राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश MCQ Questions with Answers

राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश Important MCQ | Rajasthan GK Questions in Hindi

इस पोस्ट में राजस्थान का इतिहास के टॉपिक राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न RPSC, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या शामिल हैं।

  • Subject: राजस्थान का इतिहास
  • Topic: राजस्थान के अन्य महत्वपूर्ण राजवंश
  • Last Updated:
  • Content Type: Multiple Choice Questions (MCQ)
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Rajputana Diary – Rajasthan GK Faculty & Content Team (Since 2021)

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1. निम्न में से श्रृंगार देवी और गीगा देवी का संबंध था?

A कृष्णदेव परमार
B धन्धुक परमार
C महाराजा रामसिंह
D धारावर्ष परमार
📖 व्याख्या
धारावर्ष परमार आबू के परमार शासकों में सबसे शक्तिशाली शासक थे। उनकी दो रानियाँ श्रृंगार देवी और गीगा देवी थीं, जो नाडोल के चौहान राजा केल्हण की पुत्रियाँ थीं। यह तथ्य परमार-चौहान संबंधों को भी दर्शाता है और राजस्थान के मध्यकालीन राजनीतिक संबंधों को समझने में महत्वपूर्ण है।

2. जैसलमेर में किस महारावल की अल्पवयस्कता के काल में महेश्वरी जाति ने 'लाणी' प्रथा के मुद्दे को लेकर राज्य के विरुद्ध आंदोलन प्रारंभ कर दिया था?

A मूलराज द्वितीय
B शालिवाहन द्वितीय
C जैतसिंह द्वितीय
D रणजीत सिंह
📖 व्याख्या
जैसलमेर में महारावल शालिवाहन द्वितीय के अल्पवयस्क काल में महेश्वरी जाति द्वारा 'लाणी' प्रथा के विरोध में आंदोलन शुरू किया गया था। यह प्रथा आर्थिक शोषण से जुड़ी थी, जिसके कारण व्यापारिक वर्ग में असंतोष फैल गया। यह घटना सामाजिक-आर्थिक संघर्ष का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

3. पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु के बाद निम्न में से कौनसा व्यक्ति एकमात्र हिन्दू शासक हुआ, जो दिल्ली की सिंहासन पर बैठा ?

A हेमचन्द्र विक्रमादित्य
B महाराणा सांगा
C रावल रतनसिंह
D कुमार सिंह
📖 व्याख्या
माचेड़ी गाँव (अलवर) का धूसर बनिया हेमचन्द्र इतिहास में हेमूं के नाम से विख्यात है। 1192 ई. में अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की मृत्यु के बाद हेमूं ही एकमात्र हिन्दू शासक हुआ, जो दिल्ली के सिंहासन पर बैठा। उसने अपना नाम विक्रमादित्य हेमचन्द्र रखा।

4. बीलपण का युद्ध कब हुआ?

A 18 अप्रैल, 1572
B 18 अप्रैल, 1573
C 18 अप्रैल, 1574
D 18 अप्रैल, 1575
📖 व्याख्या
रावल आसकरण राणा प्रताप का प्रबल समर्थक था और उसने मुगल सत्ता को स्वीकार नहीं किया। 18 अप्रैल, 1573 को बीलपण का युद्ध हुआ। इस युद्ध में आसकरण ने आत्मसमर्पण नहीं किया और पहाड़ों में शरण लेना उचित समझा। यह घटना मेवाड़ के संघर्ष को दर्शाती है।

5. किस रियासत ने अपनी आय बढ़ाने के लिए वर्ष 1945 ई. में 'महुआ कानून' लागू किया?

A डूंगरपुर
B उदयपुर
C प्रतापगढ़
D बांसवाड़ा
📖 व्याख्या
डूंगरपुर रियासत ने 1945 ई. में अपनी आय बढ़ाने के उद्देश्य से 'महुआ कानून' लागू किया। इसके तहत प्रत्येक भील परिवार को डेढ़ मण महुआ रियासत को मुफ्त देना अनिवार्य था। इस कानून से जनजातीय समाज पर आर्थिक बोझ पड़ा और यह शोषण का उदाहरण माना जाता है।

6. शेखावाटी के पाँच प्रमुख ठिकाने, जो पंचपाणे कहलाते थे। निम्न में से कौनसा इनमें शामिल नहीं था?

A नवलगढ़
B मुकुन्दगढ़
C बिसाऊ
D मलसीसर
📖 व्याख्या
शेखावाटी क्षेत्र के पाँच प्रमुख ठिकाने पंचपाणे कहलाते थे, जिनमें बिसाऊ, डूंडलोद, मंडावा, मलसीसर और नवलगढ़ शामिल थे। मुकुन्दगढ़ इन पंचपाणों में शामिल नहीं था। यह प्रश्न शेखावाटी क्षेत्र की प्रशासनिक एवं सामंती संरचना को समझने में महत्वपूर्ण है।

7. चीनी यात्री हवेनसांग जब भीनमाल आया, उस समय यहाँ पर किस राजवंश का शासन था?

A चावड़ा
B चौहान
C प्रतिहार
D परमार
📖 व्याख्या
चीनी यात्री ह्वेनसांग 641 ई. में भीनमाल आया था। उस समय वहाँ चावड़ा वंश का शासन था। भीनमाल उस समय एक प्रमुख सांस्कृतिक और शैक्षणिक केंद्र था। यह जानकारी प्राचीन भारत के विदेशी यात्रियों के विवरण से प्राप्त होती है।

8. 1818 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी से संधि के समय जैसलमेर का शासक कौन वा?

A मुलराज द्वितीय
B गजसिंह
C रणजीत सिंह
D शालिवाहन द्वितीय
📖 व्याख्या
1818 ई. में जब जैसलमेर ने ईस्ट इंडिया कम्पनी के साथ संधि की, उस समय वहाँ मुलराज द्वितीय का शासन था। इस संधि के बाद जैसलमेर ब्रिटिश संरक्षण में आ गया, जिससे उसकी आंतरिक स्वायत्तता बनी रही लेकिन बाहरी नियंत्रण अंग्रेजों के हाथ में चला गया।

9. टॉक में मुस्लिम रियासत का संस्थापक किसे माना जाता है?

A हसन खां मेवाती
B अमीर खां पिण्डारी
C गुलाब खां
D मोहम्मद खां
📖 व्याख्या
टोंक में मुस्लिम रियासत की स्थापना अमीर खां पिण्डारी ने की थी। वह एक शक्तिशाली पिण्डारी सरदार था, जिसे अंग्रेजों ने 1817-18 में संधि के बाद टोंक का शासक मान्यता दी। टोंक राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत थी, जो ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

10. 1857 की क्रांति के समय जैसलमेर का शासक कौन वा?

A शालिवाहन
B रणजीतसिंह
C जवाहरसिंह
D वैरिशालसिंह
📖 व्याख्या
1857 की क्रांति के समय जैसलमेर पर महारावल रणजीत सिंह का शासन था। इस समय अधिकांश रियासतों ने अंग्रेजों का साथ दिया था और जैसलमेर भी उनमें शामिल था। यह घटना राजस्थान की रियासतों की ब्रिटिश नीति के प्रति भूमिका को समझने में सहायक है।

11. देलवाड़ा (आबू) में स्थित भगवान आदिनाव का भव्य मंदिर किसके द्वारा निर्मित है?

A धन्धुक
B महिपाल
C सोमसिंह
D विमलशाह
📖 व्याख्या
विमलशाह ने 1031 ई. में देलवाड़ा (आबू) में भगवान आदिनाथ का भव्य जैन मंदिर बनवाया। यह मंदिर ‘विमलवसाही’ के नाम से प्रसिद्ध है और अपनी उत्कृष्ट संगमरमर की नक्काशी व स्थापत्य कला के लिए विश्वविख्यात है। यह जैन वास्तुकला का श्रेष्ठ उदाहरण माना जाता है।

12. किस शिलालेख में वशिष्ठ मंत्रबल से आबू के अग्नि कुण्ड से नुमराज परमार को उत्पन्न किया?

A पाटनारायण का लेख
B घटियाला का लेख
C बिजौलिया का लेख
D चिरवा का लेख
📖 व्याख्या
सिरोही के गिरवर गाँव के पास पाटनारायण मंदिर में लगे इस शिलालेख में उल्लेख है कि वशिष्ठ ने मंत्रबल से आबू के अग्निकुंड से धूम्रराज परमार को उत्पन्न किया। यह कथा परमार वंश की उत्पत्ति को दर्शाती है और उनकी वीरता व पराक्रम का भी वर्णन करती है।

13. जैसलमेर के किस शासक ने अकबर की अधीनता स्वीकार कर अपनी राजकुमारी का विवाह अकबर से किया था?

A हरराय
B रावल भीम
C रणजीत सिंह
D शालिवाहन
📖 व्याख्या
1570 ई. में नागौर दरबार में रावल हरराय ने अकबर की अधीनता स्वीकार की और अपनी पुत्री का विवाह उससे किया। यह घटना मुगल-राजपूत संबंधों को मजबूत करने का प्रमुख उदाहरण है और राजनीतिक समझौते की नीति को दर्शाती है।

14. निम्नलिखित में से राजपूताना के किस क्षेत्र में वरीक वंश ने शासन किया था?

A बयाना
B बदनौर
C अलवर
D अजमेर
📖 व्याख्या
राजस्थान के बयाना (भरतपुर) क्षेत्र में वरीक वंश का शासन था। विजयगढ़ यूप स्तम्भ लेख (371 ई.) में विष्णुवर्धन नामक शासक का उल्लेख मिलता है, जो वरीक वंश से संबंधित था। यह क्षेत्र प्राचीन काल में महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र रहा है।

15. करीली में यदुवंश की स्थापना किसके द्वारा की गई वी?

A कुंवरपाल
B विजयपाल
C अर्जुनपाल
D धर्मपाल
📖 व्याख्या
करौली में यदुवंश की स्थापना विजयपाल यादव ने लगभग 1040 ई. में की थी। यह वंश आगे चलकर क्षेत्र में प्रभावशाली बना और करौली राज्य की नींव इसी वंश द्वारा रखी गई, जो राजस्थान के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।

16. राजस्थान का अंतिम किला माना जाने वाला मोहनगढ़ किले का निर्माण जैसलमेर के किम शासक द्वारा करवाया गया था?

A मूलराज भाटी
B गजसिंह
C शालिवाहन
D जवाहर सिंह
📖 व्याख्या
मोहनगढ़ किला राजस्थान का अंतिम निर्मित किला माना जाता है। इसका निर्माण जैसलमेर के शासक जवाहर सिंह ने करवाया था। यह किला आधुनिक काल के किलों में गिना जाता है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था।

17. आबू के परमार वंश का संस्थापक कौन वा?

A धरणीवराह
B घूमराज
C महिपाल
D धन्युक परमार
📖 व्याख्या
आबू के परमार वंश का संस्थापक धूमराज माना जाता है। हालांकि वंशावली की शुरुआत उत्पलराज से मानी जाती है। इस वंश की राजधानी चन्द्रावती थी और यह वंश राजस्थान के महत्वपूर्ण राजवंशों में से एक था।

18. 1857 की क्रान्नि के दौरान डूंगरपुर के शासक कौन थे, जिन्होंने नीमच के विद्रोहियों को रोकने में कैप्टन बुक की सहायता की थी?

A महारावल उदयसिंह द्वितीय
B महारावल उदयसिंह प्रथम
C महारावल जसवंत सिह प्रडम
D महारावल जसवंत सिंह द्वितीय
📖 व्याख्या
1857 की क्रांति के समय डूंगरपुर के शासक महारावल उदयसिंह द्वितीय थे। उन्होंने अंग्रेजों का सहयोग करते हुए नीमच के विद्रोहियों को रोकने में कैप्टन बुक की मदद की। इससे खुश होकर अंग्रेजों ने उन्हें गोद लेने की अनुमति दी, जो विशेष सम्मान था।

19. आधुनिक जैसलमेर का निर्माता किस शासक को माना जाता है?

A देवराज भाटी
B राव लूणकरण
C शालिवाहन
D जवाहर सिंह
📖 व्याख्या
आधुनिक जैसलमेर के निर्माण और विकास का श्रेय महारावल जवाहर सिंह को दिया जाता है। उनके शासनकाल में नगर का पुनर्गठन, किलेबंदी और प्रशासनिक सुधार हुए, जिससे जैसलमेर का आधुनिक स्वरूप विकसित हुआ।

20. बासनपीर का युद्ध किन रियासतों के मध्य हुआ था?

A जैसलमेर-जोधपुर
B जैसलमेर-नागौर
C जैसलमेर-बीकानेर
D जैसलमेर अजमेर
📖 व्याख्या
बासनपीर का युद्ध 1828 ई. में जैसलमेर और बीकानेर के बीच हुआ था। यह युद्ध बामनपीर स्थान पर लड़ा गया, जिसमें बीकानेर की सेना ने आक्रमण किया था लेकिन अंततः उसे हार का सामना करना पड़ा। यह युद्ध क्षेत्रीय संघर्ष का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

21. अंग्रेजों ने अमीर खाँ को किस वर्ष टॉक के नवाब की मान्यता प्रदान का?

A 1823
B 18163
C 1817 ई.
D 1818
📖 व्याख्या
अंग्रेजों ने अमीर खां पिण्डारी को 1817 ई. में टोंक के नवाब के रूप में मान्यता दी। यह संधि पिण्डारी युद्धों के बाद हुई, जिससे अमीर खां को वैध शासक का दर्जा मिला और टोंक एक स्वतंत्र मुस्लिम रियासत के रूप में स्थापित हुआ।

22. राजस्थान के एकीकरण के समय करौली के शासक कौन थे?

A गणेशपाल
B भंवरपाल
C जयपाल
D अर्जुनपाल
📖 व्याख्या
राजस्थान के एकीकरण (1948-49) के समय करौली के शासक गणेशपाल थे। उन्होंने भारतीय संघ में विलय को स्वीकार किया, जिससे करौली रियासत का एकीकरण राजस्थान में हुआ। यह घटना आधुनिक राजस्थान के निर्माण में महत्वपूर्ण थी।

23. किस शासक को परमार वंश की महानता का संस्थापक कहा जाता है?

A मुन्ज
B भोज
C जयसिंह
D सोमसिंह
📖 व्याख्या
परमार वंश की महानता का वास्तविक संस्थापक राजा मुंज को माना जाता है। उनके शासनकाल में परमार राज्य का विस्तार हुआ और राजनीतिक व सांस्कृतिक उन्नति हुई। उन्होंने अपने पराक्रम और प्रशासनिक क्षमता से वंश को सशक्त बनाया।

24. आबू के परमारों की राजधानी थी-

A रेवदर
B माउन्ट आबू
C चन्द्रावती
D अनादरा
📖 व्याख्या
आबू के परमारों की राजधानी चन्द्रावती (सिरोही) थी। यह एक समृद्ध और महत्वपूर्ण नगर था, जो व्यापार और संस्कृति का प्रमुख केंद्र था। यहाँ से परमार शासकों ने अपने राज्य का संचालन किया।

25. आबू के परमार शासकों में सबसे शक्तिशाली शासक वा?

A विक्रमदेव
B महिपाल
C धन्धुक परमार
D वाग
📖 व्याख्या
आबू के परमार शासकों में धारावर्ष (वाग) को सबसे शक्तिशाली शासक माना जाता है। उनके समय में राज्य की शक्ति और प्रतिष्ठा चरम पर थी। वे अपनी वीरता और प्रशासनिक क्षमता के लिए प्रसिद्ध थे तथा उनके काल में परमार वंश का उत्कर्ष हुआ।

26. वागड़ के परमारों की राजधानी थी?

A अर्बुणा
B सागवाड़ा
C कुशलगढ़
D अग्नोर
📖 व्याख्या
वागड़ क्षेत्र में परमार वंश की राजधानी अर्बुणा थी। यह क्षेत्र वर्तमान डूंगरपुर-बांसवाड़ा के आसपास स्थित था। परमार शासकों ने यहाँ से अपने राज्य का संचालन किया और यह स्थान प्रशासनिक व सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र रहा।

27. किस शासक के समय जैसलमेर का दूसरा साका हुआ था?

A मूलराम प्रथम
B रावल दूदा
C रावत्न घड़सी
D जैतसिंह द्वितीय
📖 व्याख्या
रावल दूदा के समय जैसलमेर पर फिरोजशाह तुगलक का आक्रमण हुआ। इस युद्ध में रावल दूदा, उनके भाई त्रिलोकसी सहित अनेक भाटी वीरों ने युद्ध करते हुए वीरगति प्राप्त की। इस अवसर पर महिलाओं ने जौहर किया, जिसे जैसलमेर का दूसरा साका कहा जाता है।

28. जैसलमेर के किस शासक के समय पालीवालों के जैसलमेर त्याग की घटना घटित हुई?

A महारावल रणजीत सिंह
B महारावल वैरीशान
C महारावल अखैसिंह
D महारावल गजसिंह
📖 व्याख्या
पालीवाल ब्राह्मणों द्वारा जैसलमेर त्याग की प्रसिद्ध घटना महारावल गजसिंह के समय हुई। अत्यधिक कर व अत्याचारों के कारण पालीवालों ने एक ही रात में अपने गाँव छोड़ दिए। यह घटना राजस्थान के सामाजिक-आर्थिक इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

29. करौली के किस शासक ने अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली डीः

A गोपाल पाल
B हरवरखा पान
C अर्जुनपाल
D निमन पाल
📖 व्याख्या
करौली के शासक गोपाल पाल ने अकबर की अधीनता स्वीकार की थी। मुगल काल में कई राजपूत शासकों ने राजनीतिक स्थिरता और सुरक्षा के लिए मुगलों की अधीनता स्वीकार की, जिससे आपसी संबंध मजबूत हुए।

30. अंग्रेजों ने झालावाड़ को अलग रियासत की मान्यता कब दी?

A 1835
B 1838
C 1842
D 1846
📖 व्याख्या
अंग्रेजों ने 1838 ई. में झालावाड़ को अलग रियासत के रूप में मान्यता दी। इसे कोटा राज्य से अलग करके बनाया गया था। यह कदम प्रशासनिक सुविधा और राजनीतिक नियंत्रण को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया था।

31. झालावाड़ के किस शासक ने सार्वजनिक मंदिरों में हरिजनों के प्रवेश की अनुमति प्रदान की?

A राजराणा हरिशचन्द्र
B राजराणा राजेन्द्र सिंह
C राजराणा भवानी सिंह
D राजराणा पृथ्वीसिंह
📖 व्याख्या
झालावाड़ के राजराणा राजेन्द्र सिंह ने सामाजिक सुधार के रूप में हरिजनों को सार्वजनिक मंदिरों में प्रवेश की अनुमति दी। यह कदम सामाजिक समानता और अस्पृश्यता के विरोध में महत्वपूर्ण सुधार माना जाता है।

32. झालावाड़ के अंतिम शासक थे-

A राजराणा हरिशचन्द्र
B राजराणा मदनसिंह
C राजराणा भवानी सिंह
D राजराणा पृथ्वीसिंह
📖 व्याख्या
झालावाड़ के अंतिम शासक राजराणा हरिशचन्द्र थे। उन्होंने राजस्थान के एकीकरण के समय भारतीय संघ में विलय को स्वीकार किया। इससे झालावाड़ रियासत का स्वतंत्र अस्तित्व समाप्त हो गया और यह राजस्थान राज्य का हिस्सा बन गया।

33. अलवर रियासत का पहला स्वतंत्र शासक था?

A बख्तावर सिंह
B शिवदान सिंह
C प्रतापसिंह
D विनयसिंह
📖 व्याख्या
अलवर रियासत के पहले स्वतंत्र शासक प्रतापसिंह थे। उन्होंने 18वीं शताब्दी में मुगलों से स्वतंत्र होकर अलवर राज्य की स्थापना की और इसे एक सशक्त रियासत के रूप में विकसित किया।

34. अलवर के शासक बख्तावर सिंह की मृत्यु के बाद अलवर की गद्दी पर दो अल्पव्यस्क शासक एक साथ गद्दी पर बैठे, इनका नाम वा?

A प्रतापसिंह, विनयसिंह
B विनयसिंह, बलवंतसिंह
C बलवंतसिंह, शिवदान सिंह
D शिवदान सिंह, विनयसिंह
📖 व्याख्या
बख्तावर सिंह की मृत्यु के बाद अलवर की गद्दी पर विनयसिंह और बलवंतसिंह दोनों अल्पवयस्क शासक बने। इस स्थिति में शासन कार्य अभिभावकों और दरबार के प्रमुखों द्वारा संचालित किया गया।

35. नीमूचाणा हत्याकाण्ड के समय अलवर का शासक था?

A जयसिंह
B तेजसिंह
C मंगलसिंह
D शिवदानसिंह
📖 व्याख्या
नीमूचाणा हत्याकांड के समय अलवर के शासक जयसिंह थे। इस घटना में किसानों के आंदोलन को दबाने के लिए बल प्रयोग किया गया, जिससे कई लोगों की मृत्यु हुई। यह घटना ब्रिटिश कालीन दमनकारी नीतियों का उदाहरण है।

36. महाराव शेखा ने स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर एक अलग शेखावाटी रियासत की स्थापना की, इसकी राजधानी थी?

A सीकर
B फतेहपुर
C अमरसर
D मनोहरपुरा
📖 व्याख्या
महाराव शेखा ने 1469 ई. में स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर शेखावाटी रियासत की स्थापना की और अमरसर को अपनी राजधानी बनाया। यह क्षेत्र बाद में व्यापार और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बना।

37. किशनगढ़ के किस शासक की बहन चारूमति का विवाह औरंगजेब से तय हुआ था लेकिन मेवाड़ महाराणा राजसिंह ने चारूमति से विवाह कर लिया ?

A सावंतसिंह
B पृथ्वीसिंह
C मानसिंह
D किशनसिंह
📖 व्याख्या
किशनगढ़ के शासक मानसिंह की बहन चारूमति का विवाह औरंगजेब से तय हुआ था, लेकिन मेवाड़ के महाराणा राजसिंह ने उससे विवाह कर लिया। यह घटना राजपूत स्वाभिमान और मुगल विरोध की भावना को दर्शाती है।

38. जैसलमेर के किस शासक के समय इनकी उपाधि राव के स्थान पर रावल हुई?

A देवराज भाटी
B जैतसिंह
C शालिवाहन
D जैसल
📖 व्याख्या
देवराज भाटी के समय ‘राव’ की उपाधि बदलकर ‘रावल’ कर दी गई। उन्होंने लोद्रवा को पंवारों से जीतकर नई राजधानी स्थापित की और राज्य की प्रतिष्ठा को बढ़ाया।

39. जैसलमेर के किस शासक के शासनकाल में मुनि पुण्यसागर ने जिम्बुदीप प्रज्ञप्ति उपांगसूत्र' व मुनि जीन हंससूरी ने 'जम्बुदीप प्रज्ञप्ति उपांगसूत्र वृत्ति' की रचना की ?

A महारावल कल्याण
B रावल भीम
C महारावल बैरीसाल
D महारावल गजसिंह
📖 व्याख्या
रावल भीम के शासनकाल में जैन मुनि पुण्यसागर और जिन हंससूरी ने महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथों की रचना की। यह काल साहित्यिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध था, जिससे जैन धर्म का प्रचार-प्रसार हुआ।

40. लोद्रवा के शिलालेख (1157 ई.) से किस राजवंश के राजाओं के संबंध में जानकारी मिलती है?

A कच्छवाहा
B राठौड़
C भाटी
D गुहिल
📖 व्याख्या
लोद्रवा के 1157 ई. के शिलालेख से भाटी राजवंश के शासकों के बारे में जानकारी मिलती है। यह शिलालेख जैसलमेर के प्रारंभिक इतिहास और भाटी वंश की वंशावली को समझने का महत्वपूर्ण स्रोत है।

41. आबू के किस परमार शासक की विधवा पुत्री ने बसंतगढ़ में सूर्य मन्दिर का निर्माण व सरस्वती बावड़ी का जीणर्णोद्धार करवाया?

A कृष्णदेव
B धरणीवराह
C धन्युक परमार
D महिपाल
📖 व्याख्या
आबू के परमार शासक धन्युक परमार की विधवा पुत्री ने बसंतगढ़ में सूर्य मंदिर का निर्माण करवाया तथा सरस्वती बावड़ी का जीर्णोद्धार कराया। यह घटना उस समय की धार्मिक आस्था और स्थापत्य संरक्षण को दर्शाती है।

42. वागड़ के परमार निम्न में से किसके वंशज माने जाते हैं?

A मुंज
B भोज
C राजा मंडलिक
D डंवर सिंह
📖 व्याख्या
वागड़ के परमार मालवा के परमार शासक कृष्णराज के दूसरे पुत्र डंवर सिंह के वंशज माने जाते हैं। इनके अधिकार में डूंगरपुर और बाँसवाड़ा क्षेत्र था, जिसे वागड़ कहा जाता था। यह वंश क्षेत्रीय इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

43. शेखावाटी के संस्थापक राव शेखा की मृत्यु सीकर के किस गांव में 1488 ई. में हुई?

A पाटोदा
B अमरसर
C डुंडलोद
D रलावता गाँव
📖 व्याख्या
शेखावाटी के संस्थापक राव शेखा की मृत्यु 1488 ई. में सीकर के रलावता गाँव में हुई थी। उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र की स्थापना की और इसे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व सांस्कृतिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया।

44. आगरा किले पर अधिकार करने में मुगलों की सहायता करने के कारण मुगलों द्वारा अलवर के किस कच्छवाहा (नरूका) शासक को 'राव राजा बहादुर' की उपाधि व 5000 की मनसबदारी दी थी?

A प्रतापसिंह
B बख्तावर सिंह CC
C विनय सिंह
D मंगल सिंह
📖 व्याख्या
प्रताप सिंह ने मुगल सेनापति नजफ खाँ की सहायता कर आगरा किले पर अधिकार दिलाया। इससे प्रसन्न होकर मुगल बादशाह ने 1774 ई. में उन्हें ‘राव राजा बहादुर’ की उपाधि तथा 5000 की मनसबदारी प्रदान की और माचेड़ी को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी।

45. परमार वंश का प्राचीनतम ज्ञात सदस्य है।

A धरणी वराहा
B उपेन्द्र कृष्णराज
C कृष्ण देव
D धंन्धुक
📖 व्याख्या
परमार वंश का प्राचीनतम ज्ञात सदस्य उपेन्द्र कृष्णराज माना जाता है। इन्हें परमार वंश की प्रारंभिक नींव रखने वाला शासक माना जाता है, जिनसे इस वंश की ऐतिहासिक परंपरा प्रारंभ होती है।

46. सामन्त सिंह ने 1178 ई. में वागड़ क्षेत्र में (इंगरपुर) गुहिल वंश की स्थापना कर किसे अपनी राजधानी बनाया?

A वटप्रदक
B डेसा
C इंडर
D अहमदाबाद
📖 व्याख्या
सामन्त सिंह ने 1178 ई. में वागड़ क्षेत्र में गुहिल वंश की स्थापना कर वटप्रदक को अपनी राजधानी बनाया। यह स्थान प्रशासनिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था।

47. 1580 ई. में डूंगरपुर के शासक कौन थे, जिनके काल में डूंगरपुर व बाँसवाड़ा के मध्य युद्ध हुआ?

A सहसमल
B आसकरण
C सोमदास
D गोपीनाथ
📖 व्याख्या
1580 ई. में डूंगरपुर के शासक सहसमल थे। उनके समय में डूंगरपुर और बाँसवाड़ा के बीच संघर्ष हुआ, जो क्षेत्रीय सत्ता और सीमाओं को लेकर था। यह युद्ध वागड़ क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

48. डूंगरपुर के किस शासक ने अपना अस्तित्व रखने हेतु पेशवा बाजीराव प्रथम व मल्हार राव होल्कर को काफी मात्रा में धन देना पड़ा?

A महारावल रामसिंह
B महारावल शिव सिंह
C महारावल मानसिंह
D महारावल पूंजराज
📖 व्याख्या
महारावल शिव सिंह को अपने राज्य की सुरक्षा बनाए रखने के लिए पेशवा बाजीराव प्रथम और मल्हार राव होल्कर को भारी धनराशि देनी पड़ी। यह उस समय मराठा प्रभाव और दबाव को दर्शाता है, जिससे राजपूत रियासतें प्रभावित हुईं।

49. जैसलमेर के प्रथम साके के समय महारावल मूलराज पर किस आक्रमणकारी ने आक्रमण किया था, जिसमें सैकड़ों राजपूतों ने केसरिया व राजपूत वीरांगनाओं ने जौहर किया था?

A फिरोज तुगलक
B अमीर अली
C अलाउद्दीन खिलजी
D बहादुरशाह
📖 व्याख्या
जैसलमेर के प्रथम साके के समय अलाउद्दीन खिलजी ने आक्रमण किया था। इस युद्ध में महारावल मूलराज के नेतृत्व में राजपूतों ने केसरिया किया और वीरांगनाओं ने जौहर किया। यह घटना राजपूत वीरता और आत्मसम्मान का प्रतीक है।

50. परमार' जो राजस्थान में एक मुख्य राजवंश रहा है। परमार का शाब्दिक अर्थ क्या होता है?

A शत्रु की भांति व्यवहार करने वाला
B मित्रता रखने वाला
C शत्रु को शरण देने वाला
D शत्रु को मारने वाला
📖 व्याख्या
‘परमार’ शब्द का शाब्दिक अर्थ ‘शत्रु को मारने वाला’ होता है। यह नाम इस वंश की युद्धप्रियता और वीरता को दर्शाता है। परमार राजवंश राजस्थान और मालवा क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा था।
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Mukesh Choudhary

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Mukesh Choudhary

Mukesh Choudhary को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...

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