राजस्थान में सूखा, अकाल व आपदा MCQ | Most Expected Questions for All Exams
इस पोस्ट में राजस्थान का भूगोल एवं अर्थव्यवस्था के टॉपिक राजस्थान में सूखा, अकाल व आपदा से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।
ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
- Subject: राजस्थान का भूगोल एवं अर्थव्यवस्था
- Topic: राजस्थान में सूखा, अकाल व आपदा
- Last Updated:
- Content Type: MCQ Practice Set
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Rajputana Diary –
Rajasthan GK Faculty & Content Team
(Since 2021)
1. राजस्थान सरकार ने दिसम्बर 2024 में एक अधिसूचना जारी कर निम्न में से किसे 'राज्य विशेष प्राकृतिक आपदा' घोषित की है?
- (A) सुनामी
- (B) हीट वेव (लू-तापाघात)
- (C) भूमध्य सागरीय चक्रवात
- (D) विपर जॉय चक्रवात
राजस्थान सरकार ने दिसम्बर 2024 में हीट वेव (लू-तापाघात) को राज्य विशेष प्राकृतिक आपदा घोषित किया। इसका उद्देश्य लू से होने वाली जनहानि और प्रभावित लोगों को राहत एवं सहायता उपलब्ध कराना है। राजस्थान में बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं के कारण यह निर्णय महत्वपूर्ण माना गया।
2. रबी फसल वर्ष 2023-24 (संवत् 2080) में ओलावृष्टि से प्रभावित राजस्थान के कितने जिलों के गाँवों को अभावग्रस्त घोषित किया?
- (A) 4 जिले
- (B) 6 जिले
- (C) 8 जिले
- (D) 10 जिले
4 जिलों (बारां, हनुमानगढ़, नागौर, डीडवाना-कुचामन) के 104 गाँवों को अभावग्रस्त घोषित किया है।
3. राजस्थान में मानसून सीजन, 2024 (01 जून, 2024 से 30 सितम्बर, 2024 तक) में कितनी वर्षा दर्ज की गई?
- (A) 444,44 मिमी
- (B) 542,00 मिमी
- (C) 662,44 मिमी
- (D) 742,00 मिमी
मानसून अवधि 2024 में राजस्थान में 662,44 मिमी, वर्षा दर्ज की गई, जो कि सामान्य से 58.7 प्रतिशत ज्यादा है।
4. मानसून अवधि 2024 में राजस्थान में हुई वर्षा के अनुसार जिलों के वर्गीकरण का असुमेलित युग्म है-
- (A) असामान्य वर्षा - 26 जिले
- (B) अधिक वर्षा - 16 जिले
- (C) सामान्य वर्षा- 08 जिले
- (D) कम वर्षा 04 जिले
मानसून अवधि 2024 में कम वर्षा वाले ० जिले तथा न्यून वर्षा वाले जिले रहे।
5. राजस्थान में वर्ष 2024-25 में कितने जिलों को अकाल के कारण अभावग्रस्त घोषित किया गया है?
- (A) 06 जिले
- (B) 04 जिले
- (C) 02 जिले
- (D) 0 जिले
राजस्थान में वे वर्ष जब राज्य के किसी भी भाग में अकाल नहीं पड़ा- 1959-60, 1973-74, 1975-76, 1976-77, 1990-91, 1994-95 व 2024-25
6. राजस्थान का अधिकांश भाग भूकम्प संभावित जोखिम क्षेत्र के किस जोन में आता है?
- (A) जोन-1
- (B) जोन-11
- (C) जोन-III
- (D) जोन-IV
राजस्थान का अधिकांश भाग भूकम्प संभावित जोखिम क्षेत्र के जोन-II में आता है। यह क्षेत्र कम से मध्यम भूकंपीय गतिविधियों वाला माना जाता है। हालांकि राज्य के कुछ जिले उच्च जोखिम वाले जोन-III और जोन-IV में भी शामिल हैं।
7. भूकम्प उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र (जोन-IV) में आने वाले राजस्थान के जिले हैं-
- (A) जालौर, बाड़मेर
- (B) डीग, खैरथल तिजारा
- (C) कोटपूतली-बहरोड़
- (D) उपरोक्त सभी
राजस्थान के जालौर, बाड़मेर, डीग, खैरथल-तिजारा तथा कोटपूतली-बहरोड़ जिले भूकम्प उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र (जोन-IV) में आते हैं। इन क्षेत्रों में भूकम्प आने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक मानी जाती है।
8. भूकम्प मध्यम क्षति जोखिम क्षेत्र (जोन-III) में आने वाले राजस्थान के जिले हैं-
- (A) झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली बहरोड़, अलवर
- (B) भरतपुर, दौसा, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर
- (C) बालोतरा, जालौर, फलौदी, उदयपुर
- (D) उपरोक्त सभी
राजस्थान के अनेक जिले जैसे झुंझुनूं, सीकर, अलवर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, उदयपुर आदि भूकम्प मध्यम क्षति जोखिम क्षेत्र (जोन-III) में आते हैं। इन क्षेत्रों में मध्यम तीव्रता के भूकम्प की संभावना बनी रहती है।
9. भारतीय मौसम विभाग की परिभाषा के अनुसार भयंकर सूखा (Severe Draught) होता है, जब वर्षा में कमी होती है-
- (A) 30% से 40% के बीच
- (B) 50% से अधिक
- (C) 50% से कम
- (D) 25% से 49% के बीच
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार जब किसी क्षेत्र में सामान्य वर्षा की तुलना में 50 प्रतिशत से अधिक कमी हो जाती है, तब उसे भयंकर सूखा (Severe Drought) कहा जाता है। ऐसी स्थिति में कृषि, पेयजल और जनजीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
10. राजस्थान में सूखे से निपटने के लिए नोडल विभाग है-
- (A) जल संसाधन विभाग
- (B) ऊर्जा विभाग
- (C) आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग
- (D) आयोजना विभाग
राजस्थान में सूखे से संबंधित कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। यह विभाग राहत कार्यों, सहायता वितरण तथा सूखा प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी का कार्य करता है।
11. अकाल के संबंध में प्रसिद्ध दोहे 'पग पूगल घड़ कोटड़े, बाहु बाड़मेर में पग पूगल के नाम से राजस्थान के किस जिले की ओर संकेत किया गया है?
- (A) चुरू
- (B) बीकानेर
- (C) बाड़मेर
- (D) जैसलमेर
प्रसिद्ध दोहे में पग पूगल शब्द से बीकानेर जिले के पूगल क्षेत्र की ओर संकेत किया गया है। यह दोहा राजस्थान में अकाल प्रभावित क्षेत्रों के संदर्भ में प्रसिद्ध है और पश्चिमी मरुस्थलीय भागों का वर्णन करता है।
12. भारत के Wind and Cyclone Hazard Map के अनुसार राजस्थान का अधिकांश भाग किस जोन में आता है?
- (A) पवन अत्यंत उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र
- (B) पवन उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र
- (C) पवन मध्यम क्षति जोखिम क्षेत्र
- (D) पवन न्यून क्षति जोखिम क्षेत्र
भारत के Wind and Cyclone Hazard Map के अनुसार राजस्थान का अधिकांश भाग पवन उच्च क्षति जोखिम क्षेत्र में आता है। तेज हवाओं और चक्रवाती प्रभावों के कारण इस क्षेत्र में संरचनात्मक नुकसान की संभावना अधिक रहती है।
13. भारत के Wind and Cyclone Hazard Map के अनुसार पवन मध्यम क्षति जोखिम क्षेत्र-बी (Wind Moderate Damage Risk Zone-B) में राजस्थान का कौनसा भाग आता है?
- (A) उत्तरी राजस्थान
- (B) पूर्वी राजस्थान
- (C) पश्चिमी राजस्थान
- (D) दक्षिणी राजस्थान
भारत के Wind and Cyclone Hazard Map के अनुसार राजस्थान में निम्न दो पवन क्षति जोखिम क्षेत्र है- 1. पवन मध्यम क्षति जोखिम क्षेत्र-बी (Wind Moderate Damage Risk Zone-B)- डूंगरपुर, बाँसवाड़ा जिले तथा उदयपुर जिले का दक्षिणी भाग। 2. पवन उच्च्च क्षति जोखिम क्षेत्र (Wind High Damage Risk Zone) - राजस्थान का शेष भाग।
14. सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम में शुरुआत में भारत सरकार तथा राजस्थान सरकार में वित्त पोषण अनुपात क्रमशः था-
- (A) Mon Jan 01 1900 12:40:00 GMT+0521 (India Standard Time)
- (B) Tue Jan 02 1900 03:25:00 GMT+0521 (India Standard Time)
- (C) Mon Jan 01 1900 02:50:00 GMT+0521 (India Standard Time)
- (D) Tue Jan 02 1900 08:20:00 GMT+0521 (India Standard Time)
सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम की शुरुआत में भारत सरकार और राजस्थान सरकार के बीच वित्त पोषण अनुपात 50:50 रखा गया था। इस योजना का उद्देश्य सूखा प्रभावित क्षेत्रों का विकास एवं जल संरक्षण को बढ़ावा देना था।
15. वर्ष 2023 में (खरीफ संवत् 2080) राजस्थान के कितने जिलों को बाढ़ से फसल खराब होने पर अभावग्रस्त घोषित किया गया है?
- (A) 7 जिले
- (B) 5 जिले
- (C) 9 जिले
- (D) 2 जिले
वर्ष 2023 में 2 जिलों (जालीर व नागौर) के 238 गाँवों को बाढ़ से फसल खराब होने पर अभावग्रस्त घोषित किया गया है।
16. निम्नलिखित में से राजस्थान के किन जिलों में सूखे की बारंवारता 8 वर्ष में एक बार होती है?
- (A) जयपुर व अलवर
- (B) कोटा व बूंदी
- (C) उदयपुर व राजसमंद
- (D) भरतपुर व धौलपुर
राजस्थान के भरतपुर और धौलपुर जिलों में सूखे की बारंबारता अपेक्षाकृत कम है तथा यहाँ लगभग 8 वर्ष में एक बार सूखे की स्थिति उत्पन्न होती है। ये जिले राज्य के पूर्वी भाग में स्थित हैं जहाँ वर्षा अपेाकृत अधिक होती है।
17. निम्नलिखित में से राजस्थान के किस जिले में सूखे की वारंवारता 3 वर्ष में एक बार होती है?
- (A) जैसलमेर, जोधपुर, फलौदी
- (B) बाड़मेर, जालौर, बालोतरा
- (C) सिरोही
- (D) उपरोक्त सभी
राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय जिलों जैसे जैसलमेर, बाड़मेर, जालौर, फलौदी तथा कुछ अन्य क्षेत्रों में सूखे की स्थिति लगभग प्रत्येक 3 वर्ष में एक बार देखने को मिलती है। कम वर्षा और शुष्क जलवायु इसके प्रमुख कारण हैं।
18. प्राकृतिक आपदा कोष का गठन कब किया गया?
- (A) 1994-95
- (B) 1990-91
- (C) 1975-76
- (D) 1985-86
इस कोष में प्रतिवर्ष केन्द्र सरकार 31 करोड़ व राज्य सरकार 93 करोड़ रूपए जमा करती है, इस राशि को प्राकृतिक आपदाओं पर खर्च किया जाता है।
19. राज्य के किस क्षेत्र में सर्वाधिक अकाल की स्थायी संभावना रहती है?
- (A) पश्चिम
- (B) पूर्व
- (C) उत्तर
- (D) दक्षिण
राजस्थान के पश्चिमी भाग में सर्वाधिक अकाल की स्थायी संभावना रहती है। इसका मुख्य कारण कम वर्षा, रेगिस्तानी जलवायु और जल संसाधनों की कमी है। जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे जिले अधिक प्रभावित रहते हैं।
20. राज्य में निम्नलिखित में से किस वर्ष अकाल/सूखा से प्रभावित गाँवों की संख्या न्यूनतम थी? (2010-11 से 2022-23 के मध्य)
- (A) 2019-20
- (B) 2015-16
- (C) 2022-23
- (D) 2020-21
वर्ष 2022-23 में 92 गाँव अकाल से प्रभावित हुए।
21. राज्य में अकाल व सूखा पड़ने का क्या कारण है?
- (A) वर्षा की कमी
- (B) जलवायु की विषमता
- (C) अरावली की स्थिति
- (D) उक्त सभी
राजस्थान में अकाल और सूखा पड़ने के मुख्य कारण कम वर्षा, जलवायु की विषमता तथा अरावली पर्वतमाला की स्थिति हैं। अरावली पर्वतमाला दक्षिण-पश्चिम मानसून को प्रभावी रूप से रोक नहीं पाती, जिससे राज्य के पश्चिमी भाग में वर्षा कम होती है।
22. फूड स्टैप योजना के बारे में निम्न पंक्तियों में से सही तथ्य है?
- (A) इसके तहत् सभी पंचायत मुख्यालयों पर 10 किंवटल गेहूँ रखा जाता है।
- (B) जरूरतमंद व्यक्ति निकट की राशन की दुकान से उस स्टैम्प से वर्ष में एक बार 10 किलो गेहूँ निःशुल्क ले सकेगा।
- (C) 15 अगस्त, 2004 से प्रारम्भ है।
- (D) उपरोक्त सभी
फूड स्टैम्प योजना 15 अगस्त 2004 से प्रारम्भ की गई थी। इसके अंतर्गत पंचायत मुख्यालयों पर गेहूँ उपलब्ध कराया जाता था तथा जरूरतमंद व्यक्ति राशन दुकान से फूड स्टैम्प के माध्यम से निःशुल्क गेहूँ प्राप्त कर सकता था।
23. राजस्थान में टिड्डी चेतावनी संगठन कहाँ स्थित है?
- (A) जैसलमेर
- (B) जोधपुर
- (C) बीकानेर
- (D) बाड़मेर
टिड्डी चेतावनी संगठन जोधपुर, भारत सरकार द्वारा स्थापित संगठन है, जो टिड्ड्डी की स्थिति की निगरानी, चेतावनी और नियंत्रण का काम करता है।
24. राजस्थान में सर्वाधिक भूकम्प संभावित क्षेत्र कौनसा है-
- (A) गंगानगर-हनुमानगढ़-चुरू
- (B) अलवर-डीग-बाड़मेर
- (C) जयपुर-दौसा-करौली
- (D) नागौर-जोधपुर-पाली
राजस्थान में सर्वाधिक भूकंप संभावित क्षेत्र अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली बहरोड़, डीग, बाड़मेर व जालौर।
25. पग पूगल घड़ कोटड़े बाहु बाड़मेर जाये लादे जोधपुर, ठांवो जैसलमेर' ये कहावत किससे संबंध रखती है?
- (A) वेरोजगारी
- (B) ग्रीष्म ऋतु
- (C) अकाल
- (D) महामारी
यह प्रसिद्ध कहावत राजस्थान में अकाल की स्थिति को दर्शाती है। इसमें मरुस्थलीय क्षेत्रों की कठिन परिस्थितियों तथा लोगों के जीवन पर अकाल के प्रभाव का वर्णन किया गया है।
26. राजस्थान का प्रथम अकाल राहत कार्य किस जिले में प्रारंभ हुआ और किसका निर्माण करवाया गया?
- (A) उदयपुर, पिछोला झील
- (B) राजसमन्द, राजसमन्द झील
- (C) जैसलमेर, बुझ झील
- (D) बीकानेर, कोलायत झील
राजस्थान में प्रथम अकाल राहत कार्य राजसमंद जिले में प्रारम्भ किया गया था। इस दौरान महाराणा राजसिंह द्वारा राजसमंद झील का निर्माण करवाया गया, जिससे लोगों को रोजगार और जल सुविधा दोनों प्राप्त हुईं।
27. भोजन, पानी और चारा की समस्या उत्पन्न हो तो वह अकाल कहलाता है?
- (A) पूर्ण अकाल
- (B) त्रिकाल
- (C) महाकाल
- (D) छपनियों अकाल
ये सबसे भयंकर अकाल है, जिसमें अन्न, जल व तृण तीनों का अभाव हो जाता है। राजस्थान में 1987 में त्रिकाल पड़ा था।
28. मौसम विज्ञान के अनुसार सामान्य वर्षा से 51% या उससे अधिक वर्षा में कमी होने पर सूखा कहते है?
- (A) सामान्य
- (B) भंयकर
- (C) मध्यम
- (D) नहीं
भारतीय मौसम विभाग ने सूखे को दो विभागों में बांटा है- 1. प्रचंड सूखा 2. सामान्य सुखा प्रचंड सूखा- जब औसत वर्षा की 50 प्रतिशत से कम बारिश होती है। सामान्य सुखा- जव औसत वर्षा की 25 प्रतिशत कम बारिश होती है।
29. मरु विकास कार्यक्रम (DDP) कव प्रारंभ किया गया?
- (A) 1977-78
- (B) 1989-90
- (C) 1985-86
- (D) 1974-75
मरु विकास कार्यक्रम (Desert Development Programme) वर्ष 1977-78 में प्रारम्भ किया गया था। इसका उद्देश्य मरुस्थलीकरण को रोकना, जल संरक्षण करना तथा शुष्क क्षेत्रों का समग्र विकास करना है।
30. हरे चारे का समर्थन मूल्य घोषित करने वाला देश का पहला राज्य है?
- (A) पंजाब
- (B) राजस्थान
- (C) उत्तरप्रदेश
- (D) गुजरात
हरे चारे का समर्थन मूल्य घोषित करने वाला एक मात्र राज्य राजस्थान (2 नवम्बर, 2002) है।
31. राजस्थान के किस जिले को टिड्डियों का प्रवेश द्वार माना जाता है?
- (A) जैसलमेर
- (B) जोधपुर
- (C) बीकानेर
- (D) बाड़मेर
राजस्थान में टिड्डियों का प्रवेश द्वारा जैसलमेर को माना जाता है। राजस्थान में टिड्डियों का आक्रमण पाकिस्तान की तरफ से होता है।
32. राजस्थान सरकार ने 13 मार्च, 2020 को राज्य के कितने जिलों के 908 गाँवों को टिड्डी आक्रमण के कारण अभावग्रस्त घोषित किया है?
- (A) 6
- (B) 7
- (C) 8
- (D) 9
राजस्थान सरकार ने 13 मार्च, 2020 को टिड्डी आक्रमण के कारण राज्य के 8 जिलों (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, जालौर, पाली, सिरोही) के 908 गाँवों को अभावग्रस्त घोषित किया है। वर्ष 2020 में बाँसवाड़ा को छोड़कर राजस्थान के कुल 32 जिलों में टिड्डियों का प्रकोप हुआ।
33. राजस्थान में 20वीं शताब्दी का सबसे विनाशकारी अकाल किस सन् में पड़ा?
- (A) 1987-88
- (B) 1989-90
- (C) 1967-68
- (D) 1977-78
राजस्थान में 1987-88 का अकाल 20वीं शताब्दी का सबसे विनाशकारी अकाल माना जाता है। इस दौरान राज्य के अधिकांश भाग गंभीर सूखे की चपेट में आए और कृषि तथा पशुधन पर व्यापक प्रभाव पड़ा।
34. राज्य में सूखे का प्राकृतिक कारण है?
- (A) अनियमित व अनिश्चित वर्षा
- (B) वनों की कटाई
- (C) 1 व 2 दोनों
- (D) तापमान की विविधता
राजस्थान में सूखे का मुख्य प्राकृतिक कारण अनियमित एवं अनिश्चित वर्षा है। राज्य के पश्चिमी भाग में वर्षा बहुत कम और असमान होती है, जिससे बार-बार सूखे की स्थिति उत्पन्न होती है।
35. निम्न में से राज्य में किस वर्ष अकाल प्रभावित जिलों की संख्या सर्वाधिक थी?
- (A) Thu Oct 01 2009 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (B) Fri Mar 01 2002 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (C) Thu Dec 01 2011 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (D) 2013-14
वर्ष 2002-03 में राजस्थान के सर्वाधिक 32 जिले अकाल से प्रभावित हुए थे। जबकि 2022-23 में सबसे कम मात्र । जिला ही अकाल से प्रभावित हुआ।
36. राज्य में अकाल से निपटने के लिए किसकी स्थापना की गई?
- (A) आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग
- (B) राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
- (C) जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
- (D) उपरोक्त सभी
राजस्थान में अकाल एवं प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक विभिन्न संस्थाओं की स्थापना की गई है। इनमें आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण प्रमुख हैं।
37. कौनसा कार्यक्रम अकाल की समस्या से निपटने हेतु नहीं है?
- (A) मरुविकास कार्यक्रम
- (B) काम के बदले अनाज योजना
- (C) केफ्री कार्ड योजना
- (D) जलधारा योजना
मरुविकास कार्यक्रम, काम के बदले अनाज योजना तथा जलधारा योजना अकाल एवं जल संकट से निपटने हेतु संचालित योजनाएँ हैं। जबकि केफ्री कार्ड योजना का संबंध अकाल प्रबंधन से नहीं है।
38. वर्तमान में मरु विकास कार्यक्रम राज्य के कितने जिलों में चल रहा है?
- (A) 15
- (B) 12
- (C) 16
- (D) 23
मरुविकास कार्यक्रम राज्यों के 16 जिलों के 85 विकास खंडों में संचालित है। इस कार्यक्रम उद्देश्य मरुस्थलीकरण को रोकना, पारिस्थितिकीय संतुलन बनाए रखते हुए भूमि की उत्पादकता में वृद्धि करना, वन विकास, चारागाह विकास, डेयरी विकास करना है।
39. अप्रैल 1999 से मरु विकास कार्यक्रम को केन्द्र और राजस्थान के द्वारा क्रमशः फंड दिया गया-
- (A) 65%: 35%
- (B) 75%: 25%
- (C) 60%: 40%
- (D) 80%: 20%
अप्रैल 1999 से मरु विकास कार्यक्रम में केन्द्र और राजस्थान सरकार के बीच वित्त पोषण अनुपात 75:25 निर्धारित किया गया। इस योजना के माध्यम से मरुस्थलीय क्षेत्रों के विकास कार्यों को बढ़ावा दिया गया।
40. विपरजॉय चक्रवात से राज्य की कितने जिले प्रभावित हुए?
- (A) 5 जिले
- (B) 6 जिले
- (C) 10 जिले
- (D) 7 जिले
जून 2023 में आए विपरजॉय चक्रवात से राज्य के 5 जिले (जालौर, सिरोही, पाली, बाड़मेर व राजसमंद) प्रभावित हुए थे।
41. राज्य आपदा मोचन निधि (एस. डी. आर. एफ.) में भारत सरकार व राज्य सरकार का अंशदान क्रमशः है-
- (A) Mon Jan 01 1900 12:40:00 GMT+0521 (India Standard Time)
- (B) Tue Jan 02 1900 03:25:00 GMT+0521 (India Standard Time)
- (C) Mon Jan 01 1900 02:50:00 GMT+0521 (India Standard Time)
- (D) Tue Jan 02 1900 08:20:00 GMT+0521 (India Standard Time)
राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) में भारत सरकार और राज्य सरकार का अंशदान क्रमशः 75:25 होता है। इस निधि का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए किया जाता है।
42. तीजो कुरियों आठों काल' इस कहावत में कुरियों से तात्पर्य है?
- (A) ओलावृष्टि
- (B) अर्द्ध अकाल
- (C) आँधी
- (D) चक्रवाती तूफान
राजस्थान की इस प्रसिद्ध कहावत में कुरियों का अर्थ अर्द्ध अकाल से है। यह कहावत राज्य में बार-बार पड़ने वाले सूखे और अकाल की स्थिति को दर्शाती है।
43. 30 अक्टूबर, 2003 को सहायता विभाग का नाम बदलकर रखा गया है-
- (A) आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग
- (B) आपदा प्रबन्धन विभाग
- (C) अकाल प्रवन्धन विभाग
- (D) अकाल एवं आपदा प्रवन्धन विभाग
राजस्थान में सहायता विभाग की स्थापना 24 अक्टूबर, 1951 को की गई वी।
44. सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम की शुरूआत कब की गई?
- (A) 1999-2000
- (B) 1974-75
- (C) 1965-66
- (D) 1971-72
इस कार्यक्रम का उद्देश्य फसलों के उत्पादन, पशुधन तथा भूमि की उत्पादकता, जल और मानव संसाधनों पर पड़ने वाले सूखे के प्रतिकूल प्रभावों को कम करना, सूखाग्रस्त क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के अधिकतम उपयोग के साथ ग्रामीण क्षेत्र का आर्थिक विकास करना है।
45. राजस्थान में वर्तमान में निम्नलिखित में से कौनसी प्राकृतिक आपदा की संभावना नहीं है?
- (A) भूकम्प
- (B) सुनामी
- (C) अकाल
- (D) बाढ़
राजस्थान स्थलरुद्ध राज्य है और इसका समुद्र से सीधा संपर्क नहीं है, इसलिए यहाँ सुनामी आने की संभावना नहीं होती। जबकि भूकम्प, अकाल और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएँ राज्य में समय-समय पर देखने को मिलती हैं।
46. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अध्यक्ष होता है?
- (A) मुख्यमंत्री
- (B) प्रधानमंत्री
- (C) मुख्य सचिव
- (D) कृषि मंत्री
राजस्थान राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का अध्यक्ष मुख्यमंत्री होता है। यह प्राधिकरण राज्य में आपदा प्रबंधन नीतियों का निर्माण तथा राहत कार्यों की निगरानी करता है।
47. राजस्थान के किस वर्ष में अकाल/सूखा प्रभावित गाँवों की संख्या अधिकतम थी?
- (A) Thu Oct 01 2009 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (B) Thu Dec 01 2011 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (C) 1991-92
- (D) Fri Mar 01 2002 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
वर्ष 2002-03 में राजस्थान के सर्वाधिक गाँव (40,990) व सर्वाधिक जनसंख्या (447.8 लाख) अकाल से प्रभावित हुए।
48. मरू विकास कार्यक्रम के बारे में कौनसा कथन असत्य है-
- (A) यह 1977-78 में प्रारंभ किया गया था।
- (B) यह राजस्थान के 16 जिलों के 85 विकास खंड़ों में संचालित है।
- (C) this कार्यक्रम में केन्द्र व राज्य का भारांश 60:40 है।
- (D) इस कार्यक्रम उद्देश्य मरुस्थलीकरण को रोकना, वन विकास, चारागाह का विकास करना है।
इस कार्यक्रम में केन्द्र व राज्य का भारांश 75:25 है।
49. काम के बदले अनाज योजना का प्रारंभ कब किया गया?
- (A) 1 नवंबर, 2010
- (B) 14 नवंबर, 2002
- (C) 14 नवंबर, 2005
- (D) 14 नवंबर, 2004
काम के बदले अनाज योजना का प्रारंभ 14 नवंबर, 2004 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा किया गया। यह योजना देश के सर्वाधिक पिछड़े 150 जिलों में प्रारंभ की गई है।
50. जलधारा योजना किसके द्वारा संचालित है?
- (A) राज्य सरकार
- (B) केन्द्र सरकार
- (C) केन्द्र व राज्य सरकार संयुक्त रूप द्वारा
- (D) सिचांई विभाग द्वारा
जलधारा कार्यक्रम 1994 में केन्द्र सरकार द्वारा संचालित किया गया है। इस कार्यक्रम में सीमांत किसानों को नाममात्र किराये पर पंपसेट व कृषि सहायता उपलब्ध करवाई जाती है।
51. निम्न को सुमेलित कीजिए : परियोजना - वर्ष (A) मरु विकास कार्यक्रम - 1. 1974-75 (B) सूखा संभाव्य क्षेत्र कार्यक्रम - 2. 1977-78 (C) मगरा क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम - 3. 1985-90 (D) सातवीं पंचवर्षीय योजना - 4. 2005-06
- (A) 1234
- (B) 4321
- (C) 2341
- (D) 2143
मरु विकास कार्यक्रम 1977-78 में, सूखा संभाव्य क्षेत्र कार्यक्रम 1974-75 में तथा मगरा क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम सातवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान प्रारम्भ किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य सूखा एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों का विकास करना था।
52. चालीसा अकाल किस वर्ष पड़ा?
- (A) 1987
- (B) 1812
- (C) 1783
- (D) 1899
चालीसा अकाल वर्ष 1783 ई. में पड़ा था। यह राजस्थान के इतिहास के प्रमुख विनाशकारी अकालों में से एक माना जाता है। इस अकाल के कारण जनजीवन, कृषि एवं पशुधन पर गंभीर प्रभाव पड़ा था।
53. अकाल के प्रभाव को कम करने के लिए निम्न में से कौनसा अल्पकालीन उपाय है?
- (A) राहत कार्यों का निर्धारण क्षेत्रीय आवश्यकता के अनुरूप शीघ्र एवं यथा समय हो ।
- (B) राहत कार्यों में जनसहभागिता का सुनिश्चियन
- (C) विकल्प 1 व 2 दोनों
- (D) इनमें से कोई नहीं
अकाल के प्रभाव को कम करने के लिए राहत कार्यों का समय पर संचालन तथा जनसहभागिता दोनों आवश्यक हैं। इससे प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता मिलती है और राहत योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव होता है।
54. अकाल पड़ने पर मवेशियों को लेकर अन्य प्रदेशों की ओर चारे-पानी की खोज में जाने वाला व्यक्ति कहलाता है-
- (A) चेजारा
- (B) खेडाऊ
- (C) लखारा
- (D) सिंजारी
अकाल पड़ने पर मवेशियों को लेकर अन्य प्रदेशों की ओर चारे-पानी की खोज में जाने वाला व्यक्ति खेडाऊ (गोलू) कहलाता है।
55. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का गठन कब किया गया ?
- (A) 6 अगस्त, 2008
- (B) 6 सितम्बर, 2007
- (C) 8 नवम्बर, 2007
- (D) 6 दिसम्बर, 2008
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) का उद्देश्य राज्य में प्राकृतिक मानवजनित आपदाओं को रोकने के उपाय करना है।
56. जिला आपदा प्रबंधन की प्राधिकरण की स्थापना की गई?
- (A) 6 सितम्बर, 2007
- (B) 9 सितम्बर, 2006
- (C) 8 नवम्बर, 2007
- (D) 1 जनवरी, 2007
आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 25 की अनुपालना में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रत्येक जिले में DDMA की स्थापना 6 सितम्बर, 2007 को की गई।
57. कौनसी पंचवर्षीय योजना सर्वाधिक अकालग्रस्त रही?
- (A) 12वीं
- (B) 5वीं
- (C) 7वीं
- (D) 14वीं
7वीं पंचवर्षीय योजना (1985-90) इसके पाँचों वर्षों में अकाल पड़ा था। इसका नारा था भोजन, काम, उत्पादन ।
58. सूखा सम्भावित क्षेत्र कार्यक्रम के बारे में सत्य कथन बताइए-
- (A) इसे 1974-75 में प्रारम्भ किया गया।
- (B) यह अरावली के पूर्वी जिलों में संचालित है।
- (C) इसमें केन्द्र राज्य वित्तीय सहयोग क्रमश 75:25
- (D) उपरोक्त सभी
सूखा संभावित क्षेत्र कार्यक्रम 1974-75 में प्रारम्भ किया गया था। यह मुख्यतः अरावली के पूर्वी जिलों में संचालित है तथा इसमें केन्द्र और राज्य सरकार का वित्तीय सहयोग 75:25 के अनुपात में होता है।
59. वर्ष 2023 में (खरीफ संवत् 2080) राजस्थान के कितने जिलों को सूखे के कारण अभावग्रस्त घोषित किया गया है?
- (A) 5 जिले
- (B) 13 जिले
- (C) 15 जिले
- (D) 17 जिले
खरीफ संवत् 2080 (वर्ष 2023) के अन्तर्गत राज्य के 13 जिलों यथा अजमेर, व्यावर, बाड़मेर, बालोतरा, बीकानेर, चुरू, डूंगरपुर, दूदू, जैसलमेर, जोधपुर, जोधपुर (ग्रामीण), फलौदी एवं नागौर की 48 तहसीलों को सूखा अभावग्रस्त घोषित किया गया ।
60. निम्न में से किन जिलों के समूह में सूखे की संभावना सर्वाधिक है-
- (A) जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, जोधपुर, जालौर, फलौदी
- (B) झालावाड़, टॉक, सवाईमाधोपुर, करौली, दौसा
- (C) प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, जालौर, चुरू, डीग
- (D) भरतपुर, धौलपुर, करौली, जालौर, खैरथल तिजारा
राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय जिले जैसे जैसलमेर, बाड़मेर, फलौदी और जालौर अत्यधिक कम वर्षा वाले क्षेत्र हैं। इसलिए इन जिलों में सूखे की संभावना सबसे अधिक रहती है।
61. राज्य में सन् 1843-44 में पड़े विनाशकारी अकाल का नाम क्या पड़ा?
- (A) पंचकाल
- (B) मूदसा
- (C) सहसा भूदुसा
- (D) छप्पनिया
राजस्थान में 1843-44 में पड़े विनाशकारी अकाल को सहसा भूदुसा कहा गया। यह अकाल अत्यधिक भयंकर था और इसके कारण बड़ी संख्या में जनहानि एवं पशुधन की हानि हुई।
62. 1899 ई. में पड़े अकाल का नाम था?
- (A) मैक्रो ड्रॉट
- (B) छप्पनिया अकाल
- (C) सहसा भूदुसा
- (D) पंचकाल
वर्ष 1899 ई. में राजस्थान में पड़ा अकाल छप्पनिया अकाल कहलाता है। यह विक्रम संवत् 1956 में पड़ा था, इसलिए इसे छप्पनिया अकाल कहा जाता है। यह राजस्थान के सबसे भीषण अकालों में गिना जाता है।
63. राज्य में निम्न में से किस वर्ष अकाल से प्रभावित जनसंख्या न्यूनतम थी- (वर्ष 2010-11 से वर्ष 2022-23 के मध्य)
- (A) Mon Nov 01 2010 00:00:00 GMT+0530 (India Standard Time)
- (B) 2015-16
- (C) 2019-20
- (D) 2022-23
वर्ष 2022-23 में 2.36 लाख जनसंख्या अकाल से प्रभावित हुई।
64. सन् 2004-05 में राजस्थान के कुल कितने जिलों को अकाल प्रभावित जिले घोषित किया गया था?
- (A) 32
- (B) 31
- (C) 15
- (D) 18
वर्ष 2004-05 में राजस्थान के 31 जिलों को अकाल प्रभावित घोषित किया गया था। उस समय राज्य के अधिकांश भाग में वर्षा की कमी के कारण सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
65. राजस्थान में किस वर्ष छप्पनिया अकाल पड़ा?
- (A) 1899-1900
- (B) 1956-57
- (C) 1856-57
- (D) 1999-2000
राजस्थान में छप्पनिया अकाल वर्ष 1899-1900 में पड़ा था। यह अकाल विक्रम संवत् 1956 में आने के कारण छप्पनिया अकाल कहलाया। इसके कारण राज्य में भारी जनहानि और पशुधन की हानि हुई।
66. राजस्थान में किस वर्ष पंचकाल पड़ा?
- (A) 1898-99
- (B) 1812-13
- (C) 1912-13
- (D) 1998-99
राजस्थान में पंचकाल वर्ष 1812-13 में पड़ा था। यह राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक अकालों में से एक माना जाता है, जिसमें भोजन और जल संकट के कारण व्यापक कठिनाइयाँ उत्पन्न हुई थीं।
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Mukesh Khunga
Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...