राजस्थान के आभूषण MCQ | Most Expected Questions for All Exams
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक राजस्थान के आभूषण से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें थड्डा, टूस्सी, टांका, सुरलिया, ओगन्या आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
- Topic: राजस्थान के आभूषण
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- Content Type: MCQ Practice Set
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
1. मादलिया' पहना जाता है?
- (A) भुजाओं पर
- (B) ललाट पर
- (C) गले पर
- (D) कलाई पर
मादलिया गले का आभूषण है। इसका आकार ढोलक जैसा होता है और इसे ताबीज की तरह भी प्रयोग किया जाता है। इसे प्रायः डोरी में पिरोकर पहना जाता है।
2. मेमंद पहना जाता है?
- (A) कमर पर
- (B) गले में
- (C) सिर पर
- (D) भुजा पर
मेमंद सिर का आभूषण है। राजस्थान में सिर के आभूषणों में शीशफूल, बोर, मेमंद, रखड़ी, पतरी, टीका, सिरमांग, टिड्डी भलकौ, बिन्दी, सांकली, तावित, चूड़ारन प्रमुख हैं। मेमंद इतना लोकप्रिय है कि लोकगीतों में भी इसका उल्लेख मिलता है – माथे न मेमंद लावो, भंवर म्हार रखड़ी रतन जड़ाव।
3. फोलरी' नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) गले में
- (B) पैर की अंगुली में
- (C) बाजू में
- (D) हाथ की अँगुली में
फोलरी पैर की अंगुलियों में पहना जाने वाला आभूषण है। यह चाँदी के तारों से फूल के आकार में बनाई जाती है, इसलिए इसका नाम फोलरी पड़ा। इसे महिलाएँ विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में पहनती हैं।
4. मोर भँवर' व 'पाटन' आभूषण शरीर के किस भाग से संबंधित हैं?
- (A) सिर
- (B) पैर
- (C) नाक
- (D) कान
मोर भँवर और पाटन कान के आभूषण हैं। इन्हें मोर की आकृति और प्राकृतिक सौंदर्य से प्रेरित होकर बनाया जाता है। इनका डिज़ाइन इतना आकर्षक होता है कि यह स्त्रियों के कानों को सजाने के साथ उनकी पारंपरिक पहचान का भी प्रतीक बन जाते हैं। राजस्थान की संस्कृति में इनका खास महत्व है।
5. निम्नलिखित में से कौनसा आभूषण गर्दन में पहना जाता है, परन्तु नेकलेस से बड़ा और भारी होता है?
- (A) थड्डा
- (B) टूस्सी
- (C) टांका
- (D) सुरलिया
टूस्सी (ठुस्सी/टुस्सी) गले का आभूषण है, जो नेकलेस से भारी और बड़ा होता है। राजस्थान में गले के आभूषणों में टूस्सी के अलावा – थमण्यो, आड, झालरा, तिमणिया, टेवटो, थेड़यो, मोहरन, निबोरी, रामनामी, तांती, चौकी, मादलया, हमेल, मंगलसूत्र, चैन, कंठमाला, हार, हालरो, हॉसली, गलपटियो, कंठी, चम्पाकली, पोत, सरी, हांकल आदि प्रमुख हैं।
6. चम्पाकली आभूषण शरीर के किस अंग पर पहना जाता है?
- (A) सिर
- (B) माथा
- (C) नाक
- (D) गर्दन
चम्पाकली गले का आभूषण है। यह हार के रूप में प्रयोग होता है और इसकी आकृति चम्पा के फूल जैसी होती है। राजस्थान में गले के आभूषणों की विविधता देखने को मिलती है जैसे – ठुस्सी, थमण्यो, झालरा, बंजटी, हालरो, हंसली, गलसरी, पोल, हांकल, सरी, टेवटो, चन्द्रहार, कंठमाला, तुलसी, गलपटयो, रामनामी, मंगलसूत्र, चैन, मांदलिया, नावां, ताती, चौकी, वैजयंती, मोहरन आदि।
7. चूंप नामक आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) हाथ
- (B) दाँत
- (C) अंगुली
- (D) नाक
चूंप दाँतों का आभूषण है। इसमें दाँतों के बीच छिद्र बनवाकर सोने की कील जड़ दी जाती है। यह विशेषकर जनजातीय समाज में लोकप्रिय है। दाँतों के अन्य आभूषण रखन, घांस और मेख हैं।
8. पुरुषों द्वारा पहने जाने वाला आभूषण नहीं है?
- (A) ओगन्या
- (B) छैलकड़ी
- (C) चौकी
- (D) बलेवड़ा
ओगन्या स्त्रियों का आभूषण है, पुरुषों का नहीं। यह कान के ऊपरी हिस्से पर पान के पत्ते की आकृति में पहना जाता है। वहीं छैलकड़ी, चौकी और बलेवड़ा पुरुषों द्वारा पहने जाने वाले पारंपरिक आभूषण हैं।
9. कौनसा आभूषण साफे पर लगाया जाता है?
- (A) छैलकड़ी
- (B) कलंगी
- (C) फोलरी
- (D) सटका
कलंगी साफे (पगड़ी) पर लगाया जाने वाला आभूषण है। यह पंख या कीमती रत्नों से सजाया जाता है। विवाह या विशेष अवसरों पर पुरुष अपने साफे पर कलंगी लगाते हैं, जो उनकी शान और प्रतिष्ठा का प्रतीक होता है।
10. सिरपेच नामक आभूषण किसके द्वारा पहना जाता है?
- (A) महिलाओं द्वारा
- (B) पुरुषों द्वारा
- (C) बच्चों द्वारा
- (D) लड़कियों द्वारा
सिरपेच पुरुषों द्वारा पहना जाने वाला आभूषण है। इसे साफे (पगड़ी) के आगे की ओर बांधा जाता है। इसकी आकृति पतले पंख जैसी होती है। यह शान और प्रतिष्ठा का प्रतीक है और प्रायः शाही या वैवाहिक अवसरों पर धारण किया जाता है।
11. मेमंद' आभूषण पहना जाता है?
- (A) सिर पर
- (B) कमर पर
- (C) भुजा पर
- (D) पैरों पर
मेमंद सिर का आभूषण है, जिसे विशेषकर राजस्थान की स्त्रियाँ माथे पर सजाती हैं। यह आभूषण विवाह और उत्सवों के अवसर पर पहना जाता है। इसकी सुंदरता और चमक से चेहरे का आकर्षण बढ़ जाता है। इतना ही नहीं, यह आभूषण सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। लोकगीतों में भी इसका उल्लेख मिलता है, जैसे – माथे न मेमंद लावो, भंवर म्हार रखड़ी रतन जड़ाव।
12. निम्न में से कौनसा आभूषण गले में नहीं पहना जाता है?
- (A) तुलसी
- (B) तिमणिया
- (C) सरी
- (D) रखड़ी
रखड़ी गले का नहीं बल्कि सिर का आभूषण है। राजस्थान में इसे बालों के बीच या माथे के पास सजाया जाता है। गले में पहने जाने वाले आभूषणों की अलग श्रेणी होती है, जिनमें तुलसी, तिमणिया, सरी, हार, चम्पाकली, कंठमाला और मंगलसूत्र प्रमुख हैं। इनका उद्देश्य केवल सजावट नहीं, बल्कि पारिवारिक परंपरा और सामाजिक पहचान को दर्शाना भी है।
13. कन्दोरा' नामक आभूषण औरतों द्वारा पहना जाता है?
- (A) नाक
- (B) कान
- (C) कमर
- (D) पाँव
कंदोरा कमर का आभूषण है, जिसे चाँदी या सोने की मोटी चेन के रूप में बनाया जाता है। इसे खास अवसरों, विवाह या त्योहारों पर पहना जाता है। यह आभूषण न केवल आकर्षक होता है, बल्कि पहनने वाली स्त्री की गरिमा और परंपरा को भी दर्शाता है। कंदोरा राजस्थान की ग्रामीण और शहरी स्त्रियों दोनों के बीच लोकप्रिय है।
14. तिणमिया पहना जाता है?
- (A) पुरुषों द्वारा, बाजू पर
- (B) महिलाओं द्वारा, गले में
- (C) महिलाओं द्वारा, ललाट पर
- (D) पुरुषों द्वारा, हाथ पर
तिमणिया महिलाओं द्वारा गले में पहना जाने वाला आभूषण है। इसमें कई सिक्केनुमा लटकनें या पत्तियाँ होती हैं, जो इसे और भी आकर्षक बनाती हैं। तिमणिया मुख्य रूप से शादी या विशेष धार्मिक अवसरों पर पहनने की परंपरा रही है। यह आभूषण स्त्रियों के श्रृंगार का अभिन्न हिस्सा माना जाता है और उनकी सामाजिक स्थिति को भी दर्शाता है।
15. मोरमॉडली व मोर पट्टा किस प्रकार के आभूषण हैं?
- (A) स्त्रियों की नाक का आभूषण
- (B) स्त्रियों के सिर का आभूषण
- (C) पुरूषों के कान का आभूषण
- (D) पुरुषों की नाक का आभूषण
मोरमॉडली और मोर पट्टा सिर के आभूषण हैं। इनका डिज़ाइन प्रायः मोर से प्रेरित होता है, जो भारतीय संस्कृति में सौंदर्य और पवित्रता का प्रतीक है। विवाह या उत्सवों में जब महिलाएँ इसे पहनती हैं, तो उनकी शोभा और बढ़ जाती है। राजस्थान की पारंपरिक पोशाक के साथ ये आभूषण स्त्रियों के सौंदर्य और शृंगार को पूर्णता प्रदान करते हैं।
16. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म सही सुमेलित नहीं है?
- (A) नखलियों – पैर की अंगुली
- (B) सावली – कमर
- (C) लंगर – कलाई
- (D) तावित – कान
तावित कान का नहीं बल्कि सिर का आभूषण है। इसे ताबीज की तरह माथे या सिर पर पहना जाता है। बाकी विकल्प सही सुमेलित हैं – नखलियों पैर की अंगुली में, सावली कमर पर, और लंगर कलाई पर पहना जाता है। इन आभूषणों का प्रयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है और यह महिलाओं की पारंपरिक पहचान से गहराई से जुड़े हुए हैं।
17. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (आभूषण-अंग) सही सुमेलित है?A. वैजयन्ती – गलाB. कटि मेखला – कमरC. जुड़ा सलाका – कानD. जेहर – पैर
- (A) A, B और C
- (B) B, C और D
- (C) A, B और D
- (D) C और D
वैजयन्ती गले का, कटि मेखला कमर का और जेहर पैर का आभूषण है। जुड़ा सलाका दरअसल कान का नहीं, बल्कि बालों को सजाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे सोने या चाँदी के पतले तार से बनाया जाता है और इससे जुड़ा बाँधने का काम भी किया जाता है। यह युग्म सही-सही समझने से आभूषणों की विविधता स्पष्ट होती है।
18. सोहाली नामक आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) कान
- (B) सिर
- (C) गला
- (D) पैर
सोहाली सिर का आभूषण है। यह खासकर राजपूत स्त्रियों का प्रिय आभूषण माना जाता है। इसे भौंहों के पास धारण किया जाता है, जिससे चेहरे की सुंदरता और भी निखर जाती है। सोहाली का सांस्कृतिक महत्व भी है, क्योंकि यह शौर्य और परंपरा की प्रतीक राजपूती शान को दर्शाता है।
19. बजट्टी नाम आभूषण शरीर के किस भाग में धारण किया जाता है।
- (A) नाक
- (B) दांत
- (C) कान
- (D) गला
बजट्टी कान का आभूषण है, जो झुमके के साथ लटकता रहता है। राजस्थान में कान के आभूषणों की कई किस्में प्रसिद्ध हैं जैसे – कर्णफूल, पीपलपत्र, झुमका, झुमकी, ओगन्या, गुड़ढ़ा, बाला, बाली, मोरुवर, लटकन, टोटी, लूंग, टॉप्स, सुरलिया, अंगोट्या आदि।
20. निम्नलिखित में से कौन सा आभूषण गर्दन में पहना जाता है, परंतु नेकलेस से बड़ा और भारी होता है?
- (A) थड्डा
- (B) दूस्सी
- (C) टांका
- (D) सुरलिया
दूस्सी (ठुस्सी/टूस्सी) गले में पहना जाने वाला भारी आभूषण है। यह सामान्य नेकलेस से बड़ा और वज़नदार होता है। राजस्थान की स्त्रियाँ इसे खास मौकों जैसे शादी, त्योहार या धार्मिक उत्सवों पर पहनती हैं। इसकी भव्यता और डिज़ाइन पहनने वाली स्त्री की शान और परंपरा को दर्शाते हैं। यह गले के आभूषणों की सबसे प्रमुख किस्मों में से एक है।
21. निम्न में से कौन सा पुरुषों का आभूषण है?
- (A) छैलकड़ी
- (B) नेवरी
- (C) पोत
- (D) सरी
छैलकड़ी पुरुषों का आभूषण है, जिसे कानों में पहना जाता है। राजस्थान में जहाँ अधिकांश आभूषण स्त्रियों के लिए बने होते हैं, वहीं कुछ आभूषण पुरुष भी धारण करते हैं। छैलकड़ी इसी श्रेणी में आता है और यह पुरुषों की पारंपरिक शान और पहचान का प्रतीक है।
22. सुरलिया' एक आभूषण है जिसे पहना जाता है?
- (A) दाँत में
- (B) कान में
- (C) नाक में
- (D) पाँव में
सुरलिया कान का आभूषण है। इसे चाँदी या सोने से बनाया जाता है और यह छोटे-छोटे झुमकों जैसा होता है। राजस्थान में स्त्रियाँ इसे विशेष रूप से पहनती हैं। यह कान की शोभा बढ़ाता है और पारंपरिक पहनावे के साथ आकर्षक लगता है।
23. शीशफूल नामक आभूषण शरीर के किस अंग पर पहना जाता है?
- (A) सिर पर
- (B) कमर पर
- (C) भुजा पर
- (D) पैरों पर
शीशफूल सिर का आभूषण है। इसे बालों के बीच में सजाया जाता है और यह फूलों के आकार जैसा होता है। शीशफूल विवाह और उत्सवों पर स्त्रियों द्वारा पहना जाता है और यह पारंपरिक श्रृंगार का एक अहम हिस्सा है।
24. निम्न में से कौनसा राजस्थान में स्त्रियों द्वारा गले में पहना जाने वाला आभूषण नहीं है?
- (A) तेवटा
- (B) मादलिया
- (C) आड
- (D) ओगनिया
ओगनिया कान का आभूषण है, गले का नहीं। यह पान के पत्ते के आकार का होता है और कान के ऊपरी हिस्से में पहना जाता है। गले के आभूषणों में तेवटा, मादलिया और आड का प्रमुख स्थान है।
25. चम्पाकली' नामक आभूषण स्त्रियों द्वारा शरीर के किस अंग पर पहना जाता है?
- (A) कान में
- (B) गले में
- (C) कमर में
- (D) बाँह में
चम्पाकली गले का आभूषण है। यह हार की तरह होता है और इसकी आकृति चम्पा के फूल जैसी होती है। यह स्त्रियों की शोभा बढ़ाने वाला गले का एक प्रमुख आभूषण है।
26. राजस्थान के आभूषणों से संबंधित निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
- (A) बंगड़ी (चूड़ी) को कलाई में पहना जाता है।
- (B) सुरलिया कानों में पहना जाता है।
- (C) फिणी को टखने में पहना जाता है।
- (D) पोलरा को पैरों में पहना जाता है।
फीणी (भँवरा) नाक का आभूषण है, टखने का नहीं। जबकि बंगड़ी कलाई का आभूषण है, सुरलिया कान का और पोलरा पैरों का आभूषण है।
27. पीपलपन्ना है?
- (A) स्त्रियों के सिर का आभूषण
- (B) स्त्रियों के कान का आभूषण
- (C) स्त्रियों के गले का आभूषण
- (D) स्त्रियों के कमर का आभूषण
पीपलपन्ना कान का आभूषण है। यह पान के पत्ते की आकृति में बनाया जाता है और कान की शोभा बढ़ाने के लिए पहना जाता है। इसे विशेष अवसरों पर महिलाएँ धारण करती हैं।
28. निम्न में से कौनसा आभूषण पुरुषों द्वारा कमर पर पहना जाता है?
- (A) कंदोरा
- (B) चौथ
- (C) नौगरी
- (D) तोड़ा
चौथ पुरुषों का कमर पर पहनने वाला आभूषण है। यह चाँदी से बनी चौकोर जालियों की जंजीर होती है जिसे पुरुष अपनी कमर या पेट पर लपेटकर पहनते हैं। यह उनकी शान और परंपरा को दर्शाता है।
29. गोखरू' नामक आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) कलाई
- (B) गला
- (C) अंगुली
- (D) बाजू
गोखरू कलाई का आभूषण है। इसे सोने से बनाया जाता है और इसमें छोटे-छोटे तिकोने दाने जैसे गोलाकार डिज़ाइन होते हैं। इसे आमतौर पर चूड़ियों के बीच में पहना जाता है जिससे हाथ और कलाई की शोभा और बढ़ जाती है।
30. बेसरि' नामक आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) नाक में
- (B) गले में
- (C) सिर पर
- (D) कान में
बेसरि नाक का आभूषण है। यह सोने के तार से बना होता है और इसमें प्रायः नाचते हुए मोर की आकृति अंकित की जाती है। यह आभूषण विशेष रूप से पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है और स्त्रियों की सुंदरता को और निखारता है।
31. मुरकियाँ आभूषण है?
- (A) कानों का
- (B) पैरों का
- (C) नाक का
- (D) गले का
मुरकियाँ कानों का आभूषण हैं। यह छोटे-छोटे गोलाकार झुमकों की तरह होते हैं और इन्हें साधारण दिनों से लेकर विशेष अवसरों तक महिलाएँ पहनती हैं। राजस्थान की स्त्रियों में कानों की सजावट के लिए मुरकियाँ लोकप्रिय हैं क्योंकि यह हल्के होते हुए भी आकर्षक दिखाई देते हैं।
32. आभूषण, जो सिर पर नहीं पहना जाता है?
- (A) कंदोरा
- (B) मैंमद
- (C) बोर
- (D) रखड़ी
कंदोरा कमर का आभूषण है, सिर का नहीं। यह सोने या चाँदी की झूलती श्रृंखलाओं से बना पट्टिकानुमा आभूषण होता है। इसे कणकती या करधनी भी कहा जाता है। यह विवाह और त्योहारों पर विशेष रूप से धारण किया जाता है और महिलाओं के श्रृंगार का अभिन्न हिस्सा है।
33. राजस्थान में महिलाओं द्वारा अंगुली में पहना जाने वाला आभूषण कौन सा है?
- (A) दामणा
- (B) हालरो
- (C) नेवरी
- (D) तुलसी
दामणा हाथ की अंगुली का आभूषण है। इसे एक साथ दो अंगुलियों में पहना जाता है और इसका आकार बिंटीनुमा होता है। दामणा स्त्रियों के हाथों की शोभा बढ़ाने वाला पारंपरिक आभूषण है और इसे खास मौकों पर धारण किया जाता है।
34. अंगोट्या आभूषण मानव शरीर के किस भाग पर पहना जाता है?
- (A) कमर
- (B) नाक
- (C) कान
- (D) गला
अंगोट्या कान का आभूषण है। यह झुमके या बाली की तरह कानों की शोभा बढ़ाता है। राजस्थान में अंगोट्या विभिन्न डिज़ाइनों में बनते हैं और यह प्रायः चाँदी या सोने से तैयार किए जाते हैं।
35. नेवरी आभूषण शरीर के किस अंग पर पहना जाता है?
- (A) कमर
- (B) गर्दन
- (C) हाथ
- (D) टखना
नेवरी पाँव का आभूषण है जो पायल की तरह पहना जाता है। इसे अक्सर आँवला जैसे अन्य पैरों के आभूषणों के साथ धारण किया जाता है। राजस्थान में पैरों की शोभा बढ़ाने के लिए नेवरी, आँवला, झांझर, रिमझोल, नुपूर और पायल जैसे आभूषण महत्वपूर्ण माने जाते हैं और पारंपरिक स्त्री श्रृंगार का हिस्सा हैं।
36. नेवर आभूषण पहना जाता है–
- (A) दाँतों में
- (B) हाथों में
- (C) गले में
- (D) पाँवों में
नेवर या नेवरी पाँव का आभूषण है। यह चाँदी से बना होता है और आँवला के साथ धारण किया जाता है। पैरों के आभूषण जैसे कड़ी, नुपूर, लछने, झांझर और रिमझोल की तरह नेवर भी ग्रामीण और शहरी दोनों समाज में प्रचलित है। यह पैरों की सुंदरता और परंपरागत स्त्री आभूषण का प्रतीक है।
37. राजस्थान में 'तिमणिया' नामक आभूषण पहना जाता है?
- (A) सिर पर
- (B) हाथों पर
- (C) गले में
- (D) भुजाओं पर
तिमणिया गले का आभूषण है। यह प्रायः सोने से बना होता है और गले की शोभा को बढ़ाने के लिए विशेष रूप से शादी, उत्सव और धार्मिक अवसरों पर धारण किया जाता है। गले के अन्य आभूषण जैसे हार, मंगलसूत्र, ठुस्सी, गलपटियो और तुलसी के साथ तिमणिया भी राजस्थानी श्रृंगार का अहम हिस्सा है।
38. महिलाओं के गहनों का सिर से पैर तक सही क्रम है:
- (A) बोर, बिन्दिया, टीडीभलकी, गलपटियो, चुप, कड़ला, नथ
- (B) बोर, टीडीभलकौ, बिन्दिया, नथ, चुप, गलपटियो, कड़ला
- (C) बोर, नथ, बिन्दिया, टीडीभलको, चुप, गलपटियो, कड़ला
- (D) बोर, बिन्दिया, नथ, टीडीभलको, चुप, गलपटियो, कडला
सही क्रम है सिर पर बोर, टीडीभलकौ और बिन्दिया, नाक में नथ, हाथ में चुप, गले में गलपटियो और कलाई में कड़ला। यह श्रृंखला पारंपरिक स्त्री श्रृंगार को दर्शाती है जिसमें सिर से लेकर पैर तक हर अंग को विशेष आभूषणों से सजाया जाता है।
39. झेला, जमेला, पीपलपत्रा, अगोटया' शरीर के किस अंग के आभूषण हैं?
- (A) कान
- (B) गला
- (C) हाथ
- (D) पैर
झेला, जमेला, पीपलपत्रा और अगोटया सभी कान के आभूषण हैं। ये सोने या चाँदी से बने होते हैं और राजस्थानी स्त्रियों के कानों की विशेष शोभा बढ़ाते हैं। इनका प्रयोग शादी-ब्याह और धार्मिक अवसरों पर अधिक होता है और यह परंपरागत स्त्री श्रृंगार का अभिन्न हिस्सा हैं।
40. तिमणिया पहना जाता है–
- (A) महिलाओं द्वारा, ललाट पर
- (B) पुरुषों द्वारा, हाथ पर
- (C) पुरुषों द्वारा, बाजू पर
- (D) महिलाओं द्वारा, गले पर
तिमणिया महिलाओं के गले का आभूषण है। यह सोने का हारनुमा गहना होता है जिसे विवाहित स्त्रियाँ विशेष अवसरों पर पहनती हैं। राजस्थान की संस्कृति में तिमणिया को गले की शोभा बढ़ाने वाला और पारंपरिक आभूषण माना गया है।
41. टोटी आभूषण शरीर के किस भाग में पहना जाता है?
- (A) कटि
- (B) हाथ
- (C) कान
- (D) नाक
टोटी कान का आभूषण है। यह सोने या चाँदी से बना छोटा गहना होता है और अन्य कान के गहनों जैसे झुमका, कर्णफूल और बाली के साथ कानों की शोभा बढ़ाता है।
42. निम्नलिखित में से कौनसा आभूषण राजस्थान में स्त्रियों द्वारा गले में नहीं पहना जाता है?
- (A) तिमणिया
- (B) मांदलिया
- (C) टेवटा
- (D) ओगनिया
ओगनिया गले का नहीं बल्कि कान का आभूषण है। यह पान के पत्ते जैसा आकार लिए होता है और कान के ऊपरी हिस्से में पहना जाता है। गले के गहनों में तिमणिया, मांदलिया और टेवटा प्रमुख हैं।
43. निम्नलिखित में से कौन सा आभूषण महिलाओं द्वारा नहीं पहना जाता है?
- (A) मेमंद
- (B) मोरखा
- (C) रखड़ी
- (D) कंडोरा
मोरखा महिलाओं का नहीं बल्कि ऊँट के मुख के श्रृंगार में प्रयुक्त आभूषण है। मेमंद, रखड़ी और कंडोरा क्रमशः सिर और कमर के गहने हैं जिन्हें महिलाएँ पहनती हैं।
44. अधोलिखित में से कौनसा आभूषण गले में नहीं पहना जाता
- (A) तिमणिया
- (B) मांदलिया
- (C) आँवला
- (D) कांठला
आँवला गले का नहीं बल्कि पैरों का आभूषण है। यह चाँदी से बना कड़े जैसा होता है जिसे पैरों में पहना जाता है। तिमणिया, मांदलिया और कांठला गले के गहनों में गिने जाते हैं।
45. पीपल पन्ना है–
- (A) स्त्रियों के कान का आभूषण
- (B) स्त्रियों के सिर का आभूषण
- (C) स्त्रियों के गले का आभूषण
- (D) स्त्रियों के कमर का आभूषण
पीपल पन्ना कान का आभूषण है। यह सोने या चाँदी से बना होता है और कान के ऊपरी हिस्से में छेद करके धारण किया जाता है। इसे राजस्थान में विशेष रूप से पीपलपत्र भी कहा जाता है।
46. हालरो' पहना जाता है–
- (A) पुरुषों द्वारा बाजू पर
- (B) महिलाओं द्वारा गले पर
- (C) महिलाओं द्वारा ललाट पर
- (D) पुरुषों द्वारा सिर पर
हालरो महिलाओं का गले का आभूषण है। यह हारनुमा गहना है जिसे विशेष अवसरों और उत्सवों में गले में पहना जाता है। राजस्थान की पारंपरिक स्त्रियाँ इसे अपनी शोभा बढ़ाने के लिए धारण करती हैं।
47. तागड़ी शरीर के किस भाग पर पहनी जाती है?
- (A) कमर
- (B) गले
- (C) पैर
- (D) नाक
तागड़ी महिलाओं द्वारा कमर पर पहना जाने वाला आभूषण है। इसे सोने या चाँदी से बनाया जाता है और इसे करधनी या सटका के समान माना जाता है। यह विशेष रूप से विवाह और उत्सवों में धारण किया जाता है।
48. निम्न में से कौनसा पुरूषों का आभूषण है?
- (A) छैलकड़ी
- (B) नेवरी
- (C) पोत
- (D) सरी
छैलकड़ी पुरुषों का आभूषण है जिसे कानों में पहना जाता है। यह विशेष रूप से ग्रामीण और पारंपरिक समाज में प्रचलित रहा है। पुरुषों के अन्य आभूषणों में कड़ा, बाजूबंद, नरमुख, बलेवड़ा, सेहरा, सिरपेच और कलंगी भी शामिल हैं।
49. पुरूषों द्वारा पहने जाना वाला आभूषण निम्न में से कौन-सा है?
- (A) बोरला
- (B) मुरकियां
- (C) टड्डा
- (D) बंगड़ी
मुरकियां सोने या चांदी की ठोस कुड़क होती हैं जिन्हें पुरुष अपने कानों में पहनते हैं। यह पारंपरिक रूप से पुरुषों का विशेष आभूषण माना जाता है। बोरला महिलाओं के सिर का आभूषण है, टड्डा स्त्रियों की भुजा पर पहना जाता है और बंगड़ी कलाई का आभूषण है।
50. बुलाक आभूषण स्त्रियां शरीर के किस भाग में धारण करती हैं?
- (A) कान
- (B) नाक
- (C) गर्दन
- (D) कमर
बुलाक स्त्रियों का नाक का आभूषण है। यह नथ, बेसर, फीणी और अन्य नाक के गहनों की तरह नाक को सुशोभित करता है। राजस्थान की परंपरा में बुलाक का विशेष महत्व है और यह स्त्रियों की शोभा बढ़ाने वाला गहना है।
51. निम्नांकित में से कौन-सा आभूषण कान पर पहना जाता है?
- (A) टीका
- (B) बूली
- (C) टोटी
- (D) रिमझोल
टोटी कान का आभूषण है, विशेषकर गरासिया महिलाओं द्वारा पहना जाता है। यह छोटा और सुंदर गहना होता है। टीका सिर पर पहना जाता है, बूली का प्रयोग अन्य गहनों में होता है और रिमझोल पैर का आभूषण है।
52. सुरलिया' एक आभूषण है जिसे कहाँ पहना जाता है?
- (A) गरदन में
- (B) कान
- (C) पैर में
- (D) कलाई में
सुरलिया कान का आभूषण है। यह छोटे आकार का गहना होता है जिसे कान में धारण किया जाता है। राजस्थान की ग्रामीण महिलाएँ इसे बड़े शौक से पहनती हैं। गले, पैर और कलाई के आभूषण इसके अलग-अलग प्रकार होते हैं।
53. राजस्थान के आभूषणों से संबंधित निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है?
- (A) बंगड़ी (चूड़ी) को कलाई में पहना जाता है।
- (B) सुरलिया कानों में पहना जाता है।
- (C) फिनी को टखने में पहना जाता है।
- (D) पोलरा को पैरों में पहना जाता है।
फीणी नाक का आभूषण है, न कि टखने का। इसे बिश्नोई जाति की महिलाएँ नाक में पहनती हैं। बंगड़ी कलाई का आभूषण है, सुरलिया कानों का और पोलरा पैरों का आभूषण होता है।
54. बल्लया' आभूषण कहां पहना जाता है?
- (A) सिर पर
- (B) कान में
- (C) नाक में
- (D) हाथों में
बल्लया हाथ का आभूषण है। यह हाथी दांत या रबर की छोटी चूड़ियाँ होती हैं जिन्हें महिलाएँ अपनी भुजाओं पर धारण करती हैं। इसे परंपरागत श्रृंगार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
55. तेथड़' आभूषण पहना जाता है?
- (A) स्त्रियों के सिर पर
- (B) स्त्रियों के पैरों में
- (C) स्त्रियों के हाथों में
- (D) स्त्रियों के कानों में
तेथड़ स्त्रियों के पैरों का आभूषण है। यह पायल या नुपूर की तरह होता है और राजस्थान की ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं में लोकप्रिय है। पैरों की सुंदरता को बढ़ाने में इसका विशेष महत्व है।
56. पायलनुमा आभूषण जो रुणझुण की आवाज करता है?
- (A) आँवला
- (B) झाझर
- (C) लछने
- (D) पैजनिया
झाझर पैरों में पहनने वाला पायलनुमा आभूषण है। इसमें छोटी-छोटी घुँघरियाँ लगी होती हैं, जिनसे चलने पर मधुर रुणझुण की आवाज निकलती है। यह आभूषण महिलाओं की चाल में विशेष आकर्षण लाता है।
57. निम्न आभूषणों को ऊपर से नीचे की ओर पहनने के क्रम में व्यवस्थित कीजिये:
- (A) रखड़ी, पीपलपत्र, नकेसर, आड, सटका, आँवला
- (B) पीपलपत्र, नकेसर, रखड़ी, सटका, आड, आँवला
- (C) आँवला, सटका, आड, नकेसर, पीपलपत्र, रखड़ी
- (D) रखड़ी, नकेसर, पीपलपत्र, सटका, आड, आँवला
सही क्रम है – रखड़ी (सिर), पीपलपत्र (कान), नकेसर (नाक), आड (गला), सटका (कमर), आँवला (पैर)। इस प्रकार यह क्रम ऊपर से नीचे की ओर आभूषणों के धारण करने का वास्तविक स्वरूप दर्शाता है।
58. पोत, हांकर, सरी, आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) नाक में
- (B) कानों में
- (C) गले में
- (D) पैरों में
पोत, हांकर और सरी सभी गले के आभूषण हैं। यह हार के रूप में गले में पहने जाते हैं और राजस्थान की स्त्रियों की शोभा बढ़ाते हैं। यह विशेष अवसरों पर पहनने वाले पारंपरिक गहनों में शामिल हैं।
59. रमझोल' आभूषण मध्यकालीन मारवाड़ में शरीर के किस भाग से संबंधित है?
- (A) कमर
- (B) नाक
- (C) पैर
- (D) अंगुली
रमझोल पैरों का आभूषण है। यह पायलनुमा होता है और पहनने पर झंकार की मधुर ध्वनि निकालता है। इसे विशेष रूप से मारवाड़ क्षेत्र की स्त्रियाँ पैरों में पहनती थीं। पैरों की सुंदरता और श्रृंगार का यह महत्वपूर्ण अंग है।
60. थमण्यो, आड़, ठुस्सी नामक आभूषण महिलाओं द्वारा कहां धारण किये जाते हैं?
- (A) सिर में
- (B) कंठ में
- (C) हाथ में
- (D) कमर पर
थमण्यो, आड़ और ठुस्सी गले या कंठ में धारण किए जाने वाले आभूषण हैं। राजस्थान की महिलाएँ विशेष अवसरों और विवाह जैसे मांगलिक कार्यक्रमों में इन गहनों को पहनती हैं। ये सभी आभूषण सोने या चाँदी से बनाए जाते हैं और कभी-कभी इनमें मोती या रत्न भी जड़े जाते हैं।
61. राजस्थान में गोरबंद किस पशु का विशिष्ट श्रृंगार है?
- (A) बैल
- (B) ऊँट
- (C) हाथी
- (D) घोड़ा
गोरबंद ऊँट का विशिष्ट श्रृंगार है। यह ऊँट की गर्दन से लेकर पीठ तक सजावटी जालीनुमा लटकन होता है। ऊँट की सजावट में नेवर, काठी, लुंबा-झुंबा और मोहरा भी प्रयुक्त होते हैं। राजस्थान में मेलों और पर्वों पर ऊँट को गोरबंद से सजाना एक परंपरा रही है।
62. निम्नांकित में से कौन-सा आभूषण कान में पहना जाता है?
- (A) टोटी
- (B) बूली
- (C) टीका
- (D) रिमझोल
टोटी कान का आभूषण है, जिसे विशेष रूप से गरासिया समुदाय की महिलाएँ पहनती हैं। यह छोटा और आकर्षक गहना होता है। बूली का प्रयोग अन्य भागों में होता है, टीका सिर पर तथा रिमझोल पैरों का आभूषण है।
63. रिमझोल' व 'रौळ' किस प्रकार के आभूषण हैं?
- (A) कान के लटकन वाले आभूषण
- (B) स्त्रियों के पैरों का घुँघरुदार आभूषण
- (C) स्त्रियों की नाक का आभूषण
- (D) स्त्रियों के सिर का आभूषण
रिमझोल और रौळ स्त्रियों के पैरों के आभूषण हैं। ये पायलनुमा होते हैं जिनमें छोटे-छोटे घुँघरू लगे होते हैं, जो चलने पर मधुर ध्वनि निकालते हैं। विशेष रूप से मारवाड़ क्षेत्र की महिलाओं में ये लोकप्रिय हैं।
64. नोगरी' आभूषण शरीर के किस अंग में पहना जाता है?
- (A) हाथ
- (B) कमर
- (C) गला
- (D) नाक
नोगरी हाथ का आभूषण है। यह मोतियों या धातु की लड़ियों से बना होता है और चूड़ियों के बीच में पहना जाता है। इसे खासतौर पर पारंपरिक अवसरों पर महिलाएँ पहनती हैं। कलाई और हाथ की शोभा बढ़ाने में नोगरी का विशेष महत्व है।
65. निम्न में से कौन सा आभूषण गले में पहना नहीं जाता?
- (A) तुलसी
- (B) तिमणिया
- (C) सरी
- (D) रखड़ी
रखड़ी सिर का आभूषण है और यह सुहाग का प्रतीक माना जाता है। गले के आभूषणों में तुलसी, तिमणिया और सरी शामिल हैं। रखड़ी को महिलाओं द्वारा सिर पर विशेष अवसरों पर धारण किया जाता है।
66. हमेल शरीर के अंग में पहना जाने वाला आभूषण है?
- (A) हाथों में
- (B) पैरों में
- (C) गले में
- (D) कमर में
हमेल गले में पहना जाने वाला आभूषण है। इसे सोने से बनाया जाता है और स्थानीय भाषा में म्हेल भी कहा जाता है। यह राजस्थान के गले के गहनों में बहुत प्रसिद्ध है।
67. मुर्कियाँ' पहने जाते हैं-
- (A) गले में
- (B) नथुने में
- (C) कानों में
- (D) कलाई में
मुर्कियाँ पुरुषों द्वारा कान में पहने जाने वाले आभूषण हैं। ये सोने या चांदी की ठोस कुड़क जैसी होती हैं। राजस्थान के ग्रामीण समाज में पुरुषों का यह पारंपरिक आभूषण माना जाता है।
68. पगड़ी आभूषण कौनसा है?
- (A) गोखरू
- (B) बलवेड़ा
- (C) सरपेच
- (D) झेला
सरपेच पगड़ी पर बांधा जाने वाला आभूषण है। इसकी आकृति मोर के समान होती है और इसे पुरुष अपने साफे या पगड़ी के आगे की ओर लगाते हैं। यह शान और सम्मान का प्रतीक माना जाता है और विवाह जैसे अवसरों पर विशेष महत्व रखता है।
69. स्त्रियों का 'बाजूबंद' आभूषण कहाँ पहिना जाता है?
- (A) कमर
- (B) गर्दन
- (C) हाथ
- (D) पैर
बाजूबंद स्त्रियों के भुजाओं का पारंपरिक आभूषण है। इसे उतरणों, भुजबंध, टड्डा या अणत की तरह भुजाओं पर सजाया जाता है। यह सोने, चांदी या कभी-कभी धातु से बना होता है और उस पर सुंदर नक़्काशी या रत्न जड़े जाते हैं। राजस्थान की शादी और त्यौहारों पर महिलाओं की शोभा बढ़ाने में बाजूबंद का विशेष महत्व है।
70. दामणा आभूषण स्त्रियाँ शरीर के किस भाग में पहनती है?
- (A) कान
- (B) नाक
- (C) कमर
- (D) अंगुली
दामणा हाथ की दो अंगुलियों में एक साथ पहना जाने वाला आभूषण है। यह सोने या चांदी का बना बिंटी-नुमा गहना होता है, जो हाथ को सुंदरता प्रदान करता है। हाथ की अंगुलियों के अन्य आभूषणों में बींटी, अंगूठी, मूंदड़ी, छल्ला और अरसी शामिल हैं।
71. कौन-सा (आभूषण-अंग) सुमेलित नहीं है?
- (A) मूंदरी - अंगुली
- (B) टड्डा - बाजू
- (C) रमझोल - कमर
- (D) नेवरी - पैर
रमझोल पायल का एक प्रकार है, जो पैरों में पहना जाता है और चलने पर झंकार की ध्वनि करता है। मूंदरी अंगुली का आभूषण है, टड्डा बाजू का और नेवरी पैरों का। इसलिए रमझोल-कमर का युग्म असुमेलित है।
72. चूंप' नामक आभूषण का सम्बन्ध है-
- (A) दांत
- (B) कमर
- (C) अंगुली
- (D) कान
चूंप दांतों का आभूषण है। इसमें दांतों के बीच छेद करके सोने की कील जड़ी जाती है। यह परंपरागत रूप से विशेष जनजातियों में प्रचलित था और इसे सुंदरता एवं शृंगार का प्रतीक माना जाता था।
73. नोगरी नामक आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) सिर
- (B) पाँव
- (C) गला
- (D) हाथ
नोगरी हाथ का आभूषण है। यह मोतियों की लड़ियों के समूह से बना होता है और इसे चूड़ियों के बीच पहना जाता है। यह हाथों को और अधिक आकर्षक बनाता है। ध्यान दें कि नेवरी पाँव का आभूषण है जबकि नोगरी हाथ की शोभा बढ़ाती है।
74. मोरफवर, गुड़दा नामक आभूषण पहने जाते हैं?
- (A) कान
- (B) गला
- (C) पैर
- (D) सिर
मोरफवर और गुड़दा कान के आभूषण हैं। इनका डिज़ाइन आकर्षक होता है और इनमें अक्सर मोर की आकृति देखने को मिलती है। राजस्थान की पारंपरिक संस्कृति में कानों की सजावट का विशेष महत्व है और ये आभूषण इसी का हिस्सा हैं।
75. निम्नलिखित में से कौनसा युग्म (आभूषण-अंग) सही सुमेलित नहीं है।
- (A) मेमंद – सिर
- (B) सुरलिया – कान
- (C) कंठी – गला
- (D) मूंदड़ी – कलाई
मूंदड़ी कलाई का नहीं बल्कि हाथ की अंगुली का आभूषण है। यह स्त्रियों द्वारा सबसे अधिक पहना जाने वाला अंगूठी जैसा आभूषण है। अन्य युग्म सही हैं – मेमंद सिर का, सुरलिया कान का और कंठी गले का आभूषण है।
76. कान में पहना जाने वाला आभूषण है?
- (A) ओगन्या
- (B) बोरला
- (C) टड्डा
- (D) बंगड़ी
ओगन्या कान का आभूषण है। यह पान के पत्ते की आकृति जैसा होता है और कान के ऊपरी हिस्से में पहना जाता है। बोरला सिर का, टड्डा गले का और बंगड़ी हाथ या कलाई का आभूषण है।
77. असंगत युग्म का चयन कीजिए।
- (A) कमर – रखड़ी
- (B) गला – हंसली
- (C) कमर – कणकती
- (D) पैर – रिमझोल
रखड़ी कमर का नहीं बल्कि सिर का आभूषण है। यह सुहाग का प्रतीक माना जाता है और गोलाकार आकार में माथे पर पहना जाता है। जबकि हंसली गले का, कणकती कमर का और रिमझोल पैर का आभूषण है।
78. सरी आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) गला
- (B) नाक
- (C) कान
- (D) हाथ
सरी गले का आभूषण है। यह हार के रूप में पहना जाता है और अक्सर इसे सोने या चाँदी से बनाया जाता है। सरी राजस्थान की स्त्रियों के श्रृंगार का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विवाह तथा विशेष अवसरों पर इसका प्रयोग अधिक होता है।
79. पतरी आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) कलाई
- (B) भुजा
- (C) सिर
- (D) हाथ
पतरी सिर का आभूषण है। यह रखड़ी के नीचे ललाट के दोनों तरफ बालों के किनारे लगाया जाता है। यह सोने का 3 से 4 इंच चौड़ा पत्तर होता है, जो स्त्रियों की शोभा को और अधिक बढ़ाता है। यह प्रायः शादी-ब्याह और त्यौहारों में धारण किया जाता है।
80. टॉप्स आभूषण कहाँ पहना जाता है?
- (A) कान
- (B) नाक
- (C) गला
- (D) दाँत
टॉप्स कान का आभूषण है। यह बाली या झुमके का छोटा और हल्का रूप होता है। राजस्थान में महिलाएँ टॉप्स को दैनिक जीवन में पहनती हैं क्योंकि यह आरामदायक होने के साथ-साथ आकर्षक भी लगता है।
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Mukesh Khunga
Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...








