राजस्थान में मिट्टियाँ, अपरदन व मरूस्थलीकरण MCQ Questions with Answers

राजस्थान में मिट्टियाँ, अपरदन व मरूस्थलीकरण MCQ Practice Set | Exam Oriented Questions with Answers

इस पोस्ट में राजस्थान का भूगोल एवं अर्थव्यवस्था के टॉपिक राजस्थान में मिट्टियाँ, अपरदन व मरूस्थलीकरण से संबंधित Latest व पूर्णतः updated महत्वपूर्ण MCQ प्रश्न दिए गए हैं।

ये MCQ प्रश्न RPSC, RSMSSB, RSSB, RAS, Patwar, Police, LDC, VDO, Fireman, Woman Superwiser, REET तथा राजस्थान राज्य की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।

  • Subject: राजस्थान का भूगोल एवं अर्थव्यवस्था
  • Topic: राजस्थान में मिट्टियाँ, अपरदन व मरूस्थलीकरण
  • Last Updated:
  • Content Type: MCQ Practice Set
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✍️ Prepared & Reviewed by:
Rajputana Diary – Rajasthan GK Faculty & Content Team (Since 2021)

1. वर्ष 2024 में UNCCD-COP 16 का आयोजन किस देश में किया गया?

  • (A) सऊदी अरब
  • (B) रूस
  • (C) भारत
  • (D) इटली

UNCCD के Conference Of Parties के 16वें सेशन का आयोजन सऊदी अरब (रियाद) में 2 से 13 दिसम्बर, 2024 के मध्य किया गया, जिसका विषय हमारी भूमि, हमारा भविष्य था। इस सम्मेलन में श्री श्याम सुन्दर ज्याणी (बीकानेर) को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

2. केन्द्र सरकार द्वारा समेकित बंजर भूमि विकास कार्यक्रम की शुरूआत कब की गई?

  • (A) 1978-79
  • (B) 1989-90
  • (C) 1993-94
  • (D) 1965-66

राजस्थान के 10 जिलों (जयपुर, सीकर, जोधपुर, टोंक, उदयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, झालावाड़, जैसलमेर व पाली) में इसे 1992-93 प्रारम्भ किया गया। इसे ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है।

3. राजस्थान बंजर भूमि एवं चारागाह विकास बोर्ड' का पुनर्गठन कब किया गया?

  • (A) 11 फरवरी, 2022
  • (B) 11 फरवरी, 2021
  • (C) 11 फरवरी, 2020
  • (D) 11 फरवरी, 2019

इसका पुराना नाम राजस्थान बंजर भूमि विकास बोर्ड था, जिसका 22 दिसम्बर, 2016 को नाम परिवर्तित किया गया।

4. प्रतिवर्ष विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है-

  • (A) 5 सितम्बर
  • (B) 5 दिसम्बर
  • (C) 5 अगस्त
  • (D) 5 नवम्बर

विश्व मृदा दिवस प्रतिवर्ष 5 दिसम्बर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मृदा संरक्षण एवं उसकी उर्वरता के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2024 की थीम थी – मृदा की देखभालः माप, निगरानी, प्रबंधन

5. निम्न में से कौनसी मिट्टी राजस्थान के सर्वाधिक भू-भाग पर पाई जाती है?

  • (A) रेतीली बलूई मिट्टी
  • (B) काली मिट्टी
  • (C) दोमट मिट्टी
  • (D) लाल भूरी मिट्टी

सम्पूर्ण पश्चिमी राजस्थान रेतीली मृदा और रेत के टीलों से युक्त हैं। यह वायु प्रवाह द्वारा जमा की गई है और हवाओं के साथ वर्तमान में भी स्थानांतरित होती रहती है।

6. जल द्वारा मिट्टी का सर्वाधिक अपरदन (अवनालिका अपरदन) राज्य में किस नदी द्वारा होता है?

  • (A) चम्बल
  • (B) बनास
  • (C) माही
  • (D) लूणी

चम्बल के अतिरिक्त कालीसिंध, पार्वती, परवन, वनास, मोरेल, गम्भीरी, बाणगंगा आदि नदियों से भी मृदा अपरदन होता है।

7. मरूस्थलीकरण रोकथाम दिवस 2025 की थीम है-

  • (A) भूमि को पुनः स्थापित करें, अवसरों को खोलें।
  • (B) उसकी भूमि, उसके अधिकार
  • (C) भूमिः हमारा भविष्यव
  • (D) भूमि पुनर्स्थापनाः पर्यटन और हरित निवेश

मरुस्थलीकरण रोकथाम दिवस प्रतिवर्ष 17 जून को मनाया जाता है। वर्ष 2025 की थीम भूमि को पुनः स्थापित करें, अवसरों को खोलें रखी गई, जो भूमि संरक्षण और सतत विकास पर केंद्रित है।

8. सीकर, झुन्झुनू, नागौर, चुरू, जोधपुर, पाली, जालौर आदि जिलों में मुख्यतयाः कौनसी मिट्टी पायी जाती है?

  • (A) इनसेप्टीसोल्स
  • (B) एरिडीसोल्स
  • (C) वर्टीसोल्स
  • (D) अल्फीसोल्स

राजस्थान के शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों जैसे नागौर, चुरू, जोधपुर और जालौर में एरिडीसोल्स मिट्टी पाई जाती है। यह मिट्टी कम वर्षा वाले क्षेत्रों में विकसित होती है।

9. सिरोही, पाली, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, सलूम्बर, राजसमन्द, भीलवाड़ा आदि जिलों में किस प्रकार की मिट्टी पायी जाती है?

  • (A) वर्टीसोल्स
  • (B) इनसेप्टीसोल्स
  • (C) ऐरिडीसोल्स
  • (D) उपरोक्त सभी

इनसेप्टीसोल्स मृदा, उप आर्द्र जलवायु में पायी जाती है।

10. राज्य की मिट्टियों में प्रायः किसकी कमी पायी जाती है?

  • (A) नाइट्रोजन व फास्फोरस
  • (B) लवणता की
  • (C) गंधक की
  • (D) चूने की

राजस्थान की अधिकांश मिट्टियों में नाइट्रोजन और फास्फोरस की कमी पाई जाती है। यही कारण है कि कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए इन पोषक तत्वों वाले उर्वरकों का प्रयोग आवश्यक होता है।

11. मिट्टी अपरदन को कहा जाता है?

  • (A) सेम
  • (B) कृषि का क्षय रोग
  • (C) अवक्षालन
  • (D) कैंसर मृदा

मिट्टी अपरदन को कृषि का क्षय रोग कहा जाता है क्योंकि इससे भूमि की उपजाऊ शक्ति धीरे-धीरे समाप्त होती जाती है और कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

12. मिट्टी अपरदन एवं अपक्षरण की समस्या को क्या कहते है?

  • (A) मिट्टी की रेंगती हुई मृत्यु
  • (B) हरित मृदा
  • (C) सेम समस्या
  • (D) कैंसर मृदा

मिट्टी अपरदन एवं अपक्षरण की समस्या को मिट्टी की रेंगती हुई मृत्यु कहा जाता है। इससे भूमि की उर्वरता कम होती जाती है और कृषि उत्पादन प्रभावित होता है।

13. मरूस्थलीकरण एवं भूमि क्षरण एटलस जून 2021 के अनुसार वर्ष 2018-19 में राजस्थान में कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का 62.06% भाग मरूस्थलीकरण एवं भूमि क्षरण से गुजर रहा है। राजस्थान में मरूथलीकरण एवं भूमि क्षरण के कारणों का सही युग्म है?

  • (A) पवन क्षरण (43.37%), वनस्पति क्षरण (7.64%), जल कटाव (6.21%)
  • (B) जल कटाव (43.37%), पवन क्षरण (7.64%), वनस्पति क्षरण (6.21%)
  • (C) वनस्पति क्षरण (43.37%), जल कटाव (7.64%), पवन क्षरण (6.21%)
  • (D) पवन क्षरण (43.37%), जल कटाव (7.64%), वनस्पति क्षरण (6.21%)

मरूस्थलीकरण एवं भूमि क्षरण एटलस 2021 के अनुसार राजस्थान में भूमि क्षरण का मुख्य कारण पवन क्षरण है। इसके अतिरिक्त वनस्पति क्षरण एवं जल कटाव भी प्रमुख कारण हैं।

14. राज्य में सर्वाधिक क्षेत्र पर कौनसी मिट्टी का फैलाव है?

  • (A) एन्टिसोल्स व एरिडीसोल्स
  • (B) वर्टीसोल्स
  • (C) इन्सेप्टिसोल्स
  • (D) अल्फीसोल्स

राजस्थान में सर्वाधिक क्षेत्र पर एन्टिसोल्स एवं एरिडीसोल्स मिट्टी का विस्तार पाया जाता है। ये मिट्टियाँ मुख्यतः शुष्क एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों में विकसित होती हैं।

15. हाड़ौती के पठार पर कौनसी मिट्टी पायी जाती है?

  • (A) जलोढ़
  • (B) काली
  • (C) भूरी
  • (D) लाल

इस मिट्टी में फॉस्फेट, नाइट्रोजन व जैविक पदार्थों की कमी तथा पोटाश व कैल्शियम की अधिकता होती है। यह मुख्यतः राजस्थान के दक्षिणी पूर्वी भाग में (विशेषकर हाड़ौती में) कोटा, बारां, बूंदी व झालावाड़ में पायी जाती है।

16. प्रमुख भूमि सुधार कानूनों के बारे में असत्य कथन बताइए

  • (A) राजस्थान काश्तकारी अधिनियम-1955
  • (B) राजस्थान भूमि सुधार एवं जागीरदारी पुनर्ग्रहण अधिनियम-1952
  • (C) राजस्थान जागीरदारी व विश्वेदारी उन्मूलन अधिनियम-1959
  • (D) राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम-1974

कृषि भूमि का सुव्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के उद्देश्य से 23 मई, 1956 को राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम पारित किया गया था। इसके पारित होने से किसानों को अपनी भूमि पर हक मिला।

17. राजस्थान में प्रथम मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला कहाँ स्थापित की गई?

  • (A) जयपुर
  • (B) जोधपुर
  • (C) कोटा
  • (D) उदयपुर

यह प्रयोगशाला भारत सरकार के सहयोग से 1958 में स्थापित की गई थी। राजस्थान के सभी जिलों में कुल 113 मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाएँ संचालित है, जिनमें से 101 स्थिर प्रयोगशालाएँ व 12 भ्रमणशील प्रयोगशालाएँ हैं।

18. राजस्थान में दूसरी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला कहाँ स्थापित की गई?

  • (A) जयपुर
  • (B) जोधपुर
  • (C) कोटा
  • (D) उदयपुर

राजस्थान में दूसरी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला जयपुर में स्थापित की गई थी। इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य मिट्टी की गुणवत्ता की जांच कर किसानों को उपयुक्त उर्वरक संबंधी सलाह देना है।

19. केल्सी ब्राउन मरुस्थलीय मृदा पायी जाती है-

  • (A) डूंगरपुर, बाँसवाड़ा
  • (B) जैसलमेर, बीकानेर
  • (C) नागौर, डीडवाना-कुचामन
  • (D) डीग, भरतपुर

केल्सी ब्राउन मरुस्थलीय मृदा राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्रों जैसे जैसलमेर और बीकानेर में पाई जाती है। यह मिट्टी शुष्क जलवायु और कम वर्षा वाले क्षेत्रों की विशेषता है।

20. उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद जिलों में किस मिट्टी का जमाव पाया जाता है?

  • (A) मिश्रित लाल-काली मिट्टी
  • (B) लाल दोमट मिट्टी
  • (C) भूरी मिट्टी
  • (D) पीली मिट्टी

इस मिट्टी का निर्माण मालवा के पठार की काली मिट्टी एवं दक्षिण अरावली की लाल मिट्टी के मिश्रण से हुआ है। इस मिट्टी का विस्तार पूर्वी उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ जिलों के अलावा डूंगरपुर व बाँसवाड़ा के कुछ भागों में भी है।

21. जैसलमेर, बाड़मेर, बालोतरा, बीकानेर, नागौर व डीडवाना-कुचामन जिलों की निम्न भूमियों व गतों में कौनसी मिट्टी पाई जाती है?

  • (A) खारी मिट्टी
  • (B) पीली-भूरी मिट्टी
  • (C) भूरी मिट्टी
  • (D) जलोढ़ मिट्टी

राजस्थान के शुष्क एवं मरुस्थलीय क्षेत्रों की निम्न भूमि एवं गतों में खारी मिट्टी पाई जाती है। इसमें लवणों की मात्रा अधिक होने के कारण कृषि उत्पादन सीमित रहता है।

22. निम्न में से किस मिट्टी में उपजाऊ तत्वों की मात्रा कम व लवणता अधिक पाई जाती है, इसमें जल धारण क्षमता (शोषण क्षमता) कम पाई जाती है?

  • (A) जलोढ़ मृदा
  • (B) काली मृदा
  • (C) रेतीली मृदा
  • (D) पीली मृदा

रेतीली मृदा में उपजाऊ तत्वों की कमी तथा लवणता अधिक पाई जाती है। इसके कण ढीले होने के कारण इसमें जल धारण क्षमता बहुत कम होती है, इसलिए सिंचाई की अधिक आवश्यकता पड़ती है।

23. किस मिट्टी के कण बारीक होते हैं, जो लम्बे समय तक नमी बनाए रखती है, इसलिए कम वर्षा में भी अच्छी फसल होती है?

  • (A) लाल लोमी मिट्टी
  • (B) पीली मिट्टी
  • (C) रेतीली मिट्टी
  • (D) पर्वतीय मिट्टी

लाल लोमी मिट्टी के कण अपेक्षाकृत बारीक होते हैं और यह नमी को लंबे समय तक बनाए रखती है। इसलिए कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी इस मिट्टी में अच्छी फसल प्राप्त होती है।

24. किस मिट्टी में बारीक कण, नमीधारण की उच्च क्षमता, फॉस्फेट नाइट्रोजन और जैविक पदार्थों की कमी तथा कैल्शियम व पोटाश की पर्याप्तता देखने को मिलती है?

  • (A) लाल मिट्टी
  • (B) काली मिट्टी
  • (C) दोमट मिट्टी
  • (D) भूरी मिट्टी

काली मिट्टी में नमी धारण क्षमता बहुत अधिक होती है। इसमें कैल्शियम और पोटाश पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं, जबकि नाइट्रोजन एवं फॉस्फेट की कमी रहती है। यह कपास उत्पादन के लिए विशेष रूप से उपयुक्त मानी जाती है।

25. मुख्य रूप से पर्वतीय मिट्टी (Hilly Soils) किस क्षेत्र में पायी जाती है?

  • (A) जोधपुर, बाड़मेर
  • (B) उदयपुर, कोटा
  • (C) टोंक, दौसा
  • (D) डूंगरपुर, बाँसवाड़ा

पर्वतीय मिट्टी मुख्यतः दक्षिणी एवं दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है। उदयपुर और कोटा क्षेत्र में अरावली एवं पठारी भागों के कारण इस प्रकार की मिट्टी का विस्तार अधिक है।

26. किस मिट्टी में चुना, पोटाश, लौह ऑक्साइड और फास्फोरस कम मात्रा में होता है तथा लौह अंश की उपस्थिति के कारण लाल रंग को दिखाई देती है, यह मिट्टी मक्का, चावल व गन्ने के लिए उपयुक्त होती है?

  • (A) भूरी मिट्टी
  • (B) काली मिट्टी
  • (C) पर्वतीय मिट्टी
  • (D) लाल लोमी मिट्टी

लाल लोमी मिट्टी का निर्माण स्फट्‌कीय एवं कायान्तरित चट्टानों से हुआ है।

27. लवणीय मिट्टी निम्न में से राजस्थान के किन जिलों में पाई जाती है?

  • (A) बाड़मेर, जालौर
  • (B) सीकर, झुंझुनूं
  • (C) हनुमानगढ़, गंगानगर
  • (D) अजमेर, ब्यावर

राजस्थान के शुष्क पश्चिमी भागों जैसे बाड़मेर और जालौर में लवणीय मिट्टी अधिक पाई जाती है। इन क्षेत्रों में वाष्पीकरण अधिक होने के कारण मिट्टी में लवण जमा हो जाते हैं।

28. पर्वतीय क्षेत्र की मिट्टी को क्या कहा जाता है?

  • (A) वर्टीसोल्स
  • (B) लिथोसोल्स
  • (C) एरिडोसोल्स
  • (D) अल्फीसोल्स

पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाने वाली मिट्टी को लिथोसोल्स कहा जाता है। यह मिट्टी पत्थरीली एवं उथली होती है तथा मुख्यतः पहाड़ी ढालों पर विकसित होती है।

29. कौनसी मृदा को ऊसर, रेह, अल्कलाईन आदि के रूप में भी जाना जाता है?

  • (A) पर्वतीय मृदा
  • (B) लवणीय मृदा
  • (C) जलोढ़ मृदा
  • (D) काली मिट्टी

इस मिट्टी में सोडियम कार्बोनेट, सल्फेट, क्लोराइड, कैल्शियम एवं मैग्नीशियम आदि तत्त्व पाये जाते हैं। लवणों की अधिकता के कारण इस मिट्टी में पर्याप्त उत्पादन नहीं हो पाता है। इसे लवणीय / क्षारीय/रह / ऊसर / कल्लर / यूर व रांकड़ / Alkaline आदि नामों से जाना जाता है।

30. राजस्थान में सेम समस्या से गम्भीरतम प्रभावित जिले कौन से हैं?

  • (A) सीकर-झुंझुनूं
  • (B) कोटा-बूंदी
  • (C) हनुमानगढ़-गंगानगर
  • (D) पाली-जालौर

राजस्थान में सेम की सर्वाधिक समस्या इंदिरा गाँधी नहर क्षेत्र व गंगनहर सिंचित क्षेत्र में है।

31. सर्वाधिक उपजाऊ मिट्टी कौनसी है?

  • (A) जलोढ़
  • (B) काली
  • (C) लाल लोमी
  • (D) भूरी

यह राजस्थान के पूर्वी मैदानी भागों में नदियों के मैदान व घाटियों में पायी जाती है। इसमें चूना, फास्फोरिक अम्ल व ह्यूमस की कमी पाई जाती है। नाइट्रोजन की कमी होती है। इसका रंग कहीं लाल तो कहीं भूरा है तथा उत्पादकता की दृष्टि से यह उत्तम होती है।

32. रेगिस्तान के प्रसार के लिए जैसलमेर का कौनसा गाँव प्रसिद्ध है?

  • (A) सम
  • (B) नाचना
  • (C) आकल
  • (D) नोख

जैसलमेर का नाचना गाँव रेगिस्तान के प्रसार के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र मरुस्थलीकरण की समस्या से प्रभावित माना जाता है।

33. मुख्य फसल के साथ उग जाने वाले अवांछित एवं अनावश्यक पौधे या घास क्या कहलाते हैं-

  • (A) खरपतवार
  • (B) बणी
  • (C) सूड़
  • (D) निनाण

मुख्य फसल के साथ उगने वाले अवांछित पौधों को खरपतवार कहा जाता है। ये फसल के पोषक तत्व, जल और स्थान का उपयोग कर उत्पादन को प्रभावित करते हैं।

34. रियासती काल में भू-राजस्व या लगान को क्या कहा जाता था?

  • (A) गिरदावरी
  • (B) कुंता
  • (C) मालगुजारी
  • (D) विश्वेदारी

रियासती काल में भू-राजस्व या लगान को मालगुजारी कहा जाता था। यह किसानों से भूमि उपयोग के बदले लिया जाने वाला कर था।

35. सरकार द्वारा ईंधन या पशु चराई के लिए छोड़ी गई भूमि कहलाती है?

  • (A) वणी
  • (B) रेह
  • (C) डहरी
  • (D) बंजर

सरकार द्वारा पशुओं की चराई एवं ईंधन हेतु सुरक्षित रखी गई भूमि को वणी कहा जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका विशेष महत्व होता है।

36. भू-राजस्व निर्धारण करने वाला कर्मचारी क्या कहलाता है?

  • (A) जमींदार
  • (B) अमीन
  • (C) कुंतेदार
  • (D) विश्वेदार

भू-राजस्व का निर्धारण करने वाले कर्मचारी को अमीन कहा जाता था। इसका कार्य भूमि का मापन एवं लगान निर्धारित करना होता था।

37. तालाब या गड्‌ढ़ों में पानी सूखने के बाद ऊपर जमी हुई उपजाऊ मिट्टी की परत क्या कहलाती है?

  • (A) मट्टियार
  • (B) रेह
  • (C) डहरी
  • (D) पणो

तालाबों या गड्ढों में पानी सूखने के बाद जो उपजाऊ मिट्टी की परत ऊपर जम जाती है, उसे पणो कहा जाता है। यह कृषि के लिए उपयोगी मानी जाती है।

38. राजस्व की दृष्टि से कुओं द्वारा सिंचित भूमि क्या कहलाती है?

  • (A) तलाई
  • (B) रेह
  • (C) डहरी
  • (D) चाही

राजस्व व्यवस्था में कुओं द्वारा सिंचित भूमि को चाही भूमि कहा जाता है। ऐसी भूमि अधिक उपजाऊ एवं मूल्यवान मानी जाती थी।

39. विश्व मरूस्थलीकरण रोकथाम दिवस कब मनाया जाता है?

  • (A) 8 अप्रैल
  • (B) 17 जून
  • (C) 24 अगस्त
  • (D) 10 अक्टूबर

17 जून को विश्व मरूस्थलीय रोकथाम दिवस (World Day to Combat Desertification) मनाया जाता है। यह दिवस पहली बार 17 जून 1995 को मनाया गया था।

40. मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना राजस्थान में कहाँ से प्रारम्भ की गई थी?

  • (A) सीकर
  • (B) बूंदी
  • (C) सूरतगढ़
  • (D) जालौर

मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना 19 फरवरी, 2015 को सूरतगढ़ (गंगानगर) से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारम्भ की गई थी। इस योजना में केन्द्र व राज्य की वित्तीय भागीदारी 75:25 प्रतिशत है।

41. सन या सूत का मोटा रस्सा, जो चड़स /डोल को कुएँ में से खींचने के काम आता है?

  • (A) लाव
  • (B) गूण
  • (C) भूण
  • (D) लाण

कुएँ से चड़स या डोल खींचने के लिए उपयोग में लिया जाने वाला मोटा रस्सा लाव कहलाता है। ग्रामीण राजस्थान में पारंपरिक जल निकासी व्यवस्था में इसका विशेष महत्व रहा है।

42. प्राकृतिक रूप से बाढ़ के पानी से सिंचित भूमि क्या कहलाती है?

  • (A) तलाई
  • (B) मट्टियार
  • (C) डहरी
  • (D) पीवल

प्राकृतिक रूप से बाढ़ के पानी से सिंचित भूमि को डहरी कहा जाता है। ऐसी भूमि बाढ़ के जल से उपजाऊ बनती है और कृषि के लिए उपयोगी मानी जाती है।

43. राज्य के किस भाग में लवणीयता की समस्या सर्वाधिक है?

  • (A) उत्तरी
  • (B) पश्चिमी
  • (C) दक्षिणी
  • (D) पूर्वी

राजस्थान के पश्चिमी भाग में लवणीयता की समस्या सबसे अधिक पाई जाती है। कम वर्षा और अधिक वाष्पीकरण के कारण मिट्टी में लवण जमा हो जाते हैं।

44. अवनालिका अपरदन से सर्वाधिक प्रभावित जिला कौनसा है?

  • (A) सवाई माधोपुर
  • (B) झालावाड़
  • (C) बारां
  • (D) कोटा

कोटा जिला चम्बल नदी क्षेत्र में स्थित होने के कारण अवनालिका अपरदन से सर्वाधिक प्रभावित माना जाता है। यहाँ बीहड़ भूमि का विस्तार अधिक है।

45. सामान्य मिट्टी का P.H. मान कितना होता है?

  • (A) 6
  • (B) 7
  • (C) 8
  • (D) 9

सामान्य मिट्टी का pH मान 7 माना जाता है, जो तटस्थ (Neutral) स्थिति को दर्शाता है। इस प्रकार की मिट्टी अधिकांश फसलों के लिए उपयुक्त होती है।

46. कपास तथा मक्का की फसल के लिए उपयुक्त मिट्टी है?

  • (A) लाल-पीली
  • (B) जलोढ़
  • (C) मिश्रित लाल-काली
  • (D) भूरी मिट्टी

मिश्रित लाल-काली मिट्टी कपास और मक्का जैसी फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है। इसमें नमी धारण क्षमता अच्छी होती है तथा यह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में पाई जाती है।

47. राजस्थान की मिट्टी के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सत्य है-

  • (A) दक्षिण पूर्वी भाग में बेसाल्ट लावा के क्षरण से काली मिट्टी का निर्माण हुआ है।
  • (B) दक्षिण भाग में फास्फेटिक शैलों के क्षरण से मिश्रित लाल मिट्टी का निर्माण हुआ है।
  • (C) कथन 1 व 2 दोनों ।
  • (D) इनमें से कोई नहीं।

राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी भाग में बेसाल्ट लावा के अपक्षय से काली मिट्टी का निर्माण हुआ है। यह मिट्टी विशेष रूप से हाड़ौती क्षेत्र में पाई जाती है।

48. राजस्थान के किस प्रदेश में वर्टीसोल्स मृदा मिलती है?

  • (A) शेखावाटी
  • (B) ढूंढाड़ प्रदेश
  • (C) हाड़ौती का पठार
  • (D) घग्घर का मैदान

वर्टीसोल्स मृदा आई व अतिआई जलवायु प्रदेशों में पायी जाती है। कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़ में अधिकांश भाग में विस्तृत है।

49. भूमि की क्षारीयता को खत्म करने के लिए किसका प्रयोग करते है?

  • (A) जिप्सम
  • (B) रॉक फॉस्फेट
  • (C) मूंग व उड़द
  • (D) सफेदा वृक्ष

भूमि की क्षारीयता कम करने के लिए जिप्सम का उपयोग किया जाता है। यह मिट्टी में उपस्थित सोडियम की मात्रा को कम कर भूमि की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होता है।

50. पश्चिमी राजस्थान की मिट्टी अम्लीय और क्षारीय तत्वों से संसिक्त कैसे हो जाती है-

  • (A) मिट्टी की निचली सतह से ऊपर की ओर केशिकाओं द्वारा जल रिसाव से
  • (B) जमीन के अत्यधिक दोहन से
  • (C) खाद का अधिकतम उपयोग
  • (D) समान्तर रेखीय खेती

पश्चिमी राजस्थान में भूजल के केशिकीय क्रिया द्वारा ऊपर आने से मिट्टी में लवण जमा हो जाते हैं। इससे मिट्टी अम्लीय एवं क्षारीय तत्वों से प्रभावित हो जाती है।

51. सेम' क्या है?

  • (A) मिट्टी का कटाव या अपरदन
  • (B) मरूस्थल के प्रसार से अनुपजाऊ हुई भूमि
  • (C) भूमि की उर्वरा क्षमता का हास होना
  • (D) जलाधिक्यता के कारण भूमि का दलदलीय होना

रेतीले मरूस्थल में जमीन के नीचे चूने पत्थर की विशाल चट्टानों का विस्तार है, जिस कारण नहरों व नदियों से रिसने वाला पानी जमीन में अधिक गहराई तक नहीं जा पाता है, इसलिए ऐसे स्थानों पर दलदल बन जाता है, इसी प्रकार के दलदल की समस्या को ही सेम या जलाधिक्य की समस्या कहते हैं।

52. राजस्थान के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग कितना भाग मिट्टी अपरदन की समस्या से ग्रसित है?

  • (A) 42.04 प्रतिशत
  • (B) 62.06 प्रतिशत
  • (C) 70.06 प्रतिशत
  • (D) 24.03 प्रतिशत

राजस्थान के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 62.06 प्रतिशत भाग मिट्टी अपरदन एवं भूमि क्षरण की समस्या से प्रभावित है। इसका मुख्य कारण पवन अपरदन एवं जल कटाव है।

53. लवणता की समस्या से निपटने के लिए किसका प्रयोग नहीं किया जाता है?

  • (A) जिप्सम
  • (B) गोबर की खाद
  • (C) चूना
  • (D) बरसीम व चावल की खेती

लवणीय मिट्टी की समस्या को कम करने के लिए जिप्सम, गोबर की खाद तथा विशेष फसलों की खेती उपयोगी होती है। चूने का प्रयोग लवणता कम करने के लिए नहीं किया जाता।

54. राजस्थान के कौनसे क्षेत्र में एन्टीसोल समूह की मृदाएँ/मिट्टियाँ पायी जाती है?

  • (A) पश्चिमी भाग
  • (B) पूर्वी भाग
  • (C) दक्षिणी भाग
  • (D) दक्षिणी पूर्वी भाग

एन्टीसोल मृदा राजस्थान के सर्वाधिक क्षेत्र में विस्तृत है। राजस्थान के पश्चिमी भाग के लगभग सभी जिलों में पायी जाती है।

55. निम्न में से कौनसा एक मरूस्थलीकरण के रोकथाम के लिए उपयोगी है?

  • (A) मृदा संरक्षण
  • (B) अतिचारण नियंत्रण
  • (C) वनोन्मूलन पर नियंत्रण
  • (D) ये सभी

मरूस्थलीकरण की रोकथाम के लिए मृदा संरक्षण, अतिचारण पर नियंत्रण तथा वनों की कटाई रोकना सभी आवश्यक उपाय हैं। इनसे भूमि की उर्वरता एवं पर्यावरणीय संतुलन बना रहता है।

56. राजस्थान के सिरोही, पाली व राजसमंद जिलों में कौन से प्रकार की प्रधान मृदा मिलती है?

  • (A) अल्फीसोल्स
  • (B) वर्टीसोल्स
  • (C) एंटीसोल्स
  • (D) इन्सेप्टीसोल्स

इन्सेप्टीसोल्स मृदा उप आर्द्र जलवायु में पायी जाती है। यह मृदा सिरोही, पाली, राजसमंद, उदयपुर, सलूम्बर, भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ जिलों में प्रधानता तथा जयपुर, सवाईमाधोपुर, झालावाड़ में कहीं-कहीं मिलती है।

57. राजस्थान में मरूस्थलीकरण का कौनसा कारण नहीं है-

  • (A) अतिचारण
  • (B) वर्षा की कम मात्रा विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में
  • (C) बालूका स्तूपों का स्थिरीकरण
  • (D) भूमि उपयोग पैटर्न में परिवर्तन

बालूका स्तूपों का स्थिरीकरण करके मरूस्थलीकरण को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है।

58. डूंगरपुर व बाँसवाड़ा के अधिकांश भाग में है-

  • (A) काली मिट्टी
  • (B) लाल लोमी मृदा
  • (C) भूरी मिट्टी
  • (D) पर्वतीय मिट्टी

डूंगरपुर और बाँसवाड़ा के अधिकांश भागों में लाल लोमी मृदा पाई जाती है। यह मिट्टी मक्का, गन्ना और चावल जैसी फसलों के लिए उपयुक्त होती है।

59. संयुक्त राष्ट्र मरूस्थलीकरण रोकथाम कन्वेंशन (UNCCD) 1994 में कहाँ आयोजित हुआ-

  • (A) स्विट्जरलैण्ड
  • (B) नीदरलैण्ड
  • (C) पेरिस
  • (D) फ्रांस

मरूस्थलीकरण का मुकाबला करने के लिए 1994 में पेरिस में संयुक्त राष्ट्र मरूस्थलीकरण रोकथाम कन्वेंशन आयोजित किया गया। भारत ने 14 अक्टूबर, 1994 को UNCCD पर हस्ताक्षर किये।

60. किन जिलों में नवीन जलोढ़ मृदा (Alluvial Soils of Recent Origin) मिलती है-

  • (A) धौलपुर, करौली, टोंक, दौसा, सीकर
  • (B) जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, सिरोही, जालौर
  • (C) अलवर, भरतपुर, डीग, सवाई माधोपुर, जयपुर
  • (D) धौलपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़

नवीन जलोढ़ मृदा राजस्थान के पूर्वी मैदानी जिलों जैसे अलवर, भरतपुर, डीग, जयपुर एवं सवाई माधोपुर में पाई जाती है। यह मिट्टी अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है।

61. निम्नांकित में से राजस्थान में मरूस्थलीकरण का प्रमुख कारण कौनसा नहीं है-

  • (A) नगरीकरण का बढ़ना
  • (B) भूमि में नमी की कमी
  • (C) शुष्क कृषि पद्धति का प्रचलन
  • (D) प्राकृतिक संसाधनों का कुप्रबंधन

शुष्क कृषि पद्धति मरुस्थलीकरण का प्रमुख कारण नहीं मानी जाती। जबकि भूमि में नमी की कमी, प्राकृतिक संसाधनों का कुप्रबंधन तथा बढ़ता नगरीकरण मरुस्थलीकरण को बढ़ावा देते हैं।

62. निम्नलिखित में से कौन से कारक राजस्थान में मरुस्थलीकरण के लिये उत्तरदायी नहीं है?

  • (A) वनों की कटाई
  • (B) धूल भरी आँधियों का चलना
  • (C) बूंद-बूंद सिंचाई का प्रयोग
  • (D) अत्यधिक मृदा अपरदन

बूंद-बूंद सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) जल संरक्षण में सहायक होती है और मरुस्थलीकरण को रोकने में मदद करती है। जबकि वनों की कटाई, धूल भरी आँधियाँ और मृदा अपरदन मरुस्थलीकरण को बढ़ाते हैं।

63. राजस्थान में निम्नलिखित कौन से जिलों में लाल लोमी मिट्टी पायी जाती है?

  • (A) गंगानगर व हनुमानगढ़
  • (B) अलवर व जयपुर
  • (C) जालौर व सिरोही
  • (D) डूंगरपुर व उदयपुर

लाल लोमी मिट्टी राजस्थान के दक्षिणी भागों में पाई जाती है। डूंगरपुर और उदयपुर जिलों में इसका विस्तार अधिक है। यह मिट्टी मक्का, गन्ना एवं चावल जैसी फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

64. राजस्थान में मरुस्थलीकरण का मानवजनित कारण नहीं है-

  • (A) प्रौद्योगिकी विकास
  • (B) भूमि उपयोग में परिवर्तन
  • (C) अतिचारण
  • (D) जनसंख्या-दवाव

प्रौद्योगिकी विकास से मरूस्थलीकरण नहीं बढ़ता है। शेष कारण तीनों कारण भूमि उपयोग में परिवर्तन, अत्यन्त पशुचारण व जनसंख्या दबाव के कारण मरूस्थलीकरण को बढ़ावा मिलता है।

65. राजस्थान में निम्नांकित में से जिलों का कौन-सा समूह अवनालिका (Gully Erosion) मृदा अपरदन से गम्भीर रूप से ग्रसित है-

  • (A) जैसलमेर, बाड़मेर एवं बीकानेर
  • (B) सिरोही, राजसंमद एवं उदयपुर
  • (C) डूंगरपुर, बाँसवाड़ा एवं प्रतापगढ़
  • (D) धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर एवं कोटा

चम्बल नदी क्षेत्र के धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर और कोटा जिले अवनालिका अपरदन से गंभीर रूप से प्रभावित हैं। यहाँ बीहड़ भूमि का विस्तार अधिक पाया जाता है।

66. वर्टीसोल्स मिट्टी, राजस्थान के निम्नलिखित में से किन जिलों में नहीं पाई जाती है-

  • (A) बून्दी, बाँसवाड़ा
  • (B) धौलपुर, करौली
  • (C) झालावाड़, बारां
  • (D) कोटा, भरतपुर

राजस्थान के दक्षिणी पूर्वी भाग (हाड़ौती क्षेत्र) में वर्टीसोल्स मृदा पायी जाती है। ये मिट्टी मुख्यतः कोटा, बूँदी, बारां, झालावाड़ में पायी जाती है, इसके अलावा भरतपुर, चित्तौड़गढ़, सवाईमाधोपुर, डूंगरपुर व बाँसवाड़ा के कुछ भागों में भी पायी जाती है।

67. खेतों में फसलों के बीच उगी खरपतवार को हटाने का कार्य कहलाता है-

  • (A) निनाण
  • (B) सूड़
  • (C) गिरदावरी
  • (D) मेडबंदी

खेतों में फसल के साथ उगी खरपतवार को हटाने की प्रक्रिया को निनाण कहा जाता है। यह कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक कार्य माना जाता है।

68. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है-

  • (A) चित्तौड़गढ़-भीलवाड़ा- लाल काली मिट्टी
  • (B) अलवर-जयपुर- दोमट मिट्टी
  • (C) श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़-भूरी रेतीली मृदा
  • (D) कोटा-झालावाड़-काली मिट्टी

भूरी रेतीली मृदा का प्रसार क्षेत्र मुख्यतः अरावली के पश्चिमी भाग में बाड़मेर, बालोतरा, जालौर, जोधपुर, पाली, नागौर, डीडवाना-कुचामन, सिरोही, सीकर, झुंझुनूं में है।

69. लीली, सीरमा, सूकली तथा रांकड़ प्रकार है-

  • (A) मेवाड़ में मिट्टी के
  • (B) मरूस्थल में वनस्पति के
  • (C) शेखावाटी में कृषि उपकरणों के
  • (D) ढूंढाड़ क्षेत्र की खरपतवार के

लीली, सीरमा, सूकली तथा रांकड़ मेवाड़ क्षेत्र में पाए जाने वाले मिट्टी के स्थानीय प्रकार हैं। ये विभिन्न गुणों और संरचना वाली मिट्टियों को दर्शाते हैं।

70. मृदा अपरदन रोकने का उपाय नहीं है-

  • (A) खेतों में मेड़बंदी करना
  • (B) खेतों में छोटे ऐनीकट बनाये जायें
  • (C) समोच्च जुताई द्वारा
  • (D) अत्यधिक सिंचाई

अत्यधिक सिंचाई से मिट्टी की उर्वरता घटती है तथा अपरदन बढ़ सकता है। जबकि मेड़बंदी, ऐनीकट निर्माण और समोच्च जुताई मृदा संरक्षण के प्रभावी उपाय हैं।

71. राजस्थान में जल अपरदन का सर्वाधिक क्षेत्र पाया जाता है-

  • (A) अरावली प्रदेश में
  • (B) पश्चिमी राजस्थान में
  • (C) हाड़ौती पठार में
  • (D) शेखावाटी प्रदेश में

राजस्थान में जल अपरदन का सर्वाधिक प्रभाव हाड़ौती पठार क्षेत्र में देखा जाता है। यहाँ चम्बल और उसकी सहायक नदियों के कारण गहरी अवनालिकाएँ बनती हैं।

72. राजस्थान में मरुस्थलीकरण का मूल कारण क्या है?

  • (A) सूखे की बारम्बारता
  • (B) वनस्पति आवरण क्षय
  • (C) मिट्टी आवरण क्षय
  • (D) गहराता भूजल स्तर

राजस्थान में मरूस्थलीकरण का मूल कारण वर्षा का कम होना है, जिससे इस क्षेत्र में बार-बार सूखा व अकाल पड़ता है, परिणामस्वरूप प्राकृतिक वनस्पति में कमी आती है, जिससे मरूस्थलीकरण लगातार बढ़ता जाता है।

73. कथन (A): राजस्थान में पाई जाने वाली सीरोजम मिट्टी की उर्वरा शक्ति अपेक्षाकृत कम होती है। कारण (B): सीरोजम मिट्टी में नाइट्रोजन तथा कार्बनिक पदार्थों की कमी होती है।

  • (A) कथन (A) सही है, (B) गलत है।
  • (B) कथन (B) सही है, (A) गलत है।
  • (C) कथन (A) और (B) दोनों सही हैं, लेकिन (A); (B) की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • (D) कथन (A) और (B) दोनों सही है तथा (A); (B) की सही व्याख्या करता है।

सीरोजम मिट्टी में नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों की कमी होने के कारण इसकी उर्वरता कम होती है। इसलिए कथन (A) और (B) दोनों सही हैं तथा (B), (A) की सही व्याख्या करता है।

74. राजस्थान के कौन से जिलों में मध्यम काली मृदा पाई जाती है-

  • (A) जयपुर, दौसा, खैरथल-तिजारा
  • (B) कोटा, बूँदी और झालावाड़
  • (C) डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, उदयपुर
  • (D) सिरोही, उदयपुर, सलूम्बर

मध्यम काली मृदा मुख्यतः हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बूंदी और झालावाड़ जिलों में पाई जाती है। यह मिट्टी कपास एवं सोयाबीन जैसी फसलों के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

75. एरिडीसोल्स मिट्टी राजस्थान के किस जलवायु प्रदेश में सर्वाधिक विस्तृत है?

  • (A) उप-आर्द्र
  • (B) आर्द्र
  • (C) अति-आर्द्र
  • (D) शुष्क व अर्द्ध-शुष्क

एरिडीसोल्स मिट्टी राजस्थान के शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में सर्वाधिक पाई जाती है। यह मिट्टी मरुस्थलीय परिस्थितियों में विकसित होती है।

76. नवीन भूरी मृदा (Brown Soils of Recent Origin) किन जिलों में पाई जाती है?

  • (A) जयपुर, सीकर, दौसा
  • (B) गंगानगर, बीकानेर
  • (C) भीलवाड़ा, अजमेर, ब्यावर
  • (D) कोटा, बूंदी

नवीन भूरी मृदा राजस्थान के अजमेर, ब्यावर और भीलवाड़ा क्षेत्रों में पाई जाती है। यह मिट्टी कृषि के लिए मध्यम उपयुक्त मानी जाती है।

77. राजस्थान में मरुस्थलीकरण के लिये कौन सा भौतिक कारण नहीं है?

  • (A) भूमि-उपयोग में परिवर्तन
  • (B) धूल भरी आंधियों का चलना
  • (C) भूमि में नमी की कमी होना
  • (D) जलवायु परिवर्तन

भूमि उपयोग में परिवर्तन में मरूस्थलीकरण बढ़ता है, लेकिन यह भौतिक कारण नहीं है, भूमि उपयोग में परिवर्तन एक मानवीय गतिविधि है। शेष तीनों विकल्प भौतिक कारण है।

78. राजस्थान के किन जिलों में 'लाल लोम' (Red loam) मृदा पाई जाती है?

  • (A) बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर
  • (B) बाड़मेर, जालौर, पाली
  • (C) भरतपुर, डीग, धौलपुर
  • (D) पाली, सिरोही, ब्यावर

लाल-लोमी मृदा राजस्थान के दक्षिणी भाग में पायी जाती है। यह बाँसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्वर व चित्तीड़गढ़ जिलों में पायी जाती है।

79. मृदा के नवीन वर्गीकरण के अनुसार राजस्थान में 'अल्फोसोल्स मृदा' पायी जाती है?

  • (A) जैसलमेर और बाड़मेर
  • (B) जयपुर, अलवर और कोटा
  • (C) चुरू, झुंझुनू और सीकर
  • (D) प्रतापगढ़ और सिरोही

अल्फोसोल्स मृदा राजस्थान के पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्वी जिलों जैसे जयपुर, अलवर और कोटा में पाई जाती है। यह मिट्टी अपेक्षाकृत अधिक उपजाऊ मानी जाती है।

80. निम्न को सुमेलित कीजिए : मिट्टी - क्षेत्र A. रेतीली बालू मृदा - 1. सीकर, झुंझुनूं, नागौर B. कछारी / जलोढ़ मृदा - 2. उदयपुर, सलूम्बर, डूंगरपुर C. लाल लोमी मिट्टी - 3. जयपुर, टोंक, दौसा D. भूरी रेतीली मिट्टी - 4. जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर

  • (A) 1234
  • (B) 4321
  • (C) 3412
  • (D) 4213

रेतीली बालू मृदा जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में, कछारी/जलोढ़ मृदा जयपुर, टोंक और दौसा में, लाल लोमी मिट्टी उदयपुर एवं डूंगरपुर में तथा भूरी रेतीली मिट्टी सीकर, झुंझुनूं और नागौर में पाई जाती है।

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Mukesh Khunga

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Mukesh Khunga

Mukesh Khunga को राजस्थान में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी एवं भर्ती परीक्षाओं के परीक्षा पैटर्न और प्रश्नों के स्वरूप की अच्छी समझ है। उनके मार्गदर्शन में यह अध्ययन सामग्री और MCQ content तैयार एवं review किया गया है। Read More...

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