राजस्थान के लोकनृत्य MCQ Quiz | Practice Set with Detailed Explanation
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकनृत्य से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें अग्नि नृत्य, बिछवा, नृत्य, झेला, शिकारी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के लोकनृत्य
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- Content Type: MCQ Practice Set
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Rajputana Diary –
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(Since 2021)
1. घूमर नृत्य' के लिए मुख्य रूप से किन वाद्ययंत्रों की आवश्यकता होती है?
- (A) मांदल और थाली
- (B) चंग और मंजीरा
- (C) पूंगी और खंजरी
- (D) नगाड़ा और बांसुरी
घूमर नृत्य राजस्थान का सबसे लोकप्रिय नृत्य है। इसमें मुख्य रूप से नगाड़ा और बांसुरी के साथ शहनाई जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है। महिलाएं गोल घेरे में घूमर डालते हुए इस नृत्य को करती हैं। यह विवाह और तीज-त्योहारों का प्रमुख नृत्य है।
2. कालबेलिया नृत्य को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली नृत्यांगना कौन है?
- (A) गुलाबो
- (B) सीमा मिश्रा
- (C) फलकू बाई
- (D) अम्मिता काला
कालबेलिया नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का श्रेय गुलाबो देवी को जाता है। उन्होंने इस नृत्य को विदेशों तक पहुंचाया। 2010 में कालबेलिया नृत्य को यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की सूची में शामिल किया गया। अन्य प्रमुख कलाकारों में कंचन सपेरा, कमली और राजकी भी शामिल हैं।
3. लोकप्रिय 'अग्नि नृत्य' का आयोजन मुख्यतः किस जिले में होता है?
- (A) जैसलमेर
- (B) चुरू
- (C) जोधपुर
- (D) बीकानेर
अग्नि नृत्य का आयोजन मुख्यतः बीकानेर जिले में होता है। यह जसनाथी सम्प्रदाय से जुड़ा नृत्य है। इसमें साधक आग की लपटों पर नंगे पांव चलकर और आग के बीच नृत्य करके अपनी भक्ति और साहस का परिचय देते हैं। यह नृत्य राजस्थान का अनोखा धार्मिक नृत्य है।
4. बिंदौरी नृत्य कहाँ का प्रसिद्ध है?
- (A) प्रतापगढ़
- (B) अलवर
- (C) झालावाड़
- (D) बाड़मेर
बिंदौरी नृत्य झालावाड़ क्षेत्र का प्रमुख नृत्य है। यह विशेष रूप से होली और विवाह अवसरों पर किया जाता है। इसमें समूह बनाकर गान और नृत्य प्रस्तुत किया जाता है, जिससे उत्सव का आनंद दोगुना हो जाता है।
5. विभिन्न नृत्य रूपों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें, इनमें से कौन सा कथन असत्य है?
- (A) गीदड़ नृत्य शेखावटी क्षेत्र से संबंधित है।
- (B) कच्ची घोड़ी में नकली घोड़ों का प्रयोग सम्मिलित है।
- (C) राई और बुढ़िया कालबेलिया नृत्य के मुख्य पात्र हैं।
- (D) तेरह ताली नृत्य कामड़ जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है।
राई और बुढ़िया पात्र कालबेलिया नृत्य से नहीं, बल्कि गवरी नाट्य से जुड़े हुए हैं, जो भील जनजाति का नृत्य है। कालबेलिया नृत्य सपेरों की संस्कृति से संबंधित है और इसे 2010 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर में शामिल किया गया। अन्य विकल्प सही हैं – गीदड़ नृत्य शेखावटी क्षेत्र से है, कच्छी घोड़ी नकली घोड़ों पर आधारित है, और तेरहताली कामड़ जनजाति की महिलाओं का प्रसिद्ध नृत्य है।
6. खारी नृत्य किस जिले में सर्वाधिक लोकप्रिय है?
- (A) प्रतापगढ़
- (B) अलवर
- (C) झालावाड़
- (D) बाड़मेर
खारी नृत्य मुख्यतः अलवर जिले में लोकप्रिय है। यह नृत्य वैवाहिक अवसरों पर दुल्हन की विदाई के समय उसकी सखियों द्वारा किया जाता है। इसमें सखियाँ सिर पर खारी रखकर तालबद्ध नृत्य करती हैं।
7. गर्गीदड़ किस क्षेत्र का लोकनृत्य है?
- (A) शेखावाटी
- (B) वागड़
- (C) मेवाड़
- (D) मत्स्य
गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है। यह नृत्य विशेष रूप से होली के अवसर पर किया जाता है। इसमें प्रहलाद की स्थापना से लेकर डंडा रोपण और होली दहन तक की परंपराओं का चित्रण किया जाता है। यह केवल पुरुष कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाता है और इसमें ढोल-चंग की ताल का प्रयोग होता है।
8. पेजण नृत्य मुख्यतः किस क्षेत्र में प्रसिद्ध है?
- (A) वागड़
- (B) मेवात
- (C) थली
- (D) गुर्जरात्रा
पेजण नृत्य वागड़ क्षेत्र का प्रमुख लोकनृत्य है। यह नृत्य दीपावली के अवसर पर किया जाता है। इसमें पुरुष कलाकार महिला वेशभूषा धारण करके हास्य और मनोरंजन के साथ नृत्य करते हैं। इस नृत्य में ग्रामीण जीवन की झलक देखने को मिलती है।
9. नारों का स्वांग प्रसिद्ध है?
- (A) बीकानेर जिले में
- (B) जोधपुर जिले में
- (C) भरतपुर जिले में
- (D) भीलवाड़ा जिले में
नारों का स्वांग, जिसे नाहर नृत्य भी कहा जाता है, राजस्थान के भीलवाड़ा जिले (मांडल क्षेत्र) में प्रसिद्ध है। यह नृत्य होली के 13 दिन बाद किया जाता है। इसकी परंपरा मुगल सम्राट शाहजहाँ के काल से जुड़ी हुई है। इसमें लोकगाथाओं और ऐतिहासिक घटनाओं का चित्रण स्वांग और नृत्य के माध्यम से किया जाता है। यह भीलवाड़ा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।
10. निम्नलिखित में से कौन सा एक सहरिया जनजाति द्वारा नहीं किया जाता है?
- (A) बिछवा नृत्य
- (B) झेला नृत्य
- (C) शिकारी नृत्य
- (D) द्विचक्री नृत्य
सहरिया जनजाति के प्रमुख नृत्यों में झेला नृत्य, सांग नृत्य, लहंगी नृत्य, इंद्रपरी नृत्य और शिकारी नृत्य शामिल हैं। ये नृत्य प्रायः विवाह, उत्सव और धार्मिक अवसरों पर किए जाते हैं। लेकिन द्विचक्री नृत्य सहरिया जनजाति का नहीं, बल्कि भील जनजाति का पारंपरिक विवाह नृत्य है, जिसमें युगल घुटनों के बल बैठकर प्रस्तुति देते हैं। इसलिए विकल्प D सही है।
11. मुगल सम्राट शाहजहाँ के समय से ही प्रसिद्ध "नाहर नृत्य" की खेलने की परम्परा कहाँ प्रचलित है?
- (A) माण्डल
- (B) चौमू
- (C) चाकसू
- (D) किशनगढ़
नाहर नृत्य की परंपरा राजस्थान के माण्डल (भीलवाड़ा) क्षेत्र में प्रचलित है। कहा जाता है कि मुगल सम्राट शाहजहाँ के मेवाड़ आगमन पर इस नृत्य की शुरुआत हुई। यह नृत्य मुख्य रूप से होली के समय किया जाता है और इसमें लोक कलाकार विशेष पात्रों का अभिनय कर इतिहास और समाज से जुड़े प्रसंग प्रस्तुत करते हैं। इसकी सांस्कृतिक जड़ें गहरी हैं।
12. ‘बिंदौरी' कहां का प्रमुख लोक नृत्य है?
- (A) किशनगढ़
- (B) जयपुर
- (C) जोधपुर
- (D) झालावाड़
बिंदौरी नृत्य राजस्थान के झालावाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध लोकनृत्य है। इसे विशेष रूप से होली और विवाह अवसरों पर किया जाता है। यह सामूहिक नृत्य है जिसमें ग्रामीण जनजीवन और सामाजिक परंपराओं की झलक मिलती है। राजस्थान के अन्य क्षेत्रों में अलग-अलग नृत्य प्रसिद्ध हैं – किशनगढ़ में चरी नृत्य, जोधपुर में घुड़ला नृत्य, और जयपुर में तमाशा नृत्य।
13. कच्छी घोड़ी' क्या है?
- (A) जनजातीय नृत्य
- (B) धार्मिक नृत्य
- (C) युगल नृत्य
- (D) व्यावसायिक नृत्य
कच्छी घोड़ी नृत्य राजस्थान का प्रसिद्ध व्यावसायिक नृत्य है। इसमें कलाकार नकली घोड़े की पोशाक पहनकर वीर रस से भरपूर अभिनय करते हैं। यह नृत्य शेखावाटी, परबतसर और डीडवाना क्षेत्रों में लोकप्रिय है और मुख्य रूप से विवाह व मेलों पर किया जाता है। इसमें गीतों के साथ व्यंग्य और हास्य भी मिश्रित रहता है।
14. कूद नृत्य किस जनजाति का है?
- (A) सहरिया जनजाति
- (B) गरासिया जनजाति
- (C) कथोड़ी जनजाति
- (D) भील जनजाति
कूद नृत्य गरासिया जनजाति का पारंपरिक नृत्य है। इसमें स्त्री-पुरुष बिना वाद्ययंत्र के पंक्तिबद्ध होकर नृत्य करते हैं और तालियां बजाते हैं। यह नृत्य मेलों और उत्सवों में विशेष रूप से किया जाता है। अन्य विकल्प – सहरिया, कथोड़ी और भील – इसके लिए सही नहीं हैं।
15. गरासिया महिलाओं द्वारा मांदल वाद्ययंत्र के साथ वृताकार घेरे में किया जाने वाला नृत्य कौनसा है?
- (A) वालर नृत्य
- (B) गौर नृत्य
- (C) कूद नृत्य
- (D) मांदल नृत्य
मांदल नृत्य गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है। इसमें महिलाएं मांदल वाद्ययंत्र की थाप पर वृताकार घेरे में खड़ी होकर गीत गाते हुए नृत्य करती हैं। यह नृत्य सामाजिक उत्सवों और विवाह अवसरों पर प्रमुखता से किया जाता है।
16. वह शास्त्रीय नृत्य, जिसका उद्गम स्थल राजस्थान माना जाता है?
- (A) कुचीपुड़ी
- (B) कथक
- (C) कथकली
- (D) भरतनाट्यम
भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में से कथक नृत्य का उद्गम स्थल राजस्थान और उत्तर भारत माना जाता है। इसमें भाव, ताल और पदचाप की सुंदर प्रस्तुति होती है। कथक का संबंध प्राचीन कथा-वाचन परंपरा से है।
17. गरासिया जाति द्वारा बिना किसी वाद्ययंत्र के सिरोही एवं आबू क्षेत्रों में किया जाने वाला धीमी गति का युगल नृत्य कौनसा है?
- (A) गौर
- (B) जवारा
- (C) मोरिया
- (D) वालर
वालर नृत्य सिरोही और आबू क्षेत्र में गरासिया जनजाति द्वारा बिना वाद्ययंत्र के किया जाने वाला धीमी गति का युगल नृत्य है। इसे गरासिया घूमर भी कहा जाता है। यह नृत्य मेलों और सामाजिक अवसरों पर किया जाता है।
18. निम्न कथनों पर विचार करें। नीचे दिए गए कथनों में से सत्य कथन का चयन करें।(i) गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र में होली के अवसर पर किया जाता है।(ii) भवाई नृत्य के प्रवर्तक बाघा जी थे।(iii) गैर नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का लोक नृत्य है।(iv) हरणी नृत्य दीपावली के अवसर पर बच्चों द्वारा किया जाता है।कूट :
- (A) (i), (ii) व (iii)
- (B) (ii) व (iii)
- (C) (i), (ii) व (iv)
- (D) उपर्युक्त सभी
गैर नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का नहीं है, बल्कि यह मेवाड़ और बाड़मेर का प्रसिद्ध नृत्य है। यह नृत्य होली के दूसरे दिन से शुरू होकर लगभग 15 दिनों तक किया जाता है और इसमें पुरुष गोल घेरे में लकड़ी की छड़ियां लेकर नृत्य करते हैं। बाकी कथन – गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी का है, भवाई नृत्य के प्रवर्तक बाघा जी थे और हरणी नृत्य दीपावली पर बच्चों द्वारा किया जाता है – सही हैं।
19. कालबेलियों का सबसे अधिक आकर्षक प्रेम आधारित युगल नृत्य कौन सा है?
- (A) शंकरिया
- (B) बागड़िया
- (C) पणिहारी
- (D) इंडोणी
कालबेलियों का सबसे आकर्षक प्रेम आधारित युगल नृत्य शंकरिया कहलाता है। इसमें स्त्री-पुरुष जोड़े मिलकर प्रेम और श्रृंगार भावनाओं को प्रस्तुत करते हैं। इस नृत्य में लचकदार गतियों और लयबद्ध ताल का विशेष महत्व है। शंकरिया नृत्य कालबेलिया संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है और इसे राजस्थान में विशेष पहचान मिली है।
20. अलवर, डीग व भरतपुर जिलों में फाल्गुन की मस्ती में नगाड़ों के साथ किये जाने वाले नृत्य का नाम क्या है?
- (A) गीदड़ नृत्य
- (B) घूमर नृत्य
- (C) ढोल नृत्य
- (D) बम नृत्य
अलवर, डीग और भरतपुर जिलों में फाल्गुन माह की उमंग में किया जाने वाला प्रमुख नृत्य बम नृत्य है। यह नगाड़ों और ढोल की थाप पर किया जाता है। इस नृत्य में स्थानीय लोग उत्साह और उल्लास के साथ भाग लेते हैं। बम नृत्य राजस्थान की ब्रज संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है।
21. निम्न में से कौन-सा वाद्ययंत्र राजस्थान के तेरहताली नृत्य में प्रयोग में नहीं आता?
- (A) डेरु
- (B) मंजीरा
- (C) तानपुरा
- (D) चौतारा
तेरहताली नृत्य में मुख्य रूप से मंजीरा, तानपुरा और चौतारा जैसे वाद्ययंत्र प्रयोग होते हैं। इसे कामड़ जनजाति की महिलाएं करती हैं। इस नृत्य की खासियत यह है कि नर्तकाएं अपने शरीर से मंजीरे बांधकर ताल के साथ नृत्य करती हैं। लेकिन डेरु वाद्ययंत्र इसमें प्रयोग नहीं किया जाता।
22. निम्नलिखित नृत्यों में से किस नृत्य में केवल स्त्रियाँ भाग लेती हैं?
- (A) कच्छीघोड़ी
- (B) लूम्बर
- (C) मोरिया नृत्य
- (D) गैर नृत्य
लूम्बर नृत्य जालौर क्षेत्र का महिला प्रधान नृत्य है। यह नृत्य विशेष रूप से होली पर किया जाता है और इसमें केवल महिलाएं भाग लेती हैं। इसमें महिलाएं गोल घेरे में खड़ी होकर गीत गाते हुए सुंदर गतियों से नृत्य करती हैं। अन्य नृत्यों जैसे कच्छीघोड़ी और गैर नृत्य पुरुष प्रधान होते हैं, जबकि मोरिया नृत्य सामूहिक रूप से किया जाता है।
23. किस नृत्य के दौरान लसकरिया, बींद, रसाला व रंगमारिया गीत गाये जाते हैं?
- (A) मोहिली नृत्य
- (B) कबूतरी नृत्य
- (C) गर्गीदड़ नृत्य
- (D) कच्छीघोड़ी नृत्य
कच्छी घोड़ी नृत्य के दौरान लसकरिया, बींद, रसाला और रंगमारिया जैसे गीत गाए जाते हैं। यह नृत्य शेखावटी और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय है और विशेष रूप से विवाह अवसर पर प्रस्तुत किया जाता है। पुरुष नकली घोड़े की वेशभूषा में वीर रस से भरपूर नृत्य करते हैं।
24. निम्न में से कौन-सा गरासिया जनजाति से सम्बन्धित नृत्य है?
- (A) घुड़ला नृत्य
- (B) वालर
- (C) गैर नृत्य
- (D) गवरी
वालर नृत्य गरासिया जनजाति से संबंधित है। इसे सिरोही जिले में स्त्री-पुरुष बिना वाद्ययंत्र के गोल घेरे में नृत्य करते हैं। इसे गरासिया घूमरभी कहा जाता है। यह नृत्य मेलों और विवाह अवसर पर किया जाता है। अन्य विकल्प – घुड़ला (जोधपुर), गैर (मेवाड़-बाड़मेर) और गवरी (भील जनजाति) से जुड़े हैं।
25. तेरहताली नृत्य का संबंध किस जाति से है?
- (A) रेबारी
- (B) कामड़
- (C) सरगड़ा
- (D) गुर्जर
तेरहताली नृत्य का संबंध कामड़ जाति से है। इसे मुख्य रूप से महिलाएं करती हैं और लोकदेवता रामदेवजी के मेले व उत्सवों में प्रस्तुत किया जाता है। इस नृत्य की विशेषता यह है कि महिलाएं अपने शरीर से बंधे मंजीरों की ताल पर नृत्य करती हैं। इस नृत्य के प्रमुख कलाकार मांगीबाई, मोहनी, नारायणी और लक्ष्मणदास माने जाते हैं।
26. किस नृत्य को 'भैरव नृत्य' भी कहा जाता है?
- (A) नाहर नृत्य
- (B) गरबा नृत्य
- (C) मयूर नृत्य
- (D) पेजण नृत्य
मयूर नृत्य को भैरव नृत्य भी कहा जाता है। यह नृत्य विशेष रूप से ब्यावर के बादशाह मेले में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें बादशाह की सवारी के आगे बीरबल का पात्र निभाने वाला कलाकार इस नृत्य को करता है। इसकी प्रस्तुति लोक संस्कृति और धार्मिक आस्था दोनों का सुंदर मिश्रण है।
27. हाथीमना नृत्य' किस जनजाति में प्रचलित है?
- (A) गरासिया जनजाति
- (B) सहरिया जनजाति
- (C) कथौड़ी जनजाति
- (D) भील जनजाति
हाथीमना नृत्य भील जनजाति का प्रमुख नृत्य है। यह नृत्य विवाह अवसरों पर किया जाता है। इसमें पुरुष घुटनों के बल बैठकर प्रस्तुति देते हैं। यह नृत्य भीलों की संस्कृति, सरलता और उत्सवप्रियता को दर्शाता है। इसके अलावा भील समुदाय विवाह अवसरों पर द्विचक्री नृत्य भी करते हैं।
28. निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य महिलाओं द्वारा किया जाता है?
- (A) गैर नृत्य
- (B) कच्छी घोड़ी नृत्य
- (C) चंग नृत्य
- (D) चरी नृत्य
चरी नृत्य मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है। इस नृत्य में स्त्रियां सिर पर चरी (कलश) रखकर, उसमें जलती हुई रुई और तेल के साथ सुंदर लयबद्ध गतियों से नृत्य करती हैं। जबकि गैर, कच्छी घोड़ी और चंग नृत्य पुरुष प्रधान हैं। चरी नृत्य राजस्थान की संस्कृति की पहचान है और विशेष अवसरों पर किया जाता है।
29. मांगीबाई, मोहनी, नारायणी व लक्ष्मणदास का संबंध किस लोकनृत्य से है?
- (A) तेरहताली
- (B) गीदड़
- (C) कच्छीघोड़ी
- (D) कालबेलिया
मांगीबाई, मोहनी, नारायणी और लक्ष्मणदास प्रसिद्ध लोक कलाकार हैं जिनका संबंध तेरहताली नृत्य से है। यह नृत्य कामड़ जाति की महिलाएं करती हैं और लोकदेवता रामदेवजी की भक्ति से जुड़ा हुआ है। इसमें महिलाएं अपने अंगों से बंधे मंजीरों के साथ लयबद्ध ताल पर नृत्य करती हैं।
30. निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य जसनाथी संप्रदाय अनुयायियों द्वारा किया जाता है?
- (A) अग्नि नृत्य
- (B) घूमर
- (C) कच्छी घोड़ी
- (D) तेरहताली
अग्नि नृत्य जसनाथी संप्रदाय के अनुयायियों द्वारा किया जाता है। यह नृत्य आग पर नंगे पांव चलकर और आग की लपटों के बीच नृत्य करके प्रस्तुत किया जाता है। यह जसनाथी संप्रदाय की भक्ति, साहस और चमत्कारिक आस्था का प्रतीक है। यह विशेष धार्मिक आयोजनों पर किया जाता है।
31. मुगल सम्राट शाहजहाँ के समय से ही प्रसिद्ध 'नाहर नृत्य' खेलने की परम्परा कहाँ प्रचलित है?
- (A) मेनार (उदयपुर)
- (B) ब्यावर
- (C) माण्डल (भीलवाड़ा)
- (D) शाहपुरा
नाहर नृत्य की परंपरा राजस्थान के माण्डल (भीलवाड़ा) क्षेत्र में प्रचलित है। यह नृत्य शाहजहाँ के मेवाड़ आगमन के समय से प्रसिद्ध हुआ। इसे विशेष रूप से होली के अवसर पर किया जाता है और इसमें ऐतिहासिक प्रसंगों व लोककथाओं की झलक देखने को मिलती है।
32. भीलों के द्वारा विवाह के अवसर पर किया जाने वाला नृत्य क्या कहलाता है?
- (A) हाथीमना नृत्य
- (B) घूमरा नृत्य
- (C) नेजा नृत्य
- (D) सूकर नृत्य
हाथीमना नृत्य भील जनजाति द्वारा विवाह अवसरों पर किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है। इसमें पुरुष घुटनों के बल बैठकर नृत्य करते हैं। इसके अलावा भील समुदाय विवाह अवसरों पर द्विचक्री नृत्य भी करते हैं। ये नृत्य उनकी सामाजिक परंपराओं और उत्सवप्रियता को दर्शाते हैं।
33. फलकूबाई किस नृत्य से संबंधित है?
- (A) अग्नि नृत्य
- (B) तेरहताली नृत्य
- (C) गैर नृत्य
- (D) चरी नृत्य
फलकूबाई का संबंध चरी नृत्य से है। चरी नृत्य मुख्य रूप से किशनगढ़ क्षेत्र में प्रचलित है। यह अब व्यावसायिक स्वरूप भी ले चुका है। इस नृत्य में महिलाएं सिर पर जलते दीपक वाला कलश रखकर सुंदर लयबद्ध गतियों में नृत्य करती हैं।
34. निम्नलिखित में से कौनसा नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का नृत्य नहीं है?
- (A) गीदड़
- (B) कच्छी घोड़ी
- (C) चंग
- (D) बम नृत्य
बम नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का नहीं बल्कि मुख्यतः भरतपुर क्षेत्र का नृत्य है। इसमें वादक खड़े होकर एक बड़े नगाड़े (बम) को दोनों हाथों में मोटे डंडों से बजाते हैं और सामूहिक नृत्य किया जाता है। जबकि गीदड़, कच्छी घोड़ी और चंग नृत्य शेखावाटी क्षेत्र से संबंधित हैं।
35. निम्नांकित जातियों/जनजातियों/पंथों व उनके नृत्यों के सही युग्म कौनसे हैं?नृत्य – जाति/जनजाति/पंथ(1) गैर नृत्य – भील जाति(2) मछली नृत्य – बणजारा जाति(3) शंकरिया नृत्य – कालबेलिया जाति(4) अग्नि नृत्य – जसनाथी सम्प्रदाय
- (A) Thu Jan 02 2003 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (B) Sat Jan 03 2004 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (C) Tue Feb 03 2004 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (D) 1, 2, 3, 4
सभी युग्म सही हैं – गैर नृत्य भील जाति का, मछली नृत्य बणजारा जाति का, शंकरिया नृत्य कालबेलिया जाति का और अग्नि नृत्य जसनाथी सम्प्रदाय के अनुयायियों द्वारा किया जाता है। ये सभी नृत्य राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता और अलग-अलग समुदायों की परंपराओं को दर्शाते हैं।
36. किस नृत्य में महिलाओं द्वारा अपने सिर पर एक छिद्रित मटके में जलता दीपक रखकर नृत्य किया जाता है?
- (A) अग्नि नृत्य
- (B) घुड़ला
- (C) कच्छी घोड़ी
- (D) तेरहताली
घुड़ला नृत्य राजस्थान के जोधपुर क्षेत्र का स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है। इसमें महिलाएं सुंदर श्रृंगार कर सिर पर छिद्रित मटके रखती हैं जिनमें जलते हुए दीपक होते हैं। फिर वे गोल घेरे में नृत्य करती हैं। यह नृत्य तीज-त्योहारों और विशेष अवसरों पर प्रस्तुत किया जाता है।
37. निम्न में से कौनसा लोक नृत्य होली पर नहीं किया जाता?
- (A) नेजा
- (B) चंग
- (C) पेजण
- (D) गैर
पेजण नृत्य होली पर नहीं किया जाता, बल्कि यह मुख्यतः वागड़ क्षेत्र में दीपावली के अवसर पर होता है। इसमें पुरुष कलाकार महिला की वेशभूषा धारण कर नृत्य करते हैं। जबकि नेजा, चंग और गैर नृत्य सभी होली से जुड़े हुए हैं और पुरुष प्रधान नृत्य हैं।
38. खारी नृत्य' का संबंध किस क्षेत्र से है?
- (A) मारवाड़
- (B) मेवात
- (C) बागड़
- (D) शेखावाटी
खारी नृत्य मेवात क्षेत्र का लोकप्रिय वैवाहिक नृत्य है। यह नृत्य दुल्हन की विदाई पर उसकी सखियों द्वारा किया जाता है। इसमें वे खारी (पारंपरिक पात्र) को सिर पर रखकर गीत गाती हैं और नृत्य करती हैं। यह नृत्य विदाई की भावनाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाता है।
39. घुड़ला नामक नृत्य राजस्थान के किस शहर में लोकप्रिय है?
- (A) अजमेर
- (B) सीकर
- (C) उदयपुर
- (D) जोधपुर
घुड़ला नृत्य राजस्थान के जोधपुर शहर का स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है। इस नृत्य में महिलाएं सिर पर छिद्रित मटके रखती हैं जिनमें दीपक जलता होता है। वे तोलियों में गोल घेरे में नृत्य करती हैं। इसे पूरी तरह स्त्री प्रधान नृत्य माना जाता है।
40. नृत्य शैली, जो गरासिया जनजाति से सम्बन्धित नहीं है?
- (A) वालर
- (B) मांदल
- (C) गवरी
- (D) लूर
गवरी नृत्य गरासिया जनजाति से संबंधित नहीं है। यह मुख्यतः भील जनजाति का पारंपरिक लोकनाट्य है। गरासिया जनजाति के प्रमुख नृत्यों में वालर, मांदल और लूर शामिल हैं। गवरी नृत्य धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भीलों की पहचान है।
41. गरासिया जनजाति से संबंधित नृत्य शैली है?
- (A) लूर
- (B) सूकर
- (C) बलेदी
- (D) मछली
लूर नृत्य गरासिया जनजाति से संबंधित है। यह घूमर नृत्य का एक रूप है और मुख्य रूप से मेले व विवाह अवसरों पर स्त्रियों द्वारा किया जाता है। अन्य नृत्य – सूकर नृत्य भील जनजाति का, मछली नृत्य बणजारा जाति का और बलेदी नृत्य गुर्जर जाति का है।
42. निम्न में से कौन सा नृत्य पुरुषों द्वारा नहीं किया जाता है?
- (A) ढोल
- (B) अग्नि
- (C) लूर
- (D) गैर
लूर नृत्य केवल गरासिया महिलाओं द्वारा किया जाता है। यह घूमर का ही एक रूप है जिसे मेलों और विवाह अवसरों पर किया जाता है। जबकि ढोल नृत्य, अग्नि नृत्य और गैर नृत्य सभी पुरुष प्रधान नृत्य हैं।
43. गीदड़ नृत्य किस अवसर पर किया जाता है?
- (A) होली
- (B) दीपावली
- (C) गणगौर
- (D) विवाह
गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र का नृत्य है जो विशेष रूप से होली के अवसर पर किया जाता है। यह प्रहलाद की स्थापना और डंडा रोपण से लेकर होली दहन तक चलता है। इसे केवल पुरुष कलाकार प्रस्तुत करते हैं और इसमें ढोल-चंग जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है।
44. राजस्थान के किस शहर से प्रसिद्ध ढोल नृत्य का प्रारम्भ हुआ?
- (A) किशनगढ़
- (B) जालौर
- (C) भरतपुर
- (D) जैसलमेर
ढोल नृत्य का प्रारंभ जालौर जिले से हुआ। यह नृत्य सरगड़ा, ढोली, माली और भील जातियों के पुरुषों द्वारा विवाह अवसर पर किया जाता है। इस नृत्य में ढोल की थाप पर जोश और ऊर्जा के साथ प्रदर्शन होता है। इस नृत्य को लोकप्रिय बनाने का श्रेय जयनारायण व्यास को जाता है।
45. राजस्थान का शंकरिया नृत्य किससे संबंधित है?
- (A) कालबेलिया
- (B) भील
- (C) सहरिया
- (D) तेरहताली
शंकरिया नृत्य कालबेलिया जाति का सबसे आकर्षक नृत्य है। यह नृत्य एक युगल नृत्य है जो प्रेमकथा पर आधारित होता है। इसमें स्त्री और पुरुष दोनों कलाकार अपने हावभाव और लयबद्ध गतियों के माध्यम से कथा को प्रस्तुत करते हैं। यह कालबेलिया समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
46. गैर' नृत्य के समय पैरों में बांधी जाने वाली घुंघरूओं की पट्टी को क्या कहा जाता है?
- (A) रामझोल
- (B) रबाब
- (C) चंगु
- (D) मादल
गैर नृत्य के समय कलाकार अपने पैरों में रामझोल नामक घुंघरुओं की पट्टी बांधते हैं। इससे उनके कदमों की ताल व लय स्पष्ट सुनाई देती है। यह पट्टी नृत्य में तालमेल और आकर्षण बढ़ाती है और गैर नृत्य की ऊर्जा को और अधिक प्रभावशाली बनाती है।
47. लोकनृत्य 'अग्नि' सम्बन्धित है?
- (A) गरासिया जनजाति से
- (B) कामड़ सम्प्रदाय से
- (C) जसनाथी सम्प्रदाय से
- (D) भील जनजाति से
अग्नि नृत्य का संबंध जसनाथी सम्प्रदाय से है। इसमें सिद्ध जाट नगाड़ों की ताल पर नृत्य करते हैं। इस नृत्य की विशेषता यह है कि इसमें कलाकार जलती हुई आग पर नंगे पैर नृत्य करते हैं। यह नृत्य साहस, आस्था और भक्ति का अद्वितीय संगम है और धार्मिक आयोजनों में विशेष रूप से किया जाता है।
48. तारा शर्मा निम्न में से किस नृत्य की प्रसिद्ध कलाकार हैं?
- (A) भवाई
- (B) तेरहताली
- (C) कच्छी घोड़ी
- (D) गैर
तारा शर्मा राजस्थान की प्रसिद्ध भवाई नृत्य कलाकार हैं। इस नृत्य में महिलाएँ अपने सिर पर कई घड़े रखकर नृत्य करती हैं और अद्भुत संतुलन तथा लचीलेपन का प्रदर्शन करती हैं। भवाई नृत्य की अन्य प्रसिद्ध कलाकारों में कृष्णा व्यास छांगाणी, रूपसिंह, दयाराम और अस्मिता काला शामिल हैं।
49. तेरहताली नृत्य किस लोक देवता की आराधना में किया जाता है?
- (A) रामदेवजी
- (B) तेजाजी
- (C) देवनारायण जी
- (D) पाबूजी
तेरहताली नृत्य लोकदेवता रामदेवजी की आराधना में किया जाता है। यह नृत्य कामड़ जाति की महिलाएं करती हैं। इसमें वे अपने शरीर पर बंधे मंजीरों की ताल के साथ गीत गाकर नृत्य करती हैं। यह नृत्य मुख्यतः रामदेवरा मेले और अन्य उत्सवों में प्रस्तुत किया जाता है।
50. दक्षिण राजस्थान की भील जनजाति का प्रमुख नृत्य नाट्य कौन सा है?
- (A) लाठी
- (B) गवरी
- (C) चरवा
- (D) वालर
दक्षिण राजस्थान की भील जनजाति का प्रमुख नृत्य नाट्य गवरी है। यह एक धार्मिक और सांस्कृतिक नाट्य रूप है जिसमें भगवान शिव-पार्वती के प्रतीकात्मक पात्र और अन्य देवी-देवताओं का मंचन होता है। इसे लोकनाट्य का मेरू नाट्य भी कहा जाता है।
51. किस लोकनृत्य में नगाड़ा, डफ व चंग वाद्य यंत्रों का प्रयोग किया जाता है?
- (A) गर्गीदड़ नृत्य
- (B) कच्छीघोड़ी नृत्य
- (C) कूद नृत्य
- (D) वालर नृत्य
गर्गीदड़ नृत्य शेखावाटी क्षेत्र में होली के अवसर पर किया जाने वाला प्रमुख नृत्य है। यह नृत्य केवल पुरुष करते हैं। इसमें नगाड़ा, डफ और चंग वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है। पुरुष दोनों हाथों में डंडे लेकर ताल मिलाते हुए नृत्य करते हैं। यह उत्सवधर्मी और ऊर्जावान नृत्य है।
52. मेव जाति का वह लोक नृत्य, जिसमें स्त्री व पुरुष दोनों भाग लेते हैं?
- (A) रतवई नृत्य
- (B) कबूतरी नृत्य
- (C) बम नृत्य
- (D) रणबाजा नृत्य
रणबाजा नृत्य मेव जाति का प्रमुख नृत्य है जिसमें स्त्रियां और पुरुष दोनों भाग लेते हैं। यह नृत्य उत्सव और धार्मिक अवसरों पर किया जाता है। रणबाजा नृत्य में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और समूह में गाए गए गीतों के साथ सामूहिक नृत्य किया जाता है।
53. भील जाति द्वारा किया जाने वाला 'खेल नृत्य' कौन सा है?
- (A) शिकार नृत्य
- (B) युद्ध नृत्य
- (C) नेजा नृत्य
- (D) घूमरा नृत्य
नेजा नृत्य भील जाति द्वारा किया जाने वाला खेल नृत्य है। इसमें पुरुष कलाकार नेजा (भाला) लेकर अद्भुत कौशल और करतब दिखाते हैं। यह नृत्य शक्ति, वीरता और साहस का प्रतीक माना जाता है और विशेष अवसरों पर प्रस्तुत किया जाता है।
54. अलवर, डीग व भरतपुर क्षेत्र का वह नृत्य, जिसमें लगभग ढाई-तीन फुट ऊँचे नगाड़े वाद्ययंत्र के साथ पुरुषों द्वारा किया जाता है?
- (A) ढोल नृत्य
- (B) बिन्दौरी नृत्य
- (C) कूद नृत्य
- (D) बम नृत्य
बम नृत्य अलवर, डीग और भरतपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है। इसमें लगभग ढाई से तीन फुट ऊँचे नगाड़े को दोनों हाथों में डंडों से बजाया जाता है। यह नृत्य फाल्गुन माह की मस्ती और ब्रज संस्कृति की झलक दिखाता है।
55. कौनसा नृत्य केवल गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है?
- (A) कूद नृत्य
- (B) मोरिया नृत्य
- (C) लूर नृत्य
- (D) द्विचक्री
लूर नृत्य केवल गरासिया जनजाति की महिलाओं द्वारा किया जाता है। यह घूमर का एक रूप है। इसे मेलों और शादियों में किया जाता है। बाकी नृत्य – कूद (गरासिया स्त्री-पुरुष), मोरिया (सामूहिक), और द्विचक्री (भील जनजाति) में पुरुष भी शामिल होते हैं।
56. द्विचक्री नृत्य के बारे में सही कथन है?
- (A) विवाह के अवसर पर भील पुरुषों एवं महिलाओं द्वारा दो वृत बनाकर किया जाने वाला नृत्य।
- (B) गरासिया महिलाओं द्वारा मांदल यंत्र के साथ किया जाने वाला नृत्य।
- (C) कालबेलिया महिलाओं द्वारा भीख मांगने के समय किया जाने वाला नृत्य।
- (D) भीलों द्वारा विवाह के अवसर पर घुटनों के बल चलकर किया जाने वाला नृत्य।
द्विचक्री नृत्य भील जनजाति का नृत्य है। यह विवाह अवसरों पर किया जाता है। इसमें पुरुष और महिलाएं दो घेरे बनाकर लयबद्ध ढंग से नृत्य करते हैं। यह नृत्य भीलों की सामूहिकता और उत्सवप्रियता को दर्शाता है।
57. किस लोकदेवता के भक्तों द्वारा मांदल नृत्य किया जाता है?
- (A) गमदेव जी
- (B) गागाजी
- (C) पाबूजी
- (D) तेजाजी
मांदल नृत्य गागाजी के भक्तों द्वारा किया जाता है। इस नृत्य में मांदल वाद्ययंत्र की थाप पर भक्त गीत गाते और नृत्य करते हैं। यह विशेष रूप से गागाजी के मेलों और धार्मिक अवसरों पर किया जाता है।
58. बाँसवाड़ा क्षेत्र का कौनसा लोकनृत्य विवाह के अवसर पर किया जाने वाला सामूहिक नृत्य है?
- (A) पालीनाच नृत्य
- (B) पजण नृत्य
- (C) नाहर नृत्य
- (D) मयूर नृत्य
पालीनाच नृत्य बाँसवाड़ा क्षेत्र का प्रसिद्ध सामूहिक नृत्य है। यह मुख्य रूप से विवाह अवसरों पर किया जाता है। इसमें स्त्री-पुरुष सामूहिक रूप से गोल घेरे में खड़े होकर गीतों और वाद्ययंत्रों की ताल पर नृत्य करते हैं। यह भीलों की उत्सवप्रियता और सामाजिक जीवन का प्रतीक है।
59. तेरहताली, गींदड़ व कच्छी घोड़ी क्या है?
- (A) राजस्थान के लोकगीत
- (B) राजस्थान की संगीतजीवी जातियाँ
- (C) राजस्थान की संगीत गायन शैलियाँ
- (D) राज्य की नृत्य विधाएँ
तेरहताली, गींदड़ और कच्छी घोड़ी सभी राजस्थान की नृत्य विधाएँ हैं। तेरहताली कामड़ जाति की महिलाओं का भक्ति नृत्य है, गींदड़ शेखावाटी का पुरुष प्रधान नृत्य है और कच्छी घोड़ी शेखावाटी क्षेत्र का व्यावसायिक नृत्य है।
60. घूमर लोक नृत्य को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए राजस्थान में 'गणगौर घूमर नृत्य अकादमी' कब स्थापित की गई?
- (A) 1981 में
- (B) 1986 में
- (C) 1968 में
- (D) 1976 में
गणगौर घूमर नृत्य अकादमी की स्थापना 1986 में की गई थी। इसे गोवर्धन कुमारी (किशनगढ़, अजमेर) ने शुरू किया था। इस अकादमी का संचालन मुंबई से होता है। गोवर्धन कुमारी को घूमर नृत्य को संरक्षित करने और लोकप्रिय बनाने के लिए 2007 में पद्मश्री पुरस्कार भी मिला।
61. दक्षिण राजस्थान की भील जनजाति का कौन सा नृत्य नाट्य रूप में किया जाता है?
- (A) गवरी
- (B) गरबा
- (C) घूमर
- (D) गैर
गवरी नृत्य राजस्थान का सबसे प्राचीन लोक नाट्य है। इसे भील जनजाति द्वारा सावन और भाद्रपद महीनों में लगभग 40 दिनों तक किया जाता है। इसमें पौराणिक व लोक कथाओं को पात्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। प्रमुख पात्रों में गोमा मीणा, कालू कीर, कानगूजरी और नाहर भील शामिल होते हैं।
62. मंजीरा, तानपुरा और चौतारा वाद्ययंत्रों का प्रयोग किस नृत्य में किया जाता है?
- (A) गवरी नृत्य
- (B) तेरहताली नृत्य
- (C) वालर नृत्य
- (D) घूमर नृत्य
तेरहताली नृत्य में मंजीरा, तानपुरा, चौतारा, थाली और खड़ताल जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है। यह नृत्य कामड़ जाति की महिलाएँबैठकर करती हैं और इसमें कुल 13 मंजीरे प्रयोग में लाए जाते हैं। यह नृत्य भक्ति और लयात्मकता का अद्वितीय उदाहरण है।
63. मेवाड़ क्षेत्र में प्रसिद्ध 'गैर' लोक नृत्य किस अवसर पर किया जाता है?
- (A) बच्चे का जन्म
- (B) होली
- (C) विवाह
- (D) मानसून
गैर नृत्य मेवाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है, जिसे विशेष रूप से फाल्गुन माह में होली के अवसर पर किया जाता है। यह एक पुरुष प्रधान नृत्य है जिसमें कलाकार ढोल, मादल और बांकिया जैसे वाद्ययंत्रों की ताल पर गोल घेरे में नृत्य करते हैं। यह नृत्य सामूहिक उत्सव और उल्लास का प्रतीक है।
64. गेर' नृत्य राजस्थान के किस क्षेत्र में प्रचलित है?
- (A) शेखावटी
- (B) आदिवासी
- (C) डाँग
- (D) मेवात
गेर नृत्य राजस्थान के मेवाड़ और बाड़मेर क्षेत्र का प्रमुख नृत्य है। यह मुख्यतः आदिवासी समुदाय का नृत्य है और इसे पुरुष प्रधान नृत्य माना जाता है। इसमें पुरुष ढोल, मांदल, बांकिया और थाली जैसे वाद्ययंत्रों के साथ गोल घेरे में नृत्य करते हैं। कलाकार लकड़ी (खांगा) का प्रयोग करते हैं और गेर करने वाले गेरिये कहलाते हैं।
65. राजस्थान के अधिकतर भागों में मांगलिक अवसरों पर विशेषकर गणगौर पर्व पर महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य है-
- (A) घूमर नृत्य
- (B) गींदड़ नृत्य
- (C) डाँडिया नृत्य
- (D) ढोल नृत्य
घूमर नृत्य राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध महिला प्रधान नृत्य है। इसे राज्य का सिरमौर नृत्य भी कहा जाता है। यह विशेषकर गणगौर पर्व और मांगलिक अवसरों पर किया जाता है। इसमें महिलाएँ ढोल, नगाड़ा और शहनाई की धुन पर गोल घेरे में घूमते हुए नृत्य करती हैं। इसकी चाल सवाई-आठवें कहरवे पर आधारित होती है।
66. राजस्थान का कौनसा लोक नृत्य केवल महिलाओं द्वारा किया जाता है?
- (A) नृत्य
- (B) गैर नृत्य
- (C) ढोल नृत्य
- (D) घूमर नृत्य
घूमर नृत्य राजस्थान का प्रमुख और केवल महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य है। इसे राज्य नृत्य भी कहा जाता है। यह विशेषकर गणगौर पर्व पर किया जाता है। इसमें महिलाएँ ढोल, नगाड़ा और शहनाई की धुन पर गोल घेरे में नृत्य करती हैं। घूमर के तीन प्रकार हैं – घूमरिया (बालिकाओं द्वारा), घूमर (साधारण स्त्रियों द्वारा) और लूर (गरासिया स्त्रियों द्वारा)।
67. निम्नलिखित में से कौनसा (लोकनृत्य-क्षेत्र) सुमेलित नहीं है?
- (A) बम - भरतपुर
- (B) गीदड़ - शेखावटी
- (C) गैर - मेवात
- (D) ढोल - जालौर
गैर नृत्य मेवाड़ और बाड़मेर क्षेत्र का प्रमुख लोकनृत्य है, न कि मेवात का। यह एक पुरुष प्रधान नृत्य है जिसमें थाली और ढोल जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग किया जाता है। होली के अवसर पर पुरुष गोल घेरे में नृत्य करते हैं। गेर करने वाले गेरिये कहलाते हैं।
68. किस त्यौहार पर घूमर नृत्य का आयोजन होता है?
- (A) दशहरा
- (B) गणगौर
- (C) तीज
- (D) दीपावली
घूमर नृत्य राजस्थान का राज्य नृत्य है और इसे विशेष रूप से गणगौर पर्व पर किया जाता है। यह नृत्य शुभ अवसरों और मांगलिक कार्यों में भी किया जाता है। इसमें महिलाएँ ढोल, नगाड़ा और शहनाई जैसे वाद्ययंत्रों की धुन पर गोल घेरे में घूमती हैं। घूमर के तीन प्रकार हैं – घूमरिया, घूमर और लूर।
69. राजस्थान के लोक नृत्यों का सरमौर है?
- (A) अग्नि नृत्य
- (B) घूमर नृत्य
- (C) गैर नृत्य
- (D) बम नृत्य
घूमर नृत्य राजस्थान के लोक नृत्यों का सिरमौर माना जाता है। इसे राज्य नृत्य का दर्जा प्राप्त है। यह महिलाओं द्वारा किया जाने वाला अत्यंत लोकप्रिय नृत्य है। मांगलिक अवसरों और पर्वों, विशेषकर गणगौर पर इसे किया जाता है। इसमें गोल घेरे में घूमकर नृत्य किया जाता है।
70. फलकू बाई किस नृत्य की नृत्यांगना है?
- (A) चरी नृत्य
- (B) कच्छी घोड़ी
- (C) घूमर नृत्य
- (D) रसिया नृत्य
फलकू बाई प्रसिद्ध चरी नृत्य की नृत्यांगना हैं। चरी नृत्य मुख्यतः किशनगढ़ (अजमेर) में प्रचलित है। इसमें महिलाएँ सिर पर कलश रखकर नृत्य करती हैं। यह नृत्य अब व्यावसायिक रूप भी ले चुका है। इसकी अन्य प्रमुख नृत्यांगनाएँ कुमारी सुनीता रावत और श्री मोहन गौड़ हैं।
71. चरी लोकनृत्य मुख्य रूप से राजस्थान के किस जिले में किया जाता है?
- (A) अजमेर
- (B) अलवर
- (C) जयपुर
- (D) जोधपुर
चरी नृत्य मुख्यतः किशनगढ़ (अजमेर) जिले में किया जाता है। इसमें महिलाएँ सिर पर कलश (7 चरियाँ) रखकर उनमें कपास के बीज और तेल डालकर आग जलाती हैं और फिर नृत्य करती हैं। इस नृत्य की प्रसिद्ध कलाकारों में फलकू बाई, श्री मोहन गौड़ और कुमारी सुनीता रावत शामिल हैं। यह नृत्य अब व्यावसायिक स्वरूप भी ले चुका है।
72. निम्नलिखित में से कौन सा लोक नृत्य गुर्जर समुदाय से संबंधित है?
- (A) आग नृत्य
- (B) तेरह ताली
- (C) गेर
- (D) चरी
चरी नृत्य राजस्थान के गुर्जर समुदाय से संबंधित है। यह किशनगढ़ (अजमेर) क्षेत्र का प्रसिद्ध नृत्य है। इसमें महिलाएँ सिर पर कलश रखकर संतुलन बनाते हुए नृत्य करती हैं। कलश में कपास के बीज व तेल डालकर आग जलाई जाती है। यह नृत्य अब व्यावसायिक स्वरूप भी ले चुका है।
73. निम्नलिखित में से प्रख्यात 'चरी नृत्यांगना' कौन है?
- (A) मांगी बाई
- (B) फलकू बाई
- (C) गुलाबो
- (D) तीजन बाई
चरी नृत्य गुर्जर जाति की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला नृत्य है। इसमें ढोल, थाली और बाकिया जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है। इस नृत्य की प्रमुख नृत्यांगनाएँ फलकू बाई, सुनीता रावत और श्री मोहन गौड़ हैं। यह नृत्य विशेषकर किशनगढ़ (अजमेर) क्षेत्र में प्रसिद्ध है, जहाँ महिलाएँ सिर पर कलश रखकर उसमें आग जलाकर संतुलन बनाते हुए नृत्य करती हैं।
74. तेरहताली नृत्य' किस लोकदेवता को समर्पित है?
- (A) गोगाजी
- (B) रामदेव जी
- (C) पाबूजी
- (D) देवनारायण जी
तेरहताली नृत्य एक धार्मिक नृत्य है जिसे बाबा रामदेव जी को समर्पित किया जाता है। इसका उद्भव पाली जिले के पादरला गाँव से हुआ था। यह कामड़ जाति की महिलाओं द्वारा बैठकर किया जाने वाला एकमात्र नृत्य है। इसमें 13 मंजीरों का प्रयोग होता है, जिनमें से 9 पैरों में, 2 कोहनियों पर और 2 हाथों में बांधे जाते हैं। यह नृत्य मुख्यतः रामदेवरा मेले में प्रस्तुत किया जाता है।
75. तेरहताली नृत्य किया जाता है?
- (A) रामदेवजी के मेले पर
- (B) तेजाजी के मेले पर
- (C) पाबूजी के मेले पर
- (D) भैरूजी के मेले पर
तेरहताली नृत्य मुख्यतः रामदेवजी के मेले में किया जाता है। यह कामड़ जाति की महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किया जाने वाला नृत्य है। इसे बैठकर किया जाता है और इसमें मांगीबाई, मोहनी, नारायणी व लक्ष्मणदास जैसे प्रमुख कलाकारों ने ख्याति प्राप्त की है। इसमें तानपुरा, चौतारा और मंजीरा जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है।
76. मांगीबाई एवं लक्ष्मणदास कामड़ किस नृत्य के प्रमुख नृत्यकार हैं?
- (A) भवाई नृत्य
- (B) वालर नृत्य
- (C) कच्छी घोड़ी
- (D) तेरहताली नृत्य
तेरहताली नृत्य के प्रमुख कलाकारों में मांगीबाई और लक्ष्मणदास कामड़ का नाम लिया जाता है। इनके अलावा मोहनी और नारायणी भी इस नृत्य की प्रमुख नृत्यांगनाएँ रही हैं। यह नृत्य मुख्यतः रामदेवजी की आराधना हेतु किया जाता है और इसमें तानपुरा, चौतारा व मंजीरा जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है।
77. किस लोक नृत्य में डफली, धुरालियों, खंजरी और पुंगी वाद्य का प्रयोग किया जाता है?
- (A) गैर
- (B) कालबेलिया
- (C) कच्छी घोड़ी
- (D) अग्नि नृत्य
कालबेलिया नृत्य राजस्थान की कालबेलिया जनजाति द्वारा किया जाने वाला नृत्य है। यह एक भावमय और उत्सव प्रधान नृत्य है। इसमें डफली, पुंगी, खंजरी और धुरालियों जैसे वाद्ययंत्रों का प्रयोग होता है। यह नृत्य नायक-नायिका की प्रेम कथाओं पर आधारित होता है। इसे कालबेलिया पुरुष और महिलाएँ दोनों प्रस्तुत करते हैं और यह नृत्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रसिद्ध है।
78. निम्न में से कौन-सा नृत्य राजस्थान के कालबेलियों का नहीं है?
- (A) शंकरिया
- (B) चरी
- (C) पणिहारी
- (D) इंडोणी
चरी नृत्य कालबेलियों का नृत्य नहीं है, बल्कि यह गुर्जर जाति की महिलाओं का प्रमुख नृत्य है। कालबेलिया जाति के प्रमुख नृत्य कालबेलिया, शंकरिया, पणिहारी, बागड़िया, इंडोणी और चकरी हैं। इस नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने में गुलाबो देवी का बड़ा योगदान है, जिन्हें 2016 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
79. गुलाबो सपेरा किस क्षेत्र हेतु प्रसिद्ध है?
- (A) खेल
- (B) लोक गायन
- (C) लोक नृत्य
- (D) मुखिया
गुलाबो सपेरा राजस्थान की विश्वप्रसिद्ध लोक नृत्यांगना हैं। इनका जन्म 1960 में हुआ और इन्हें 2016 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इन्होंने विशेष रूप से कालबेलिया नृत्य को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई। फ्रांस के लेखकों थियरी रॉबिन और वेरोनिक गुइलियन ने उन पर Danseuse Gitane Du Rajasthan नामक पुस्तक भी लिखी।
80. निम्न में से कौन सा नृत्य कालबेलिया जाति से सम्बन्धित है?
- (A) अग्नि नृत्य
- (B) इंडोनी नृत्य
- (C) गवरी नृत्य
- (D) कालबेलिया नृत्य
कालबेलिया नृत्य राजस्थान की कालबेलिया जाति का सबसे प्रमुख नृत्य है। यह नृत्य साँप की चाल की तरह लचकदार और आकर्षक होता है। इसे पुरुष और महिलाएँ दोनों प्रस्तुत करते हैं। यह नृत्य राजस्थान की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है और इसे UNESCO ने भी मान्यता दी है।
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Mukesh Khunga
Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...








