है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की पूजा विशेष रूप से की जाती है। कोटा का यह मंदिर अपनी कलात्मक मूर्तियों और धार्मिक महत्व के कारण प्रसिद्ध है। अन्य विकल्प सही रूप से अपने स्थानों पर स्थित मंदिरों से जुड़े हुए हैं।
39. ओसियां (जोधपुर) के मंदिरों का समूह जिनकी देन है, वह है-
A
प्रतिहार
B
गुहिल
C
राठौड़
D
परमार
📖 व्याख्या
ओसियां के मंदिरों का समूह गुर्जर-प्रतिहार वंश की देन है। ये मंदिर 8वीं–9वीं शताब्दी में बने और इनमें सूर्य मंदिर, हरिहर मंदिर तथा महावीर जैन मंदिर प्रमुख हैं। इनकी शैली महामारू या गुर्जर-प्रतिहार वास्तुकला कहलाती है। ओसियां को ‘राजस्थान का खजुराहो’ भी कहा जाता है।
40. डिग्गी कल्याण जी का मन्दिर कहाँ है?
A
दौसा
B
टॉक
C
करौली
D
डूंगरपुर
📖 व्याख्या
डिग्गी कल्याणजी का मंदिर टोंक जिले में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण को समर्पित है और राजस्थान के प्रसिद्ध वैष्णव तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं।
41. खजुराहो नाम से चर्चित नहीं है-
A
किराडु
B
पुष्कर
C
जगत
D
भण्डदेवरा
📖 व्याख्या
राजस्थान का खजुराहो किराडू (बाड़मेर) को कहा जाता है। मेवाड़ का खजुराहो जगत (उदयपुर) के अंबिका माता मंदिर को कहा जाता है। वहीं हाड़ौती का खजुराहो भण्डदेवरा (बारां) शिव मंदिर है। पुष्कर को खजुराहो नहीं कहा जाता, इसलिए यह असंगत है।
42. विभीषण मंदिर कहाँ पर है?
A
पुष्कर (अजमेर)
B
कैथून (कोटा)
C
नागदा (उदयपुर)
D
करौली
📖 व्याख्या
विभीषण मंदिर कैथून (कोटा) में स्थित है। यहां विभीषण के शीश की पूजा होती है और भक्त इसे रामभक्त मानकर पूजते हैं। यह भारत का एकमात्र विभीषण मंदिर माना जाता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशिष्ट है।
43. त्रिपुरा सुन्दरी का मन्दिर कहाँ पर है?
A
कोटा
B
बाँसवाड़ा
C
दौसा
D
झालावाड़
📖 व्याख्या
त्रिपुरा सुंदरी का मंदिर बाँसवाड़ा जिले के तलवाड़ा कस्बे में स्थित है। यह मंदिर पंचाल जाति की कुलदेवी तुरताई माता को समर्पित है। यहाँ काले पत्थर की अष्टादश भुजा प्रतिमा स्थापित है। इसे प्राचीन तांत्रिक शक्तिपीठ भी माना जाता है और इसकी धार्मिक मान्यता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
44. मेहंदीपुर बालाजी का प्रसिद्ध मंदिर कहाँ है?
A
दौसा
B
जयपुर
C
टॉक
D
सीकर
📖 व्याख्या
मेहंदीपुर बालाजी का मंदिर दौसा जिले में स्थित है। यह मंदिर हनुमान जी को समर्पित है और यहां विशेष रूप से भूत-प्रेत व बाधाओं से मुक्ति के लिए पूजा की जाती है। यह मंदिर न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत में प्रसिद्ध है।
45. कौनसे शिव मन्दिर में शिवजी के अंगूठे की पूजा की जाती है?
A
सालेश्वर महादेव मन्दिर (पाली)
B
अचलेश्वर महादेव मन्दिर (माउण्ट आबू)
C
कंसुआ का शिव मन्दिर (कोटा)
D
घुश्मेश्वर महादेव मन्दिर (सवाई माधोपुर)
📖 व्याख्या
अचलेश्वर महादेव मंदिर, माउंट आबू (सिरोही) में स्थित है। यहाँ पर शिवलिंग के स्थान पर एक प्राकृतिक ब्रह्मखड्ड है, जिसे शिवजी का अंगूठा माना जाता है। इस मंदिर की मान्यता बहुत प्राचीन है और शिवभक्तों के लिए इसका विशेष महत्व है।
46. किस शासक के काल में रणकपुर के जैन मन्दिर का निर्माण हुआ?
A
राणा मोकल
B
बप्पा रावल
C
राणा कुम्भा
D
राणा लाखा
📖 व्याख्या
रणकपुर के आदिनाथ चौमुखा जैन मंदिर का निर्माण 1439 ई. में राणा कुम्भा के शासनकाल में हुआ। इस मंदिर का निर्माण सेठ धरनकशाह पोसवाल ने करवाया था। यह मंदिर अपनी अद्भुत कलात्मक नक्काशी और संगमरमर के स्तंभों के लिए विश्व प्रसिद्ध है।
47. राजस्थान में प्रसिद्ध सात सहेलियाँ का मन्दिर कहाँ पर है?
A
झालरापाटन (झालावाड़)
B
अर्दूना (बाँसवाड़ा)
C
नागदा (उदयपुर)
D
किराडू (बाड़मेर)
📖 व्याख्या
सात सहेलियों का मंदिर झालरापाटन (झालावाड़) में स्थित है। इसे पद्मनाथ मंदिर और सूर्य मंदिर भी कहा जाता है। कर्नल टॉड ने इसे "चारभुजा मंदिर" कहा है। इसकी विशेषता है कि सूर्य की मूर्ति को घुटनों तक जूते पहने हुए दर्शाया गया है।
48. रणकपुर का जैन मन्दिर किस जिले में है?
A
पाली
B
उदयपुर
C
राजसमन्द
D
चित्तौड़गढ़
📖 व्याख्या
रणकपुर का जैन मंदिर पाली जिले में स्थित है। यह मंदिर भगवान आदिनाथ को समर्पित है और इसे चौमुखा मंदिर भी कहा जाता है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी में सेठ धरनकशाह द्वारा करवाया गया था। इस मंदिर की विशेषता है कि इसमें 1444 खूबसूरत संगमरमर के खंभे हैं, जिनमें से प्रत्येक का डिज़ाइन अलग-अलग है।
49. कौनसा मन्दिर 'धूलैव का धणी' के नाम से जाना जाता है?
A
एकलिंग मन्दिर
B
सास बहु मन्दिर
C
जगदीश मन्दिर
D
ऋषभदेव मन्दिर
📖 व्याख्या
ऋषभदेव मंदिर, धूलैव (उदयपुर) को 'धूलैव का धणी' कहा जाता है। यह मंदिर भगवान आदिनाथ (ऋषभनाथ) को समर्पित है। इसे 'केसरियाजी' और 'कालाजी' भी कहा जाता है। यहाँ चैत्र कृष्ण पक्ष में शीतलाष्टमी पर मेला भरता है।
50. तिलस्वां महादेव मन्दिर कहाँ पर है?
A
भीलवाड़ा
B
चित्तौड़गढ़
C
उदयपुर
D
कोटा
📖 व्याख्या
तिलस्वां महादेव मंदिर भीलवाड़ा जिले में स्थित है। यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी धार्मिक आस्था और स्थानीय मान्यता के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ शिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और मेले का आयोजन किया जाता है।