मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ Questions with Answers

मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे Important MCQ | Top Questions for Competitive Exams

इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं। इनमें अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर, अतारकिन का दरवाजा नागौर, इस्लामी संत मलिक शाह का मकबरा जालौर, चल फिर शाह की दरगाह' चित्तौड़गढ़, मजार-ए-फखरी डूंगरपुर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान की कला एवं संस्कृति
  • Topic: मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे
  • Last Updated:
  • Content Type: MCQ Practice Set
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1. अढ़ाई दिन का झोपड़ा स्थित है-

  • (A) नागौर
  • (B) अजमेर
  • (C) मेड़ता
  • (D) पाली

अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर में स्थित है। इसे मूल रूप से विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव चौहान) ने संस्कृत पाठशाला के रूप में बनवाया था। बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे तुड़वाकर मस्जिद में तब्दील कर दिया। इस भवन का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि कहा जाता है कि इसे मात्र ढाई दिन में मस्जिद में बदल दिया गया था।

2. “अतारकिन का दरवाजा" राजस्थान के निम्न में से किस जिले में स्थित है?

  • (A) नागौर
  • (B) अजमेर
  • (C) जालौर
  • (D) चित्तौड़गढ़

अतारकिन का दरवाजा नागौर में स्थित है। इसका निर्माण इल्तुतमिश ने ख्वाजा हमीदुद्दीन नागौरी की स्मृति में करवाया। इन्हें सुल्तान-ए-तारिकिन कहा जाता है। यह दरवाजा बाद में अकबर के बुलंद दरवाजे के निर्माण की प्रेरणा बना। स्थानीय लोग इन्हें तार किशन जी भी कहते हैं।

3. ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के गुरु का नाम बताइए?

  • (A) ख्वाजा उस्मान हारूनी
  • (B) अब्दुल कादिर जिलानी
  • (C) ख्वाजा कुतुबुद्दीन
  • (D) निजामुद्दीन औलिया

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के गुरु का नाम ख्वाजा उस्मान हारूनी था। वे चिश्ती सिलसिले के प्रमुख संत थे। हारूनी साहब ने ही मोइनुद्दीन चिश्ती को आध्यात्मिक शिक्षा दी। उनकी प्रेरणा से ख्वाजा साहब ने अजमेर को अपनी कर्मस्थली बनाया और गरीब नवाज़ कहलाए।

4. किस सूफी संत ने नागौर के पास 'सुवाल' गांव में अपना केन्द्र बनाकर शांतिपूर्वक प्रचार किया?

  • (A) मुइनुद्दीन चिश्ती
  • (B) अल्लाह बख्श
  • (C) रजीउद्दीन हसन
  • (D) शेख हमीदुद्दीन

नागौर के पास सुवाल गाँव में केंद्र बनाकर प्रचार करने वाले संत शेख हमीदुद्दीन नागौरी थे। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे और सन्यासियों का सुल्तान कहलाए। उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जिया और भाईचारे का संदेश दिया। उनकी दरगाह आज भी सुवाल गाँव में आस्था का प्रतीक है।

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5. राजस्थान के किस किले में इस्लामी संत मलिक शाह का मकबरा स्थित है?

  • (A) रणथम्भौर के किले में
  • (B) जालोर के किले में
  • (C) चित्तौड़गढ़ के किले में
  • (D) तारागढ़ में

इस्लामी संत मलिक शाह का मकबरा जालौर दुर्ग में स्थित है। यह मकबरा अलाउद्दीन खिलजी की जालौर विजय के बाद बनाया गया था। कहा जाता है कि यह मकबरा बगदाद के सुल्तान मलिक शाह के सम्मान में निर्मित हुआ। जालौर दुर्ग की ऐतिहासिक पहचान में यह स्थान विशेष महत्व रखता है।

6. काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी को किस स्थान पर सर्वप्रथम काजी बनाया गया था?

  • (A) नागौर
  • (B) अजमेर
  • (C) बयाना
  • (D) खाटू

काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी को सर्वप्रथम नागौर में काजी बनाया गया था। वे लगभग 30 वर्षों तक नागौर में काजी रहे। उनका वास्तविक नाम शेख मुहम्मद इब्ने अता था। उनकी प्रमुख रचनाओं में लवाएह, तवालिए-शुमूस और राहतुल-अवहि शामिल हैं।

7. सूफी शेख हमीदुद्दीन नागौरी का जन्म हुआ था:

  • (A) नागौर में
  • (B) दिल्ली में
  • (C) टोंक में
  • (D) खुरासान में

सूफी संत शेख हमीदुद्दीन नागौरी का जन्म दिल्ली के ख्वाली गाँव (वर्तमान भागली) में हुआ था। बाद में उन्होंने नागौर को अपनी कर्मस्थली बनाया और वहीं पर उनकी मृत्यु हुई। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे और सन्यासियों का सुल्तान कहलाए। नागौर में उनकी दरगाह आज भी आस्था का बड़ा केंद्र है।

8. चल फिर शाह की दरगाह' राजस्थान में कहाँ स्थित है?

  • (A) चित्तौड़गढ़
  • (B) अजमेर
  • (C) नागौर
  • (D) जयपुर

चल फिर शाह की दरगाह' चित्तौड़गढ़ जिले के सावा कस्बे में स्थित है। यहाँ हजरत ख्वाजा मुहम्मद सिद्दीकी हुसैन ने मानवता और प्रेम का संदेश दिया। यह दरगाह गोल प्याऊ क्षेत्र में स्थित है और स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है।

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9. मजार-ए-फखरी निम्न में से किस जिले में स्थित है?

  • (A) जयपुर
  • (B) बीकानेर
  • (C) डूंगरपुर
  • (D) सवाई माधोपुर

मजार-ए-फखरी डूंगरपुर जिले के गलियाकोट में स्थित है। यहाँ संत सैय्यद फखरूद्दीन की मजार है, जो दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मजार माही नदी के किनारे स्थित है। प्रतिवर्ष मोहर्रम की 27वीं तारीख को यहाँ उर्स आयोजित होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।

10. अब्दुल अजीज मक्की की प्राचीन दरगाह कहां स्थित है?

  • (A) लाखेरी
  • (B) हिन्डोली
  • (C) भीमलत
  • (D) केशोरायपाटन

हजरत शेख अब्दुल अजीज मक्की की प्राचीन दरगाह केशोरायपाटन (बूंदी) में स्थित है। यह दरगाह बूंदी की ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों में से एक है। यहाँ मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी श्रद्धा के साथ आते हैं।

11. अढ़ाई दिन का झोपड़ा मूलतः था-

  • (A) मस्जिद
  • (B) संस्कृत कॉलेज
  • (C) दरगाह
  • (D) राज प्रसाद

अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर में स्थित है और यह मूलतः एक संस्कृत कॉलेज था, जिसे विग्रहराज चतुर्थ ने 1153 ई. में बनवाया था। बाद में 1199 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे मस्जिद में परिवर्तित कर दिया। आज यह स्मारक हिंदू और मुस्लिम स्थापत्य कला का मिश्रित रूप है।

12. राजस्थान में "जरीना का मकबरा" स्थित है:-

  • (A) अजमेर
  • (B) भीलवाड़ा
  • (C) नागौर
  • (D) धौलपुर

बीबी जरीना का मकबरा धौलपुर में स्थित है। बीबी जरीना सुल्तान सिकलोदी की माता थीं। यह मकबरा 1433-1516 ई. के बीच निर्मित हुआ और 1885 में इसे संरक्षित धरोहर घोषित किया गया। धौलपुर में यह मकबरा धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।

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13. गमता गाजी मीनार कहाँ पर स्थित है?

  • (A) अजमेर
  • (B) जोधपुर
  • (C) कोटा
  • (D) सिरोही

गमता गाजी मीनार जोधपुर में स्थित है। यह ऐतिहासिक मीनार धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे गाजी फकीर की स्मृति में बनाया गया था। इस स्थान से जोधपुर की स्थानीय मान्यताओं और सूफी परंपरा का जुड़ाव देखा जाता है। यहाँ पर आज भी लोगों की आस्था बनी हुई है और मीनार को धार्मिक स्थल के रूप में सम्मान प्राप्त है।

14. इकमीनार मस्जिद कहाँ पर स्थित है?

  • (A) अजमेर
  • (B) जोधपुर
  • (C) बारां
  • (D) सवाईमाधोपुर

इकमीनार मस्जिद जोधपुर में स्थित है। यह राजस्थान की एक प्रसिद्ध प्राचीन मस्जिद है, जिसकी विशेषता इसके एक ही मीनार पर आधारित निर्माण शैली है। वास्तुकला की दृष्टि से यह मस्जिद अनोखी है। यह स्थल मुस्लिम धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है और स्थानीय इतिहास में इसका विशेष महत्व है।

15. ऊषा मस्जिद' कहां स्थित है?

  • (A) गलियाकोट
  • (B) सलूम्बर
  • (C) सांभर
  • (D) बयाना

ऊषा मस्जिद' बयाना (भरतपुर) में स्थित है। इसका निर्माण मूल रूप से ऊषा मंदिर के रूप में हुआ था, जिसका जीर्णोद्धार 936 ई. में लक्ष्मण सेन की पुत्री चित्रलेखा ने करवाया। बाद में 1224 ई. में इसे मस्जिद में परिवर्तित कर दिया गया। इसके बाद महाराजा सूरजमल ने इसका पुनर्निर्माण करवाया।

16. शेख हमीदुद्दीन नागौरी किस सूफी सिलसिले के थे?

  • (A) सुहरावर्दी
  • (B) मगरिबी
  • (C) चिश्ती
  • (D) कादरी

शेख हमीदुद्दीन नागौरी चिश्ती सिलसिले से संबंधित थे। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रमुख शिष्य थे और नागौर में रहकर उन्होंने सूफी मत का प्रचार-प्रसार किया। वहीं, काजी हमीदुद्दीन नागौरी सुहरावर्दी सिलसिले से जुड़े हुए थे। इसीलिए परीक्षा में इन दोनों के बीच अंतर समझना जरूरी है।

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17. साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक, काजी हमीदुद्दीन नागौरी किस सूफी सिलसिले के थे?

  • (A) मगरिबी
  • (B) कादिरी
  • (C) चिश्ती
  • (D) सुहरावर्दी

साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक काजी हमीदुद्दीन नागौरी सुहरावर्दी सूफी सिलसिले से जुड़े थे। उन्होंने नागौर में काजी का पद संभाला और अपने न्यायप्रियता तथा सहिष्णुता के लिए प्रसिद्ध हुए। इनके जीवन से सांप्रदायिक एकता और भाईचारे की मिसाल मिलती है।

18. पंजाब शाह का उर्स कहाँ मनाया जाता है?

  • (A) अलवर
  • (B) हनुमानगढ़
  • (C) अजमेर
  • (D) गंगानगर

पंजाब शाह का उर्स अजमेर के अढ़ाई दिन का झोपड़ा परिसर में मनाया जाता है। यह आयोजन अजमेर दरगाह से गहराई से जुड़ा हुआ है। यहाँ हर साल बड़ी संख्या में जायरीन आते हैं और यह उर्स साम्प्रदायिक सौहार्द और भक्ति का प्रतीक है।

19. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह' के लिए मुगल बादशाह अकबर द्वारा व्यवस्थार्थ दिए गए गांवों की संख्या है-

  • (A) 9
  • (B) 12
  • (C) 15
  • (D) 18

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह की व्यवस्थाओं के लिए मुगल बादशाह अकबर ने 18 गाँव दिए थे। अकबर का अजमेर दरगाह से गहरा लगाव था और वह कई बार पैदल यहाँ दर्शन करने भी आया। इन गाँवों की आय से दरगाह का रख-रखाव और आयोजन होते थे।

20. सूफी संत मुईनुद्दीन चिश्ती किसके शासनकाल में राजस्थान आए थे?

  • (A) पृथ्वीराज चौहान
  • (B) महाराणा प्रताप
  • (C) राणा सांगा
  • (D) राणा कुम्भा

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती राजस्थान पृथ्वीराज चौहान तृतीय के शासनकाल में आए थे। वे मुहम्मद गौरी के साथ भारत आए और अजमेर को अपनी कर्मस्थली बनाया। उनकी शिक्षाओं के कारण वे सुल्तान-उल-हिन्द और गरीब नवाज़ कहलाए।

21. अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन किस सूफी सिलसिला से सम्बन्धित है?

  • (A) सुहरावर्दी
  • (B) कादिरी
  • (C) चिश्ती
  • (D) नक्शबन्दी

अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती सूफी सिलसिले से संबंधित थे। उनका जन्म 1142 ई. में ईरान के संजरी क्षेत्र में हुआ। उनके गुरु हजरत उस्मान हारूनी थे। उन्हें गरीब नवाज़ और सुल्तान-उल-हिन्द कहा जाता है। अजमेर दरगाह आज भी उनकी आस्था का प्रमुख केंद्र है।

22. ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की "दरगाह" पर आने वाला पहला सुल्तान कौन था?

  • (A) कुतुबुद्दीन ऐबक
  • (B) इल्तुतमिश
  • (C) मुहम्मद बिन तुगलक
  • (D) अलाउद्दीन खिलजी

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर आने वाला पहला सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक था। उसने 1332 ई. में अजमेर दरगाह की यात्रा की। यह घटना इस दरगाह के राजनीतिक और धार्मिक महत्व को दर्शाती है।

23. अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह में स्थित बड़ी देग किस मुगल सम्राट द्वारा भेंट की गई?

  • (A) हुमायूँ
  • (B) जहाँगीर
  • (C) शाहजहाँ
  • (D) अकबर

अजमेर स्थित ख्वाजा साहब की दरगाह में बड़ी देग मुगल बादशाह अकबर द्वारा 1567 ई. में भेंट की गई थी। वहीं छोटी देग 1613 ई. में जहाँगीर ने भेंट की। ये देगें आज भी दरगाह की पहचान हैं और उर्स के अवसर पर इनका विशेष महत्व होता है।

24. अजमेर शरीफ़ किस प्रसिद्ध सूफी संत की दरगाह है?

  • (A) निजामुद्दीन औलिया
  • (B) शेख हमीदुद्दीन
  • (C) मोइनुद्दीन चिश्ती
  • (D) शेख सलीम चिश्ती

अजमेर शरीफ़ की दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की है, जिन्हें गरीब नवाज़ कहा जाता है। दरगाह का निर्माण इल्तुतमिश ने प्रारंभ करवाया था और हुमायूँ ने इसे पूर्ण करवाया। 1464 ई. में गयासुद्दीन खिलजी ने मुख्य गुम्बद का निर्माण कराया। अकबर और जहाँगीर ने भी देग भेंट की। यह दरगाह साम्प्रदायिक सौहार्द्र और आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है।

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25. सूफी ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह, अजमेर का निर्माण किसके द्वारा करवाया गया?

  • (A) कुतुबुद्दीन ऐबक
  • (B) इल्तुतमिश
  • (C) शाहजहाँ
  • (D) गयासुद्दीन खिलजी

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह का निर्माण इल्तुतमिश द्वारा प्रारंभ करवाया गया था। मुख्य गुम्बद का निर्माण गयासुद्दीन खिलजी ने करवाया और इसे हुमायूँ ने पूर्ण करवाया। दरगाह के अन्य हिस्सों जैसे निजाम गेट (निजाम मीर उस्मान अली), बड़ी देग (अकबर), छोटी देग (जहाँगीर) व महफिल खाना (बशीरूद्दौला) बाद में बने।

26. राजस्थान के किस शहर में प्रत्येक वर्ष विश्व प्रसिद्ध उर्स का आयोजन किया जाता है?

  • (A) जयपुर
  • (B) कोटा
  • (C) अजमेर
  • (D) जोधपुर

विश्व प्रसिद्ध उर्स का आयोजन हर वर्ष अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर किया जाता है। यह उर्स रज्जब माह की पहली से छठी तारीख तक मनाया जाता है। इस अवसर पर बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म भी होती है, जिसे भीलवाड़ा का गौरी परिवार निभाता है। लाखों जायरीन यहाँ सम्मिलित होते हैं।

27. स्थल 'गलियाकोट' किस नदी के किनारे स्थित है?

  • (A) परवन
  • (B) माही
  • (C) साबरमती
  • (D) सोम

गलियाकोट (डूंगरपुर) माही नदी के किनारे स्थित है। यह दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहाँ संत सैय्यद फखरूद्दीन की मजार है, जिसे मजार-ए-फखरी कहा जाता है। मोहर्रम की 27वीं तारीख को यहाँ उर्स आयोजित होता है।

28. गलियाकोट में किस सम्प्रदाय का उर्स आयोजित होता है?

  • (A) सुहरावर्दी सम्प्रदाय
  • (B) दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय
  • (C) नक्सलवादी सम्प्रदाय
  • (D) चिश्ती सम्प्रदाय

गलियाकोट (डूंगरपुर) में संत सैय्यद फखरूद्दीन की मजार पर उर्स दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय का आयोजित होता है। यह उर्स मोहर्रम की 27वीं तारीख को मनाया जाता है और देशभर से बोहरा समाज के लोग यहाँ आते हैं। यह स्थल बोहरा समाज की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र है।

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29. निम्नलिखित में से किस स्थान पर बोहरा समुदाय का प्रमुख उर्स लगता है?

  • (A) अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह
  • (B) फतेहपुर सीकरी में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर
  • (C) गलियाकोट में बाबा फखरूद्दीन की दरगाह पर
  • (D) दिल्ली में ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर

बोहरा समुदाय का प्रमुख उर्स गलियाकोट (डूंगरपुर) में संत सैय्यद फखरूद्दीन की मजार पर लगता है। इसे मजार-ए-फखरी कहा जाता है और यह माही नदी के किनारे स्थित है। यहाँ हर साल मोहर्रम की 27वीं तारीख को उर्स आयोजित होता है, जो बोहरा समाज की आस्था का सबसे बड़ा पर्व है।

30. सूफी संत मिठे साहब की दरगाह निम्न में से किस दुर्ग में स्थित है?

  • (A) गागरोन
  • (B) चितौड़गढ़
  • (C) कुम्भलगढ़
  • (D) भानगढ़

सूफी संत मिठे साहब, जिन्हें पीर मीठे महाबली कहा जाता है, की दरगाह गागरोन दुर्ग (झालावाड़) में स्थित है। यह दरगाह धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गागरोन दुर्ग यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और यहाँ संत मिठे शाह की दरगाह श्रद्धा का बड़ा केंद्र है।

31. किस सूफी संत को 'सुल्तान-ए-तारिकिन' की उपाधि प्राप्त थी?

  • (A) ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती
  • (B) शेख हमीदुद्दीन नागौरी
  • (C) शेख बुरहान चिश्ती
  • (D) काजी हमीदुद्दीन नागौरी

सुल्तान-ए-तारिकिन' की उपाधि शेख हमीदुद्दीन नागौरी को प्राप्त थी। इन्हें सन्यासियों का सुल्तान भी कहा जाता है। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रमुख शिष्य थे और नागौर के सुवाल गाँव को अपना केंद्र बनाया। उनकी रचनाओं में उसूले तरीका और मकतूबात सरूर-उस-सुदूर प्रमुख हैं।

32. मर्दानशाह की मस्जिद राजस्थान के किस किले में स्थित है?

  • (A) तारागढ़ (अजमेर)
  • (B) आमेर (जयपुर)
  • (C) शेरगढ़ (धौलपुर)
  • (D) मंडरायल दुर्ग (करौली)

मर्दानशाह की मस्जिद मंदरायल दुर्ग (करौली) में स्थित है। यह किला ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और यहाँ की मस्जिद उस समय की कला और स्थापत्य का उदाहरण है। मस्जिद धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ किले के संरक्षण और इतिहास से भी जुड़ी हुई है।

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33. राजस्थान की दूसरी सबसे प्राचीन मस्जिद मानी जाती है?

  • (A) जामा मस्जिद, बारां
  • (B) मेड़ता मस्जिद, नागौर
  • (C) अलाउद्दीन मस्जिद, जालौर
  • (D) इकमीनार मस्जिद, जोधपुर

राजस्थान की दूसरी सबसे प्राचीन मस्जिद अलाउद्दीन मस्जिद, जालौर मानी जाती है। इसका निर्माण 1319 ई. में दिल्ली सल्तनत काल में हुआ। यह मस्जिद स्थापत्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और राजस्थान के इस्लामी इतिहास की पुरानी धरोहरों में गिनी जाती है।

34. सैयद बादशाह की दरगाह कहाँ पर स्थित है?

  • (A) चौटीला (पाली)
  • (B) शिवगंज (सिरोही)
  • (C) शाहबाद (बारां)
  • (D) सवाईमाधोपुर

सैयद बादशाह की दरगाह शिवगंज (सिरोही) में स्थित है। यह सूफी संतों की आस्था से जुड़ा स्थल है और यहाँ उर्स का आयोजन होता है। सिरोही क्षेत्र में यह धार्मिक श्रद्धा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

35. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स …… माह की 1 से 6 तारीख तक मनाया जाता है।

  • (A) मुहर्रम
  • (B) रमज़ान
  • (C) रज्जब
  • (D) सब्बाल

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक अजमेर शरीफ दरगाह पर मनाया जाता है। यह उर्स भारत और विश्व भर के सूफी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा पर्व है। इस दौरान लाखों लोग अजमेर में एकत्रित होते हैं और श्रद्धा के साथ चादर पेश करते हैं।

36. निम्न में से कौनसा युग्म असंगत है?उर्स — स्थान

  • (A) ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती का उर्स - अजमेर
  • (B) चौटीला पीर का उर्स - जालौर
  • (C) नरहड़ पीर का उर्स - झुंझुनूं
  • (D) तारकीन का उर्स - नागौर

सही उत्तर चौटीला पीर का उर्स है, क्योंकि यह जालौर में नहीं बल्कि पाली जिले के केरला स्टेशन पर आयोजित होता है। शेष तीनों युग्म सही हैं और अपने-अपने स्थानों से जुड़े हुए हैं।

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37. तारकीन का उर्स' निम्न में से किस पीर की दरगाह पर आयोजित किया जाता है?

  • (A) शेख हमीदुद्दीन नागौरी
  • (B) पीर ढुल्लेशाह
  • (C) पीर फखरूद्दीन
  • (D) पीर मलिक शाह

तारकीन का उर्स' शेख हमीदुद्दीन नागौरी की दरगाह पर आयोजित किया जाता है। नागौर जिले में यह स्थान सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। शेख हमीदुद्दीन चिश्ती परंपरा के प्रमुख संतों में से एक थे।

38. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी 'होली बायोग्राफी' के लेखक हैं?

  • (A) मिर्जा वहीउदीन बेग
  • (B) अब्बास खां सरवानी
  • (C) मीर उस्मान अली
  • (D) हिसामुदीन सोख्ता

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी होली बायोग्राफी के लेखक मिर्जा वहीउदीन बेग हैं। इस पुस्तक में अजमेर शरीफ दरगाह और ख्वाजा साहब के जीवन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है।

39. राजस्थान में दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ कहाँ पर है?

  • (A) गलियाकोट (डूंगरपुर)
  • (B) सलेमाबाद (अजमेर)
  • (C) महामन्दिर (जोधपुर)
  • (D) गलताजी (जयपुर)

दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ गलियाकोट (डूंगरपुर) है। यहाँ संत सैय्यद फखरूद्दीन की मजार है, जिसे मजार-ए-फखरी कहा जाता है। यह सम्प्रदाय का प्रमुख आस्था स्थल है और यहाँ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

40. निजाम गेट' का निर्माण किसके द्वारा करवाया गया था?

  • (A) गयासुद्दीन खिलजी
  • (B) शाहजहाँ
  • (C) इल्तुतमिश
  • (D) मीर उस्मान अली खान

निजाम गेट' दरगाह का मुख्य प्रवेश द्वार है। इसका निर्माण 1912 ई. में हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान द्वारा करवाया गया था। यह द्वार अजमेर शरीफ दरगाह की भव्यता को और बढ़ाता है। निजाम गेट का नाम उसी शासक के नाम पर पड़ा जिसने इसका निर्माण करवाया।

41. निम्न में से कौनसा युग्म असत्य है?

  • (A) तन्हा पीर की दरगाह - जोधपुर
  • (B) अमीर अली शाह की दरगाह - जयपुर
  • (C) हजरत दौलत शाह की दरगाह - जालौर
  • (D) नौगजा पीर की दरगाह - टोंक

असत्य युग्म हजरत दौलत शाह की दरगाह - जालौर है। यह दरगाह जालौर में नहीं है। जबकि तन्हा पीर की दरगाह जोधपुर, अमीर अली शाह की जयपुर और नौगजा पीर की दरगाह टोंक में स्थित हैं।

42. ख्वाजा हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह किस जिले में स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) नागौर
  • (C) जयपुर
  • (D) जालौर

ख्वाजा हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह जयपुर जिले में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है। जयपुर की सूफी परंपरा में इसका विशेष महत्व है।

43. अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के मुख्य गुम्बद का निर्माण व बुलंद दरवाजे का निर्माण किसने करवाया था?

  • (A) जहाँगीर
  • (B) अकबर
  • (C) मीर उस्मान अली
  • (D) गयासुद्दीन खिलजी

अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के मुख्य गुम्बद और बुलंद दरवाजे का निर्माण गयासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। इससे दरगाह की ऐतिहासिक और स्थापत्य दृष्टि से महत्ता और भी बढ़ गई।

44. निम्न में से तारागढ़ किले के प्रथम गवर्नर थे?

  • (A) मीर सैय्यद हुसैन खिंगसवार
  • (B) शेख अजीजुद्दीन नागौरी
  • (C) शेख शिहाबुद्दीन
  • (D) शेख अलाउद्दीन

तारागढ़ किले के प्रथम गवर्नर मीर सैय्यद हुसैन खिंगसवार थे। यह किला अजमेर का प्रमुख किला है और ऐतिहासिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी देखरेख और शासन व्यवस्था की जिम्मेदारी सबसे पहले इन्हीं को सौंपी गई थी।

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45. अलाउद्दीन खान का मकबरा कहाँ स्थित है?

  • (A) अजमेर
  • (B) जोधपुर
  • (C) ब्यावर
  • (D) सलूम्बर

अलाउद्दीन खान का मकबरा अजमेर में स्थित है। यह मकबरा 3 गुम्बजों और 16 स्तम्भों पर आधारित है, जिस कारण इसे सोलह खम्भा कहा जाता है। इसका निर्माण शेख अलाउद्दीन ने हिजरी 1070 में करवाया था।

46. मलिकशाह पीर की दरगाह राजस्थान के किस किले में स्थित है?

  • (A) सिवाणा का किला (बालोतरा)
  • (B) जालौर दुर्ग (जालौर)
  • (C) शेरगढ़ (धौलपुर)
  • (D) मंदरायल दुर्ग (करौली)

मलिकशाह पीर की दरगाह जालौर दुर्ग (जालौर) में स्थित है। यह दरगाह ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहाँ उर्स का आयोजन बड़ी श्रद्धा से होता है।

47. निम्न में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है?

  • (A) शेख मोहम्मद दुरवेश की दरगाह - मोती डूंगरी (जयपुर)
  • (B) नजमूद्दीन परवाना की दरगाह - फतेहपुर (सीकर)
  • (C) हजरत अमानीशाह की दरगाह - जोधपुर
  • (D) हजरत मीरा साहब की दरगाह - बूंदी

असंगत युग्म हजरत अमानीशाह की दरगाह - जोधपुर है, क्योंकि यह दरगाह वास्तव में जयपुर में स्थित है। बाकी सभी युग्म सही हैं और अपने-अपने स्थानों से जुड़े हैं।

48. कुतुबद्दीन ऐबक द्वारा अजमेर में बनाया गया 'ढाई दिन का झोपड़ा' जहाँ पर पहले संस्कृत पाठशाला थी, किसके द्वारा बनाई गई थी?

  • (A) विग्रह राज द्वितीय
  • (B) पृथ्वीराज तृतीय
  • (C) विग्रहराज चतुर्थ
  • (D) वासुदेव

ढाई दिन का झोपड़ा' अजमेर का प्रसिद्ध स्मारक है, जिसे मूल रूप से एक संस्कृत पाठशाला विग्रहराज चतुर्थ ने बनवाई थी। बाद में कुतुबद्दीन ऐबक ने इसे मस्जिद में बदल दिया। यह स्थापत्य शैली में अनूठा है और इसमें हिंदू व मुस्लिम कला का मिश्रण देखने को मिलता है। इस स्मारक का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि कहा जाता है कि इसका निर्माण मात्र ढाई दिन में हुआ।

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49. नरहड़ की दरगाह किस जिले में है?

  • (A) झुंझुनूं
  • (B) अजमेर
  • (C) सीकर
  • (D) चुरू

नरहड़ की दरगाह झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र में स्थित है। इसे नरहड़ शरीफ भी कहा जाता है और यह हाजिब शक्कर बार से जुड़ी हुई है। इस दरगाह पर हर साल जन्माष्टमी के अवसर पर उर्स आयोजित होता है। यह स्थान साम्प्रदायिक सौहार्द और सद्भाव का अद्वितीय प्रतीक है, जहाँ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय श्रद्धा के साथ आते हैं।

50. हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह स्थित है?

  • (A) चौमू (जयपुर)
  • (B) गलियाकोट (डूंगरपुर)
  • (C) कपासन (चित्तौड़गढ़)
  • (D) सांभर लेक (जयपुर)

हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह सांभर लेक (जयपुर) में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है। सांभर क्षेत्र ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा है। इस दरगाह पर स्थानीय लोग और अन्य जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आते हैं।

51. अजमेर में किस प्रसिद्ध सूफी संत की दरगाह है?

  • (A) मोइनुद्दीन चिश्ती
  • (B) फखरूद्दीन चिश्ती
  • (C) हिसामुद्दीन चिश्ती
  • (D) हम्मीदुद्दीन चिश्ती

अजमेर में स्थित दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की है, जिन्हें गरीब नवाज़ के नाम से भी जाना जाता है। यह दरगाह सूफी मत का सबसे बड़ा केंद्र है। ख्वाजा साहब ने अपने जीवन से इंसानियत, भाईचारे और दया का संदेश दिया। अजमेर शरीफ की दरगाह आज भी विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख स्थल है।

52. अतारकिन-का-दरवाजा' राजस्थान के निम्न में से किस जिले में स्थित है?

  • (A) अजमेर
  • (B) नागौर
  • (C) सांभर
  • (D) सरवाड़

अतारकिन-का-दरवाजा' नागौर जिले में स्थित है। इसका निर्माण इल्तुतमिश ने ख्वाजा हमीदुद्दीन नागौरी की स्मृति में करवाया था। यह दरवाजा ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और सूफी परंपरा से जुड़ा हुआ है। यह दरवाजा आज भी नागौर जिले की एक खास पहचान माना जाता है।

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53. शक्कर पीर बाबा' के नाम से प्रसिद्ध हजरत हाजिब शक्कर बार की दरगाह स्थित है-

  • (A) नरहड़
  • (B) कपासन
  • (C) गलियाकोट
  • (D) सादड़ी

शक्कर पीर बाबा' के नाम से प्रसिद्ध हजरत हाजिब शक्कर बार की दरगाह नरहड़ (झुंझुनूं) में स्थित है। यह दरगाह नरहड़ शरीफ के नाम से प्रसिद्ध है और साम्प्रदायिक एकता का बड़ा उदाहरण है। यहाँ जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।

54. मीरान साहब की दरगाह कहाँ पर स्थित है?

  • (A) जयपुर
  • (B) अजमेर
  • (C) प्रतापगढ़
  • (D) उदयपुर

मीरान साहब की दरगाह अजमेर में स्थित है। यह दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के निकट ही है। मीरान साहब सूफी परंपरा से जुड़े एक संत थे और उनकी दरगाह भी अजमेर आने वाले श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।

55. नीचे दिए गए युग्मों में से असुमेलित युग्म छाँटिए-(दरगाह) — (स्थान)

  • (A) शेख हमीदुद्दीन मिले महाबली - गागरोन (झालावाड़)
  • (B) मौलाना जियाऊद्दीन की दरगाह - जयपुर
  • (C) शेख नजमुद्दीन परवाना की दरगाह - झुंझुनूं
  • (D) शेख बाबा इस्हाक मगरिबी की दरगाह - बड़ी खाटू (नागौर)

असुमेलित युग्म शेख नजमुद्दीन परवाना की दरगाह - झुंझुनूं है। वास्तव में उनकी दरगाह फतेहपुर (सीकर) में स्थित है। जबकि शेष सभी युग्म सही हैं। परीक्षाओं में ऐसे असंगत युग्म वाले प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इनका सही मिलान याद रखना आवश्यक है।

56. हजरत अमानीशाह की दरगाह स्थित है-

  • (A) बीकानेर
  • (B) जयपुर
  • (C) अजमेर
  • (D) नागौर

हजरत अमानीशाह की दरगाह जयपुर में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है। जयपुर में यह दरगाह न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि अन्य धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का स्थान है। दरगाह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और धार्मिक महत्व इसे खास बनाते हैं।

Rajasthan GK Previous Year Questions

57. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती किसके शासनकाल में राजस्थान आये थे?

  • (A) विग्रह राज चतुर्थ
  • (B) सोमेश्वर
  • (C) पृथ्वीराज द्वितीय
  • (D) पृथ्वीराज चौहान तृतीय

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती पृथ्वीराज चौहान तृतीय के शासनकाल में राजस्थान आये थे। उस समय अजमेर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र था। ख्वाजा साहब ने यहाँ सूफी परंपरा और मानव सेवा का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ लोगों को इंसानियत और भाईचारे की ओर प्रेरित करती थीं। इसी कारण अजमेर आज भी विश्वभर के श्रद्धालुओं का तीर्थस्थल है।

58. संन्यासियों के सुल्तान' के उपनाम से किसे जाना जाता है?

  • (A) हमीदुद्दीन नागौरी
  • (B) ख्वाजा फखरूद्दीन
  • (C) ख्वाजा हिसामुद्दीन
  • (D) ख्वाजा मोइनुद्दीन

संन्यासियों के सुल्तान' की उपाधि शेख हमीदुद्दीन नागौरी को दी जाती है। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे और नागौर क्षेत्र में सूफी मत का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने संन्यासियों जैसा जीवन व्यतीत किया और अपना जीवन मानव सेवा और आध्यात्मिक साधना को समर्पित किया। उनकी सादगी और तपस्या ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया।

59. अजमेर में ख्वाजा साहब के उर्स के दौरान बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म कौन अदा करता है?

  • (A) उदयपुर का बोहरा परिवार
  • (B) प्रतापगढ़ का सोनी परिवार
  • (C) मेड़ता का पठान परिवार
  • (D) भीलवाड़ा का गौरी परिवार

अजमेर शरीफ में उर्स के दौरान बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म भीलवाड़ा का गौरी परिवार अदा करता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। उर्स का आयोजन रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक होता है और 9वीं तारीख को बड़ा कुल की रस्म अदा की जाती है। इस रस्म में श्रद्धालुओं को गुलाब जल के छींटे मारे जाते हैं।

60. चिश्ती सम्प्रदाय में तीर्थयात्रियों को कहा जाता है?

  • (A) जायरीन
  • (B) वली
  • (C) मुरीद
  • (D) मुर्शीद

चिश्ती सम्प्रदाय में तीर्थयात्रियों को जायरीन कहा जाता है। जो लोग दरगाह पर चादर चढ़ाने और आशीर्वाद लेने आते हैं, उन्हें यही नाम दिया गया है। जायरीन शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है दर्शन करने वाले। अजमेर शरीफ की दरगाह पर देश-विदेश से लाखों जायरीन आते हैं।

61. नालीसर मस्जिद स्थित है-

  • (A) सांभर (जयपुर)
  • (B) भरतपुर
  • (C) बड़ी खाटू (नागौर)
  • (D) ओसियां (जोधपुर)

नालीसर मस्जिद सांभर (जयपुर) में स्थित है। यह मस्जिद प्राचीनकालीन इस्लामी स्थापत्य का सुंदर उदाहरण है। सांभर अपने ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। इस मस्जिद की संरचना और धार्मिक महत्व इसे खास बनाते हैं।

62. जेठा भुट्टापीर की दरगाह स्थित है-

  • (A) गजनेर (बीकानेर)
  • (B) तिजारा (खैरथल-तिजारा)
  • (C) भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)
  • (D) सादड़ी (पाली)

जेठा भुट्टापीर की दरगाह गजनेर (बीकानेर) में स्थित है। यह दरगाह स्थानीय लोगों की गहरी आस्था से जुड़ी हुई है। यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। गजनेर अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण राजस्थान में विशेष पहचान रखता है।

63. हजरत मीरा साहब की दरगाह स्थित है-

  • (A) अजमेर
  • (B) सिरोही
  • (C) बूंदी
  • (D) नागौर

हजरत मीरा साहब की दरगाह बूंदी में स्थित है। यह दरगाह धार्मिक आस्था का केंद्र है और स्थानीय स्तर पर इसका विशेष महत्व है। ध्यान देने योग्य है कि हजरत मीरान साहब की दरगाह अजमेर के तारागढ़ किले में भी स्थित है। इस प्रकार बूंदी और अजमेर दोनों स्थान इस नाम से जुड़े हुए हैं, जिससे विद्यार्थी को भ्रम हो सकता है।

64. अब्दुल पीर की मजार स्थित है-

  • (A) कपासन (चितौड़गढ़)
  • (B) मुण्डावर (खैरथल तिजारा)
  • (C) भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)
  • (D) सादड़ी (पाली)

अब्दुल पीर की मजार भगवानपुरा (बाँसवाड़ा) में स्थित है। यह मजार स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। बाँसवाड़ा को छोटा कश्मीर कहा जाता है और यहाँ सूफी परंपरा से जुड़े कई धार्मिक स्थल हैं। अब्दुल पीर की मजार धार्मिक मेल-जोल और साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।

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65. अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा स्थित है-

  • (A) तिजारा (खैरथल तिजारा)
  • (B) मेहरानगढ़ (जोधपुर)
  • (C) शिवगंज (सिरोही)
  • (D) चौमूं (जयपुर)

अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा तिजारा (खैरथल-तिजारा, अलवर) में स्थित है। यह मकबरा स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। तिजारा राजस्थान का प्रमुख ऐतिहासिक स्थान है और सूफी संतों की मजारों के कारण यहाँ धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।

66. काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी को बनाया गया था? किस स्थान पर सर्वप्रथम काजी

  • (A) अजमेर
  • (B) बूंदी
  • (C) जयपुर
  • (D) नागौर

काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी सिलसिले से जुड़े थे और उन्हें पहली बार नागौर में काजी नियुक्त किया गया था। पिता के देहांत के बाद उन्होंने यह पद संभाला। नागौर में उनकी दरगाह साम्प्रदायिक एकता का प्रमुख केंद्र है। उनकी शिक्षाएँ मानवता और भाईचारे पर आधारित थीं।

67. मिस्कीन शाह साहब की दरगाह कहाँ स्थित है?

  • (A) अजमेर
  • (B) बूंदी
  • (C) जयपुर
  • (D) नागौर

मिस्कीन शाह साहब की दरगाह जयपुर में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा और स्थानीय आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। जयपुर में स्थित यह स्थल विभिन्न धार्मिक गतिविधियों और उर्स के आयोजन के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

68. गरीब नवाज के उपनाम से जाना जाता है?

  • (A) ख्वाजा फखरूद्दीन चिश्ती
  • (B) ख्वाजा हिसामुद्दीन चिश्ती
  • (C) ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती
  • (D) पीर फखरूद्दीन

गरीब नवाज़ उपनाम से प्रसिद्ध संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती हैं। उन्होंने गरीबों और जरूरतमंदों की सेवा को सर्वोच्च धर्म माना। उनके उपदेशों ने हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों को एकजुट किया। अजमेर स्थित उनकी दरगाह आज भी विश्व प्रसिद्ध है और लाखों श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते हैं।

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69. हजरत जमालुद्दीन साहब की दरगाह कहाँ स्थित है-

  • (A) अलवर
  • (B) दौसा
  • (C) अजमेर
  • (D) जयपुर

हजरत जमालुद्दीन साहब की दरगाह दौसा जिले में स्थित है। यह दरगाह स्थानीय धार्मिक आस्था का प्रमुख स्थल है। यहाँ पर प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। दौसा क्षेत्र में यह स्थान सूफी परंपरा का प्रतीक माना जाता है।

70. ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती के गुरु का क्या नाम है?

  • (A) हजरत शेख उस्मान हारूनी
  • (B) ख्वाजा सैयद गयासु
  • (C) मोइनुद्दीन चिश्ती
  • (D) पीर फखरुद्दीन

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के गुरु का नाम हजरत शेख उस्मान हारूनी था। वे चिश्ती सिलसिले के प्रमुख संत थे। उन्होंने मोइनुद्दीन चिश्ती को आध्यात्मिक शिक्षा दी और सूफी परंपरा का प्रचार-प्रसार करने की प्रेरणा दी। गुरु-शिष्य परंपरा के इस संबंध ने ही चिश्ती सिलसिले को भारत में मजबूती प्रदान की।

71. निम्न में से असत्य कथन है-

  • (A) ख्वाजा साहब की दरगाह अजमेर में स्थित है।
  • (B) ख्वाजा साहब के पिता का नाम हजरत ख्वाजा सैयद गयासुद्दीन था।
  • (C) मुहम्मद बिन तुगलक ख्वाजा साहब की दरगाह पर आने वाला प्रथम सुल्तान था।
  • (D) अकबर द्वारा इसी दरगाह में बुलंद दरवाजा बनवाया गया।

असत्य कथन यह है कि बुलंद दरवाजा अकबर ने बनवाया था। वास्तविकता यह है कि बुलंद दरवाजे का निर्माण गयासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। कुछ पुस्तकों में इसे सुल्तान महमूद खिलजी से भी जोड़ा गया है। बाकी सभी कथन सही हैं और ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित हैं।

72. निम्न में से असत्य युग्म है-

  • (A) ईदगाह मस्जिद - जयपुर
  • (B) नालीसर मस्जिद - जयपुर
  • (C) अलाउद्दीन की मस्जिद - अजमेर
  • (D) अकबर की मस्जिद - जयपुर

असत्य युग्म अलाउद्दीन की मस्जिद - अजमेर है। वास्तव में अलाउद्दीन की मस्जिद जालौर में स्थित है। बाकी सभी युग्म सही हैं और अपने-अपने स्थान से जुड़े हुए हैं। यह प्रश्न अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं, इसलिए सही-गलत युग्म पर ध्यान देना जरूरी है।

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73. निम्न में से सुमेलित नहीं है-

  • (A) बीबी जरीना का मकबरा - धौलपुर
  • (B) भूरे खां की मजार - जोधपुर
  • (C) बड़े पीर की दरगाह - नागौर
  • (D) सभी सुमेलित है।

उपरोक्त दिए गए सभी युग्म सही सुमेलित हैं। बीबी जरीना का मकबरा धौलपुर में, भूरे खां की मजार जोधपुर में और बड़े पीर की दरगाह नागौर में ही स्थित हैं। इसलिए इस प्रश्न का सही उत्तर सभी सुमेलित है है।

74. सुफी हम्मीदुदीन चिश्ती निम्न में से किसके शिष्य थे?

  • (A) पीर फकरूद्दीन
  • (B) मोइनुद्दीन चिश्ती
  • (C) ख्वाजा हिसामुद्दीन
  • (D) नरहड़ के पीर

सूफी संत हम्मीदुद्दीन नागौरी, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रमुख शिष्य थे। उन्होंने नागौर क्षेत्र में सूफी मत का प्रचार किया और वहाँ अपना केंद्र स्थापित किया। इन्हें संन्यासियों का सुल्तान भी कहा जाता है। उनकी शिक्षाओं में सादगी, मानव सेवा और भाईचारा प्रमुख थे। आज भी उनकी दरगाह नागौर में लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

75. निम्न में से असत्य है-

  • (A) खुदाबक्श बाबा की दरगाह - पाली
  • (B) जेठा भुट्टा पीर की दरगाह - बीकानेर
  • (C) मलिक शाह पीर की दरगाह - जालौर
  • (D) लैला मजनू की मजार - हनुमानगढ़

असत्य विकल्प लैला मजनू की मजार - हनुमानगढ़ है। वास्तव में यह मजार बिंजौर (गंगानगर) में स्थित है। इसे प्रेम और बलिदान का प्रतीक माना जाता है। बाकी सभी विकल्प सही हैं: खुदाबक्श बाबा की दरगाह पाली में, जेठा भुट्टा पीर की बीकानेर में और मलिक शाह पीर की जालौर में है।

76. सफदरगंज मीनार कहाँ पर स्थित है?

  • (A) व्यावर
  • (B) जोधपुर
  • (C) कोटा
  • (D) अलवर

सफदरगंज मीनार अलवर में स्थित है। यह ऐतिहासिक स्मारक स्थापत्य कला का उत्तम उदाहरण है। अलवर अपने किलों, महलों और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। सफदरगंज मीनार यहाँ के मुस्लिम स्थापत्य और स्थानीय इतिहास की महत्वपूर्ण धरोहरों में गिनी जाती है।

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77. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का इंतकाल किस स्थान पर हुआ था?

  • (A) दिल्ली
  • (B) नागौर
  • (C) अजमेर
  • (D) मुरादाबाद

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का इंतकाल अजमेर में हुआ था। 1236 ई. में उनका निधन हुआ और उनकी दरगाह यहीं पर बनाई गई। इसे आज अजमेर शरीफ दरगाह के नाम से जाना जाता है। यह सूफी परंपरा का सबसे बड़ा केंद्र है और लाखों जायरीन प्रतिवर्ष यहाँ आकर श्रद्धा अर्पित करते हैं।

78. अजमेर की दरगाह में बड़ी देग व छोटी देग क्रमशः किसने भेंट की थी?

  • (A) अकबर व जहाँगीर
  • (B) जहाँगीर व शाहजहाँ
  • (C) शाहजहाँ व औरंगजेब
  • (D) जहाँगीर व दारा शिकोह

अजमेर दरगाह में बड़ी देग अकबर ने 1567 ई. में भेंट की थी और छोटी देग जहाँगीर ने 1613 ई. में भेंट की। ये देगें आज भी दरगाह की पहचान हैं। बड़ी-बड़ी देगों में आज भी उर्स और अन्य अवसरों पर खिचड़ी पकाई जाती है और श्रद्धालुओं में बाँटी जाती है।

79. गुलाब खाँ का मकबरा स्थित है?

  • (A) जोधपुर
  • (B) बीकानेर
  • (C) नागौर
  • (D) टोंक

गुलाब खाँ का मकबरा जोधपुर में स्थित है। यह मकबरा स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जोधपुर ऐतिहासिक धरोहरों और दरगाहों के लिए जाना जाता है, जिनमें गुलाब खाँ का मकबरा भी विशेष स्थान रखता है।

80. भरतपुर की जामा मस्जिद का निर्माण वहाँ के किस शासक ने करवाया था?

  • (A) रणजीत सिंह
  • (B) बृजेन्द्र सिंह
  • (C) बलवंत सिंह
  • (D) कृष्ण सिंह

भरतपुर की जामा मस्जिद का निर्माण भरतपुर के शासक महाराजा बलवंत सिंह ने करवाया था। यह मस्जिद अपनी भव्यता और स्थापत्य शैली के लिए प्रसिद्ध है। भरतपुर की धार्मिक धरोहरों में यह मस्जिद विशेष स्थान रखती है और यहाँ नियमित रूप से धार्मिक आयोजन होते रहते हैं।

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Mukesh Khunga

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Mukesh Khunga

Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...

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