मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे MCQ in Hindi | Questions, Answers and Explanation
इस पोस्ट में राजस्थान की कला एवं संस्कृति के टॉपिक
मुस्लिम पीर, मस्जिदें, दरगाह, मीनार, मकबरे से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण
MCQ
प्रश्न दिए गए हैं।
इनमें अतारकिन का दरवाजा नागौर, इस्लामी संत मलिक शाह का मकबरा जालौर, मजार-ए-फखरी डूंगरपुर, हजरत शेख अब्दुल अजीज मक्की की प्राचीन दरगाह केशोरायपाटन (बूंदी), चल फिर शाह की दरगाह' चित्तौड़गढ़, अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर आदि से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को व्याख्या सहित शामिल किया गया है।
ये महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न
RPSC,
RSSB,
RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, REET
तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए
उपयोगी हैं। इनमें विषयवार प्रश्न, सही उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या
शामिल हैं।
✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
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1. “अतारकिन का दरवाजा" राजस्थान के निम्न में से किस जिले में स्थित है?
A
नागौर
B
अजमेर
C
जालौर
D
चित्तौड़गढ़
📖 व्याख्या
अतारकिन का दरवाजा नागौर में स्थित है। इसका निर्माण इल्तुतमिश ने ख्वाजा हमीदुद्दीन नागौरी की स्मृति में करवाया। इन्हें "सुल्तान-ए-तारिकिन" कहा जाता है। यह दरवाजा बाद में अकबर के बुलंद दरवाजे के निर्माण की प्रेरणा बना। स्थानीय लोग इन्हें "तार किशन जी" भी कहते हैं।
2. किस सूफी संत ने नागौर के पास 'सुवाल' गांव में अपना केन्द्र बनाकर शांतिपूर्वक प्रचार किया?
A
मुइनुद्दीन चिश्ती
B
अल्लाह बख्श
C
रजीउद्दीन हसन
D
शेख हमीदुद्दीन
📖 व्याख्या
नागौर के पास सुवाल गाँव में केंद्र बनाकर प्रचार करने वाले संत शेख हमीदुद्दीन नागौरी थे। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे और "सन्यासियों का सुल्तान" कहलाए। उन्होंने सादगीपूर्ण जीवन जिया और भाईचारे का संदेश दिया। उनकी दरगाह आज भी सुवाल गाँव में आस्था का प्रतीक है।
3. काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी को किस स्थान पर सर्वप्रथम काजी बनाया गया था?
A
नागौर
B
अजमेर
C
बयाना
D
खाटू
📖 व्याख्या
काजी हमीदुद्दीन सुहरावर्दी को सर्वप्रथम नागौर में काजी बनाया गया था। वे लगभग 30 वर्षों तक नागौर में काजी रहे। उनका वास्तविक नाम शेख मुहम्मद इब्ने अता था। उनकी प्रमुख रचनाओं में लवाएह, तवालिए-शुमूस और राहतुल-अवहि शामिल हैं।
4. सूफी शेख हमीदुद्दीन नागौरी का जन्म हुआ था:
A
नागौर में
B
दिल्ली में
C
टोंक में
D
खुरासान में
📖 व्याख्या
सूफी संत शेख हमीदुद्दीन नागौरी का जन्म दिल्ली के ख्वाली गाँव (वर्तमान भागली) में हुआ था। बाद में उन्होंने नागौर को अपनी कर्मस्थली बनाया और वहीं पर उनकी मृत्यु हुई। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे और "सन्यासियों का सुल्तान" कहलाए। नागौर में उनकी दरगाह आज भी आस्था का बड़ा केंद्र है।
5. राजस्थान के किस किले में इस्लामी संत मलिक शाह का मकबरा स्थित है?
A
रणथम्भौर के किले में
B
जालोर के किले में
C
चित्तौड़गढ़ के किले में
D
तारागढ़ में
📖 व्याख्या
इस्लामी संत मलिक शाह का मकबरा जालौर दुर्ग में स्थित है। यह मकबरा अलाउद्दीन खिलजी की जालौर विजय के बाद बनाया गया था। कहा जाता है कि यह मकबरा बगदाद के सुल्तान मलिक शाह के सम्मान में निर्मित हुआ। जालौर दुर्ग की ऐतिहासिक पहचान में यह स्थान विशेष महत्व रखता है।
6. मजार-ए-फखरी निम्न में से किस जिले में स्थित है?
A
जयपुर
B
बीकानेर
C
डूंगरपुर
D
सवाई माधोपुर
📖 व्याख्या
मजार-ए-फखरी डूंगरपुर जिले के गलियाकोट में स्थित है। यहाँ संत सैय्यद फखरूद्दीन की मजार है, जो दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मजार माही नदी के किनारे स्थित है। प्रतिवर्ष मोहर्रम की 27वीं तारीख को यहाँ उर्स आयोजित होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं।
7. अब्दुल अजीज मक्की की प्राचीन दरगाह कहां स्थित है?
A
लाखेरी
B
हिन्डोली
C
भीमलत
D
केशोरायपाटन
📖 व्याख्या
हजरत शेख अब्दुल अजीज मक्की की प्राचीन दरगाह केशोरायपाटन (बूंदी) में स्थित है। यह दरगाह बूंदी की ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरों में से एक है। यहाँ मुस्लिम समाज के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोग भी श्रद्धा के साथ आते हैं।
8. चल फिर शाह की दरगाह' राजस्थान में कहाँ स्थित है?
A
चित्तौड़गढ़
B
अजमेर
C
नागौर
D
जयपुर
📖 व्याख्या
चल फिर शाह की दरगाह' चित्तौड़गढ़ जिले के सावा कस्बे में स्थित है। यहाँ हजरत ख्वाजा मुहम्मद सिद्दीकी हुसैन ने मानवता और प्रेम का संदेश दिया। यह दरगाह "गोल प्याऊ" क्षेत्र में स्थित है और स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है।
9. अढ़ाई दिन का झोपड़ा मूलतः था-
A
मस्जिद
B
संस्कृत कॉलेज
C
दरगाह
D
राज प्रसाद
📖 व्याख्या
अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर में स्थित है और यह मूलतः एक संस्कृत कॉलेज था, जिसे विग्रहराज चतुर्थ ने 1153 ई. में बनवाया था। बाद में 1199 ई. में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे मस्जिद में परिवर्तित कर दिया। आज यह स्मारक हिंदू और मुस्लिम स्थापत्य कला का मिश्रित रूप है।
10. राजस्थान में "जरीना का मकबरा" स्थित है:-
A
अजमेर
B
भीलवाड़ा
C
नागौर
D
धौलपुर
📖 व्याख्या
बीबी जरीना का मकबरा धौलपुर में स्थित है। बीबी जरीना सुल्तान सिकलोदी की माता थीं। यह मकबरा 1433-1516 ई. के बीच निर्मित हुआ और 1885 में इसे संरक्षित धरोहर घोषित किया गया। धौलपुर में यह मकबरा धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है।
11. गमता गाजी मीनार कहाँ पर स्थित है?
A
अजमेर
B
जोधपुर
C
कोटा
D
सिरोही
📖 व्याख्या
गमता गाजी मीनार जोधपुर में स्थित है। यह ऐतिहासिक मीनार धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे गाजी फकीर की स्मृति में बनाया गया था। इस स्थान से जोधपुर की स्थानीय मान्यताओं और सूफी परंपरा का जुड़ाव देखा जाता है। यहाँ पर आज भी लोगों की आस्था बनी हुई है और मीनार को धार्मिक स्थल के रूप में सम्मान प्राप्त है।
12. इकमीनार मस्जिद कहाँ पर स्थित है?
A
अजमेर
B
जोधपुर
C
बारां
D
सवाईमाधोपुर
📖 व्याख्या
इकमीनार मस्जिद जोधपुर में स्थित है। यह राजस्थान की एक प्रसिद्ध प्राचीन मस्जिद है, जिसकी विशेषता इसके एक ही मीनार पर आधारित निर्माण शैली है। वास्तुकला की दृष्टि से यह मस्जिद अनोखी है। यह स्थल मुस्लिम धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है और स्थानीय इतिहास में इसका विशेष महत्व है।
13. मर्दानशाह की मस्जिद राजस्थान के किस किले में स्थित है?
A
तारागढ़ (अजमेर)
B
आमेर (जयपुर)
C
शेरगढ़ (धौलपुर)
D
मंडरायल दुर्ग (करौली)
📖 व्याख्या
मर्दानशाह की मस्जिद मंदरायल दुर्ग (करौली) में स्थित है। यह किला ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और यहाँ की मस्जिद उस समय की कला और स्थापत्य का उदाहरण है। मस्जिद धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ किले के संरक्षण और इतिहास से भी जुड़ी हुई है।
14. राजस्थान की दूसरी सबसे प्राचीन मस्जिद मानी जाती है?
A
जामा मस्जिद, बारां
B
मेड़ता मस्जिद, नागौर
C
अलाउद्दीन मस्जिद, जालौर
D
इकमीनार मस्जिद, जोधपुर
📖 व्याख्या
राजस्थान की दूसरी सबसे प्राचीन मस्जिद अलाउद्दीन मस्जिद, जालौर मानी जाती है। इसका निर्माण 1319 ई. में दिल्ली सल्तनत काल में हुआ। यह मस्जिद स्थापत्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और राजस्थान के इस्लामी इतिहास की पुरानी धरोहरों में गिनी जाती है।
15. सैयद बादशाह की दरगाह कहाँ पर स्थित है?
A
चौटीला (पाली)
B
शिवगंज (सिरोही)
C
शाहबाद (बारां)
D
सवाईमाधोपुर
📖 व्याख्या
सैयद बादशाह की दरगाह शिवगंज (सिरोही) में स्थित है। यह सूफी संतों की आस्था से जुड़ा स्थल है और यहाँ उर्स का आयोजन होता है। सिरोही क्षेत्र में यह धार्मिक श्रद्धा का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
16. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स …… माह की 1 से 6 तारीख तक मनाया जाता है।
A
मुहर्रम
B
रमज़ान
C
रज्जब
D
सब्बाल
📖 व्याख्या
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का उर्स रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक अजमेर शरीफ दरगाह पर मनाया जाता है। यह उर्स भारत और विश्व भर के सूफी श्रद्धालुओं के लिए आस्था का सबसे बड़ा पर्व है। इस दौरान लाखों लोग अजमेर में एकत्रित होते हैं और श्रद्धा के साथ चादर पेश करते हैं।
17. निम्न में से कौनसा युग्म असंगत है?उर्स — स्थान
A
ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती का उर्स - अजमेर
B
चौटीला पीर का उर्स - जालौर
C
नरहड़ पीर का उर्स - झुंझुनूं
D
तारकीन का उर्स - नागौर
📖 व्याख्या
सही उत्तर चौटीला पीर का उर्स है, क्योंकि यह जालौर में नहीं बल्कि पाली जिले के केरला स्टेशन पर आयोजित होता है। शेष तीनों युग्म सही हैं और अपने-अपने स्थानों से जुड़े हुए हैं।
18. तारकीन का उर्स' निम्न में से किस पीर की दरगाह पर आयोजित किया जाता है?
A
शेख हमीदुद्दीन नागौरी
B
पीर ढुल्लेशाह
C
पीर फखरूद्दीन
D
पीर मलिक शाह
📖 व्याख्या
तारकीन का उर्स' शेख हमीदुद्दीन नागौरी की दरगाह पर आयोजित किया जाता है। नागौर जिले में यह स्थान सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है। शेख हमीदुद्दीन चिश्ती परंपरा के प्रमुख संतों में से एक थे।
19. ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी 'होली बायोग्राफी' के लेखक हैं?
A
मिर्जा वहीउदीन बेग
B
अब्बास खां सरवानी
C
मीर उस्मान अली
D
हिसामुदीन सोख्ता
📖 व्याख्या
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की जीवनी 'होली बायोग्राफी' के लेखक मिर्जा वहीउदीन बेग हैं। इस पुस्तक में अजमेर शरीफ दरगाह और ख्वाजा साहब के जीवन से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है।
20. राजस्थान में दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ कहाँ पर है?
A
गलियाकोट (डूंगरपुर)
B
सलेमाबाद (अजमेर)
C
महामन्दिर (जोधपुर)
D
गलताजी (जयपुर)
📖 व्याख्या
दाऊदी बोहरा सम्प्रदाय की प्रमुख पीठ गलियाकोट (डूंगरपुर) है। यहाँ संत सैय्यद फखरूद्दीन की मजार है, जिसे 'मजार-ए-फखरी' कहा जाता है। यह सम्प्रदाय का प्रमुख आस्था स्थल है और यहाँ पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
21. साम्प्रदायिक सौहार्द के प्रतीक काजी हमीदुद्दीन नागौरी किस सूफी सिलसिले के थे?
A
चिश्ती
B
दाउदी बोहरा
C
सुहरावर्दी
D
रसूल सम्प्रदाय
📖 व्याख्या
काजी हमीदुद्दीन नागौरी चिश्ती सिलसिले से जुड़े थे। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के प्रमुख शिष्यों में से एक थे। उनका जीवन साम्प्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने समाज में धार्मिक सद्भावना और मानव सेवा का संदेश दिया, जिसके कारण उन्हें नागौर क्षेत्र में विशेष सम्मान प्राप्त है।
22. निजाम गेट' का निर्माण किसके द्वारा करवाया गया था?
A
गयासुद्दीन खिलजी
B
शाहजहाँ
C
इल्तुतमिश
D
मीर उस्मान अली खान
📖 व्याख्या
निजाम गेट' दरगाह का मुख्य प्रवेश द्वार है। इसका निर्माण 1912 ई. में हैदराबाद के निजाम मीर उस्मान अली खान द्वारा करवाया गया था। यह द्वार अजमेर शरीफ दरगाह की भव्यता को और बढ़ाता है। निजाम गेट का नाम उसी शासक के नाम पर पड़ा जिसने इसका निर्माण करवाया।
23. निम्न में से कौनसा युग्म असत्य है?
A
तन्हा पीर की दरगाह - जोधपुर
B
अमीर अली शाह की दरगाह - जयपुर
C
हजरत दौलत शाह की दरगाह - जालौर
D
नौगजा पीर की दरगाह - टोंक
📖 व्याख्या
असत्य युग्म हजरत दौलत शाह की दरगाह - जालौर है। यह दरगाह जालौर में नहीं है। जबकि तन्हा पीर की दरगाह जोधपुर, अमीर अली शाह की जयपुर और नौगजा पीर की दरगाह टोंक में स्थित हैं।
24. ख्वाजा हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह किस जिले में स्थित है?
A
जोधपुर
B
नागौर
C
जयपुर
D
जालौर
📖 व्याख्या
ख्वाजा हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह जयपुर जिले में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है। जयपुर की सूफी परंपरा में इसका विशेष महत्व है।
25. अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के मुख्य गुम्बद का निर्माण व बुलंद दरवाजे का निर्माण किसने करवाया था?
A
जहाँगीर
B
अकबर
C
मीर उस्मान अली
D
गयासुद्दीन खिलजी
📖 व्याख्या
अजमेर स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के मुख्य गुम्बद और बुलंद दरवाजे का निर्माण गयासुद्दीन खिलजी ने करवाया था। इससे दरगाह की ऐतिहासिक और स्थापत्य दृष्टि से महत्ता और भी बढ़ गई।
26. निम्न में से तारागढ़ किले के प्रथम गवर्नर थे?
A
मीर सैय्यद हुसैन खिंगसवार
B
शेख अजीजुद्दीन नागौरी
C
शेख शिहाबुद्दीन
D
शेख अलाउद्दीन
📖 व्याख्या
तारागढ़ किले के प्रथम गवर्नर मीर सैय्यद हुसैन खिंगसवार थे। यह किला अजमेर का प्रमुख किला है और ऐतिहासिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जाता है। इसकी देखरेख और शासन व्यवस्था की जिम्मेदारी सबसे पहले इन्हीं को सौंपी गई थी।
27. अलाउद्दीन खान का मकबरा कहाँ स्थित है?
A
अजमेर
B
जोधपुर
C
ब्यावर
D
सलूम्बर
📖 व्याख्या
अलाउद्दीन खान का मकबरा अजमेर में स्थित है। यह मकबरा 3 गुम्बजों और 16 स्तम्भों पर आधारित है, जिस कारण इसे 'सोलह खम्भा' कहा जाता है। इसका निर्माण शेख अलाउद्दीन ने हिजरी 1070 में करवाया था।
28. मलिकशाह पीर की दरगाह राजस्थान के किस किले में स्थित है?
A
सिवाणा का किला (बालोतरा)
B
जालौर दुर्ग (जालौर)
C
शेरगढ़ (धौलपुर)
D
मंदरायल दुर्ग (करौली)
📖 व्याख्या
मलिकशाह पीर की दरगाह जालौर दुर्ग (जालौर) में स्थित है। यह दरगाह ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और यहाँ उर्स का आयोजन बड़ी श्रद्धा से होता है।
29. निम्न में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है?
A
शेख मोहम्मद दुरवेश की दरगाह - मोती डूंगरी (जयपुर)
B
नजमूद्दीन परवाना की दरगाह - फतेहपुर (सीकर)
C
हजरत अमानीशाह की दरगाह - जोधपुर
D
हजरत मीरा साहब की दरगाह - बूंदी
📖 व्याख्या
असंगत युग्म हजरत अमानीशाह की दरगाह - जोधपुर है, क्योंकि यह दरगाह वास्तव में जयपुर में स्थित है। बाकी सभी युग्म सही हैं और अपने-अपने स्थानों से जुड़े हैं।
30. कुतुबद्दीन ऐबक द्वारा अजमेर में बनाया गया 'ढाई दिन का झोपड़ा' जहाँ पर पहले संस्कृत पाठशाला थी, किसके द्वारा बनाई गई थी?
A
विग्रह राज द्वितीय
B
पृथ्वीराज तृतीय
C
विग्रहराज चतुर्थ
D
वासुदेव
📖 व्याख्या
ढाई दिन का झोपड़ा' अजमेर का प्रसिद्ध स्मारक है, जिसे मूल रूप से एक संस्कृत पाठशाला विग्रहराज चतुर्थ ने बनवाई थी। बाद में कुतुबद्दीन ऐबक ने इसे मस्जिद में बदल दिया। यह स्थापत्य शैली में अनूठा है और इसमें हिंदू व मुस्लिम कला का मिश्रण देखने को मिलता है। इस स्मारक का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि कहा जाता है कि इसका निर्माण मात्र ढाई दिन में हुआ।
31. नरहड़ की दरगाह किस जिले में है?
A
झुंझुनूं
B
अजमेर
C
सीकर
D
चुरू
📖 व्याख्या
नरहड़ की दरगाह झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र में स्थित है। इसे नरहड़ शरीफ भी कहा जाता है और यह हाजिब शक्कर बार से जुड़ी हुई है। इस दरगाह पर हर साल जन्माष्टमी के अवसर पर उर्स आयोजित होता है। यह स्थान साम्प्रदायिक सौहार्द और सद्भाव का अद्वितीय प्रतीक है, जहाँ हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय श्रद्धा के साथ आते हैं।
32. हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह स्थित है?
A
चौमू (जयपुर)
B
गलियाकोट (डूंगरपुर)
C
कपासन (चित्तौड़गढ़)
D
सांभर लेक (जयपुर)
📖 व्याख्या
हिसामुद्दीन चिश्ती की दरगाह सांभर लेक (जयपुर) में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है। सांभर क्षेत्र ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण रहा है। इस दरगाह पर स्थानीय लोग और अन्य जिलों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन के लिए आते हैं।
33. राजस्थान के किस शहर में प्रत्येक वर्ष विश्व प्रसिद्ध उर्स का आयोजन किया जाता है?
A
नागौर
B
जयपुर
C
अजमेर
D
चित्तौड़गढ़
📖 व्याख्या
विश्व प्रसिद्ध उर्स का आयोजन प्रतिवर्ष अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर होता है। यह उर्स रज्जब माह की पहली तारीख से छठी तारीख तक मनाया जाता है। इसे देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु देखने आते हैं। यह मेला भारत में मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है और साम्प्रदायिक सौहार्द का अद्भुत उदाहरण है।
34. अजमेर में किस प्रसिद्ध सूफी संत की दरगाह है?
A
मोइनुद्दीन चिश्ती
B
फखरूद्दीन चिश्ती
C
हिसामुद्दीन चिश्ती
D
हम्मीदुद्दीन चिश्ती
📖 व्याख्या
अजमेर में स्थित दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की है, जिन्हें 'गरीब नवाज़' के नाम से भी जाना जाता है। यह दरगाह सूफी मत का सबसे बड़ा केंद्र है। ख्वाजा साहब ने अपने जीवन से इंसानियत, भाईचारे और दया का संदेश दिया। अजमेर शरीफ की दरगाह आज भी विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख स्थल है।
35. अतारकिन-का-दरवाजा' राजस्थान के निम्न में से किस जिले में स्थित है?
A
अजमेर
B
नागौर
C
सांभर
D
सरवाड़
📖 व्याख्या
अतारकिन-का-दरवाजा' नागौर जिले में स्थित है। इसका निर्माण इल्तुतमिश ने ख्वाजा हमीदुद्दीन नागौरी की स्मृति में करवाया था। यह दरवाजा ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और सूफी परंपरा से जुड़ा हुआ है। यह दरवाजा आज भी नागौर जिले की एक खास पहचान माना जाता है।
36. शक्कर पीर बाबा' के नाम से प्रसिद्ध हजरत हाजिब शक्कर बार की दरगाह स्थित है-
A
नरहड़
B
कपासन
C
गलियाकोट
D
सादड़ी
📖 व्याख्या
शक्कर पीर बाबा' के नाम से प्रसिद्ध हजरत हाजिब शक्कर बार की दरगाह नरहड़ (झुंझुनूं) में स्थित है। यह दरगाह नरहड़ शरीफ के नाम से प्रसिद्ध है और साम्प्रदायिक एकता का बड़ा उदाहरण है। यहाँ जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
37. मीरान साहब की दरगाह कहाँ पर स्थित है?
A
जयपुर
B
अजमेर
C
प्रतापगढ़
D
उदयपुर
📖 व्याख्या
मीरान साहब की दरगाह अजमेर में स्थित है। यह दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के निकट ही है। मीरान साहब सूफी परंपरा से जुड़े एक संत थे और उनकी दरगाह भी अजमेर आने वाले श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।
38. नीचे दिए गए युग्मों में से असुमेलित युग्म छाँटिए-(दरगाह) — (स्थान)
A
शेख हमीदुद्दीन मिले महाबली - गागरोन (झालावाड़)
B
मौलाना जियाऊद्दीन की दरगाह - जयपुर
C
शेख नजमुद्दीन परवाना की दरगाह - झुंझुनूं
D
शेख बाबा इस्हाक मगरिबी की दरगाह - बड़ी खाटू (नागौर)
📖 व्याख्या
असुमेलित युग्म शेख नजमुद्दीन परवाना की दरगाह - झुंझुनूं है। वास्तव में उनकी दरगाह फतेहपुर (सीकर) में स्थित है। जबकि शेष सभी युग्म सही हैं। परीक्षाओं में ऐसे असंगत युग्म वाले प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए इनका सही मिलान याद रखना आवश्यक है।
39. अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन किस सूफी सिलसिला से सम्बन्धित है?
A
चिश्ती
B
सुहरावर्दी
C
कादिरी
D
नक्शबंदी
📖 व्याख्या
अजमेर के ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती सिलसिले से जुड़े हुए थे। उन्हें "गरीब नवाज़" कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अपना जीवन गरीबों और पीड़ितों की सेवा में समर्पित किया। ख्वाजा साहब भारत में चिश्ती सिलसिले के सबसे बड़े प्रचारक माने जाते हैं। उन्होंने अजमेर को सूफी मत का केंद्र बना दिया और उनके उपदेशों ने हिंदू-मुस्लिम एकता को मजबूत किया।
40. हजरत अमानीशाह की दरगाह स्थित है-
A
बीकानेर
B
जयपुर
C
अजमेर
D
नागौर
📖 व्याख्या
हजरत अमानीशाह की दरगाह जयपुर में स्थित है। यह दरगाह सूफी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है। जयपुर में यह दरगाह न केवल मुस्लिम समुदाय बल्कि अन्य धर्मों के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का स्थान है। दरगाह की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और धार्मिक महत्व इसे खास बनाते हैं।
41. सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती किसके शासनकाल में राजस्थान आये थे?
A
विग्रह राज चतुर्थ
B
सोमेश्वर
C
पृथ्वीराज द्वितीय
D
पृथ्वीराज चौहान तृतीय
📖 व्याख्या
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती पृथ्वीराज चौहान तृतीय के शासनकाल में राजस्थान आये थे। उस समय अजमेर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र था। ख्वाजा साहब ने यहाँ सूफी परंपरा और मानव सेवा का संदेश दिया। उनकी शिक्षाएँ लोगों को इंसानियत और भाईचारे की ओर प्रेरित करती थीं। इसी कारण अजमेर आज भी विश्वभर के श्रद्धालुओं का तीर्थस्थल है।
42. संन्यासियों के सुल्तान' के उपनाम से किसे जाना जाता है?
A
हमीदुद्दीन नागौरी
B
ख्वाजा फखरूद्दीन
C
ख्वाजा हिसामुद्दीन
D
ख्वाजा मोइनुद्दीन
📖 व्याख्या
संन्यासियों के सुल्तान' की उपाधि शेख हमीदुद्दीन नागौरी को दी जाती है। वे ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के शिष्य थे और नागौर क्षेत्र में सूफी मत का प्रचार-प्रसार किया। उन्होंने संन्यासियों जैसा जीवन व्यतीत किया और अपना जीवन मानव सेवा और आध्यात्मिक साधना को समर्पित किया। उनकी सादगी और तपस्या ने उन्हें विशेष सम्मान दिलाया।
43. अजमेर में ख्वाजा साहब के उर्स के दौरान बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म कौन अदा करता है?
A
उदयपुर का बोहरा परिवार
B
प्रतापगढ़ का सोनी परिवार
C
मेड़ता का पठान परिवार
D
भीलवाड़ा का गौरी परिवार
📖 व्याख्या
अजमेर शरीफ में उर्स के दौरान बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने की रस्म भीलवाड़ा का गौरी परिवार अदा करता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। उर्स का आयोजन रज्जब माह की 1 से 6 तारीख तक होता है और 9वीं तारीख को "बड़ा कुल" की रस्म अदा की जाती है। इस रस्म में श्रद्धालुओं को गुलाब जल के छींटे मारे जाते हैं।
44. चिश्ती सम्प्रदाय में तीर्थयात्रियों को कहा जाता है?
A
जायरीन
B
वली
C
मुरीद
D
मुर्शीद
📖 व्याख्या
चिश्ती सम्प्रदाय में तीर्थयात्रियों को जायरीन कहा जाता है। जो लोग दरगाह पर चादर चढ़ाने और आशीर्वाद लेने आते हैं, उन्हें यही नाम दिया गया है। "जायरीन" शब्द अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है "दर्शन करने वाले"। अजमेर शरीफ की दरगाह पर देश-विदेश से लाखों जायरीन आते हैं।
45. नालीसर मस्जिद स्थित है-
A
सांभर (जयपुर)
B
भरतपुर
C
बड़ी खाटू (नागौर)
D
ओसियां (जोधपुर)
📖 व्याख्या
नालीसर मस्जिद सांभर (जयपुर) में स्थित है। यह मस्जिद प्राचीनकालीन इस्लामी स्थापत्य का सुंदर उदाहरण है। सांभर अपने ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के लिए प्रसिद्ध है। इस मस्जिद की संरचना और धार्मिक महत्व इसे खास बनाते हैं।
46. अढ़ाई दिन का झोपड़ा स्थित है-
A
नागौर
B
अजमेर
C
मेड़ता
D
पाली
📖 व्याख्या
अढ़ाई दिन का झोपड़ा' अजमेर में स्थित है। इसे मूल रूप से विग्रहराज चतुर्थ (बीसलदेव चौहान) ने संस्कृत पाठशाला के रूप में बनवाया था। बाद में कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे तुड़वाकर मस्जिद में तब्दील कर दिया। इस भवन का नाम इसलिए पड़ा क्योंकि कहा जाता है कि इसे मात्र ढाई दिन में मस्जिद में बदल दिया गया था।
47. जेठा भुट्टापीर की दरगाह स्थित है-
A
गजनेर (बीकानेर)
B
तिजारा (खैरथल-तिजारा)
C
भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)
D
सादड़ी (पाली)
📖 व्याख्या
जेठा भुट्टापीर की दरगाह गजनेर (बीकानेर) में स्थित है। यह दरगाह स्थानीय लोगों की गहरी आस्था से जुड़ी हुई है। यहाँ प्रतिवर्ष उर्स का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। गजनेर अपने धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण राजस्थान में विशेष पहचान रखता है।
48. हजरत मीरा साहब की दरगाह स्थित है-
A
अजमेर
B
सिरोही
C
बूंदी
D
नागौर
📖 व्याख्या
हजरत मीरा साहब की दरगाह बूंदी में स्थित है। यह दरगाह धार्मिक आस्था का केंद्र है और स्थानीय स्तर पर इसका विशेष महत्व है। ध्यान देने योग्य है कि हजरत मीरान साहब की दरगाह अजमेर के तारागढ़ किले में भी स्थित है। इस प्रकार बूंदी और अजमेर दोनों स्थान इस नाम से जुड़े हुए हैं, जिससे विद्यार्थी को भ्रम हो सकता है।
49. अब्दुल पीर की मजार स्थित है-
A
कपासन (चितौड़गढ़)
B
मुण्डावर (खैरथल तिजारा)
C
भगवानपुरा (बाँसवाड़ा)
D
सादड़ी (पाली)
📖 व्याख्या
अब्दुल पीर की मजार भगवानपुरा (बाँसवाड़ा) में स्थित है। यह मजार स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। बाँसवाड़ा को "छोटा कश्मीर" कहा जाता है और यहाँ सूफी परंपरा से जुड़े कई धार्मिक स्थल हैं। अब्दुल पीर की मजार धार्मिक मेल-जोल और साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है।
50. अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा स्थित है-
A
तिजारा (खैरथल तिजारा)
B
मेहरानगढ़ (जोधपुर)
C
शिवगंज (सिरोही)
D
चौमूं (जयपुर)
📖 व्याख्या
अलाउद्दीन आलमशाह का मकबरा तिजारा (खैरथल-तिजारा, अलवर) में स्थित है। यह मकबरा स्थापत्य और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। तिजारा राजस्थान का प्रमुख ऐतिहासिक स्थान है और सूफी संतों की मजारों के कारण यहाँ धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।