राजस्थान के लोकगीत MCQ Quiz | Practice Set with Detailed Explanation
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के लोकगीत से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें कामण, तेजा गीत, पपैयो, झोरावा, लहंगी आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के लोकगीत
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- Content Type: MCQ Practice Set
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Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
1. किसानों का प्रेरक गीत, जो खेती आरम्भ करते समय गाया जाता है?
- (A) कामण
- (B) तेजा गीत
- (C) पपैयो
- (D) झोरावा
तेजा गीत किसानों का प्रमुख प्रेरक गीत है। इसे विशेष रूप से खेती की शुरुआत के समय गाया जाता है। इसमें तेजाजी महाराज की स्तुति और आशीर्वाद की प्रार्थना की जाती है ताकि अच्छी फसल हो। यह गीत किसानों में उत्साह और आत्मविश्वास जगाने का कार्य करता है।
2. निम्न में से कौनसा गीत सहरिया जनजाति का नहीं है?
- (A) लहंगी
- (B) आल्हा
- (C) झूलरिया
- (D) हीडा
झूलरिया गीत सहरिया जनजाति का गीत नहीं है। यह प्रायः मायरा या भात भरते समय गाया जाता है और इसका संबंध अन्य समुदायों से है। जबकि लहंगी, आल्हा और हीडा सहरिया जनजाति के पारंपरिक गीत माने जाते हैं। यह भेद बताता है कि राजस्थान की हर जनजाति की अपनी अलग सांस्कृतिक धारा है।
3. नए दामाद के ससुराल आने पर स्त्रियों द्वारा..........गीत गाया जाता है।
- (A) लावणी
- (B) कामण
- (C) पावणा
- (D) ओल्यू
जब नया दामाद ससुराल आता है, तो महिलाओं द्वारा पावणा गीत गाया जाता है। यह गीत हास्य-व्यंग्य और हंसी-ठिठोली से भरपूर होते हैं, जिनका उद्देश्य माहौल को खुशनुमा और अपनापन भरा बनाना होता है। पावणा गीत विवाह संस्कारों में विशेष महत्व रखते हैं।
4. नवजात बच्चे को सुलाने के लिए माँ द्वारा गाये जाने वाला गीत है-
- (A) घुघरी
- (B) लोरी
- (C) पालना
- (D) होलर
लोरी एक पारंपरिक गीत है जिसे माँ अपने शिशु को सुलाने के लिए गाती है। इसकी धुन मधुर और कोमल होती है, जिससे शिशु को नींद आ जाती है। राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत में लोरी गीत मातृत्व की ममता और स्नेह का प्रतीक हैं।
5. सगाई के बाद विवाह में देरी होने पर कन्या द्वारा गाया जाने वाला गीत है?
- (A) कुरजां
- (B) सुवटियों
- (C) पपैयो
- (D) मोरियो
मोरियो गीत कन्या द्वारा गाया जाता है जब सगाई के बाद विवाह में देरी हो जाती है। यह गीत श्रृंगार और प्रतीक्षा की भावनाओं से जुड़ा है। मोर को प्रतीक मानकर इसमें विरह और आशा का सुंदर वर्णन किया जाता है। इसे एक सरस लोकगीत माना जाता है।
6. निम्न में से असत्य कथन है?
- (A) मरूस्थलीय लोकगीत ऊँचें स्वरों व लम्बी धुन वाले होते हैं।
- (B) पर्वतीय लोकगीतों की धुन सरल, संक्षिप्त व कम स्वर वाली होती हैं।
- (C) मैदानी क्षेत्रों के लोकगीतों में भक्ति व श्रृंगार रस की प्रधानता रहती है।
- (D) उपर्युक्त सभी सत्य है।
यहां असत्य कथन विकल्प D है। राजस्थान के मरूस्थलीय लोकगीत वास्तव में ऊँचे स्वरों और लम्बी धुनों वाले होते हैं। पर्वतीय लोकगीत अपेक्षाकृत सरल और संक्षिप्त धुनों में गाए जाते हैं। वहीं मैदानी क्षेत्रों के लोकगीतों में प्रायः भक्ति और श्रृंगार रस की प्रधानता होती है। अतः विकल्प D असत्य सिद्ध होता है क्योंकि सभी कथन सत्य नहीं हैं।
7. कागा क्या है?
- (A) विरहणी नायिका द्वारा प्रियतम के आने का शगुन गीत
- (B) मेवाड़ क्षेत्र का धार्मिक गीत
- (C) कौए की प्रशंसा का गीत
- (D) महिला के बालों के श्रृंगार का वर्णन
कागा गीत विरहिणी नायिका द्वारा गाया जाने वाला गीत है। इसमें नायिका प्रियतम के आने का शगुन मानकर कौए को संदेशवाहक मानती है। यह गीत विरह और आशा की भावना को दर्शाता है। ऐसे गीत राजस्थान की लोकसंस्कृति में प्रेम और प्रतीक्षा के अनोखे रूप को अभिव्यक्त करते हैं।
8. कुकड़लू' क्या है?
- (A) एक राजस्थानी लोकगीत
- (B) वृद्ध की मृत्यु पर किया जाने वाला संस्कार
- (C) घना अभयारण्य में पाया जाने वाला एक पक्षी
- (D) गरासियों की एक प्रथा
कुकड़लू एक राजस्थानी लोकगीत है। यह प्रायः शादी के अवसर पर गाया जाता है, जब दूल्हा तोरण पर आता है। वधू पक्ष की महिलाएं हर्ष और उमंग के साथ यह गीत गाती हैं। इससे विवाह समारोह का माहौल और भी उल्लासपूर्ण हो जाता है। यह परंपरा राजस्थान की लोक संस्कृति की जीवंतता को दर्शाती है।
9. निम्न में से कौनसा गीत विवाह से सम्बन्धित नहीं है?
- (A) जलो जलाल
- (B) पीठी
- (C) बन्ना बन्नी
- (D) रसिया
रसिया गीत विवाह से संबंधित नहीं है। यह मुख्यतः भरतपुर, धौलपुर और डीग क्षेत्र में गाया जाने वाला प्रसिद्ध गीत है। यह गीत विशेषकर होली के त्योहार पर बम वाद्ययंत्र के साथ गाया जाता है। जबकि जलो जलाल, पीठी और बन्ना-बन्नी गीत विवाह संस्कारों से जुड़े होते हैं।
10. निम्न में से कौन सा एक लोकगीत राजस्थान के पर्वतीय क्षेत्र का नहीं है?
- (A) बिछीयो
- (B) कुरजाँ
- (C) लालर
- (D) पटेल्या
कुरजाँ गीत राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र का प्रसिद्ध गीत है। इसमें विरहणी अपने प्रियतम को कुरजों पक्षी के माध्यम से संदेश भेजती है। जबकि बिछीयो, लालर और पटेल्या जैसे गीत मुख्यतः पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े हैं। इस प्रकार स्पष्ट है कि कुरजाँ पर्वतीय क्षेत्र का नहीं बल्कि रेगिस्तानी क्षेत्र का लोकगीत है।
11. निम्न में से किसे 'गाली' गीत भी कहते हैं?
- (A) इंडोणी
- (B) पावणा
- (C) सीठणे
- (D) सूंवटिया
सीठणे गीत को गाली गीत भी कहा जाता है। यह प्रायः विवाह के अवसर पर दामाद या अन्य मेहमानों को भोजन कराते समय गाया जाता है। इसमें महिलाएं हंसी-ठिठोली और मजाक के अंदाज में गालियाँ गाती हैं, जो एक लोक परंपरा का हिस्सा है। इससे माहौल हल्का-फुल्का और हास्यपूर्ण बनता है।
12. म्हारी बरसाले री मूमल, हालै नी ऐ आलीजे रे देस' नामक लोकगीत किस क्षेत्र से संबंधित है-
- (A) बीकानेर
- (B) जैसलमेर
- (C) जोधपुर
- (D) जालौर
यह लोकगीत जैसलमेर क्षेत्र से संबंधित है। इसमें मूमल और महेन्द्र की प्रेमकथा का वर्णन है। मूमल लोद्रवा की राजकुमारी थी और महेन्द्र अमरकोट का राजकुमार। इनके प्रेमाख्यान ने राजस्थान की लोकसंस्कृति में अमर स्थान प्राप्त किया। मूमल गीत श्रृंगारिक और करुण रस का मिश्रण माने जाते हैं।
13. वह विरह प्रधान गीत, जिसमें बारह महीनों की प्राकृतिक विशेषताओं का वर्णन विरहनी स्त्री के मुँह से कराया जाता है?
- (A) लहरियो
- (B) बादली
- (C) चौमासा
- (D) बारहमासा
बारहमासा गीत में बारहों महीनों की प्राकृतिक विशेषताओं और उनमें छिपी हुई भावनाओं का वर्णन होता है। यह गीत विशेष रूप से विरहणी स्त्री के मुख से गवाया जाता है, जिसमें वह प्रत्येक माह में अपने प्रियतम की याद और प्रकृति के बदलावों को जोड़ती है। यह गीत राजस्थान की संवेदनशीलता और काव्यात्मकता का श्रेष्ठ उदाहरण है।
14. बीकानेर की गायिका अल्लाह जिलाई बाई किस राग गायन के लिए प्रसिद्ध थी?
- (A) सारंग
- (B) भैरवी
- (C) ध्रुपद
- (D) माण्ड
अल्ला जिलाई बाई राजस्थान की मरू कोकिला कहलाती थीं। वे विशेष रूप से मांड गायन के लिए प्रसिद्ध थीं। बीकानेर की यह सुप्रसिद्ध लोकगायिका अपनी मधुर आवाज और शास्त्रीयता के लिए जानी जाती है। उनके गायन से राजस्थान की लोकपरंपरा को राष्ट्रीय पहचान मिली।
15. राजस्थान का रजवाड़ी गीत 'केसरिया बालम' किस राग में गाया जाता है?
- (A) मांड
- (B) पीलू
- (C) सारंग
- (D) मोड
केसरिया बालम राजस्थान का राज्यगीत है। यह मांड राग में गाया जाता है। इसमें विदेश गए पति को घर लौटने का संदेश दिया जाता है। गीत में प्रतीक्षा करती हुई नारी की विरह व्यथा और प्रेमभावना व्यक्त होती है। यह गीत राजस्थान की लोकधुनों का सबसे सुंदर और लोकप्रिय उदाहरण माना जाता है।
16. राजस्थानी लोकगीत 'नेतल का भरतार' किस लोकदेवता से सम्बन्ध रखता है?
- (A) तेजाजी
- (B) झुंझार जी
- (C) पाबूजी
- (D) रामदेव जी
नेतल का भरतार गीत राजस्थान के लोकदेवता रामदेव जी से संबंधित है। यह गीत उनके प्रति श्रद्धा और आस्था व्यक्त करने के लिए गाया जाता है। लोकदेवता रामदेव जी को अवतार और जनकल्याणकारी संत माना जाता है। इस गीत में उनकी महिमा और भक्तों की भक्ति का वर्णन किया गया है।
17. रतवाई लोकगीत किस क्षेत्र में गाये जाते हैं?
- (A) हाड़ौती
- (B) मेवात
- (C) वागड़
- (D) शेखावाटी
रतवाई लोकगीत राजस्थान के मेवात क्षेत्र (अलवर-भरतपुर) में गाए जाते हैं। इन गीतों के साथ रतवाई नृत्य भी किया जाता है, जिसमें प्रायः स्त्रियाँ एकल नृत्य करती हैं और पुरुष अलगोजा व टामक जैसे वाद्ययंत्र बजाते हैं। यह मेव समाज की सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
18. विवाह के अवसर पर वर-वधू को नहलाने से पहले उबटन लगाते समय गाया जाने वाला गीत है?
- (A) चाक गीत
- (B) घोड़ी
- (C) पावणा
- (D) पीठी
पीठी गीत विवाह संस्कारों में विशेष रूप से गाए जाते हैं। यह गीत उस समय गाए जाते हैं जब वर-वधू को नहलाने से पहले उबटन लगाया जाता है। इन गीतों में हास्य और आशीर्वाद दोनों का समावेश होता है। यह रस्म विवाह समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आनंद और उल्लास का माहौल बनाती है।
19. शादी के अवसर पर वर-वधू को सम्बोधित कर गाये जाने वाले गीत हैं?
- (A) कंवर कलेवा
- (B) कामण
- (C) कांकण डोरा
- (D) बन्ना बन्नी
बन्ना-बन्नी गीत राजस्थान में विवाह के अवसर पर वर-वधू को संबोधित कर गाए जाते हैं। ये गीत श्रृंगार, हास्य और व्यंग्य से भरे होते हैं। इनके माध्यम से दूल्हा-दुल्हन और उनके परिवारों के प्रति शुभकामनाएँ दी जाती हैं। यह गीत विवाह परंपराओं में विशेष आनंद भरते हैं।
20. वर को जादू-टोना के प्रभाव से बचाव हेतु गाया जाने वाला गीत है?
- (A) लालर
- (B) जलो जलाल
- (C) कामण
- (D) कलाकी
कामण गीत का उद्देश्य वर को जादू-टोना और नकारात्मक शक्तियों से बचाना होता है। यह विवाह के दौरान गाया जाता है ताकि दूल्हे की रक्षा हो और उसकी वैवाहिक यात्रा मंगलमय रहे। इस गीत में पारंपरिक विश्वास और धार्मिक भावनाओं की झलक स्पष्ट मिलती है।
21. ढोलामारू लोकगीत है?
- (A) झालावाड़ का
- (B) बीकानेर का
- (C) शेखावाटी का
- (D) सिरोही का
ढोला-मारू की कथा राजस्थान का प्रसिद्ध प्रेमाख्यान है। ढोला (नरवर, झालावाड़ का राजकुमार) और मारू (पुगल, बीकानेर की राजकुमारी) के प्रेम पर आधारित यह लोकगीत सिरोही क्षेत्र में प्रचलित है। इसमें प्रेम, त्याग और संघर्ष की झलक मिलती है। यह राजस्थान के लोकसाहित्य का अमूल्य हिस्सा है।
22. कलाकी' गीत है?
- (A) वीर रस प्रधान गीत
- (B) सरस भक्ति गीत
- (C) प्रसिद्ध विरह गीत
- (D) श्रृंगारिक गीत
कलाकी गीत राजस्थान का वीर रस प्रधान गीत है। इसमें वीरता, साहस और रणभूमि के प्रसंगों का वर्णन होता है। यह गीत योद्धाओं के शौर्य और पराक्रम की याद दिलाते हैं और समाज में वीरता की भावना को जगाने के लिए गाए जाते हैं।
23. प्रश्नोत्तर प्रकार का गीत, जिसमें पत्नी अपने पति को व्यापार हेतु विदेश जाने की प्रेरणा देती है?
- (A) पवाड़ा
- (B) बिणजारा
- (C) पंछीड़ा
- (D) पीपली
बिणजारा गीत प्रश्नोत्तर प्रकार का होता है। इसमें पत्नी अपने पति को व्यापार हेतु विदेश जाने की प्रेरणा देती है। यह गीत राजस्थान की व्यापारिक परंपरा और उस समय के सामाजिक जीवन की झलक प्रस्तुत करता है। इसमें साहस, आशा और पारिवारिक जिम्मेदारी की भावना समाहित होती है।
24. शिशु जन्म के बाद जलवा पूजन के वक्त गाया जाने वाला गीत है?
- (A) बेमाता
- (B) पीळो
- (C) बादली गीत
- (D) चाकभात
पीळो गीत शिशु जन्म के बाद जलवा पूजन के अवसर पर गाया जाता है। यह गीत परिवार और समाज में नए जीवन के आगमन पर हर्ष व्यक्त करने के लिए गाए जाते हैं। इन गीतों में मंगलकामना और आशीर्वाद का भाव होता है।
25. विवाह के अवसर पर स्त्रियों द्वारा कुम्हार के घर जाकर चाक पूजते समय गाया जाने वाला गीत है?
- (A) चाक गीत
- (B) झूलरिया
- (C) परणेत गीत
- (D) बिंदोला
चाक गीत विवाह परंपरा से जुड़ा हुआ है। यह गीत तब गाया जाता है जब स्त्रियाँ कुम्हार के घर जाकर चाक की पूजा करती हैं। चाक को विवाह संस्कारों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस गीत में मंगलकामना और परंपरा की झलक मिलती है।
26. इंडोनी लोक गीत गाया जाता है-
- (A) पति की मृत्यु पर पत्नी द्वारा
- (B) विवाह समारोह के दौरान
- (C) महिलाओं द्वारा कुएं से पानी लेने जाते समय
- (D) बेटे के जन्म के समय महिलाओं द्वारा
इंडोणी लोकगीत राजस्थान की लोकसंस्कृति में विशेष स्थान रखते हैं। यह गीत प्रायः महिलाओं द्वारा कुएं से पानी लेने जाते समय गाए जाते हैं। इसमें आनंद और सामूहिकता की भावना झलकती है। इंडोणी केवल एक लोकगीत ही नहीं बल्कि कालबेलिया जाति का युगल नृत्य भी है, जो पूंगी और खंजरी जैसे वाद्ययंत्रों के साथ किया जाता है। इससे स्पष्ट होता है कि यह लोकगीत राजस्थान की स्त्रियों की दैनिक जीवन की भावनाओं को दर्शाता है।
27. झोरावा' लोक गीत संबंध है-
- (A) उदयपुर में
- (B) जैसलमेर में
- (C) बीकानेर में
- (D) बाड़मेर में
झोरावा लोकगीत मुख्यतः जैसलमेर क्षेत्र से जुड़ा है। यह गीत पत्नी द्वारा पति के वियोग में गाया जाता है और इसे विरह गीत की श्रेणी में रखा जाता है। इसमें स्त्री अपने मन की व्यथा और भावनाओं को संगीत के माध्यम से व्यक्त करती है। ऐसे गीत राजस्थान के मरुस्थलीय जीवन की कठिनाइयों और गहरे रिश्तों की संवेदनशीलता को प्रकट करते हैं।
28. अल्ला- जिलाई- बाई की पहचान किस क्षेत्र में रही?
- (A) लंगा गायन
- (B) मांड गायन
- (C) हवेली गायन
- (D) मांगणियार लोक गीत
अल्ला जिलाई बाई को राजस्थान की मरू कोकिला कहा जाता है। उनकी पहचान मुख्यतः मांड गायन से रही, जो बीकानेर रियासत का प्रसिद्ध गायन रूप है। वे राजस्थान की राजगायिका रहीं और उनका गाया हुआ केसरिया बालम गीत आज भी लोकमानस में गूंजता है। उनकी स्मृति में आज भी अखिल भारतीय मांड गायन समारोह आयोजित किया जाता है। उनके गीत – बाईसा रा बीरा, काली-काली काजलिये री रेख आदि प्रसिद्ध हैं।
29. विवाह से पूर्व रिश्तेदारों द्वारा आमंत्रित वर के वहाँ से वापस आते समय गाये जाने वाला गीत है?
- (A) काछबा
- (B) जलो जलाल
- (C) बिंदोला
- (D) चाक गीत
बिंदोला गीत विवाह से पूर्व उस समय गाया जाता है जब रिश्तेदार वर को आमंत्रित करके वापस लौटते हैं। इस गीत में उत्सव, आत्मीयता और विवाह की खुशियों का माहौल दिखाई देता है। यह गीत पारिवारिक बंधनों को मजबूत करता है।
30. शादी में भात भरने के अवसर पर गाया जाने वाला गीत है?
- (A) बधावा
- (B) माहेरा
- (C) लहंगी
- (D) हड़जस
माहेरा गीत शादी में भात भरने के अवसर पर गाए जाते हैं। इनमें भाई-बहन के रिश्ते और दुल्हन के लिए भाई की जिम्मेदारी का वर्णन होता है। यह गीत राजस्थान की सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं को दर्शाते हैं।
31. झूलरिया किससे सम्बन्धित है?
- (A) झूला झूलते समय गाया जाने वाला
- (B) सावण की तीज को गाया जाने वाला गीत
- (C) भात भरते समय गाया जाने वाला गीत
- (D) कजली तीज पर गाया जाने वाला गीत
झूलरिया गीत राजस्थान में भात भरने के अवसर पर गाया जाता है। इसमें रिश्तेदारों और परिवार के बीच के स्नेह और संबंधों का चित्रण होता है। यह गीत शादी के अवसर पर विशेष महत्व रखता है और घर-परिवार में आनंद का वातावरण बनाता है।
32. कोयलड़ी गीत किस अवसर पर गाया जाता है-
- (A) पति की विदाई पर गाया जाने वाला गीत
- (B) पत्नी की याद में पति द्वारा गाया जाने वाला गीत
- (C) दुल्हन द्वारा पीहर की याद में गाया जाने वाला गीत
- (D) दुल्हन की विदाई पर गाया जाने वाला गीत
कोयलड़ी गीत दुल्हन की विदाई के समय गाया जाता है। इसमें बेटी की पीहर से विदाई के भावनात्मक दृश्य को प्रस्तुत किया जाता है। इस गीत में परिवार के बिछोह, ममता और रिश्तों की गहराई की मार्मिक झलक मिलती है। कोयलड़ी गीत राजस्थान की विवाह परंपरा में अत्यधिक भावनात्मक स्थान रखता है।
33. गरासियों द्वारा गाया जाने वाला 'मोरिया थाई रे थाई' किस प्रकार का गीत है?
- (A) शेखावाटी का वर्षाकालीन गीत
- (B) दुल्हे की प्रशंसा में गाया जाने वाला गीत
- (C) मोर के नाचने पर गाया जाने वाला गीत
- (D) भीलों का विरह गीत
मोरिया थाई रे थाई गीत गरासिया समाज द्वारा गाया जाता है। यह गीत प्रायः दूल्हे की प्रशंसा में प्रस्तुत होता है। इसमें दूल्हे की सुंदरता, व्यक्तित्व और वैवाहिक रस्मों की झलक दिखाई देती है। यह गीत विवाह समारोह की गरिमा को बढ़ाता है और सामाजिक आनंद का वातावरण बनाता है।
34. विवाह के अवसर पर मेहमानों के आगमन पर गाया जाने वाला गीत है?
- (A) जलो जलाल
- (B) हरजस
- (C) आंबो
- (D) फलसड़ा
फलसड़ा गीत विवाह के अवसर पर विशेष रूप से मेहमानों के आगमन पर गाया जाता है। इसमें अतिथियों के स्वागत और आदर की भावना झलकती है। इस गीत का उद्देश्य मेहमानों को सम्मान देना और विवाह समारोह की खुशियों में उन्हें सम्मिलित करना है।
35. भील स्त्री द्वारा गाया जाने वाला विरह गीत सुवटिया गीत में 'सुवटिया' का अर्थ है?
- (A) तोता
- (B) मोर
- (C) गौरेया
- (D) कुरजां
सुवटिया गीत भील स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला प्रमुख विरह गीत है। इसमें सुवटिया शब्द का अर्थ तोता है। स्त्री अपने पति को संदेश भेजने के लिए तोते को संदेशवाहक मानती है। यह गीत आदिवासी समाज में पशु-पक्षियों के प्रति विशेष सम्मान और विश्वास को दर्शाता है।
36. निम्न में से कौनसा गीत विरह गीत नहीं है?
- (A) कुरजां
- (B) झोरावा
- (C) काछबा
- (D) सुवटिया
काछबा गीत पश्चिमी राजस्थान में गाया जाने वाला प्रेमगीत है, इसे विरह गीतों की श्रेणी में नहीं रखा जाता। जबकि कुरजां, झोरावा और सुवटिया सभी गीत स्त्रियों के वियोग और प्रतीक्षा को व्यक्त करते हैं। अतः काछबा गीत का स्वरूप अलग है।
37. शेखावाटी क्षेत्र का वह गीत, जिसमें प्रेयसी अपने परदेश गए पति को बुलाती है?
- (A) चिरमी
- (B) जीरो
- (C) कुकड़ी
- (D) पीपली
पीपली गीत शेखावाटी क्षेत्र का प्रमुख गीत है। इसमें प्रेयसी अपने परदेश गए पति को घर लौटने के लिए बुलाती है। यह गीत विरह और प्रतीक्षा की भावनाओं का सजीव चित्रण करता है। पीपली गीत शेखावाटी की सांस्कृतिक पहचान है।
38. शेखावाटी में वर्षा ऋतु में गाया जाने वाला गीत है?
- (A) पंछीड़ा
- (B) ओल्यू
- (C) पीपली
- (D) रसिया
पीपली गीत शेखावाटी क्षेत्र में वर्षा ऋतु में गाया जाता है। इस गीत में वर्षा की सुंदरता और प्रेम-भावना का मिश्रण देखने को मिलता है। पीपली गीत वर्षा ऋतु के उत्साह और ग्रामीण जीवन की उमंग को व्यक्त करता है।
39. किस गीत में प्रेमिका अपने प्रेमी को बाग में बुलाने का अनुरोध करती है?
- (A) पपैहा
- (B) पीपली
- (C) ओल्यू
- (D) काछबा
पपैहा गीत में प्रेमिका अपने प्रेमी को बाग में बुलाने का अनुरोध करती है। इसमें पपीहे की आवाज को प्रेम संदेश का प्रतीक माना जाता है। यह गीत श्रृंगार और प्रतीक्षा की भावना का सुंदर चित्रण है।
40. कौनसा गीत मेवात क्षेत्र में प्रसिद्ध है?
- (A) पंछीड़ा
- (B) हिचकी
- (C) बिछुड़ों
- (D) इण्डोली
हिचकी गीत मेवात क्षेत्र का प्रमुख गीत है। इसमें स्त्री अपने प्रिय की याद में आने वाली हिचकी का वर्णन करती है। यह गीत प्रेम और विरह की कोमल भावनाओं को व्यक्त करता है और ग्रामीण जीवन की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
41. किस गीत में नायक द्वारा नायिका को बुलाया जाता है?
- (A) लावणी
- (B) पीपली
- (C) हिचकी
- (D) पपैहा
लावणी गीत में नायक अपनी नायिका को बुलाता है। ये गीत फसल काटते समय भी गाए जाते हैं। इनमें प्रेम और हास्य का मिश्रण देखने को मिलता है। मोरध्वज, सेऊंसमन और भरथरी प्रमुख लावणियाँ मानी जाती हैं, जो राजस्थान की कृषि संस्कृति से गहराई से जुड़ी हैं।
42. लड़के के विवाह पर 'निकासी' (घुड़चढ़ी की रस्म पर) पर) के अवसर पर गाया जाने वाला गीत है?
- (A) घुड़ला
- (B) सुपणा
- (C) बना-बनी
- (D) घोड़ी
घोड़ी गीत राजस्थान में लड़के के विवाह के समय निकासी या घुड़चढ़ी की रस्म पर गाया जाता है। इस गीत में वर की सवारी का वर्णन और उत्सव का उल्लास झलकता है। इसमें परिवार और रिश्तेदार दूल्हे की शोभा और उसके गौरव का गुणगान करते हैं। यह गीत विवाह की रस्मों को और भी भव्य बनाता है।
43. बेटी की विदाई पर गाया जाने वाला गीत है?
- (A) पीपली
- (B) ओल्यू
- (C) चिरमी
- (D) मूमल
ओल्यू गीत विशेष रूप से बेटी की विदाई के समय गाया जाता है। इसमें माता-पिता और भाई-बहन से बिछड़ने का दर्द और भावनाएँ प्रकट होती हैं। यह गीत विवाह के सबसे संवेदनशील क्षण का चित्रण करता है और परिवार के सभी सदस्यों को भावुक कर देता है।
44. फसल काटते समय गाया जाने वाला गीत है?
- (A) कागा
- (B) लावणी
- (C) जीरो
- (D) तेजागीत
लावणी गीत राजस्थान में प्रायः फसल काटते समय गाया जाता है। इसमें किसानों का उत्साह, श्रम और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट होता है। इन गीतों में हास्य और प्रेमभावना भी झलकती है। लावणी गीत ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं।
45. गणगौर पर सर्वाधिक प्रचलित गीत है?
- (A) धमाल
- (B) केसरिया बालम
- (C) घूमर
- (D) लूर
राजस्थान में गणगौर पर्व पर सबसे अधिक प्रचलित गीत घूमर है। घूमर केवल नृत्य ही नहीं, बल्कि इस पर आधारित गीत भी गाए जाते हैं। इन गीतों में दांपत्य सुख, श्रृंगार और उत्सवधर्मिता की झलक मिलती है। घूमर गीत गणगौर की पहचान हैं।
46. गोरबन्द क्या है?
- (A) गौर और ईसर की शादी में गाया जाने वाला गीत
- (B) गौर के आगमन पर गाया जाने वाला गीत
- (C) ऊँट के श्रृंगार का वर्णन करने वाला गीत
- (D) महिलाओं का श्रृंगारिक गीत
गोरबन्द गीत राजस्थान का प्रसिद्ध लोकगीत है, जिसमें ऊँट के श्रृंगार का वर्णन किया जाता है। गोरबन्द ऊँट की गरदन में डाली जाने वाली सजावटी डोरी को कहते हैं। इस गीत में ग्रामीण जीवन, पशुपालन और रेगिस्तानी संस्कृति का सुंदर चित्रण है।
47. शेखावाटी में किसी वृद्ध व्यक्ति की मृत्यु पर गाया जाने वाले भक्ति गीत हैं?
- (A) हरजस
- (B) जकड़िया
- (C) कुकड़ी
- (D) पवाड़े
हरजस गीत शेखावाटी क्षेत्र में वृद्ध व्यक्ति की मृत्यु पर गाए जाते हैं। इसमें ईश्वर की महिमा और मृत्यु के बाद आत्मा की शांति की कामना की जाती है। हरजस गीत भक्ति और श्रद्धा से भरे होते हैं, जो समाज को धार्मिक और आध्यात्मिक आधार प्रदान करते हैं।
48. कौनसा गीत शुभ अवसर पर नहीं गाया जाता है?
- (A) रातीजगा
- (B) हूंस
- (C) विनायक जी
- (D) बधावा
हूंस गीत शुभ अवसर पर नहीं गाया जाता। इसे गर्भवती स्त्री अपनी सास से खाने-पीने की चीजों की माँग करते हुए गाती है। यह गीत व्यक्तिगत जीवन की भावनाओं से जुड़ा है, जबकि अन्य गीत विवाह और उत्सव जैसे शुभ अवसरों पर गाए जाते हैं।
49. कौनसा गीत नवजात बच्चे के संबंध में नहीं गाया जाता है?
- (A) घूघरी
- (B) होलर
- (C) आंबो
- (D) जच्चा
आंबो गीत नवजात शिशु से संबंधित नहीं है। यह गीत पुत्री की विदाई के समय गाया जाता है। जबकि घूघरी, होलर और जच्चा गीत नवजात शिशु से जुड़े अवसरों पर गाए जाते हैं। इससे स्पष्ट है कि आंबो गीत का संदर्भ अलग है।
50. पवाड़े क्या है?
- (A) महफिलों में गाये जाने वाले गीत
- (B) महापुरुषों की वीरता के गीत
- (C) पाँच-पाँच की पंक्ति में गाए जाने वाले गीत
- (D) युद्ध में गाए जाने वाले गीत
पवाड़े गीत महापुरुषों और वीरों की वीरता का वर्णन करने के लिए गाए जाते हैं। इनमें युद्ध के शौर्य, बलिदान और पराक्रम का चित्रण होता है। पवाड़े गीत समाज में प्रेरणा और साहस जगाने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
51. किस गीत में पत्नी अपने पति से जीरे की खेती ना करने का अनुरोध करती है?
- (A) तेजा गीत
- (B) हमसीड़ो
- (C) जकड़िया
- (D) जीरो गीत
जीरो गीत में पत्नी अपने पति से जीरे की खेती ना करने का अनुरोध करती है। इस गीत के पीछे यह मान्यता रही है कि जीरे की खेती करने से कठिनाइयाँ और संकट आते हैं। यह गीत न केवल कृषि जीवन की झलक देता है, बल्कि पति-पत्नी के भावनात्मक रिश्ते और स्त्रियों की सोच को भी प्रकट करता है।
52. ढाड क्षेत्र में मेले के अवसर पर गाया जाने वाला गीत है?
- (A) घुड़ला
- (B) रतनराणा
- (C) कागा
- (D) पंछीड़ा
पंछीड़ा गीत ढाड क्षेत्र में मेलों और पर्वों के अवसर पर गाया जाता है। इस गीत में सामाजिक उत्सव, मेलजोल और धार्मिक आस्था की झलक मिलती है। पंछीड़ा गीत सामूहिकता और लोक संस्कृति की समृद्ध परंपरा का प्रतीक है।
53. कौनसा गीत वर्षा ऋतु में नहीं गाया जाता है?
- (A) पीपली
- (B) लंहगी
- (C) आल्हा
- (D) पंछीड़ा
पंछीड़ा गीत वर्षा ऋतु में नहीं गाया जाता है। जबकि पीपली, लंहगी और आल्हा गीत वर्षा ऋतु के आनंद और उमंग को व्यक्त करने के लिए गाए जाते हैं। पंछीड़ा मुख्यतः मेलों और सामाजिक अवसरों पर गाया जाने वाला गीत है।
54. काछबा क्या है-
- (A) पश्चिमी राजस्थान में गाया जाने वाला प्रेम गीत
- (B) पूर्वी राजस्थान में गाया जाने वाला विरह गीत
- (C)
- (D)
काछबा गीत पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख प्रेमगीत है। इसमें नायक और नायिका के बीच प्रेमभाव और आकर्षण का वर्णन होता है। यह गीत विरह गीतों से अलग है क्योंकि इसमें प्रेम और संयोग की अभिव्यक्ति होती है।
55. कौनसा गीत विदाई के अवसर पर नहीं गाया जाता है?
- (A) कोयलड़ी
- (B) ओल्यू
- (C) चिरमी
- (D) आंबो
चिरमी गीत विदाई के समय नहीं गाया जाता। इसमें चिरमी पौधे को संबोधित करते हुए लड़की अपने भाई और पिता को याद करती है। जबकि कोयलड़ी, ओल्यू और आंबो गीत विशेष रूप से बेटी की विदाई के अवसर से संबंधित हैं।
56. निम्न में से कौनसा गीत श्रृंगारिक गीत नहीं है?
- (A) कांगसियो
- (B) काजलिया
- (C) मूमल
- (D) कुकड़ी
कुकड़ी गीत श्रृंगारिक गीत नहीं है। जबकि मूमल गीत जैसलमेर का प्रसिद्ध श्रृंगारिक गीत है, कांगसियो में बालों के श्रृंगार का वर्णन होता है और काजलिया गीत होली पर चंग के साथ गाया जाने वाला श्रृंगारिक गीत है। इस प्रकार कुकड़ी अन्य श्रेणी का गीत है।
57. लोकगीत किसी संस्कृति के मुँह बोलते चित्र हैं।' यह किसका कथन है?
- (A) देवेन्द्र सत्यार्थी
- (B) सत्येन्द्र त्रिपाठी
- (C) महात्मा गाँधी
- (D) डॉ. जैतनारायण शास्त्री
यह कथन देवेन्द्र सत्यार्थी का है। उन्होंने लोकगीतों को किसी भी समाज और संस्कृति का जीवंत दस्तावेज माना। उनके अनुसार लोकगीत उस संस्कृति की वास्तविक छवि और जीवन का सजीव चित्रण करते हैं।
58. शुभ अवसरों पर सर्वप्रथम गाया जाने वाला गीत है?
- (A) बधावा
- (B) हरजस
- (C) विनायक
- (D) घुघरी
राजस्थान में किसी भी शुभ अवसर पर सर्वप्रथम विनायक गीत गाया जाता है। इस गीत में भगवान गणेश की स्तुति की जाती है और मंगलकामना व्यक्त की जाती है। विनायक गीत से समारोह की शुरुआत करने की परंपरा शुभ और पावन मानी जाती है।
59. मारवाड़ में किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की मृत्यु पर गाया जाने वाला गीत है?
- (A) बेमाता गीत
- (B) मरसिया
- (C) हमसीढ़ो
- (D) जलो जलाल
मरसिया गीत मारवाड़ क्षेत्र में किसी प्रसिद्ध व्यक्ति की मृत्यु पर गाया जाता है। यह गीत शोक और दुःख की अभिव्यक्ति के लिए होता है। इसमें उस व्यक्ति के गुण, योगदान और समाज पर पड़े प्रभाव का वर्णन किया जाता है।
60. रात्रि जागरण का अंतिम गीत, जो भोर के समय गाया जाता है?
- (A) रतिजगा
- (B) घुघरी
- (C) कुकड़ी का गीत
- (D) झूलरिया
कुकड़ी गीत रात्रि जागरण का अंतिम गीत होता है, जिसे भोर के समय गाया जाता है। यह गीत रात्रि भर चले जागरण की समाप्ति का संकेत देता है। इसमें धार्मिक आस्था और सामाजिक सामूहिकता की झलक मिलती है।
61. मेवाड़ में दीपावली के अवसर पर छोटे-छोटे बच्चों की टोलियों द्वारा घर-घर जाकर गाया जाने वाला गीत है?
- (A) पंछीड़ा
- (B) हरणी/लोवड़ी
- (C) झूलरिया
- (D) लूर गीत
हरणी/लोवड़ी गीत मेवाड़ क्षेत्र में दीपावली के अवसर पर छोटे-छोटे बच्चे घर-घर जाकर गाते हैं। इसमें बच्चे दीपावली की खुशी व्यक्त करते हुए घर-घर से उपहार या मिठाई प्राप्त करते हैं। यह गीत न केवल त्योहार का उल्लास प्रकट करता है, बल्कि आपसी भाईचारे और मेलजोल की भावना को भी मजबूत करता है।
62. जैसलमेर जिले में पति के परदेस जाने पर उसके वियोग में गाया जाने वाला गीत हैं?
- (A) सूंवटिया
- (B) झोरावा
- (C) हमसीढ़ो
- (D) पीपली
झोरावा गीत जैसलमेर क्षेत्र का प्रमुख विरह गीत है। यह पत्नी द्वारा पति के परदेस जाने पर उसके वियोग में गाया जाता है। इसमें स्त्री का दर्द, तड़प और पति के लौट आने की आशा मार्मिक ढंग से झलकती है। यह गीत मरुभूमि की स्त्रियों की गहरी भावनाओं का प्रतीक है।
63. राग मारू व कल्याण किस समय गाया जाता है?
- (A) भोर के समय
- (B) दोपहर काल
- (C) शाम के समय
- (D) वर्षा के समय
राग मारू और कल्याण को गाने का उचित समय शाम माना जाता है। इन रागों की धुन में गंभीरता और शांति का भाव होता है। राजस्थान की लोक परंपराओं में यह समय संगीत और भक्ति दोनों के लिए उपयुक्त माना गया है।
64. नवजात शिशु का भाग्य लिखने वाली बेमाता के लिए गाया जाने वाला गीत है?
- (A) आम्बों
- (B) लोरी
- (C) बेमाता गीत
- (D) हरजस
बेमाता गीत राजस्थान की परंपरा में नवजात शिशु का भाग्य लिखने वाली देवी बेमाता की स्तुति के लिए गाया जाता है। इसमें देवी से शिशु के भविष्य को सुखमय और मंगलमय बनाने की प्रार्थना की जाती है। यह गीत मातृत्व, विश्वास और धार्मिक आस्था का सुंदर रूप है।
65. राजस्थान की लोकदेवियों में सबसे लम्बा गीत किस लोकदेवी का है?
- (A) शीला देवी
- (B) जीण माता
- (C) करणी माता
- (D) कैला देवी
राजस्थान की लोकदेवियों में सबसे लंबा गीत जीण माता का है। इन गीतों में माता जी की महिमा, चमत्कारों और भक्तों की आस्था का वर्णन किया जाता है। जीण माता शेखावाटी क्षेत्र की प्रमुख लोकदेवी हैं और उनके भक्ति गीत लोकसाहित्य में अत्यंत लोकप्रिय हैं।
66. सहरिया जनजाति द्वारा वर्षा ऋतु में गाया जाने वाला गीत है?
- (A) फाग
- (B) आल्हा
- (C) झूलरिया
- (D) हींडा
सहरिया जनजाति वर्षा ऋतु में आल्हा गीत गाती है। आल्हा गीत परंपरागत वीरगाथा गायन शैली का हिस्सा है, जिसमें वर्षा ऋतु की प्रसन्नता और सामूहिक उत्सव का चित्रण होता है। सहरिया समाज के लोग इन गीतों को मिलकर गाते हैं, जिससे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है।
67. कच्छीघोड़ी नृत्य करते समय गाये जाने वाले गीत हैं?
- (A) पटेल्या, बीछियो एवं लालर
- (B) लसकरिया, बीन्द, रसाला, रंगमारिया
- (C) कुरजां, पीपली, रतनराणो
- (D) गणगौर, फाग व हिंन्डो
कच्छीघोड़ी नृत्य राजस्थान का लोकनृत्य है, जिसमें लोक कलाकार घोड़े का रूप धारण करते हैं। इस नृत्य के दौरान लसकरिया, बीन्द, रसाला और रंगमारिया जैसे गीत गाए जाते हैं। ये गीत हास्य और वीरता का मिश्रण होते हैं और दर्शकों को आनंदित करते हैं।
68. पीर व संतो की प्रशंसा में गाये जाने वाले धार्मिक गीत हैं?
- (A) पवाड़े
- (B) लूर गीत
- (C) होलर
- (D) जकड़ियाँ
जकड़ियाँ गीत पीर और संतो की प्रशंसा में गाए जाते हैं। इनमें संतों की शिक्षाओं, जीवन मूल्यों और उनके चमत्कारों का वर्णन होता है। यह गीत धार्मिक श्रद्धा और सामाजिक समरसता का संदेश देते हैं और सूफी परंपरा से गहराई से जुड़े हुए हैं।
69. निम्न में से कौनसा राजस्थान का लोकगीत नहीं है?
- (A) घूमर
- (B) जीरा
- (C) भतियाली
- (D) चिरमी
भतियाली गीत राजस्थान का नहीं बल्कि बंगाल क्षेत्र का लोकगीत है। यह नाविकों द्वारा गाया जाता है। जबकि घूमर, जीरा और चिरमीराजस्थान के प्रसिद्ध लोकगीत हैं, जो नृत्य और विवाह अवसरों से जुड़े हुए हैं।
70. मांड गीत राजस्थान के किस क्षेत्र से है?
- (A) जालौर, सिरोही
- (B) मेवात क्षेत्र
- (C) कोटा-बूंदी
- (D) बीकानेर एवं जैसलमेर
मांड गीत राजस्थान के बीकानेर और जैसलमेर क्षेत्र से संबंधित है। इसे श्रृंगार और करुण रस प्रधान माना जाता है। इस शैली ने राजस्थान की लोकसंस्कृति को विशिष्ट पहचान दिलाई और इसे मरूभूमि की आत्मा भी कहा जाता है।
71. राजस्थान का राज्य गीत है?
- (A) केसरिया बालम
- (B) धरती धोरा री
- (C) पावणा
- (D) कुरजाँ
राजस्थान का राज्यगीत केसरिया बालम है। इसे मांड राग में गाया जाता है। यह गीत विदेश गए पति को घर लौटने का संदेश देता है। गीत में नारी की प्रतीक्षा और विरह व्यथा का सुंदर चित्रण किया गया है। यह राजस्थान की पहचान बन चुका है।
72. भीलों का प्रसिद्ध लोकगीत जिसे स्त्री-पुरुष साथ मिलकर गाते है?
- (A) पीपली
- (B) बादळी गीत
- (C) लूर
- (D) हमसीढ़ो
हमसीढ़ो गीत भील जनजाति का प्रसिद्ध लोकगीत है। इसे स्त्री और पुरुष मिलकर गाते हैं। यह गीत सामूहिक जीवन और उत्सवधर्मिता का प्रतीक है। भील समाज के पर्व और मेलों में यह गीत गाए जाते हैं, जिनमें एकता और उल्लास की झलक मिलती है।
73. लोकगीत 'मूमल' बहुत प्रसिद्ध है, राजकुमारी मूमल किस स्थान से सम्बन्धित थी?
- (A) नरवर
- (B) पूगल
- (C) मेड़ता
- (D) लोद्रवा
मूमल लोकगीत राजकुमारी मूमल की प्रेमकथा पर आधारित है। मूमल लोद्रवा (जैसलमेर) की राजकुमारी थी। उनका प्रेमाख्यान अमरकोट के राजकुमार महेन्द्र से जुड़ा है। इस गीत में प्रेम, समर्पण और त्रासदी का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है।
74. घुड़ला गीत राजस्थान के किस क्षेत्र में सर्वाधिक गाया जाता है?
- (A) शेखावाटी
- (B) मेवाड़
- (C) वागड़
- (D) मारवाड़
घुड़ला गीत राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र में सर्वाधिक गाया जाता है। यह गीत लोक उत्सवों और धार्मिक आयोजनों से जुड़ा है। इसमें सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर की झलक देखने को मिलती है।
75. लांगूरिया गीत का सम्बन्ध किससे है?
- (A) शीला देवी
- (B) जीण माता
- (C) कैला देवी
- (D) करणी माता
लांगूरिया गीत करौली क्षेत्र में लोकदेवी कैला देवी की अराधना में गाया जाता है। भक्तजन इन गीतों को अलगोजा वाद्ययंत्र की धुन पर गाते हैं। इसमें भक्ति, आस्था और लोकश्रद्धा का सुंदर समावेश होता है। लांगूरिया गीत राजस्थान की धार्मिक लोकपरंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
76. कौनसा प्रसिद्ध राजस्थानी गीत एक युवती के सौन्दर्य का वर्णन करता है?
- (A) सुवटिया
- (B) मूमल
- (C) चिरमी
- (D) कुरजां
मूमल गीत राजस्थानी लोकगीतों में युवती के सौंदर्य और श्रृंगार का सुंदर चित्रण करता है। इसमें राजकुमारी मूमल की आकर्षक छवि और उसकी प्रेमकथा का वर्णन मिलता है। गीत में सौंदर्य के साथ-साथ प्रेम और भावनात्मक गहराई भी प्रकट होती है। यही कारण है कि मूमल गीत राजस्थान के लोकसाहित्य में अत्यधिक लोकप्रिय है।
77. एक रजवाड़ी गीत जिसमें विरहणी नारी अपने प्रियतम को घर आने का संदेश देती है?
- (A) पपैहा
- (B) मूमल
- (C) चिरमी
- (D) कुरजां
कुरजां गीत राजस्थान का प्रसिद्ध रजवाड़ी गीत है। इसमें विरहणी नारी अपने प्रियतम को घर आने का संदेश देती है। नायिका कुरजां पक्षी को संदेशवाहक मानकर अपने प्रिय तक प्रेम संदेश पहुँचाती है। यह गीत विरह और प्रतीक्षा की भावनाओं का मार्मिक चित्रण करता है।
78. लड़की द्वारा ससुराल में पिता व भाई को याद करके गाया जाने वाला गीत है?
- (A) सुवटिया
- (B) कागा
- (C) चिरमी
- (D) सुपना
चिरमी गीत लड़की द्वारा ससुराल में गाया जाता है, जब वह अपने पिता और भाई की याद करती है। इस गीत में ससुराल जीवन की भावनाएँ और मायके से जुड़ी आत्मीयता का सुंदर वर्णन मिलता है। यह गीत बेटियों के जीवन में विदाई के बाद की संवेदनशीलता को अभिव्यक्त करता है।
79. सारंग' राग किस समय गाया जाता है?
- (A) भोर के समय
- (B) रात्रि में
- (C) वर्षा के समय
- (D) दोपहर काल
सारंग राग का समय दोपहर 12:00 बजे से 02:00 बजे तक माना जाता है। यह राग गंभीर और मधुर स्वरों वाला है। राजस्थान की लोकधुनों में भी सारंग राग का प्रयोग मिलता है। इसकी प्रस्तुति श्रोताओं के मन को शांति और संतुलन प्रदान करती है।
80. सूवटिया लोकगीत का संबंध किससे है?
- (A) गरासिया स्त्री से
- (B) राजपूत स्त्री से
- (C) वीरांगना स्त्री से
- (D) भील स्त्री से
सूवटिया गीत भील स्त्रियों द्वारा गाया जाने वाला प्रसिद्ध विरह गीत है। इसमें स्त्री अपने पति को संदेश भेजने के लिए तोते (सुवटिया) का सहारा लेती है। यह गीत आदिवासी जीवन की सरलता और भावनात्मक गहराई को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि भील संस्कृति में पक्षियों को संदेशवाहक के रूप में मान्यता दी गई है।
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About the Author
Mukesh Khunga
Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...








