राजस्थान के लोकगीत MCQ | Important Questions with Answers
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
राजस्थान के लोकगीत से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
MCQ
प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें कामण, तेजा गीत, पपैयो, झोरावा, लहंगी, आल्हा आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न
RPSC,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
शामिल हैं।
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
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1. किसानों का प्रेरक गीत, जो खेती आरम्भ करते समय गाया जाता है?
A
कामण
B
तेजा गीत
C
पपैयो
D
झोरावा
📖 व्याख्या
तेजा गीत किसानों का प्रमुख प्रेरक गीत है। इसे विशेष रूप से खेती की शुरुआत के समय गाया जाता है। इसमें तेजाजी महाराज की स्तुति और आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है ताकि अच्छी फसल हो। यह गीत किसानों में उत्साह और आत्मविश्वास जगाने का कार्य करता है।
2. इंडोनी लोक गीत गाया जाता है-
A
पति की मृत्यु पर पत्नी द्वारा
B
विवाह समारोह के दौरान
C
महिलाओं द्वारा कुएं से पानी लेने जाते समय
D
बेटे के जन्म के समय महिलाओं द्वारा
📖 व्याख्या
इंडोणी लोकगीत राजस्थान की लोकसंस्कृति में विशेष स्थान रखते हैं। यह गीत प्रायः महिलाओं द्वारा कुएं से पानी लेने जाते समय गाए जाते हैं। इसमें आनंद और सामूहिकता की भावना झलकती है। इंडोणी केवल एक लोकगीत ही नहीं बल्कि कालबेलिया जाति का युगल नृत्य भी है, जो पूंगी और खंजरी जैसे वाद्ययंत्रों के साथ किया जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि यह लोकगीत राजस्थान की स्त्रियों की दैनिक जीवन की भावनाओं को दर्शाता है।
3. झोरावा' लोक गीत संबंध है-
A
उदयपुर में
B
जैसलमेर में
C
बीकानेर में
D
बाड़मेर में
📖 व्याख्या
झोरावा लोकगीत मुख्यतः जैसलमेर क्षेत्र से जुड़ा है। यह गीत पत्नी द्वारा पति के वियोग में गाया जाता है और इसे विरह गीत की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें स्त्री अपने मन की व्यथा और भावनाओं को संगीत के माध्यम से व्यक्त करती है। ऐसे गीत राजस्थान के मरुस्थलीय जीवन की कठिनाइयों और गहरे रिश्तों की संवेदनशीलता को प्रकट करते हैं।
4. अल्ला- जिलाई- बाई की पहचान किस क्षेत्र में रही?
A
लंगा गायन
B
मांड गायन
C
हवेली गायन
D
मांगणियार लोक गीत
📖 व्याख्या
अल्ला जिलाई बाई को राजस्थान की मरू कोकिला कहा जाता है। उनकी पहचान मुख्यतः मांड गायन से रही, जो बीकानेर रियासत का प्रसिद्ध गायन रूप है। वे राजस्थान की राजगायिका रहीं और उनका गाया हुआ केसरिया बालम गीत आज भी लोकमानस में गूंजता है। उनकी स्मृति में आज भी अखिल भारतीय मांड गायन समारोह आयोजित किया जाता है। उनके गीत – बाईसा रा बीरा, काली-काली काजलिये री रेख आदि प्रसिद्ध हैं।
5. निम्न में से कौनसा गीत सहरिया जनजाति का नहीं है?
A
लहंगी
B
आल्हा
C
झूलरिया
D
हीडा
📖 व्याख्या
झूलरिया गीत सहरिया जनजाति का गीत नहीं है। यह प्रायः मायरा या भात भरते समय गाया जाता है और इसका संबंध अन्य समुदायों से है। जबकि लहंगी, आल्हा और हीडा सहरिया जनजाति के पारंपरिक गीत माने जाते हैं। यह भेद बताता है कि राजस्थान की हर जनजाति की अपनी अलग सांस्कृतिक धारा है।
6. निम्न में से असत्य कथन है?
A
मरूस्थलीय लोकगीत ऊँचें स्वरों व लम्बी धुन वाले होते हैं।
B
पर्वतीय लोकगीतों की धुन सरल, संक्षिप्त व कम स्वर वाली होती हैं।
C
मैदानी क्षेत्रों के लोकगीतों में भक्ति व श्रृंगार रस की प्रधानता रहती है।
D
उपर्युक्त सभी सत्य है।
📖 व्याख्या
यहां असत्य कथन विकल्प D है। राजस्थान के मरूस्थलीय लोकगीत वास्तव में ऊँचे स्वरों और लम्बी धुनों वाले होते हैं। पर्वतीय लोकगीत अपेक्षाकृत सरल और संक्षिप्त धुनों में गाए जाते हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों के लोकगीतों में प्रायः भक्ति और श्रृंगार रस की प्रधानता होती है। अतः विकल्प D असत्य सिद्ध होता है क्योंकि सभी कथन सत्य नहीं हैं।
A
विरहणी नायिका द्वारा प्रियतम के आने का शगुन गीत
B
मेवाड़ क्षेत्र का धार्मिक गीत
C
कौए की प्रशंसा का गीत
D
महिला के बालों के श्रृंगार का वर्णन
📖 व्याख्या
कागा गीत विरहिणी नायिका द्वारा गाया जाने वाला गीत है। इसमें नायिका प्रियतम के आने का शगुन मानकर कौए को संदेशवाहक मानती है। यह गीत विरह और आशा की भावना को दर्शाता है। ऐसे गीत राजस्थान की लोकसंस्कृति में प्रेम और प्रतीक्षा के अनोखे रूप को अभिव्यक्त करते हैं।
A
एक राजस्थानी लोकगीत
B
वृद्ध की मृत्यु पर किया जाने वाला संस्कार
C
घना अभयारण्य में पाया जाने वाला एक पक्षी
D
गरासियों की एक प्रथा
📖 व्याख्या
कुकड़लू एक राजस्थानी लोकगीत है। यह प्रायः शादी के अवसर पर गाया जाता है, जब दूल्हा तोरण पर आता है। वधू पक्ष की महिलाएं हर्ष और उमंग के साथ यह गीत गाती हैं। इससे विवाह समारोह का माहौल और भी उल्लासपूर्ण हो जाता है। यह परंपरा राजस्थान की लोक संस्कृति की जीवंतता को दर्शाती है।
9. निम्न में से कौनसा गीत विवाह से सम्बन्धित नहीं है?
A
जलो जलाल
B
पीठी
C
बन्ना बन्नी
D
रसिया
📖 व्याख्या
रसिया गीत विवाह से संबंधित नहीं है। यह मुख्यतः भरतपुर, धौलपुर और डीग क्षेत्र में गाया जाने वाला प्रसिद्ध गीत है। यह गीत विशेषकर होली के त्योहार पर बम वाद्ययंत्र के साथ गाया जाता है। जबकि जलो जलाल, पीठी और बन्ना-बन्नी गीत विवाह संस्कारों से जुड़े होते हैं।
10. निम्न में से कौन सा एक लोकगीत राजस्थान के पर्वतीय क्षेत्र का नहीं है?
A
बिछीयो
B
कुरजाँ
C
लालर
D
पटेल्या
📖 व्याख्या
कुरजाँ गीत राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र का प्रसिद्ध गीत है। इसमें विरहणी अपने प्रियतम को कुरजों पक्षी के माध्यम से संदेश भेजती है। जबकि बिछीयो, लालर और पटेल्या जैसे गीत मुख्यतः पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि कुरजाँ पर्वतीय क्षेत्र का नहीं बल्कि रेगिस्तानी क्षेत्र का लोकगीत है।
11. निम्न में से किसे 'गाली' गीत भी कहते हैं?
A
इंडोणी
B
पावणा
C
सीठणे
D
सूंवटिया
📖 व्याख्या
सीठणे गीत को 'गाली गीत' भी कहा जाता है। यह प्रायः विवाह के अवसर पर दामाद या अन्य मेहमानों को भोजन कराते समय गाया जाता है। इसमें महिलाएं हंसी-ठिठोली और मजाक के अंदाज में गालियाँ गाती हैं, जो एक लोक परंपरा का हिस्सा है। इससे माहौल हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण बनता है।
12. म्हारी बरसाले री मूमल, हालै नी ऐ आलीजे रे देस' नामक लोकगीत किस क्षेत्र से संबंधित है-
A
बीकानेर
B
जैसलमेर
C
जोधपुर
D
जालौर
📖 व्याख्या
यह लोकगीत जैसलमेर क्षेत्र से संबंधित है। इसमें मूमल और महेन्द्र की प्रेमकथा का वर्णन है। मूमल लोद्रवा की राजकुमारी थी और महेन्द्र अमरकोट का राजकुमार। इनके प्रेमाख्यान ने राजस्थान की लोकसंस्कृति में अमर स्थान प्राप्त किया। मूमल गीत श्रृंगारिक और करुण रस का मिश्रण माने जाते हैं।
13. नए दामाद के ससुराल आने पर स्त्रियों द्वारा..........गीत गाया जाता है।
A
लावणी
B
कामण
C
पावणा
D
ओल्यू
📖 व्याख्या
जब नया दामाद ससुराल आता है, तो महिलाओं द्वारा पावणा गीत गाया जाता है। यह गीत हास्य-व्यंग्य और हंसी-ठिठोली से भरपूर होते हैं, जिनका उद्देश्य माहौल को खुशनुमा और अपनापन भरा बनाना होता है। पावणा गीत विवाह संस्कारों में विशेष महत्व रखते हैं।
14. नवजात बच्चे को सुलाने के लिए माँ द्वारा गाये जाने वाला गीत है-
A
घुघरी
B
लोरी
C
पालना
D
होलर
📖 व्याख्या
लोरी एक पारंपरिक गीत है जिसे माँ अपने शिशु को सुलाने के लिए गाती है। इसकी धुन मधुर और कोमल होती है, जिससे शिशु को नींद आ जाती है। राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत में लोरी गीत मातृत्व की ममता और स्नेह का प्रतीक हैं।
15. सगाई के बाद विवाह में देरी होने पर कन्या द्वारा गाया जाने वाला गीत है?
A
कुरजां
B
सुवटियों
C
पपैयो
D
मोरियो
📖 व्याख्या
मोरियो गीत कन्या द्वारा गाया जाता है जब सगाई के बाद विवाह में देरी हो जाती है। यह गीत श्रृंगार और प्रतीक्षा की भावनाओं से जुड़ा है। मोर को प्रतीक मानकर इसमें विरह और आशा का सुंदर वर्णन किया जाता है। इसे एक सरस लोकगीत माना जाता है।
16. वह विरह प्रधान गीत, जिसमें बारह महीनों की प्राकृतिक विशेषताओं का वर्णन विरहनी स्त्री के मुँह से कराया जाता है?
A
लहरियो
B
बादली
C
चौमासा
D
बारहमासा
📖 व्याख्या
बारहमासा गीत में बारहों महीनों की प्राकृतिक विशेषताओं और उनमें छिपी हुई भावनाओं का वर्णन होता है। यह गीत विशेष रूप से विरहणी स्त्री के मुख से गवाया जाता है, जिसमें वह प्रत्येक माह में अपने प्रियतम की याद और प्रकृति के बदलावों को जोड़ती है। यह गीत राजस्थान की संवेदनशीलता और काव्यात्मकता का श्रेष्ठ उदाहरण है।
17. बीकानेर की गायिका अल्लाह जिलाई बाई किस राग गायन के लिए प्रसिद्ध थी?
A
सारंग
B
भैरवी
C
ध्रुपद
D
माण्ड
📖 व्याख्या
अल्ला जिलाई बाई राजस्थान की मरू कोकिला कहलाती थीं। वे विशेष रूप से मांड गायन के लिए प्रसिद्ध थीं। बीकानेर की यह सुप्रसिद्ध लोकगायिका अपनी मधुर आवाज और शास्त्रीयता के लिए जानी जाती है। उनके गायन से राजस्थान की लोकपरंपरा को राष्ट्रीय पहचान मिली।
18. राजस्थान का रजवाड़ी गीत 'केसरिया बालम' किस राग में गाया जाता है?
A
मांड
B
पीलू
C
सारंग
D
मोड
📖 व्याख्या
केसरिया बालम राजस्थान का राज्यगीत है। यह मांड राग में गाया जाता है। इसमें विदेश गए पति को घर लौटने का संदेश दिया जाता है। गीत में प्रतीक्षा करती हुई नारी की विरह व्यथा और प्रेमभावना व्यक्त होती है। यह गीत राजस्थान की लोकधुनों का सबसे सुंदर और लोकप्रिय उदाहरण माना जाता है।
19. राजस्थानी लोकगीत 'नेतल का भरतार' किस लोकदेवता से सम्बन्ध रखता है?
A
तेजाजी
B
झुंझार जी
C
पाबूजी
D
रामदेव जी
📖 व्याख्या
नेतल का भरतार गीत राजस्थान के लोकदेवता रामदेव जी से संबंधित है। यह गीत उनके प्रति श्रद्धा और आस्था व्यक्त करने के लिए गाया जाता है। लोकदेवता रामदेव जी को अवतार और जनकल्याणकारी संत माना जाता है। इस गीत में उनकी महिमा और भक्तों की भक्ति का वर्णन किया गया है।
20. रतवाई लोकगीत किस क्षेत्र में गाये जाते हैं?
A
हाड़ौती
B
मेवात
C
वागड़
D
शेखावाटी
📖 व्याख्या
रतवाई लोकगीत राजस्थान के मेवात क्षेत्र (अलवर-भरतपुर) में गाए जाते हैं। इन गीतों के साथ रतवाई नृत्य भी किया जाता है, जिसमें प्रायः स्त्रियाँ एकल नृत्य करती हैं और पुरुष अलगोजा व टामक जैसे वाद्ययंत्र बजाते हैं। यह मेव समाज की सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
21. विवाह के अवसर पर वर-वधू को नहलाने से पहले उबटन लगाते समय गाया जाने वाला गीत है?
A
चाक गीत
B
घोड़ी
C
पावणा
D
पीठी
📖 व्याख्या
पीठी गीत विवाह संस्कारों में विशेष रूप से गाए जाते हैं। यह गीत उस समय गाए जाते हैं जब वर-वधू को नहलाने से पहले उबटन लगाया जाता है। इन गीतों में हास्य और आशीर्वाद दोनों का समावेश होता है। यह रस्म विवाह समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आनंद और उल्लास का माहौल बनाती है।
22. शादी के अवसर पर वर-वधू को सम्बोधित कर गाये जाने वाले गीत हैं?
A
कंवर कलेवा
B
कामण
C
कांकण डोरा
D
बन्ना बन्नी
📖 व्याख्या
बन्ना-बन्नी गीत राजस्थान में विवाह के अवसर पर वर-वधू को संबोधित कर गाए जाते हैं। ये गीत श्रृंगार, हास्य और व्यंग्य से भरे होते हैं। इनके माध्यम से दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों के प्रति शुभकामनाएँ दी जाती हैं। यह गीत विवाह परंपराओं में विशेष आनंद भरते हैं।
23. वर को जादू-टोना के प्रभाव से बचाव हेतु गाया जाने वाला गीत है?
A
लालर
B
जलो जलाल
C
कामण
D
कलाकी
📖 व्याख्या
कामण गीत का उद्देश्य वर को जादू-टोना और नकारात्मक शक्तियों से बचाना होता है। यह विवाह के दौरान गाया जाता है ताकि दूल्हे की रक्षा हो और उसकी वैवाहिक यात्रा मंगलमय रहे। इस गीत में पारंपरिक विश्वास और धार्मिक भावनाओं की झलक स्पष्ट मिलती है।
A
झालावाड़ का
B
बीकानेर का
C
शेखावाटी का
D
सिरोही का
📖 व्याख्या
ढोला-मारू की कथा राजस्थान का प्रसिद्ध प्रेमाख्यान है। ढोला (नरवर, झालावाड़ का राजकुमार) और मारू (पुगल, बीकानेर की राजकुमारी) के प्रेम पर आधारित यह लोकगीत सिरोही क्षेत्र में प्रचलित है। इसमें प्रेम, त्याग और संघर्ष की झलक मिलती है। यह राजस्थान के लोकसाहित्य का अमूल्य हिस्सा है।
A
वीर रस प्रधान गीत
B
सरस भक्ति गीत
C
प्रसिद्ध विरह गीत
D
श्रृंगारिक गीत
📖 व्याख्या
कलाकी गीत राजस्थान का वीर रस प्रधान गीत है। इसमें वीरता, साहस और रणभूमि के प्रसंगों का वर्णन होता है। यह गीत योद्धाओं के शौर्य और पराक्रम की याद दिलाते हैं और समाज में वीरता की भावना को जगाने के लिए गाए जाते हैं।
26. प्रश्नोत्तर प्रकार का गीत, जिसमें पत्नी अपने पति को व्यापार हेतु विदेश जाने की प्रेरणा देती है?
A
पवाड़ा
B
बिणजारा
C
पंछीड़ा
D
पीपली
📖 व्याख्या
बिणजारा गीत प्रश्नोत्तर प्रकार का होता है। इसमें पत्नी अपने पति को व्यापार हेतु विदेश जाने की प्रेरणा देती है। यह गीत राजस्थान की व्यापारिक परंपरा और उस समय के सामाजिक जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। इसमें साहस, आशा और पारिवारिक जिम्मेदारी की भावना समाहित होती है।
27. शिशु जन्म के बाद जलवा पूजन के वक्त गाया जाने वाला गीत है?
A
बेमाता
B
पीळो
C
बादली गीत
D
चाकभात
📖 व्याख्या
पीळो गीत शिशु जन्म के बाद जलवा पूजन के अवसर पर गाया जाता है। यह गीत परिवार और समाज में नए जीवन के आगमन पर हर्ष व्यक्त करने के लिए गाए जाते हैं। इन गीतों में मंगलकामना और आशीर्वाद का भाव होता है।
28. नवजात शिशु का भाग्य लिखने वाली बेमाता के लिए गाया जाने वाला गीत है?
A
आम्बों
B
लोरी
C
बेमाता गीत
D
हरजस
📖 व्याख्या
बेमाता गीत राजस्थान की परंपरा में नवजात शिशु का भाग्य लिखने वाली देवी बेमाता की स्तुति के लिए गाया जाता है। इसमें देवी से शिशु के भविष्य को सुखमय और मंगलमय बनाने की प्रार्थना की जाती है। यह गीत मातृत्व, विश्वास और धार्मिक आस्था का सुंदर रूप है।
29. राजस्थान की लोकदेवियों में सबसे लम्बा गीत किस लोकदेवी का है?
A
शीला देवी
B
जीण माता
C
करणी माता
D
कैला देवी
📖 व्याख्या
राजस्थान की लोकदेवियों में सबसे लंबा गीत जीण माता का है। इन गीतों में माता जी की महिमा, चमत्कारों और भक्तों की आस्था का वर्णन किया जाता है। जीण माता शेखावाटी क्षेत्र की प्रमुख लोकदेवी हैं और उनके भक्ति गीत लोकसाहित्य में अत्यंत लोकप्रिय हैं।
30. सहरिया जनजाति द्वारा वर्षा ऋतु में गाया जाने वाला गीत है?
A
फाग
B
आल्हा
C
झूलरिया
D
हींडा
📖 व्याख्या
सहरिया जनजाति वर्षा ऋतु में आल्हा गीत गाती है। आल्हा गीत परंपरागत वीरगाथा गायन शैली का हिस्सा है, जिसमें वर्षा ऋतु की प्रसन्नता और सामूहिक उत्सव का चित्रण होता है। सहरिया समाज के लोग इन गीतों को मिलकर गाते हैं, जिससे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है।
31. कच्छीघोड़ी नृत्य करते समय गाये जाने वाले गीत हैं?
A
पटेल्या, बीछियो एवं लालर
B
लसकरिया, बीन्द, रसाला, रंगमारिया
C
कुरजां, पीपली, रतनराणो
D
गणगौर, फाग व हिंन्डो
📖 व्याख्या
कच्छीघोड़ी नृत्य राजस्थान का लोकनृत्य है, जिसमें लोक कलाकार घोड़े का रूप धारण करते हैं। इस नृत्य के दौरान लसकरिया, बीन्द, रसाला और रंगमारिया जैसे गीत गाए जाते हैं। ये गीत हास्य और वीरता का मिश्रण होते हैं और दर्शकों को आनंदित करते हैं।
32. पीर व संतो की प्रशंसा में गाये जाने वाले धार्मिक गीत हैं?
A
पवाड़े
B
लूर गीत
C
होलर
D
जकड़ियाँ
📖 व्याख्या
जकड़ियाँ गीत पीर और संतो की प्रशंसा में गाए जाते हैं। इनमें संतों की शिक्षाओं, जीवन मूल्यों और उनके चमत्कारों का वर्णन होता है। यह गीत धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं और सूफी परंपरा से गहराई से जुड़े हुए हैं।
33. निम्न में से कौनसा राजस्थान का लोकगीत नहीं है?
A
घूमर
B
जीरा
C
भतियाली
D
चिरमी
📖 व्याख्या
भतियाली गीत राजस्थान का नहीं बल्कि बंगाल क्षेत्र का लोकगीत है। यह नाविकों द्वारा गाया जाता है। जबकि घूमर, जीरा और चिरमीराजस्थान के प्रसिद्ध लोकगीत हैं, जो नृत्य और विवाह अवसरों से जुड़े हुए हैं।
34. मांड गीत राजस्थान के किस क्षेत्र से है?
A
जालौर, सिरोही
B
मेवात क्षेत्र
C
कोटा-बूंदी
D
बीकानेर एवं जैसलमेर
📖 व्याख्या
मांड गीत राजस्थान के बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्र से संबंधित है। इसे श्रृंगार और करुण रस प्रधान माना जाता है। इस शैली ने राजस्थान की लोकसंस्कृति को विशिष्ट पहचान दिलाई और इसे “मरूभूमि की आत्मा” भी कहा जाता है।
35. राजस्थान का राज्य गीत है?
A
केसरिया बालम
B
धरती धोरा री
C
पावणा
D
कुरजाँ
📖 व्याख्या
राजस्थान का राज्यगीत "केसरिया बालम" है। इसे मांड राग में गाया जाता है। यह गीत विदेश गए पति को घर लौटने का संदेश देता है। गीत में नारी की प्रतीक्षा और विरह व्यथा का सुंदर चित्रण किया गया है। यह राजस्थान की पहचान बन चुका है।
36. भीलों का प्रसिद्ध लोकगीत जिसे स्त्री-पुरुष साथ मिलकर गाते है?
A
पीपली
B
बादळी गीत
C
लूर
D
हमसीढ़ो
📖 व्याख्या
हमसीढ़ो गीत भील जनजाति का प्रसिद्ध लोकगीत है। इसे स्त्री और पुरुष मिलकर गाते हैं। यह गीत सामूहिक जीवन और उत्सवधर्मिता का प्रतीक है। भील समाज के पर्व और मेलों में यह गीत गाए जाते हैं, जिनमें एकता और उल्लास की झलक मिलती है।
37. लोकगीत 'मूमल' बहुत प्रसिद्ध है, राजकुमारी मूमल किस स्थान से सम्बन्धित थी?
A
नरवर
B
पूगल
C
मेड़ता
D
लोद्रवा
📖 व्याख्या
मूमल लोकगीत राजकुमारी मूमल की प्रेमकथा पर आधारित है। मूमल लोद्रवा (जैसलमेर) की राजकुमारी थी। उनका प्रेमाख्यान अमरकोट के राजकुमार महेन्द्र से जुड़ा है। इस गीत में प्रेम, समर्पण और त्रासदी का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है।
38. घुड़ला गीत राजस्थान के किस क्षेत्र में सर्वाधिक गाया जाता है?
A
शेखावाटी
B
मेवाड़
C
वागड़
D
मारवाड़
📖 व्याख्या
घुड़ला गीत राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में सर्वाधिक गाया जाता है। यह गीत लोक उत्सवों और धार्मिक आयोजनों से जुड़ा है। इसमें सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलती है।
39. लांगूरिया गीत का सम्बन्ध किससे है?
A
शीला देवी
B
जीण माता
C
कैला देवी
D
करणी माता
📖 व्याख्या
लांगूरिया गीत करौली क्षेत्र में लोकदेवी कैला देवी की अराधना में गाया जाता है। भक्तजन इन गीतों को अलगोजा वाद्ययंत्र की धुन पर गाते हैं। इसमें भक्ति, आस्था और लोकश्रद्धा का सुंदर समावेश होता है। लांगूरिया गीत राजस्थान की धार्मिक लोकपरंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
40. कौनसा प्रसिद्ध राजस्थानी गीत एक युवती के सौन्दर्य का वर्णन करता है?
A
सुवटिया
B
मूमल
C
चिरमी
D
कुरजां
📖 व्याख्या
मूमल गीत राजस्थानी लोकगीतों में युवती के सौंदर्य और श्रृंगार का सुंदर चित्रण करता है। इसमें राजकुमारी मूमल की आकर्षक छवि और उसकी प्रेमकथा का वर्णन मिलता है। गीत में सौंदर्य के साथ-साथ प्रेम और भावनात्मक गहराई भी प्रकट होती है। यही कारण है कि मूमल गीत राजस्थान के लोकसाहित्य में अत्यधिक लोकप्रिय है।
41. एक रजवाड़ी गीत जिसमें विरहणी नारी अपने प्रियतम को घर आने का संदेश देती है?
A
पपैहा
B
मूमल
C
चिरमी
D
कुरजां
📖 व्याख्या
कुरजां गीत राजस्थान का प्रसिद्ध रजवाड़ी गीत है। इसमें विरहणी नारी अपने प्रियतम को घर आने का संदेश देती है। नायिका कुरजां पक्षी को संदेशवाहक मानकर अपने प्रिय तक प्रेम संदेश पहुँचाती है। यह गीत विरह और प्रतीक्षा की भावनाओं का मार्मिक चित्रण करता है।
42. लड़की द्वारा ससुराल में पिता व भाई को याद करके गाया जाने वाला गीत है?
A
सुवटिया
B
कागा
C
चिरमी
D
सुपना
📖 व्याख्या
चिरमी गीत लड़की द्वारा ससुराल में गाया जाता है, जब वह अपने पिता और भाई की याद करती है। इस गीत में ससुराल जीवन की भावनाएँ और मायके से जुड़ी आत्मीयता का सुंदर वर्णन मिलता है। यह गीत बेटियों के जीवन में विदाई के बाद की संवेदनशीलता को अभिव्यक्त करता है।
43. सारंग' राग किस समय गाया जाता है?
A
भोर के समय
B
रात्रि में
C
वर्षा के समय
D
दोपहर काल
📖 व्याख्या
सारंग राग का समय दोपहर 12:00 बजे से 02:00 बजे तक माना जाता है। यह राग गंभीर और मधुर स्वरों वाला है। राजस्थान की लोकधुनों में भी सारंग राग का प्रयोग मिलता है। इसकी प्रस्तुति श्रोताओं के मन को शांति और संतुलन प्रदान करती है।
44. सूवटिया लोकगीत का संबंध किससे है?
A
गरासिया स्त्री से
B
राजपूत स्त्री से
C
वीरांगना स्त्री से
D
भील स्त्री से
📖 व्याख्या
सूवटिया गीत भील स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला प्रसिद्ध विरह गीत है। इसमें स्त्री अपने पति को संदेश भेजने के लिए तोते (सुवटिया) का सहारा लेती है। यह गीत आदिवासी जीवन की सरलता और भावनात्मक गहराई को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि भील संस्कृति में पक्षियों को संदेशवाहक के रूप में मान्यता दी गई है।
45. लोकगीत जनता की भाषा है, लोकगीत हमारी संस्कृति के पहरेदार है उक्त कथन है?
A
देवेन्द्र सत्यार्थी
B
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल
C
महात्मा गाँधी
D
रविन्द्र नाथ टैगोर
📖 व्याख्या
यह कथन महात्मा गांधी का है। गांधीजी का मानना था कि लोकगीत जनता की वास्तविक भाषा होते हैं और वे हमारी संस्कृति व परंपरा की रक्षा करते हैं। लोकगीत समाज की भावनाओं, विचारों और आस्थाओं को संजोकर रखते हैं, इसलिए इन्हें संस्कृति के प्रहरी कहा गया है।
46. राजस्थान में सर्वाधिक लोकगीतों वाला त्योहार है?
A
होली
B
दीपावली
C
तीज
D
गणगौर
📖 व्याख्या
राजस्थान में गणगौर त्योहार सबसे अधिक लोकगीतों से जुड़ा हुआ है। इस पर्व पर महिलाएं और युवतियाँ देवी पार्वती की पूजा करती हैं और विशेष गणगौर गीत गाती हैं। इन गीतों में दांपत्य जीवन, प्रेम और सौंदर्य का भाव प्रकट होता है। यही कारण है कि इसे लोकगीतों का सबसे समृद्ध पर्व माना जाता है।
A
लोक गायन शैली
B
एक लोकगीत
C
लोक कलाकार
D
एक संगीत ग्रन्थ
📖 व्याख्या
मूमल एक लोकगीत है, जो राजकुमारी मूमल और अमरकोट के राजकुमार महेन्द्र की प्रेमकथा पर आधारित है। यह गीत जैसलमेर क्षेत्र में गाया जाता है। मूमल गीत में श्रृंगार और करुण रस का अद्भुत संयोजन देखने को मिलता है। यह गीत राजस्थान की अमर प्रेमकथाओं का प्रतीक है।
48. पावणा' नामक गीत गाये जाते है?
A
वधू पक्ष की महिलाओं द्वारा बारात का डेरा देखने जाते समय
B
दुल्हन की सखियों द्वारा विवाह के अवसर पर
C
पति के विदेश जाने पर वियोग में
D
नये दामाद को ससुराल में खाना खिलाते समय
📖 व्याख्या
पावणा गीत तब गाए जाते हैं जब नया दामाद ससुराल में भोजन करता है। इस अवसर पर महिलाएँ हास्य-व्यंग्य से भरे पावणा गीत गाती हैं। इन गीतों का उद्देश्य दामाद का स्वागत करना और वातावरण को हंसी-ठिठोली से भर देना होता है। यह गीत विवाह परंपराओं की विशिष्ट पहचान हैं।
49. लांगुरिया' लोकगीत है?
A
विरह गीत
B
भक्ति गीत
C
श्रृंगारिक गीत
D
विवाह गीत
📖 व्याख्या
लांगुरिया गीत मुख्यतः विरह गीत है। यह करौली क्षेत्र में लोकदेवी कैला माता की आराधना से जुड़ा है। इसमें भक्त अपने भावों को लोकधुन और अलगोजा वाद्ययंत्र की धुन पर प्रकट करते हैं। लांगुरिया गीतों में लोकभक्ति और विरह की गहरी अनुभूति होती है।
50. राजस्थान का एक लोकगीत जिसमें कुरजां को विरहणियों का पक्षी कहा गया है?
A
कुरजां गीत
B
हिचकी
C
सुपणा
D
चौमासा
📖 व्याख्या
कुरजां गीत राजस्थान का अत्यंत लोकप्रिय लोकगीत है। इसमें कुरजां पक्षी को विरहणियों का प्रतीक माना गया है। नायिका इस पक्षी को अपना संदेशवाहक बनाकर प्रियतम तक भावनाएँ पहुँचाती है। यह गीत स्त्रियों के विरह, आशा और प्रतीक्षा की मार्मिक अभिव्यक्ति है।